गिटार पर गाकर जुबिन ने दी ईगास की बधाई

उत्तराखंड के लोक संस्कृति का सूचक ईगास पर्व की गायक व उत्तराखंड निवासी जुबिन नौटियाल ने भी अपने अंदाज में बधाई दी है।

जुबिन ने अपना एक वीडियो शेयर किया। जिसमें वह गिटार पर ईगास पर्व की बधाई गाकर दिखाई दे रहे है, वीडियों में जुबिन बताते हैं कि यह ईगास उत्तराखंडी पर्व है, जो लोक संस्कृति को दर्शाता है।


जुबिन के इस वीडियों को खूब शेयर किया जा रहा है, अपने प्रदेश की संस्कृति को इस तरह दिखाने पर उनकी प्रशंसा भी हो रही है।

पीएम ने गौरीकुंड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब दो नई रोपवे परियोजनाओं की आधारशिला रखी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सीमा पर स्थित उत्तराखण्ड के माणा गांव में आयोजित कार्यक्रम में 3400 करोड़ रूपए से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें गौरीकुंड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब दो नई रोपवे परियोजनाओं सहित दो सड़क चौड़ीकरण परियोजनाएं-माणा से माणा पास (एनएच – 07) और जोशीमठ से मलारी (एनएच 107बी) शामिल हैं।

यात्रा का कम से कम 5 प्रतिशत स्थानीय उत्पादों पर खर्च करें पर्यटक

प्रधानमंत्री ने माणा गांव के स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा किये गये स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी की प्रशंसा करते हुए कहा कि माताओं व बहनों ने बहुत अच्छा काम किया है। पैकेजिंग वगैरह में मन प्रसन्न हो गया। प्रधानमंत्री ने वोकल फॉर लोकल का जिक्र करते हुए देशवासियों से आग्रह किया कि जहां भी जाएं एक संकल्प करें कि यात्रा पर जितना भी खर्च करते हैं उसका कम से कम 5 प्रतिशत वहां के स्थानीय उत्पाद खरीदने पर खर्च करें। इन सारे क्षेत्रों में इतनी रोजी रोटी मिल जायेगी, आप कल्पना भी नही कर सकते।

सीमावर्ती गांवों में विकास जीवन का उत्साह हो

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड काल में कोरोना की वैक्सीन पहाड़ों तक पहुंचाई गई। इसमें उत्तराखण्ड और हिमाचल में बेहतर काम किया गया। गरीब कल्याण योजना में उत्तराखण्ड के लाखों लोगों को लाभ मिला। डबल इंजन सरकार ने होम स्टे और स्किल डेवलपमेंट से युवाओं को जोड़ा है। पहाड़ी क्षेत्रों के युवाओं को एनसीसी से जोड़ रहे हैं। विकास कार्यों में तेजी आई है। पर्यटन का विस्तार हो रहा है। जल जीवन मिशन से गांवों तक नल से जल पहुंचाया जा रहा है। मल्टी मॉडल कनेक्टीवीटी प्रदान करने के लिये काम किया जा रहा है। सागरमाला, भारतमाला की तरह अब पर्वतमाला परियोजना पर काम होने जा रहा है। रोपवे पर बहुत बड़ा काम होने जा रहा है। बॉर्डर के गांवों में चहल पहल बढ़नी चाहिए। विकास जीवन का उत्साह होना चाहिए। जो कभी गांव छोड़कर गये है, उनका वापस लौटने का मन करे, हमें ऐसे जिंदा गांव बनाने हैं।

सीमाओं पर बसा हर गांव देश का पहला गांव

प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा माणा को भारत के अन्तिम गांव की बजाय देश का पहला गांव कहे जाने पर मुहर लगाते हुए कहा कि अब तो मेरे लिये भी सीमाओं पर बसा हर गांव देश का पहला गांव ही है। पहले जिन इलाकों को देश के सीमाओं का अंत मानकर नजर अंदाज किया जाता था, हमने वहां से देश की समृद्धि का आरंभ मानकर शुरू किया। लोग माणा आएं , यहां डिजिटल टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि माणा गांव से जुड़ी अपनी पुरानी स्मृति बताते हुए कहा कि आज से 25 वर्ष पहले जब वह उत्तराखण्ड में भाजपा के सामान्य कार्यकर्ता के रूप में कार्य करते थे एक अनजाने जीवन के रूप में अपना जीवन व्यतीत कर रहे थे तो उस समय उनके द्वारा माणा में उत्तराखण्ड भाजपा कार्यसमिति की बैठक बुलाई गई थी, तो मेरे कार्यकर्ता नाराज भी हुए थे इतने दूर इतनी मेहनत से जाना पड़ेगा। तब मेरे द्वारा कहा गया कि जिस दिन हमारे दिल में माणा गांव का महत्व पक्का हो जायेगा ना उस दिन उत्तराखण्ड की जनता के दिल में महत्व बन जायेगा। और उसी का परिणाम है, माणा गांव की मिट्टी की ताकत है आप सभी का आशीर्वाद है। माणा की धरती के आशीर्वाद से हमें दोबारा सेवा करने का मौका मिला है।

