सीएम ने पीलीभीत में किया जन सम्मेलन कार्यक्रम को संबोधित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मझौला, पीलीभीत ( उत्तर प्रदेश) में आयोजित श्जन सम्मेलनश् कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वो पीलीभीत लोकसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी जितिन प्रसाद के सर्मथन में सभी का आशीर्वाद मांगने आए हैं। उन्होंने कहा जितिन प्रसाद को दिया गया हर वोट सीधा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को जायेगा। उन्होंने कहा जितिन प्रसाद जी योगी जी के मंत्रिमंडल में पीडब्ल्यूडी मंत्री के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। पीडब्ल्यूडी मंत्री के नाते वो खुद सड़कों का निरीक्षण करने चले जाते हैं और सड़क की क्वालिटी खराब निकल जाए तो एक्शन भी लेते हैं। ईमानदार और कड़क निर्णय लेने वाले व्यक्ति को सांसद बनाकर संसद में भेजने से वो जनता के मुद्दों को पूरी मुखरता के साथ लोकसभा में रखेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कमल फूल पर दिया गया हर एक वोट सीधा मोदी को जाएगा। ये वोट पीलीभीत सहित पूरे भारत को विकासित और समृद्ध बनाने हेतु जाएगा। उन्होंने कहा जनता का वोट भारत के जन-जन के कल्याण को सुनिश्चित एवं भारत को पुनः विश्वगुरु के रूप में स्थापित करने हेतु जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत विकास की नई बुलंदी को छू रहा है। आज भारत एक विकसित और आत्मनिर्भर देश बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन का हब बन चुका है। देश में प्रतिदिन 38 किमी. की सड़क, हर साल 7 से अधिक हवाई अड्डे और बड़े स्तर पर एम्स, आईआईटी और आईआईएम का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा इस क्षेत्र के लिए भी किच्छा में एम्स बनने जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में आज भारत एक विश्व शक्ति के रूप में उभर रहा है। भारत विश्व की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। भारत ने डिजिटल ट्रांजैक्शन की क्रांति लाने का कार्य किया। आज भारत डिजिटल ट्रांजैक्शन में विश्व में नंबर वन पर है। उन्होंने कहा मोदी जी ने देश के हर गरीब और पिछड़े व्यक्ति के कल्याण हेतु जनधन योजना, उज्जवला योजना, किसान समृ्द्धि योजना, पीएम आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना, गरीब कल्याण अन्न योजना जैसी कई योजनाएं लागू की हैं। यही योजनाए मोदी गारंटियाँ हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी ने देशहित में कई ऐतिहासिक फैसले किए हैं। जिसमें जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया गया है। तीन तलाक कानून लागू किया गया है। नागरिकता संशोधन अधिनियम सीएए लागू किया गया है। सेना को सशक्त किया गया है आज सेना सर्जिकल स्ट्राइक करती है। श्रीराम मंदिर का भव्य निर्माण कार्य हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार में योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश, विकास की एक नई उड़ान भर रहा है। योगी जी के शासन काल में माफिया राज को मिट्टी में मिला दिया गया। उन्होने कहा एक समय था जब सपा और बसपा के संरक्षण में पलने वाले माफिया लोग प्रदेश की जनता को डरा-धमका कर वसूली करते थे लेकिन योगी जी के आने के बाद ये सब बंद हो गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ओर मोदी जी भारत को विकासित देश बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। तो दूसरी ओर सपा बसपा कांग्रेस देश को 2014 से पहले वाले भ्रष्टाचार की खाईं में धकेलने का प्रयास कर रही है। देश की जनता कांग्रेस की सच्चाई को जान चुकी है। उन्होंने कहा सारे भ्रष्टाचारियों ने मिलकर गठबंधन बना लिया लेकिन ये गठबंधन भी ठगबंधन बनकर रह गया है। ठगबंधन में शामिल पार्टियों ने हमेशा गरीब को और भी अधिक गरीब बनाए रखने का काम किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 सालों में मोदी ने यह दिखा दिया कि कोई काम मुश्किल नही है। उन्होंने कहा विपक्षी हारने के बाद ईवीएम का नाम रटने लगएंगे। कांग्रेस ने आपातकाल लगाकर भारत के लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश की थी। कांग्रेस ने भारत के संविधान को दरकिनार करते हुए सिर्फ एक परिवार के हित के लिए फैसले लिए। कांग्रेस ने भगवान राम के अस्तित्व को नकार दिया था। समाजवादी पार्टी वो पार्टी है जिसने अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां चलवाकर उनका सीना छलनी कर दिया था। इन विपक्षियों ने सनातन धर्म और संस्कृति को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा 19 तारीख को कमल का बटन दबाकर भाजपा प्रत्याशी जितिन प्रसाद को विजय बनाकर मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाने में अपना योगदान देना है।

इस अवसर पर भाजपा प्रत्याशी जितिन प्रसाद, यूपी सरकार में मंत्री संजय गंगवार, भाजपा जिला अध्यक्ष संजीव प्रताप एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

उत्तराखंड वासियों से निकट का नाता, उत्तराखंड के प्यार को जीवन में नहीं भुलाया जा सकता हैः मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऋषिकेश स्थित आई.डी.पी.एल मैदान में भाजपा उत्तराखंड द्वारा आयोजित विजय संकल्प रैली में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहाड़ी वाद्य यंत्र हुड़का उपहार स्वरूप प्रधानमंत्री को भेंट कर उनका स्वागत किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने स्वयं भी हुड़का बजाया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मां गंगा के सानिध्य में बसे, चार धाम के द्वार ऋषिकेश में इतनी विशाल संख्या में लोग हमें आशीर्वाद देने आए हैं। उन्होंने कहा जब भी वो उत्तराखंड आते हैं तो अपने परिवारजनों के साथ पुरानी यादें भी ताज़ा करते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कल मैं भारत के दक्षिणी छोर पर, सागर तट पर बसे तमिलनाडु में था। वहां भी लोग कह रहे हैं- फिर एक बार मोदी सरकार। उन्होंने कहा आज वो हिमालय की गोद में, बाबा केदार और बद्री विशाल के सानिध्य में आए हैं तो यहां भी फिर एक बार मोदी सरकार की गूंज है। उन्होंने कहा ये गूंज इसलिए है क्योंकि देश के लोगों ने पूर्ण बहुमत वाली स्थिर सरकार का काम देखा है।

