केदारपुरी में निर्माण कार्यो का मुख्य सचिव ने लिया जायजा

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने श्री केदारनाथ में चल रहे निर्माण कार्यों का संबंधित अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण कर जायजा लिया। मुख्य सचिव ने निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को निर्देश दिए कि केदारपुरी में जो भी निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, उन कार्यों में तेजी के साथ गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि श्री केदारनाथ में यात्रियों की सुविधाओं के दृष्टिगत हर संभव व्यवस्थाएं की जाएं। केदारनाथ धाम में जो भी निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, उन कार्याे से केदारनाथ धाम में दर्शन करने आ रहे तीर्थ यात्रियों को कोई असुविधा न हो, इसके लिए निर्माण सामग्री को सुव्यवस्थित ढंग से रखने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने तीर्थ पुरोहितों हेतु बनाये जा रहे आवासीय भवनों का निर्माण कार्य को शीर्ष प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी, तीर्थ पुरोहितों के साथ समन्वय कर धाम के विकास कार्यों में और अधिक गति लाएं। मुख्य सचिव द्वारा चिकित्सालय कंट्रोल सेंटर, संगमघाट, मंदिर समिति का प्रशासनिक भवन, आस्था पथ आदि निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया गया। मुख्य सचिव ने केदारनाथ धाम में बनाये जा रहे वाटर एटीएम के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश कार्यदायी संस्था को दिए। निरीक्षण के बाद मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने श्री केदारनाथ के दर्शन कर पूजा-अर्चना की तथा प्रदेश की प्रगति एवं खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग मयूर दीक्षित, पुलिस अधीक्षक रूद्रप्रयाग आयुष अग्रवाल, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी केदारनाथ योगेंद्र सिंह मौजूद रहे।

स्वास्थ्य को लेकर श्रद्धालुओं को जारी किये गये दिशा-निर्देश

चारधाम यात्रा-2022 के लिये मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखण्ड के स्वास्थ्य विभाग द्वारा यात्रियों के स्वास्थ्य के लिये हेल्थ एडवाईजरी जारी की गई है।
चारधाम यात्रा में समस्त तीर्थ स्थल उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित है, जिनकी ऊंचाई समुद्र तल से 2700 मी0 से भी अधिक है। उन स्थानों में यात्रीगण अत्यधिक ठण्ड, कम आद्रता, अत्यधिक अल्ट्रा वॉयलेट रेडिएशन, कम हवा का दबाव और कम ऑक्सीजन की मात्रा से प्रभावित हो सकते हैं। अतः सभी तीर्थ यात्रियों के सुगम एवं सुरक्षित यात्रा हेतु निम्न दिशा-निर्देश निर्गत किये गये हैं।
श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत ही यात्रा के लिए प्रस्थान करें। पूर्व से बीमार व्यक्ति अपने चिकित्सक का परामर्श पर्चा एवं चिकित्सक का संपर्क नम्बर एवं चिकित्सक द्वारा लिखी गयी दवाईयां अपने साथ रखें।
अति वृद्ध एवं बीमार व्यक्तियों एवं पूर्व में कोविड से ग्रसित व्यक्तियों के लिए यात्रा पर न जाना या कुछ समय के लिए स्थगित करना उचित होगा।
तीर्थस्थल पर पहुँचने से पूर्व मार्ग में एक दिन का विश्राम करना उचित होगा।
गर्म एवं ऊनी वस्त्र साथ में अवश्य रखें। हृदय रोग, श्वांस रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप से ग्रस्त रोगी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाते समय विशेष सावधानी बरतें।
लक्षण जैसे-सिर दर्द होना, चक्कर आना, घबराहट का होना, दिल की धड़कन तेज होना, उल्टी आना, हाथ-पांव व होठों का नीला पड़ना, थकान होना, सांस फूलना, खाँसी होना अथवा अन्य लक्षण होने पर तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र पहुँचें एवं 104 हैल्पलाईन नम्बर पर सम्पर्क करें।
धूम्रपान व अन्य मादक पदार्थों के सेवन से परहेज करें।
सनस्क्रीन एसपीएफ 50 का उपयोग अपनी त्वचा को तेज धूप से बचाने के लिए करें । यूवी किरणों से अपनी आंखों के बचाव हेतु सन ग्लासेस का उपयोग करें।
यात्रा के दौरान पानी पीते रहें और भूखे पेट ना रहें। लम्बी पैदल यात्रा के दौरान बीच-बीच में विश्राम करें। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में व्यायाम से बचें। किसी भी स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी हेतु 104 एवं एम्बुलैंस हेतु 108 हैल्पलाईन नम्बर पर सम्पर्क करेंगे।

