जोशीमठ में प्रभावित परिवारों को तात्कालिक तौर पर दी जा रही है 1.5 लाख रूपये की अंतरिम सहायता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नगरपालिका क्षेत्र जोशीमठ के भू-स्खलन एवं भू- धसाव प्रभावित क्षेत्रों में प्रभावितों को बाजार रेट पर मुआवजा दिया जायेगा। बाजार की दर हितधारकों के सुझाव लेकर और जनहित में जारी की जाएगी। 03 हजार प्रभावित परिवारों को कुल 45 करोड़ रूपये की धनराशि जारी की गई है। तात्कालिक तौर पर प्रति परिवार 1.50 लाख रूपये की अंतरिम सहायता दी जा रही है। प्रभावित क्षेत्र में भूधसाव के कारण प्रभावित भू-भवन स्वामियों/परिवारों को स्थाई अध्यासन विस्थापन नीति तैयार होने से पूर्व 01 लाख रूपये की अग्रिम धनराशि दी गई है। प्रभावित भू-भवन स्वामियों / परिवारों को अपने भवन के सामान की ढुलाई एवं तात्कालिक आवश्यकताओं हेतु गैर समायोजय एकमुश्त विशेष ग्रान्ट के रूप में 50 हजार रूपये की धनराशि दी गई है। यह धनराशि उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्राधिकरण द्वारा जारी की गई। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में कुल खर्चे का पूरा आकलन कर सहायता राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने जोशीमठ में आपदा प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष हेतु अपने एक माह का वेतन दिया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में जिन मकानों में दरारें आयी हैं, उन मकानों को ध्वस्त करने की अफवाह फैलाई जा रही है। उन्होंने सभी से अपील की है कि इन अफवाहों पर ध्यान न दें। प्रभावित क्षेत्र में दरार वाले मकानों को ध्वस्त करने की कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्र में दरार वाले मकानों को तब तक ध्वस्त न कराया जाय, जब तक अपरिहार्य न हो। मुख्यमंत्री जोशीमठ प्रभावित क्षेत्र की सभी व्यवस्थाओं की अधिकारियों से नियमित रिपोर्ट ले रहे हैं। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि जोशीमठ क्षेत्र में प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी हर समस्याओं का शीघ्रता से निदान किया जाय। सुरक्षा की दृष्टि से जिन परिवारों को अन्यत्र स्थानों पर शिफ्ट कराया जा रहा है उनको वहां सभी बेहतर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाय। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि प्रभावितों के विस्थापन के लिए उनके सुझावों के आधार पर इतनी बेहतर व्यवस्था की जाय कि यह पूरे देश के लिए नजीर बने। उन्होंने कहा कि प्रभावितों के इस दुःख-दर्द में सरकार द्वारा उनको हर सम्भव सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी।

जोशीमठ के प्रभावित क्षेत्र में शासन के उच्चाधिकारी क्षेत्र में प्रभावितों से मिलकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। सचिव मुख्यमंत्री आर. मीनाक्षी सुन्दरम मौके पर प्रशासन के अधिकारियों के साथ सभी व्यवस्थाओं को देख रहे हैं। जोशीमठ के भू-स्खलन एवं भू- धसाव प्रभावित क्षेत्र में भूगर्भीय तथा अन्य आवश्यक जांचें संबंधित संस्थाओं द्वारा की जा रही है। नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी की टीम भी मौके पर मौजूद है।

देश के विशेषज्ञों की टीम भूधंसाव के कारणों का पता लगा रहीः सीएस

मुख्य सचिव डा. सुखवीर सिंह संधु ने आज जोशीमठ पहुंचकर भूधंसाव क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर मौजूदा स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान मुख्य सचिव के साथ डीजीपी पुलिस अशोक कुमार एवं सचिव मुख्यमंत्री आर.मीनाक्षी सुंदरम भी मौजूद थे।

मुख्य सचिव ने कहा कि देश के विशेषज्ञ वैज्ञानिकों की टीम द्वारा भूधंसाव कारणों का पता लगाया जा रहा है और इसके कारणों का पता लगने पर जो भी ट्रीटमेंट्स आवश्यक होगा वो यहां पर किया जाएगा। मुख्य सचिव ने कहा कि तात्कालिक रूप से नागरिकों की सुरक्षा बेहद अहम है और स्थानीय प्रशासन इसके लिए लगातार काम कर रहा है। उन्होंने स्थानीय नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी दशा में रिस्क ना ले। ऐसी स्थिति में कभी भी नुकसान ज्यादा हो सकता है। जिला प्रशासन द्वारा जहां पर व्यवस्था की गई है, वहां पर जल्द से जल्द शिफ्ट करें। इस दौरान मुख्य सचिव ने मनोहर बाग, सिंग्धार, मारवाडी स्थित जेपी कंपनी प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने मुख्य सचिव को आपदा की स्थिति के बारे में अवगत कराया।