21 वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि आज का दिन बाबा केदार और बाबा बद्री विशाल के दर्शन करके उनका आर्शीवाद प्राप्त करके जीवन धन्य हो गया है तथा यह पल पल मेरे लिये चिरंजीवी हो गये हैं। उन्होंने कहा कि बाबा के सानिध्य में, बाबा के आदेश से, बाबा के कृपा से पिछले बार जब मैं आया था तो कुछ शब्द मेरे मुंह से निकले थे कि 21 वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का है। मैं आप सभी को बताना चाहूंगा कि वह शब्द मेरे नहीं थे, वे शब्द बाबा के आशीर्वाद से मेरे मुख से निकले थे। आज मैं आप सभी के बीच इन नई परियोजनाओं के साथ फिर वही संकल्प दोहराने आया हू।

विकसित भारत के दो प्रमुख स्तंभ, अपनी विरासत पर गर्व और विकास के लिए प्रयास

प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी के विकसित भारत के दो प्रमुख स्तंभ है, पहला अपनी विरासत पर गर्व और विकास के लिए हर संभव प्रयास। उत्तराखण्ड इन दोनो ही स्तम्भों को मजबूत कर रहा है। आज मुझे दो रोपवे के शिलान्यास का मौका मिला है। इससे केदारनाथ जी और हेमकुण्ड साहिब के दर्शन करना और आसान हो जायेगा। इन रोपवे से काम करने वाले लोगों पर देश के 130 करोड़ लोगों का आर्शीवाद बरसने वाले हैं। श्रमिकों और एंव इंजिनियरों से बात करने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि वे भगवान का काम कर रहे हैं। उन्होंने क्षेत्रवासियों से इन काम में लगे मजदूरों का ध्यान रखने का आग्रह किया।

आस्था के केंद्र हमारे लिये प्राणशक्ति

प्रधानमंत्री ने कहा कि गुलामी की मानसिकता ने लोगों को ऐसा जकडा हुआ है कि प्रगति का हर कार्य कुछ लोगों को अपराध की तरह लगता है। विदेशों में संस्कृति से जुड़े ऐसे कार्यों की तारीफे की जाती थी और भारत में नहीं। गुलामी की मानसिकता ने हमारी पूजनीय आस्था स्थलों को जर्जर स्तर पर ला दिया था। दशकों तक हमारे धार्मिक स्थलों की अवहेलना हुई। आस्था के यह केन्द्र सिर्फ ढ़ांचा नही बल्कि हमारे लिये यह प्राणशक्ति है। वह हमारे लिये ऐसे शक्तिपूंज है जो कठिन से कठिन परिस्थतियों में भी हमें जीवंत बनाये रखते हैं। आज अयोध्या, काशी, उज्जैन अपने गौरव को पुनः प्राप्त कर रहे है। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम को श्रद्धा के साथ आधुनिकता से जोडा जा रहा है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर बन रहा है, गुजरात के पावागढ़ में मां काली के मंदिर से लेकर देवी विंध्यांचल कोरिडोर तक भारत अपने सांस्कृतिक उत्थान का आह्वान कर रहा है। आस्था के इन स्थलों पर पहुंचना, हर श्रद्धालु के लिए सुगम एवं आसान हो गया है। विश्वास है कि देश की नई पीढ़ी के लिए भी यह श्रद्धा का आकर्षण का केन्द्र बनेंगे। अब हमारे दिव्यांग साथी भी दर्शन कर रहे हैं। गिरनार में जब रोपवे बनाया तो 80 साल के बुजुर्ग भी यात्रा करने लगे, कई लोगों ने मुझे चिट्ठी भेज कर धन्यवाद दिया।

