राज्य में “एआई मिशन“ प्रारंभ होगा, जो “एक्सीलेंस सेंटर“ के रूप में विकसित होगाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी सक्षम सेवाओं का शुभारंभ किया। इनमें डिजिटल उत्तराखण्ड एप का उद्घाटन, सुरक्षित, स्केलेबल और सुगम्य प्लेटफॉर्म आधारित 66 वेबसाइटों का उद्घाटन, नगरीय क्षेत्र में कूड़ा उठाने वाले वाहनों की रियल टाइम ट्रैकिंग के लिए विकसित की गई जीआईएस आधारित वेब एप का उद्घाटन, जन सुविधा के लिए संचालित 1905 सीएम हेल्पलाइन में एआई के अनुप्रयोग नवाचार का शुभारंभ और अतिक्रमण की निगरानी के लिए वेब आधारित एप्लीकेशन का शुभारंभ शामिल हैं।

मुख्यमंत्री घोषणाएं-
1-भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए राज्य में नेक्स्ट-जनरेशन डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा, जिसके अंतर्गत डिजास्टर रिकवरी के लिए भी एक अलग से मैकेनिज्म बनाया जाएगा।

2-राज्य में शीघ्र ही भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए “एआई मिशन“ प्रारंभ किया जाएगा, जिसे “एक्सीलेंस सेंटर“ के रूप में विकसित किया जाएगा।

3-गुड गवर्नेंस की अवधारणा को आगे बढ़ाते हुए राज्य में नेक्स्ट-जनरेशन रिमोट सेंसिंग एवं ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर का विकास किया जाएगा।

4-राज्य में एक विशिष्ट आईटी कैडर स्थापित करने के लिए सरकार प्रयास करेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड सुंदर पहाड़ी राज्य होने के साथ ही तकनीकी रूप से दक्ष राज्य के रूप में आगे बढ़े, इसके लिए राज्य सरकार “हिल से हाइटेक“ के मंत्र पर कार्य कर रही है। आज प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी 5 महत्वपूर्ण पहलों की शुरुआत की गई है। ये सभी नवाचार शासन व्यवस्था को और अधिक बेहतर बनाने के साथ ही विभिन्न सेवाओं में गति एवं पारदर्शिता भी लाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया अभियान के माध्यम से प्रौद्योगिकी और नवाचार का विस्तार हुआ है। उनके ’डिजिटल इंडिया’ के सपने को साकार करने के लिए राज्य सरकार भी निरंतर प्रयास कर रही है। “डिजिटल उत्तराखण्ड“ एप के माध्यम से लोग घर बैठे ही अनेक सरकारी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। अब लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह एप प्रधानमंत्री के ’मिनिमम गवर्नमेंट-मैक्सिमम गवर्नेंस’ के मंत्र को साकार करने में सहायक होगा। इससे सरकारी सेवाओं को एकीकृत, सरल और सुलभ बनाने में सहायता मिलेगी और विभिन्न गतिविधियों की मॉनिटरिंग भी आसानी से होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्लेटफॉर्म पर आधारित 66 नई सरकारी वेबसाइटें विभागीय जानकारी को सुरक्षित, त्वरित और पारदर्शी तरीके से जनता तक पहुंचाएंगी। जीआईएस आधारित वेब ऐप शहरी क्षेत्रों में कूड़ा उठाने वाले वाहनों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग करेगा। अतिक्रमण की रोकथाम के लिए एक वेब-आधारित ऐप के माध्यम से कोई भी नागरिक अतिक्रमण की तस्वीर या वीडियो अपलोड कर सकेगा, जिस पर संबंधित विभाग तुरंत जांच कर कार्यवाही सुनिश्चित करेगा। इस पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन ट्रैक किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि 1905 सीएम हेल्पलाइन राज्य के नागरिकों और सरकार के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इस सेवा में भी एआई आधारित सुविधाओं से शिकायतों का ऑटो-केटेगराइजेशन, त्वरित समाधान और फॉलो-अप मॉनिटरिंग और भी बेहतर तरीके से होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में ऑनलाइन शिक्षा, ई-स्वास्थ्य सेवा और भूलेख डिजिटलीकरण जैसे कार्यों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल और सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से लोगों को घर बैठे ही अनेक सरकारी सेवाओं का लाभ प्रदान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। विद्यार्थियों के लिए स्मार्ट क्लासरूम और ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म का भी विस्तार किया जा रहा है। दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को टेलीमेडिसिन और ई-संजीवनी सेवाओं के माध्यम से विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह घर बैठे उपलब्ध कराने का भी कार्य किया जा रहा है। “अपणी सरकार“ पोर्टल द्वारा 886 सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध करवाया जा रहा है। राज्य के लगभग 95 प्रतिशत गांवों में दूरसंचार कनेक्टिविटी पहुंच चुकी है।