वैदिक फाउंडेशन हिमालया योगालय में चैतन्य साधिका का मनाया जन्म

वैदिक फाउंडेशन हिमालया योगलय आश्रम में बड़ी धूमधाम के साथ स्वतंत्रता चैतन्य साधिका का जन्म महोत्सव ऋषि कुमारों के वैदिक मंत्रों के द्वारा मनाया गया।

महंत रवि प्रपन्नाचार्य महाराज ने बताया कि आज वैदिक फाउंडेशन हिमालया योगालय में बड़ी धूमधाम के साथ साध्वी स्वतंत्रता चौतन्य का जन्म महोत्सव समस्त जनमानस महामंडलेश्वर महंत की अगुवाई में मनाया गया। स्वामी शंकर तिलक महाराज की अध्यक्षता में समस्त साधकों स्पेन हंगरी न्यूजीलैंड जर्मन अनेकों देशों के सबको साथ मिलकर जन्म महोत्सव में शिरकत की।

महामंडलेश्वर स्वामी दयाराम दास महाराज ने बताया कि आज के परिवेश में जहां हमारा देश पाश्चात्य सभ्यता की ओर बढ़ रहा है। वही सनातन धर्म की ध्वजा को विदेशी साधक सब कुशल हमारी संस्कृति को अपना रहे हैं और हमारे धर्म का विदेशों में खूब प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। इसका जीता जागता उदाहरण वैदिक फाउंडेशन हिमालय योगालय आश्रम के साधको द्वारा हवन पूजा वेद वेदांत की पढ़ाई करना और हमारी संस्कृति को अपनाना उसका उदाहरण है।

आज स्वतंत्रता चौतन्य का जन्म महोत्सव हिंदू रीती रिवाजों के मुताबिक वैदिक मंत्रोचार के साथ 39 देशों में सीधा प्रसारण फेसबुक, यूट्यूब, व्हाट्सएप के माध्यम से सभी साधकों ने जन्म महोत्सव को देखा।

इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी दयाराम दास महाराज तुलसी मानस मंदिर के महंत रवि प्रपन्नाचार्य, महंत कामेश्वर पुरी महाराज, स्वामी रामदेव महाराज, आध्यात्मिक गुरु बोदी वर्तमान, स्वामी योग बीज महाराज, स्वामी शिवानंद महाराज, राम जोशी, उमाया चौतन्य, आरती चौतन्य, अभिषेक शर्मा, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष शिवमूर्ति कंडवाल आदि उपस्थित रहे।

पर्यटकों को आकर्षिक करने को निकली साइकिल रैली, सीएम ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय से मसूरी विंटर कार्निवाल के अंतर्गत साइकिल रैली का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मसूरी विंटर कार्निवाल पर्यटन को बढ़ावा देने वाला उत्सव है। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए साइकिल रैली का आयोजन किया जा रहा है। यह साइकिल रैली देहरादून से मसूरी तक होगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड का नैसर्गिक सौन्दर्य पर्यटकों को आकर्षित करता है। राज्य सरकार द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य में सड़क, हवाई एवं रेल कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार हो रहा है। राज्य में नए टूरिस्ट डेस्टिनेशन विकसित किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, अपर जिलाधिकारी के के मिश्रा, जिला पर्यटन अधिकारी जसपाल चौहान, जिला कमांडेंट होमगार्ड डॉ. राहुल सचान उपस्थित थे।

मसूरी ने विश्व पर्यटन के मानचित्र पर एक विशिष्ठ पहचान स्थापित की हैः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मसूरी विंटर लाइन कार्निवल 2022 का शुभारंभ किया। उन्होंने विंटर लाइन कार्निवाल में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अवलोकन किया। उन्होंने स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों की सराहना की तथा लोक कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

