मुख्य सचिव ने अधिकारियों को उत्तराखण्ड को जीरो एक्सीडेंट स्टेट बनाने के विजन के साथ कार्य करने के नसीहत

राज्य में दुर्घटना राहत निधि में देरी के मामलों को गम्भीरता से लेते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सार्वजनिक सेवायान की दुर्घटना के मामलों में प्रभावितों को राहत राशि तत्काल जारी करने के निर्देश हैं। राधा रतूड़ी ने स्पष्ट किया है कि राहत राशि की हकदारी हेतु अब मजिस्ट्रीयल जांच रिपोर्ट की आवश्यकता नही है। जिलाधिकारियों को दुर्घटना राहत निधि हेतु 50 लाख रूपये की धनराशि आवंटित है। इसके साथ ही सीएस श्रीमती रतूड़ी ने राज्य में विशेषकर देहरादून व हरिद्वार जिलों में अवैध खनन गतिविधियों से सम्बन्धित सड़क दुर्घटनाओं एवं अपराधों पर कड़ी निगरानी के निर्देश दिए हैं। क्रैश बैरियर लगाने की औपचारिकतों से हटकर उनकी गुणवत्ता को शीर्ष प्राथमिकता पर लेने की कड़ी हिदायत देते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने अधिकारियों को क्रैश बैरियर की गुणवत्ता की थर्ड पार्टी ऑडिट के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को अन्य देशों में क्रैश बैरियर के स्थान अन्य आधुनिकतम टेक्नॉलॉजी व बेस्ट प्रैक्टिसिज का अध्ययन कर राज्य में लागू करने के भी निर्देश दिए हैं। सीएस ने जिलाधिकारियों को निर्धारित डेडलाइन के भीतर अधिक दुर्घटना वाले स्थानों की मैपिंग करने के साथ ही इन स्थानों पर स्पीड ब्रेकर, क्रैश बैरियर आदि सुधारात्मक कदम के एक्शन प्लान पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

सचिवालय में सड़क सुरक्षा एवं अनुश्रवण समिति की अति महत्वपूर्ण बैठक के दौरान मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने परिवहन, लोक निर्माण, वित्त एवं सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को उत्तराखण्ड को जीरो एक्सीडेंट स्टेट बनाने के विजन के साथ कार्य करने के नसीहत दी है।

परिवहन विभाग द्वारा थानों व चौकियों पर वाहनों को बन्द करने के मामलों का संज्ञान लेते हुए सीएस राधा रतूड़ी ने स्पष्ट किया कि सम्बन्धित अधिकारी तत्काल विभिन्न थाना चौकियों में बन्द वाहनों को प्रत्येक जनपद में शहर के नजदीक स्थान चिन्हित करते हुए एक साथ रखने की व्यवस्था करें। उन्होंने जिलाधिकारियों को जनपदों में इस सम्बन्ध में भूमि चिन्हीकरण/हस्तान्तरण हेतु निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने लोक निर्माण विभाग को प्रोफेशनल एजेंसी के माध्यम से नियमित रोड सेफटी ऑडिट करवाने के साथ ही परिवहन विभाग को ऑनलाइन चालान व्यवस्था को मजबूत करने, दोपहिया वाहनों में हेलमेट के उपयोग को प्रोत्साहित करने हेतु अभियान चलाने, शिक्षा विभाग को पाठ्यक्रम में सड़क दुर्घटनाओं के सम्बन्ध में जागरूकता को शामिल करने, गुड समेरिटन योजना को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में सचिव दिलीप जावलकर, अरविन्द सिंह हयांकी, डा0 पंकज कुमार पाण्डेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी मौजूद रहे।

चुनावी व्यस्तता के बावजूद सीएम यात्रा तैयारियों की नियमित रूप से कर रहे मॉनिटरिंग

चारधाम यात्रा को लेकर राज्य सरकार की तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं। चुनावी व्यस्तता के बावजूद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी यात्रा तैयारियों की नियमित मॉनिटरिंग कर रहे हैं। साथ ही अधिकारियों से भी इस संबंध में नियमित रूप से संपर्क में बने हुए हैं।
इस बार की चारधाम यात्रा और भी अधिक दिव्य और भव्य हो एवं आम श्रद्धालुओं को किसी तरह की कोई परेशानी न हो इसके मद्देनजर राज्य सरकार के स्तर से पुख्ता कार्यवाही की जा रही है।
गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय ने बताया कि मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों के क्रम में मुख्य सचिव उत्तराखंड शासन की ओर से सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को इस आशय का पत्र भेजा गया है कि यात्रा के शुरुआती 15 दिनों (विशेष रूप से केदारनाथ धाम) में वीवीआइपी दर्शनों को जितना हो सके टाला जाए ताकि आम श्रद्धालुओं को दर्शनों में किसी तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े। साथ ही इस संबंध में हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को भी सूचित किया जा रहा है।
गढ़वाल कमिश्नर महोदय द्वारा यह भी अवगत कराया गया है कि हेली सेवाओं में किसी भी तरह की कालाबाजारी एवं ठगी जैसी घटनाएं न हो सकें, यह सुनिश्चित करने हेतु इस बार केवल आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट से टिकटों की बुकिंग की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा उन्होंने आमजन से भी अपील की है कि वे राज्य सरकार द्वारा अधिकृत आईआरसीटीसी से ही हेली बुकिंग करें। उन्होंने कहा कि, सुगम और सुरक्षित चारधाम यात्रा के लिए राज्य सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और इसके लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार यात्रा को लेकर तमाम अतिरिक्त व्यवस्थाएं की जा रही हैं ताकि श्रद्धालुओं को कम से कम परेशानी हो।

