अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का सीएम ने किया उद्धाटन, यह मंत्री भी रहे मौजूद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश स्थित योग भरत घाट में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड देश की सांस्कृतिक राजधानी ही नहीं अपितु योग और वेलनेस का उत्कृष्ट केंद्र भी है। इसलिए राज्य सरकार प्रदेश में योग व वेलनेस केंद्रों का विकास करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। योग हमारे प्रदेश की प्राचीनतम परंपरा है, योग के माध्यम से उत्तराखंड के लोगों को देश विदेश में नई पहचान मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा योग के क्षेत्र में काम कर रहे उत्तराखंड के लोगों को सम्मानित किया जाना समस्त प्रदेशवासियों के लिए सम्मान का विषय है। यह हमारा सौभाग्य है कि इस अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में पद्मश्री से सम्मानित आदरणीय योगाचार्य स्वामी शिवानंद जी, रजनीकांत जी का मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है। योग महोत्सव में आगंतुकों को जहां एक ओर योग, ध्यान और प्राणायाम की बारीकियों को सीखने का मौका मिलता है, वहीं दूसरी ओर वे नाड़ी परीक्षण और आयुर्वेद शिविरों के माध्यम से अपनी समस्याओं का निःशुल्क समाधान भी पाते हैं।

उन्होंने कहा कि ऋषिकेश की आध्यात्मिक भूमि पर संध्या काल में गंगा आरती, भजन, संकीर्तन और आंचलिक लोक-संगीत की धुन योग महोत्सव में भाग लेने वालों को उत्तराखंड की संस्कृति और विरासत से रूबरू कराने का कार्य करेगी। आज हम कितने तनावपूर्ण माहौल में क्यों न हों, कुछ मिनट का ध्यान हमें आराम देता है, हमारी क्षमताओं को बढ़ा देता है। इसलिए, हमें योग को एक अतिरिक्त काम के तौर पर नहीं लेना है, हमें योग को जानना भी है, हमें योग को जीना भी है, हमें योग को पाना भी है और हमें योग को अपनाना भी है। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत, विश्व को योग का संदेश दे रहा है, ऐसे में अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का महत्व और भी बढ़ जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा की ऋषिकेश की नैसर्गिक सुंदरता भी ऐसी है कि लोग स्वयं यहां प्रकृति का आनंद लेने के लिए आते हैं और योग महोत्सव के दौरान यह सौंदर्य और आनंद अपने चरम को छू लेता है। संपूर्ण विश्व में आज हमारे ऋषिकेश को योग की अंतरराष्ट्रीय राजधानी कहा जाता है, यह हम सभी के लिए बड़ी गौरव की बात है।