मसूरी वासियों को मसूरी विंटर लाइन कार्निवल 2022 के आयोजन की बधाई देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नैसर्गिक सौंदर्य से पूरित देवभूमि उत्तराखण्ड का प्रत्येक क्षेत्र एक विशेष प्रकार की ऊर्जा लिए हुए है। नए वर्ष के आगमन के साथ मसूरी विंटर लाइन कार्निवल का आयोजन देश-विदेश के पर्यटकों तथा विभिन्न राज्यों से आए लोक कलाकारों आदि के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध मसूरी का यह विंटर कार्निवाल पर्यटन व लोक संस्कृति का अनूठा संगम है। उन्होंने कहा कि मसूरी विंटर कार्निवाल उत्तराखंडवासियों के लिए ही नहीं बल्कि उत्तराखंड आए सभी पर्यटकों के लिए भी विशेष आकर्षण का केंद्र है। विंटर कार्निवाल के माध्यम से राज्य के कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का भी सुनहरा अवसर प्राप्त हो रहा है। देश-विदेश से आए प्रसिद्ध कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से इसे और भी अधिक मनोहारी बनाने का काम कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हम सभी के लिए गौरव की बात है कि पहाड़ों की रानी मसूरी ने विश्व पर्यटन के मानचित्र पर अपनी एक विशिष्ट पहचान स्थापित की है। प्रतिवर्ष लाखों पर्यटक मसूरी की ओर रुख करते हैं। सर्दियों में भी चांदी सी चमकती बर्फ का आनंद लेने के लिए अनेकों सैलानी मसूरी के आस-पास बड़ी संख्या में उमड़ते हैं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड आध्यात्मिक केंद्र के रूप में और अधिक सशक्त हुआ है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड की डबल इंजन की सरकार उत्तराखण्ड में पर्यटन विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का बताया है जिसमें राज्य के पर्यटन व सांस्कृतिक महोत्सवो की महत्वपूर्ण भूमिका होगी
हम पर्यटन तथा पर्यटक दोनों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए नित नई योजनाओं को लागू कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रसन्नता है कि विंटर कार्निवाल जैसे कार्यक्रम सरकार के “पर्यटन विकास के अभियान“ को सफल बनाने में अपना अमूल्य योगदान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आशा है कि देश विदेश से आए पर्यटक देवभूमि उत्तराखण्ड के इस महोत्सव की आनंदित स्मृतियों को अपने साथ लेकर जाएंगे।
इस अवसर पर जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून , अन्य वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में स्थानीय लोग तथा पर्यटक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं सुशासन पुरस्कार से सम्मानित हुए प्रदेशभर के अधिकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुशासन दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में सराहनीय कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं सुशासन पुरस्कार से सम्मानित किया। उन्होंने पुरस्कार प्राप्त करने वाले सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी आगे भी इसी मनोयोग से कार्य करते रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्य स्मृति में मनाये जाने वाले “सुशासन दिवस“ की सभी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि भारतीय राजनीति के शलाका पुरुष, ओजस्वी कवि, प्रखर वक्ता, उत्तराखंड के निर्माता, भारत रत्न श्रद्धेय, स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने अपना सम्पूर्ण जीवन जन सेवा के लिए समर्पित किया। प्रधानमंत्री के रूप में हो या एक व्यक्ति के रूप में हो, श्रद्धेय स्व. अटल जी का संपूर्ण जीवन, राजनीतिक या सामाजिक क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों के लिए ही नहीं अपितु समस्त देशवासियों के लिए भी एक प्रेरणा का स्रोत हैं। वे सच्चे अर्थों में भारतीय राजनीति में अजातशत्रु थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण की बात हो या प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी दूरगामी सोच वाली परियोजना की बात हो या फिर परमाणु परीक्षण जैसे साहसी कदम की बात हो, अटल जी ने देश के विकास के लिए अलग लकीर खींचने का काम किया। अटल जी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार ने भारत में विकास की चेतना को जागृत कर अभूतपूर्व कार्य किये। सुशासन, सामाजिक सशक्तिकरण और समरसता अटल जी का जीवन दर्शन था। अटल जी अन्त्योदय के दर्शन को कार्यरूप देने में विश्वास रखते थे, वे हमेशा समाज के गरीब और वंचित वर्ग के लिए चिंतित व सक्रिय रहते थे। राष्ट्रधर्म को वाजपेयी जी ने हमेशा दलगत राजनीति से ऊपर रखा। समानता और सामाजिक समरसता के प्रति वह सदा तन-मन-धन से समर्पित थे। उन्होंने कहा कि अटल जी के नेतृत्व वाली सरकार ने ही उत्तराखंड राज्य की स्थापना कर हम सभी के सपने को साकार करने का काम किया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड तेजी से प्रगति के पथ पर अग्रसर हैं। केन्द्र सरकार से हर क्षेत्र में उत्तराखण्ड को पूरा सहयोग मिल रहा है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार एक भारत, श्रेष्ठ भारत की संकल्पना को सार्थक करने हेतु उत्तराखंड को एक सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए संकल्पबद्ध है। राज्य सरकार वर्ष 2025 तक उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में “विकल्प रहित संकल्प“ को लेकर निरंतर कार्य कर रही है। इस संकल्प को पूर्ण करने के लिए सरकार के साथ-साथ समस्त प्रदेशवासियों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं सुशासन पुरस्कार 2021-22 से

