ड्रोन के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए ड्रोन पॉलिसी का प्रचार प्रसार करने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने मंगलवार को सचिवालय में प्रदेश को ड्रोन पॉलिसी के सम्बन्ध में अधिकारियों के साथ बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा कि ड्रोन क्षेत्र में नवोन्मेषी दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है। इसके लिए देश के प्रौद्योगिकी संस्थानों से सहयोग लेने के लिए अनुबंध किए जाएं।
मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड मोस्ट हेलीकॉप्टर फ्रेंडली स्टेट है। इससे एक ओर हैली सेवा को अत्यधिक फायदे हैं। उन्होंने कहा कि ड्रोन कॉरिडोर के लिए जीरो रिस्क एरिया पर फोकस किया जाए। कहा कि पिटकुल और यूपीसीएल की बहुत सी हाई टेंशन और लो टेंशन लाइन्स को ध्यान में रखते हुए यूपीसीएल और पिटकुल से आपसी सामंजस्य स्थापित किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि ड्रोन के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए ड्रोन पॉलिसी का प्रचार प्रसार किया जाए। साथ ही प्रदेश के युवाओं को ड्रोन के क्षेत्र में प्रशिक्षण और रोजगार की दिशा में भी कार्य किए जाने की आवश्यकता है। कहा कि प्रदेश के सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों से ड्रोन के विभिन्न प्रकार के कोर्स कराए जा सकते हैं।
इस अवसर पर सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, निदेशक आईटीडीए विनीत कुमार एवं आईजी (सुरक्षा) राजीव स्वरूप सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सात राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में बीआरओ द्वारा निर्मित 29 पुलों और छह सड़कों का रक्षा मंत्री ने किया उद्घाटन

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 19 जनवरी को सीमांत क्षेत्र जोशीमठ ढाक से बीआरओ द्वारा निर्मित 35 इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का उद्घाटन करते हुए देश को समर्पित किया। इसमें सात राज्यों की 06 सड़कें और 29 ब्रिज शामिल है। परियोजनाओं को बीआरओ द्वारा 670 करोड़ की लागत पर पूरा किया गया। इस दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और गढवाल सांसद तीरथ सिंह रावत रक्षामंत्री के साथ मौजूद रहे।

रक्षा मंत्री ने सात राज्यों की जिन परियोजनाओं का उद्घाटन किया उनमें उत्तराखंड में 03 ब्रिज, जम्मू-कश्मीर में 01 सड़क व 10 ब्रिज, लद्वाख में 03 सड़के व 6 ब्रिज, हिमांचल प्रदेश में 01 ब्रिज, सिक्किम में 02 सडकें, अरूणाचल प्रदेश में 08 ब्रिज तथा मिजोरम में 01 ब्रिज शामिल है। उत्तराखंड राज्य में भारत चीन सीमा को जोड़ने वाले जोशमठ-मलारी मार्ग पर ढाक ब्रिज एवं भापकुंड ब्रिज और सुमना-रिमखिम मोटर मार्ग पर रिमखिम गाढ ब्रिज को शिवालित परियोजना द्वारा 33.24 करोड़ लागत से तीनों ब्रिज बनाए गए है। जिससे सीमांत क्षेत्रों में आवागमन सुगम हो गया है।

रक्षा मंत्री ने कहा, “भारत की सीमाओं की रक्षा के लिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा। और साथियों, इसमें हमें सबका सहयोग मिल रहा है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की सेवा की सराहना करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि किसी परियोजना को समय पर पूरा करना संगठन की प्रतिबद्वता के कारण संभव हुआ है। साथ ही उन्होंने पर्यावरण के अनुकूल अधिकतम राष्ट्रीय सुरक्षा और कल्याण के मंत्र के साथ काम करने का आह्वान भी किया।

रक्षा मंत्री ने देश के सीमावर्ती बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बीआरओ की सराहना की और कहा कि सड़क, पुल आदि का निर्माण करके, संगठन दूर-दराज के इलाकों को भौगोलिक दृष्टि से देश के बाकी हिस्सों से जोड़ रहा है, साथ ही दूरदराज के गांवों में रहने वाले लोगों के दिलों को बाकी नागरिकों के साथ भी जोड़ रहा है।

रक्षामंत्री ने कहा कि हमारी सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों को मुख्यधारा का हिस्सा मानती है न कि बफर जोन। “एक समय था जब सीमा पर बुनियादी ढांचे के विकास को ज्यादा महत्व नहीं दिया जाता था। सरकारें इस मानसिकता के साथ काम करती थीं कि मैदानी इलाकों में रहने वाले लोग ही मुख्यधारा के लोग हैं। उन्हें चिंता थी कि सीमा पर घटनाक्रम का इस्तेमाल दुश्मन द्वारा किया जा सकता है। इसी संकीर्ण मानसिकता के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों तक विकास कभी नहीं पहुंच सका। ये सोच आज बदल गई है। पीएम मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार देश की सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। हम इन क्षेत्रों को बफर जोन नहीं मानते हैं।’’ वे हमारी मुख्यधारा का हिस्सा हैं।

रक्षा मंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन को सिर्फ मौसम संबंधी घटना नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बेहद गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्रालय इसे बहुत गंभीरता से ले रहा है और इस संबंध में मित्र देशों से सहयोग मांगेगा। श्री राजनाथ सिंह ने उत्तराखंड में फंसे मजदूरों को बचाने के लिए हाल ही में शुरू किए गए सिलकियारा टनल ऑपरेशन में बीआरओ के योगदान का भी विशेष उल्लेख किया।

रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार संगठन से जुड़े लोगों की मेहनत को मान्यता देती है। “हमने सशस्त्र बलों के बराबर बीआरओ के स्थायी नागरिक कर्मियों के लिए जोखिम और कठिनाई भत्ता सुनिश्चित किया है। कैजुअल मजदूरों का अनुग्रह मुआवजा दो लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया गया है। हाल ही में, मैंने हमारे सीपीएल के लिए 10 लाख रुपये के बीमा के प्रावधान को मंजूरी दी है। ये कदम हमारे सशस्त्र बलों के कर्मियों, नागरिक कर्मचारियों और बीआरओ में सीपीएल के मनोबल को बढ़ाने में मदद करेंगे।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जोशीमठ ढाक में सीमा सड़क संगठन के जवानों से भी मिले और उनसे बातचीत करते हुए उनका मनोबल बढ़ाया। विपरीत परिस्थितियों में देश की सीमाओं पर कनेक्टिविटी को सुदृढ़ बनाने में बीआरओ के कार्याे की जमकर सराहना भी की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देवभूमि आगमन पर रक्षा मंत्री का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए सीमांत क्षेत्रों की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण पर आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य के सामरिक, धार्मिक व पर्यावरणीय महत्व को समझते हुए बड़ी परियोजनाओं पर काम शुरू किया गया है। चारधाम ऑल वेदर रोड, ऋषिकेश- कर्णप्रयाग रेलवे लाइन, सीमांत क्षेत्र विकास परियोजना व पर्वतमाला जैसी योजनाएं विकास के साथ-साथ सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड राज्य में तेजी से विकास कार्याे को आगे बढाने का काम किया जा रहा है। उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार विकल्प रहित संकल्प के साथ पूरे मनोरथ से काम कर रही है। सीमावर्ती क्षेत्रों में अवसंरचना विकास कार्याे को गति प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री ने बीआरओ की पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला अध्यक्ष रमेश मैखुरी, बीकेटीसी उपाध्यक्ष किशोर पंवार, जिलाधिकारी हिमांशु खुराना, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, बीआरओ से लेफ्टिनेंट जनरल रघु श्रीनिवासन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री धामी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री से की शिष्टाचार भेंट, कोयला आधारित संयंत्रों से 400 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत आवंटन की मांग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बागेश्वर में बने ताम्र शिल्प पर आधारित उत्पाद तथा उत्तराखण्ड की महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार की गई सामग्री भेंट की। प्रधानमंत्री ने राज्य की महिलाओं के परिश्रम की सराहना की तथा उनका आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का उत्तराखण्ड को वेडिंग डेस्टिनेशन बताये जाने के प्रति आभार व्यक्त करते हुये कहा कि प्रधानमंत्री की अपील के बाद उत्तराखण्ड में शादियों के लिये देश विदेश से बडी संख्या में लोगों द्वारा बुकिंग की जा रही है, इससे राज्य के लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। उत्तराखण्ड में वेडिंग डेस्टिनेशन विकसित किये जाने के लिए 150 करोड़ रूपये के निवेश भी प्राप्त हुये हैं। भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से कर्णप्रयाग-ग्वालदम मार्ग में सीमा सड़क संगठन द्वारा किये जा रहे कार्यों में तेजी लाने, पर्यटन और सैन्य आवगमन तथा आम जनमानस के लिए अत्यन्त उपयोगी 189 कि0 काठगोदाम-भीमताल, ध्यानाचुली-मोरनोला-खेतीखान- लोहाघाट-पंचेश्चर मोटर मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में अधिसूचित करने एवं मानसखण्ड मन्दिर माला परियोजना के अन्तर्गत मानसखण्ड मन्दिरों को जोड़ने वाले 20 मार्गों हेतु 01 हजार करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों एवं पर्यटकों को मानसखण्ड मन्दिर माला के दर्शन करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए गढ़वाल तथा कुमायूं को जोड़ने वाले मार्गों का उच्चीकरण किया जाना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि मानसखण्ड मन्दिर माला मिशन के अन्तर्गत चिन्हित 48 पौराणिक मन्दिरों में से 16 मन्दिरों में अवस्थापना विकास के कार्य शुरू हो चुके हैं। जागेश्वर धाम हेतु 150 करोड़ रूपये का मास्टर प्लान बनाया गया है। मानसखण्ड मन्दिरों के प्रचार-प्रसार हेतु ‘भारत गौरव मानसखण्ड एक्सप्रेस’’ ट्रेन देश के विभिन्न स्थानों से उत्तराखण्ड के काठगोदाम, टनकपुर रेलवे स्टेशनों के लिये संचालित किये जाने का अनुरोध किया। मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के अन्तर्गत कुमाऊँ क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध पूर्णागिरी धाम को विकसित करने के लिये शारदा कॉरिडोर के विकास की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। मानसखण्ड माला मिशन के अन्तर्गत कुमाऊँ क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध कैंची धाम के विकास हेतु मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। पिथौरागढ़ स्थित सीमान्त गांव गुंजी (आदि कैलाश क्षेत्र) को अन्तर्राष्ट्रीय पर्यटन डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किये जाने के लिए मास्टर प्लान तैयार कर लिया गया है। गुंजी को’’शिव नगरी’’थीम के आधार पर विकसित किये जाने हेतु छः घटक कला संस्कृति, कौशल, ज्ञान, ध्यान, विज्ञान तथा विश्राम, में विभाजित किया गया है। प्रथम चरण में स्वदेश दर्शन योजना-2.0 के अन्तर्गत गुंजी में साधना केन्द्र, ईको ट्रेल, संसाधन केन्द्र, हेरिटेज ग्राम विकसित करना और साहसिक गतिविधियां प्रस्तावित हैं। राज्य सरकार द्वारा गुंजी तथा आदि कैलाश एवं ओम पर्वत के लिये हेली सेवाएं उपलब्ध कराये जाने हेतु सर्वे कर लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी-विश्वनाथ की तर्ज पर हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर विकसित करने का कार्य नव गठित उत्तराखण्ड निवेश एवं आधारिक संरचना बोर्ड (यू.आई.आई.डी.बी) द्वारा किया जायेगा। राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु पीपीपी मोड में सात हेलीपोर्ट तैयार करने का प्रस्ताव है जिसमें से दो हेलीपोर्ट हेतु भूमि चिन्हित कर ली गयी है। प्रारम्भिक चरण में हरिद्वार एवं देहरादून में हेलीपोर्ट तैयार किये जाने प्रस्तावित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के स्थानीय उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग के लिए अम्ब्रेला ब्रांड के रूप में हाउस ऑफ हिमालयाज का प्रधानमंत्री द्वारा लोकार्पण किया गया। लोकार्पण के बाद राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों द्वारा हाउस ऑफ हिमालयाज से जुडने के लिए उत्साह दिखाया गया है। प्रथम चरण में मिलेटस, राजमा, पर्वतीय दालें, लाल चावल, हल्द्वी, पहाड़ी नमक, शहद, एरोमेटिक एण्ड हर्बल टी, नैनीताल मोमबत्ती, ऐपण, पिछौड़ा को शार्टलिस्ट किया गया है। राज्य के सभी जी0आई0 उत्पादों को हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रान्ड में विशेष रूप से फोकस किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के त्वरित विकास के रोडमैप में आगामी पाँच वर्षों में राज्य की जीएसडीपी को दोगुना किया जाना लक्ष्यान्वित किया गया है। इस लक्ष्य को प्राप्त किये जाने हेतु राज्य के आधारभूत ढाँचे में व्यापक वृद्धि प्रस्तावित की गयी है जिससे राज्य में औद्योगिकीकरण, सेवा क्षेत्र जिसमें पर्यटन से जुड़ा आधारभूत ढाँचा मुख्य है, कृषि एवं वानिकी तथा शिक्षा आदि क्षेत्रों में मुख्य रूप से निवेश आकर्षित किया जाना प्रस्तावित है, जिस कारण निकट भविष्य में विद्युत की मांग में तेज वृद्धि आशान्वित है। राज्य में निर्माणाधीन जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण में पर्यावरणीय कारणों से हो रहे विलम्ब के फलस्वरूप, राज्य में विद्युत की मांग के सापेक्ष विद्युत/ उपलब्धता में अन्तर लगातार बढ़ता जा रहा है जिसका अन्तर उपरोक्त कारणों से भविष्य में और अधिक हो जायेंगा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से राज्य को केन्द्रीय पूल के कोयला आधारित संयंत्रों से 400 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत स्थायी रूप से आवंटित किये जाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिथौरागढ़ क्षेत्र की धौलीगंगा तथा गौरी गंगा क्षेत्र में बहने वाली नदियां राज्य के अन्तर्गत बहने वाली गंगा एवं उसकी सहायक नदियों से इतर हैं। उक्त क्षेत्र की जल विद्युत परियोजनाओं बौकांग बेलिंग (330 मेगावाट) एवं सेलाउर्थिग (202 मेगावाट) की स्वीकृतियां प्रदान किये जाने का भी मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को यह भी अवगत कराया कि उत्तराखण्ड राज्य में जून 2013 में आयी आपदा के पश्चात मा० सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 13.08.2013 को पारित ओदश एवं जल संसाधन मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा दिये गये निर्णय के कारण गंगा एवं उसकी सहायक नदियों में प्रस्तावित 44 जल विद्युत परियोजनाओं कुल क्षमता लगभग 4800 मे0वा0 का विकास एवं निर्माण स्थगित है। राज्य की विद्युत ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु उत्तराखण्ड को खुले बाजार से प्रतिवर्ष लगभग 1000 करोड़ की ऊर्जा क्रय करनी पडती है, जो कि पर्वतीय राज्य के वित्तीय संसाधनों पर अतिरिक्त बोझ डालता है। अतः राज्य की बढती जरूरतों को पूरा करने के लिये तत्काल चरणबद्ध रूप से अन्य नदी घाटियों में प्रस्तावित परियोजनाओं के निर्माण हेतु सकारात्मक कार्यवाही करना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से उत्तराखण्ड राज्य में गंगा एवं उसकी सहायक नदियों के अतिरिक्त अन्य नदी घाटियों पर स्थित परियोजनाओं के त्वरित विकास एवं निर्माण के अनुमति प्रदान किये जाने हेतु जल संसाधन मंत्रालय, भारत सरकार को यथोचित निर्देश देने का भी अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि राज्य में हो रहे शहरीकरण के दृष्टिगत ‘‘चार नई टाउनशिप’’ विकसित करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। जिसमें दो पर्वतीय क्षेत्रों में और दो मैदानी क्षेत्रों में बनाने की योजना है। राज्य की आयुष नीति-2023 के अन्तर्गत विभिन्न सेक्टरों के निवेश पर टॉप-अप के रूप में 5 प्रतिशत से 10 प्रतिशत की सब्सिडी अतिरिक्त रूप से प्रदान की जा रही है। राज्य पर्यटन नीति, 2023 के माध्यम से वेलनेस रिसोर्ट/आयुर्वेद/योग/नेचुरोपैथी रिसोर्ट को 50 प्रतिशत तक की पूंजीगत सहायता तथा श्रेणी बी और श्रेणी सी क्षेत्रों में स्थापित होने वाले वेलनेस केन्द्र/आयुर्वेद/योग/नेचुरोपैथी रिसोर्ट को 5 प्रतिशत की अतिरिक्त पूंजीगत सहायता प्रदान की जा रही है। ‘‘उत्तराखण्ड स्टेट मिलेट मिशन’’ वर्ष 2023-24 से वर्ष 2027-28 (05 वर्षों) के लिए लागू किया गया है। ‘‘राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना’’ के तहत प्रदेश में सहकारी संस्थाओं के माध्यम से संयुक्त सहकारी खेती, साईलेज, पोल्ट्री वैली, गोट वैली, दुग्ध उत्पादन, ट्राउट फार्मिंग, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी उत्पादन इत्यादि पर सफलतापूर्वक कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के निर्देशन में उत्तराखण्ड राज्य ईज ऑफ डुईंग बिजनेस, निवेश प्रोत्साहन तथा स्टार्ट अप क्षेत्र में निरंतर विकास कर रहा है और भारत सरकार द्वारा निर्गत की जाने वाली रैंकिंग में लगातार उत्तम श्रेणी प्राप्त कर रहा है। भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय कार्यक्रम के अन्तर्गत एक पंचकोणीय औद्योगिक/व्यवसायिक गलियारे की स्थापना की जा रही है। जिसका उद्देश्य भारत वर्ष में औद्योगिक विनिर्माण एवं सकल घरेलू उत्पाद (जी.डी.पी.) की क्षमता को बढ़ाते हुए देश में त्वरित व समावेशी विकास और लाभकारी रोजगार प्राप्त करना है। जिसके कम मे भारत सरकार व राज्य सरकार उत्तराखण्ड के संयुक्त प्रयासों से 1002 एकड़ भूमि पर एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर खुरपिया आई.एम.सी. खुरपिया का निर्माण 50-50 प्रतिशत की हिस्सेदारी के अन्तर्गत किया जा रहा है। उक्त परियोजना लगभग रू0 1100 करोड़ की लागत से की जा रही है, जिसमें राज्य द्वारा उपलब्ध करायी गयी भूमि का मूल्य रू0 410 करोड़ है। उत्तराखण्ड राज्य में उक्त परियोजना के माध्यम से लगभग ₹15000 करोड़ का निवेश आने की प्रबल समभावनाएँ है और साथ ही लगभग 50000 युवाओं को प्रत्यक्ष रुप से रोजगार प्राप्त होने की भी सम्भावनाएँ है। उत्तराखण्ड राज्य में स्थापित किये जा रहे आई.एम.सी. खुरपिया जिला उधमसिंह नगर की परियोजना का अनुमोदन देने का भी अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को यह भी अवगत कराया कि इन्वेस्टर समिट में हुए करारों को ग्राउंड करने के लिए राज्य की ओर से विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। एम०ओ०यू० की मॉनिटरिंग के लिए ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया गया है। राज्य में तीन फूड पार्क के प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। देहरादून में आईटी पार्क 2 स्थापित किया जा रहा है। एयरपोर्ट के नजदीक आई.टी. टावर का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। उद्योगों को भूमि उपलब्ध कराने के लिए सिडकुल द्वारा काशीपुर, सितारगंज, रुद्रपुर, हरिद्वार तथा देहरादून में नए औद्योगिक आस्थान विकसित किये जा रहे हैं। देहरादून में छरबा को एजुकेशन सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है जबकि ऊधमसिंह नगर जनपद में नॉलेज पार्क विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता से जुड़े सदस्यों की आकस्मिक दुर्घटना की स्थिति में उनके परिवारजनों को सामाजिक सुरक्षा जैसे सेवाओं का लाभ पहुँचाने के दृष्टिगत् “सहकारी किसान समृद्धि कार्ड योजना’ प्रारम्भ की जाएगी, जिसके अन्तर्गत वितरित होने वाले कार्ड का नाम “नमो सहकारी कवच कार्ड“ किया जाना प्रस्तावित है।