उन्होंने कहा की कुछ ही दिनों बाद यहां होने वाली जी20 बैठक के बाद तो ऋषिकेश की इस आध्यात्मिक भूमि से विश्व का कोना कोना परिचित हो जायेगा। आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में घर-घर में योग का प्रचार हुआ है, आज योग ’पार्ट ऑफ लाइफ’ नहीं बल्कि अब ’वे ऑफ लाइफ’ बन चुका है। उन्होंने कहा कि ऋषि-मुनियों की तपस्थली ऋषिकेश जैसे भारत के आध्यात्मिक केन्द्रों ने जिस योग-ऊर्जा को सदियों से पोषित किया, आज वो योग ऊर्जा विश्व स्वास्थ्य को दिशा दे रही है। आज योग वैश्विक सहयोग का पारस्परिक आधार बन रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज योग मानव मात्र को निरोगी जीवन का विश्वास दे रहा है, आज दुनिया के अलग-अलग देशों में सूर्याेदय के साथ, सूर्य की गति के साथ, लोग योग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि कि इस महोत्सव में आयोजित होने वाले सत्रों की सार्थक चर्चा, हमारी सरकार को योग के क्षेत्र में और अधिक कार्य करने के लिए प्रेरित करेगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देशन में उत्तराखण्ड की हमारी डबल इंजन की सरकार उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने विकल्प रहित संकल्प को पूरा करने के लिए संकल्पबद्ध होकर निरंतर कार्य कर रही है। आज जब पूरी दुनिया में हमारे प्रदेश की पहचान योग और आध्यात्म की जननी के रूप में है, तब हम सभी का दायित्व है कि इस पहचान को उत्कृष्टता प्रदान करने का कार्य करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी चार धाम यात्रा यहां आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों को सुगम और सरल हो इसके लिये व्यापक तैयारियों की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले बार की यात्रा में तमाम चुनौतियों के बावजूद 50 लाख से अधिक यात्री देवभूमि के दर्शन हेतु आये। इस बार अभी तक 1.51 लाख रजिस्ट्रेशन हो चुके है तथा जीएमवीएन को 4 करोड़ की बुकिंग प्राप्त हो चुकी है। होटल व्यवसायियों की भी बुकिंग यात्रियों द्वारा की जा रही है। इस अवसर मुख्यमंत्री ने आस्थापथ सेतु के विस्तार की भी घोषणा की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पद्मश्री स्वामी शिवानन्द को सम्मानित किया। जबकि पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज द्वारा पद्मश्री रजनीकान्त को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री गंगा आरती में भी शामिल हुए, उन्होंने गंगा पूजन कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने योग पर आधारित आकर्षक ड्रोन शो का भी अवलोकन किया।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि यह महोत्सव उत्तराखण्ड के पर्यटन को नये आयाम प्रदान करेगा। इससे हमारे परम्परागत उत्पादों को भी पहचान मिलेगी। देश व दुनिया के लोगों को यहां की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित होने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा की यहां की बर्ड वाचिंग के साथ कई क्षेत्रों में पहचान बन रही है। राज्य के अन्य पर्यटन क्षेत्रों को पहचान दिलाने का भी कार्य किया जा रहा है। वेडिंग डेस्टिनेशन को भी उत्तराखण्ड में प्रमोट करने का कार्य किया जा रहा है। जिससे लोग यहां विवाह कर देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त करें। अनेक धार्मिक सर्किटों के माध्यम से प्रदेश को पहचान दिलाने का कार्य भी किया जा रहा है। इससे पर्यटन को और अधिक बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि चारधाम के साथ लगे अन्य दर्शनीय स्थलों का भी भ्रमण करें।

सचिव पर्यटन सचिन कुर्वे ने सभी आगन्तुको का स्वागत करते हुए अन्तराष्ट्रीय योग महोत्सव के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी दी। सचिव पर्यटन ने कहा कि यह योग महोत्सव उत्तराखण्ड के पर्यटन को बढ़ावा देने के हमारी अतिथि देवो भवः की परम्परा को और अधिक प्रभावी बनाने मे मददगार होगा। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव 2023 में 6 प्रतिष्ठित योग संस्थान भाग ले रहे हैं ईशा फाउंडेशन, आर्ट ऑफ लिविंग, रमामणि अयंगर स्मृति योग संस्थान, कैवल्यधाम, कृष्णमाचार्य योग मंदिरम तथा शिवानंद योग वेदांत सेंटर।

कार्यक्रम को कैबिनेट मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल, सुबोध उनियाल ने भी सम्बोधित किया।

उत्तराखंडः केंद्र सरकार से राज्य को मिली 300 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की स्वीकृति

केन्द्र सरकार से उत्तराखंड के लिए 300 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की स्वीकृति दे दी गईं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसके लिए केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह का आभार व्यक्त किया है।

गौरतलब है कि उत्तराखंड को केन्द्र सरकार से आवंटित 300 मेगावाट बिजली की अवधि 28 फरवरी को पूरी हो गई थी। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने 300 मेगावाट अतिरिक्त बिजली का कोटा यथावत जारी रखने के लिए केंद्रीय ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखकर अनुरोध किया था। साथ ही फोन पर भी बात कर आग्रह किया था। इसी क्रम में केन्द्रीय सरकार ने 300 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की स्वीकृति दे दी है।

चारधाम यात्रा से पूर्व लोक निर्माण विभाग की शत प्रतिशत सड़कें शीघ्र गड्ढ़ा मुक्त की जाएं