आस्था केंद्रों के पुनर्निर्माण से पहाड़ में ईज ऑफ लिविंग

प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की देवभूमि, इस परिवर्तन का साक्षी बन रहे हैं। डबल इंजन की सरकार बनने से पहले एक सीजन में ज्यादा से ज्यादा 5 लाख श्रद्धालु आया करते थे अब इस सीजन में यह संख्या 45 लाख हो गई है। आस्था और आध्यात्मिकता के पुनर्निर्माण का एक और पक्ष है। पहाड़ के लोगों के ईज ऑफ लिविंग का, उनके रोजगार का, जब पहाड़ में रोड, रेल और रोपवे पहुंचते तो अपने साथ रोजगार लेकर आते हैं और पहाड़ का जीवन भी शानदार, जानदार और आसान बना देते हैं। अब तो हमारी सरकार ड्रोन का उपयोग सामान ढोने में भी करने की योजना पर काम कर रही है। इससे पहाड़ के लोगों को अपने फल और सब्जी बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि हमें आदरणीय प्रधानमंत्री जी जैसे महामुनि का सानिध्य प्राप्त हो रहा है। जिनके विचारों से सम्पूर्ण विश्व लाभान्वित हो रहा है। साथ ही हमें गर्व है कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हम उस महान यात्रा के सहयात्री हैं जिस यात्रा का गंतव्य भारत को पुनः विश्व गुरु बनाना है। प्रधानमंत्री जी एक तपस्वी की भांति किस प्रकार से नए भारत के निर्माण की अग्नि को सफलतापूर्वक प्रज्जवलित किये हुये हैं। उत्तराखंड की समस्त जनता की ओर से विश्वास दिलाता हूं कि इस महायज्ञ की सफलता के लिए जिस भी आहुति की आवश्यकता होगी उत्तराखंड उसके लिए सदैव तत्पर रहेगा। हम उत्तराखंड को ’’उत्कृष्ट उत्तराखंड’’ बनाने के ’’विकल्प रहित संकल्प’’ के मंत्र को लेकर आगे बढ़ रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने सदैव उत्तराखंड के विकास को प्राथमिकता दी है और उनके नेतृत्व में उन्नति और उत्थान की एक अभूतपूर्व गाथा देवभूमि में लिखी जा रही है। वर्ष 2013 की उस अति भयावह त्रासदी के बाद का, गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में सर्वप्रथम आपने ही उत्तराखंड की सहायता के लिए अपना हाथ आगे बढ़ाया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में, आज अभूतपूर्व रूप से भारत का सांस्कृतिक उत्थान हो रहा है। सनातन संस्कृति का परचम विश्व में लहरा रहा है और हमारी आस्था के केन्द्रों का इतिहास और महत्व उसी गौरव के साथ प्रदर्शित किया जा रहा है, जिसके साथ इसे किया जाना चाहिए था।चाहे श्री राम मंदिर का निर्माण हो, बाबा विश्वनाथ मंदिर का अविस्मरणीय पुनरुद्धार हो, केदारपुरी व बद्रीनाथ पुरी का पुनर्निर्माण व सौन्दर्यीकरण हो या हाल ही में राष्ट्र को समर्पित श्री महाकाल लोक हो। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत की अस्मिता के प्रतीकों व सांस्कृतिक धार्मिक- धरोहरों को जिस प्रकार से संरक्षित व संवर्धित किया जा रहा है उसकी शब्दों में व्याख्या संभव नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा भोलेनाथ की असीम कृपा तथा प्रधानमंत्री के दिशानिर्देशों के अनुसार की गई तैयारियों के कारण इस वर्ष कांवड़ यात्रा के दौरान 4 करोड़ शिव भक्तों को हरिद्वार से गंगा जल ले जाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ तथा अभी तक 45 लाख भक्तों ने चारधाम यात्रा में प्रतिभाग किया है। इस वर्ष की कावड़ यात्रा व चारधाम यात्रा कई अर्थों में ऐतिहासिक रही हैं।सदियों से तिरस्कृत किये गये अपने तीर्थ क्षेत्रों को विकसित और आधुनिक बना रहे हैं, वह अपने आप में अभूतपूर्व है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में यह स्वर्णिम कालखंड भारत की सांस्कृतिक-आध्यात्मिक चेतना के पुनरुत्थान का कालखंड है। आधुनिकता के संतुलित समावेश के साथ आज सनातन संस्कृति का वैभव पुनर्जीवित हो रहा है तथा भारत पुनः विश्वगुरु के स्थान पर स्थापित हो समूचे विश्व का मार्गदर्शन करने के लिये तैयार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विश्व के समक्ष जो भी समस्याएं हैं उनके समाधान के लिये सभी विश्व शक्तियां भारत की ओर देख रही हैं तथा भारत की नीतियों का अनुसरण कर रही हैं।
यह प्रधानमंत्री जी की दूरदर्शी नीतियों का ही परिणाम है कि कोरोना की गंभीर मार के बावजूद आज भारतीय अर्थव्यवस्था न केवल मजबूत बनी हुई है बल्कि कई विकसित देशों से बेहतर प्रदर्शन भी कर रही है। प्रधानमंत्री जी की दूरदर्शिता आर्थिक मोर्चे पर ही नहीं, सामरिक मोर्चे पर भी बेहद स्पष्ट है। आज किसी दुश्मन की हिम्मत नहीं है कि वो भारत की तरफ आंख उठा कर भी देख ले। आज जहां एक ओर सेना आधुनिक हथियारों से सुसंपन्न हो रही है, सैनिकों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं वहीं दूसरी ओर रक्षा क्षेत्र में धीरे-धीरे भारत की भूमिका आयातक की जगह निर्यातक की बन रही है। सेना के इस सशक्तिकरण से हमारा उत्तराखंड सर्वाधिक लाभान्वित हुआ है। आज सेना में अपनी सेवा दे रहा देवभूमि का प्रत्येक जवान इस बात से निश्चिंत है कि उसके परिवार का ख्याल रखने के लिए देश व प्रदेश में डबल इंजन की राष्ट्रवादी सरकारें हैं।

