एक दिन में सर्वाधिक 18 जीआई प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाला उत्तराखण्ड बना पहला राज्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में जीआई प्रमाण पत्रों का वितरण किया। उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जिसे एक दिन में सबसे अधिक 18 जीआई प्रमाण पत्र मिले हैं। अब तक उत्तराखंड के कुल 27 उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है। राज्य को जो 18 नये जी.आई प्रमाण पत्र मिले हैं उनमें उत्तराखण्ड चौलाई, झंगोरा, मंडुआ, लाल चावल, अल्मोड़ा लखोरी मिर्च, बेरीनाग चाय, बुरांस शरबत, रामनगर नैनीताल लीची, रामगढ़ आडू, माल्टा, पहाड़ी तोर, गहत, काला भट्ट, बिच्छूबूटी फैब्रिक, नैनीताल मोमबत्ती, कुमांऊनी रंगवाली पिछोड़ा, चमोली रम्माण मास्क तथा लिखाई वुड कार्विंग शामिल हैं। उत्तराखण्ड के नौ उत्पादों तेजपात, बासमती चावल, ऐपण आर्ट, मुनस्यारी का सफेद राजमा, रिंगाल क्राफ्ट, थुलमा, भोटिया दन, च्यूरा ऑयल तथा ताम्र उत्पाद को पहले ही जी.आई टैग प्राप्त हो चुका है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी दूरदर्शी सोच के कारण ही आज भारत सरकार से उत्तराखंड के 18 उत्पादों को भौगोलिक संकेतक टैग युक्त प्रमाण पत्र मिल पाए हैं। जिन उत्पादों को जीआई टैग प्रमाण पत्र प्रदान किये गये, उनके उत्पादकों को भी मुख्यमंत्री ने बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज का दिन उत्तराखंड के लिए ऐतिहासिक है। 2003 में जीआई कानून बनने से लेकर 2023 तक के बीस वर्षों के सफर में पहली बार एक दिन में, एक साथ किसी राज्य के 18 उत्पादों को जीआई प्रमाण पत्र निर्गत किये गए हैं। इस उपलब्धि से उत्तराखंड के पहाड़ी व्यंजनों के साथ ही कई अन्य वस्तुओं तथा इनसे संबंधित कलाकारों को काफी लाभ होने के साथ ही दुनियाभर में उत्तराखंड को अलग पहचान मिलेगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि जीआई टैग युक्त उत्तराखण्ड के उत्पादों का निर्यात तेजी से बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत बनाने के प्रयासों को इससे और मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के सभी जिलों में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ योजना पर राज्य में तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। इस योजना के तहत बाजार में मांग के अनुरूप कौशल विकास, डिजाइन, रॉ मैटेरियल, नई तकनीक आदि के आधार पर प्रत्येक जिले में दो उत्पादों का विकास किया जा रहा है। उत्तराखंड के सभी 13 जिलों में वहां के स्थानीय उत्पादों को पहचान कर उनके अनुरूप परंपरागत उद्योगों का विकास करना योजना का मुख्य उद्देश्य है। इस योजना से स्थानीय काश्तकारों एवं शिल्पकारों के लिए जहां एक ओर स्वरोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर हर जिले के स्थानीय उत्पादों को विश्वस्तरीय पहचान मिल रही है।
कृषि एवं उद्यान मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड के लिए आज का दिन बेहद हर्ष का दिन है। उन्होंने कहा उत्तराखण्ड के मोटे अनाज मण्डुआ, झंगोरा, लाल चावल सहित 18 उत्पादों को एक साथ भौगोलिक सकेंतक (जीआई टैग) प्राप्त हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्म निर्भर भारत तथा लोकल फॉर ग्लोबल अभियान को बढ़ावा देने एवं श्रीअन्न को बढ़ावा देने के लिए जो मार्ग दर्शन दिये गये हैं, उसके अनुरूप प्रदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने जीआई के लिए प्रयास किया। उन्होंने कहा कि राज्य को एक साथ 18 उत्पादों के जीआई टैग प्राप्त हुए हैं जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। उत्तराखण्ड के 9 उत्पादों को जीआई टैग पहले ही मिल चुका है। कृषि मंत्री ने कहा कि 12 से 18 जनवरी 2024 तक एक सप्ताह का देहरादून में प्रदेश स्तरीय जी.आई महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।
इस अवसर पर उत्तराखंड मंडी परिषद एवं विपणन बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. अनिल डब्बू, प्रधानमंत्री के पूर्व सलाहकार भाष्कर खुल्बे, सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, पद्मश्री एवं जीआई विशेषज्ञ रजनीकांत, महानिदेशक कृषि रणवीर सिंह चौहान और वर्चुअल माध्यम से भारत सरकार के महानियंत्रक प्रो. उन्नत पी. पंडित उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने जहां की जनसभा, वहां खिला कमल