व्यक्तिगत श्रेणी में 07 लोगों को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं सुशासन पुरस्कार 2021-22 से सम्मानित किया गया। जिसमें विशाल मिश्रा, नगर आयुक्त, नगर निगम, रूद्रपुर, ऊधमसिंह नगर, डा० राजीव कुमार, प्रभारी चिकित्साधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, यमकेश्वर, पौड़ी गढ़वाल, अजय सिंह, तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एस०टी०एफ० देहरादून, डा० राजीव कुमार शर्मा वरिष्ठ परामर्शदाता (सर्जन), उप जिला चिकित्सालय, कर्णप्रयाग, चमोली, दृष्टि आनन्द, खण्ड विकास अधिकारी, यमकेश्वर, पौड़ी गढ़वाल, मनीष खत्री उप निरीक्षक, उत्तराखण्ड पुलिस, एस०ओ०जी०, चम्पावत एवं नवीन कठैत, कांस्टेबल, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, कोतवाली, कर्णप्रयाग, चमोली शामिल हैं।
सामूहिक श्रेणी में 11 पुरस्कार दिये गये। जिसमें पहला पुरस्कार राधा रतूड़ी (ग्रुप लीडर) अपर मुख्य सचिव, सचिवालय प्रशासन विभाग, उत्तराखण्ड शासन, देहरादून एवं टीम के सदस्य आर. के. सुधांशु, प्रमुख सचिव, अमित सिन्हा, निदेशक, आई.टी.डी.ए., विनोद कुमार सुमन, सचिव, राजीव जोशी, वरिष्ठ तकनीकी निदेशक एन.आई.सी., वन्दना डंगवाल, अनु सचिव शामिल हैं। दूसरा पुरस्कार चन्देश कुमार (ग्रुप लीडर) आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद, उत्तराखण्ड, देहरादून, टीम के सदस्य मुहम्मद नासिर, उप राजस्व आयुक्त, अनूप सिंह नेगी, सहायक समीक्षा अधिकारी, पवन सिंह, मुख्य सहाय शामिल हैं। तृतीय पुरस्कार सुरेन्द्र नारायण पाण्डे (ग्रुप लीडर) आवास आयुक्त, उत्तराखण्ड आवास एवं विकास परिषद देहरादून, टीम के सदस्य प्रकाश चन्द्र दुम्का, अपर आवास आयुक्त, आनन्द राम, अधिशासी अभियन्ता, बबीता शर्मा, मुख्य सहायक शामिल हैं। चौथा पुरस्कार श्री आशीष चौहान (ग्रुप लीडर) तत्कालीन जिलाधिकारी, पिथौरागढ़ टीम के सदस्य गौरव कुमार, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, प्रशान्त कुमार, वित्त अधिकारी, मोहित लाल शाह, अपर जिला सूचना विज्ञान अधिकारी शामिल हैं। पांचवा पुरस्कार विजय कुमार जोगदण्डे (ग्रूप लीडर) तत्कालीन जिलाधिकारी, पौड़ी गढ़वाल (महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास के अन्तर्गत बेटी बचाओ-बेटी विषयक कार्यों हेतु“) टीम के सदस्य जितेन्द्र कुमार, प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी, चन्द्रकान्ता काला, बाल विकास परियोजना अधिकारी, प्रिति अरोड़ा, बाल विकास परियोजना अधिकारी, अंजू, बाल विकास परियोजना अधिकारी शामिल हैं। छठा पुरस्कार विजय कुमार जोगदण्डे (ग्रुप लीडर) तत्कालीन जिलाधिकारी, पौड़ी गढ़वाल, (जनपद पौड़ी गढ़वाल में स्वामित्व योजना क्रियान्वित किये जाने विषयक) टीम के सदस्य ईला गिरी, ए.डी.एम. पौड़ी गढ़वाल/नोडल अधिकारी, पूरण प्रकाश रावत, ए.एल.आर.ओ., सुशीला कोठियाल, तहसीलदार, जनपद पौड़ी गढ़वाल, मनजीत सिंह गिल, तहसीलदार यमकेश्वर, यशवीर सिंह, तहसीलदार धूमाकोट, विकास अवस्थी, नायब तहसीलदार, कोटद्वार शामिल हैं। सातवा पुरस्कार स्वाति एस भदौरिया तत्कालीन जिलाधिकारी/अध्यक्ष जनपद आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण, चमोली, उत्तराखण्ड एवं हिमांशु खुराना जिलाधिकारी/अध्यक्ष जनपद आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण, चमोली, उत्तराखण्ड (ग्रूप लीडर), टीम के सदस्य श्रीमती कुमकुम जोशी, उप जिलाधिकारी, नरेन्द्र सिंह रावत, रजिस्ट्रार कानूनगो, राजवीर सिंह नेगी, अमीन तहसील, शिवराज सिंह रावत, सहायक मुख्य राजस्व लेखाकार शामिल हैं। आठवा पुरस्कार श्वेता चौबे, आई०पी०एस० (ग्रुप लीडर) तत्कालीन पुलिस अधीक्षक, पुलिस कार्यालय गोपेश्वर, चमोली टीम के सदस्य महिला उपनिरीक्षक, ना०पु० मीता गुसांई, म0कान्स 15 ना०पु० ऊषा तथा म0कान्स0 35 ना०पु० नन्दी शामिल है।
उत्तराखण्ड सचिवालय, विधानसभा सचिवालय, उत्तराखण्ड राज्यपाल सचिवालय श्रेणी- तृतीय के तहत आशीष कुमार मिश्रा अनुभाग अधिकारी, उत्तराखण्ड सचिवालय तथा रंजना, समीक्षा अधिकारी, उत्तराखण्ड सचिवालय देहरादून को पुरस्कार प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं सुशासन पुरस्कार 2020-21 से