प्रधानमंत्री का यह कथन कि ‘‘21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का होगा’’ हमें एक नए उत्साह और ऊर्जा से भर देता है। एक तरफ जहां यह हमें गर्व की अनुभूति कराता है वहीं दूसरी तरफ यह हमें हमारे कर्तव्यों का भी बोध कराता है। प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप हम राज्य के विकास और कल्याण के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करने हेतु संकल्पबद्ध हैं। हमने राज्य को वर्ष 2025 तक हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए ’’विकल्प रहित संकल्प’’ का मूलमंत्र अपनाया है।

इस अवसर पर राज्यपाल ले0ज0 श्री गुरमीत सिंह (से.नि.), कैबिनेट मंत्री डा0 धन सिंह रावत, सौरभ बहुगुणा, पूर्व मुख्यमंत्री व क्षेत्रीय सांसद श्री तीरथ सिंह रावत, उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री महेन्द्र भट्ट सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

शिलान्यास की गई परियोजनाओं का विवरण

3400 करोड़ रुपये से अधिक की रोपवे और सड़क चौड़ीकरण परियोजनाओं का प्रधानमंत्री द्वारा शिलान्यास किया गया। जिनमें गौरीकुंड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब दो नई रोपवे परियोजनाओं भी शामिल थी। केदारनाथ रोपवे लगभग 9.7 किलोमीटर लंबा होगा। यह गौरीकुंड को केदारनाथ से जोड़ेगा, जिससे दोनों स्थानों के बीच यात्रा का समय वर्तमान में 6-7 घंटे से कम होकर लगभग 30 मिनट का रह जाएगा। हेमकुंड रोपवे गोविंदघाट को हेमकुंड साहिब से जोड़ेगा। यह लगभग 12.4 किलोमीटर लंबा होगा और यात्रा समय को एक दिन से कम करके केवल 45 मिनट तक सीमित कर देगा। यह रोपवे घांघरिया को भी जोड़ेगा, जो फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान का प्रवेश द्वार है। इन दोनों रोपवे को लगभग 2430 करोड़ रुपये की संचयी लागत से विकसित किया जाएगा। यह परिवहन का एक पर्यावरण अनुकूल साधन होगा, जो आवागमन को सुरक्षा और स्थिरता प्रदान करेगा। इस अहम बुनियादी ढांचे का विकास धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा, जिससे क्षेत्र में आर्थिक विकास को रफ्तार मिलेगी और साथ ही साथ रोजगार के कई अवसर पैदा होंगे।
कार्यक्रम के दौरान करीब 1000 करोड़ रुपये की सड़क चौड़ीकरण परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया। दो सड़क चौड़ीकरण परियोजनाएं – माणा से माणा पास (एनएच – 07) और जोशीमठ से मलारी (एनएच107बी) तक – सीमावर्ती क्षेत्रों में हर मौसम में सड़क संपर्क प्रदान करने की दिशा में एक और कदम साबित होंगी। कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के अलावा, ये परियोजनाएं रणनीतिक दृष्टि से भी फायदेमंद साबित होंगी।

प्रधानमंत्री ने मंदाकिनी आस्था पथ व सरस्वती पथ पर विकास कार्यों का किया निरीक्षण

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्री केदारनाथ धाम में रुद्राभिषेक कर सबकी सुख एवं समृद्धि की कामना की। नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद 6वीं बार बाबा केदार के धाम पहुंचे। उन्होंने आदिगुरु शंकराचार्य की समाधि स्थल पर पहुंचकर दर्शन किए। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मौजूद थे।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर गौरीकुंड से केदारनाथ के लिए रोपवे का शिलान्यास किया। 1267 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले 9.7 किमी. के इस रोपवे के बनने से श्रद्धालुओं को बाबा केदार के दर्शन के लिए सुगमता होगी। गौरीकुंड से श्री केदारनाथ पहुंचने में अभी श्रद्धालुओं को 6 से 7 घंटे लगते हैं, इस रोपवे के बन जाने से यह यात्रा सिर्फ आधा घंटे में पूरी हो जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके बाद मंदाकिनी आस्था पथ एवं सरस्वती आस्था पथ पर जाकर विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने श्री केदारनाथ में चल रहे विभिन्न पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों का जायजा भी लिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री को विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने श्री केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्यों में लगे श्रमजीवियों के साथ बैठकर उनसे मुलाकात की और उनका हौंसला बढ़ाया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, विधायक शैला रानी रावत, मुख्य सचिव डॉ. एस. एस संधू, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग मयूर दीक्षित, एसपी आयुष अग्रवाल, तीर्थ पुरोहित विनोद शुक्ला, लक्ष्मी नारायण, कुबेर नाथ एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