चारधाम यात्रा पर व्यवस्थाओं के लिए मंत्री धन सिंह केदारनाथ और सुबोध उनियाल को बद्रीनाथ की जिम्मेदारी सौंपी


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर चारधाम यात्रा के दृष्टिगत, तीर्थ यात्रियों के आवागमन को सुगम और सुविधायुक्त बनाये जाने के लिये सभी व्यवस्थाओं के पर्यवेक्षण और अनुश्रवण के लिये केबिनेट मंत्री डा. धन सिंह रावत को केदारनाथ धाम और सुबोध उनियाल को बद्रीनाथ धाम के लिये नामित किया गया है।

को मुख्यमंत्री ने सचिवालय में बैठक में अधिकारियों को चारधाम यात्रा में व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि चार धाम यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत किया जाए। शौचालयों में स्वच्छता सुनिश्चित की जाए। देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम और सुरक्षित हो। चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु किन-किन बातों का ध्यान रखें, इस बारे में पर्यटन और स्वास्थ्य विभाग विस्तृत गाईडलाईन जारी करें और इसका व्यापक प्रचार प्रसार करें। उत्तराखण्ड में आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक यहां से अच्छा संदेश लेकर जाएं, यह हम सभी का दायित्व है। चारधाम यात्रा के साथ ही अन्य पर्यटन स्थलों पर व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा की जाए।

श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने से चारधाम यात्रा ने पकड़ी रफ्तार

विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम के कपाट रविवार सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर वैदिक मंत्रोच्चारण एवं विधि विधान के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ के लिए खोल दिए गए। ग्रीष्मकाल के छह माह अब श्रद्धालु भगवान बद्रीविशाल के दर्शन व पूजा अर्चना बद्रीनाथ मंदिर में कर सकेंगे। कपाटोद्घाटन के अवसर पर मंदिर को भव्य रूप से गेंदे के फूलों से सजाया गया था। सेना के बैंड की भक्तिमय धुनों एवं जय बद्रीविशाल के जयकारों के साथ देश-विदेश से आये हजारों श्रद्धालु कपाट खुलने के साक्षी बने। श्री बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलते ही चारधाम की यात्रा विधिवत शुरू हो गई है। उल्लेखनीय है कि 3 मई को श्री गंगोत्री व श्री यमुनोत्री धाम औऱ 6 मई को श्री केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ के लिए खोले गए। दो साल कोविड के कारण चारधाम यात्रा प्रभावित रही। लेकिन इस बार कपाट खुलने के दौरान से ही भारी संख्या में श्रद्धालु व भक्तगण चार धामों में पहुंचे है तथा यह सिलसिला लगातार जारी है। बद्रीनाथ धाम में कपाटोद्घाटन के अवसर पर श्रद्धालु व भक्तजन देर रात से ही भगवान बद्रीविशाल के दर्शन करने हेतु कतार पर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं द्वारा बारी बारी से भगवान बद्रीविशाल के दर्शन किये।
इस अवसर पर श्री बद्रीनाथ धाम के मुख्य पुजारी रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी, नायब रावल अमरनाथ नंबूदरी, धर्माधिकारी आचार्य भुवन चंद्र उनियाल, बद्री केदार मंदिर सामिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय, उपाध्यक्ष किशोर पंवार, विधायक बद्रीनाथ राजेन्द्र भंडारी, पूर्व विधायक महेंद्र भट्ट, डीजीपी अशोक कुमार, आशुतोष डिमरी, वीरेंद्र असवाल, हरीश सेमवाल, जिलाधिकारी हिमांशु खुराना, एसपी श्वेता चौबे, सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