20 स्थानों पर पार्क हो सकेंगे 1495 वाहन, एप के माध्यम से होगी मॉनिटरिंग
केदारनाथ यात्रा को लेकर इस बार राज्य सरकार की ओर से वृहद तैयारियां की गई हैं। गढ़वाल कमिश्नर श्री विनय शंकर पांडेय ने बताया कि इस बार गत वर्ष की तुलना में हर प्रकार से श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं में बढ़ोतरी की गई है। गत वर्ष केदारनाथ यात्रा मार्ग में जहां कुल 9 पार्किंग का संचालन किया जा रहा था तो उस बार कुल 20 स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। यहां 1495 वाहनों की पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होगी। पहली बार वाहनों की मॉनिटरिंग के लिए एप बनाई गई है।

700 सफाई कर्मियों की रहेगी तैनाती
यात्रा मार्ग पर सफाई व्यवस्था को लेकर भी बेहतर इंतजाम किए गए हैं। गत वर्ष जहां 617 सफाई कर्मियों को इस कार्य में लगाया गया था तो इस बार कुल 700 कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। यात्रा रूट में पहली बार चार नए हाई टेक मॉड्यूलर शौचालय एवं 4 नए मोबाइल मॉड्यूलर शौचालय की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त एक रोड स्वीपिंग मशीन भी सफाई कार्य में लगाई जाएगी।

पूरी तरह से निगरानी में रहेंगे घोड़े-खच्चर
इस बार यात्रा रूट पर चलने वाले सभी 4000 घोड़े-खच्चरों की निगरानी भी प्रशासन के स्तर से की जाएगी। गत वर्ष तक आंशिक रूप से मॉनिटरिंग का कार्य किया जाता था। इसके अलावा हॉकर्स के लिए पहली बार पहचान पत्र जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, स्वास्थ्य जांच के साथ ही 30 टन क्षमता का वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट सोनप्रयाग में बनाने के साथ ही डंपिंग ग्राउंड की व्यवस्था की गई है। इस बार रोस्टर प्रणाली के संचालन की भी व्यवस्था की जा रही है। इस बार घोड़े-खच्चरों के लिए 24 घंटे संचालित कुल 15 पानी की चरी संचालित की जाएंगी। इसके अलावा, घोड़े-खच्चरों के साथ चलने वालों के लिए 197 लोगों की क्षमता की दो डोरमेट्री की व्यवस्था की गई है।

सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक सड़क चौड़ीकरण
सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक सड़क मार्ग को गत वर्ष की तुलना में और भी बेहतर कर दिया गया है। अधिकांश स्थानों पर 5 से 8 मीटर तक सड़क का चौड़ीकरण किया गया है।

स्वास्थ्य सुविधाओं में किया गया इजाफा
स्वास्थ्य सुविधाओं में भी इस बार अपेक्षित सुधार किया गया है। कुल 5 एम्बुलेंस की तैनाती के साथ ही पहली बार 3 गोल्फ कार्ट तैनात की जा रही है। गढ़वाल कमिश्नर महोदय ने बताया कि ऐसा प्रथम बार किया जा रहा है कि स्थानीय व्यवस्थाओं को न छेड़ते हुए सभी चिकित्सकों की व्यवस्था इससे इतर की जा रही है ताकि स्थानीय निवासियों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिहाज से परेशानी न झेलनी पड़े। वहीं, लगभग 18 स्थानों पर स्वास्थ्य जांच केंद्र संचालित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यात्रा पर आने से पहले लोगों को चाहिए कि वे अपनी स्वास्थ्य जांच के बाद ही यात्रा पर आएं।

