चारधाम यात्राः स्वास्थ्य विभाग द्वारा जगह-जगह पर श्रद्धालुओं की हेल्थ स्क्रीनिंग की जाएगी

सीएस राधा रतूड़ी ने जानकारी दी है कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने हेतु स्वास्थ्य विभाग, विश फाउण्डेशन तथा हंस फाउण्डेशन ने ई-स्वास्थ्य धाम एप की शुरूआत की है। ई-स्वास्थ्य धाम एप पर सभी श्रद्धालुओं को अपना स्वास्थय डाटा अपलोड करना है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जगह-जगह पर श्रद्धालुओं की हेल्थ स्क्रीनिंग की जाएगी। इन स्क्रीनिंग पॉइन्ट्स पर स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों के साथ ही हंस एवं विश फाउण्डेशन के चिकित्सक भी मौजूद रहेंगे। विशेष रूप से 50 वर्ष से अधिक आयु के यात्रियों की हेल्थ स्क्रीनिंग अनिवार्य रूप से की जाएगी।

सचिवालय में स्वास्थ्य एवं पर्यटन विभाग की बैठक के दौरान मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने स्वास्थ्य एवं पर्यटन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को अपनी मेडिकल हिस्ट्री की जानकारी रजिस्ट्रेशन के दौरान देने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। इसमें मीडिया की अत्यन्त महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्य सचिव ने कहा कि यदि श्रद्धालुओं द्वारा अपनी बिल्कुल सही मेडिकल हिस्ट्री रजिस्ट्रेशन के दौरान उपलब्ध करवाई जाती है तो इससे प्रशासन को किसी भी आपातकाल के दौरान श्रद्धालुओं को चिकित्सा सहायता पहुंचाने में आसानी होगी। यात्रियों की मेडिकल हिस्ट्री की उपलब्धता से प्रशासन को भी अपने चिकित्सा संसाधनों के बेहतरीन प्रबन्धन में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम चारधाम यात्रा करवाने के लिए प्रतिबद्ध है।

बैठक में सचिव सचिन कुर्वे, अपर सचिव डा. अमनदीप कौर सहित अन्य अधिकारी एवं वर्चुअल माध्यम से जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।

चीन में उत्तराखंड के अंगद ने भारत का नाम किया रोशन

उत्तराखंड के अंगद बिष्ट की फुर्ती, मुक्कों और गजब के कुश्ती कौशल का दुनिया लोहा मान रही है। मिक्स् मार्शल आर्ट्स में अंगद बिष्ट रोज नए कीर्तिमान रच रहे हैं। बीते रविवार को एक बार एंगद की धमक दुनिया ने देखी जब उन्होंने चीन में आयोजित रोड टु यूएफसी के मुकाबले में फिलीपींस के जॉन अल्मांजा को हराकर रोड टू यूएफसी के सेमीफाइन में प्रवेश किया।

रोड टू यूएफसी मिक्स मार्शल आर्ट की ऐसी चौंपियनशिप है जिसमें एशिया के टॉप एथलीट भाग लेते हैं। और अपने प्रतिद्वंदियों को मात देकर फाइनल में जाते हैं। फाइनल जीतने वाला रेसलर दुनिया की सबसे खतरनाक मिक्स मार्शल आर्ट प्रतियोगिता यूएफसी (अल्टीमेट फाइटिंग चौंपियनशिप) के लिए क्वालिफाई करते हैं।

रविवार को फ्लाइवेट कैटेगरी में जैसी ही क्वाटरफाइनल मुकाबला शुरू हुआ अंगद बिष्ट ने विरोधी पर ताबड़तोड़ पंच बरसाना शुरू कर दिए। अंगद की फुर्ती और रौब के आगे विरोधी टिक नहीं सका औऱ बुरी तरह पिट गया। इसे देखते हुए रेफरी ने टेक्निकल नॉक आउट (ज्ज्ञव्) पद्धति से फैसला अंगद के पक्ष में दिया। आपको बता दें कि जब रेफरी को लगता है कि एक पहलवान के आगे दूसरा पहलवान कहीं नहीं टिक पा रहा और उसकी जान को भी खतरा हो सकता है, ऐसी स्थिति में ज्ज्ञव् से फैसला दिया जाता है। सेमीफाइनल मुकाबले में अंगद का मुकाबला कोरिया के रेसलर चाइ डोंग हून से होगा।