प्रातः 6 बजकर 25 मिनट पर विधि-विधान से खुले श्री केदारनाथ धाम के कपाट

श्री केदारनाथ धाम के कपाट आज बाबा केदारनाथ की जय उदघोष के साथ आज वृष लग्न में प्रातः 6 बजकर 25 मिनट पर खुल गये है। इस अवसर पर मंदिर को भब्य रूप से नौ क्विंटल फूलों से सजाया गया था। सेना की मराठा रेजीमेंट के बैंड की भक्तिमय धुनों के साथ देश-विदेश से आये 10 हजार से अधिक श्रद्धालुजन कपाट खुलने के गवाह बने। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कपाट खुलने के साक्षी बने।
आज प्रात साढ़े चार बजे से श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने कपाटोद्घाटन की तैयारी शुरू कर दी थी। श्री केदारनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय सहित धाम के रावल भीमाशंकर लिंग, केदारनाथ धाम के पुजारी टी गंगाधर लिंग, आयुक्त गढवाल सुशील कुमार, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित सहित मंदिर समिति मुख्य कार्याधिकारी बी.डी. सिंह, वेदपाठी आचार्यगणों ने मंदिर के पूरब द्वार से मंदिर के सभामंडप में प्रवेश किया। पांच बजे से मंदिर के गर्भगृह के द्वार का पूजन शुरू हुआ।
श्री केदारनाथ धाम के रक्षक क्षेत्रपाल श्री भकुंट भैरव के आव्हान के साथ ठीक प्रातः6 बजकर 25 मिनट पर श्री केदारनाथ धाम के मुख्य द्वार के कपाट खोल दिये गये।
कपाट खुलते ही श्री केदारनाथ भगवान के स्वयंभू शिवलिंग को समाधि रूप से जागृत किया। कुछ ही पल बाद बाबा के निर्वाण दर्शन हुए। कुछ अंतराल में बाबा का श्रृंगार दर्शन शुरू हुए तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नाम से पहला रूद्राभिषेक किया गया।

इस अवसर पर मंदिर को विभिन्न प्रकार के फूलों से सजाया गया तथा समस्त केदारनाथ धाम में मराठा रेजीमेन्ट के बैंड की भक्तिमय धुनों से वातावरण गुंजायमान हो रहा था। दानीदाताओं ने भंडारे आयोजित किये हेली सेवा एवं पैदल मार्ग से श्रद्धालुओं का आने का सिलसिला जारी है। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित पर्यटन धर्मस्व संस्कति मंत्री सतपाल महाराज ने श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर देश-विदेश के तीर्थयात्रियों को शुभकामनाएं दी है कहा कि श्री केदारनाथ भगवान की कृपा जनमानस पर बनी रहे। प्रदेश के मुख्यमंत्री पष्कर सिंह धामी इस अवसर पर विशेष रूप से केदारनाथ धाम दर्शन को पहुंचे है।

उल्लेखनीय है कि कपाट खुलने की प्रक्रिया के अंतर्गत श्री केदारनाथ भगवान की पंचमुखी डोली 2 मई को शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ से पैदल मार्ग से चलकर गुप्तकाशी, फाटा, गौरीकुंड होते हुए 5 मई शाम को श्री केदारनाथ धाम पहुंची थी आज 6 मई को प्रातः श्री केदारनाथ धाम के कपाट यात्राकाल ग्रीष्मकाल 6 माह के लिए खुल गये। शनिवार को भैरवनाथ जी की पूजा के पश्चात भगवान केदारनाथ जी की आरती शुरू हो जायेगी। श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर श्री केदारनाथ मंदिर परिसर भक्तिमय भजनों से गुंजायमान हो रहा था।
इस अवसर पर प़कज मोदी, पूर्व विधायक मनोज रावत, मंदिर समिति सदस्य क्रमश निवास पोस्ती, आशुतोष डिमरी, सज्जन जिंदल वीरेंद्र असवाल अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद वर्धन, सचिव धर्मस्व हरिचंद सेमवाल, केदार सभा अध्यक्ष विनोद शुक्ला, पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल, एसडीएम जितेंद्र वर्मा, कृष्णनाथ गोस्वामी सहित मंदिर समिति प्रभारी अधिकारी आर. सी. तिवारी, गिरीश देवली, आरके नौटियाल, आचार्य ओंकार शुक्ला, यदुवीर पुष्पवान, प्रदीप सेमवाल, अरविंद शुक्ला डा. हरीश गौड़, अमित शुक्ला, विपिन तिवारी राजकुमार तिवारी आदि मौजूद रहे।