व्यक्तिगत श्रेणी-1 में 06 लोगों को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं सुशासन पुरस्कार 2020-21 से सम्मानित किया गया। जिसमें मयूर दीक्षित, तत्कालीन जिलाधिकारी, उत्तरकाशी, युक्ता मिश्र, तत्कालीन उपजिलाधिकारी, नरेन्द्रनगर, टिहरी गढ़वाल कार्यालय उपजिलाधिकारी / परगना मजिस्ट्रेट नरेन्द्रनगर, प्रोफेसर कमल किशोर पाण्डे, प्राचार्य, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रूद्रपुर, डॉ० अनिता तोमर, प्रोफेसर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, माल देवता, रायपुर, देहरादून, पंकज कुमार उप्रेती, असिस्टेंट प्रोफेसर राजकीय महाविद्यालय, टनकपुर, चम्पावत, विमी जोशी, सहायक परियोजना निदेशक, चम्पावत / प्रादेशिक विकास सेवा, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, चम्पावत शामिल हैं।
श्रेणी- तृतीय के तहत शासन/विधान सभा /राजभवन के अन्तर्गत रंजना, समीक्षा अधिकारी उत्तराखण्ड सचिवालय, देहरादून को पुरस्कार प्रदान किया गया।
सामूहिक श्रेणी में 07 पुरस्कार प्रदान किये गये जिनमें शैलेश बगौली (ग्रुप लीडर), तत्कालीन सचिव, शहरी विकास विभाग, टीम के सदस्य विनोद कुमार सुमन, तत्कालीन सचिव (प्रभारी), शहरी विकास विभाग, ललित मोहन रयाल, तत्कालीन निदेशक, अशोक कुमार पाण्डेय अपर निदेशक शामिल हैं। दूसरा पुरस्कार शैलेश बगौली (ग्रुप लीडर) तत्कालीन सचिव शहरी विकास विभाग (नगर निकाय सम्पत्ति कर प्रणाली, जी०आई०एस० मैचिंग द्वारा डिजिटलाइज किये जाने विषयक कार्य हेतु) टीम के सदस्य में विनोद कुमार सुमन, तत्कालीन सचिव (प्रभारी), ललित मोहन रयाल, तत्कालीन निदेशक, अशोक कुमार पाण्डेय, अपर निदेशक, कमलेश मेहता, तत्कालीन संयुक्त निदेशक, रवि पाण्डेय, अधीक्षण अभियन्ता शामिल हैं। तृतीय पुरस्कार सोनिका (तत्कालीन मिशन निदेशक/राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) (ग्रुप लीडर) टीम के सदस्य में डॉ सरोज नैथानी, निदेशक एन.एच.एम. शामिल हैं। चौथा पुरस्कार ईवा आशीष श्रीवास्तव (ग्रुप लीडर) तत्कालीन जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल टीम के सदस्य में अभिषेक रूहेला, तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी, जेपी तिवारी मुख्य कृषि अधिकारी सुनील कुमार, जिला विकास अधिकारी, सोमाश कुमार गुप्ता, कृषि एवं भूमि संरक्षण, नरेन्द्रनगर, आनन्द सिंह भाकूनी, परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण शामिल हैं। पांचवा पुरस्कार डॉ० आशीष कुमार श्रीवास्तव, (ग्रुप लीडर) तत्कालीन जिलाधिकारी देहरादून एवं तत्कालीन निदेशक, आईटीडीए आईटी पार्क टीम के सदस्य में नितिका खण्डेलवाल, तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी देहरादून एवं रामस्वरूप उनियाल डिप्टी जनरल मैनेजर (आई०टी०), स्मार्ट सिटी, देहरादून शामिल हैं। छठा पुरस्कार नितिका खण्डेलवाल, तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी, देहरादून (ग्रुप लीडर) टीम के सदस्य में डॉ० आशीष कुमार श्रीवास्तव, तत्कालीन जिलाधिकारी देहरादून एवं तत्कालीन निदेशक, आईटीडीए आईटी पार्क, सांतवा पुरस्कार अभिषेक त्रिपाठी (ग्रुप लीडर) तत्कालीन अपर मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन टीम के सदस्य में डॉ. पंकज सिंह, स्टेट सर्विलांस ऑफिसर शामिल हैं।

कैबिनेट में हुआ फैसला, शहरी क्षेत्रों में बनेंगे साइकिल ट्रैक

मसूरी में बीते माह हुए दो दिवसीय चिंतन शिविर में उत्तराखंड को सशक्त बनाने के लिए मिले 25 सुझावों को मूर्त रूप देने को कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। संबंधित विभागों को इन सुझावों पर कार्ययोजना प्रस्तुत करने के लिए एक से तीन माह का समय दिया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इन कार्ययोजना को मंजूरी देने के लिए अधिकृत किया गया है। अब इन्हें दोबारा कैबिनेट के समक्ष रखने की आवश्यकता नहीं होगी। प्रदेश सरकार का मुख्य फोकस राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने यानी वर्ष 2025 तक उत्तराखंड को देश के अग्रणीय राज्यों में शामिल करने पर है।