अंगद की जीत पर उनके गृह जनपद रुद्रप्रयाग में खुशियों का माहौल है। प्रदेशभर से सोशल मीडिया पर अंगद को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई मिल रही है।

अंगद बिष्ट मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में उत्तराखंड के युवाओं को प्रतिभाशाली बनाने के लिए देहरादून में म्यूटेंट एम.एम.ए. एकेडमी चलाते हैं। अंगद से कोचिंग लेने देशभर के फाइटर देहरादून आ रहे हैं। वह महिला फाइटरों को भी कोचिंग दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहाड़ के युवाओं का स्टेमिना और बॉडी स्ट्रक्चर काफी मजबूत होता है, बस जरूरत है तो उन्हें अच्छी कोचिंग की, जो प्रयास उनकी तरफ से पिछले किया जा रहा है।

मशीन में यात्री अपनी क्यूआर कोड वाली बोतल जमा कर दस रुपये कर सकते हैं प्राप्त

प्लास्टिक फ्री श्री केदारनाथ धाम की मुहीम के अंतर्गत जिला प्रशासन ने निजी संस्था के सहयोग से इस बार यात्रा मार्ग पर दो प्लास्टिक वेंडिंग मशीन स्थापित की हैं। एक मशीन गौरीकुंड जबकि दूसरी केदारनाथ धाम परिसर में स्थापित की गई है। इस मशीन में यात्री अपनी क्यूआर कोड वाली बोतल जमा कर दस रुपये रिफंड प्राप्त कर सकते हैं। यह रिफ़ंड डिजिटल माध्यम से यूपीआई के ज़रिये प्राप्त हो सकेगा।

श्री केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग में स्वच्छता बनाने एवं पर्यावरण की दृष्टि से जिला प्रशासन की ओर से अभिनव पहल की गई है। दरसअल, यहां पर यात्रा मार्ग में दो स्थानों पर प्लास्टिक वेंडिंग मशीन स्थापित की गई है। गत वर्ष ट्रायल के रूप में एक मशीन धाम के यात्रा मार्ग पर लगाई गई थी जिसे अब आगे बढ़ाते हुए यात्रा मार्ग पर इस बार दो प्लास्टिक वेंडिंग मशीन लगाई गई हैं। उपजिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल शुक्ला ने बताया कि गौरीकुंड के अलावा केदारनाथ धाम परिसर में यह मशीनें लगाई गई हैं। यह पहल श्छोटा कदम बड़ा बदलावश् की थीम पर की जा रही है। यात्रा मार्ग पर स्थापित प्लास्टिक वेंडिंग मशीनों में कोई भी यात्री अपनी क्यूआर कोड वाली बोतल लेकर जा सकता है और इसे मशीन में जमा करने पर दस रुपए यूपीआई में रिफंड हो जाएंगे।

प्रभारी मंत्री अग्रवाल ने कहा, धाम से कोई भी श्रद्धालु बिना दर्शन वापस न लौटे

कैबिनेट व उत्तरकाशी जनपद के प्रभारी मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के संबंध में स्थानीय प्रशासन से वार्ता की है। डॉ अग्रवाल ने स्थानीय प्रशासन से कहा है कि यात्रा व्यवस्थित रहे इसके लिए कोई भी श्रद्धालु बिना दर्शन कर वापस न जाए, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। बता दें कि मुख्यमंत्री के सचिव मीनाक्षी सुंदरम भी वहां कैंप किए हुए हैं।