इस अवसर पर विधायक खजानदास, प्रमुख सचिव एल. फैनई, सचिव नितेश झा, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, नीरज खेरवाल, डॉ. वी. षणमुगम, श्रीधर बाबू अदांकी, महानिदेशक यू-कॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, निदेशक आईटी गौरव कुमार (वर्चुअल माध्यम), नगर आयुक्त देहरादून नमामि बंसल, संबंधित विभागों के अपर सचिव एवं विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।

9 करोड़ 71 लाख से अधिक किसानों के खाते में पीएम ने डाली 20 हजार 500 करोड़ रुपये की पीएम किसान सम्मान निधि

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वाराणसी से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त के तहत देश के 09 करोड़ 71 लाख से अधिक किसानों के खातों में कुल 20 हजार 500 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि का डिजिटल हस्तांतरण किया। इसके तहत उत्तराखण्ड के 08 लाख 28 हजार 787 लाभार्थी किसान परिवारों को 184.25 करोड़ रुपये की धनराशि हस्तांतरित की गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़ीकैंट, देहरादून से इस कार्यक्रम में वर्चुअल प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अन्नदाताओं की आय को दोगुना करने तथा उनके जीवन स्तर को उठाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। योजना की 20वीं किस्त जारी किए जाने के साथ ही उत्तराखंड के किसानों को करीब 3300 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के किसानों के कल्याण की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। प्रमुख फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि कर किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य प्रदान किया जा रहा है। ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, फसल रोगों और कीटों से होने वाले नुकसान के लिए सुरक्षा कवच भी प्रदान किया जा रहा है। ‘मृदा स्वास्थ्य कार्ड’ योजना के द्वारा खेतों की मिट्टी की वैज्ञानिक जांच कर किसानों को पोषक तत्वों की कमी और आवश्यक उर्वरकों की जानकारी भी दी जा रही है, जिससे उनकी उपज की गुणवत्ता और भूमि की उर्वरता दोनों में सुधार हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश के किसानों के उत्थान एवं समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में किसानों को तीन लाख रुपये तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध कराया जा रहा है। कृषि उपकरण खरीदने के लिए फार्म मशीनरी बैंक योजना के माध्यम से 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है। किसानों के हित में नहरों से सिंचाई को पूरी तरह मुफ्त किया गया है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए पॉलीहाउस के निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान भी किया गया है। गेहूं खरीद पर किसानों को 20 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस प्रदान करने के साथ ही गन्ने के मूल्य में भी 20 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 1200 करोड़ रुपये की लागत से नई सेब नीति, कीवी नीति, ‘स्टेट मिलेट मिशन’ और ‘ड्रैगन फ्रूट नीति’ जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाओं को लागू किया गया है। इन नीतियों के तहत बागवानी को प्रोत्साहन देने के लिए किसानों को 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में उत्तराखण्ड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। उत्तराखण्ड राज्य के युवाओं को रोजगार देने में भी प्रदेश अग्रणी बनकर उभरा है। एक वर्ष में बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की कमी लाई गई। उत्तराखण्ड देश का सबसे पहले “समान नागरिक संहिता” को लागू करने वाला राज्य बना। राज्य में प्रभावी नकल विरोधी कानून लागू करने के बाद लगभग 24 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है। प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी और दंगारोधी कानूनों को लागू किया गया है। प्रदेश में लैंड जिहाद पर कड़ी कार्रवाई करते हुए साढ़े छह हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को मुक्त कराया गया है। राज्य में ऑपरेशन कालनेमि भी प्रारंभ किया गया है, जिसके माध्यम से पाखंडियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड को वर्ष 2023-24 में “मिलेट सेक्टर में सर्वश्रेष्ठ प्रदेश“ का पुरस्कार हैदराबाद में आयोजित इंटरनेशनल न्यूट्री-सीरियल कन्वेंशन में प्रदान किया गया। मृदा स्वास्थ्य और उर्वरता योजना तथा जैविक कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए राज्य को भारत सरकार से राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि नैनीताल के ग्राम सुनकिया के कृषक हर्ष सिंह डंगवाल को “जैविक इंडिया अवार्ड” मिला, जबकि उत्तरकाशी को लाल धान के लिए “एक जिला-एक उत्पाद” में द्वितीय स्थान और हरिद्वार व टिहरी जनपद को पीएम फसल बीमा योजना में क्रमशः प्रथम व द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, बृज भूषण गैरोला, पूर्व सांसद बलराज पासी, सचिव एस.एन. पाण्डेय, महानिदेशक कृषि रणवीर सिंह चौहान एवं प्रदेशभर से आए किसान उपस्थित थे।

आदर्श ग्राम सारकोट का अध्ययन करने आएंगे सभी मुख्य विकास अधिकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जिले में गैरसैंण के निकट सारकोट ग्राम पंचायत की नवनिर्वाचित प्रधान 21 वर्षीय प्रियंका नेगी को बधाई दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार सारकोट को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित कर रही है, अन्य जिलों में भी इसी तरह आदर्श ग्राम बनाए जाएंगे। जल्द ही सभी मुख्य विकास अधिकारी सारकोट का अध्ययन करने के लिए आएंगे।