चारधाम यात्रा शुरू होने से पूर्व सभी विभाग अपने स्तर से सभी तैयारियां पूर्ण कर लें। श्री बद्रीनाथ यात्रा के सुचारू संचालन के लिए बीआरओ की एक टीम नियमित जोशीमठ में रहेगी। यदि जोशीमठ में सड़कों में दरार या कोई अन्य समस्याएं आती हैं, तो उनका शीघ्र ट्रीटमेंट किया जायेगा। यात्रा के सफल संचालन के लिए जोशीमठ में आपदा प्रबंधन का कंट्रोल रूम भी बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में चारधाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक निर्माण विभाग को लोक निर्माण विभाग की सड़कों को शत प्रतिशत गड्ढ़ा मुक्त करने के निर्देश दिये गये थे, लेकिन अभी भी कई जगह सड़कों पर गड्ढ़े की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने निर्देश दिये कि सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने एवं सड़कों के सुधारीकरण के लिए प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग प्रत्येक सप्ताह जिलाधिकारियों एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा करेंगे। यह समीक्षा तब तक जारी रखी जायेगी, जब तक जिलाधिकारियों से लोक निर्माण विभाग की सड़कों के शत प्रतिशत गड्ढा मुक्त होने एवं सुधारीकरण की रिपोर्ट न आये। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के चारों धाम श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक आस्था के प्रमुख केन्द्र हैं। सभी श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित एवं सुगम हो यह हम सबका दायित्व है। उन्होंने कहा कि पिछले साल की चारधाम यात्रा में जो कमियां रह गई थीं, सभी संबंधित विभागों द्वारा उन कमियों का निदान करते हुए, इस बार श्रद्धालुओं को क्या बेहतर सुविधाएं दे सकते हैं, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि चारधाम यात्रा मार्गों पर वाहनों के पार्किंग की समुचित व्यवस्था की जाए। वाहन चालकों के लिए पार्किंग स्थलों पर आराम करने की व्यवस्थाएं भी की जाए। चारधाम यात्रा में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। पैदल मार्गों में भी स्वच्छता के लिए पूरी व्यवस्था की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी पेट्रोल पम्पों पर पेयजल एवं टॉयलेट की उचित व्यवस्था हो। यात्रा मार्गों पर साइनेज एवं क्रैश बैरियर की आवश्यकतानुसार पूरी व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा की बेहतर व्यवस्थाओं के लिए खर्चे की पूरी व्यवस्था की जायेगी, लेकिन कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जायेगा। चारधाम यात्रा के लिए वाहनों के फिटनेस टेस्ट एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण कर ली जाए। चारधाम यात्रा मार्गो पर स्वास्थ्य, पेयजल, शौचालयों एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारू रखी जाएं। चारधाम यात्रा के पैदल मार्गों पर घोड़े-खच्चरों के लिए गर्म पानी की व्यवस्था के साथ ही पशुपालन विभाग से डॉक्टरों की टीम की पूरी व्यवस्था रखी जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि चारधाम यात्रा के बेहतर संचालन के लिए यात्रा शुरू होने से पूर्व अधिकारी धरातल पर जाकर कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करें। चारधाम यात्रा मार्गों के आस-पास के मन्दिरों एवं धार्मिक स्थलों का भी व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि श्रद्धालु चारधाम यात्रा के साथ इन धार्मिक स्थलों के भी दर्शन कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने श्रद्धालुओं से आह्वाहन किया है कि, अपने यात्रा खर्च का 05 प्रतिशत खर्च स्थानीय उत्पादों को खरीदने में करें, जिससे स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा। इसके लिए चारधाम में किन स्थानीय उत्पादों को प्रमोट किया जा सकता है, इस दिशा में प्रयास किये जाएं। मिलेट पर आधारित उत्पादों को भी चारधाम यात्रा के दौरान प्रमोट किया जाए।

बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डा. प्रेम चंद अग्रवाल, चंदन राम दास, बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय, विधायक भरत चैधरी, शैला रानी रावत, दुर्गेश्वर लाल, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिवगण, संबंधित विभागों के विभागाध्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से संबंधित जिलाधिकारी उपस्थित थे।

मोदी सरकार की कैबिनेट में 4800 करोड़ रूपये की वित्तीय आवंटन को मिली मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 4800 करोड़ रुपये के वित्तीय आवंटन के साथ वित्त वर्ष 2022-23 से 2025-26 के लिए केंद्र प्रायोजित योजना “वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम” को मंजूरी दी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वित्त वर्ष 2022-23 से 2025-26 के लिए 4800 करोड़ रुपये के वित्तीय आवंटन के साथ केंद्र प्रायोजित योजना “वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम” (वीवीपी) को मंजूरी दे दी है।
उत्तरी सीमा पर ब्लॉकों के गांवों के व्यापक विकास से चिन्हित सीमावर्ती गांव में रहने वाले लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है। इससे लोगों को सीमावर्ती क्षेत्रों में अपने मूल स्थानों पर रहने के लिए प्रोत्साहित करने तथा इन गांवों से पलायन रोकने में सहायता मिलेगी, सीमा की सुरक्षा में सुधार होगा।
यह योजना देश की उत्तरी भूमि सीमा के साथ 19 जिलों और 46 सीमा ब्लॉकों, 4 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में आवश्यक अवसंरचना विकास व आजीविका के अवसरों के निर्माण के लिए धन प्रदान करेगी, जिससे समावेशी विकास हासिल करने तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में जनसंख्या को बनाए रखने में सहायता मिलेगी। इस कार्यक्रम के पहले चरण में 663 गांवों को शामिल किया जाएगा।
इस योजना का उद्देश्य उत्तरी सीमा के सीमावर्ती गांव में स्थानीय प्राकृतिक मानव और अन्य संसाधनों के आधार पर आर्थिक प्रेरकों की पहचान और विकास करना तथा सामाजिक उद्यमिता प्रोत्साहन, कौशल विकास तथा उद्यमिता के माध्यम से युवाओं व महिलाओं को सशक्त बनाकर “हब एंड स्पोक मॉडल”पर विकास केंद्रों को विकसित करना, स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक ज्ञान और विरासत प्रोत्साहन के माध्यम से पर्यटन क्षमता का लाभ उठाना और समुदाय आधारित संगठनों, सहकारिता, एसएचजी, एनजीओ के माध्यम से “एक गांव एक उत्पाद” की अवधारणा पर स्थायी इको-एग्री बिजनेस का विकास करना है।
वाइब्रेंट विलेज एक्शन प्लान ग्राम पंचायतों की सहायता से जिला प्रशासन द्वारा तैयार किया जाएगा। केंद्रीय तथा राज्य योजनाओं की शत-प्रतिशत पूर्णता सुनिश्चित की जाएगी।
जिन प्रमुख उद्देश्यों को हासिल करने का प्रयास किया गया है उनमें- सभी मौसम अनुकूल सड़क, पेयजल, 24ग्7 सौर तथा पवन ऊर्जा पर केंद्रित विद्युत आपूर्ति, मोबाइल तथा इंटरनेट कनेक्टिविटी, पर्यटक केंद्र, बहुद्देशीय सेंटर तथा स्वास्थ्य एवं वेलनेस सेंटर- शामिल है।
सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम के साथ किसी तरह की अंशतः समानता नहीं होगी। 4800 करोड़ रुपये के वित्तीय आवंटन में से 2500 करोड़ रुपए का उपयोग सड़कों के लिए किया जाएगा।

सर्वाधिक मत पाकर पुष्कर धामी बने भारत से सबसे खुबसूरत सीएम

उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपनी सरल और सौम्य छवि के लिए काफी लोकप्रिय हैं। लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुनना और धर्मांतरण जैसे कड़े कानून बनाकर मुख्यमंत्री धामी चर्चा में बने हुए हैं। हाल ही में हुए न्यूज एरिना इंडिया के सर्वे में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भारत के सबसे हैंडसम मुख्यमंत्री का खिताब मिला है।