प्रधानमंत्री ने कहा उत्तराखंड देवभूमि है, देवभूमि में देवताओं का आवाहन करने की परंपरा है। हुड़का की थाप से देवताओं का आह्वान किया जाता है। उन्होंने कहा आज उन्हें भी देवता रूपी जनता जनार्दन का आह्वान करने के लिए हुड़का बजाने का सौभाग्य मिला। प्रधानमंत्री ने कहा सरकार ने बीते 10 साल में भारत को कई गुना ज्यादा मजबूत बना दिया है। जब देश में कमजोर और अस्थिर सरकार रही है, तब दुश्मनों ने फायदा उठाया है। कमज़ोर और अस्थिर सरकारो में भारत में आतंकवाद ने पैर पसारे। आज भारत में मोदी की मज़बूत सरकार है, इसलिए आतंकवादियों को घर में घुसकर मारा जाता है, भारत का तिरंगा युद्धक्षेत्र में भी सुरक्षा की गारंटी बनता है, जम्मू कश्मीर से आर्टिकल-370 खात्मा होती है, तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाया जाता है, महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में आरक्षण दिया जाता है, सामान्य वर्ग के गरीबों को भी 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जाता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मोदी ने वन रैंक वन पेंशन लागू करने की गारंटी दी थी और इसे पूरा करके दिखाया। उन्होंने कहा कांग्रेस कहती थी, वन रैंक वन पेंशन लागू करके हम पूर्व सैनिकों को 500 करोड़ रुपए देंगे। उन्होंने कहा हमारी सरकार ने वन रैंक वन पेंशन लागू करके पूर्व सैनिकों को एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा दिए हैं। उत्तराखंड में भी ओ.आर.ओ.पी के साढ़े 3 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा, सैनिक परिवारों को मिले हैं। उन्होंने कहा कांग्रेस के समय में जवानों के पास बुलेटप्रूफ जैकेट तक की कमी थी। दुश्मन की गोली से बचाने के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं थे। पर भाजपा की सरकार ने भारत में बनी बुलेट प्रूफ जैकेट अपने सैनिकों को दी, उनके जीवन की रक्षा की। आधुनिक राइफल से लेकर लड़ाकू विमान और विमान वाहक पोत तक आज देश में ही बन रहे हैं। उन्होंने कहा जनता का उत्साह और जोश मेरे सर आंखों में है। उन्होंने कहा उत्तराखंड वालों के लिए मैं घर का सदस्य हूं। उत्तराखंड वासियों से निकट का नाता रहा है। उत्तराखंड के प्यार को जीवन में नहीं भुलाया जा सकता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की कमज़ोर सरकार, सीमाओं पर आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं बना पाई। पर आज हमारी सरकार पूरी सीमा पर आधुनिक सड़कें सुरंगें बना रही है। उन्होंने कहा बाबा केदार की भूमि से उन्होंने ये दशक उत्तराखंड का दशक बताया था। उन्होंने कहा हमारी सरकार उत्तराखंड के सामर्थ्य का लगातार विस्तार करने में जुटी है। जिसमे पर्यटन की बड़ी भूमिका है। ऋषिकेश, पर्यटन का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र है। राफ्टिंग, कैंपिंग, एडवेंचर, आध्यात्म और योग, ऋषिकेश की पहचान है और हर कोई व्यक्ति यहां आकर आनंद से भर जाता है। उन्होंने कहा भाजपा सरकार उत्तराखंड के पर्यटन को बढ़ावा देकर रोजगार के नए अवसर तैयार कर रही है, देश के किसी भी हिस्से से पर्यटकों के लिए उत्तराखंड के कोने-कोने तक पहुंचना आसान हो इसके लिए देवभूमि में रोडवेज, रेलवेज और एयरवेज की सुविधा बढ़ा रहे हैं। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन पर तेज़ी से काम चल रहा है। दिल्ली से देहरादून की दूरी भी सिमट रही है। उत्तराखंड के जिन सीमावर्ती गांवों को कांग्रेस अंतिम गांव कहती थी, भाजपा उन्हें देश का पहला गांव मानकर विकास कर रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा मानसखंड के तीर्थ स्थानों जैसे आदि कैलाश, ओम पर्वत दर्शन के लिए हेलीकाप्टर सेवाएं शुरू हो गई हैं। यमुनोत्री, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब में रोप-वे बनने से बहुत सुविधा हो जाएगी। चार धाम परियोजना के तहत केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री को लगभग 900 किलोमीटर लंबे हाइवे से जोड़ा जा रहा है। इन सब प्रयासों से श्रद्धालुओं को उत्तराखंड पहुंचने में काफी आसानी हो रही है। उन्होंने कहा भाजपा की नीयत सही है। और जब नीयत सही होती है, तो नतीजे भी सही मिलते हैं। उन्होंने कहा 2017 तक केदारनाथ में एक साल के भीतर करीब 5 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का रिकॉर्ड था। पिछले वर्ष करीब 20 लाख यात्री केदारनाथ के दर्शन के लिए आए। चारधाम यात्रा में पिछले वर्ष 55 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने उत्तराखंड की यात्रा की। उन्होंने कहा मानसखंड में आदि कैलाश और ओम पर्वत में भी यात्री की संख्या भी तेजी से बड़ी है। उन्होंने कहा पर्यटन बढ़ने का मतलब है, रोजगार के ज्यादा से ज्यादा मौके।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में हो रहे विकास ने अब पलायन की खबरों को बीते दिन की बात बना दिया है। अब उत्तराखंड के स्टार्टअप की खबरें आती हैं। उत्तराखंड के नौजवानों ने एक हज़ार से अधिक स्टार्टअप रजिस्टर किए हैं, जिसमें 500 स्टार्टअप बेटियों के हैं। मुद्रा योजना से लाखों नौजवानों को बिना गारंटी के ऋण मिले हैं। उन्होंने कहा कांग्रेस की सरकार में गरीब, नौजवान का पैसा, बिचौलिए खा जाते थे। पर भाजपा सरकार में लोगों के हक का पैसा सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर हो रहा है। उन्होंने बताया उत्तराखंड के किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि का 2600 करोड़ रुपए से अधिक मिल चुका है। उन्होंने कहा हमारी सरकार ने लूट बंद की है, इसलिए कांग्रेस मोदी से गुस्सा है। उन्होंने कहा मोदी कह रहा है भ्रष्टाचार हटाओ, वो कह रहे हैं भ्रष्टाचारी बचाओ।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के नेताओँ के लिए तो पहले दिल्ली का शाही परिवार, अपना परिवार ही सबकुछ है। लेकिन मेरे लिए जनता और भारत ही मेरा परिवार है। उन्होने कहा उत्तराखंड राज्य की बहनों की समस्याओं को देखते हुए हमने घर-घर सस्ता सिलेंडर पहुंचाया। उन्होंने कहा आज उत्तराखंड के 10 में से 9 परिवारों के घर नल से जल आता है। उन्होंने कहा आने वाले 5 साल तक मुफ्त राशन मिलता रहेगा। अस्पताल में मुफ्त इलाज मिलता रहेगा। उत्तराखंड को एम्स की सुविधा मिली है। गांव-गांव अच्छे अस्पताल- आयुष्मान आरोग्य मंदिर बन रहे हैं। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री धामी जी और उनकी सरकार राज्य में मेहनत करके शानदार काम कर रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस विकास और विरासत, दोनों की विरोधी है। उत्तराखंड का कोई निवासी नहीं भूल सकता कि कांग्रेस ने प्रभु राम के अस्तित्व पर सवाल उठाया है। कांग्रेस ने पहले राम मंदिर का विरोध किया और फिर प्राण-प्रतिष्ठा का बहिष्कार किया। उन्होंने कहा कांग्रेस, शक्ति स्वरूपा मां धारी देवी, मां चन्द्रबदनी, मां ज्वाल्पा देवी की शक्ति को खत्म करना चाहती है।उन्होंने कहा उत्तराखंड की संस्कृति की रक्षा करना हम सभी का दायित्व है। ये वही कांग्रेस है जो कहती रही है कि हर की पौड़ी मां गंगा के किनारे पर नहीं, बल्कि एक नहर के किनारे बसी है। कांग्रेस के लोग गंगा जी के अस्तित्व पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा उत्तराखंड के लोग कांग्रेस को सबक सिखाकर रहेंगे। उन्होंने कहा उत्तराखंड, ब्रह्मकमल की धरती है। इस बार जनता के आशीर्वाद से पूरी शान से पंच-कमल खिलने चाहिए। उन्होंने कहा मेरा हर पल जनता को समर्पित है।

