श्री बदरीनाथ सहित चारों धामों के बंद होने की तिथि की हुई घोषणा

उत्तराखंड में चारों धामों के कपाट शीतकाल के लिए बंद करने का ऐलान कर दिया गया है। चमोली जिले में स्थित बदरीनाथ धाम के कपाट 19 नवंबर शनिवार शाम 3 बजकर 35 मिनट के लिए बंद कर दिए जाएंगे। जबकि, गंगोत्री धाम के कपाट 26 अक्टूबर को 12 बजकर 1 मिनट पर अनकूट के अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए जाएंगे।
भैया दूज के अवसर रुद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ और उत्तरकाशी जिले में स्थित यमुनोत्री धामी के कपाट बंद किए दिए जाएंगे। भैया दूज के पावन पर्व पर आने वाली 27 अक्टूबर को विश्व प्रसिद्ध यमुनोत्री धाम के कपाट वैदिक मंत्रोच्चार के साथ छह माह तक शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।
बुधवार को यमुना मंदिर में यमुनोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश उनियाल एवं पंच पंडा पुरोहित महासभा के अध्यक्ष पुरुषोत्तम उनियाल की उपस्थिति ने यमुनोत्री धाम के तीर्थ पुरोहितों द्वारा दशहरे के शुभ अवसर पर यमुनोत्री धाम के कपाट बंद करने का मुहूर्त निकाला गया।
भैया दूज के पावन पर्व पर 27 अक्टूबर 2022 को दोपहर 12 बजकर 9 मिनट पर सर्व सिद्धि योग, अभिजीत मुहूर्त के शुभ अवसर पर विधिवत पूजा अर्चना के साथ यमुनोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए छह माह तक बंद कर दिए जाएंगे। शीतकाल में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु छह माह तक मां यमुना के दर्शन उनके शीतकालीन प्रवास खुशीमठ (खरसाली) में कर सकेंगे। जिसके बाद अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर ग्रीष्म काल के लिए यमुनोत्री धाम में पुनः मां यमुना के कपाट विधिवत दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे।
यमुनोत्री धाम के कपाट बंद करने का मुहूर्त निकालने के इस दौरान यमुनोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश उनियाल, पंच पंडा पुरोहित महासभा के अध्यक्ष पुरुषोत्तम उनियाल, लखन उनियाल, अमित उनियाल, सच्चिदानंद उनियाल, रामस्वरूप उनियाल सहित तीर्थ पुरोहित मौजूद रहे।

तीर्थ यात्रियों का टूटा रिकॉर्ड
बदरीनाथ, केदारनाथ सहित चारों धामों में दर्शन करने वाले तीर्थ यात्रियों का रिकॉर्ड टूटा है। इस साल 2022 में अब तक 38 लाख से ज्यादा तीर्थ यात्री दर्शन करने को धामों में पहुंचे हैं। 8 मई से खुले बदरीनाथ धाम में 3 अक्टूबर तक 1443174 तीर्थ यात्रियों ने दर्शन किए। जबकि, 6 मई से खुले केदारनाथ धाम में 3अक्टूबर तक 1323949 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। 3 मई से खुले यमुनोत्री धाम और गंगोत्री धाम में क्रमश 456885 और 580170 तीर्थ यात्रियों ने दर्शन किया है।

शहरी विकास मंत्री डा. अग्रवाल को राष्ट्रपति मुर्मू ने किया पुरस्कृत

आजादी का अमृत महोत्सव के तहत हुए स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 में 100 से कम निकाय वाले राज्यों में उत्तराखंड का स्थान टॉप 3 में आने पर शहरी विकास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रशस्ति पत्र देकर पुरस्कृत किया। बता दे कि उत्तराखंड के 5 शहरों (हरिद्वार, लंढोर कैंट, डोईवाला, नरेंद्रनगर और रामनगर) का भी चयन स्वच्छ भारत मिशन में होने पर सम्मानित किया गया।

नई दिल्ली स्थित तालकटोरा स्टेडियम में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से कार्यक्रम किया गया। इसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शहरी विकास मंत्री उत्तराखंड डॉक्टर प्रेमचंद अग्रवाल को प्रशस्ति पत्र देकर पुरस्कृत किया।