गुरुवार को प्रेस में जारी एक बयान में डॉ अग्रवाल ने बताया कि उनके प्रभारी जनपद उत्तरकाशी के पवित्र धाम गंगोत्री और यमुनोत्री में पिछले दिनों श्रद्धालुओं के बिना दर्शन कर लौटने की जानकारी मिली। जिसका संज्ञान लेते हुए डॉ अग्रवाल ने स्थानीय प्रशासन से वार्ता की है।

डॉ अग्रवाल ने कहा है कि चार धाम यात्रा अपने चरम पर है। ऐसे में किसी भी श्रद्धालु को बिना दर्शन कर लौटने न दिया जाए। व्यवस्थाओं में सभी लोग अपना सहयोग दें इसके लिए डॉक्टर अग्रवाल ने यात्रा पर आ रहे श्रद्धालुओं से भी आग्रह किया है।

वही स्थानीय प्रशासन ने डॉ अग्रवाल को बताया कि यात्रा सुचारू रूप से चल रही है इसके क्रम में मार्ग वन-वे किया गया है। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में अव्यवस्था न फैले, इसके लिए गाड़ियों में सवार श्रद्धालुओं को भंडारा आदि की व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है।

विदेशी महिला सिमोना ने केदारनाथ गुफा में साधना कर बनाया रिकॉर्ड

केदारनाथ धाम देश ही नही दुनियाभर के शिवभक्तों की आस्था का केंद्र है। केदारनाथ मंदिर के ऊपर गरुड़चट्टी में बनी जिस गुफा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साधना की थी, वो अब देश के ही नहीं, विदेशी भक्तों के लिए भी ध्यान साधना का प्रमुख केंद्र बन रही है। इसी कड़ी में अमेरिकी नागरिक सिमोना स्टेंस बीते दिनों केदारनाथ धाम पहुंची और ध्यान गुफा में दो दिन तक साधना की। इस गुफा में साधना करने वाली वो पहली विदेशी शिवभक्त हैं।

जानकारी के अनुसार अमेरिका की सिमोना स्टेंस गौरीकुंड से पैदल ही 19 किमी की दूरी तय कर केदारनाथ धाम पहुंची थी। सिमोना पहली बार केदारनाथ धाम पहुंची और यहां पहुंचने के बाद वे सीधे ध्यान गुफा गईं। सिमोना ने इस ध्यान गुफा में साधना के लिए ऑनलाइन बुकिंग कराई थी।ध्यान साधना के बाद सिमोना काफी खुश नजर आई। उनके मुताबिक भगवान शिव की भूमि में आकर उन्हें अपार शांति की अनुभूति हुई है। शिमोना ने कहा 19 किमी की खड़ी पैदल यात्रा करने के बाद जो दृश्य सामने नजर आता, उससे मन में शिव के प्रति एक भाव जागृत होता है। शिमोना ने कहा कि केदारनाथ धाम में साक्षात शिव का वास है। उन्होंने बताया कि ध्यान गुफा में दो दिनों तक रहकर ऊं नमः शिवाय मंत्र का निरंतर जाप किया।

गढ़वाल मंडल विकास निगम के मुताबिक इस ध्यान गुफा के लिए जून महीने तक की बुकिंग फुल हो चुकी है। ध्यान गुफा में पहुंचने वाले साधकों के लिए सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। जहां ध्यान करने के लिए प्रति व्यक्ति 3500 रुपए किराया एक रात का चुकाना होता है। गढ़वाल मंडल विकास निगम की वेबसाइट https://gmvnonline.com पर जाकर इसके लिए बुकिंग करवा सकते हैं।

सरकार ने चारधाम यात्रा में मंदिर के 50 मीटर पर रील्स बनाने पर लगाया प्रतिबंध


उत्तराखंड में चारधाम यात्रा ने यात्रियों के सभी रिकॉर्ड्स तोड़ दिए हैं। अभी तक 25 लाख से ज्यादा श्रद्धालु इस यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। हालांकि, इस दौरान सोशल मीडिया पर चारधाम यात्रा से जुड़े कुछ रील्स लगातार शेयर किए जा रहे हैं। इसके बाद कई यूजर्स ने इस पर आपत्ति जताई थी। अब उत्तराखंड सरकार ने अहम फैसला लेते हुए चारधाम यात्रा के दौरान मंदिर परिसर के 50 मीटर के दायरे पर वीडियोग्राफी और रील्स पर प्रतिबंध लगा दिया है।