मुख्यमंत्री ने फोन पर प्रियंका नेगी को बधाई देते हुए कहा कि, जिस तरह सारकोट के ग्रामीणों ने एक पढ़ी लिखी युवा लड़की को अपना प्रधान चुना है, उसके लिए सभी ग्रामीण बधाई के पात्र हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रियंका से कहा कि अब हमें सारकोट को और विकसित करना है, गांव में कृषि, पशुपालन के साथ ही महिला स्वरोजगार से जुड़े सभी कार्य तेजी से आगे बढ़ाए जाएंगे। सरकार सारकोट को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित कर रही है। इसी की तर्ज पर अन्य जिलों में भी आदर्श ग्राम विकसित किए जाएंगे। जल्द सभी सीडीओ सारकोट के दौरे पर आएंगे। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रियंका को देहरादून आने का भी निमंत्रण देते हुए, गांव के विकास पर मंथन करने का भी आश्वासन दिया। प्रियंका नेगी ने सारकोट को गोद लिए जाने के लिए का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि, आदर्श ग्राम सारकोट में पहले के मुकाबले अब सभी जन सुविधाएं उपलब्ध हैं, गांव में कई विकास कार्य सम्पन्न हुए हैं। वो सरकार के सहयोग से गांव के विकास में योगदान देंगी।

सारकोट को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जा रहा है। हम सभी जिलों में ऐसे आदर्श ग्राम विकसित करेंगे। जहां रोजगार, स्वरोजगार के अवसरों साथ ही सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों। इस बार के पंचायत चुनाव में कई युवा और पढ़े लिखे प्रतिनिधि निर्वाचित हुए हैं, जो त्रिस्तरीय पंचायतों के लिए एक शुभ संकेत है, सरकार पंचायतों को पूरा सहयोग प्रदान करेगी।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

उत्तराखंड: संजीवनी हेली मेडिकल सेवा से विभिन्न अभियानों के जरिए अब तक 60 से अधिक पीड़ितों को किया गया एयरलिफ्ट

उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में आमजन को आपदा, आकस्मिक चिकित्सा या अन्य आपात परिस्थितियों में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार द्वारा एम्स ऋषिकेश में हेली एम्बुलेंस को 24 घंटे अलर्ट मोड में रखा गया है। अब तक इस सेवा के जरिए *60 से अधिक* पीड़ितों को एयरलिफ्ट किया जा चुका है।

जीवन रक्षक बनी हेलीकॉप्टर सेवा
भारत की पहली निशुल्क हेली एम्बुलेंस (संजीवनी हेलीकॉप्टर इमरजेंसी मेडिकल सेवा) 29 अक्तूबर 2024 से एम्स ऋषिकेश के जरिए शुरु की गई है। उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में यह सेवा जीवन रक्षक का काम कर रही है। खासकर सड़क दुर्घटना, चिकित्सा आपातकाल, भूस्खलन, बाढ़ जैसी स्थिति में यह सेवा बेहद कारगर साबित हुई है। कई बार गर्भवती महिलाओं को भी गंभीर परिस्थितियों में सुरक्षित डिलीवरी के लिए एयरलिफ्ट किया गया है। आंकड़ों के मुताबिक हेली एम्बुलेंस कुल *74 घंटे 12 मिनट* की उड़ान के जरिए, अलग – अलग समय में 60 से अधिक पीड़ितों को एयरलिफ्ट कर जीवनदान प्रदान कर चुकी है। इसमें *सड़क दुर्घटना के 23″, *गर्भावस्था आपात स्थिति के 18* और अन्य तरह की मेडिकल इमरजेंसी के 19 रोगी शामिल है। हेली एम्बुलेंस ने पांच नवंबर को हुई अल्मोड़ा बस दुर्घटना और एक मार्च 2025 को आए जोशीमठ हिमस्खलन के प्रभावितों को एयरलिफ्ट करने में अहम भूमिका निभाई।

*मुनस्यारी के लिए लिए भी किए थे प्रयास*
11 जुलाई 2025 को जनपद पिथौरागढ़ के मुनस्यारी क्षेत्र के धापा गांव से एक गंभीर चिकित्सा आपात स्थिति की सूचना मिली, जहाँ एक महिला एवं उनकी नातिन ने जंगली मशरूम का सेवन कर लिया था। स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के उपरांत डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत हल्द्वानी के उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर करने का निर्णय लिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी पिथौरागढ़ ने उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) से तत्काल हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराने की मांग भेजी। प्रतिक्रिया में, प्राधिकरण ने बिना समय गंवाए हेलीकॉप्टर उड़ान की स्वीकृति प्रदान कर दी। लेकिन दुर्भाग्यवश, उस दिन क्षेत्र में मौसम अत्यधिक खराब होने से, डीजीसीए के मानकों के कारण उड़ान संभव नहीं हो पाई। ऐसे मामलों में सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि किसी भी आपात स्थिति में जिलाधिकारी द्वारा भेजी गई मांग पर प्राथमिकता के आधार पर, हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। लेकिन उड़ान की अंतिम अनुमति डीजीसीए द्वारा तय सुरक्षा मानकों के अनुसार ही मिल पाती है, जिसमें मौसम की अनुकूलता एक अनिवार्य शर्त है।