इसमें उत्तराखंड के चार निकाय जिनमें लंढोर कैंट, डोईवाला, नरेंद्रनगर और रामनगर शामिल हैं, का चयन स्वच्छ भारत मिशन में किया गया है।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत चयनित 4 शहरों का आकलन ओडीएफ, गार्बेज फ्री सिटी स्टार रेटिंग, साल भर में किए गए डॉक्यूमेंटेशन, स्वच्छता विशेषज्ञों के आकलन व नागरिकों की प्रतिक्रिया के आधार पर किया गया है।

मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि नगर निगम हरिद्वार निकाय का चयन देशभर के करीब 62 गंगा नदी के समीपवर्ती निकायों की सूची में प्रथम स्थान पर किया गया है। बताया कि पूर्व में बनारस को प्रथम स्थान मिला था।

मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 में देशभर के लगभग 18 और कुछ केंद्र शासित प्रदेश जिनमें 100 से कम निकायों की संख्या है, उनमें उत्तराखंड ने टॉप 3 में जगह बनाई है।

मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि कड़े मुकाबले के बीच उत्तराखंड के पांच निकाय अपना स्थान बनाने में सफल रहे हैं। शहरी विकास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने महामहिम राष्ट्रपति का अभिवादन किया और इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी और चयनित निकायों सहित जनता को बधाई दी है।

इस मौके पर केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी, शहरी राज्य मंत्री कौशल किशोर जी भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग से नामित उपाध्यक्ष अंकित आर्य को किया पदमुक्त, पिता को संगठन ने निकाला

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखण्ड अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग में नामित उपाध्यक्ष अंकित आर्य पुत्र विनोद आर्य निवासी स्वदेशी भवन, आर्य नगर, हरिद्वार को उत्तराखण्ड अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग अधिनियम, 2003 ( अधिनियम संख्या 7 वर्ष 2003) की धारा 5 की उपधारा 3 (च) के तहत तत्काल प्रभाव से उक्त पद से पदमुक्त किया गया है।
प्रमुख सचिव एल फैनई द्वारा इसका आदेश जारी कर दिया गया है। तदक्रम में अंकित आर्य को अनुमन्य सुविधाएं भी तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है।