चारधाम यात्रा में रजिस्ट्रेशन के बाद निर्धारित तिथि पर ही दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि सुरक्षित और सुगम चारधाम यात्रा के लिए शासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी सड़क मार्ग से ग्राउंड जीरो पर यात्रा व्यवस्थाओं को देंखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता चारधाम यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षा है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि उनको चारधाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन के अनुसार जो तिथि मिली है, उसके अनुसार ही दर्शन के लिए आयें। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से स्वास्थ्य परीक्षण और मौसम का पूर्वानुमान देखने के बाद ही चारधाम यात्रा पर आने के लिए अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है कि चारधाम यात्रा भी सुरक्षित हो और सभी श्रद्धालु भी स्वस्थ और सुरक्षित हों। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि चारो धामों में 31 मई तक वीआईपी दर्शन की व्यवस्था स्थगित रखी जाय।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए चारों धामों में प्रतिदिन के लिए जो क्षमता निर्धारित की गई है, उसके अनुसार ही दर्शन के लिए भेजे जाएं। रजिस्ट्रेशन की व्यवस्थाओं को और मजबूत बनाया जाए। श्रद्धालुओं का चार धाम यात्रा हेतु रजिस्ट्रेशन होने पर ही चेक प्वाइंट से आगे जाने दें। परिवहन विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग को संयुक्त रूप से चेक पोस्ट पर चेकिंग करने के निर्देश दिए। आगामी तीन दिनों तक ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन रोक दिए जाय। यह सुनिश्चित हो कि चार धाम यात्रा नियमों के अनुरूप ही चले। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि चार धाम के सभी मार्गों के एंट्री प्वाइंट एवं विकास नगर, यमुना पुल क्षेत्र, धनौल्टी, सुवाखोली में भी सख्ती से चेकिंग की व्यवस्था सुनिश्चित हो। इन स्थलों पर यात्रियों की सुविधा का भी पूरा ध्यान रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं से सबंधित सभी जानकारियां लोगों तक स्पष्ट रूप से जाए इसके लिए शासन के वरिष्ठ अधिकारी प्रतिदिन मीडिया ब्रीफिंग करें। यात्रा से संबंधित सभी जानकारियां आमजन तक पहुंचाने के लिए मीडिया को उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये है कि चारधाम यात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन और यात्रा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिये कि वे यातायात प्रबंधन और भीड़ प्रबंधन के लिए स्वयं स्थलीय निरीक्षण करें और चारों धामों में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी दी जाय। सभी अधिकारि सहयोगी के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा प्रदेश की लाईफ लाईन है। यह यात्रा राज्य की आर्थिकी से भी जुड़ी है। जिस तेजी से चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हो रही है, हम सबका दायित्व है कि यात्रा को सुगम और सरल बनाने में सभी मिलकर सहयोगी बनें। व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने में राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा मार्गों से जुड़े सभी जनपद यात्रा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए समन्वय के साथ कार्य करें। मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं से अपेक्षा की है कि देवभूमि उत्तराखण्ड के इन धामों की धार्मिक यात्रा में स्वस्थ मानकों के अनुसरण पर भी ध्यान दें।

मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा से जुड़े जनपदों रूप्रदप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी के जिलाधिकारियों से वर्चुअल माध्यम से चारधाम यात्रा से सबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी ली और शासन स्तर से चारधाम यात्रा के दृष्टिगत सबंधित जिलाधिकारियों को जो भी सहयोग की आवश्यकता है, उसके बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने शासन और पुलिस के अधिकारियों को निर्देश दिये कि चारधाम यात्रा से सबंधित जो भी आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए जिला प्रशासन से अनुरोध किया जाता है, उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए।