प्रधानमंत्री ने कहा टिहरी-गढ़वाल से माला राज्य लक्ष्मी शाह जी, गढ़वाल से अनिल बलूनी जी, और हरिद्वार से त्रिवेंद्र जी को हर बूथ पर विजयी बनाना है। साथ ही उन्होंने सभा में उपस्थित लोगों से गांव में जाकर देवी-देवताओ के मंदिर में उनकी ओर से माथा टेकने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के योगनगरी ऋषिकेश आगमन पर देवभूमि की समस्त जनता की ओर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चौत्र नवरात्रि की तृतीया तिथि को मां चंद्रघंटा की स्तुति हम सब करते हैं, ऐसे पावन दिन देश को बेटी-बचाओं, बेटी-पढ़ाओ का मंत्र देने वाले आदरणीय प्रधानमंत्री जी का सानिध्य हम सभी को प्राप्त हो रहा है, जो हम सभी के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री की प्रेरणा से हमने प्रदेश में नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम आयोजित किए, जिसके माध्यम से प्रदेश की समस्त मातृशक्ति के साथ सीधे संवाद स्थापित करने का सुअवसर प्राप्त हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने जीवन का हर पल हर क्षण भारत मां को आगे बढ़ाने के लिए लगाया है। देश को अपना परिवार मानकर रात दिन थके – रुके बिना लगातार काम किया है। जिसके परिणाम स्वरूप आज भारत हर क्षेत्र में नित नई ऊंचाईयों को छू रहा है। आज का नया भारत आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और समृद्ध है। सामरिक दृष्टि से भी और अधिक सशक्त एवं सुरक्षित है। उन्होंने कहा आदरणीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व वाली सरकार ने 2014 के पश्चात कश्मीर से धारा 370 के खात्मे, अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य एवं दिव्य मंदिर के निर्माण और देश में सीएए लागू करने सहित ऐसेे अनेकों ऐतिहासिक फैसले लिए हैं, जिनकी कल्पना किसी ने की थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए काम कर रही है। केन्द्र सरकार के सहयोग से हम हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर बनाने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पहाड़ों तक रेल पहुंचाने का सपना, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के साथ पूरा हो रहा है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में उत्तराखंड को जी-20 महासम्मेलन की तीन बैठकों का आयोजन रामनगर, नरेन्द्र नगर एवं ऋषिकेश में करने का अवसर प्राप्त हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से विशेष लगाव है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व एवं राज्य की जनता के आशीर्वाद से 2022 विधानसभा चुनाव में पुनः भाजपा की सरकार बनी। उन्होंने कहा जनता से किए वादे अनुसार राज्य में समान नागरिक संहिता विधेयक पास हुआ। उन्होंने कहा राज्य सरकार उत्तराखण्ड में समान नागरिक संहिता लाकर सभी को समान अधिकार देने की बात कर रही है तो वहीं कांग्रेस अपने घोषणा पत्र में मुस्लिम पर्सनल लॉ की बात कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा जिन पार्टियों ने अपने शासनकाल में देश को लूटा, उनसे जवाब मांगने पर वे प्रधानमंत्री को अनाप-शनाप बोल रहे हैं। विपक्षी पार्टियां बौखलाकर अपने स्लीपर सेल को आगे कर रही हैं। उन्होंने कहा अब जातिवाद, वर्गवाद, के चक्कर में नहीं आना है। मोदी जी के नेतृत्व में कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी, तक पूरा देश विकास की दौड़ में आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश विपक्ष की बातों में आने वाला नहीं है क्योकि अब देश जाग चुका है, देश बदल चुका है। आज का नया भारत अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए सजग और संवेदनशील है। उन्होंने कहा देश में इमरजेंसी लगाने वाले, केवल अपने परिवार की ही स्तुति करने वाले, समाज को जातियों में बाँटने वाले, और हर दिन एक नया घोटाला करने वाले लोग आज प्रधानमंत्री जी से परेशान हैं। क्योंकि मोदी जी का मंत्र है ’ना खाऊंगा ना खाने दूंगा’। और यही मोदी जी की गांरटी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में 2014 से 2019 तक का समय देश की आवश्यकताओं को पूर्ण करने का था। 2019 से 2024 तक का समय देश की आकांक्षाओं की पूर्ति करने का था। अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 2024 से 2029 तक का समय भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने के मार्ग को प्रशस्त करने का होगा। मुख्यमंत्री ने कहा उन्हें पूर्ण विश्वास है कि देवभूमि की समस्त देवतुल्य जनता लोकसभा चुनावों में भाजपा को पांचों सीटों पर प्रचंड बहुमत से विजय दिलाकर आदरणीय प्रधानमंत्री जी को तीसरी बार देश का प्रधानमंत्री बनाने में अपना योगदान सुनिश्चित करेगी।