मुख्यमंत्री ने आयुष्मान आरोग्य रथ को फ्लैग ऑफ कर किया रवाना


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की चौथी वर्षगांठ के अवसर पर प्रदेश के विभिन्न चिकित्सालयों, चिकित्सकों एवं आरोग्य मित्रों आदि को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने इस योजना के लाभार्थियों से संवाद कर उनके विचार सुने। उन्होंने लाभार्थियों से जन स्वास्थ्य सुविधा से जुड़ी इस योजना को जन-जन तक पहुंचाने में मददगार बनने की अपील की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आयुष्मान आरोग्य रथ को फ्लैग ऑफ कर रवाना किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना देश की ही नहीं दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना है जिसमें 5 लाख प्रति परिवार प्रतिवर्ष चिकित्सा उपचार की व्यवस्था है। समाज के 90 प्रतिशत लोगों को इस योजना की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य बेहतर भविष्य का मार्ग बनाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश को स्वास्थ्य के क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी आयुष्मान भारत योजना दी है। देश की आजादी के बाद किसी ने इस दिशा में नहीं सोचा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज देश स्वास्थ्य के साथ ही हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। देश आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा है। आयुष्मान योजना का आम जनमानस को सीधे लाभ मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के पदचिन्हों पर चलकर राज्य में विकास के कार्य आगे बढ़ाये जा रहे हैं। प्रदेश के सभी परिवारों को राज्य में अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना से आच्छादित किया गया है। इस योजना के तहत अभी तक प्रदेश में लगभग 5.68 लाख लोग अपना उपचार करा चुके हैं, जिस पर 980 करोड़ रूपये का व्यय हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले यदि परिवार में कोई बीमार होता था तो कई परिवार बिलों का भुगतान करने में असमर्थ होते थे। इसलिए मरीज इलाज करवाने में असहज महसूस करते थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले देश में हताशा व निराशा का वातावरण था। श्री नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद देश व दुनिया में भारत का मान व सम्मान बढ़ा है। हर क्षेत्र में नेतृत्व करने वाला भारत बना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों का जीवन बचाने वाले चिकित्सक ईश्वर का वरदान है। हमें अच्छे कार्यों का फल अवश्य प्राप्त होता है। असहायों की सहायता हमारे जीवन का उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों को संतुष्टि के भाव के साथ मिले। यह सुनिश्चित करना चिकित्सकों एवं चिकित्सा संस्थानों का है। इसके लिये भुगतान की पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि जन समस्याओं के निराकरण में सरलीकरण समाधान, निस्तारण एवं संतुष्टि के भाव के साथ कार्य करने से ही समस्याओं के समाधान का मार्ग प्रशस्त होगा।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत पिछले चार सालों में 5.68 लाख लोगों को लाभान्वित कर लगभग 980 करोड़ की धनराशि व्यय की गई है। उन्होंने कहा कि अब इस योजना का लाभ लेने वाले व्यक्ति के इलाज पर होने वाले व्यय की उसे भी जानकारी दी जाने की व्यवस्था की गई है। राज्य में शत प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बने इसके लिये आशा कार्यकत्रियों को भी जिम्मेदार दी गई है। योजना के क्रियान्वयन में आरोग्य मित्रों की सेवा ली जा रही है।
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के मुख्य कार्याधिकारी अरुणेन्द्र सिंह चौहान ने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना राज्य में दिनांक 23 सितम्बर 2018 को एसईसीसी 2011 की जनगणना के आधार पर चिन्हित 5.24 लाख परिवारों को एवं अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना दिनांक 25 दिसम्बर, 2018 को शेष 10.46 लाख परिवारों को निःशुल्क कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने हेतु लागू की गयी जबकि कर्मचारियों एवं पेंशनरों को गोल्डन आयुष्मान कार्ड की व्यवस्था की गयी है।

कार्यक्रम में प्रभारी सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ0 आशुतोष सयाना सहित योजना के लाभार्थी, संस्थानों के प्रतिनिधि, चिकित्सक एवं आरोग्य मित्र आदि उपस्थित थे।

सीएम ने विस में भर्तियों पर त्वरित जांच के लिए स्पीकर ऋतु खण्डूड़ी को बधाई दी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा में हुई भर्तियों के मामले में उच्च स्तरीय समिति की संस्तुति पर विधानसभा अध्यक्ष द्वारा वर्ष 2016 से 2021 तक हुई तदर्थ भर्तियों को निरस्त करने के निर्णय का स्वागत किया है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूड़ी भूषण को त्वरित जांच कर निर्णय लिये जाने पर बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान में सदन और सरकार एकजुट है।
गौरतलब है कि विधानसभा भर्ती मामले में मुख्यमंत्री ने सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए विधानसभा अध्यक्ष से भर्तियों की जांच करने का आग्रह किया था। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सरकार की मंशा के अनुसार इस पर उच्च स्तरीय कमेटी का गठन कर समयबद्ध तरीके से जांचके निर्देश दिए। जाँच रिपोर्ट में समिति ने संस्तुति की है कि 2016 में 150, वर्ष 2020 में 6 व वर्ष 2021 में 72 तदर्थ भर्तियों को निरस्त किया जाए। उत्तराखंड को भ्रष्टाचार मुक्त राज्य बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार लगातार काम कर रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार सुशासन की दिशा में कृत संकल्पित होकर काम कर रही है। किसी भी प्रकार से कोई भ्रष्टाचार सहन नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अधिनस्थ सेवा चयन आयोग व अन्य भर्तियों में अनियमितता पाए जाने पर उन्हें पारदर्शिता से आयोजित करने के लिए उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग को हस्तांतरित की। अब नए सिरे से पारदर्शिता के साथ परीक्षा प्रक्रिया गतिमान है। उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग ने प्रथम चरण की परिक्षाओ की तिथियों का कैलेण्डर भी जारी कर दिया है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ़ अभियान में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित अलग-अलग विभागों में समूह ग भर्ती परीक्षा में गड़बड़ियों की शिकायत मिलते ही कठोर निर्णय लिए। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग भर्ती परीक्षा में पेपर लीक मामले में संलिप्त 41 आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी हो चुकी है वहीं 18 अभियुक्तों पर चार्जशीट हो चुकी है जबकि गैंगस्टर एक्ट हेतु 21 आरोपियों की जुडिशल रिमांड स्वीकृत हो चुकी है। वहीं ओर वन दरोगा मामले में 03 सचिवालय रक्षक भर्ती में एक आरोपी की गिरफ़्तारी हो चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश के युवाओं के साथ कोई अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने युवाओं से पूरे उत्साह और परिश्रम से परिक्षाओ की तैयारी में जुट जाने का अनुरोध किया। वर्तमान में 7000 परिक्षाओ की भर्ती प्रक्रिया गतिमान है। इसके अलावा 12 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की कार्ययोजना पर भी काम कर रहे हैं।