सीएम ने ऑनलाइन आरटीआई पोर्टल का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में उत्तराखण्ड ऑनलाइन आर.टी.आई. पोर्टल तथा ऑनलाइन द्वितीय अपील/शिकायत एवं हाईब्रिड सुनवाई की व्यवस्था का शुभारंभ किया गया। सूचना अनुरोध पत्रों तथा प्रथम अपीलों के ऑनलाईन प्रेषण के लिए बनाये गए पोर्टल का भी मुख्यमंत्री ने शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑनलाईन आर.टी.आई.पोर्टल बनने से लोगों का काफी मदद मिलेगी। लोगों का अपीलों की सुनवाई में आने-जाने में लगने वाला समय भी बचेगा। सूचना का अधिकार अधिनियम से लोगों द्वारा शासन प्रशासन से संबंधित अपनी व्यक्तिगत तथा सामुदायिक कठिनाईयों का निराकरण करने में और आसानी हो जाती है। उन्होंने कहा कि आज प्रारंभ की गई ऑनलाईन सुविधाओं का सबसे अधिक लाभ राज्य के दूरस्थ एवं पर्वतीय क्षेत्रों के निवासियों को प्राप्त होगा तथा उन्हें सूचना का अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत आवेदन एवं प्रथम अपील ऑनलाईन रूप से किये जाने की सुविधा प्राप्त होने के साथ-साथ द्वितीय अपील में भी अपने स्थान से ही प्रतिभाग करने की सुविधा प्राप्त होगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि जनसामान्य द्वारा इन सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाया जायेगा।