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में से तीन बड़े राज्यों में भाजपा को मिली जीत में ‘मोदी फैक्टर’ प्रमुख कारण रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व पार्टी हाईकमान क्षमताओं के आधार पर भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी सौंपते रहे हैं। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी राजस्थान और मध्यप्रदेश में 9 विधानसभाओं में प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जिनमें सभी पर भाजपा प्रत्याशियों को जीत हासिल हुई। मोदी जो भी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंपते हैं, धामी अब तक उस पर खरे उतरते आए हैं।

उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जलवा अब दूसरे राज्यों में भी देखने को मिल रहा है। उन्होंने राजस्थान और मध्यप्रदेश की कुल 9 विधानसभा सीटों पर धुआंधार प्रचार किया था जिनमें से सभी सीटों पर भाजपा ने जीत (फिलहाल निर्णायक बढ़त) हासिल की है। वह एक दिन में तीन-तीन जनसभाओं को संबोधित करते थे। उनके कई रोड शो भी हुए। जीत के लिहाज से धामी का स्ट्राइक रेट 100ः रहा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भाजपा शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों में सबसे युवा मुख्यमंत्रियों में से एक हैं। अपने जनहित से जुड़े कार्यों और धाकड़ फैसलों की वजह से मातृशक्ति और युवाओं के बीच उनकी खासी लोकप्रियता है। यही वजह है कि उत्तराखण्ड से बाहर अन्य राज्यों में होने वाले चुनावों में भी उनकी काफी डिमांड रहती है। राजस्थान और मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनावों में भाजपा हाईकमान ने कई विधानसभा क्षेत्रों में धामी की जनसभाएं और रोड शो करवाए। उनके हर कार्यक्रम में बड़ी तादाद में भीड़ जुटी। राजस्थान में उन्हानें 6 विधानसभा क्षेत्रों सांगानेर, झोटवाड़ा, विराटनगर, सांगोद, रामगंज मंडी और डग विधानसभा सीटों पर धुआंधार प्रचार किया था। जनसभाओं के अलावा उन्होंने समाज के किसान और व्यापारी वर्ग से सीधा संवाद भी कायम किया था। उनके रोड शो भी सफल रहे। इन छह विधानसभाओं में भाजपा को शानदार जीत हासिल हुई है। इस जीत में धामी की मौजूदगी भी एक बड़ा फैक्टर माना जा रहा है। सांगानेर से भजना लाल शर्मा, झोटवाड़ा सीट से राज्यवर्धन राठौर, विराटनगर से कुलदीप, सांगोद से हीरालाल नागर, रामगंज मंडी से मदन दिलावर और डग से कालूराम को विजय प्राप्त हुई।

मध्य प्रदेश में भी पुष्कर सिंह धामी ने तीन विधानसभा सीटों के कई स्थानों पर चुनाव प्रचार किया। भाजपा की जन आशीर्वाद यात्रा में भी उन्होंने प्रतिभाग किया। उन्हें ऐसी विधानसभा सीटों पर प्रचार में उतारा गया जहां उत्तराखण्ड मूल के लोगों की संख्या अधिक है। मध्य प्रदेश में जिन तीन विधानसभा सीटों पर धामी ने चुनाव प्रचार किया उनमें इंदौर-2, खुरई और सागर विधानसभा सीटें शामिल हैं। जिनमें क्रमशरू भाजपा प्रतयाशी रमेश मेंदोला, भूपेन्द्र सिंह और शैलेन्द्र कुमार जैन को जीत मिली।

दरअसल, पुष्कर सिंह धामी ने बतौर मुख्यमंत्री अभी तक के अपने लगभग ढाई वर्ष के कार्यकाल में जनहित में कई साहसिक और एतिहासिक फैसले लिए हैं। जिनमें नकल विरोधी कानून, सख्त धर्मांतरण कानून लागू करना शामिल हैं। इसके अलावा जमीन जेहाद के खिलाफ चलाया गया उनका बुल्डोजर पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। इतना ही नहीं समान नागरिक संहिता लागू करने को लेकर उनके द्वारा प्रदेश में की गई ठोस पहल को भी समूचे देश में सराहना मिली है। विस्तार ले रही रही उनकी लोकप्रियता की वजह से अन्य प्रदेशों के चुनाव में भी उनकी डिमांड बढ़ी है।