जर्मनी स्टडी पर गये मंत्री अग्रवाल ने टीम के साथ ठोस अपशिष्ट प्रबंधन ली जानकारी की हासिल

उत्तराखंड से शहरी विकास मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल के साथ जर्मनी दौरे पर गई टीम को स्टार्टगार्ट विश्वविद्यालय के द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की गई। इस मौके पर मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने जर्मनी में उत्तराखंडी संस्कृति की पहचान पहाड़ी टोपी भी भेंट की। जिसकी सराहना की गई।

आज जर्मनी की स्टार्टगार्ट विश्वविद्यालय के प्रोफेसर गेब्रियल ग्रेस ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर उत्तराखंड से गई टीम को जानकारियां दी। शहरी विकास मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि प्रोफेसर गेब्रियल ग्रेस आईआईटी मद्रास से भी संबद्ध हैं। डा. अग्रवाल ने बताया कि डा. सत्य नारायण जो रोस्तोकी विश्वविद्यालय में कार्यरत है। बताया कि डा. सत्य नारायण ने यूरोप में अपशिष्ट प्रबंधन पर होने वाली गतिविधियों की जानकारी साझा की है।

डा. अग्रवाल ने बताया कि डा. सत्य नारायण तथा उनकी टीम द्वारा जर्मन कंपनी जीआईजेड के साथ मिलकर भारत में उत्तर प्रदेश, केरला के साथ अंडमान तथा निकोबार में भी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर कार्य किया जा रहा है। इस मौके पर डा. सत्य नारायण व उनकी टीम ने उत्तराखंड में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के बारे में जानकारी हासिल की।

इस मौके पर डा. एलेसी जो कि टेक्निश यूनिवर्सिटी डार्मस्टेड में कार्यरत हैं, के द्वारा यूरोप में कूड़े के प्रबंधन में प्रयोग किये जा रहे अभिनव समाधान के बारे में भी जानकारी दी गई।

इस अवसर पर डा. अग्रवाल ने उत्तराखंड की संस्कृति की पहचान पहाड़ी टोपी भी जर्मनी में मौजूद टीम को भेंट की। साथ ही यूरोप में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए किए जा रहे अभिनव प्रयोग की सराहना करते हुए जानकारी साझा करने पर आभार व्यक्त किया।

इस मौके पर अपर मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन, निदेशक शहरी विकास नवनीत पांडे, अपर निदेशक अशोक कुमार पांडे, मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम हरिद्वार दयानंद सरस्वती, मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम ऋषिकेश राहुल गोयल, जीआईजेड कंपनी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर फिऑन, लीगर एडवाइजर क्रिस्टोफर, जूनियर टेक्निकल एडवाइजर एनिका भी मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री मोदी ने बदरीनाथ व केदारनाथ में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा की