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, हरिद्वार से भाजपा प्रत्याशी त्रिवेंद्र सिंह रावत, गढ़वाल से भाजपा प्रत्याशी अनिल बलूनी, टिहरी से भाजपा प्रत्याशी माला राज्यलक्ष्मी शाह, पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सुरक्षा सुविधाओं के तहत उत्तरखंड को यूपी से मिलेंगे नौ हजार होमगार्ड्स

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने आज वर्चुअल माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आगामी लोकसभा निर्वाचन के सन्दर्भ में आयोजित 9 राज्यों की Inter State Border Coordination Meeting में प्रतिभाग किया। बैठक में सुरक्षा सुविधाओं के दृष्टिगत उत्तराखण्ड राज्य को उत्तर प्रदेश से 9000 होम गार्ड्स उपलब्ध करवाने पर सहमति बनी। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस, वन तथा खनन विभाग की सयुंक्त टीमों द्वारा निगरानी हेतु निर्देश जारी किये गए। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश से उत्तराखण्ड की सीमा से लगते सिरमौर तथा शिमला जिलों में एफएसटी तथा एसएसटी को सक्रिय करने का अनुरोध किया गया।

बैठक में वर्चुअल माध्यम से झारखण्ड, बिहार, दिल्ली, मध्यप्रदेश, छतीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा के मुख्य सचिवों के साथ ही पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार, मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा0 बी वी आर सी पुरूषोत्तम उपस्थित थे।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ली स्टेट आइकॉन के साथ बैठक

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने सचिवालय स्थित वीर चंद्र सिंह गढ़वाली सभागार में आयोजित राज्य के स्टेट आइकॉन के साथ बैठक की।

इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी स्टेट आइकॉन से मतदाता जन-जागरूक कार्यक्रम को और भी व्यापक रूप मतदाताओं तक पहुंचाने के अपील की।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि आगामी 19 अप्रैल को प्रदेश में मतदान होना है, ऐसे में अधिक से अधिक मतदाताओं को मतदान स्थल तक लाने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करना होगा। बैठक में पद्मश्री डॉ. प्रीतम भरतवाण, डॉ. कल्याण सिंह रावत, बसंती बिष्ट एवं डॉ. माधुरी बर्थवाल ने अपने अनुभवों को साझा किया।

इस अवसर पर अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रताप शाह, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तु दास, मुक्ता मिश्रा एवं स्टेट नोडल ऑफिसर (स्वीप) मोहम्मद असलम उपस्थित रहे।

नजरियाः मोटे अनाज से उत्तराखंड के किसानों की बढ़ी रही आय, सर्वे में हुआ खुलासा

देहरादून । भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) काशीपुर की ओर से 2100 से अधिक किसानों पर किए एक अध्ययन से पता चला कि उत्तराखंड में 75 फीसदी किसानों की वार्षिक आय 10 से 20 फीसदी के बीच बढ़ गई है। संस्थान ने कोदो कुटी (मिलेट्स) की फसल के उत्पादन जोर दिया है।आईआईएम में आयोजित कार्यक्रम में चार वरिष्ठ प्रोफेसरों और पांच डेटा संग्राहकों ने छह महीने के अध्ययन- उत्तराखंड में बाजरा उत्पादन, इसके सामाजिक-आर्थिक प्रभाव और विपणन चुनौतियों का एक अनुभवजन्य विश्लेषण, जारी किया। इसमें कहा गया कि राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर बाजरा-आधारित उत्पादों की मांग में वृद्धि हुई है। केंद्र और राज्य सरकार के हालिया प्रयास से बाजार में बाजरा फसलों की मांग बढ़ी है, लेकिन अधिकतर किसान लाभ कमाने के बजाय स्वयं के लिए बाजरा उगा रहे हैं। अध्ययन के मुख्य अन्वेषक, संस्थान के सहायक प्रो. शिवम राय ने बताया कि स्वयं उपभोग के लिए बाजरा उगाने वाले अधिकतर किसान इसे चावल और गेहूं की तरह धन फसल के रूप में उपयोग नहीं कर रहे हैं।

अध्ययन के सह-जांचकर्ता डॉ. दीपक संगरोया, ओपी जिंदल ग्लोबल बिजनेस स्कूल में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गौरव काबरा और बेनेट यूनिवर्सिटी में सहायक प्रोफेसर डॉ. निशांत सिंह हैं। उन्होंने बताया कि इस अध्ययन को भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद की ओर से वित्त मदद दी गई थी। प्रो. राय ने कहा कि बाजरा एक टिकाऊ फसल है जो न केवल पौष्टिक, स्वास्थ्यवर्धक है बल्कि भंडारण में भी आसान है और मिट्टी को नुकसान नहीं पहुंचाती है।