*उत्तराखंड की विषम परिस्थितियों को देखते हुए ही एम्स ऋषिकेश के सहयोग से हेलीकॉप्टर एम्बुलेंस सेवा शुरु की गई है। इस तरह की सेवा देने वाला उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। हेलीकॉप्टर एम्बुलेंस संजीवनी का काम कर रही है। कई बार मौसम संबंधित बाधाओं के चलते उड़ान संभव नहीं हो पाती है, ऐसे में प्रशासन को वैकल्पिक व्यवस्थाओं से लोगों का राहत प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।*
*पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड*

कांवड़ मेला 2025 में धामी सरकार ने रचा नया कीर्तिमान, लाखों श्रद्धालुओं को मिली स्वास्थ्य सेवा

उत्तराखंड की धामी सरकार ने इस वर्ष आयोजित कांवड़ मेला 2025 में स्वास्थ्य सेवा प्रबंधन के क्षेत्र में एक नया रिकॉर्ड कायम किया है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कांवड यात्रा मार्ग में पड़ने वाले जनपदों को आकड़ों को देखें तो सावन माह के इस विशाल धार्मिक आयोजन में 3 लाख से अधिक श्रद्धालुओं को निशुल्क, त्वरित और सुलभ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराकर राज्य सरकार ने एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत किया। भारी भीड़, सीमित संसाधन और मौसम की चुनौतियों के बीच राज्य सरकार की तैयारी सराहनीय रही। स्वास्थ्य विभाग की इस बड़ी कामयाबी के पीछे मुख्य चिकित्साधिकारी हरिद्वार डॉ आर.के सिंह की बड़ी भूमिका रही। उन्होंने विभागीय रणनीतियों बेहतर तरीके से धरातल पर उतारा व लगातार मोनिटरिंग करते रहे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश और नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग हरिद्वार ने मेला क्षेत्र में भीड़, सीमित संसाधनों और मौसम की चुनौती के बावजूद बेहतरीन कार्य किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा हमारी सरकार का संकल्प है कि हर श्रद्धालु को सुरक्षित, सम्मानित और स्वस्थ यात्रा मिले। कांवड़ मेले में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली ने जनसेवा, प्रबंधन और तकनीक का अनूठा समन्वय दिखाया है। यह न केवल श्रद्धालुओं का भरोसा बढ़ाता है, बल्कि उत्तराखंड की सेवा भावना को भी सुदृढ़ करता है।

*आगामी कुंभ 2027 के लिए भी आदर्श मॉडल*

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा मेला क्षेत्र में कुल 2.43 लाख श्रद्धालुओं को प्राथमिक और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं दी गईं। 24×7 इमरजेंसी सेवाएं निर्बाध रूप से चलीं। न तो कोई संक्रामक रोग फैला और न ही किसी बड़े हादसे की सूचना मिली। विभाग की टीम ने इस आयोजन को न केवल सुरक्षित, बल्कि नवाचार और अनुशासन का मॉडल बना दिया है, जो आगामी कुंभ 2027 के लिए भी आदर्श रहेगा।

*स्थायी व अस्थायी चिकित्सा शिविरों की व्यवस्था*

35 अस्थायी चिकित्सा शिविर स्थापित किए गए, इनमें से 25 विभाग द्वारा, और 10 निजी संस्थाओं द्वारा लगाए गए। 5 स्थानों पर कंटेनर बेस्ड स्थायी चिकित्सा केंद्र बनाए गए, जो भविष्य के आयोजनों में भी उपयोगी होंगे ।

*जियो टैगिंग और QR कोड तकनीक*

सभी शिविरों की जियो टैगिंग और QR कोडिंग की गई। श्रद्धालु QR स्कैन करके नजदीकी शिविर का लोकेशन, प्रभारी का नाम और मोबाइल नंबर जान सके।

*इमरजेंसी सेवाएं और मानव संसाधन*

45 डॉक्टर, 69 फार्मासिस्ट, 48 ईएनटी विशेषज्ञ, 58 स्टाफ नर्स, 58 एएनएम, 45 सीएचओ, 44 वाहन चालक, 108 एम्बुलेंस समेत 36 आपातकालीन वाहन, सभी पीएचसी, सीएचसी और जिला अस्पताल अलर्ट मोड पर रखे गए ।

*विशेष सुविधाएं, स्वच्छता और कचरा निस्तारण*

बर्न यूनिट, ईसीजी मशीन, स्नेक बाइट और डॉग बाइट यूनिट, व्हीलचेयर, ऑक्सीजन, फोल्डेबल बेड, फ्रंट काउंटर, हृदय रोग, एक्सीडेंट इंजरी, बर्न केस जैसी संवेदनशील समस्याओं के लिए अलग केंद्र रखे गए । सभी शिविरों से बायोमेडिकल वेस्ट का सही निस्तारण किया गया । किसी भी प्रकार का संक्रमण या बीमारी नहीं फैली, जिससे मेला क्षेत्र पूर्णतः सुरक्षित रहा।