तीन राज्यों में हुए चुनावों में देश को बांटने की हुई कोशिशः मोदी

राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत के बाद दिल्ली में पार्टी हेडक्वार्टर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- कुछ लोग तो कह रहे हैं कि आज की इस हैट्रिक ने चौबीस की हैट्रिक की गारंटी दे दी है। इस चुनाव में देश को जातियों में बांटने की बहुत कोशिशें हुईं।
उन्होंने कहा कि मैं लगातार कह रहा था कि मेरे लिए देश में चार जातियां ही सबसे बड़ी जातियां हैं। ये हैं हमारी नारी शक्ति, युवा शक्ति, किसान और हमारे गरीब परिवार।इन चार जातियों को सशक्त करने से देश सशक्त होने वाला है। आज भी मेरे मन में यही भाव है। मैं अपनी माताओं-बहनों और बेटियों के सामने अपने युवा साथियों, किसान भाइयों के सामने, गरीब भाइयों के सामने नतमस्तक हूं। चुनाव परिणाम पर हर फर्स्ट टाइम वोटर कह रहा है कि मेरा पहला वोट मेरी जीत का कारण बना है। भविष्य का सपना देखने वाला युवा अपनी जीत देख रहा है। चुनाव नतीजों ने एक और बात स्पष्ट की है कि देश की युवा पीढ़ी सिर्फ विकास चाहती है। जहां की सरकारों ने युवाओं के खिलाफ काम किया है, वे सरकारें सत्ता से बाहर हुई हैं। चाहे छत्तीसगढ़ हो, राजस्थान हो या तेलंगाना हो।देश का युवा यह जानता है कि बीजेपी की सरकार युवा हितैषी होती है। युवाओं के लिए नए अवसर बनाने वाली होती है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम से देश की बेटियों-बहनों के मन में एक नया विश्वास जागा है। यह विश्वास जगा है कि भाजपा की सरकार में उन्हें एक नई बुलंदी मिलने वाली है। उन्हें लगता है कि बीजेपी ही नारी सुरक्षा, सम्मान और गरिमा की गारंटी है। उन्होंने देखा है कि बीते दस सालों ने भाजपा ने उन तक टॉयलेट, बिजली, गैस, नल से जल और बैंक में खाते जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए कितनी ईमानदारी से काम किया है।

पीएम ने कहा कि इस चुनाव में देश की बहन-बेटियों ने भाजपा की विजय की जिम्मेदारी उठा ली थी। आज मैं उनसे बहुत विनम्रता से कहूंगा कि बीजेपी ने आपसे जो वादे किए हैं वह शत-प्रतिशत पूरे किए जाएंगे और यह मोदी की गारंटी है। और मोदी की गारंटी यानी गारंटी पूरा होने की गारंटी।देश का आदिवासी समाज भी खुलकर अपनी बात रख रहा है। यह वह समाज है जो कांग्रेस की नीतियों की वजह से पीछे रहा। इन्हें अवसर नहीं दिए गए। हमने गुजरात में भी देखा कि जिस समाज को कांग्रेस ने कभी पूछा नहीं, उस समाज ने कांग्रेस का सफाया कर दिया। यही स्थिति हमने मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी देखी है। इन आदिवासी अंचलों में कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया है। देश का आदिवासी समाज विकास का आकांक्षी है। उसे भरोसा है कि इस आकांक्षा को भाजपा ही पूरा कर सकती है। आज मैं भाजपा कार्यकर्ताओं की सराहना करूंगा, उनकी भूरि-भूरि प्रशंसा करूंगा। भाजपा और कमल के प्रति आपका समर्पण अतुलनीय है। डबल इंजन की सरकार का उद्देश्य आपने घर-घर तक पहुंचाया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा के परिवार में चुनाव के दौरान एक दुखद घटना हो गई थी, फिर भी वह चुनाव अभियान में जुटे रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री मोदी से की मुलाकात, दिया इन्वेस्टर समिट का निमंत्रण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात कर उन्हें देहरादून में 08 व 09 दिसम्बर, 2023 को आयोजित हो रहे वैश्विक निवेशक सम्मेलन के उद्घाटन हेतु आमंत्रित किया।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी का सिल्क्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों की निकासी के दौरान दिये गये मार्गनिर्देशन और सहयोग हेतु आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा इसके लिए सभी आवश्यक संसाधन एवं मानवीय सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही निरन्तर इस विकट परिस्थिति का अनुश्रवण करने तथा इस अभियान से जुड़े लोगों, श्रमिकों एवं उनके परिजनों का मनोबल बढ़ाने से ही हम इस गंभीर संकट से अपने श्रमिक भाइयों को सुरक्षित वापस लाने में सफल हो पाये है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से राज्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से जमरानी बांध परियोजना को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में शामिल कर 1730.21 करोड़ की स्वीकृति के लिये आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही उन्होंने सौंग बांध पेयजल परियोजना को पूंजीगत व्यय हेतु वित्तीय सहायता के रूप में रू0 2460 करोड़ की स्वीकृति तथा जौलीग्रांट हवाई अड्डे के उच्चीकरण हेतु विशेष वित्तीय सहायता के रूप में रू0 3000 करोड़ की वित्तीय सहायता का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज परिसर, हरिद्वार में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने, न्यूजीलैंड के सहयोग से चल रहे कीवी फिजिबिलिटी स्टडी में उत्तराखंड को सम्मिलित करने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने मानसखण्ड मन्दिर माला परियोजना के विकास तथा पिथौरागढ़ के लिये सुगम यात्रा हेतु 508 किमी. सड़क के लिये 20 डीपीआर की मंजूरी के साथ रू0 1000 करोड की स्वीकृति तथा 03 राज्य मार्गों काठगोदाम-भीमताल ध्यानचुली- खेतीखान-लोहाघाट-पंचेश्वर मोटर मार्ग, ’मोहान-भतरोंजखान-भिकियासैंण-देघाट-बुंगीधर नागचुलाखाल- मेहलचौरी मोटर मार्ग, ’खैरना-रानीखेत-भतरोंजखान मोटर मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से कुमाऊं में जोलिंगकोंग-बेदांग 05 कि०मी०, सिपू-टोला 22 कि०मी० एवं मिलम लाप्थल 30 कि०मी० की तीन सुरंग परियोजनाओं की स्वीकृति के साथ टनकपुर-बागेश्वर रेल योजना को राष्ट्रीय परियोजना के रूप में पूर्ण वित्तपोषण हेतु रू0-44,140 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति का अनुरोध किया। उन्होंने नैनी-सैनी हवाई अड्डे से फिक्स्ड विंग वायुयान के संचालन, पंतनगर हवाई अड्डे के विस्तार के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को त्वरित कार्यवाही करने तथा कुमाऊ क्षेत्र में राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र की स्थापना का प्रधानमंत्री से अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने जनपद पिथौरागढ़ में धौलीगंगा एवं गौरी गंगा नदियों पर प्रस्तावित विभिन्न जल विद्युत परियोजनाओं के विकास एवं निर्माण की अनुमति तथा अलकनंदा, भगीरथी एवं उसकी सहायक नदियों में निर्विवादित 11 परियोजनाओं जिनकी कुल क्षमता 771 मे०वा० के विकास एवं निर्माण की अनुमति के साथ अलकनंदा, भगीरथी एवं उसकी सहायक नदियों में विशेषज्ञ समिति-2 द्वारा संस्तुत 10 परियोजनाओं जिनकी कुल क्षमता 1352 मेगावाट है के विकास एवं निर्माण की अनुमति देने का भी अनुरोध किया।