इसके लिए बीते माह 22 से 24 नवंबर के बीच मसूरी में चिंतन शिविर का आयोजन किया गया था। तीन दिन तक चले मंथन के बाद इसमें विभिन्न विभागों से संबंधित 25 बिंदु ऐसे चिह्नित किए गए जो राज्य के सर्वांगीण विकास में सहायक हो सकते हैं। मंगलवार को इन बिंदुओं का कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुतिकरण हुआ। इन्हें प्रदेश में लागू करने पर कैबिनेट ने सैद्धांतिक सहमति जता दी।
भूखंडों के आवंटन को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनेगी समिति
कैबिनेट ने तय किया कि प्रदेश में भूमि की स्थिति के अनुसार उसका सदुपयोग किया जाएगा। शहरों के भीतर बने गोदाम, पशु चिकित्सालयों, मंडियों आदि को बाहर स्थानांतरित किया जा सकता है। शहर के भीतर व बाहर की भूमि के आवंटन को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अनुशंसा समिति बनाई जाएगी।

इसमें सचिव नियोजन व सचिव वित्त के अलावा भूमि की मांग करने वाले विभाग के सचिव, भूमि के स्वामित्व वाले विभाग के सचिव व राजस्व विभाग के सचिव को शामिल किया जाएगा। इसकी अंतिम स्वीकृति मुख्यमंत्री के स्तर से होगी।
सभी जिलों को मार्च तक कराना होगा जिला योजनाओं का अनुमोदन
वित्त विभाग हर वर्ष जिला योजना के बजट का निर्धारण कर सभी जिलों को 31 दिसंबर तक इसकी सूचना देगा। सभी जिलों के लिए जनवरी से मार्च तक जिला योजना का अनुमोदन लेना अनिवार्य किया गया है। मई तक योजना का अनुमोदन न होने पर 10 प्रतिशत राशि की कटौती की जाएगी। इसके पश्चात मुख्यमंत्री जिला योजना का अनुमोदन करेंगे

दो वर्ष में चिह्नित स्थानों पर लगाए जाएंगे शत प्रतिशत क्रैश बैरियर
प्रदेश में सड़क सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए तीन माह के भीतर सभी दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान की जाएगी। अगले दो वर्ष में यहां क्रैश बैरियर लगाए जाएंगे। इसके लिए लोनिवि को आवश्यकतानुसार बजट दिया जाएगा।
परिवार रजिस्ट्री तंत्र होगा विकसित
राज्य की डेटा प्रणाली में बेहतर सामंजस्य के लिए परिवार रजिस्ट्री विकसित की जाएगी। इससे सभी लाभार्थीपरक योजनाओं एवं प्रमाण पत्र मामले में त्वरित कार्यवाही हो सकेगी।

उत्कृष्ट शिक्षकों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए उत्कृष्ट शिक्षकों की पहचान की जाएगी। इन शिक्षकों को आइआइएम समेत देश व विदेश के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों व विश्वविद्यालयों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। फिर ये मास्टर ट्रेनर प्रदेश में अन्य शिक्षकों को भी प्रशिक्षित करेंगे।
हरित तकनीक से बनेंगी 25 प्रतिशत सड़कें
राज्य में वर्ष 2025 तक कम से कम 25 प्रतिशत सड़कों का निर्माण हरित तकनीक के साथ किया जाएगा। इनके निर्माण में फिर से इस्तेमाल होने योग्य सामग्री का इस्तेमाल किया जाएगा।

शहरी क्षेत्रों में बनाए जाएंगे साइकिल ट्रेक
शहरी क्षेत्रों में साइक्लिंग को बढ़ावा देने के लिए साइकिल ट्रेक की पहचान की जाएगी। जहां भी संभव होगा, वहां इनका निर्माण किया जाएगा। वहीं, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए वर्ष 2025 तक हर 100 किमी पर एक चार्जिंग स्टेशन बनाया जाएगा।
ये भी हैं अहम बिंदु
– नीति आयोग की तर्ज पर राज्य में बनेगा थिंक टैंक। इसके लिए उत्तराखंड सेतू के गठन को सैद्धांतिक स्वीकृति

– परिसंपत्तियों के मौद्रीकरण व पीपीपी में परियोजनाओं के लिए उत्तराखंड निवेश एवं अवस्थापना विकास बोर्ड का होगा गठन

– प्रदेश में मलिन बस्तियों की समस्या के समाधान को बनेगा आवास माडल। सभी शहरों में बनेंगी 5000 यूनिट

– सभी नदियों की बाढ़ शमन योजना की जाएगी तैयार
निकायों में कार्यों को गति देने के लिए अधिकारियों को दिए जाएंगे अतिरिक्त प्रभार