बताया कि सर्वेक्षण के लिए राज्य के प्रमुख पहाड़ी क्षेत्रों पिथौरागढ़, जोशीमठ, रुद्रप्रयाग, चमोली और अन्य से नमूने एकत्रित किए गए। बाजरा को स्थानीय समुदाय के लिए मुख्य भोजन माना जाता है। उधर मुख्य वक्ता जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि के प्रोफेसर डॉ. पुष्पा लोहानी और डॉ. जितेंद्र क्वात्रा ने कहा कि राज्य सरकार ने हाल ही में मडुवे का एमएसपी 35.78 रुपये किग्रा करने की घोषणा की है। किसानों को इसकी जानकारी नहीं है। बताया कि भारत में मिलेट्स उगाने का इतिहास हड़प्पा सभ्यता में मिलता है जो भारत में हरित क्रांति तक जारी रही लेकिन हरित क्रांति के बाद किसान गेहूं-चावल उगाने पर ज्यादा जोर देने लगे और हमने प्राचीन व पौष्टिक भोजन खो दिया। उन्होंने बताया कि हरित क्रांति के बाद बाजरा की खेती का क्षेत्र 40 से घटकर 20 फीसदी रह गया। धारवाड़ में बाजरा किसानों पर कर्नाटक विवि की ओर से किए एक शोध से पता चलता है कि बावजूद इसके किसानों ने मोटे अनाज से अपनी आय में दोगुनी वृद्धि की है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी ज़िलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ ली समीक्षा बैठक

देहरादून। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने सचिवालय में सभी जनपदों के ज़िलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों की वीडियो कॉन्फ़्रेसिंग के माध्यम से निर्वाचन की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक की। बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. पुरुषोत्तम ने सभी जनपदों में सकुशल मतदान संपन्न कराने को लेकर विस्तृत दिशा निर्देश दिए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि प्रदेश में मतदान प्रथम चरण में होना है इस लिहाज से बूथ लेवल तक स्वीप गतिविधियों सहित जागरूकता कार्यक्रमों को और व्यापक स्तर पर चलाया जाए।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि प्रदेश के ऐसे जनपद जो अंतर्राज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं से लगे हैं, उनके चेकपोस्ट पर और भी प्रभावी तरीक़े से निगरानी बढ़ाई जाए। सीईओ ने निर्देश दिए कि इलेक्शन सीज़र मैनेजमेंट सिस्टम (म्ैडै) में सभी एजेंसियां सीज़र रिपोर्ट, इनरसेप्ट रिपोर्ट को ज़िम्मेदारी से भरे ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि की गुंजाइश ना रहे। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जनपदों में स्टैटिक सर्विलांस टीमें विभिन्न माध्यमों से प्राप्त सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए उन पर त्वरित कार्रवाई करें।

बैठक में स्टेट नोडल ऑफिसर (एक्सपेंडिचर एवं मॉनिटरिंग) मनमोहन मैनाली ने जानकारी दी कि प्रदेश में 1 मार्च से 16 मार्च तक 7 करोड़ रुपए से अधिक नकद धनराशि, अवैध शराब, मादक पदार्थ को सीज किया गया है, जिसमें सबसे अधिक मात्रा मादक पदार्थ की है।

इस अवसर पर अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमान ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में फोर्स डेप्लॉयमेंट प्लान तैयार कर दिया गया है। प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में जो शैडो एरिया है वहां संचार व्यवस्था सुचारु करने के लिए जिलों के एसएसपी/एसपी को निर्देशित कर दिया गया है। एडीजी ए.पी. अंशुमान ने बताया कि प्रदेश के दुर्गम इलाकों में ड्रोन कैमरों के जरिए मॉनिटरिंग की जाएगी।

इस अवसर पर अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी नमामि बंसल, प्रताप शाह, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तु दास समेत सभी जनपदों के जिलाधिकारी, एसएसपी/एसपी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।

लोकसभा चुनावः उत्तराखण्ड में पहले चरण में होगा चुनाव

लोकसभा चुनाव को लेकर आज भारतीय निर्वाचन आयोग ने चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया है। उत्तराखंड में पहले चरण में 19 अप्रैल को पांचों सीटों पर मतदान होगा। वहीं, चार जून को मतगणना होगी।

बता दें कि 2019 में भी उत्तराखंड में पहले चरण में ही 11 अप्रैल को वोटिंग हुई थी। तब कुल 57.09 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। यह आंकड़ा वर्ष 2014 लोकसभा चुनाव की तुलना में कम था। नैनीताल संसदीय क्षेत्र में सबसे अधिक 66.39 प्रतिशत और पौड़ी में सबसे कम 48.78 प्रतिशत मतदान हुआ था। जबकि 2014 में 62.15 प्रतिशत मतदान हुआ था।

’भाजपा पांचों सीटों पर घोषित कर चुकी प्रत्याशी’
बता दें कि, उत्तराखंड में पांच लोकसभा सीट हैं। चुनाव के लिए भाजपा पांचों सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। टिहरी गढ़वाल सीट से माला राज्यलक्ष्मी शाह, नैनीताल सीट से अजय भट्ट और अल्मोड़ा सीट से अजय टम्टा को उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं, पौड़ी गढ़वाल सीट पर सांसद व पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी और हरिद्वार से पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत पर दांव लगाया है।

’कांग्रेस तीन सीटों पर घोषित कर चुकी उम्मीदवार’
कांग्रेस ने उत्तराखंड की तीन लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। टिहरी गढ़वाल सीट से जोत सिंह गुनसोला, पौड़ी सीट से गणेश गोदियाल और अल्मोड़ा से प्रदीप टम्टा पर दांव खेला गया है। दो सीटों पर अभी भी सस्पेंस बना है।

’उत्तराखंड में मतदाता’
83,37066 कुल मतदाता
4361360 पुरुष मतदाता
3975134 महिला मतदाता
286 ट्रांसजेंडर मतदाता

गढ़वाल लोकसभा सीट पर सबसे ज्यादा सर्विस मतदाता
टिहरी- 12,876
गढ़वाल- 34,963
अल्मोड़ा- 29,157
नैनीताल- 10,616
हरिद्वार- 5,745

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सबसे बड़े फैसले पर राष्ट्रपति की मुहर