न्यूज एरीना ने यह सर्वे 4 मुख्यमंत्रियों के बीच करवाया था। जिसमें पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी और गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के नाम शामिल थे। जिनमें मुख्यमंत्री धामी 38 प्रतिशत वोटों के साथ पहले स्थान पर रहे, वहीं गोवा मुख्यमंत्री 32 प्रतिशत वोटों के साथ दूसरे व आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी तीसरे व पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान चैथे स्थान पर रहे।

हैंडसम मुख्यमंत्रियों के इस सर्वे में इन 4 मुख्यमंत्रियों के नाम शामिल करने से पहले भी जनता से राय ली गई थी, जिसमें 20 हजार के लगभग लोगों ने चार नामों का सुझाव दिया था, जिसके बाद ट्विटर पर कराए गए इस सर्वे में 23 हजार से ज्यादा लोगों ने मुख्यमंत्री धामी के नाम पर मुहर लगाई। इससे पहले हुए। एबीपी न्यूज के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री के सर्वे में भी उत्तराखण्ड के सीएम को 6वां स्थान मिला था।

बता दें कि 23000 से ज्यादा लोगों ने इस पोल में वोट देकर सेलेक्ट मोस्ट हैंडसम सीएम पुष्कर सिंह धामी को चुना है।

उत्तराखंड सदन से सीएम ने रवाना किया जोशीमठ आपदा को राहत सामग्री वाहन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली स्थित उत्तराखंड सदन में भाजपा उत्तराखंड प्रकोष्ठ, फरीदाबाद व हरियाणा प्रोग्रेसिव स्कूल कांफ्रेंस सहित अन्य संस्थाओं द्वारा जोशीमठ में आई आपदा हेतु उपलब्ध कराई जा रही राहत सामग्री के वाहनों को रवाना किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उनका आभार व्यक्त करते हुये कहा कि ऐसे समय पर सामग्री के माध्यम से सभी लोग सहायता के लिए आ रहे हैं। हमारा भी प्रयास है कि सभी की सहायता हो। केंद्र सरकार के सहयोग से जोशीमठ के पुनर्वास और प्रभावितों को राहत पहुंचाने का कार्य हो रहा है। अन्य संस्थाओ द्वारा भी राहत सामग्री भेज कर मदद की जा रही है।

इस अवसर पर भाजपा फरीदाबाद उत्तराखंड प्रकोष्ठ जिला सचिव भारती भाकुनी, जिला संयोजक चंदन नेगी, उत्तराखंड प्रकोष्ठ जिला कार्यकारिणी में जिला सह संयोजक गिरीश चंद सती, आईटी प्रमुख मनीष डंगवाल आदि उपस्थित थे।

केंद्रीय बजट में राज्य को मिली रेल सुविधा, होगा विस्तारः धामी

उत्तराखंड में रेल सुविधाओ के विकास के लिए केंद्रीय बजट में 5004 करोड़ रूपये का प्रावधान किए जाने के लिए प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन का विशेष धन्यवाद और आभार।

इससे निसंदेह राज्य में रेल सुविधाओं का विस्तार होगा। यात्री सुविधाओं में वृद्धि होगी। प्रदेश में 11 प्रमुख रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास किया जाएगा। देहरादून और हरिद्वार रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय रूप भी दिया जाएगा। रेल सुविधाओ को लेकर किए गए प्रावधानों से यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी। वन स्टेशन वन प्रोडक्ट योजना राज्य के स्थानीय उत्पादों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

उत्तराखंडः एकसाथ दो चर्चित आरोपियों की संपत्ति जब्त करने की तैयारी

राज्य में एकसाथ दो चर्चित अभियुक्तों की सम्पत्ति जब्त किये जाने सम्बन्धी खबर सामने आई है। पहला मामला उत्तराखण्ड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त पुलकित आर्य की पौने तीन करोड़ की संपति जब्त करने के बाबत है और दूसरी खबर इमलाख की सम्पत्ति जब्त करने को लेकर है। हिस्ट्रीशीटर इमलाख बीएएमएस चिकित्सक की फर्जी डिग्री बांटने के आरोप में अजमेर से गिरफ्तार हुआ है।