*नशा नहीं, भक्ति से मिलेगा भोलेनाथ का आशीर्वाद*

मेला क्षेत्र में नशामुक्त कांवड़ यात्रा का संदेश व्यापक रूप से प्रचारित किया गया । हर चिकित्सा शिविर, पोस्टर, वेबसाइट और मीडिया के माध्यम से यह संदेश लोगों तक पहुंचाया गया ।

*प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग का तालमेल*

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग तीनों विभागों के बीच बेहतरीन समन्वय से मेला संचालन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रहा । यह आयोजन आने वाले कुंभ 2027 जैसे बड़े आयोजनों के लिए एक आदर्श मॉडल बनकर उभरा है । स्वास्थ्य सचिव ने कहा कांवड़ मेला 2025 में उत्तराखंड की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं न केवल कामयाब रहीं, बल्कि सेवा, नवाचार और प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया गया।

पौड़ी जनपद के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने नीलकंठ श्रावण मेले 2025 में आने वाले श्रद्धालुओं को 24×7 उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर सराहनीय कार्य किया। नीलकंठ यात्रा मार्ग पर 9 स्थानों पर मेडिकल रिलीफ पोस्ट बनाई गईं। एमआरपी नीलकंठ, पुंडरासु, धाधला पानी, मौनी बाबा की गुफा, बाघखाला, वानप्रस्थ, गरुड़ चट्टी, पीपलकोटी, पीएचसी लक्ष्मण झूला, प्रत्येक पोस्ट पर 2 चिकित्सक, 2 फार्मेसी अधिकारी, 2 नर्सिंग स्टाफ, 1 कक्ष सेवक और 1 सफाईकर्मी तैनात रहा। कुल 07 एम्बुलेंस: 5 विभागीय + 2 108 सेवा, 2 मोबाइल टीमें, जिनमें 1 डॉक्टर, 1 नर्स और 1 सेवक शामिल, ऑन साइट पोस्टमार्टम के लिए लक्ष्मण झूला में 2 अतिरिक्त चिकित्सक और 1 सेवक की नियुक्ति, 24 चिकित्सक, 20 फार्मेसी अधिकारी,20 नर्सिंग अधिकारी, 10 कक्ष सेवक, 10 सफाई कर्मचारी, 7 एम्बुलेंस चालक तैनात रहा।

*मेले में श्रद्धालुओं को सफल उपचार मिला*

बुखार, उल्टी-दस्त, सांस फूलना, सामान्य व गंभीर चोटें, सर्पदंश, कुत्ते के काटने, पैरों व बदन का दर्द, छाले, त्वचा रोग, मिर्गी, कटना-फटना, हाई बीपी और शुगर संबंधी समस्याएं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.एम. शुक्ला के निर्देशन में PHC लक्ष्मण झूला में 24 घंटे कंट्रोल रूम संचालित किया गया। डॉ. राजीव कुमार को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया।

सड़क किनारे भुट्टा भून रहे श्री महातम की ठेली पर रुके सीएम, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का दिया संदेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का काफिला भारामल दर्शन के उपरांत जब पीलीभीत रोड से गुजर रहा था, तब मुख्यमंत्री सड़क किनारे भुट्टा भून रहे श्री महातम की ठेली के पास अचानक रुके।

मुख्यमंत्री ने न केवल स्वयं भुट्टा भूना, बल्कि वहां पहले से भुट्टे की प्रतीक्षा कर रही एक वृद्ध महिला को भी अपने हाथों से भुना हुआ भुट्टा सौंपा और उनका हालचाल जाना। इसके पश्चात उन्होंने स्वयं भी भुट्टे का स्वाद लिया । मुख्यमंत्री स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और उत्पादों को मार्केट से जोड़ने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “स्थानीय श्रमिकों और छोटे व्यापारियों की मेहनत ही राज्य की असली ताकत है। हर नागरिक के श्रम का सम्मान करना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने युवाओं से भी आग्रह किया कि वे स्वावलंबन, उद्यमिता और स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें।

मुख्यमंत्री का यह व्यवहार न केवल विनम्रता और जनता के प्रति उनके जुड़ाव को दर्शाता है, बल्कि यह भी संदेश देता है कि एक सशक्त समाज वही है जहाँ नेतृत्व और आमजन के बीच संवाद और सम्मान की भावना हो।

जिला प्रशासन का एक्शन, कैंब्रियन हॉल स्कूल को जारी करनी पडा, कही से भी खरीदें किताबें और ड्रेस