मुख्य सूचना आयुक्त अनिल चन्द्र पुनेठा ने कहा कि द्वितीय अपीलों एवं शिकायतों के ऑनलाईन पंजीकरण तथा हाईब्रिड मोड से सुनवाई में भाग लेने की दोनों सुविधा आज से ही जनसामान्य हेतु उपलब्ध करा दी जायेंगी। ऑनलाईन आर.टी.आई. पोर्टल में समस्त विभागों के लोक सूचना अधिकारियों तथा प्रथम अपीलीय अधिकारियों की आई.डी. तैयार की जायेंगी और संबंधित अधिकारियों को पोर्टल पर कार्य किये जाने हेतु आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। शीघ्र ही पोर्टल के माध्यम से जनसामान्य द्वारा सूचना आवेदन पत्र, आवेदन शुल्क तथा प्रथम अपील को ऑनलाईन रूप से भी प्रेषित किया जा सकेगा। सूचना का अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत प्राप्त अपीलों व शिकायतों के पंजीकरण एवं निस्तारण की प्रगति के बारे में अवगत कराते हुए मुख्य सूचना आयुक्त ने कहा कि दिसम्बर 2023 में आयोग द्वारा 521 सुनवाई करते हुए कुल 299 वादों को निस्तारित किया गया। जनवरी 2022 से माह दिसम्बर 2023 तक की अवधि में आयोग द्वारा कुल 11037 सुनवाई कर 6735 वादों का निस्तारण किया गया।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, राज्य सूचना आयुक्त विवेक शर्मा, विपिन चन्द्रा, अर्जुन सिंह तथा योगेश भट्ट, सचिव दीपेन्द्र चौधरी, अपर सचिव प्रताप सिंह शाह, सचिव उत्तराखण्ड सूचना आयोग अरविन्द कुमार पाण्डेय उपस्थित थे।

मानसखण्ड मंदिर माला मिशन, अप्रोच सड़क के चौड़ीकरण कार्य को जल्द पूरा करने के निर्देश