बैठक में राज्य आपदा प्रबंधन के उपाध्यक्ष विनय रोहिला, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, डीजीपी अभिनव कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, अरविन्द सिंह ह्यांकी, सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, सचिव एवं गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पाण्डेय, विशेष सचिव रिद्धिम अग्रवाल, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी एवं वर्चुअल माध्यम से चारधाम यात्रा से सबंधित जिलों के जिलाधिकारी और एसपी उपस्थित थे।

चारधाम यात्रा का दुष्प्रचार करने वालों पर होगी एफआईआर

चारधाम यात्रा का दुष्प्रचार करने वाले तथा यात्रा के सम्बन्ध में फेक न्यूज या विडियो बनाने वालों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्यवाही के निर्देश देते हुए सचिवालय में चारधाम यात्रा प्रबन्धन की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने स्पष्ट किया है कि फेक न्यूज या वीडियों के माध्यम से यात्रा को बदनाम करने वाले तत्वों के विरूद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। बिना रजिस्ट्रेशन एवं ट्रिप कार्ड या पोस्ट डेटेड रजिस्ट्रेशन की बसों एवं गाड़ियों के यात्रामार्ग पर संचालन पर कड़ा रूख अपनाते हुए सीएस रतूड़ी ने ऐसे बिना रजिस्ट्रेशन की बसों व गाड़ियों को तत्काल रोकने तथा वापस भेजने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग को टूर ऑपरेटर्स के साथ बिना रजिस्ट्रेशन, बिना ट्रिप कार्ड या पोस्ट डेटेड रजिस्ट्रेशन के वाहनों के मुद्दे पर बैठक करने निर्देश दिए हैं। बिना रजिस्ट्रेशन वाले वाहनों को जगह-जगह पर स्थापित चेक पॉइन्टस पर चिन्हित कर उचित कार्यवाही की जाएगी। इस सम्बन्ध में मुख्य सचिव द्वारा अन्य राज्यों के मुख्य सचिवों एवं पुलिस महानिदेशकों को भी पत्र भेजा जाएगा।

श्रद्धालुओं की समस्याओं के मौके पर ही त्वरित निवारण के दृष्टिगत मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने अधिकारियों को अपने मोबाइल पर प्राप्त किसी भी श्रद्धालु की शिकायत पर तत्काल उचित कार्यवाही के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को अपने मोबाइल 24 घण्टे खुले रखने तथा यात्रा से सम्बन्धित शिकायतों को अनिवार्यत सुनने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

चारधाम यात्रा के कुशल प्रबन्धन हेतु जिलों में तैनात प्रभारी सचिवों की स्थिति को स्पष्ट करते हुए सीएस रतूड़ी ने कहा है कि प्रभारी सचिव द्वारा सचिवालय से ही जिला प्रशासन एवं जिलाधिकारी आदि के माध्यम से नियमित रूप से यात्रा की मॉनिटरिंग की जाएगी तथा सचिवालय एवं जिला प्रशासन के मध्य प्रभावी समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा।

धामों में बेहतरीन क्राउड मेनेजमेंट एवं यात्रामार्ग पर टै्रफिक मेनेजमेंट के दृष्टिगत सीएस राधा रतूड़ी ने यात्रामार्ग पर श्रद्धालुओं के सुविधा हेतु जगह-जगह स्थापित हॉल्डिंग प्लेस पर पेयजल, शौचालय तथा भोजन आदि सभी आवश्यक सुविधाएं एवं धामों के लाइव टेलीकास्ट की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने विशेषकर ऋषिकेश नगर निगम को अपने हॉल्डिंग प्लेस में यात्रियों हेतु बेहतरीन सुविधाओं की तत्काल व्यवस्था के निर्देश दिए हैं।