सीएम से फिल्म निर्माता सत्यजीत मिश्रा ने की मुलाकात, फिल्म जान अभी बाकी का पोस्टर का हुआ विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हम उत्साहित है कि दुनियाभर के फिल्म निर्माताओं के लिए उत्तराखण्ड पसंदीदा शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। फिल्म निर्माताओं हेतु अनुकूल माहौल के तैयार करने के कारण राज्य को हर साल राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों से सम्मानित किया जाना एक बड़ी उपलब्धि है। प्रत्येक वर्ष राज्य में 150 से अधिक फिल्मों की शूटिंग हो रही है। उत्तराखण्ड का नैसर्गिक सौन्दर्य, फिल्म शूटिंग हेतु राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली सब्सिडी, शूटिंग हेतु बेहतरीन इन्फ्रास्ट्रक्चर, इज ऑफ फिल्मिंग, उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद द्वारा दी जारी सुविधाएं राज्य को फिल्म निर्माताओं की पहली पसन्द बना रही है।

मुख्यमंत्री आवास में फिल्म निर्माता सत्यजीत मिश्रा की फिल्म ‘‘जान अभी बाकी है’’ के मोशन पोस्टर के विमोचन के अवसर पर फिल्म की टीम को शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि फिल्म निर्माताओं से अनुरोध है कि वे अपनी फिल्मों में उत्तराखण्ड के प्राकृतिक सौन्दर्य के साथ ही राज्य की अनूठी लोक संस्कृति व परम्पराओं के फिल्मांकन को भी प्राथमिकता दें। फिल्म निर्माता उत्तराखण्ड में शूटिंग के दौरान अधिक से अधिक स्थानीय प्रतिभाओं, फिल्म टेक्नीशियन व युवाओं को अवसर दें। उत्तराखण्ड में युवा प्रतिभाओं की कमी नही है। आशा है कि राज्य में फिल्म उद्योग के अधिक से अधिक विस्तार से स्थानीय प्रतिभाओं के लिए भी अवसर के नए द्वार खुलेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम फिल्म नीति का और भी अधिक आकर्षक बनाने पर कार्य कर रहे हैं, ताकि राज्य में फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित किया जा सके। राज्य में फिल्म शूटिंग निःशुल्क कर दी गई है। फिल्म पॉलिसी में 1.5 करोड़ रूपये की सब्सिडी की व्यवस्था कर दी गई है।
गौरतलब है कि आइजेएम प्रोडक्शन प्रा. लिमिटेड के बैनर तले बनी निर्देशक सत्यजीत मिश्रा की फिल्म ‘‘जान अभी बाकी है’’ की 95 प्रतिशत शूटिंग उत्तराखण्ड के भीमताल, नौकुचियाताल, काठगोदाम, पिथौरागढ़, मुनस्यारी, काशीपुर, बाजपुर में की गई है। फिल्म में काम कर रहे अभिनेता प्रांजल भी रुद्रपुर के निवासी है। फिल्म में अन्य कलाकार ब्रिजेन्द्र काला, स्वपनिल, राजेश जैस, रेशम टिपनिस है। फिल्म में लोकप्रिय संगीतकार अरिजीत सिंह, जुबिन नौटियाल में संगीत दिया है। फिल्म में उत्तराखण्ड के प्रसिद्ध झोड़ा चांचरी और हिलजात्रा का भी फिल्मांकन किया गया है।
इस अवसर पर वन विकास निगम के अध्यक्ष कैलाश गहतोड़ी भी उपस्थित थे।

एनईपी में मील का पत्थर साबित होगी बालवाटिकाः डॉ0 धन सिंह रावत

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत देशभर के 50 केन्द्रीय विद्यालयों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बालवाटिका कक्षाओं का शुभारम्भ करने पर शिक्षा मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को बधाई दी। उन्होंने कहा कि एनईपी-2020 के तहत बालवाटिका कक्षाओं की शुरूआत देश की शिक्षा प्रणाली में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने एनईपी-2020 में विशेष मार्गदर्शन के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं एनईपी समिति के चेयरमैन डॉ0 के0 कस्तूरीरंगन का भी आभार जताया।

नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने आज देशभर के 50 केन्द्रीय विद्यालयों में बालवाटिका कक्षाओं का विधिवत शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रीय पाठ्यक्रम फ्रेमवर्क समिति के सदस्यों एवं शिक्षाविदों का आभार जताते हुये बालवाटिका कक्षाओं को बुनियादी शिक्षा के लिये सबसे अहम बताया। केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि समिति द्वारा तैयार किया गया पाठ्यक्रम बालवाटिका से कक्षा दो तक के बच्चों के लिये उपयोगी साबित होगा। उन्होंने उत्तराखंड के 4000 से अधिक प्राथमिक विद्यालयों में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों में बालवाटिका कक्षाओं की शुरूआत किये जाने पर प्रदेश के शिक्षा मंत्री एवं विभागीय अधिकारियों की भूरी-भूरी प्रशंसा की।