मुख्य सचिव प्रत्येक सप्ताह चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की करेंगी बैठकः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों की बैठक लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले यात्रा मार्गों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए। चारधाम यात्रा से जुड़े सभी विभागों के सचिव यात्रा मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर सभी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिये कि चारधाम यात्रा की सभी तैयारियों को लेकर साप्ताहिक समीक्षा बैठक की जाए। चारधाम यात्रा में यातायात प्रबंधन और कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए डीजीपी को भी चारधाम यात्रा से पूर्व स्थलीय निरीक्षण के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं। बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए चारधाम यात्रा मार्ग पर जग्ह-जगह प्राईवेट हेल्थकेयर टेस्टिंग किट की व्यवस्था की जायेगी।
चारधाम यात्रा मार्गों पर प्लास्टिक और कूड़ा प्रबंधन के लिए बेहतर व्यवस्थाएं की जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा देश-दुनिया के श्रद्धालुओं के लिए आस्था के प्रमुख केन्द्र हैं। यह सुनिश्चित किया जाए कि देवभूमि उत्तराखण्ड का अच्छा संदेश देश और दुनिया तक जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि यात्रा मार्गों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। प्लास्टिक और कूड़ा प्रबंधन के लिए चारधाम यात्रा से जुड़े जनपदों के जिलाधिकारियों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा धनराशि उपलब्ध कराई जाए।

घोड़े और खच्चर चालकों का किया जायेगा वेरिफिकेशन ।
चारधाम यात्रा के लिए घोड़ा और खच्चर चालकों का वेरिफिकेशन कराया जाए। तथा सभी का पुलिस और आपराधिक रिकॉर्ड चेक कर लिया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि जो भी घोड़े और खच्चर चारधाम यात्रा में लगाये जाएं उनका स्वास्थ्य परीक्षण के बाद ही पंजीकरण किया जाए। घोड़े और खच्चरों के लिए गर्म पानी की पर्याप्त व्यवस्था रखी जाय।

चारधाम यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं से शालीनतापूर्ण व्यवहार किया जाए।
मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को यह भी निर्देश दिये कि चारधाम यात्रा मार्गों पर विद्युत, पेयजल और सड़कों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यात्रा मार्गों पर जगह-जगह बने शौचालयों को दुरस्त किया जाए एवं महिलाओं के लिए पृथक शौचालय की व्यवस्था की जाए। चारधाम यात्रा से जुड़े सभी अधिकारी और कर्मचारी शालीनता एवं सहनशीलता का परिचय दें, यह सुनिश्चित किया जाए कि श्रद्धालुओं के साथ अभद्रता न हो। यात्रा ड्यूटी में तैनात सुरक्षाकर्मी अलर्ट मोड पर रहें। यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक छह घंटे के बाद सुरक्षा में तैनात कर्मियों को आराम दिया जाए। यात्रा में आने वाले वाहन चालकों के रहने और सोने की उचित व्यवस्था की जाए। यह भी प्रयास हो कि चारधाम यात्रा में जाने वाले वाहनों में दो-दो वाहन चालकों की व्यवस्था हो। वाहनों की फिटनेस का विशेष ध्यान रखा जाए।

चारधाम यात्रा के दृष्टिगत श्रद्धालुओं को आवश्यक सूचनाएं समय पर मिल सके, इसके लिए सूचना तंत्र मजबूत किया जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि चारधाम यात्रा के कुशल प्रबंधन के लिए सभी विभाग अलर्ट मोड पर रहें। श्रद्धालुओं को मौसम से संबंधित जानकारी, यातायात प्रबंधन और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी समय पर प्राप्त हो, इसके लिए श्रद्धालुओं को आवश्यक सूचनाएं ससमय प्राप्त हो इसके लिए सोशल मीडिया का बेहतर प्रयोग किया जाए। होटल, गेस्ट हाउस एवं होम स्टे में चारधाम यात्रा संबंधित निर्देशिका विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। इस निर्देशिका में चारधाम के साथ ही अन्य पर्यटक स्थलों की जानकारी भी विस्तृत रूप से दी जाए।

10 मई 2024 को श्री केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलेंगे जबकि 12 मई 2024 को श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। अभी तक चारधाम यात्रा के लिये 15 लाख से अधिक श्रद्धालु ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन करा चुके है।

वनाग्नि पर प्रभावी नियंत्रण के लिए भी अलर्ट मोड पर रहें अधिकारीः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में इस समय चारधाम यात्रा के साथ ही वनाग्नि को रोकना महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने कहा कि वनाग्नि की रोकथाम के लिए वन विभाग के अलावा अन्य विभाग भी अलर्ट मोड पर रहें। वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए सूचना तंत्र और मजबूत किया जाए। क्विक रिस्पांस टाईम कम से कम किया जाए। वनाग्नि पर प्रभावी रोकथाम के लिए स्थानीय स्तर पर लोगों का सहयोग लिया जाए।