पौड़ी की एसएसपी श्वेता चैबे ने अभियुक्त पुलकित आर्य की गैंगस्टर एक्ट के तहत कुल पौने तीन करोड़ की सम्पत्ति जब्त करने के लिए जिलाधि कारी को रिपोर्ट भेजी है। पौड़ी पुलिस की यह एक बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

दरअसल, अंकिता भंडारी हत्याकांड में जेल में बंद पुलकित आर्य का नार्को टेस्ट भी कानूनी दांवपेंच में उलझता जा रहा है। इस मामले में कथित वीआईपी को लेकर जनता में भारी उत्सुकता है। नार्को टेस्ट में हो रही हीलाहवाली से अंकिता को न्याय दिलाने वाली सामाजिक ताकतें भी हैरानी में है।
इस बीच, एसएसपी श्वेता चैबे ने पुलकित आर्य की करोड़ों की सम्पत्ति जब्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस बाबत एसएसपी ने ट्वीट भी किया है।

दूसरी ओर, डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि सीएम के निर्देश के बाद फर्जी आयुर्वेद चिकित्सकों की फौज खड़ी करने वाले दसवीं पास अभियुक्त इमलाख के विरूद्ध गैंगस्टर एक्ट के अन्तर्गत अवैध रूप से अर्जित की गयी सम्पत्ति को कुर्क करने की कार्यवाही की जाएगी। हाल ही में मु.नगर निवासी इमलाख को अजमेर से गिरफ्तार किया गया था।

गौरतलब है कि उत्तराखण्ड एसटीएफ ने बीते माह में प्रदेश में प्रैक्टिस कर रहे बीएएमएस की फर्जी डिग्री वाले आयुर्वेदिक चिकित्सकों के गिरोह का भण्डाफोड़ किया था। इस मामले में अभी तक 7 फर्जी चिकित्सक गिरफ्तार हो चुके हैं। इस गिरोह का मास्टर माइंड 25 हजार रूपये का इनामी इमलाख को एसटीएफ ने 2 फरवरी, 2023 को किशनगढ़ जिला अजमेर राजस्थान से गिरफ्तार किया।

इमलाख कोतवाली मुजफफरनगर का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर है। इसने अपने भाई इमरान के साथ बरला थाना क्षेत्र मुजफ्फरनगर में बाबा ग्रुप ऑफ कॉलेज के नाम से मेडिकल डिग्री कॉलेज भी खोला हुआ है। इस कॉलेज में बीफार्मा, बीए, बीएससी, आदि कोर्स संचालित होते हैं। यह भी जानकारी हुई कि इम्लाख बाबा ग्रुप ऑफ कॉलेज, मुजफ्फरनगर का स्वामी है एवं इसके विरुद्ध फर्जी डिग्री दिलवाने के कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसे यूपी का सबसे बड़ा शिक्षा माफिया कहा जाता है।