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जानकारी दी है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत आने वाले मंदिरों से़ अन्य राज्यों के श्रद्धालुओं और पर्यटकों को जोड़ने के लिए 15 अप्रैल से एक रेल सेवा मानसखण्ड एक्सप्रेस प्रारम्भ किये जाने पर कार्य चल रहा है। यह रेल सेवा कोलकाता से टनकपुर तक संचालित की जाएगी। श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए टनकपुर से पूर्णागिरी, हाटकालिका, पाताल भुवनेश्वर, जागेश्वरधाम, गोल्ज्यू देवता मंदिर, नन्दा देवी, कैंची धाम आदि मानसखण्ड मंदिर माला के अन्य मंदिरों तक स्थानीय बस व अन्य परिवहन सेवाओं को संचालित किया जाएगा। केएमवीएन के अतिथि गृह, होम स्टे, स्थानीय होटल आदि तथा हुनर योजना के तहत प्रशिक्षित स्थानीय गाइड्स पर्यटकों के आतिथ्य में सहयोग करेंगे। पर्यटकों की वापसी के लिए काठगोदाम से कलकता के लिए रेल सेवा उपलब्ध रहेगी। सचिवालय में मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के कार्यों की समीक्षा के दौरान एसीएस श्रीमती राधा रतूड़ी ने लोक निर्माण विभाग को मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत मंदिरों को जोड़ने वाली अप्रोच रोड्स के चौड़ीकरण कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में एसीएस राधा रतूड़ी को पर्यटन विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत चिहिन्त कुमाऊँ मण्डल के सभी 16 मंदिरों के अलग-अलग मास्टर प्लान अनुमोदित हो चुके हैं। इनमें से 9 मंदिरों की डीपीआर तैयार हो चुकी है। इनमें से अधिकांश मंदिरों का शिलान्यास जल्द हो जाएगा। मंदिरों के सौन्दर्यीकरण एवं विकास का कार्य कलस्टर अप्रोच के साथ किया जा रहा है। एसीएस रतूड़ी ने मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत आने वाले सभी मंदिरों सौन्दर्यीकरण के साथ ही इनसे जोड़ने वाली अप्रोच रोड के चौड़ीकरण के कार्याे को भी साथ-साथ जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। लोक निर्माण विभाग को सिंगल लाइन सड़कों को डबल लाइन में बदलने के कार्याे को जल्द समाप्त करने के निर्देश जारी हुए हैं।
अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने संस्कृति विभाग को राज्य की ऐतिहासिक विरासतों, मंदिरों आदि के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु हेरीटेज एक्ट पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में सचिव सचिन कुर्वे सहित संस्कृति, लोक निर्माण विभाग, पर्यटन विभाग के उच्च अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के ड्रीम प्रोजेक्ट को नए साल में लगेंगे पंख

उत्तराखंड के लिए नया साल 2024 नई उम्मीदें लेकर आएगा। खासकर सड़क परिवहन को लेकर स्वीकृत और प्रस्तावित पांच बड़ी योजनाएं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल हैं। इन योजनाओं को धरातल पर उतारने में धामी सरकार भी नए साल में संकल्पकृत हैं। खासकर पर्यटन के लिहाज से 4 बड़ी रिंग रोड और जाम से मुक्ति दिलाने वाले 6 रोड ओवर/अंडर ब्रिज योजनाओं के जमीन पर उतरने की उम्मीदें हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की कमान संभालते ही पर्यटन और तीर्थाटन को प्राथमिकता में रखा है। इनमें केदारखंड क्षेत्र के धामों और पर्यटन स्थलों को सड़क, पार्किंग, सुरक्षा कार्य, सौंदर्यीकरण आदि के रूप में संवारने का काम जारी है। जबकि मानसखंड में संवारने पर काम चल रहा है। बाबा केदारनाथ में 327 करोड़ के 47 बड़े काम में से 6 पूरे हो गए हैं। कुछ का पर कार्य अंतिम चरण में चल रहा है। सभी कार्यों को सितंबर 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए बर्फबारी के बीच भी कई काम केदारनाथ में चल रहे हैं। इसी तरह भगवान बदरीनाथ धाम में 399 करोड़ से 32 कार्य किये जा रहे हैं। यहां अभी तक कुछ बड़े कार्य पूरे हो गए हैं। बाकी कार्य प्रगति पर हैं, जो अक्टूबर तक पूरे कर लिए जाएंगे। मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट मानसखंड को भी देवभूमि के तीर्थाटन और पर्यटन की मुख्य धारा से जोड़ने की शुरुआत हो गई है। यहां मानस खण्ड मंदिर माला योजना के तहत प्रथम चरण में प्रसिद्ध 16 मंदिरों को जोड़ने वाली लगभग 500 किमी से ज्यादा दूरी के 20 मार्गों पर करीब एक हजार करोड़ खर्च प्रस्तावित हैं। योजनाओं पर काम शुरू हो गया हैं। यह कार्य भी नए साल में धरातल पर उतर जाएंगे। इससे देवभूमि में सुगम और सुरक्षित तीर्थाटन के साथ ही पर्यटन को पंख लगेंगे।

टिहरी झील किनारे बनेगी 234 किमी लंबी सड़क
उत्तराखंड में टिहरी झील के विकास को लेकर मुख्यमंत्री धामी खासे गंभीर हैं। यहां जलक्रीड़ा और साहसिक गतिविधियों के अलावा वर्षभर पर्यटन से जोड़ने की योजना है। इसके लिए देहरादून से सुरंग मार्ग भी प्रस्तावित है। जबकि मसूरी, धनोल्टी, ऋषिकेश, नरेंद्रनगर, चम्बा सर्किट पर भी काम चल रहा है। इन्हीं योजनाओं में महत्वपूर्ण टिहरी झील के चारों तरफ 234 किमी रिंग रोड निर्माण प्रस्तावित है। इस योजना को धामी सरकार में स्वीकृति मिलने के बाद प्रथम चरण में 152 करोड़ के आगणन पर कार्य चल रहा है। इस महत्वाकांक्षी योजना पर धामी सरकार प्रथामिकता के साथ काम कर रही है। इस योजना के बनने से टिहरी बांध झील वर्षभर पर्यटन गतिविधियों का केंद्र रहेगी।

जाममुक्ति को तीन शहरों में बनेगी रिंग रोड
राज्य में पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण राजधानी देहरादून, धर्मनगरी हरिद्वार और पर्यटन नगरी हल्द्वानी में रिंग रोड का निर्माण सरकार की प्रथामिकता में शामिल है। हल्द्वानी में रिंग रोड के प्रथम चरण के कार्यों की स्वीकृति मिल गई हैं। जल्द यहां कार्य शुरू होंगे। जबकि हरिद्वार और देहरादून रिंग रोड की एनएचएआई डीपीआर बनाने में कार्य कर रही है। इन तीन शहरों में लम्बे अरसे से रिंग रोड की जरूरत महसूस हो रही है। लेकिन बजट और तकनीकी अड़चनें आने से योजनाएं परवान नहीं चढ़ पाई। लेकिन 2024 में इन योजनाओ के धरातल पर उतरने की उम्मीदें हैं।