निवेश के नजरिए से उत्तराखंड सर्वाधिक मुफीदः धामी

8-9 दिसंबर को देहरादून में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दृष्टिगत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज एक होटल में आयोजित सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स मीट को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी इंफ्लुएंसर्स का स्वागत करते हुए कहा कि वर्तमान परिपेक्ष्य में आप सबकी बड़ी भूमिका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड तेजी से एक उभरता हुआ डेस्टिनेशन देश-दुनिया के लोगों के लिए बन रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे यहां चारधामों से लेकर अनेक देवस्थान हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था के लिहाज से उत्तराखंड देश के सबसे सुरक्षित राज्यों में से एक है और निवेश के लिए सर्वाधिक मुफीद है। उन्होंने कहा कि इन्वेस्टर्स समिट को लेकर हम देश व विदेश में कई स्थानों पर गए जहां से बहुत अच्छा रिस्पांस इसे लेकर मिला है। अब तक 2 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव पर हस्ताक्षर हो चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का ज्यादा से ज्यादा फोकस रोजगार सृजन पर है। इसी के मद्देनजर आगामी 8-9 दिसंबर को देहरादून में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन्वेस्टर्स समिट में अभी लगभग एक सप्ताह का समय हैं। उन्होंने सभी का आह्वान किया कि अपने माध्यम से वे देश-दुनिया में इस आयोजन का प्रचार प्रसार करें ताकि डेस्टिनेशन उत्तराखंड, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट सब जगह ट्रेंड हो जाए। उन्होंने कहा कि आप सभी लोग पूरे मनोयोग के साथ यहां आए हैं और शायद यह प्रभु ने ही तय किया होगा कि आप सभी लोग यहां आएं। उन्होंने कहा कि मेरा ऐसा मानना है कि इस दुनिया में जो कुछ होता है वह प्रभु की इच्छा से होता है और किसी न किसी माध्यम से हम सब जुड़ जाते हैं। उन्होंने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप लोग उत्तराखंड की बात, उत्तराखंड की विशेषता को प्रमुखता से रखेंगे। यहां की तमाम विशेषताएं आप सभी के माध्यम से दुनिया को पता लगेगी।

इससे पहले सभी इंफ्लुएंसर्स के साथ मुख्यमंत्री का एक इंटरैक्टिव सेशन भी रखा गया जिसमें मुख्यमंत्री ने सभी इंफ्लुएंसर्स के सवालों के एक-एक कर जवाब दिए।

इस मीट में सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स अमित भड़ाना सहित प्रीती गांधी, रवि भदौरिया, अरविंद अरोड़ा, अनुभव दुबे, ऋषि बागरी, गौरव ठाकुर, अभिजीत जमलोकी, संदीप गुंसाईं, रोशन सिन्हा, मधुसूदन पाटीदार, प्रकाश भारद्वाज, सौरभ रावत, गौतम खट्टर, प्रशांत उमराव, रमेश सोलंकी, किरण कुमार, निखिल चतुर्वेदी, आरुषि, आदि ने प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव शैलेश बगोली, सचिव विनय शंकर पांडेय, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी उपस्थित रहे।