उन्होंने उम्मीद जताई कि देश के अन्य राज्य भी उत्तराखंड की तर्ज पर प्राथमिक शिक्षा में एनईपी लागू करेंगे। उन्होंने देशभर के विभिन्न क्षेत्रों के विषय विशेषज्ञों, बुद्धिजीवियों एवं शिक्षाविदों से आह्वान किया कि वह नई शिक्षा नीति के अंतर्गत पाठ्यक्रम तैयार करने में अपना योगदान दें। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि एनसीईआरटी समिति द्वारा तैयार किये गये राष्ट्रीय पाठ्यक्रम फ्रेमवर्क को सर्वाजनिक डोमेन डालें। उन्होंने विश्वास जताया कि पाठ्यक्रम समिति 21वीं सदी के भारत के निर्माण के लिये एक मजबूत नींव रखने में सफल साबित होगी।

प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने देशभर के 50 केन्द्रीय विद्यालयों में बालवाटिका कक्षाओं के शुभारम्भ को शिक्षा प्रणाली में एक नई क्रांति का उदय बताया। उन्होंने कहा कि यह शुरूआत मैकाले की शिक्षा नीति की परिपाटी को बदलने तथा क्षेत्रीय बोली भाषाओं के विकास में अहम साबित होगी। डॉ0 रावत ने कहा कि उत्तराखंड में इसी माह उच्च शिक्षा में भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू कर दी गई है। इसके लिये उन्होंने कैरिकुलम फ्रेमवर्क समिति सहित इस कार्य में सहयोग प्रदान करने वाले सभी शिक्षाविदों एवं विभगीय अधिकारियों का आभार जताया।

रूद्रपुर में तैयार किया जा रहा प्रदेश का पहला एफएसटीपी


राष्ट्रीय नगर कार्य संस्थान (एनआईयूए) और शहरी विकास निदेशालय की ओर से सेप्टेज प्रबंधन पर स्टेट एवेंट ऑन सेनिटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर शहरी विकास मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया और कार्यक्रम को सेप्टेज प्रबंधन के कार्यों को गति प्रदान करने वाला बताया। इस मौके पर नौ नगर निकायों को मंत्री डा. अग्रवाल ने सेप्टेज का निस्तारण करने की दिशा में सराहनीय कार्य करने पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया। साथ ही नोट ऑन को-ट्रीटमेंट, सेप्टेज प्रोटोकॉल पर एडवाइजरी तथा स्टेट इन्वेस्टमेंट प्लान का विमोचन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ शहरी विकास मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इस मौके पर मंत्री डॉ. अग्रवाल ने कहा कि उत्तराखण्ड एक पर्वतीय राज्य है, जिसमें 103 शहरी स्थानीय निकाय वर्तमान तक गठित की गयी हैं। बताया कि राज्य के लगभग 80 प्रतिशत परिवार आज भी सेप्टिक टैंक/सोक पिट पर ही निर्भर हैं। इसके लिए सेप्टेज प्रबन्धन के लिए राज्य द्वारा सेप्टेज मैनेजमेंट प्रोटोकॉल जारी किया गया है, जो राज्य की समस्त शहरी स्थानीय निकायों में लागू है।

डा. अग्रवाल ने बताया कि इस प्रोटोकॉल के जरिए शहरी निकायों को सेप्टेज मैनेजमेंट सेल का गठन करने, उप विधि बनाने तथा सेप्टेज के सुरक्षित प्रबन्धन के निर्देश दिए गए हैं। डा. अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश के 93 निकायों में सेप्टेज मैनेजमेंट सेल का गठन किया गया है तथा 34 निकायों द्वारा उप विधि अधिसूचित कर दी गयी है।

डा. अग्रवाल ने बताया कि उत्तराखण्ड राज्य को नमामि गंगे कार्यक्रम में प्राथमिकता के साथ रखा गया है तथा राज्य द्वारा सेप्टेज प्रबंधन की समस्या से निपटने हेतु निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य स्तर पर निर्मित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में ही सेप्टेज की को-ट्रीटमेंट सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिये गये हैं।

डा. अग्रवाल ने नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत हरिद्वार, ऋषिकेश, श्रीनगर तथा देवप्रयाग में को-ट्रीटमेंट सुविधा को अनुमोदित किया गया है। इससे न केवल इन शहरों बल्कि इनके आस-पास के शहरों के सेप्टेज प्रबन्धन में भी सुविधा होगी।