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सबसे बड़े समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पर राष्ट्रपति की मुहर लग गई है। राष्ट्रपति भवन की तरफ से उसकी सूचना शासन को मिल गई है। राज्य सरकार द्वारा इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। अब नियमावली बनते ही उत्तराखंड यूसीसी कानून को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन जायेगा। इधर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधेयक को मंजूरी देने पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आभार जताया है। कहा कि जल्द राज्य में इस कानून को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।
राज्य विधानसभा में 6 फरवरी को देश का सबसे कड़ा यूसीसी कानून लाने के लिए विधयेक को मंजूरी दी गई थी। चूंकि यह विधेयक संविधान के अनुच्छेद 44 के अधीन था, इसलिए इस विधेयक को कानून के रूप में लागू करने के लिए राष्ट्रपति की मंजूरी जरूरी थी। सरकार ने यह विधेयक राज्यपाल को भेजा और राज्यपाल ने संविधान के प्रावधानों के चलते राष्ट्रपति को मंजूरी के लिए भेजा। आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उत्तराखंड सरकार के इस महत्वपूर्ण विधेयक को कानून के रूप में लागू करने पर अपनी मुहर लगा दी है। इसकी सूचना मिलने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ष्हम सभी प्रदेशवासियों के लिए यह अत्यंत हर्ष और गौरव का क्षण है कि हमारी सरकार द्वारा उत्तराखण्ड विधानसभा में पारित समान नागरिक संहिता विधेयक को राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी ने अपनी मंजूरी प्रदान की है। निश्चित तौर पर प्रदेश में समान नागरिक संहिता कानून लागू होने से सभी नागरिकों को समान अधिकार मिलने के साथ ही महिलाओं पर हो रहे उत्पीड़न पर भी लगाम लगेगी। प्रदेश में सामाजिक समानता की सार्थकता को सिद्ध करते हुए समरसता को बढ़ावा देने में यूसीसी कानून अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विजन के अनुरूप हमारी सरकार नागरिकों के हितों के संरक्षण और उत्तराखण्ड के मूल स्वरुप को बनाए रखने के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि जल्द कानून लागू करने के लिए नियामवली को मंजूरी देकर कानून को सख्ती से राज्य में लागू किया जाएगा।

’संकल्प से सिद्धि तक पहुंचा सरकार का निर्णय’

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा चुनाव के दौरान डेढ़ साल पहले जनता के सामने सरकार बनने पर राज्य में यूसीसी (यूनिफॉर्म सिविल कोड) लागू करने का संकल्प लिया था। सरकार बनी तो मुख्यमंत्री धामी ने सबसे पहली कैबिनेट में यूसीसी का प्रस्ताव लाया। इसके बाद कानून विशेषज्ञों की कमेटी गठित कर यूसीसी पर लगातार बैठकें, जनता के सुझाव लेकर 6 फरवरी को विधानसभा में विधेयक पर चर्चा करने के बाद मंजूरी दी। विधानसभा की मंजूरी के बाद बिल राष्ट्रपति की अनुमति को भेजा गया। आज बिल पर राष्ट्रपति ने अपनी मुहर लगा दी है। इससे राज्य सरकार ने फिर राज्य में संकल्प से सिद्धि तक का संदेश दे दिया है।

नागरिकता संशोधन अधिनियमः किसी भारतीय से नागरिकता नहीं छीनता कानून

नागरिकता संशोधन अधिनियम को केंद्र सरकार द्वारा लागू कर दिया गया है। अलबत्ता, कानून को लेकर समुदाय विशेष के लोगों के मन में कुछ भ्रांतियां व मिथक व्याप्त हैं जबकि यह कानून स्पष्ट कहता है की कानून केवल कुछ विदेशियों को नागरिकता प्रदान करने के लिए है, यह किसी भारतीय से नागरिकता छीनता नहीं है। यह उन हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, ईसाई एवं पारसियों को नागरिकता प्रदान करने का मुद्दा है जो उत्पीड़न का सामना करके अपने-अपने देशों से आए हैं।
दीगर है कि भारत के विभाजन की पूर्व संध्या पर, यह आशा की गई थी कि भारत और पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यक नागरिकों को नागरिक अधिकार और सम्मान का जीवन मिलेगा। इसमें धर्म और परंपरा पर उनके अधिकार शामिल थे। हालांकि, अफगानिस्तान, पाकिस्तान या बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा नहीं की गई। ऐतिहासिक नेहरू-लियाकत समझौते को दिल्ली समझौते के रूप में भी जाना जाता है, जिस पर 8 अप्रैल, 1950 को भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों द्वारा हस्ताक्षर किए गए थे। इसमें कहा गया था कि अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों को राजनीतिक या अन्य कार्यालयों में तैनात होने और अपने देश के नागरिक और सशस्त्र बलों में सेवा करने के लिए सार्वजनिक जीवन में भाग लेने का समान अवसर दिया जाएगा। ।

’इसलिए उतपन्न हुई नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) की आवश्यकता’

दिल्ली समझौते में कहा गया कि वे अपनी धार्मिक प्रथाओं का पालन करने के लिए स्वतंत्र होंगे। भारत ने अपना वादा निभाया, लेकिन हमारे पड़ोसी अपने वादे निभाने में विफल रहे। पड़ोसी देशों में अल्पसंख्यकों की जनसंख्या 22 से घटकर 7ः हो गई है। वहीं, भारतीय अल्पसंख्यकों की आबादी 23 से 30 फीसदी तक बढ़ गई है। यह पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में गैर- मुस्लिम अल्पसंख्यकों की कमजोर स्थिति को उजागर करता है। जबकि, भारत में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, सीईसी और सीजेआई जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पदों पर मुस्लिम समुदाय के लोग रहे हैं। लेकिन, तीनों पड़ोसी देश अपने अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों का सम्मान करने में विफल रहे। इसलिए, नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) की आवश्यकता उत्पन्न हुई।

’भारत से सटे तीन देशों के धार्मिक अल्पसंख्यकों की समस्या के समाधान के लिए लाया अधिनियम’

अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश भारत से सटे इस्लामिक मान्यता वाले देश हैं। अफगान संविधान का अनुच्छेद 2 इसे एक इस्लामिक राज्य बनाता है। इसी प्रकार बांग्लादेशी और पाकिस्तानी संविधान भी यही घोषणा करते हैं। भारत-पाकिस्तान की सीमा 3,323 किलोमीटर, भारत-बांग्लादेश की सीमा 4,096 किलोमीटर और भारत-अफगानिस्तान की सीमा 106 किलोमीटर है। हमारी भौगोलिक सीमा से सटे तीनों देशों की कानूनी व्याख्या अलग-अलग हो सकती है लेकिन ये एक तरह से इस्लामिक राज्य हैं। किसी भी इस्लामी राज्य/गणराज्य में रहने वाले मुसलमानों पर किसी भी धार्मिक आधार पर अत्याचार की उम्मीद नहीं की जा सकती। हालांकि, उस राज्य के गैर-मुस्लिम अल्पसंख्यकों के बारे में ऐसा नहीं कहा जा सकता है। यह अधिनियम भारत की भूमि सीमा से सटे इन तीन देशों के धार्मिक अल्पसंख्यकों की समस्या के समाधान के लिए लाया गया है। सीएए इन धार्मिक अल्पसंख्यकों को उनके सभी पिछले दस्तावेजों को नजरअंदाज करके नागरिकता देकर इन सभी देशों में किए गए धार्मिक उत्पीडन को खत्म कर रहा है।