इन्वेस्टर्स समिट-2023 की तैयारियों के संबन्ध में बैठक

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने गुरूवार को सचिवालय स्थित अपने सभागार में 8 एवं 9 दिसम्बर, 2023 को देहरादून में आयोजित हो रहे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक ली। मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को सभी तैयारियों समय से पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समिट के दौरान आयोजित हो रहे प्रत्येक इवेंट की विस्तृत रूपरेखा तैयार कर ली जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान शहर के यातायात एवं सुरक्षा से सम्बन्धित सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि यातायात के कारण देश-विदेश से आ रहे निवेशकों के साथ ही आमजन को परेशानी न झेलनी पड़े इसका ध्यान रखा जाए। इसके लिए अन्य जनपदों से भी यातायात पुलिस की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कार्यक्रम स्थल के आसपास पार्किंग की भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि इन्वेस्टर्स समिट के दौरान निवेशकों को आसपास के दर्शनीय स्थलों का भ्रमण भी कराया जा सकता है। उन्होंने समिट से पहले शहर के सौन्दर्यीकरण कार्य को पूरा करने के साथ ही सड़कों की स्थिति दुरूस्त किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने बिजली, फाईबर लाइन्स एवं केबल टीवी आदि की तारों को अंडरग्राउण्ड किए जाने के भी निर्देश दिए।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, शैलेश बगोली, अरविन्द सिंह ह्यांकी, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. वी. षणमुगम, विनोद कुमार सुमन एवं उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

आपदा के प्रभाव को कम करने को लेकर विशेषज्ञ और वैज्ञानिकों का मंथन जारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देर शाम इस वैश्विक सम्मेलन में पहुंच कर दुनिया भर से आये विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों से मुलाकात की। ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के सिल्वर जुबली कनवेंशन सेंटर में आयोजित इस चार दिवसीय विश्व स्तरीय सम्मेलन में आज का प्रथम सत्र काफी महत्वपूर्ण रहा। आपदा प्रबंधन पर विश्व स्तर के सबसे बड़े सम्मेलनों में से एक छठे विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन के इस सत्र में हिमालय में लचीलापन और सतत विकास पर वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञ ने विचार व्यक्त किए। वहीं, द्वितीय सत्र में देश के विभिन्न राज्यों, जो कि आपदा ग्रसित होते रहते हैं, को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई तथा साथ ही वैश्विक स्तर तक क्षमता निर्माण पर विशेषज्ञों ने विशेष रूप से अनुभव और विचार साझा किए। अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में तकनीकी सत्र भी रखे गए, इनमें क्षमता निर्माण को वैश्विक रणनीति का हिस्सा बताया गया।
विशेषज्ञों ने कहा कि शोध हमारे लिए जितने महत्वपूर्ण हैं और उनका कार्यान्वयन भी उतना ही अहम है। वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने विषम हालात में परिस्थितियों से खुद को बचाने, हिमालय क्षेत्र में विकास के महत्व को समझने, एकीकृत तरीके से ग्लेशियर के प्रभाव, उनके विभिन्न पहलुओं को समझ कर कदम उठाने चाहिए, जैसे अहम तरीन सवालों के जवाब भी सुझाये। इस महासम्मेलन में आपदाओं से निपटने की तैयारी पहले से करने को क्षति कम करने के लिए बहुत प्रभावी बताया गया।
टेक्निकल सत्र में विरासत और जलवायु के लिए नेट शून्य, सामुदायिक स्वास्थ्य, लचीलापन और तैयारियों पर पैनल चर्चा के साथ ही टर्की, सीरिया, मोरक्को, अफगानिस्तान, नेपाल और हैती के आपदा क्षेत्रों में मियामोटो के अनुभव से सबक लेने, ताप कार्य योजना, मानवीय सहायता और आपदा राहत में भारतीय सशस्त्र बलों की भूमिका, पर्वतीय पारिस्थितिकी तंत्र में स्थायी प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के लिए जलवायु, लचीली प्रौद्योगिकियों, जलवायु परिवर्तन से प्रेरित आपदाओं के प्रभाव को कम करने के लिए प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर मंथन किया गया।
सम्मेलन में आज तीसरे दिन के प्रथम सत्र की अध्यक्षता करते हुए डॉ. पेमा ग्याम्त्शो (आईसीआईएमओडी, नेपाल) ने कहा कि पहाड़ सुलभ हैं और वे हमें देश की सामाजिक अर्थव्यवस्था को बढ़ाने की सीमांतता और नाजुकता के बारे में भी बताते हैं और भविष्य में होने वाली भिन्न-भिन्न आपदाओं को और करीब से समझ कर उसका समाधान करने की महत्ता और तीव्रता का अहसास कराते हैं।
सत्र के मुख्य अतिथि विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि स्थिरता और विकास हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण पहलू हैं। हमने समय-समय पर कई खतरों और वातावरण की विकट एवं विपरीत परिस्थितियों का अनुभव किया है। उन्होंने पिछले दिनों हुई जोशीमठ की प्राकृतिक आपदा का हवाला देते हुए कहा कि इस आपदा ने न सिर्फ वहां के लोगों को भारी नुकसान पहुंचाया है, बल्कि आर्थिक रूप से भी क्षति का सामना हमें करना पड़ा है। यह हमारे लिए वास्तव में एक गंभीर घटना है और सबको ऐसी घटनाओं के प्रति पूर्ण रूप से जागरूक तथा सजग होना होगा।
विकास नगर क्षेत्र के विधायक चौहान ने जागरूकता एवं गंभीरता के लिए शिक्षा को काफी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह तभी संभव है जब हम अपने कर्तव्यों के लिए पूरी तरह से संवेदनशील होंगे। कार्यक्रम में अन्य कई विशेषज्ञ वक्ताओं ने भी विचार व्यक्त किए। प्रो. मार्कस मार्टिन नुसर (भूगोल विभाग, दक्षिण एशिया संस्थान, हीडलबर्ग विश्वविद्यालय, जर्मनी) ने कहा कि विश्व भर में जगह-जगह ग्लेशियर पिघलना भारी खतरे का आभास हम सभी को करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्लेशियर पीछे हटने के कारण झील क्षेत्र में भारी वृद्धि हुई हुई है। उन्होंने 2014 में ग्या के ग्रामीणों के बारे में भी बताया। 30 साल पहले बिना बारिश के एक छोटी सी बाढ़ आई थी, जिससे मैदानी क्षेत्रों को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ था। उन्होंने कहा कि 2014 के आसपास झील में वृद्धि देखी और फिर 2019 में एक बड़ी वृद्धि देखी गई, बाद में यह स्वीकार किया गया कि क्रायोस्फीयर खतरों की बढ़ती संभावना पर सूक्ष्म दृष्टि करने की आवश्यकता है। स्थानीय आपदा जागरूकता और तैयारी अभियानों को कुशल और विश्वसनीय प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली और स्थानीय पर्यावरण ज्ञान और अनुभव के एकीकरण के साथ-साथ तकनीकी निगरानी उपायों (सेंसर और कैमरों की स्थापना) को साइट-विशिष्ट भूमि उपयोग योजना और पर्याप्त अनुकूलन रणनीतियों के साथ जोड़ा जाना चाहिए। आपदा, अपरिहार्य का प्रबंधन, शहरीकरण प्रक्रियाओं और नए बुनियादी ढांचे के विकास से आम तौर पर बाढ़ से संभावित नुकसान और क्षति बढ़ जाती है यहां तक कि छोटे गोल्फ भी स्थानीय आजीविका के लिए संभावित रूप से हानिकारक हैं। यूकोस्ट के महानिदेशक डॉ दुर्गेश पंत ने आपदाओं से निपटने के लिए सतत प्रयासों और पहले से रणनीति बनाने की जरूरत बताई।
वक्ता डॉ. गौहर मेराज (जेएसपीएस पोस्ट-डॉक्टर फेलो, टोक्यो विश्वविद्यालय, जापान) ने कहा कि कुशन आपदा प्रबंधन के लिए कारण को समझना, प्रबंधन के लिए रणनीति तैयार रखना शामिल है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन में एक शोधकर्ता होने के नाते कुछ कर्तव्य हैं जिनका पालन करना चाहिए। हमारे सामने व्यवहारिक समाधान, पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं का मूल्यांकन व्यावहारिक विकल्प हैं। सम्मेलन की तीसरी शाम पर्यावरण की सुरक्षा की शपथ दिलाई गई।