डा. अग्रवाल ने बताया कि राज्य का पहला फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट रुद्रपुर में निर्माणाधीन है जो कि शीघ्र ही क्रियान्वित किया जायेगा। इस प्लांट के द्वारा रुद्रपुर के अतिरिक्त 09 अन्य शहर भी लाभान्वित होंगे। कहा कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के साथ-साथ फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट के इस्तेमाल से शहरों की समावेशी स्वच्छता को प्राप्त करने में राज्य को सहयोग प्राप्त होगा।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री डा. अग्रवाल ने एनआईयूए की टीम की प्रशंसा की। कहा कि एनआईयूए के सहयोग से शहरी विकास विभाग पिछले 02 वर्षों से सेप्टेज के सुरक्षित प्रबंधन में निरंतर कार्य कर रहा है, जिसमें सभी स्टेक होल्डर्स की क्षमता अभिवृद्धि करना, एडवाइजरी दस्तावेज तैयार करना, तकनीकी सहयोग प्राप्त करना तथा निकायों को सहयोग करना शामिल हैं। उन्होंने राज्य के स्वच्छता सर्वेक्षण में पहली बार छह अवॉर्ड मिलने पर शहरी विकास निदेशालय के अधिकारियों तथा कर्मचारियों की भी प्रशंसा की।

इस अवसर पर शहरी विकास मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने सेप्टेज निस्तारण की दिशा में उत्कृष्ट कार्य कर रहे निकायों (हरिद्वार, ऋषिकेश, रूद्रपुर, रामनगर, हल्द्वानी, जबकि ओडीएफ अवॉर्ड से सम्मानित निकाय देहरादून, चंबा, रूड़की, मुनिकीरेती) को प्रशस्ति पत्र देकर अन्य निकायों को भी इनसे प्रेरणा लेने को कहा।

इस मौके पर नेशनल अर्बन डिजिटल मिशन को लेकर एनआईयूए और शहरी विकास निदेशालय के बीच मंत्री डा. अग्रवाल जी की मध्यस्थता में अनुबंध किया गया। साथ ही नोट ऑन को-ट्रीटमेंट, सेप्टेज प्रोटोकॉल पर एडवाइजरी तथा स्टेट इन्वेस्टमेंट प्लान का विमोचन किया गया।

इस मौके पर एनआईयूए (राष्ट्रीय नगर कार्य संस्थान) के एडवाइजर राजीव रंजन, सचिव शहरी विकास दीपेंद्र चौधरी, निदेशक शहरी विकास नवनीत पांडे, मुख्य महाप्रबंधक जल संस्थान नीलिमा गर्ग, रुद्रपुर मेयर रामपाल सिंह सहित विभिन्न निकायों के नगर आयुक्त, सहायक नगर आयुक्त, सेनेटरी इंस्पेक्टर, निदेशालय के विभागीय अधिकारी व कर्मचारी तथा एनआईयूए के कर्मचारी मौजूद रहे।

सीएम धामी ने बदरीनाथ में चल रहे मास्टर प्लान का निरीक्षण किया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्तावित बदरीनाथ दौरे को लेकर बुधवार को सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बदरीनाथ धाम में यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। सभी कार्यक्रमों की तैयारियों को देखने के साथ ही सीएम ने बदरीनाथ मंदिर में पूजा अर्चना की। बदरीनाथ धाम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट बदरीनाथ मास्टर प्लान का कार्य जोर शोर पर चल रहा है।

बदरीनाथ पहुंच कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस बहुआयामी निर्माण कार्य का निरीक्षण करेंगे। सीएम धामी ने प्रधानमंत्री के भ्रमण से पूर्व बुधवार को बदरीनाथ में संचालित मास्टर प्लान के विभिन्न विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया और जरूरी निर्देश दिए।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बदरीनाथ पहुंचने पर बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय ने स्वागत किया। आज सुबह बदरीनाथ दर्शनार्थ और यहां चल रहे बदरीनाथ मास्टर प्लान कार्यों का निरीक्षण करने आये मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बीकेटीसी अध्यक्ष अजेन्द्र अजय ने स्वागत किया। समिति के उपाध्यक्ष किशोर पंवार भी मौके पर मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने बदरीनाथ के रावल ईश्वरी प्रसाद नम्बूदरी से भी भेंट की। बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय ने सीएम पुष्कर सिंह धामी को बदरीनाथ केदारनाथ यात्रा व्यवस्थाओं और इस यात्रा सीजन ने अब तक रिकार्ड संख्या में आते यात्रियों की संख्या और अन्य जानकारियां दीं।

आर्यन कंपनी का हेलीकॉप्टर केदारनाथ जाते वक्त दुर्घटनाग्रस्त, सात यात्रियों की मौत

केदारनाथ धाम में हेली सर्विस में शामिल आर्यन कंपनी का हेलिकॉप्टर आज अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिसमें 7 लोगों की मौत की सूचना है। मारे गए लोगों में चॉपर के पायलट औऱ यात्री शामिल हैं। बताया जा रहा है कि खराब मौसम के कारण ये हादसा हुआ। 7 people died as chopper crash in kedarnath route