चारधाम यात्रा पर आने वाले कुछ श्रद्धालुओं द्वारा रजिस्ट्रेशन के दौरान अपनी मेडिकल हिस्ट्री की जानकारी ना देने या गलत जानकारी देने के मामलों को गम्भीरता से लेते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी स्वास्थ्य विभाग को नियमों का कड़ाई से पालन करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने 50 वर्ष से अधिक उम्र के यात्रियों की हेल्थ स्क्रीनिंग पर विशेष फोकस करने के सख्त निर्देश दिए हैं। सचिव स्वास्थ्य ने जानकारी दी कि इस बार यात्रा रूट पर 184 चिकित्सकों की तैनाती की गई है। इनमें 44 स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स हैं। इस बार श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में कैथ लेब शुरू की गई हैं। कुल 11 भाषाओं में यात्रा सम्बन्धित एसओपी जारी की गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य जांच से लेकर तमाम सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।

बैठक में पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, कमीशनर गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, सचिव अरविन्द सिंह हयांकी, सचिन कुर्वे, दिलीप जावलकर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को देश की राजधानी में मिलेगा बाजार

उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों की प्रोसेसिंग/पैकेजिंग/ ब्रान्डिग हेतु सबसे बड़े अम्ब्रेला ब्रान्ड के रूप में उभर रहे हाउस ऑफ हिमालय के स्टोर जल्द ही नई दिल्ली के कनॉट प्लेस व अन्य मुख्य स्थानों में खोले जाने की योजना पर कार्य किया जा रहा है।

एनडीएमसी ने इस सम्बन्ध में सहमति दे दी है। हाउस ऑफ हिमालया के कार्याे को गति देने हेतु मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने हाउस ऑफ हिमालया से सम्बन्धित विभागों के साथ नियमित रूप से प्रत्येक माह समीक्षा बैठक का निर्णय लिया है। हाउस ऑफ हिमालया के तहत मांग के अनुरूप पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु सीएस ने महिला स्वयं सहायता समूहों एवं स्थानीय लोगों से अधिकाधिक स्थानीय उत्पादों की खरीद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में आज सचिवालय में हाउस ऑफ हिमालया की प्रथम बोर्ड मीटिंग सम्पन्न हुई। सीएस ने बैठक के एजेण्डा पर विस्तृत चर्चा के बाद इस पर सहमति प्रदान की।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि उत्तराखण्ड के विभिन्न विभागों की परियोजनाओं/पहल के माध्यम से प्रचलित उनके सभी ब्राण्ड्स को अम्ब्रेला ब्राण्ड के तहत लाए जाने, स्थानीय उत्पादों की पहुंच बढ़ाने, गुणवत्ता, माननीकृत पैकंजिंग, ब्राण्डिंग एवं विपणन करने में हाउस ऑफ हिमालया ग्लोबल प्लेटफॉर्म साबित होगा। महिला स्वयं सहायता समूहों माध्यम से स्थानीय उत्पादों की खरीद से राज्य में महिला सशक्तीकरण का एक नया अध्याय आरम्भ होगा। मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने कहा कि राज्य स्तर पर हाउस ऑफ हिमालया के रूप में कम्पनी के गठन से स्थानीय हितधारकों, स्वयं सहायता समूहों, किसानों व स्थानीय उत्पादकों की आजीविका संवर्द्धन कर उन्हें उनकी फसलों व उत्पादों का बेहतर मूल्य प्राप्त होगा।

बैठक में सचिव राधिका झा, अपर सचिव मनुज गोयल, निकिता खण्डेलवाल एवं अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।

महाराष्ट्र के पालघर से लोकसभा प्रत्याशी के समर्थन में आयोजित जनसभा को सीएम ने किया संबोधित