बैठक में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, शहरी विकास मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल, बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, डीजीपी अभिनव कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, अरविन्द सिंह ह्यांकी, डॉ. रंजीत सिन्हा, डॉ. आर. राजेश कुमार, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी एवं चारधाम यात्रा से जुड़े विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और वर्चुअल माध्यम से संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

तेलांगना के वारंगल लोकसभा प्रत्याशी अरूरी रमेश के समर्थन में मुख्यमंत्री धामी का भव्य रोड शो

वारंगल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वारंगल ( तेलांगना) में भाजपा प्रत्याशी अरूरी रमेश के समर्थन में रोड शो किया और जनता को संबोधित करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार का अभियान में जुटी बीआरएस और कांग्रेस को उखाड़ फेंकने का वक्त आ गया है। लोकसभा चुनाव में दोनों पार्टियों को ऐसा सबक सिखाएं कि वह एक एक वोट को तरसें और उनके पैर जमीन से उखड़ जाएं। इस दौरान सड़कों पर उमड़ी भीड़ का आभार जताते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मैं देवभूमि उत्तराखंड से देवभूमि तेलंगाना आया हूं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों को मजबूत करने को तेलांगना से सभी प्रत्याशियों को भारी समर्थन देकर दिल्ली भेजें।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की लोकप्रियता दक्षिण भारत में भी देखने को मिली है। तेलांगना में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में हुई मुख्यमंत्री धामी की जनसभा और रोड शो में भारी भीड़ जनसैलाब उमड़ा। इस दौरान वारंगल में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि 43 डिग्री तापमान में भी भारी जनसमुद्र देख कर भरोसा है कि मोदी जी के नेतृत्व में तीसरी बार बड़ी जीत से सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने के बाद देश तेजी से आगे बढ़ा है। आज भारत के नागरिकों का न केवल देश बल्कि विदेशों में भी सम्मान हो रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश विकास की यात्रा पर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने 10 साल के कालखण्ड में एक दिन एक घण्टा भी आराम न करते हुए पूरे समपर्ण के साथ काम किया है। अब प्रधानमंत्री की तपस्या का फल देने का समय आ गया है। जनता अब प्रधानमंत्री के तपस्या का फल तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाकर दें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने कश्मीर से 370 हटाने, सीएए कानून लाने, श्रीराम मंदिर निर्माण जैसे बड़े फैसले लिए हैं। प्रधानमंत्री तीसरे कार्यकाल में और बड़े फैसले लेंगे। आज भारत की दुनिया में सशक्त, समर्थ और शक्तिशाली देश के रूप में पहचान बनी है। प्रधानमंत्री मोदी का तीसरा कार्यकाल भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का रहेगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के हाथ मजबूत होने से न केवल देश बल्कि वारंगल का विकास मजबूत होगा। यहां स्कूल, सड़क, यूनिवर्सिटी, रेलवे, इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे विकास कार्यों को गति मिलेगी। उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार, घोटले और तुष्टिकरण के नाम पर राजनीति करने वाली कांग्रेस अब वोट के लिए खासवर्ग को आरक्षण देने तथा विरासत के नाम पर गाढ़ी कमाई छीनने की घोषणा पत्र में वायदा कर रही है। उन्होंने कांग्रेस पर 400 पार सीटें आने पर प्रधानमंत्री के खिलाफ संविधान बदलने का भ्रम फैलने के भी आरोप लगाए हैं। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी गरीबों के हितों को लेकर काम करते आ रहे हैं। गरीबों का कल्याण उनकी प्राथमिकता में रहता है। ऐसे में वारंगल की जनता कांग्रेस और बीआरएस को ऐसे सबक सिखाए कि उनकी जमीन ही खिसक जाए। उन्होंने तेलांगना की जनता और मतदाताओं से अपील की कि कांग्रेस और बीआरएस के भ्रष्टाचार और लूटपाट का अभियान रोकने को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों को मजबूत करें। इस मौके पर कीर्ति रेड्डी, श्री निवास रेड्डी, राजेश्वर, राम राव, कुमार स्वामी, विजय रामराव, सुरेश रेड्डी, प्रदीप राव समेत अन्य मौजूद रहे।

खेत में पानी छोड़ने पर दबंगों ने किसान को मारी गोली, मौत

हरिद्वार के मंगलौर कोतवाली क्षेत्र में खेत में पानी छोड़ने का विवाद खूनी खेल पर उतर आया। दबंगों ने एक किसान केखेत में पानी छोड़ दिया जिससे उसकी फसल खराब हो गई। विरोध करने पर दबंगों ने पहले तो किसान से मारपीट की और बाद में गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