मुख्यमंत्री के निर्देश और जिला प्रशासन के आक्रामक रवैये से कैंब्रियन हॉल स्कूल अब बैकफुट पर आ गया है। स्कूल ने मनमाने तरीके से 10 प्रतिशत फीस वृद्वि को 05 प्रतिशत कम कर दिया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों पर नियमों का पालन न करने वाले स्कूलों के खिलाफ कडा एक्शन लिया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा स्कूल पर सख्त प्रवर्तन एक्शन के बाद अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है।
‘भय बिनु होई न प्रीति‘ कहावत को चरितार्थ करता जिला प्रशासन; नामी गिरामी निजी स्कूलों पर शिकंजा, दसियों व्यथित अभिभावक झंुड ने जब लगाई डीएम से गुहार, बस तभी से कार्यवाही का सिलसिला शुरू हो गया है। अब निजी नामी कैब्रियन स्कूल पर प्रशासन ने शिंकजा कस दिया है। मा0 सीएम की डीएम को सख्त हिदायत है कि शिक्षा का मंदिर नहीं बनेगा व्यवसाय का अड्डा, जिला प्रशासन ने स्कूल संचालकों के पेंच कस दिए है। तमीज, आग्रह, उदबोधन से नही आए बाज; तो जनहित लागू करवाना प्रशासन जानता है। मई में स्कूलों को जारी आदेश की अवहेलना, शिकायत पर डीएम का सख्त प्रवर्तन एक्शन, स्कूल से ही 5 प्रतिशत् पर खिंचवाई फीस की लकीर। जिले के नामी गिरामी स्कूल को करनी पड़ी फीस कम, अभिभावकों से अब तक वसूली गई अधिक फीस अब आगे घटाते हुए समायोजित करेगें दी लिखित अण्डरटेकिंग दी है। मा0 सीएम के निर्देश, शिकायत पर जिला प्रशासन ने विगत मई में ही कई निजी स्कूलों की कुंडली खंगाली है। जिला प्रशासन का एक्शन, स्कूल को जारी करनी पड़ा कही से भी खरीदें किताबें और ड्रेस का पत्र। स्कूल पर जिला प्रशासन का सख्त प्रवर्तन एक्शन से अभिभावकों को बड़ी राहत मिल गई है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिक्षा सबका अधिकार, अभिभावकों और बच्चों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा शिकायत मिली तो मान्यता निरस्त करने की कार्यवाही की जाएगी।
दरअसल, जिलाधिकारी की अध्यक्षता में 14 जुलाई को आयोजित जनता दरबार में मोनिका राणा एवं अन्य अभिभावकों ने शिकायत दर्ज की थी कि जिला प्रशासन के प्रतिबंधों के बावजूद भी कैम्ब्रियन स्कूल द्वारा फीस कम नही की गई है। स्कूल प्रशासन द्वारा मनमाने ढंग से फीस बढ़ाई गई है। जिससे अभिभावकों को अपने बच्चों की पढाई के लिए आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड रहा है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने अभिभावकों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में गठित जिला प्रशासन की कोर टीम को प्रकरण की जांच करने और कैम्ब्रियन स्कूल की सीबीएससी संबद्वता हेतु राज्य सरकार द्वारा निर्गत एनओसी रद्व करते हुए स्कूल के खिलाफ सख्त प्रवर्तन एक्शन लेने के निर्देश दिए गए। इस पर मुख्य विकास अधिकारी एवं मुख्य शिक्षा अधिकारी ने कैम्ब्रियन स्कूल को नोटिस जारी करते हुए स्कूल प्रिसिंपल को तलब किया और फीस स्ट्रक्चर की जांच के दौरान 30 मई को दिए गए आदेशों का अनुपालन करने की कडी हिदायत दी गई। मानक से अधिक फीस बढ़ाने पर सख्त हिदायत के बाद निजी स्कूल बैकफुट पर आया। 
स्कूल प्रशासन ने मनमाने तरीके से बढ़ाई 10 प्रतिशत फीस को 05 प्रतिशत तक कम कर दिया है। साथ ही स्कूल प्रशासन ने 18 जुलाई को अभिभावकों को एडवाइजरी जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि अभिभावकों से वसूल किए गए अधिक शुल्क को आगामी महीनों के शुल्क में घटाते हुए समायोजित किया जाएगा। ऐसे अभिभावक जिन्होंने अभी तक फीस जमा नही की है, उन पर कोई बिलंब शुल्क भी नही लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्र जिनका कम्प्यूटर साइंस विषय नहीं है, उनसे कंप्यूटर फीस नही ली जाएगी। अभिभावक किसी भी बुक सेलर दुकान से किताबें और ड्रेस खरीद करने के लिए स्वतंत्र है।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि निर्धारित मानक से अधिक फीस, अभिभावकों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कहीं से भी शिकायत प्राप्त हुई, तो इस पर सख्त से सख्त एक्शन लिया जाएगा और ऐसे स्कूलों की मान्यता निरस्त की जाएगी। कहा कि शिक्षा के मंदिर को व्यवसाय का अड्डा नहीं बनने दिया जाएगा। जिला प्रशासन की स्कूलों पर सख्त प्रवर्तन एक्शन के बाद अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है।  