’अतीत में नहीं उठाया गया कोई सवाल’

आंकड़ों से पता चलता है कि 2019 में समाप्त होने वाली 5 साल की अवधि में अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश से 560 से अधिक मुस्लिम शरणार्थी भारत आए हैं। इसलिए, यह नहीं कहा जा सकता कि भारतीय कानून धर्म के आधार पर भेदभाव करता है। इसके अलावा, नागरिकता संशोधन अधिनियम स्थायी समिति, संयुक्त समिति आदि से होकर गुजरा था, जिससे लोकतांत्रिक संसदीय प्रक्रिया का सम्मान हुआ। अतीत में भी, युगांडा और श्रीलंकाई शरणार्थियों को नागरिकता देने के भारत के संप्रभु निर्णय पर धार्मिक आधार पर कोई सवाल नहीं उठाया गया था, न ही 1971 में, जब बांग्लादेशी शरणार्थियों को नागरिकता दी गई थी, तब कोई सवाल उठाया गया था। सीएए द्वारा संहिताबद्ध किए जाने वाले ऐसे मानवीय कार्यों पर अब ऐसे सवाल नहीं उठाए जाने चाहिए।

’कानून अल्पसंख्यकों, खासकर मुस्लिम समुदाय के खिलाफ नहीं’

यह गलत धारणा है कि यह कानून अल्पसंख्यकों, खासकर मुस्लिम समुदाय के खिलाफ है। हालाँकि, इस देश के मुसलमानों के लिए चिंता का सवाल नहीं होना चाहिए, क्योंकि वे नागरिक हैं और बने रहेंगे, उन्हें कोई परेशान नहीं कर सकता। सीएए एक प्रासंगिक प्रश्न कि, ष्क्या भारत द्वारा दुनिया में कहीं से भी किसी भी अवैध मुस्लिम प्रवासी को नागरिकता दी जानी चाहिए?ष् का नकारात्मक उत्तर देता है । सीएए उन विशिष्ट वर्गों के लिए है, जिनके पास अपने धर्मों के लिए अनुकूल माहौल नहीं है और वे अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश तीन देशों में प्रताड़ित हो रहे हैं।

’भारतीय संविधान की भावना का प्रतीक है सीएए’

सीएए भारतीय संविधान की भावना का प्रतीक है। इसलिए भारतीय मुसलमानों को डरने की कोई जरूरत नहीं है। इस कानून से किसी भी अल्पसंख्यक, खासकर मुस्लिम भाई-बहनों को कोई नुकसान नहीं होता है, क्योंकि यह कानून केवल कुछ विदेशियों को नागरिकता देता है, किसी भारतीय से नागरिकता छीनता नहीं है। किसी की नागरिकता छीनने का सवाल ही नहीं उठता। यह उन हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, ईसाई और पारसियों को नागरिकता देने का मुद्दा है जो उत्पीड़न का सामना करके अपने-अपने देशों से आए हैं। अधिनियम के तहत, नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 2(1)(बी) में प्रावधान है कि जो प्रवासी बिना पासपोर्ट, वीजा और यात्रा दस्तावेजों के भारत आते हैं, या जिनके पासपोर्ट और वीजा की अवधि समाप्त हो चुकी है, उन्हें अवैध प्रवासी माना जाता है। लेकिन अब, 06 श्रेणियों, अर्थात् हिंदू, सिख, जैन, पारसी, बौद्ध और ईसाई, जो तीन देशों अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश से आते हैं, को अवैध प्रवासी नहीं माना जाएगा। नागरिकता अधिनियम की एक नई धारा 6 (बी) में प्रस्ताव है कि यदि धार्मिक उत्पीड़न के शिकार लोग निर्दिष्ट शर्तों को अपनाकर अपना पंजीकरण कराते हैं, तो वे नागरिकता प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा, यदि ऐसे प्रवासी नागरिकता अधिनियम 1955 की धारा 5 या तीसरी अनुसूची की शर्तों को पूरा करने के बाद नागरिकता प्राप्त करते हैं, तो उन्हें उस तारीख से नागरिकता दी जाएगी जिस दिन वे भारत में आए थे। कई शरणार्थी 31 दिसंबर 2014 से पहले आए हैं, उन सभी को उनके आने की तारीख से नागरिकता मिल जाएगी।