जानकारी के मुताबिक मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के कुंआहेड़ी गांव में 35 वर्षीय भारतवीर पुत्र ब्रजवीर अपने परिवार के साथ अपने खेतों के पास ही बनाए गए घर में रहता था। खेत के बगल से नाली गुजरती है जिसके दूसरी तरफ अन्य लोगों के खेत हैं। पड़ोसी ने अपने खेतों में सिंचाई की थी, लेकिन बाद में पानी भारत के खेतों की ओर छोड़ दिया जिससे उसकी फसल को नुकसान हो गया।

बताया जा रहा है कि भारत ने पड़ोसियों के सामने इस बात का विरोध किया। लेकिन विरोध जताने पर दूसरे पक्ष के लोग भड़ गए और मारपीट पर उतर आए। बाद में उन्होंने भारत की पीठ से तमंचा सटाकर गोली चला दी जो भारत के शरीर के आरपार हो गई। गोली की आवाज सुनकर ग्रामीण घटनास्थल की तरफ दौड़े और घायल अवस्था में उपचार के लिए रुड़की के सिविल अस्पताल लाए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस के मुताबिक आरोपियों के खेत पीड़ित के खेत के पास हैं। जहां रात में पानी छोड़ने से कटे हुए गेहूं में पानी रिस जाने के कारण दोनों पक्षों में सुबह के समय कहासुनी हो गई थी। इसके बाद फोन पर भी दोनों पक्षों में बहसबाजी हुई। शाम के समय दोनों पक्षों में झगड़ा होने पर भरतवीर की मृत्यु हो गई। पुलिस ने मौके से लाठी-डंडे और 315 बोर तमंचे का खोखा बरामद किया है। जानकारी मिलते ही एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल और एसपी देहात एसके सिंह ने भी मौके का मुआयना किया। एसपी देहात एसके सिंह ने बताया कि मारपीट के मामले में युवक की हत्या की गई है।

चारधाम यात्रा 2024ः 11 भाषाओं में जारी की गई है हेल्थ एडवायजरी

चारधाम यात्रा 2024 के लिये शासन ने चार धाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य जांच को मानक प्रचालन कार्यविधि जारी कर दी है। इसके अंतर्गत यात्रियों को यात्रा पर आने से पहले और यात्रा के दौरान उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी दी गई है। इस बार यात्रा मार्ग पर 50 स्थानों पर स्वास्थ्य केंद्र बनाए जा रहे हैं। यहां पर यात्रियों की उच्च रक्तचाप व मधुमेह समेत 28 मानकों पर जांच की जाएगी।

सचिव स्वास्थ्य डा आर राजेश कुमार ने बताया कि यात्रा के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पर्यटन विभाग की वेबसाइट क्रियाशील हो गई है। इसमें स्वास्थ्य संबंधी एक कालम भी रखा गया है। इसमें यात्री अपने स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भरेंगे, जो उन्हें जरूरत के समय उपचार उपलब्ध कराने में मदद करेगी।

सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि चार धाम यात्रा के लिए मानक प्रचालन कार्यविधि 11 भाषाओं में तैयार की गई है। इसे हिंदी व अंग्रेजी के अलावा गुजराती, मराठी, तेलगु समेत नौ भाषाओं में तैयार कर संबंधित राज्यों को भेजा गया है। उन्होंने बताया कि चार धाम में बनाए बनाए जाने वाले स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सक व स्वास्थ्य कार्मिकों के साथ ही स्वास्थ्य मित्रों की तैनाती भी की जाएगी।

यहां दवा व आक्सीजन सिलिंडर समेत सभी जरूरी उपकरण रखे जाएंगे। स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों के साथ ही छह से अधिक प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी तैनात किए गए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ ही एक दर्जन से अधिक प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती की गई है।

सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि यात्रा मार्गों पर हेल्थ एटीएम भी लगाए जा रहे हैं। यहां ब्लड प्रेशर, शुगर, वजन, लंबाई, शरीर का तापमान, शरीर में आक्सीजन आदि की जांच की जाएगी। इसमें काम करने वाले तकनीकी स्टाफ को पूरा प्रशिक्षण दिया गया है।

सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए टेलीमेडिसन की भी सुविधा रखी गई है। इनके द्वारा किसी भी प्रकार की गंभीर स्थिति में 24 घंटे विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह प्राप्त की जा सकती है।

सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि चारधाम यात्रा में उत्तराखंड के अलावा दूसरे राज्यों के चिकित्सक भी अपनी सेवाएं देने के इच्छुक रहते हैं। ऐसे में सभी राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों को पत्र लिखकर चारधाम यात्रा की अवधि में कार्य करने के इच्छुक चिकित्सकों की जानकारी मांगी गई है।

सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि बदरीनाथ व केदारनाथ धाम में स्थापित चिकित्सालयों के लिए उपकरणों की खरीद शुरू कर दी गई है। जल्द ही उपकरण चिकित्सालयों में पहुंच जाएंगे। इससे इस वर्ष इन दोनों धामों में श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।

कांग्रेस की तुष्टिकरण की नीति के कारण भगवान राम अयोध्या में कई दशकों से एक टेंट में रहने को मजबूर रहेः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज नई दिल्ली में आयोजित हिन्दू नव वर्ष महोत्सव में प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये मेरा परम् सौभाग्य है कि आज मुझे एक साथ इतने महानुभावों का सानिध्य प्राप्त हो रहा है। आप सभी की आभा और ऊर्जा ने मेरे मन मस्तिष्क को और भी अधिक जागृत करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में उपस्थित प्रत्येक संत को, सनातन संस्कृति के प्रत्येक प्रहरी को दंडवत प्रणाम करता हूं और आशा करता हूं कि आप सभी सदैव हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे।

उन्होंने इस दौरान दिल्ली भाजपा के सभी लोकसभा प्रत्याशियों के भारी मतों से विजयी होने की कामना करते हुए सभी को ष्हिन्दू नववर्षष् की शुभकामनाएं प्रदान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का यह हिन्दू नववर्ष महोत्सव कई मायनों में विशिष्ट है, क्योंकि जहां एक ओर आप सभी विद्वानों का सानिध्य प्राप्त हो रहा है, वहीं सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ कर हम सबको आत्मिक शांति प्राप्त हुई है। ब्रह्म पुराण के अनुसार चौत्र शुक्ल प्रतिपदा को ब्रह्मा जी ने सृष्टि का निर्माण किया था, इस दिन को नव संवत्सर, गुडीपडवा सहित कई नामों से देश के अलग अलग क्षेत्रों में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि आज भी हमारी गणना इतनी सटीक है कि अमावस्या और पूर्णिमा सहित सूर्यग्रहण और चंद्रग्रहण जैसी खगोलीय घटनाओं की सटीक जानकारी हमें पहले ही प्राप्त हो जाती है और इन सबका आधार पूर्ण रूप से वैज्ञानिक है। इतनी विशेषताओं को समेटे हुए हमारा नव वर्ष वास्तव में हमें कुछ नया करने की प्रेरणा देता है। ग्रहों की चाल पर आधारित हमारा नववर्ष सबसे विशिष्ट और वैज्ञानिक है फिर भी यह दुर्भाग्य है कि हमारा समाज एक स्वर में भारतीय नववर्ष को नहीं मनाता।

उन्होंने कहा कि, भारतीय नव वर्ष के प्रति इतनी उदासीनता का मुख्य कारण संस्कृति के संवर्धन के प्रति पूर्व की सरकारों की उदासीनता रही। परंतु 2014 के पश्चात समय बदल चुका है, आदरणीय श्री नरेन्द्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में आज पुनः भारतीय सनातन संस्कृति की धर्म ध्वजा पूरे विश्व में शान से फहरा रही है।

उन्होंने कहा कि हम सभी को ज्ञात है कि कांग्रेस की तुष्टिकरण की नीति के कारण भगवान राम अयोध्या में कई दशको से एक टेंट में रहने को मजबूर थे। आदरणीय मोदी जी को देश की सेवा करने का अवसर मिला तो उन्होंने दृढ़ निश्चय के साथ अयोध्या में श्रीराम का भव्य और दिव्य मंदिर बनवाकर राम लला को टेंट से महल में लाने का कार्य किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने केदारनाथ तथा बद्रीनाथ धाम के पुनर्विकास कार्यों में हर कदम पर हमारा भी पूरा साथ दिया। इतना ही नहीं, देवभूमि के विभिन्न पौराणिक मंदिर जिनके पुनर्विकास पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता थी उन मंदिरों के लिए प्रधानमंत्री जी के सहयोग और मार्गदर्शन में मानसखंड मंदिर माला मिशन भी प्रारंभ किया गया। जिसके तहत मानसखंड के विभिन्न पौराणिक मंदिरों का पुनर्विकास और वहाँ तक पहुँचने की बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा रही है।

इतना ही नहीं मोदी जी के नेतृत्व में बने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और उज्जैन के महाकाल लोक जैसे निर्माण कार्य आज विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। आदरणीय मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने अब देश के साथ ही विदेशों में भी सनातन संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी हाल ही में हमने अपने संकल्प पत्र में यह संकल्प लिया है कि हम विश्वभर में रामायण उत्सव मनाएंगे। ऐसे संकल्प सिर्फ वही ले सकते हैं जिन्होंने सनातन संस्कृति को शुद्ध अंतः करण से अपना माना हो। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार के साथ ही देश का चहुंमुखी विकास भी हुआ है। आज भारत की अर्थव्यवस्था विश्व की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुकी है और तीसरी बनने की ओर अग्रसर है। देश का समग्र विकास सुनिश्चित करने के साथ ही आदरणीय मोदी जी ने देश हित में कई अभूतपूर्व एवं कड़े निर्णय लिए हैं। राम मंदिर निर्माण के अलावा ब्।। लागू करना, धारा 370 का खात्मा और तीन तलाक की समाप्ति ऐसे कुछ उदाहरण हैं।