महाराष्ट्र के पालघर से भारतीय जनता पार्टी के लोकसभा प्रत्याशी डॉ हेमंत विष्णु सवरा जी के समर्थन में आयोजित जनसभा में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग करते हुए कहा कि उत्तराखंड के जो लोग यहां रह रहे हैं, उन्होंने यहां भी अपनी विरासत को संजो कर रखा हुआ है। उन्होंने कहा कि हमारी उत्तराखंडी टोपी को पहचान दिलाने का कार्य प्रधानमंत्री ने किया है। यहां आकर भी मुझे ऐसा एहसास हो रहा है कि मैं उत्तराखंड में हूँ। उन्होंने कहा कि आज हमें प्रण लेना है कि 20 मई तक हमें पालघर में घर घर तक जाना है। उन्होंने कहा कि आज बहुत सारी शक्तियां मोदी जी को प्रधानमंत्री बनने से रोकना चाहती है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव मुगल परस्त ताकतों को आईना दिखाने वाला चुनाव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह चुनाव तुष्टिकरण बनाम संतुस्टिकरण का चुनाव है। मोदी जी के नेतृत्व में अनेक काम ऐसे कार्य हुए हैं, जिससे देश का गौरव बढ़ा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व की वजह से आज पूरा विश्व एक विश्वास की दृष्टि से भारत की ओर देखता है। आज हम दुनिया की 5 वीं बड़ी अर्थव्यवस्था बन गए हैं, जल्द हम नंबर वन भी बनेंगे। मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भारत को नई पहचान मिल रही है।
उन्होंने कहा कि, आप सब लोग जानते हैं पहाड़ों में पानी की दिक्कत थी लेकिन अब ऐसा नहीं है। उज्ज्वला योजना से घर-घर गैस पहुँची है। आयुष्मान योजना से 5 लाख का इलाज निशुल्क हो रहा है। मुफ्त राशन योजना चल रही है। 25 करोड़ से ज्यादा लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला गया है। मोदी के नेतृत्व में आज भव्य और दिव्य मंदिर का निर्माण हो चुका है। मोदीजी के प्रधानमंत्री बनने के बाद सेना को देश के दुश्मनों के खिलाफ पूरी छूट दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी जी ने उत्तराखंड के लिए कहा है कि इस सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा। आज यह साकार हो रहा है। उत्तराखंड में आज 200 से ज्यादा फिल्मों का निर्माण हो रहा है। इससे रोजगार और पहचान दोनों मिल रही है। उत्तराखंड में आप जहां देखोगे वो सब शूटिंग की लोकेशन है। आज इन्वेस्टमेंट के क्षेत्र में भी वहां क्रांति हो रही है। आज बड़े औधोगिक घराने उत्तराखंड का रुख कर रहे हैं। हमारे यहां सड़क, रेल और हवाई सेवाओं का विस्तार हो रहा है। चारधाम की तर्ज पर प्रधानमंत्री ने आदि कैलाश जाकर पूरी दुनिया का ध्यान उस ओर खींचा है। आने वाले दिनों में टनकपुर से बागेश्वर रेल जाने वाली है। चारधाम यात्रा चल रही है और बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं। मैंने लोगों से अपील की है कि वे सब इंतजाम होने पर ही यात्रा करें।
प्रधानमंत्री जी ने समान नागरिक सहिंता को लागू करने की गारंटी दी है और उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन चुका है जहां इसे लागू किया जा चुका है। भाजपा का जो 1950 से संकल्प था, उसे आगे बढ़ाने का काम उत्तराखंड ने किया है। यूसीसी की गंगा अब उत्तराखंड से निकलकर पूरे देश को आच्छादित करेगी। नकल विरोधी कानून भी हमने बनाया है। एक तरफ मोदी जी हैं तो दूसरी ओर घमंडिया गठबंधन है। इन सबका एक लक्ष्य है देश को लूटना है। ये आरक्षण छीनकर अपने चहेते वर्ग को देना चाहते हैं। हार देखकर ये लोग ईवीएम को गलत बताते हैं या और बात कर झूठ फैलाते हैं। मोदी जी आरक्षण और संविधान को कोई खत्म नहीं करना चाहते, ये सब झूठ फैला रहे हैं। बम विस्फोट में शामिल आतंकियों के एनकाउंटर पर ये लोग आँशु बहाते हैं। ये सभी सनातन विरोधी हैं और इनको आपको करारा जवाब देना होगा।