मिली जानकारी के अनुसार आर्यन कंपनी का हेलिकॉप्टर-VTRPN गुप्तकाशी से केदारनाथ धाम के लिए 6 यात्रियों के साथ उड़ान भर रहा था। लेकिन बीच में बेहद खराब मौसम औऱ घने कोहरे के कारण पायलट का आगे जा पाना संभव नहीं था। इसी दौरान करीब 12 बजे पायलट ने वापस गुप्तकाशी में लैंडिंग की सोची। लेकिन गरुड़चट्टी के पास जैसे ही पायलट टर्न लेने की कोशिश कर रहा था, चॉपर का नियंत्रण बिगड़ गया और पहाड़ी से टकराकर क्रैश हो गया। हादसे में चॉपर के पायलट कैप्टन अनिल समेत 6 अन्य यात्रियों की मौत हो गई है।

हादसे की सूचना के बाद रेस्‍क्‍यू के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान चलाया। क्रैश होने से हेलीकॉप्टर कई हिस्सों में टूट गया है और बीच का हिस्सा जलकर राख हो गया। मृतकों की पहचान अनिल कुमार (हेलीकॉप्टर के पायलट) उर्वी बरार (25), कुर्ती बरार (30), पूर्वा रामानुज (26), प्रेम कुमार वी (63), सुजाता (56) कला (60) के तौर पर हुई है।

2019 में भी केदारनाथ में हेलीकॉप्‍टर क्रैश हुआ था। केदारनाथ से यात्रियों को लेकर फाटा के लिए उड़ान भरते समय हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी आने से पायलट को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी और इस दौरान हेलीकॉप्‍टर क्रैश हो गया था। इससे पहले 2013 की केदारनाथ आपदा के दौरान भी रेस्क्यू करते हुए वायु सेना के एमआइ-17 हेलीकॉप्टर समेत तीन हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुए थे। इन दुर्घटनाओं में 23 लोगों को जान गंवानी पड़ी थी।

पीएम मोदी के नेतृत्व में देश में संवर रही संस्कृतिः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टपकेश्वर महादेव मंदिर देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए जा रहे श्री महाकालेश्वर उज्जैन में महाकाल लोक लोकार्पण कार्यक्रम का वर्चुअल रूप से अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संपूर्ण देश के अंतर्गत धर्म संस्कृति को संवारने एवं उन्हें मजबूती प्रदान करने का कार्य किया जा रहा है, उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही केदारनाथ धाम, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का भव्य एवं दिव्य निर्माण कार्य हुआ है, साथ ही अयोध्या में भव्य राम मंदिर का कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा उज्जैन में महाकाल लोक के लोकार्पण के बाद महाकाल मंदिर का भव्य रूप देखने को मिलेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इससे पूर्व टपकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर केबिनेट मंत्री गणेश जोशी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

बलदेव, सुभद्रा और श्रीकृष्ण की झांकियों ने मोहा मन, मधुबन आश्रम से निकली झांकी

शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्री मधुबन आश्रम द्वारा नगर में भव्य श्री जगन्नाथ यात्रा निकाली गई। आश्रम के परमाध्यक्ष परमानंद दास जी महाराज, कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल, श्री कृष्णाचार्य जी महाराज, महंत वत्सल शर्मा, पंडित रवि शास्त्री आदि ने जगन्नाथ भगवान की विधिवत पूजा-अर्चना की।

मुनिकीरेती स्थित मंदिर परिसर से यात्रा की रवानगी से पूर्व मंत्री डॉ अग्रवाल ने जगन्नाथ भगवान की विधिवत पूजा-अर्चना और छप्पन भोग चढ़ाया गया। मंत्री डॉ अग्रवाल जी ने भगवान बलदेव, सुभद्रा और श्रीकृष्ण जी की 25वीं झांकी निकालने पर मधुबन आश्रम को बधाई दी।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि रथ यात्रा का विशेष महत्व है ऐसी मान्यता है कि रथ के आगे झाड़ू लगाने तथा रथ को रस्सी के सहारे खींचने से इस सांसारिक जीवन में दोबारा जन्म नहीं लेना पड़ता। भगवान उन्हें इस जन्म के बाद मोक्ष प्रदान करते हैं।

इस मौके पर डॉ अग्रवाल ने श्रद्धालुओं के साथ रथयात्रा के आगे झाड़ू लगाया और भगवान जगन्नाथ जी के दर्शन कर देश और प्रदेश की उन्नति की कामना की। साथ ही रस्सी के सहारे रथ को खींचा।

मधुबन आश्रम से शुरू हुई 25वीं रथयात्रा का हरिद्वार व लक्ष्मण झूला मुख्य मार्ग पर विभिन्न संस्थाओं द्वारा पुष्प वर्षा के साथ विधिवत पूजा की गई।

यात्रा में डांडिया सहित राधा माधव कीर्तन मंडली के भजनों की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र बनी रही। यात्रा में साधु-संत सहित नगर तथा आस-पास क्षेत्र जाए श्रद्धालु शामिल हुए।