प्रदेश के विकास के लिए हर क्षेत्र में महिलाओं का योगदान जरूरी- धामी

हल्द्वानी स्थित एमबी इंटर कालेज में गुरुवार को ईजा-बैंणी महोत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें नैनीताल समेत अन्य जिलों से करीब 40 स्वयं सहायता समूहों ने पहाड़ी उत्पादों के स्टाल लगाए। महोत्सव में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जिले के लिए 713 करोड़ की 66 योजनाओं का लोकार्पण और 193 योजनाओं का शिलान्यास किया।
ईजा बैंणी महोत्सव को लेकर आर्मी गेट से लेकर एमबी इंटर कॉलेज चौराहे तक पारंपरिक लोक वाद्य यंत्र छोलिया और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित किया। तिकोनिया चौराहे से दुर्ग सिटी सेंटर चौराहे तक दोनों तरफ हजारों की संख्या में लोगों ने मुख्यमंत्री का अभिवादन किया इस दौरान स्कूली बच्चे व महिलाओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
महोत्सव में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का महिलाओं ने दुर्गा सिटी सेंटर में फूल मालाओं के साथ कलश यात्रा कर जोरदार स्वागत किया। कार्यक्रम स्थल में पहुंचे मुख्यमंत्री ने सर्वप्रथम 713 करोड़ की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया तथा साथ ही प्रदेश के अन्य जनपदों के विकास योजनाओं का भी शिलान्यास व लोकार्पण वर्चुअल माध्यम से किया। इसके बाद कार्यक्रम स्थल में महिला समूहों द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टालों का निरीक्षण कर महिला समूहों का उत्साहवर्धन किया। जहां महिलाएं मुख्यमंत्री का स्वागत कर रहीं थी। वहीं मुख्यमंत्री ने भी महोत्सव में पहुंची महिलाओं का पुष्प वर्षा कर आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कन्या पूजन और दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। महोत्सव में पहुंचे मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य के विकास के लिए महिलाओं का योगदान बहुत जरुरी है। कहा कि मातृ शक्ति के सहयोग से राष्ट्र का संपूर्ण विकास होगा। इस दौरान उन्होंने व्यवसाय के क्षेत्र में स्टार्ट अप कर रही महिलाओं से बात कर महिला समूहों का उत्साहवर्धन किया। साथ ही जन कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से उत्कृष्ट महिला उद्यमी महिलाओं को सम्मानित किया। जिसमें लीला मटियाली, कमला नेगी, कृति, मिनाक्षी खाती, श्रद्धा कांडपाल, हेमा परगांई, कमला नेगी, पूजा रावत, कमला अरोड़ा, गुंजन, निर्मला देवी, कोमल अधिकारी, मनोरमा, खष्टी राघव को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की घोषणाएं
ईजा बैंणी महोत्सव में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिले के लिए कई महत्त्वपूर्ण घोषणाएं की। जिसमें मुख्य रूप से जम्मू कश्मीर राजौरी में शहीद संजय बिष्ट की याद में रातीघाट स्थित इंटर कालेज को शहीद संजय बिष्ट इंटर कालेज के साथ हली मोटर मार्ग को शहीद संजय बिष्ट के नाम से जानने की घोषणा की। साथ ही राजकीय इंटर कालेज कालाढूंगी में सड़क का विस्तार, हल्द्वानी गौवंश संरक्षण के लिए जल्द ही गौशाला निर्माण, शीशमहल स्थित फिल्टर प्लांट का क्षमता विकास, रानीबाग पुल का निर्माण करने की बात कही।