उन्होंने कहा कि हमने भी एक ओर जहां उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू कर सभी को समान अधिकार देने की पहल की है, वहीं धर्मांतरण विरोधी कानून बनाकर और लैंड जिहाद के खिलाफ कार्रवाई कर हमने ये बता दिया है कि सनातन के खिलाफ किया गया कोई भी कार्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एक ओर उत्तराखंड में हम जहां एक ओर समान नागरिक संहिता की बात कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस अपने घोषणा पत्र में ष्मुस्लिम पर्सनल लॉ की बात कर रही है। यह बहुत शर्मनाक है। आज जब देश मे चुनाव चल रहा है तो ये दल मंदिरों में जाने का ढोंग कर रही हैं। दिल्ली में केजरीवाल की पार्टी बहुत धूर्तता से कार्य कर रही है। आज तमाम विदेशी शक्तियों के साथ मिलकर यह दल मोदी को प्रधानमंत्री बनने से रोकना चाहती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में मतदान हो चुका है और पांचों सीट भाजपा जीत रही है। उन्होंने कहा कि मैं दिल्ली के लोगों से भी कहना चाहता हूँ कि दिल्ली की 7 की 7 सीट जीतकर देनी हैं और मोदी जी को एक बार फिर देश का प्रधानमंत्री बनाना है।

ब्रह्मलीन हुए शैव मृत्युंजय हिरेमठ, धर्माचार्यों ने व्यक्त की संवेदना

श्री केदारनाथ धाम में वेदपाठी का कार्य संभाल रहे शैव मृत्युंजय हिरेमठ का शुक्रवार शाम आकस्मिक निधन हो गया। उनके ब्रह्मलीन होने से चारों ओर शोक की लहर है। धर्माचार्यों से लेकर आम लोग उनके निधन पर गहीर संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति ने भी उनके निधन पर शोक प्रकट किया है। मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने प्रार्थना की है कि भगवान केदारनाथ हीरेमठ को अपने श्री चरणों में स्थान दें। उनके पारिवारिक जनों को इस दुख को सहन करने की क्षमता प्रदान करें। आज उन्हें मंदाकिनी तट पर समाधि दी गयी।

बता दें कि केदारनाथ धाम के वेदपाठी शैव मृत्युंजय हीरेमठ को शुक्रवार को अचानक दिल का दौरा पड़ा था जिससे मात्र 31 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया। युवा वेदपाठी मृत्युंजय हीरेमठ, रावल 108 श्री गुरुलिंग जी महाराज के चार पुत्रों में सबसे छोटे थे। दक्षिण भारत के जंगम शैव समुदाय से तालुक रखनेवाले मृत्युंजय हीरेमठ अविवाहित थे। उनका परिवार अब स्थायी रूप से उखीमठ (रुद्रप्रयाग) में ही निवास करता है। उनके पिता गुरुलिंग भी केदारनाथ धाम के पुजारी के रूप में सेवा दे चुके हैं। उनके बड़े भाई शिवशंकर लिंग मंदिर समिति केदारनाथ प्रतिष्ठान में पुजारी के पद पर हैं। देश विदेश में बाबा केदारनाथ के भक्त मृत्युंजय को उनके मधुर मंत्रों और आरतियों से पहचानते हैं। वह शिव स्त्रोतम् सहित भगवान भोलेनाथ के भजनों का लय वद्ध गायन करते थे। सोशल मीडिया में उनके भजनों को काफी प्रशंसा भी मिली। केदारनाथ मंदिर परिसर में उनका गाया ‘सौराष्ट्रदेशे विशदेऽतिरम्ये ज्योतिर्मयं चन्द्रकलावतंसम्। भक्तिप्रदानाय कृपावतीर्णं तं सोमनाथं शरणं प्रपद्ये ॥’ लोगों को बहुत पसंद आया था। सोशल मीडिया पर उनकी मधुर आवाजा में गाया ये श्लोक मंत्र बहुत वायरल हुआ था