चारधाम यात्रा का औपचारिक शुभारंभ, अग्रवाल और चन्दन राम दास ने दिखाई हरी झंडी

चारधाम यात्रा-2022 का औपचारिक श्रीगणेश उत्तराखंड के वित्त, शहरी विकास एवं आवास विधायी एवं संसदीय कार्य, पुनर्गठन एवं जनगणना मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल और परिवहन मंत्री चंदनराम दास ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर किया। इस मौके पर 30 वाहनों में 1200 श्रद्धालुओं को दोनों मंत्रियों की मौजूदगी में रवाना किया गया। इस दौरान ऋषि कुमारों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण, ढोल बाजो से पंडाल गूंज उठा।
गुरुवार को प्रत्येक वर्ष चारधाम यात्रा संचालित करने वाली संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति के तत्वावधान में यात्रा का औपचारिक शुभारंभ किया गया। कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने उत्तराखंड आगमन पर सभी चारधाम यात्रियों का स्वागत करते हुए उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होने की भगवान से प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि दो वर्ष से प्रभावित चारधाम यात्रा इस वर्ष 2022 में अच्छी होने जा रही है और इसके लिए राज्य सरकार पूरी तरह से तैयार है। इसकी प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जा रही है। बताया कि सभी सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि चारधाम यात्रा पर लगे सभी वाहनों की फिटनेस पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि बिना फिटनेस वाली गाड़ी के संज्ञान में आने पर कठोर कार्यवाही की जाए।
अग्रवाल ने सभी यात्रियों का रजिस्ट्रेशन किये जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा सभी यात्रियों का रजिस्ट्रेशन किया जाए, सरकार के पास सभी यात्रियों का पूरा रिकॉर्ड होना चाहिए। श्री अग्रवाल जी ने कहा कि चारधाम यात्री हमारे मेहमान हैं और हमारी संस्कृति ‘अतिथि देवो भवः‘ की है। अतिथियों का सत्कार हमारा फर्ज होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यात्रियों के साथ किसी तरह की दिक्कतें न हो, इसका ख्याल भी पूरी तरह से किया गया है। सोशल मीडिया के जरिए भी यात्रियों को जागरूक किया जा रहा है।

अग्रवाल ने कहा कि चारधाम यात्रा मार्ग पर यात्रियों को सुविधाओं का राज्य सरकार ने विशेष ख्याल रखा है, इसमें मोबाइल टॉयलेट की समुचित व्यवस्था की गई है। साफ सफाई का विशेष ख्याल रखा गया है। इसके लिए यात्रा मार्ग पर आने वाले सभी निकायों ने तीन चरणों में सफाई व्यवस्था शुरू कर दी है, विशेषतौर पर रात्रिकाल में कूड़ा उठान का कार्य किया जा रहा है, जिससे अगली सुबह यात्रियों को यात्रामार्ग साफ और स्वच्छ मिले। इसके अलावा कीटनाशक दवाओं का उपयोग भी प्रतिदिन किया जा रहा है।
अग्रवाल ने कहा कि यात्रियों की सुविधाओं के लिए राज्य सरकार ने पहली बार होटल, रेस्टोरेंट आदि से बिल में सर्विस चार्ज न लेने को कहा है, कहा कि सर्विस चार्ज के लिए यात्रियों को बाध्य नहीं कर सकते। उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा के औपचारिक शुभारंभ के बाद से प्रत्येक शनिवार को स्कूल बंद रहेंगे। इससे ऋषिकेश में बच्चों और अभिभावकों को जाम से दो चार नहीं होना पड़ेगा।
परिवहन मंत्री चंदन राम दास ने प्रदेश की जनता से आग्रह किया है कि यात्रियों को हर यथा संभव सहयोग करे। जिससे यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और यहां से वापस जा कर अपने प्रदेश में यात्रा के प्रति सकारात्मक सोच पैदा कर सकें। उन्होंने कहा कि मेडिकल की सुविधा बेहतर मिले, इसके लिए सरकार तैयार है। किराया वृद्धि पर संवेदनशील है, बीच का रास्ता निकाला जाएगा। ट्रिप कार्ड में दिक्कतें आ रही है, इसके लिए अधिकारियों को समुचित व्यवस्था करने को कहा गया है। हमारी सरकार परिवहन व्यवस्था को पटरी पर ला रही है। रोडवेज की इनकम बढ़ाने के लिए सरकार कार्य कर रही हैं।
यात्रा शुभारम्भ के दौरान राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, पूर्व दायित्वधारी कृष्ण कुमार सिंघल, तहसीलदार अमृता शर्मा, परिवहन अधिकारी दिनेश पठोई, अरविंद पांडेय, संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति के अध्यक्ष संजय शास्त्री, सरोज डिमरी, भाजपा मंडल अध्यक्ष दिनेश सती, चेतन शर्मा, राकेश पारछा, जग मोहन सकलानी, पूर्व पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा, इंद्र कुमार गोदवानी, मदन कोठारी, शिक्षाविद बंशीधर पोखरियाल, पार्षद शिव कुमार गौतम, संजीव पाल, जितेंद्र सिंह नेगी, जीत सिंह पटवाल, भूपाल सिंह नेगी, रेखा गुसांई, सम्पत सिंह रावत, नरेंद्र सिंह राणा, अजय बधाणी, आशुतोष तिवारी, अनिता तिवारी पूर्व पार्षद सीमा रानी, माधवी गुप्ता, उषा जोशी, सचिन अग्रवाल, कविता साह, राजकुमारी पंत, रवि जैन, आंदोलनकारी वेद प्रकाश शर्मा, अखिलेश गुसाई, राकेश सेमवाल, मदन मोहन शर्मा, जयंत शर्मा, राजपाल ठाकुर, विनोद भट्ट, आनंदराम भट्ट, हुकुम चंद, हरिशंकर प्रजापति, संजय कौशिक, घनश्याम, जितेंद्र प्रसाद, भानु रांगड़ आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।