हल्द्वानी हरित कोयला परियोजना
नगर निगम हल्द्वानी-काठगोदाम एवं एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम लिमिटेड (एनवीवीएन) के मध्य एमओयू किया गया। अनुमानित परियोजना लागत 230 करोड है जिसे एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम लिमिटेड एनवीवीएन), एनटीपीसी लिमिटेड द्वारा ही वहन किया जाना है। यह उत्तराखंड की प्रथम सुविधा है जो नगरीय ठोस अपशिष्ट को हरित चारकोल में बदलेगी। गौला रौखड़ (गौला बायपास रोड), हल्दवानी में प्लांट प्रस्तावित है।
भारत सरकार के द्वारा आत्मनिर्भर भारत अभियान का समर्थन करने के लिए हल्द्वानी में एक ‘वेस्ट टू चारकोल’ सुविधा स्थापित की जाएगी। जिसमें नगर निगम द्वारा एकत्रित किया गया 500 टन प्रति दिन (टीपीडी) नगरीय ठोस अपशिष्ट (एम.एस.डब्ल्यू.) को चारकोल में प्रसंस्कृत किया जायेगा। यह सुविधा पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित होगी और भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान का समर्थन करेगी।
यह परियोजना हल्द्वानी के लिए महत्वपूर्ण अप्रत्यक्ष लाभ प्रदान करेगी, जो कूड़े से मुक्त शहरों के रूप में होगा, जो भारत सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को प्राप्त करने में मदद करेगा। इस परियोजना से कार्बन उत्सर्जन में 1.5 लाख टन कार्बन डाई ऑक्साइड में कमी की उम्मीद है।

पहाड़ी उत्पादों की अम्मा की रसोई का लिया स्वाद
पहाड़ का मोटा अनाज यानी श्री अन्न द्वारा निर्मित स्वादिष्ट व्यंजनों का स्टालों से प्रदर्शन किया गया। महोत्सव में पहुंचे लोगों ने झंगोरे की खीर, मंडवे की पूरी, पिंडालु, दाल के पकोड़े, गहथ के दुबके आदि का स्वाद लिया। राज्य के उत्पाद अपने स्वाद के साथ ही पौष्टिकता से भरपूर है। जहां कंडाली का सेवन एनीमिया में फलदायक है वही मंडवे में दूध से अधिक कैल्शियम पाया जाता है।

हथकरघा, ऐपण, स्वयं सहायता समूह के लगभग 40 स्टालों की प्रदर्शनी
महोत्सव में लाइव कला का प्रदर्शन कर रहे कुम्हार के साथ घड़ा बनाने में हाथ बढ़ाकर मुख्यमंत्री ने कारीगरों का मनोबल और मान बढ़ाया। वहीं वोकल फॉर लोकल उत्पादों का प्रोत्साहित भी किया। उन्होंने कहा कि लोकल उत्पाद पहाड़ की पहचान के साथ ही राज्य की आर्थिकी में भी सहायक है। विदेशों में उत्तराखंड के हथकरघा और हस्तकला की मांग बढ़ती जा रही है। हमें राज्य की कलाओं को संरक्षण और संवर्धन के साथ ही बेहतर ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर भी कार्य रहे है जिससे कलाकारों को उनके उत्पादों की विदेशों के साथ ही देश में भी उचित दाम मिल सके। महोत्सव में लगभग 40 स्टालों की प्रदर्शनी लगाई गई और उनकी अच्छी खासी बिक्री भी हुई।