– सीडीओ को ग्रामीण के साथ ही शहरी क्षेत्रों के पर्यवेक्षक अधिकारी के रूप में किया जाएगा नामित

– विद्यालयों में बनाए जाएंगे सर्वेात्तम तकनीक से सुसज्जित पुस्तकालय

– स्कूली ढांचे में किया जाएगा सुधार, लैब व स्मार्ट कक्षाएं होंगी विकसित

– सहकारिता एवं मंडी परिषद के माध्यम से होगी मोटे अनाज की खरीद
फल, फूल व सब्जियों के संवर्द्धन को मुख्य शहरों में बनेंगे उत्कृष्टता केंद्र

– सभी ट्रेकिंग अनुमति के लिए सिंगल विंडो पोर्टल होगा विकसित

– होम स्टे के प्रचार और प्रमाणन के लिए निजी एग्रीगेटर होगा नियुक्त

– शहरी की सीमा से बाहर स्थित रिसोर्ट पर भी लगाया जाएगा कर

– यूजर चार्ज को वर्तमान मुद्रास्फीति दर से जोड़ने को होगा परीक्षण

– यूजर चार्ज की वसूली बिजली के बिलों के साथ करने पर होगा विचार

– इलेक्ट्रिक कचरे के लिए बनेगी ई-अपशिष्ट नीति

– उत्तराखंड में ड्रोन प्रशिक्षण स्कूलों का निर्माण

– उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निजी निवेश को मिलेगी सैद्धांतिक स्वीकृति

ऑनलाइन हुई जीएसटी परिषद की 48वीं बैठक

जीएसटी परिषद की 48वीं बैठक केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी की अध्यक्षता में ऑनलाइन आयोजित हुई। बैठक में उत्तराखण्ड राज्य का प्रतिनिधित्व सूबे के वित्त मंत्री डॉ प्रेम चंद अग्रवाल ने किया।

सचिवालय में आयोजित ऑनलाइन बैठक में विभिन्न विषयों यथा विधि समिति द्वारा संस्तुत विषयों तथा फिटमेंट समिति द्वारा संस्तुत विषयों पर विस्तृत चर्चा की गयी।

बैठक में राज्य द्वारा समाधान व्यापारियों को ई-कॉमर्स ऑपरेटर के माध्यम से बिक्री किये जाने की सुविधा दिए जाने, सेवाओं के निरस्तीकरण के मामले में अपंजीकृत व्यक्तियों को रिफंड दिए जाने की सुविधा देने, अपीलार्थी को अपील वापस लिए जाने की सुविधा दिए जाने तथा टीडीएस/टीसीएस कटौती/जमा करने वाले व्यक्तियों को पंजीयन स्वयं निरस्त करने की सुविधा देने पर सहमति व्यक्त की गई स

बैठक में फिटमेंट समिति द्वारा की गई संस्तुतियों के अंतर्गत कर दरों के संबंध में स्पष्टीकरण जारी किए जाने तथा कतिपय विसंगतियों को दूर किये जाने पर विचार विमर्श किया गया, जिसका राज्य द्वारा समर्थन किया गया।

बैठक में डा. अहमद इकबाल, आयुक्त राज्य कर सहित विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

1500 लोगों का निकला बिल लाओ इनाम पाओ योजना में इनाम, वित्त मंत्री ने निकाला लकी ड्रा

वित्त मंत्री डॉ प्रेम चंद अग्रवाल ने आज बिल लाओ, इनाम पाओ योजना का प्रथम मासिक ऑनलाइन लक्की ड्रा निकाला। इस दौरान 1500 विजेताओं की ऑनलाइन लक्की ड्रा के माध्यम से सूची तैयार की गई।

रिंग रोड स्थित राज्य कर विभाग के मीटिंग रूम में प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। वित्त मंत्री डॉ प्रेम चंद अग्रवाल ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा उपभोक्ताओं को बिल लेने के संबंध में जागरूक करने के उद्देश्य से “बिल लाओ ईनाम पाओ” योजना चलायी जा रही है।

मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि इस क्रम में आज इस योजना के पहले लक्की ड्रॉ की घोषणा की गयी है। उन्होंने बताया कि लक्की ड्रा में 500 विजेता मोबाइल फोन, 500 विजेता स्मार्ट वॉच, 500 विजेता एयर बग के निकाले गए हैं।

मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि अप्रैल माह के अंत में मेगा लक्की ड्रा का आयोजन होगा। इसमें मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी मौजूद रहेंगे। उन्होंने बताया कि इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य प्रदेश के विकास एवं कर संग्रह में वृद्धि हेतु जनता के योगदान को प्रोत्साहित करना है।

मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि इस प्रकार खरीद पर बिल प्राप्त करने की जागरूकता के माध्यम से राजकोष को सुरक्षित करने में समस्त हितधारकों की भागीदारी सुनिश्चित होगी। इस दौरान वित्त मंत्री ने समस्त जनता से खरीद पर बिल प्राप्त करते हुए राज्य के विकास तथा खुशहाली में योगदान देने की अपील की।