बजट में निर्धन और मध्य वर्ग का विशेष ध्यान रखा गया हैः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की भूमिका ग्लोबल लीडर की बन गई है। केंद्रीय बजट 2023-24 का बजट मजबूत भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह अमृत काल का, भारत के स्वर्णिम काल का बजट है। आज जब अधिकांश देशों की अर्थव्यवस्थाएं लड़खड़ा रही हैं, ऐसे समय में पूरे विश्व की भारत से बहुत अपेक्षाएं हैं। इसी दिशा में ये बजट है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को शानदार बजट प्रस्तुत करने के लिये बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में किये गये विभिन्न प्रावधानों और योजनाओं से उत्तराखण्ड को विशेष रूप से लाभ होने जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, सीएम कैम्प कार्यालय के मुख्य सेवक सदन में आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्रीय बजट 2023-24 पर बोल रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में ’गरीबों और मध्य वर्ग’ का विशेष ध्यान रखा गया है। अब साल में 7 लाख रुपये तक की कमाई करने वालों को इनकम टैक्स नहीं देना होगा। नये आयकर स्लेब से मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा वर्ग को बहुत लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री आवास योजना के बजट में बढ़ोतरी से सबको मजबूत छत का स्वप्न पूरा होगा। महिलाओं के लिए नई बचत योजना का ऐलान किया गया है। इस पर 7.5 प्रतिशत सालाना की दर से ब्याज दिया जाएगा। किसानों के लिए यह बजट सौगात लेकर आया है। किसानों को 20 लाख करोड़ तक ऋण बांटने का लक्ष्य रखा है तो मोटे अनाज को बढ़ावा देने के लिए श्री अन्न योजना की शुरुआत की है। एग्रीकल्चर एक्सीलेटर फंड बनाया जाएगा ताकि कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जा सके। ’मत्स्य संपदा’ की नई उपयोजना में 6000 करोड़ के निवेश का फैसला लिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास योजना 4.0 की शुरूआत की जाएगी। युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय अवसरों के लिए कौशल प्रदान करने के लिए स्किल इंडिया नेशनल सेक्टर खोले जाएंगे। इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश पर सरकार ने 10 लाख करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे। एयरपोर्ट्स, हेलिपोर्ट्स, वॉटर एयरोड्रॉम्स’ और एडवांस्ड लैंडिंग जोन्स का कायाकल्प किया जाएगा। इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए रोजगार सृजन किया जाएगा। जनजातीय समूहों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए पीएमपीबीटीजी विकास मिशन शुरू किया जाएगा। शहरों में सफाई कर्मियों के लिए बड़ी घोषणा की गई है। नाले व सीवर के मैनहोल की सफाई अब मशीनों के द्वारा की जाएगी, जिसके चलते अब सफाईकर्मी को मेनहोल में नहीं उतरना होगा। आदिवासी क्षेत्रों में ‘एकलव्य विद्यालयों’ में 38000 शिक्षकों और सहायक स्टाफ की भर्ती भी की जाएगी। गरीबों को पांच किलो फ्री राशन को एक साल तक के लिए बढ़ा दिया है। मौजूदा 157 मेडिकल कॉलेजों के साथ कोलोकेशन में 157 नए नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा ग्रामीण इलाके में डिजिटल लाइब्रेरी बनाने की भी घोषणा की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट में किये गये विभिन्न प्राविधानों से उत्तराखण्ड को विशेष लाभ मिलने जा रहा है। केंद्रीय करों में राज्य का अंश बढ़ गया है। गत वर्ष के सापेक्ष यह लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि है। गत वर्ष केंद्रीय करों में राज्य का अंश लगभग 9130 करोड़ था जो अब लगभग 11428 करोड़ हो जायेगा। राज्यों को 50 वर्ष के लिये दिये जाने वाले ब्याज मुक्त ऋण को एक वर्ष के लिये पुनः विस्तारित किया गया है। प्रदेश के लिये यह महत्वपूर्ण अवसर है।

प्रदेश के लिये कृषि महत्वपूर्ण क्षेत्र है। कृषि के क्षेत्र में ऋण की बढ़ोत्तरियों से मोटा अनाज और स्टार्ट अप को बढ़ावा दिया जायेगा। स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन और बिक्री के लिये प्रदेश ने यूनिटी माल स्थापित किया जा सकेगा। वित्त मंत्री ने अपने भाषण में मिलेट में मडुआ का नाम विशेष रूप से लिया। हमारी सरकार मडुआ के उत्पादन को बढ़ाने में लगातार प्रयास कर रही है। हमारे यहाँ रामदाना का भी उत्पादन किया जाता है। अन्न श्री योजना से इन अनाजों का उत्पादन करने वाले किसानों को फायदा होगा।

बजट में 50 नये पर्यटन स्थल विकसित करने की व्यवस्था की गई है। यहाँ समस्त मूलभूत सुविधाएं विकसित की जायेंगी। इससे हमारे प्रदेश में भी नये पर्यटन स्थल विकसित होंगे। स्वदेश दर्शन योजना से देश के प्रथम गाँवों को पर्यटन विकास से जोड़ा जायेगा। उत्तराखण्ड को चार नये नर्सिंग कालेज मिलेंगे। बजट में नई लैब, फार्मा सेक्टर में निवेश बढ़ेगा। नर्सिंग में दक्ष युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।

टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास के लिये राष्ट्रीय आवास बैंक से बजट मिलेगा। इससे उत्तराखण्ड के शहरों में बुनियादी सुविधाओं का विकास हो सकेगा। बजट में देश में 50 नये एयरपोर्ट की स्थापना से प्रदेश में नये एयरपोर्ट का विकास हो सकेगा नये हेलीपैड बन सकेंगे। इस योजना से प्रदेश में पर्यटन और रोजगार दोनों के अवसर उपलब्ध हो सकेंगे। एकलव्य आवासीय विद्यालय में शिक्षक और कर्मचारियों की नियुक्ति से राज्य के एकलव्य आवासीय विद्यालय में लोगों को रोजगार भी मिलेगा और नये एकलव्य आवासीय विद्यालय का निर्माण भी किया जा सकेगा।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में कई बिन्दुओं पर बनी सहमति

सहायक प्रजनन तकनीकी अधिनियम 2021 एवं सरोगेसी रेगुलेशन एक्ट 2021 को राज्यों में लागू करने को लेकर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ0 मनसुख मंडविया की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय बोर्ड की बैठक में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों के साथ वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया। बैठक में सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (एआरटी) क्लीनिकों और सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (एआरटी) बैंकों को विनियमित और पर्यवेक्षण के दुरूपयोग को रोकने, प्रजनन स्वास्थ्य सहित विभिन्न बिन्दुओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई। दोनों एक्ट को लेकर गठित राष्ट्रीय बोर्ड में स्वास्थ्य मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत को भी सदस्य बनाया गया है, जो कि देशभर के अकेले स्वास्थ्य मंत्री हैं जिनको बोर्ड में बतौर सदस्य नामित किया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री एवं राष्ट्रीय बोर्ड के सदस्य डॉ0 धन सिंह रावत ने बताया कि सहयक प्रजनन तकनीकी अधिनियम 2021 एवं सरोगेसी रेगुलेशन एक्ट 2021 को लेकर आज केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में राष्ट्रीय बोर्ड की बैठक हुई। जिसमें देशभर के स्वास्थ्य मंत्रियों एवं उच्चाधिकारियों ने प्रतिभाग किया। बैठक में एआरटी एवं सरोगेसी एक्ट के प्रावधानों को लेकर केरल उच्च न्यायालय एवं हाल ही में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिये गये आदेशों के अनुपालन पर चर्चा की गई। जिसमें सरोगेसी में प्रावधिन, उम्र, पात्रता एंव दंड के प्राविधानों को लेकर विचार-विमार्श किया। जिसमें स्वास्थ्य मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने भी अपने सुझाव रखे। विभागीय मंत्री डॉ0 रावत ने बताया कि उत्तराखंड में राज्य स्तरीय एआरटी एवं सरोगेसी बोर्ड तथा राज्य स्तरीय अप्रोप्राइटी अथॉरिटी का गठन कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में एआरटी क्लीनिक एवं एआरटी बैंकों के लिये अबतक दो दर्जन से अधिक आवेदन प्राप्त हुये हैं। सभी प्रकार के आवेदनों पर पंजीकरण की प्रक्रिया गतिमान है। राष्ट्रीय बोर्ड से प्राप्त दिशा निर्देशों के उपरांत राज्य स्तरीय बोर्ड की बैठक आहूत कर प्राप्त आवेदनों पर निर्णय ले लिया जायेगा।

वर्चुअल बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ0 रावत के अलावा स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ0 विनीता शाह, संयुक्त सचिव एम0एस0 चैहान, निदेशक एनएचएम डॉ0 सरोज नैथानी, निदेशक स्वास्थ्य डॉ0 मीतू शाह, अपर निदेशक चिकित्सा उपचार डॉ0 अमलेश कुमार, संयुक्त निदेशक परिवार कल्याण सहित अन्य विभागीय अधिकारी ने भी प्रतिभाग किया।