गंगोत्री और यमुनोत्री के खुले कपाट, पीएम ने नाम पर हुई पहली पूजा

अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खोल दिये गये हैं। इसी के साथ चार धाम यात्रा प्रारंभ हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के अवसर पर उपस्थित रहे। पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गंगोत्री में पूजा अर्चना की और प्रदेश वासियों की खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि “आज से चारधाम यात्रा विधिवत रूप से शुरू हो रही है, मैं सभी श्रद्धालुओं का उत्तराखंड देवभूमि आगमन पर स्वागत करता हूं. ये यात्रा ऐतिहासिक हो, सबकी यात्रा सरल व सुगम हो, सबके मंगल की कामना करता हूँ। हमारी सरकार सुगम एवं सुरक्षित चार धाम यात्रा हेतु वचनबद्ध है।“
मुख्यमंत्री ने फोन के माध्यम से यमुनोत्री धाम के मुख्य पुजारियों एवं वहां उपस्थित समस्त श्रद्धालुजनों को अक्षय तृतीया एवं यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के शुभ अवसर की शुभकामनाएं प्रेषित की।

एम्स का गड़बड़झालाः ऑटोमेटेड रोड स्वीपिंग मशीन की खरीद और केमिस्ट शॉप खोलने के मामले में सीबीआई ने दर्ज कराई दो एफआईआर

ऋषिकेश एम्स में खरीददारी घोटाले पर सीबीआई के एक्शन से हड़कंप मच गया है। सीबीआई ने आज को एम्स में ताबड़तोड़ छापेमारी की और फिर दो मामलों में एफआईआर दर्ज कर दी। इन मामलों में 11 अधिकारियों/डॉक्टरों और फर्मों के खिलाफ अलग-अलग आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस घोटाले के मामले में आरोपियों के 24 अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी चल रही है।

जिन दो मामलों में सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की है उनमें ऑटोमेटेड रोड स्वीपिंग मशीन की खरीद और एम्स परिसर में केमिस्ट शॉप खोलने के टेंडर के मामले हैं। 2 फरवरी से 7 फरवरी के बीच एम्स में सीबीआई की छापेमारी में कई अनियमितताएं सामने आई थी। जिन पर एक्शन लिया गया है। इन मामलों में धारा 120बी-, धारा 420 के तहत 11 अफसरों, डॉक्टरों व फर्मों के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं। सीबीआई की जांच में सामने आया है कि एम्स में उपकरणों की खऱीद में भारी धांधली की गई। बिडिंग प्रक्रिया में भारी गड़बड़ियां की गई ।