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने केदारनाथ धाम में वेदपाठी का कार्य संभाल रहे मृत्युंजय हीरेमठ (के आकस्मिक निधन पर शोक- संवेदना जतायी है। उन्होंने कहा कि मृत्युंजय हीरेमठ ने हमेशा निष्ठा एवं सेवा भाव से कार्य किया तथा शोसल मीडिया में उनके शिव भक्ति स्त्रोत, भजन तथा लय पूर्ण गायन लोकप्रिय रहे। उनके निधन से मंदिर समिति को अपूर्णीय क्षति हुई है। उनके निधन की खबर के बाद मंदिर समिति के उखीमठ, जोशीमठ, देहरादून सहित सभी कार्यालयों, विश्रामगृहों में शोक सभा आयोजित हुई

उत्तराखंड में प्रथम चरण में संपन्न हुए लोस चुनाव, लोगों में दिखा कम उत्साह

उत्तराखंड में लोकसभा चुनाव के लिए मतदान समाप्त हो गया है। सुबह लोगों ने खासा उत्साह दिखाया, लेकिन शाम ढलते ही मतदान का जोश कम होता गया। शाम 5 बजे तक 53.56ः मतदान हुआ है। हालांकि पोस्टल बैलेट, 85$ उम्रदराज वोटर और दिव्यांग वोटरों को मिलाकर ये आंकड़ा थोड़ा बढ़ सकता है। लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में 61 फ़ीसदी वोटिंग के मुकाबले बेहद कम वोटिंग हुई है। सबसे ज्यादा 59.36 फीसदी मतदान नैनीताल ऊधमसिंह नगर सीट पर हुआ है।

आज सुबह से ही मतदान को लेकर सभ जिलों में उत्साह देखा गया। सुबह सुबह पोलिंग बूथ पर वोटरों का तांता लगना शुरू हो गया। कहीं बुजुर्ग महिलाएं, कहीं जोड़े में सजी दुल्हनें, कहीं फर्स्ट टाइम वोटर्स अपने मताधिकार का प्रयोग करने घऱों से निकले। लेकिन दोपहर बाद मतदान के प्रति लोगों की दिलचस्पी कम होती दिखी। अनेक जगहों पर वोटरों ने मतदान का बहिष्कार किया। शाम होते होते मतदान के आंकड़े में कमी देखी गई।

शाम 5 बजे तक कुल 53.56 फ़ीसदी वोटिंग हुई जो 2019 के मुकाबले बेहद कम है।
अल्मोड़ा संसदीय सीट पर 44.43 फीसदी
गढ़वाल लोकसभा सीट पर 48.79 फीसदी
टिहरी संसदी सीट पर 51.01 फीसदी
हरिद्वार लोकसभा में 59.01 फीसदी
नैनीताल ऊधमसिंह नगर सीट पर शाम 5 बजे तक सबसे ज्यादा 59.36 फीसदी मतदान हुआ है।

धामी की चमक, राज्य में लोस चुनाव के लिए किया 80 से अधिक क्षेत्रों में रोड शो और प्रचार

इस लोकसभा चुनाव में सीएम पुष्कर सिंह धामी भाजपा के स्टार प्रचारकों की अग्रिम पंक्ति में खड़े नजर आ रहे हैं। उन्होंने उत्तराखंड की पांच सीटों पर अपनी पार्टी के प्रत्याशियों के लिए कई चुनावी सभाएं की है। रोड शो किये हैं और लगभग हर विधानसभा को कवर किया है। राज्य के सभी जिलों के नारी शक्ति कार्यक्रम व लाभार्थी सम्मेलन को मिलाकर लगभग इनकी सँख्या 80 के आसपास हैं। पिछले तीन महीनों में इसके अलावा वह यूपी में भी चुनाव प्रचारक के लिए स्टार प्रचारक के तौर पर जा रहे हैं। उन्हें राजस्थान और जम्मू कश्मीर में भी चुनाव प्रचार के लिए स्टार प्रचारक बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ने यूपी के मझौला में पीलीभीत से भाजपा प्रत्याशी जितिन प्रसाद के समर्थन में चुनाव प्रचार किया। सीएम धामी को सुनने के लिए बड़ी संख्या में जनता मौजूद थी। सीएम धामी देश के क्षितिज पर एक नवोदित स्टार प्रचारक के तौर पर उभरे हैं। उन्होंने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता, सख्त नकल कानून, धर्मांतरण कानून बनाकर अपनी एक अलग छवि बनाई है। डेमोग्राफिक चेंज के साथ ही लैंड जिहाद और लव जिहाद को भी रोकने का काम किया है। इसके चलते देश भर में उनकी लोकप्रियता बढ़ी है। यही कारण है कि भाजपा के 37 स्टार प्रचारकों की सूची में उनका 12वां स्थान है। यदि भाजपा उत्तराखंड में सभी पांच सीटें जीत जाती है तो यह सीएम धामी की बड़ी उपलब्धि होगी। इसके लिए उन्होंने अथक मेहनत की है।