सीएम ने द लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एण्ड थ्रिप्ट को-ऑपरेटिव सोसायटी के संचालकों द्वारा निवेशकों के साथ धोखाधड़ी संबंधी प्रकरणों में सीबीआई को हस्तान्तरित किए जाने के लिए प्रदान किया अनुमोदन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने द लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एण्ड थ्रिप्ट को-ऑपरेटिव सोसायटी के संचालकों द्वारा वृहद स्तर पर निवेशकों के साथ धोखाधड़ी संबंधी प्रकरणों में उत्तराखण्ड सहित विभिन्न प्रदेशों में पंजीकृत अभियोगो को सी.बी.आई. को हस्तान्तरित किए जाने हेतु अनुमोदन प्रदान किया है।
मुख्यमंत्री ने पाखरों टाईगर सफारी निर्माण में अनियमितता से सम्बन्धित प्रकरण में अखिलेश तिवारी, अवकाश प्राप्त उप वन संरक्षक/तत्कालीन प्रभागीय विनाधिकारी, कालागढ़ टाईगर रिजर्व, लैन्सडाऊन के विरुद्ध सी०बी०आई० की विवेचना से सम्बन्धित जांच रिपोर्ट में उल्लिखित बिन्दुओं के आधार पर उनके विरुद्ध संगत धाराओं के तहत् अभियोजन चलाये जाने तथा पाखरों टाईगर सफारी के निर्माण में कथित अनियमितता से सम्बन्धित प्रकरण में किशन चन्द (से०नि०), तत्कालीन उप वन संरक्षक/प्रभागीय वनाधिकारी, कालागढ़ टाईगर रिजर्व, लैन्सडाऊन के विरूद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम-1988 (संशोधित 2018) के तहत् अभियोजन चलाये जाने हेतु अनुमोदन प्रदान किया है।

*मुख्यमंत्री ने स्वीकृत की क्षतिग्रस्त पुलों, वैली ब्रिजों एवं नंदा देवी राजजात यात्रा मार्ग्रो के निर्माण हेतु 32.23 करोड की धनराशि*

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एस०डी०आर०एफ० के तैयारी एवं क्षमता विकास मद से लोक निर्माण विभाग हेतु मानसून से क्षतिग्रस्त पुलों हेतु बैली ब्रिजों की आपूर्ति हेतु कुल लागत रू0 2732.69 लाख (रू० सत्ताईस करोड बत्तीस लाख उन्हत्तर हजार मात्र) धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।
मुख्यमंत्री ने जनपद चमोली के वर्ष 2026 में श्री नन्दा देवी राजजात यात्रा से सम्बन्धित मुख्य एवं महत्वपूर्ण मार्गों के अन्तर्गत 02 कार्यों हेतु रू0 489.69 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

*मुख्यमंत्री ने दी विभिन्न विकास योजनाओं के निर्माण हेतु वित्तीय स्वीकृति*

मुख्यमंत्री ने राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद पौड़ी गढ़वाल में विधानसभा क्षेत्र चौबट्टाखाल के अन्तर्गत भगवतीतलैया-कमलिया-सराईखेत मोटर मार्ग के आर.सी.सी. निर्माण हेतु रू0 271.97 लाख (रू० दो करोड़ इकहत्तर लाख सत्तानवें हजार मात्र), जनपद हरिद्वार के विधानसभा क्षेत्र हरिद्वार में हिल बाईपास मोटर मार्ग पर क्षतिग्रस्त भाग का पुनर्निर्माण एवं सुरक्षात्मक कार्य तथा बी०सी० द्वारा पैच मरम्मत कार्य हेतु रू० 342.30 लाख (रू० तीन करोड़ बयालीस लाख तीस हजार मात्र, जनपद नैनीताल के विधानसभा क्षेत्र भीमताल में गर्जिया-बेतालघाट-खैरना-सुयालबाड़ी-औड़ाखान-पसियापानी-भटेलिया-मुक्तेश्वर मोटर मार्ग के लोडिंग सेतुओं का नव निर्माण कार्य हेतु रू० 7.38 लाख (रू० सात लाख अडतीस हजार मात्र) तथा जनपद चमोली के विधानसभा क्षेत्र कर्णप्रयाग के अन्तर्गत आदिबद्री-नौटी मोटर मार्ग में नन्दा देवी राज जात मार्ग कॉसुवा से चॉदपुरगढ़ी तक मोटर मार्ग के डामरीकरण के कार्य हेतु रू0 523.29 लाख (रू० पांच करोड़ तेईस लाख उनतीस हजार मात्र) की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र धर्मपुर में इस्कॉन सांस्कृतिक एवं सामाजिक शिक्षा केन्द्र मार्ग दुधली-डोईवाला मोटर मार्ग का चौडीकरण एवं सुदृढीकरण के कार्य हेतु अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने जनपद चमोली के विधानसभा क्षेत्र कर्णप्रयाग के अन्तर्गत सारकोट भराड़ीसैण मोटर मार्ग का नाम शहीद हवलदार स्व० श्री वसुदेव मोटर मार्ग किये जाने तथा जनपद पौड़ी गढ़वाल के विधान सभा क्षेत्र यमकेश्वर के अन्तर्गत दुगड्डा में रा.इ.का. दुगड्डा, का नाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भवानी सिंह रावत जी के नाम पर रखे जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के अंतिम दिन दिखा भारी सैलाब