राज्य में 6 रोड ओवर और अंडर ब्रिज बनेंगे
शहर में जाम और वाहनों के बढ़ते दबाव को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार ने दून, हरिद्वार और हल्द्वानी में 6 रोड ओवर और अंडर ब्रिज सेतु बंधन योजना से स्वीकृत कराए हैं। इन ब्रिज के लिए भारत सरकार से 194 करोड़ रुपये स्वीकृत हो गए हैं। लोनिवि के एचओडी दीपक यादव का कहना है कि नए साल में सभी ओवर और अंडर ब्रिज पर काम शुरू करने का लक्ष्य है। इनमें दून के धर्मपुर से हरिद्वार बायपास माता मंदिर रोड, हरिद्वार में ज्वालापुर से अम्बुवाला धनपुरा मार्ग, लक्सर में रुड़की से बालावाली मार्ग तथा नैनीताल में वनभूलपुरा से शनिबाजर मंडी गेट के बीच, गदरपुर से दिनेशपुर, मदकोटा से हल्द्वानी के बीच अंडर रोड ब्रिज बनेंगे। यह कार्य भी 2024 में धरातल पर दिखेंगे।

देवभूमि के केदारखण्ड और मानसखंड के विकास को लेकर सरकार काम कर रही है। तीर्थाटन और पर्यटन को बढ़ावा मिले, इसके लिए सड़क, पुल और जरूरी सुविधाएं जुटाई जा रही हैं। 2024 में राज्य के कई ड्रीम प्रोजेक्ट धरातल पर दिखेंगे। इसके लिए सरकार दिनरात काम कर रही है। सरकार लक्ष्य के साथ समय पर काम पूरा करने में जुटी हैं। रिंग रोड और ओवर ब्रिज बनने से सुगम परिवहन के साथ जाम से मुक्ति मिलेगी।
’’पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड’’

राज्य कर विभाग ने छापेमारी में 12 करोड़ की जीएसटी चोरी पकड़ी

उत्तराखण्ड राज्य में बिटुमिन तथा फ्यूल ऑयल का व्यवसाय कर रही 12 फर्मों के 16 व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर आयुक्त, राज्य कर के निर्देशों पर गठित राज्य कर विभाग की टीमों ने जीएसटी चोरी कर रही देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार, रूड़की, काशीपुर, हल्द्वानी और रूद्रपुर स्थित फर्मों पर छापेमारी की बड़ी कार्यवाही की है। प्रथम दृष्ट्या इन फर्मों द्वारा कुल ₹ 12 करोड़ से ऊपर की जीएसटी चोरी का मामला सामने आया है।

राज्य कर मुख्यालय, देहरादून की और से विगत कुछ दिनों से इन 12 फर्मों के लेन-देन पर निगाह रखी जा रही थी तथा फर्मों द्वारा उत्तराखण्ड राज्य से बाहर स्थित फर्मों के बिलों की आड़ में बोगस आईटीसी का लाभ लेकर अपनी जीएसटी देयता को समायोजित किया जा रहा था। इन फर्मों की और से अपनेे व्यापार से संबंधित फर्जी संव्यवहारों को छिपाने के लिये बिल टू शिप टू का मोड्यूल का सहारा लिया जा रहा था। इन फर्मों के ई-वे बिल में प्रयुक्त वाहनों की जांच में पाया गया कि वे ई-वे बिल बनाये जाने की तिथियों के दौरान ई-वे बिल में प्रदर्शित स्थलों के मार्ग पर स्थित टोल प्लाजा को पार नहीं कर रहे थे या ई-वे बिल बनाये जाने की तिथियों के दौरान किसी अन्य स्थल के टोल प्लाजा को पार कर रहे थे। इन फर्मों के सप्लायर फर्मों की बैकवॉड चौन की जांच करने पर यह पाया गया कि ये सप्लायर फर्में या तो अस्तित्वहीन अथवा विभाग की और से पंजीयन निरस्त किया गया हैं। इन में से कुछ फर्में ऐसे माल की ट्रेडिंग दिखा रही थी, जिनको उनकी और से कभी खरीदा ही नहीं गया था। इन फर्मों द्वारा ऐसा विगत 04 वर्षों (2020-21 से 2023-24 तक) से किया जा रहा था।

प्रथम दृष्ट्या इन फर्मों का कुल ₹ 12 करोड़ से ऊपर की जीएसटी चोरी का मामला सामने आया है। छापेमारी की कार्यवाही देर रात तक चली तथा छापे के दौरान फर्मों के व्यापार स्थल से टीमों ने अभिलेख अपने कब्जे में लिए हैं, जिनका विश्लेषण का कार्य गतिमान है। इन फर्मों ने जांच के दौरान ही ₹ 1.13 करोड़ रुपये जीएसटी मौके पर ही जमा भी करा दिया है। विभाग की ओर से छापेमारी की इस बड़ी कार्यवाही में कुल 16 टीमें गठित करते हुये 60 अधिकारियों को शामिल किया गया था।

आयुक्त कर ने दिए हैं चोरी करने वाली फार्माे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश

आयुक्त, राज्य कर डॉ अहमद इकबाल की और से बोगस बिलिंग या फर्जी इनपुट का लाभ उठाकर कर चोरी करने वाली अन्य फर्मों को चिन्हित कर उनके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। आयुक्त कर द्वारा सभी करदाताओं से यह भी अपील की गई हे कि वे समय से रिटर्न दाखिल करते हुए देय कर को जमा करें तथा यदि इस संबंध में कोई समस्या हो तो हेल्पलाइन नं.- 1800120122277 से सम्पर्क कर सकते हैं ।

राज्य में ट्रैकिंग के लिए आने वाले पर्यटकों की पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां शुरू

राज्य में ट्रैकिंग के लिए आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा को गम्भीरता से लेते हुए अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने उत्तराखण्ड में ट्रैकिंग एजेंसियों व कम्पनियों के रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था को पुख्ता करने, प्रदेश में एक प्रभावी ट्रैकिंग पॉलिसी या एसओपी बनाने के साथ ही डीएफओ को ट्रैकिंग के लिए आने वाले पर्यटकों की जानकारी जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग के साथ अनिवार्यतः सांझा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलाधिकारियों को भी इस सम्बन्ध में डीएफओ, पर्यटन विभाग तथा ईको टूरिज्म से समन्वय करने के निर्देश दिए हैं।