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से श्री बद्रीनाथ एवं श्री केदारनाथ में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय से इस बैठक में वर्चुअल प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.संधु, विशेष कार्याधिकारी पर्यटन विभाग भाष्कर खुल्बे, सचिव पर्यटन सचिन कुर्वे वर्चुअल माध्यम से सचिव संस्कृति भारत सरकार गोविन्द मोहन, संयुक्त सचिव भारत सरकार रोहित यादव, उप सचिव भारत सरकार मंगेश घिल्डियाल भी उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्री बद्रीनाथ एवं श्री केदारनाथ के पुनर्निर्माण कार्यों की प्रगति की पूरी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में श्री केदारनाथ एवं श्री बद्रीनाथ में श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ेगी। श्री केदारनाथ के निकटवर्ती स्थानों को भी आध्यात्मिक पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने होंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए आस-पास के एरिया के डेवलपमेंट की दिशा में प्रयास करने होंगे। रामबाड़ा और केदारनाथ के बीच श्रद्धालुओं को ठहरने एवं कौन सी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सकती हैं, इस ओर भी ध्यान दिया जाए। प्रधानमंत्री ने कहा कि वासुकीताल, गरूड़ चट्टी, लिंचोली और उनके आस-पास श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक दृष्टि से क्या किया जा सकता है, इसका पूरा प्लान तैयार किया जाए।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि श्री बद्रीनाथ के साथ ही आस-पास के क्षेत्रों को मॉडल के रूप में विकसित करने के लिए भी योजना बनाई जाए। माणा गांव एवं उसके आस-पास के क्षेत्रों को रूरल टूरिज्म के लिए विकसित करने की दिशा में भी ध्यान दिया जाए। इनमें स्थानीय कल्चर एवं स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर ईकोनॉमी का अच्छा मॉडल बनाया जा सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि श्री केदारनाथ एवं श्री बद्रीनाथ में श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत सेवकों एवं डॉक्टरों से भी अधिक से अधिक सहयोग लिया जाए। सरकारी व्यवस्थाओं के साथ जन सहयोग भी जरूरी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में श्री बद्रीनाथ एवं श्री केदारनाथ में पुनर्निर्माण के कार्य तेजी से चल रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत रात-दिन कार्य प्रगति पर है। दिसम्बर 2023 तक सभी कार्यों को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। इस साल अभी तक 35 लाख से अधिक पंजीकृत श्रद्धालु चारधाम यात्रा में आ चुके हैं।
मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने श्री केदारनाथ एवं श्री बद्रीनाथ के पुनर्निर्माण कार्यों का प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने कहा कि श्री केदारनाथ में प्रथम चरण के पुनर्निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं। द्वितीय चरण में 188 करोड़ रूपये के 21 कार्य किये जा रहे हैं। जिनमें से 03 कार्य पूर्ण किये जा चुके हैं, 06 कार्य दिसम्बर 2022 तक पूर्ण हो जायेंगे। अवशेष 12 कार्यों को जुलाई 2023 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। गौरीकुण्ड में गेट का निर्माण किया जा चुका है। संगम घाट का कार्य जून 2023 तक पूर्ण किया जायेगा। ईशानेश्वर टेम्पल का कार्य भी एक माह में पूर्ण हो जायेगा। मास्टर प्लान के अनुसार सभी कार्य दिसम्बर 2023 तक पूर्ण किये जायेंगे। मुख्य सचिव ने कहा कि श्री बद्रीनाथ में भी मास्टर प्लान के अनुसार तेजी से कार्य हो रहे हैं। शीश नेत्र लेक एवं बद्रीश लेक का कार्य 03 माह में पूर्ण हो जायेगा। रिवर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट का कार्य जून 2023 तक पूर्ण हो जायेगा।
सचिव संस्कृति, भारत सरकार गोविन्द मोहन ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जानकारी दी कि श्री केदारनाथ के लिए संस्कृति मंत्रालय के तहत चार प्रकार के कार्य होने हैं। जो जल्द शुरू किये जायेंगे। सोनप्रयाग में ओरिएंटेशन सेंटर की स्थापना, रामबाड़ा, छोटी लिंचोली, बड़ी लिंचोली एवं चन्नी कैंप में चिन्तन स्थल (ध्यान स्थल), श्री केदारनाथ में शिव उद्यान एवं श्री केदारनाथ में श्री केदार गाथा म्यूजियम का निर्माण किया जायेगा। इन सभी कार्यों की पूरी योजना बनाकर तैयारी कर ली गई है।

रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज में इंडिया की हौसलाअफजाई को गर्वनर संग सीएम भी पहुंचे

रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज का मैच भले ही डेढ़ घंटे देरी से शुरू हुआ, लेकिन प्रदेशभर से आये लोगों से देहरादून का इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम खचाखच भरा था। (india legends beat england legends by 40 runs in road safety world series) इस मैच में इंडिया लीजेंड्स ने इंग्लैंड लीजेंड्स को 40 रनों से हरा दिया। राज्यपाल ले. ज. (रि.) गुरमीत सिंह, सीएम धामी और खेल मंत्री रेखा आर्या भी दर्शकों का उत्साह बढ़ाने स्टेडियम पहुंचे।

इंडिया लीजेंड्स के लिए जैसे ही सचिन तेंदुलकर और नमन ओझा पारी की शुरुआत करने उतरे, स्टेडियम सचिन सचिन के नारों से गूंज उठा। सचिन ने भी फैंस को निराश नहीं किया और आकर्षक स्ट्रोक खेलकर 1998 के दौर की याद दिलाई। बारिश के कारण 15- 15 ओवर के मैच में सचिन की तूफानी पारी (20 गेंदों पर 40 रन, 3छक्के, 3 चौके) की बदौलत भारतीय लीजेंड्स ने 5 विकेट पर 170 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया।

सचिन और ओझा ने तूफानी शुरुआत दी, और 5 ओवर में ही 64 रन जोड़ डाले। लेकिन बीच मे अचानक 3 विकेट गिरने से पारी थोड़ा लड़खड़ाई। यूसुफ पठान के 11 गेंदों पर 27 और युवराज सिंह के 15 गेंदों पर 31 रन की बदौलत भारत ने 170 का पहाड़ से स्कोर खड़ा कर दिया। भारतीय बल्लेबाजों की तूफ़ानी पारियों ने दर्शकों का पैसा वसूल कर दिया। इंग्लैंड के लिए स्टीफन पैरी ने 3 विकेट चटकाए।

जवाब में इंग्लैंड ने ठोस शुरुआत की। लेकिन राजेश पवार ने दिमित्री को आउट कर पहली सफलता दिलाई। इसके बाद लगातार विकेट गिरते गए और इंग्लैंड 15 ओवर में 6 विकेट पर 130 रन ही बना सका। इंग्लैंड के लिए मस्टर्ड ने सबसे ज्यादा 29 रन बनाए। भारत की ओर से राजेश पवार ने 3 विकेट चटकाए।

पुलिस आधुनिकीकरण के मुद्दे पर गृहमंत्री और सीएम के बीच हुई मुलाकात

दिल्ली प्रवास पर मौजूद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गृह मंत्री अमित शाह से शिष्टाचार भेंट की। लगभग एक घण्टे तक चली इस मुलाकात में मुख्यमंत्री ने गृहमंत्री शाह को पिछले दिनों राज्य में विभिन्न जगह आई दैवीय आपदा और उन क्षेत्रों में किए गए आपदा प्रबन्धन, राहत व बचाव कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। दोनों नेताओं के बीच पुलिस आधुनिकीकरण के मुद्दे पर भी विचार विमर्श हुआ।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और गृह मंत्री अमित शाह के बीच चली मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि इस दौरान राज्य के विकास को लेकर बृहद चर्चा हुई। खासतौर पर उन्होंने गृहमंत्री शाह को दैवीय आपदा से राज्य में हुई क्षति के बारे में जानकारी दी। गृहमंत्री शाह ने आश्वासन दिया है कि सुख दुख में केन्द्र सरकार मजबूती से उत्तराखण्ड की जनता के साथ खड़ी है और आगे भी रहेगी।