दोगुनी कीमत पर खरीदी खराब मशीन

सीबीआई की जांच के मुताबिक एम्स में ऑटोमेटेड रोड स्वीपिंग मशीन की खरीद के लिए डर निकाले गए। इसमें यूरेका फोर्ब्स जैसी कंपनी ने भी हिस्सा लिया। लेकिन तकनीकी खामियां बताते हुए यूरेका को टेंडरिंग से बाहर कर दिया गया। जबकि प्रो मेडिक डिवाइसेस नाम की कंपनी को मशीन खरीद की टेंडरिंग में वॉक ओवर दिया गया। जिस मशीन की कीमत यूरेका ने महज 1 करोड़ बताई थी, एम्स ने उस मशीन को प्रो मेडक कंपनी से दो करोड़ की कीमत पर खरीदा। यही नहीं जो मशीन खरीदी गई वो ठीक से काम भी नही कर पाई। औऱ 124 घंटे चलने के बाद इसकी मेंटिनेंस पर ही करीब साढ़े चार लाख रुपए खर्च किए गए। दावों के बिल्कुल उलट इस मशीन की जांच में इसमें जीपीएस इंस्टॉल भी नहीं था। जांच में ये बात भी निकलकर सामने आई कि इस कंपनी ने एम्स को 2018 में मानव कंकाल उपलब्ध कराए, जिसके लिए तीन महीने में करीब 3 करोड़ वसूले।

कपड़े की फर्म को केमिस्ट शॉप का ठेका

सीबीआई की दूसरी एफआईआर में एम्स में गड़बड़ियों की पोल खुली है। यह मामला एम्स के अंदर केमिस्ट शॉप के संचालन का है। इसके लिए करीब 7 फर्मों ने आवेदन किया। लेकिन इसमें से अनुभव रखने वाली 4 फर्मों को यह कहकर टेंडर से बाहर कर दिया कि उनके पैन कार्ड में इशू है। इसके बाद त्रिवेणीसेवा फार्मेसी नाम की कंपनी कोमेडकल शॉप का टेंडर मिल गया। जांच में यह निकला कि इस क्षेत्र की अनुभवी कंपनी वेंकटेश फार्मा ने केमिस्ट शॉप के लिए करीब 2.5 करोड़ की बिड लगाई थी। लेकिन उसको दरकिनार करके त्रिवेणी फार्मा को महज 50 लाख 40 हजार की बिड पर ठेका मिल गया। सीबीआई की जांच में यह भी सामने आया कि त्रिवेणी सेवा फार्मेसी को केमिस्ट क कोई अनुभव नहीं था। यह कंपनी कपड़े बेचने का कारोबार करती थी। लेकिन टेंडर प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों ने भारी धांधली करते हुए इस कंपनी को टेंडर दिला दिया।

चारधाम यात्रा-टैक्सी वाहनों की लॉटरी निकालीं गई

चार धाम यात्रा के मध्येनजर टैक्सी वाहनों का रोटेशन बनाए जाने को लेकर गढ़वाल मंडल टैक्सी चालक व मालिक एसोसिएशन ऋषिकेश के तत्वावधान में टैक्सी वाहनों की लॉटरी निकाली गई। आईएसबीटी स्थित एसोसिएशन के शाखा कार्यालय में पंडित अनुसूया प्रसाद कुकरेती ने विधि विधान से मंत्र उच्चारण कर पूजा अर्चना की। एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय पाल सिंह रावत ने चार धाम यात्रा के टैक्सी वाहनों की घड़े से पर्ची निकाली। प्रथम पर्ची बिजेंदर नौटियाल टैक्सी वाहन संख्या यूके 14 टीए 0583 की निकली।
इस अवसर पर एसोसिएशन के अध्यक्ष विजयपाल सिंह रावत ने कहा कि देश प्रदेश से तीर्थ नगरी ऋषिकेश आने वाले यात्रियों को सुगम, दुर्घटना रहित, वाजिब दाम पर अतिथि देवो भव की भावना के अनुसार चार धाम की यात्रा कराने को एसोसिएशन की 211 डीलक्स टैक्सिया तैयार हैं। एसोसिएशन के सचिव विजेंद्र कंडारी ने कहा कि चार धाम का किराया परिवहन विभाग द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार वसूला जाएगा।
इस अवसर पर वीरेंद्र कुमार मिश्रा, दिगंबर सिंह बिष्ट, गोपाल जुगरान, आसाराम सकलानी, गिरीश नेगी, द्वारिका प्रसाद मुंडेपी, अमरदेव रियाल, विजय भट्ट, अरविंद डोभाल, रणबीर मौर्य, अनिल गुप्ता, अनिल कुकरेजा, श्री कृष्ण डबराल, राकेश बहुगुणा, ऋषि राम सेमवाल, वीरेंद्र जोशी, ठाकुर सिंह नेगी आदि टैक्सी चालक व मालिक उपस्थित रहे।