एसीएस रतूड़ी ने स्पष्ट किया कि समय पर ट्रैकिंग एसओपी प्रभावी न होने की दशा में प्रदेश में आने वाले ट्रैकर्स की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही की घटना के लिए वन विभाग को सीधे तौर पर उत्तरदायी ठहराया जाएगा एवं कार्यवाही की जाएगी। एसीएस ने वन विभाग को सख्त हिदायत दी है कि ट्रैकिंग एजेंसियों के लिए भी एक ठोस एसओपी के साथ ही ट्रैकर्स के लिए पुख्ता सुरक्षा मापदण्ड, बीमा, प्रशिक्षित गाइड्स, स्नो इक्वपमेन्ट्स, हेल्थ सर्टिफिकेट, बेसिक मेडिसिन की तत्काल व्यवस्था को लागू किया जाए।
सचिवालय में प्रदेश में शीत लहर के सम्बन्ध में प्रशासन की तैयारियों की समीक्षा के दौरान अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने विशेषरूप से निर्माणधीन स्थलों में रहने वाले जरूरतमंदों श्रमिकों के शीत लहर से बचाव एवं राहत के लिए श्रम विभाग को तत्काल सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। घने कोहरे के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के दृष्टिगत एसीएस ने हरिद्वार तथा उधमसिंह नगर जिलों में ट्रैफिक एवं पुलिस विभाग कों विशेषरूप से अलर्ट मोड पर रहने की हिदायत दी है। इसके साथ ही उन्होंने फायर डिपार्टमेंट को आग की घटनाओं को रोकने के लिए सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। जरूरतमंदों की मदद के लिए दान किये जाने वाले गर्म कपड़ों को एकत्रित एवं वितरित करने के लिए एसीएस रतूड़ी ने एक पोर्टल बनाने के भी निर्देश आज की बैठक में दिए हैं।
बैठक में अपर मुख्य सचिव द्वारा लोक निर्माण विभाग को सड़कों की कनेक्टिविटी बनाए रखने, जेसीबी की व्यवस्था करने, सड़कों से पाला हटाने के लिए परम्परागत उपायों के साथ नए समाधानों पर कार्य करने निर्देश दिए गए। इस दौरान सभी जनपदों को सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था एवं कम्बलों के वितरण, अस्थाई रैनबसेरो में बिजली, पानी, बिस्तर एवं साफ-सफाई की व्यवस्था करने, इस सम्बन्ध में पृथक से नोडल अधिकारी नामित करने, सभी जनपदों में खाद्य आपूर्ति, पेयजल एवं ईंधन की जनवरी माह के अन्त तक के लिये पर्याप्त मात्रा में भंडारण करने, चिकित्सा स्वास्थ्य हेतु आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में सचिव डा0 रंजीत कुमार सिन्हा सहित सम्बन्धित विभिन्न विभागो के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

वीर सपूतों का एयरपोर्ट पहुंचा पार्थिव शरीर, सीएम ने दी श्रद्धांजलि


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंच कर जम्मू कश्मीर में माँ भारती की सेवा करते हुए अपना सर्वाेच्च बलिदान देने वाले कोटद्वार निवासी राइफलमैन गौतम कुमार और चमोली के वीरेन्द्र सिंह के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले हमारे इन शहीदों को देश हमेशा याद रखेगा। राज्य सरकार हर पल सैनिक परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने शहीद गौतम कुमार और वीरेन्द्र सिंह के परिजनों से बात कर ढांढस बंधाया। दिवंगत आत्माओं की शांति और दुःख की इस घड़ी में उनके परिजनों को धैर्य प्रदान करने की मुख्यमंत्री ने ईश्वर से कामना की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र रक्षा के लिए हमारे जवानों द्वारा दिया गया बलिदान सदैव हम सभी को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।