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री की अध्यक्षता में हुई किशाऊ बांध बहुउद्देशीय परियोजना बैठक, सीएम भी हुए शामिल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत की अध्यक्षता में किशाऊ बांध बहुद्देशीय परियोजना पर आयोजित बैठक में प्रतिभाग किया। बैठक में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने वर्चुअल प्रतिभाग किया।

बैठक में उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने परियोजना के संबंध में अपने-अपने राज्य का पक्ष रखा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि परियोजना डीपीआर की लागत बढ़ने की दशा में विद्युत घटक लागत को स्थिर रखा जाए अथवा बढ़ी हुई विद्युत घटक लागत को अन्य चार लाभार्थी राज्यों उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान व दिल्ली द्वारा वहन किया जाए। ताकि राज्य के उपभोक्ताओं को सस्ती दर पर विद्युत आपूर्ति उपलब्ध हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राष्ट्रीय परियोजना, उत्तराखण्ड के विकास हेतु मील का पत्थर साबित होगी क्योंकि परियोजना विकास की अवधि में स्थानीय निवासियों व ग्रामीणों को आय वृद्धि के विभिन्न संसाधन यथा स्थाई व अस्थाई रोजगार प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से उपलब्ध होंगे। क्षेत्र के विकास व जनकल्याण हेतु समय- समय पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से क्षेत्र विशेष हेतु लाभप्रद योजनाएं विकसित की जाएगी, जिससे पलायन की समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण किया जा सकेगा।

केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि आज की बैठक में उठाए गए बिंदुओ पर विचार विमर्श कर जल्द ही अगली बैठक आयोजित की जाएगी।

गौरतलब है कि किशाऊ बहुउद्देशीय बाँध परियोजना के क्रियान्वयन का कार्य उत्तराखण्ड एवं हिमाचल प्रदेश सरकार के संयुक्त उपक्रम किशाऊ कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। इस परियोजना को फरवरी 2008 में राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया गया है। किशाऊ बाँध परियोजना एशिया का दूसरी सबसे बड़ी बाँध परियोजना होगी। जिसे इसकी ऊंचाई 236 मीटर एवं लम्बाई 680 मीटर होगी। किशाऊ परियोजना उत्तराखण्ड राज्य के जनपद देहरादून एवं हिमाचल प्रदेश के जनपद सिरमौर में टोंस नदी पर प्रस्तावित है, इसमें 1324 एम0सीए०एम० जीवत भण्डारण द्वारा 97076 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई, 617 एम०सी०एम० पेयजल एवं औद्योगिक उपयोग हेतु जल प्राप्त होगा, जिससे तीन राज्यों उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान की सिंचाई आवश्यकता तथा दिल्ली की पेयजल आवश्यकता की पूर्ति की जा सकेगी, साथ ही साथ 660 मेगावाट जल विद्युत उत्पादन होगा, जिससे 1379 एम०यू० हरित विद्युत ऊर्जा प्राप्त होगी जो कि उत्तराखण्ड व हिमाचल प्रदेश को बराबर-बराबर प्राप्त होगी।

केन्द्रीय जल आयोग द्वारा परियोजना की कुल लागत मार्च, 2018 के मूल्य स्तर के अनुसार रू० 11550 करोड़, जिसमें जल घटक की लागत रु. 10013.96 करोड़ एवं विद्युत घटक की लागत रु. 1536.04 करोड़ आंकी गई है। वर्तमान में परियोजना की डीपीआर का कार्य प्रगति पर है, जिसमें परियोजना की लागत बढ़ने का अनुमान है।
राष्ट्रीय परियोजना होने के दृष्टिगत परियोजना के क्रियान्वयन हेतु जल घटक लागत (सिंचाई एवं पीने का पानी) का 90 प्रतिशत वित्तीय पोषण भारत सरकार द्वारा एवं 10 प्रतिशत वित्तीय पोषण लाभार्थी राज्यों द्वारा वहन किया जाएगा तथा विद्युत घटक लागत को उत्तराखण्ड व हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा संयुक्त रूप से बराबर-बराबर वहन किया जाना है।

बैठक में उत्तराखण्ड से सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, हरि चंद्र सेमवाल व जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार के अधिकारी उपस्थित थे।