सीएम ने ऊर्जा विभाग की प्रदेश में प्रिपेड मीटर योजना का किया शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 17 विभागों की 8275.51 करोड़ की 122 विभिन्न योजनाओं का डिजिटल माध्यम से लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इसमें 11 विभागों की 1048.15 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण एवं 15 विभागों की 7227.36 करोड़ की विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग की 2027 करोड़ की प्रिपेड मीटर योजना का भी शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों को टूल किट का भी वितरण किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को सचिव ऊर्जा एवं एमडी पिटकुल श्री पी.सी. ध्यानी द्वारा 05 करोड़ का लाभांश का चेक भी प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न उद्यमियों को सौर ऊर्जा परियोजनाओं के आवंटन पत्र के साथ ही मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के व्यक्तिगत लाभार्थियों के आवंटन पत्र भी प्रदान किये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ बनाना है। जिसका असर भी देखने को मिल रहा है। आज का यह कार्यक्रम हमारी विकास नीति का एक उत्तम उदाहरण है, जिसमें 8000 करोड़ रूपए से भी अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है। विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े ये सभी विकास कार्य उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाएंगे।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश का चहूंमुखी विकास सुनिश्चित करने के लिए “विकल्प रहित संकल्प“ के मूल मंत्र के साथ काम कर रही है। अभी कल ही मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के लगभग 226 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास किया है। पिछले दो महीनों में टनकपुर में 2215 करोड,़ हरिद्वार में 5868 करोड़, चंपावत में 161 करोड़, अल्मोड़ा में 117 करोड़, पौड़ी गढ़वाल में 828 करोड़ और रुद्रप्रयाग में 456 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया गया। इस प्रकार पिछले दो महीने में ही 18,000 करोड़ रूपए से अधिक की योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है। कार्य यह दर्शाते हैं कि हम उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए कितनी तेजी के साथ विकास नीति पर आगे बढ़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आज के इस कार्यक्रम में सड़क, स्वास्थ्य, पेयजल, सिंचाई, आवास और ग्राम्य विकास से जुड़े करोड़ों के विकास कार्यों से प्रदेश का वर्तमान बेहतर होगा। जबकि बड़े-बड़े शिक्षण संस्थान, पॉलिटेक्निक कॉलेज, स्पोर्ट्स स्डेडियम, ऊर्जा, डेयरी और पर्यटन से जुड़े करोड़ों के विकास कार्य आने वाले भविष्य में उत्तराखंड को सक्षम, मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने में मददगार होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि के मंत्र से नई कार्य संस्कृति का वातावरण बना है। जिससे लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार हुआ है। हमारा काम बोले इसका भी हमारा प्रयास रहता है। मातृशक्ति एवं नौजवानों को रोजगार, स्वरोजगार के लिये नियोजन से जोडा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि है, प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बताया है। उत्तराखण्ड में रेल, हवाई एवं सड़क यातायात को प्रभावी बनाया गया है। टनकपुर से भी अब देहरादून के लिये ट्रेन संचालित हो गयी है। अयोध्या सहित अन्य स्थानों के लिये भी ट्रेन की सुविधा मिल रही है। पिछले वर्ष चारधाम यात्रा में 56 लाख श्रद्धालु आये जबकि पूर्णांगिरी मेले में भी 50 लाख लोग आये। प्रदेश में पर्षभर धार्मिक पर्यटन का संचालन हो इसके प्रयास हो रहे है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य प्रदेश की जी.एस.डी.पी. को 05 वर्षों में दुगना करने का है। प्रत्येक जिलों में 2025 तक बेस्ट प्रेक्टिस व नवाचार के रूप में क्या पहल हो सकती है इसकी भी कार्य योजना बन रही है। राज्य में जी.एस.टी. संग्रहण 23 प्रतिशत पहुंच गया है। जबकि प्रतिवर्ष लिये जाने वाले ऋण की धनराशि में कमी आयी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में आज भारत विकास की एक अभूतपूर्व गाथा लिख रहा है। 2014 के पहले के भारत में और अब के भारत में जमीन आसमान का अंतर साफ-साफ दिखता है। मोदी जी ने हर वर्ग के लिए कल्याणकारी योजनाएं शुरु कीं। किसान से लेकर जवान तक और शहर से लेकर गांव तक हर वर्ग और क्षेत्र के लिए मोदी सरकार लगातार काम कर रही है।

प्रधानमंत्री जी का उत्तराखंड से विशेष प्रेम किसी से छुपा नहीं है, देवभूमि उत्तराखंड उनके हृदय में बसता है और उत्तराखंड के चहुंमुखी विकास में केंद्र सरकार हर तरह से मदद कर रही है। आज जिन कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है उनमें कई कार्य केंद्र सरकार द्वारा की गई सहायता से पूरे किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी के मार्गदर्शन में एक तरफ जहां हम विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चला रहा हैं वहीं दूसरी तरफ प्रदेश के हित में कई अभूतपूर्व और कड़े फैसले भी लिए हैं।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता लेकर आयी। इस संहित के लागू हो जाने से विशेषकर हमारी मुस्लिम बहन बेटियों को कई तरह से उत्पीड़न से मुक्ति मिलेगी। उन्हें बहुत सारी मुस्लिम बहनें इस संहिता को लागू करने के लिए धन्यवाद देती हैं। अभी पिछले दिनों उधमसिंह नगर में नजूल भूमि पर पट्टा वितरित करने के कार्यक्रम में वहां भी मुस्लिम बहनों के एक ग्रुप ने यूसीसी लागू करने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। हमनें प्रदेश में देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून लागू किया, इसमें पेपरलीक जैसी घटनाओं पर लगाम लग चुकी है और सभी परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित की जा रही हैं। ऐसे ही हमनें लैंड जिहाद के खिलाफ मुहिम चलाई और 5000 एकड़ से अधिक की सरकारी जमीन से अवैध कब्जों को खाली करवाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विकास के कार्य जितने जरूरी हैं उतना ही जरूरी प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर को मेनटेन रखना होता है। हमनें पुलिस प्रशासन को इस बात के लिए खुली छूट दी है कि अगर कोई भी व्यक्ति देवभूमि उत्तराखंड में अशांति फैलाने की कोशिश करे तो उसपर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। पिछले दिनों बनभूलपुरा में कुछ असमाजिक तत्वों ने दंगे की स्थिति पैदा करने की कोशिश की, पुलिस ने एक-एक को चिन्हित करके जेल के सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है, उसके मुख्य दंगाई की संपत्ति कुर्क कर दी गई है। और इतना ही नहीं, हमनें कानून बना दिया है कि अब अगर किसी ने दंगा या तोड़फोड़ करने की कोशिश की तो उसके नुकसान की पूरी भरपाई दंगाइयों से ही की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमनें उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने का जो संकल्प लिया है, उस पर हम लगातार आगे बढ़ रहे हैं। आज जिन कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है उससे निश्चित ही उत्तराखंड के विकास को एक नई पहचान मिलेगी।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल, धन सिंह रावत, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने भी अपने विचार रखे। सचिव नियोजन आर. मीनाक्षी सुन्दरम द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

इस अवसर पर सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, विधायक विनोद चमोली, सरिता आर्या, दुर्गेश्वर लाल, शक्ति लाल शाह, मोहन सिंह बिष्ट, संजय डोभाल, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशू, शैलेश बगोली, सचिन कुर्वे, डॉ. आर. राजेश कुमार, अपर सचिव रणवीर सिंह चौहान सहित अन्य उच्चाधिकारी एवं बड़ी संख्या में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थी आदि उपस्थित थे।