संतों से सदैव देश की सामाजिक, सांस्कृतिक व्यवस्था से संजोए रखा, तभी हम संस्कृति पर करते हैं गर्वः राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कनखल स्थित श्री हरिहर आश्रम में जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज के आचार्य पीठ पर पदस्थापन के 25 वर्ष पूर्ण होने एवं श्री दत्त जयंती के अवसर पर आयोजित आध्यात्मिक महोत्सव में प्रतिभाग किया।
आध्यात्मिक महोत्सव में सभी सन्तजनों को प्रणाम करते हुये रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज के आचार्य पीठ पर पदस्थापन के 25 वर्ष पूर्ण होने के दायित्व निर्वहन कार्यकाल पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जिसका मन बड़ा होता है, वही आध्यात्मिक होता है। यह कार्य छोटे मन का नहीं कर सकता है तथा जो बड़ा मन का है, वही समाज को दिशा दे सकता है एवं यहां सब बड़े मन के व्यक्ति बैठे हैं। उन्होंने कहा कि मन जैसे-जैसे बड़ा होता जाता है, उसका आनन्द भी बढ़ता जाता है तत्पश्चात वह धीरे-धीरे परमानन्द की प्राप्ति करता है।
रक्षा मंत्री ने आध्यात्मिक महोत्सव में बैंकिंग चन्द्र चटर्जी के उपन्यास आनन्द मठ का उल्लेख करते हुये कहा कि किस प्रकार से संन्यासियों ने अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह छेड़ दिया था। उन्होंने कहा कि संन्यासियों का देश की सामाजिक, सांस्कृतिक व्यवस्था से हमेशा जुड़ाव रहा है तथा जब भी आवश्यकता पड़ी उन्होंने इनके उत्थान में बड़ा योगदान दिया। उसी की वजह से हम अपनी संस्कृति पर गर्व करते हैं। उन्होंने कहा कि हमारा मान-सम्मान हमारी संस्कृति से जुड़े रहने पर ही है, जिसके लिये हमारे सन्तों का हमें पूरा सहयोग मिलता है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि राजा अपना काम ठीक से करे, इसकी समीक्षा करने का अधिकार साधु-सन्तों को ही है। उन्होंने कहा कि जब कोई संत बनता है तो वह सबसे पहले अहम को त्यागते हुए वयम् को अपनाता है तथा वह जो भी कार्य करता है चराचर जगत के लिये करता है तथा पूरे विश्व को अपना परिवार मानता है। इसलिये बसुधैव कुटुम्बकम की भावना को देने का श्रेय संन्यासियों को है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उल्लेख करते हुये राजनाथ सिंह ने कहा कि उनके नेतृत्व में भारतीय सांस्कृतिक विरासत के उन्नयन एवं समृद्धि के लिये निरन्तर कार्य किये जा रहे हैं, जिनमें काशी कॉरिडोर, उज्जैन, अयोध्या में राम मन्दिर, केदारनाथ मन्दिर परिसर में कार्य कराया जाना आदि प्रमुख हैं।
लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आध्यात्मिक महोत्सव में सभी को नमन करते हुये कहा कि जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने तप, तपस्या तथा आध्यात्मिक मूल्यों का संरक्षण करते हुये लाखों सन्तों को दीक्षा दी तथा देश व दुनिया में वे संस्कृति के वाहक के रूप में प्रख्यात हैं तथा उनका ज्ञान दिव्य अनुभूति देता है। उन्होंने कहा कि जितने भी सन्त यहां विराजमान हैं, उन्होंने अपने जीवन को समर्पित करते हुये चुनौतियों व कठिनाइयों से लड़ने का ज्ञान दिया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गोस्वामी तुलसीदास जी के रामचरितमानस की पंक्ति-सन्त समागम हरि कथा तुलसी दुर्लभ होय…. का उल्लेख करते हुये दिव्य आध्यात्मिक महोत्सव में सभी सन्तों आदि को नमन किया। उन्होंने जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज का उल्लेख करते हुये कहा कि उनके व्यक्तित्व में चुम्बकीय तत्व हैं, जो भी उनके सम्पर्क में आता है, तो वह उनकी ओर खींचा चला जाता है। उन्होंने कहा कि आज यहां समृद्ध सन्त परम्परा का एक साथ दर्शन हो रहे हैं, जो वसुधैव कुटुम्बकम् को चरितार्थ कर रहा है। उन्होंने कहा कि आचार्य जूनापीठाधीश्वर भारत को विश्वगुरु के पद पर प्रतिस्थापित करने के लिये निरन्तर प्रयासरत रहते हैं। उन्होंने कहा कि यह उत्सव आध्यात्मिक जागरण के क्षेत्र में नई पीढ़ी का मार्ग प्रशस्त करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज अनेकों जन-कल्याणकारी कार्य पूरी निष्ठा व लगन से करते चले आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आपका ज्ञान, राष्ट्र निर्माण में मार्गदर्शन तथा आपकी प्रेरणा हमें हमेशा मिलती रहेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उल्लेख करते हुये कहा कि उनके नेतृत्व में निरन्तर सांस्कृतिक उत्थान हो रहा है। अयोध्या में राम मन्दिर का निर्माण प्रगति पर है, काशी कारीडोर के साथ ही उज्जैन भव्य स्वरूप ले चुका है, केदारनाथ धाम एक नये कलेवर में निखर रहा है, बद्रीनाथ में अनेकों कार्य कराये जा रहे हैं। केदारनाथ रोपवे तथा हेमकुण्ड रोपवे का कार्य प्रगति पर है, मानस खण्ड में जितने भी मन्दिर हैं, उनका सर्किट बनाने का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने आदि कैलाश तथा पार्वती कुण्ड के दर्शन भी किये। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व का परिणाम है कि आज पूरा विश्व मार्गदर्शन के लिये भारत की ओर देखता है।
मुख्यमंत्री ने सरकार द्वारा लिये गये ठोस कदमों का जिक्र करते हुये कहा कि हमारी सरकार ने सख्त नकल विरोधी कानून राज्य में लागू किया है, धर्मान्तरण के लिये 10 साल की सख्त सजा का प्राविधान किया गया है, देवभूमि का मूल स्वरूप बना रहे, इसके लिये काफी जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई गयी है, सरकारी नौकरियों में मातृशक्ति को 30 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिये जो कमेटी गठित की गयी थी, उसने अपना कार्य पूर्ण कर लिया है, जिसे नये साल में लागू किया जायेगा। उन्होंने कहा कि हमने उत्तराखण्ड को श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिये विकल्प रहित संकल्प लिया है तथा आप लोगों के आशीर्वाद से उत्तराखण्ड को श्रेष्ठ राज्य बनायेंगे।
आध्यात्मिक महोत्सव को महामण्डलेश्वर स्वामी यतीन्द्रानन्द गिरि, पूज्य स्वामी चिदानन्द मुनि, स्वामी रामदेव, सुधांशु त्रिवेदी, सुरेश चौहान आदि ने भी सम्बोधित किया।
मंच का संचालन स्वामी हरिचेतनानन्द जी ने किया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला का हरिद्वार पहुंचने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं विशिष्ठजनों ने भव्य स्वागत व अभिनन्दन किया।
इस अवसर पर जगत गुरू स्वामी राजराजेश्वराश्रम, निर्वाणी पीठाधश्वर, अटल पीठाधीश्वर, स्वामी अपूर्वानन्द जी महाराज, दिनेश, पूर्व शिक्षा मंत्री भारत सरकार, पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड एवं सांसद डॉ0 रमेश पोखरियाल निशंक, सांसद महेश शर्मा, कैबिनेट मंत्री प्रेमचन्द्र अग्रवाल, गणेश जोशी, नगर विधायक मदन कौशिक, आचार्य बाल कृष्ण, डॉ0 प्रणव पाण्डया, पूर्व कैबिनेट मंत्री यतीश्वरानन्द, राजेश अग्रवाल, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री महेन्द्र सिंह, अशोक चौहान, अजय कुमार, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, सुरेश राठौर, पूर्व मेयर मनोज गर्ग, भाजपा जिला अध्यक्ष संदीप गोयल, शोभाराम प्रजापति, उपाध्यक्ष लव शर्मा, आशू चौधरी, मैत्रेय पाणी, सुश्री मालिनी अवस्थी, देश-विदेश से आये हुये साधु-सन्त, आध्यात्मिक जगत से जुड़े हुये विशिष्ठजन सहित सम्बन्धित पदाधिकारी एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।