उत्तराखंड हरिद्वार भव्य कांवड़ यात्रा का आज अन्तिम दिन है आपको बता दें कि हरिद्वार भव्य कांवड़ यात्रा के शुभारंभ से लेकर करोड़ों श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा जल भरकर पद यात्रा कर पुण्य लाभ प्राप्त कर चुके हैं। कांवड़ यात्रा के अन्तिम दिनों में डाक कांवड़ यात्रा में कई राज्यों से भारी संख्या में शिव भक्तों की टोलियां हरिद्वार गंगा जल लेने आते हैं। जहां हरिद्वार हरकी पौड़ी क्षेत्र से लेकर मुख्य मार्ग, रेलवे स्टेशन मार्ग, पर शिव भक्तों का ही कब्जा दिखाई दे रहा है। हरिद्वार पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह से सड़कों पर मुस्तैदी के साथ दिखाई दे रहा है। कांवड़ यात्रा के अन्तिम दिनों में हरिद्वार में शिव भक्त भारी संख्या में मोटर साईकिल से गंगा जल लेने पहुंच गए हैं। जिससे चारों तरफ शिव भक्तों के वाहनों की लम्बी कतारें दिखाई दे रही हैं। वहीं हर हर महादेव के जयकारों से हर कोई महादेव की भक्ति में डूबा हुआ है। हरिद्वार पुलिस प्रशासन के जवान भी व्यवस्थाओं को संभालने में पसीने बहाते नजर आ रहे हैं। रिकॉर्ड तोड़ श्रृद्धालुओं की भीड़ हरिद्वार में अलग ही नज़ारा देखने को मिल रहा है।

उत्तराखंडः एक लाख करोड़ के निवेश की ग्राउंडिंग पर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन उत्साहित

उत्तराखंड में एक लाख करोड़ के निवेश की ग्राउंडिंग पर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड उत्साहित है। एसोसिएशन की प्रतिक्रिया गर्मजोशी से भरी है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष पंकज गुप्ता का मानना है कि निवेशक सम्मेलन के सिर्फ डेढ़ साल बाद कुल निवेश का तीस फीसदी धरातल पर उतरना असाधारण उपलब्धि है। यह पॉजिटिव डेवलपमेंट हैं, जिसके दूरगामी परिणाम निकलेंगे।

एक बातचीत में गुप्ता ने कहा कि निवेशक सम्मेलन हर राज्य कर रहा है। निवेशकों को आकर्षित करने की तमाम कोशिशें हो रही हैं। मगर देखने में ये ही आया है कि पांच से दस फीसदी ग्राउंडिंग पर आकर बात ठहर जाती है। इस संदर्भ में उत्तराखंड की तीस फीसदी ग्राउंडिंग की उपलब्धि बहुत बड़ी है। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर यह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उनकी सरकार के प्रयासों का प्रतिफल है, जिससे निवेश लायक अनुकूल माहौल बना है। निवेशकों का उत्तराखंड के प्रति विश्वास लगातार बढ़ रहा है।

गुप्ता ने कहा कि पूर्व में सिर्फ उद्योगों को फोकस करके आर्थिक विकास की तरफ कदम बढ़ाए गए, लेकिन धामी सरकार ने उद्योगों के साथ ही ऊर्जा, पर्यटन, हाउसिंग समेत सभी क्षेत्रों को ध्यान में रखकर सर्वांगीण आर्थिक विकास की मजबूत बुनियाद रख दी है। बकौल, गुप्ता-राज्य सरकार निवेश लायक माहौल बनाने के लिए इंटरनल कनेक्टिविटी पर काम कर रही है, तो केंद्र सरकार एक्सटरनल कनेक्टिविटी पर भरपूर सहयोग दे रही है। केंद्र और राज्य का यह बेहतर तालमेल न सिर्फ उत्तराखंड को मजबूत आर्थिक आधार देगा, बल्कि रोजगार की भी नई राह खोलेगा।

सीएम की नजर में निवेशक हैं ब्रांड एंबेसडर

राज्य सरकार निवेशकों को उनके अनुकूल माहौल देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी का नतीजा है कि निवेशक उत्तराखंड को लेकर उत्साहित हैं। आंकड़ों की बाजीगरी से हटकर निवेश की ग्राउंडिंग के जो असल आंकडे़ नजर आ रहे हैं, वह उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य के हिस्से आई बड़ी उपलब्धि है। निवेशकों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हमेशा उत्तराखंड का ब्रांड एंबेसडर बताया है। मुख्यमंत्री का मानना है कि राज्य में निवेश करने वाले निवेशकों को उत्तराखंड में जो अच्छे अनुभव प्राप्त हो रहे हैं, उसे वह देश-दुनिया के सामने ला रहे हैं। एक तरह से वे हमारे ब्रांड एंबेसडर बनकर कार्य कर रहे हैं।