नंदा गौरा योजना की तिथि बढ़ाई
महोत्सव में पहुंची महिला सशक्तिकरण एवम् बाल विकास मंत्री और नैनीताल प्रभारी रेखा आर्या ने महिला समूहों और महिला हित के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं छोटे छोटे उद्योग और पहाड़ी उत्पादों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही है। जो कि राज्य के लिए गर्व की बात ही। उन्होंने कहा कि नंदा गौरा योजना की आवेदन तिथि 20 दिसंबर बढ़ा दी गई। इच्छुक प्रतिभागी 20 दिसंबर तक आवेदन कर सकती हैं।

जिलाधिकारी वंदना चौहान ने मातृशक्ति को संबोधित करते हुए कहा आज के समय में महिलाओं को उद्योग से जुड़ने के लिए संसाधन बहुत हैं। साथ ही सरकार भी महिलाओं को सशक्त बनाने के हर संभव कार्य कर रही है। समाज में कन्या भ्रूण हत्या जैसी बुराईयों और कुरुतियों को हटाने के लिए हम सबको आगे आना होगा।

आपदाग्रस्त जोशीमठ के लिए 1658.17 करोड़ की योजना मंजूर

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति ने आपदाग्रस्त जोशीमठ के लिए ₹1658.17 करोड़ की रिकवरी एवं रिकंस्ट्रक्शन योजना को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने योजना की स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री का आभार प्रकट किया है।
योजना के तहत राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ) की रिकवरी एवं रिकंस्ट्रक्शन विंडो से ₹1079.96 करोड़ की केंद्रीय सहायता दी जाएगी। राज्य सरकार राहत के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) से ₹126.41 करोड़ और राज्य के बजट से ₹451.80 करोड़ देगी। इसमें पुनर्वास के लिए ₹91.82 करोड़ भूमि अधिग्रहण की लागत शामिल है।

मुख्यमंत्री ने सिल्क्यारा सुरंग में फसे श्रमिकों के परिजनों को मुख्यमंत्री आवास में किया सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में बुधवार को देर सांय तक सिल्क्यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों के सकुशल बाहर आने की खुशी में हर्ष पर्व के रूप में इगास मनायी गयी। इस अवसर पर श्रमिकों के परिजन भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने सभी परिजनों का माल्यार्पण करनें के साथ ही शॉल ओढ़ाकर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर सांस्कृतिक दलों द्वारा मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं। सांस्कृतिक कार्यक्रम में राज्य की लोक संस्कृति से श्रमिकों के परिजन भी रूबरू हुये तथा सांस्कृतिक नृत्य में परिजनों ने भागीदारी कर हर्षाेल्लास के साथ दीवाली मनायी तथा अपने परिजनों के सकुशल टनल से बाहर आने पर खुशी जतायी। उन्होंने इसके लिये मुख्यमंत्री का विशेषरूप से आभार जताया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में श्रमिकों के परिजनों ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के परिजनों को सम्मानित करते हुए उनके धैर्य और श्रमिकों के साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि हमारे लिए आज इगास का पर्व है, क्योंकि हमारे श्रमिक भाई सकुशल बाहर आ गए हैं और स्वस्थ हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भेलू खेलकर तथा लोक नृत्य कर इगास पर्व मनाते हुए सभी प्रदेशवासियों को पुनः इगास पर्व की शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बचाव दल की तत्परता, टेक्नोलॉजी के सहयोग तथा सुरंग के अंदर फंसे श्रमिक बंधुओं की जीवटता के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं बौखनाग देवता की कृपा से यह अभियान सफल हुआ और हमारे श्रमिक भाई सकुशल हमारे बीच आये। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके लिये यह अवसर बड़ी खुशी का रहा है। जितनी प्रसन्नता श्रमिक बंधुओं और उनके परिजनों को है, उतनी ही प्रसन्नता उन्हें भी हुई है। उन्होंने कहा कि बचाव अभियान से जुड़े एक-एक सदस्य का वे हृदय से आभार प्रकट करते है। जिन्होंने देवदूत बनकर इस अभियान को सफल बनाया। उन्होंने कहा कि सही मायनों में हमें अब ईगास पर्व की खुशी मिली है। उन्होंने कहा कि भगवान बौखनाग देवता की कृपा भी इसमें सहयोगी बनी।
मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के साहस, मनोबल और परिजनों के धैर्य के साथ ही रेसक्यू अभियान में शामिल सभी एजेंसियों व कार्मिकों की अनथक मेहनत को इस अभियान की सफलता का आधार बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुरंग में फंसे श्रमिकों को सकुशल बाहर निकालने के अभियान पर निरंतर नजर रखे हुए थे और वह श्रमिकों की कुशलता को लेकर हमेशा चिंतित रहते थे प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में श्रमिकों के अनमोल जीवन को बचाने की सरकार की वचनवद्धता और परिजनों के साथ ही जनता द्वारा जताए गए अटूट विश्वास ने इस बेहद जटिल, चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरे बचाव अभियान को कामयाब बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरंग हादसे के चलते हम सब इस बार दीपावली नही मना पाए थे, अब सभी श्रमिको को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिए जाने के बाद आज दिवाली का जश्न मनाया गया है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल, डॉ. धन सिंह रावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, विधायक खजान दास, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय, सचिव मीनाक्षी सुंदरम, एडीजीपी अमित सिन्हा, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।