आईआईपी देहरादून देश का एक मात्र बायोजेट ईंधन निर्माताः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने को आई.आई.पी मोहकमपुर में भारतीय पेट्रोलियम संस्थान के 63वें स्थापना दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुखद संयोग है कि आज बैसाखी, भगवान महावीर जयंती, डा. भीमराव अंबेडकर जयंती तथा सीएसआईआर-भारतीय पेट्रोलियम संस्थान (आईआईपी) स्थापना दिवस है। इस अवसर पर उन्होंने सर्वप्रथम भारत रत्न बाबा साहेब भीमराव अबेंडकर के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने आईआईपी द्वारा किये जा रहे विभिन्न कार्यों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देश में जीवाश्म ईंधन से नवीकरणीय ईंधन की ओर बढ़ने की यात्रा में भारतीय पेट्रोलियम संस्थान का अहम योगदान रहा है। आईआईपी के वैज्ञानिकों ने शोध के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। जिसमें प्लास्टिक से डीजल बनाने व जहाजों के लिए बायोफ्यूल बनाने जैसी महत्वपूर्ण उपलब्धियां शामिल हैं। आईआईपी ने ऊर्जा और ईंधन के क्षेत्र में ही नहीं अपितु वैश्विक महामारी के दौरान भगीरथ प्रयास और सेवा से जन-जन के लिए उपयोगी कार्यों सहित अभिनव अनुसंधान और प्रौद्योगिकी के लाभ का अद्धितीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। संस्थान ने पूरे भारतवर्ष में 108 ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित किए हैं। जिसमें से उत्तराखंडवासियों की सेवा में अल्मोड़ा, चमोली, देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, रूद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल तथा ऊधमसिंह नगर सहित 08 संयंत्र स्थापित किए गए हैं। जिससे इन जनपदों के 100 से अधिक चिकित्सालय लाभान्वित हुए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के तीव्र विकास के लिए संस्थानों एवं विभागों की भूमिका भी अहम हो जाती है। उन्होंने कहा कि आईआईपी राज्य के 10 सीमान्त विकासखण्डों को एडोप्ट कर उनके विकास में योगदान के बारे में सोचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2025 तक उत्तरखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। हम आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड की ओर आगे बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने कहा कि यह दशक विकास की दृष्टि से उत्तराखण्ड का दशक होगा। उत्तराखण्ड के समग्र विकास के लिए सभी को आगे आना होगा। जन सहभागिता एवं जन सहयोग से उत्तराखण्ड का समग्र विकास किया जायेगा। उत्तराखण्ड देवभूमि, वीरभूमि के साथ ही संस्कृति एवं आध्यात्म का केन्द्र भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आईआईपी देहरादून देश का एक मात्र बायोजेट ईंधन निर्माता है। वर्ष 2018 में देहरादून से दिल्ली तक की भारत की पहली बायोजेट ईंधन प्रचालित उड़ान में इसी बायोजेट ईंधन का प्रयोग किया गया था। 05 केन्दीय मंत्रियों द्वारा इस बायोजेट ईंधन उड़ान के दिल्ली आगमन पर स्वागत किया गया । उत्तराखंड के युवाओं की कौशल वृद्धि एवं आजीविका के बेहतर अवसर हेतु संस्थान द्वारा अनेक कार्य किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि आईआईपी के वैज्ञानिक वानाग्नि, फलों-सब्जियों के भंडारण एवं परिवहन तथा वाहनों एवं डीजल जेनसेट से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम एवं प्रबंधन क्षेत्रों में भी तेजी से कार्य करेंगे।

इस अवसर पर निदेशक, सीएसआईआर-आईआईपी डा. अंजन रे, निदेशक आर एंड डी आईओसीएल डा. एसएसवी रामकुमार, पूर्णिमा अरोड़ा, दुर्गेश पंत, सोमेश्वर पांडेय एवं संस्थान के वैज्ञानिक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।