बता दें कि प्रथम लक्की ड्रा ऐसे उपभोक्ताओं के9 शामिल किया गया है, जिनके द्वारा पंजीकृत व्यापारियों से की गयी खरीद पर प्राप्त बिल को ठस्प्च्न्ज्ञ ।च्च् पर अपलोड किया गया है। आज के पहले लकी ड्रा में 01 सितम्बर, 2022 से 30 नवम्बर, 2022 तक की अवधि में की गयी खरीद पर अपलोड किये गए बिलों को शामिल किया गया है। इस योजना के अंतर्गत पुरस्कार विजेताओं तथा पुरस्कार वितरण में पूर्ण पारदर्शिता रहे इसीलिए इस सम्पूर्ण प्रक्रिया में कोई मानवीय हस्तक्षेप नहीं रखा गया है। सम्पूर्ण कार्यवाही इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से पूर्ण की जाती है।

विभाग की चयनित टीम द्वारा उनके सत्यापन के उपरान्त ही पुरस्कार दिये जायेंगे। इसके अतिरिक्त योजना की अवधि की समाप्ति पर माह अप्रैल या मई, 2023 में मेगा लकी ड्रा का भी आयोजन किया जाना है, जिसमें ग्राहकों को कारें, इलैक्ट्रिक स्कूटर, बाइक, लैपटॉप, माइक्रोवेव जैसे 10 करोड़ के विभिन्न पुरस्कार जीतने का अवसर प्राप्त होगा।

इस मौके पर कमिश्नर राज्य कर अहमद इकबाल, स्पेशल कमिश्नर आई एस बृजवाल, एडिशनल कमिश्नर अनिल सिंह, अमित गुप्ता, ज्वाइंट कमिश्नर अनुराग मिश्रा, राकेश वर्मा, डिप्टी कमिश्नर एस एस तरुवा, दीपक बृजवाल आदि उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव ने राज्य आपदा मोचन निधि और आपदा न्यूनीकरण निधि के तहत प्रस्तावों को दी स्वीकृति

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन विभाग की राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य आपदा मोचन निधि और राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के अंतर्गत विभिन्न प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।

बैठक में 208.12 करोड़ की लागत के बलियानाला ट्रीटमेंट कार्य को सहमति प्रदान की गई। मुख्य सचिव ने योजना पूर्ण होने की प्रस्तावित समय 4 साल को घटा कर 2 साल में पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्य 2 अथवा 3 शिफ्ट में युद्ध स्तर पर किया जाए। जो कार्य समानांतर शुरू किए जा सकते हैं, किए जाएं, एवं टेंडर भी तुरंत जारी किए जाएं। मुख्य सचिव ने इस कार्य में पर्यटन को जोड़े जाने की बात कही। बैठक के दौरान 1020.09 लाख की लागत के नैनीताल में डीएसबी कॉलेज बालिका छात्रावास और ठंडी सड़क के भूस्खलन की रोकथाम कार्य को भी सहमति प्रदान की गई।

मुख्य सचिव ने आपदा प्रबंधन विभाग को प्रदेश में मानसून काल के दौरान विभिन्न जनपदों और रेखीय विभागों को दी जाने वाली राशि उपलब्ध कराने में उदारवादी होने की बात कही। साथ ही निर्देश दिए कि विभागों को टारगेट दिए जाएं ताकि तेजी से कार्य पूर्ण किए जा सकें, इससे आमजन की समस्याओं का तेजी से निस्तारण किया जा सकेगा। बैठक में 15.00 करोड़ की लागत से आपदा के त्वरित प्रतिवादन हेतु राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आईआरएस सिस्टम और सॉफ्टवेयर विकास कार्य को भी स्वीकृति प्रदान की गई। उन्होंने इसमें आईटीडीए को भी शामिल किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने 30.00 करोड़ की लागत के प्राकृतिक विपत्तियों के कारण क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं की तात्कालिक मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्यों को सहमति देते हुए उत्तराखण्ड जल संस्थान को प्रदेशभर के अधिक से अधिक कार्यों को शामिल करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक विपत्तियों के कारण पाइपलाइंस टूटने से बहुत से क्षेत्रों को पानी की समस्या से जूझना पड़ता है, इसके लिए शीघ्र बैठकें आयोजित कर सैचुरेशन प्लान तैयार किया जाए।

समिति की बैठक के दौरान 175.00 लाख की लागत के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मेटियोरोलॉजी (आईआईटीएम) पुणे के माध्यम से देहरादून और श्रीनगर में वज्रपात की चेतावनी हेतु सेंसर लगाए जाने को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

इस अवसर पर सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, आर. राजेश कुमार, हरि चंद्र सेमवाल एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कमिश्नर कुमाऊं दीपक रावत एवं अपर सचिव आपदा प्रबंधन सविन बंसल आदि उपस्थित रहे।