गढ़वाल आयुक्त ने स्थलीय निरीक्षण कर दिए आवश्यक निर्देश

आयुक्त गढ़वाल मंडल सुशील कुमार ने मंगलवार को यात्रा प्रशासन संगठन संयुक्त बस अड्डा परिसर ऋषिकेश में चार धाम यात्रा की तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक कर यात्रा से जुड़े अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
इस अवसर उन्होंने कहा कि चार धाम यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व सभी तैयारियां समय पूर्ण की जाएं। इस कार्य में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में उन्होंने चार धाम यात्रा से संबंधित यात्रियों के रजिस्ट्रेशन के संबंध में जानकारी प्राप्त की। आयुक्त ने हेलीसेवा की ऑनलाइन बुकिंग की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त की और कहा कि हेली सेवाओं की ऑनलाइन बुकिंग हेतु कालाबाजारी बिल्कुल भी न हो इसका विशेष ध्यान रखें।
इसके बाद आयुक्त ने चार धाम यात्रा से संबंधित पार्किंग स्थल चंद्रभागा ऋषिकेश और नगर निगम ऋषिकेश के सहयोग से बन रहे 15 रैन बसेरों के निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने ग्रीन कार्ड काउंटर व हेल्प डेस्क यात्रा बस अड्डा ऋषिकेश का भी निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों से जानकारी प्राप्त करते हुए सभी तैयारियां यात्रा से पूर्व सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर अपर आयुक्त नरेन्द्र सिंह क्वीरियाल, सहायक नगर आयुक्त आनंद सिंह, उप जिलाधिकारी ऋषिकेश अपूर्वा पांडे, आरटीओ दिनेश पठोई, परिवहन विभाग के अधिकारी अनुराग पुरोहित, व्यापार मंडल ऋषिकेश से राजकुमार अग्रवाल, भारत भूषण रावत, सीएमएस डॉ रमेश सिंह राणा सहित चारधाम यात्रा से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे।

हिंदू नववर्ष समृद्धि एवं समरसता का प्रतीकः स्वामी चिदानंद

हिंदू नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को प्रारम्भ होता है। परमार्थ निकेतन में नव वर्ष की पर्व संध्या पर दीपदान कर विश्व शान्ति की प्रार्थना की। नव वर्ष का स्वागत करते हुये परमार्थ परिवार के सदस्यों ने स्वामी चिदानन्द सरस्वती के पावन सान्निध्य में माँ गंगा के पावन तट पर दीपदान किया।

हिंदू पंचांग, ज्योतिष और धार्मिक आधार पर चैत्र माह की प्रतिपदा तिथि का विशेष महत्व है। शास्त्रों के अनुसार ब्रह्माजी ने चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को सम्पूर्ण सृष्टि और समस्त लोकों का सृजन किया था और इसी पावन तिथि को भगवान विष्णु का मत्स्यावतार भी हुआ था।

परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि चौत्र शुक्ल प्रतिपदा नई आशा, आनंद और खुशी का त्योहार है। यह पर्व देश की समग्र संस्कृति और समृद्ध विरासत का भी प्रतीक है। हिंदू शास्त्रों के अनुसार नव संवत्सर चौत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि से प्रारम्भ होता है और इसी दिन सृष्टि का प्रारम्भ हुआ। इस पवित्र दिन से हम सभी मिलकर सद्भाव, समरसता, सम्मान और समानता की सृष्टि का प्रारम्भ करें ताकि समाज का तानाबाना व्यवस्थित बना रहे। हम सभी का सम्मान करते हुये अपने मूल से; मूल्यों से; अपनी जड़ों से; अपने धर्म की जड़ों से तथा सांस्कृतिक विचारों से जुड़ें रहे क्योंकि विचार ही सबसे बड़ी वैक्सीन है।

विक्रम संवत नववर्ष की शुरुआत को चिह्नित करता है जिसे वैदिक हिंदू, कैलेंडर के रूप में भी जाना जाता है। विक्रम संवत उस दिन से संबंधित है जब सम्राट विक्रमादित्य ने शकों को हराया और एक नए युग का आह्वान किया। तब खगोलविदों ने चंद्र-सौर प्रणाली के आधार पर एक नया कैलेंडर बनाया जिसमें चैत्र माह हिंदू कैलेंडर का पहला माह है और प्रतिपदा तिथि चौत्र माह के ‘वर्द्धित चरण’ का पहला दिन है। जिसमें चंद्रमा का दृश्य हर रात बड़ा होता जाता है इसलिये इसे उन्नति और समृद्धि का प्रतीक माना गया है।

प्रतिपदा की तिथि ऋतु परिवर्तन का प्रतीक है। इस समय चारों ओर पूरे वातावरण में भीनी-भीनी सुगंध फैली होती है, नयी फसलें भी पककर तैयार हो जाती हैं जिसके भारत जैसे कृषि प्रधान देश में नवजीवन का संचार होता है इसलिये हिंदू सौर नववर्ष को समृद्धि और समरसता का प्रतीक भी कहा जाता है। शास्त्रों में कहा गया है कि इस समय नक्षत्र शुभ स्थिति में होते हैं इसलिये किसी भी कार्य को प्रारम्भ करने का यह शुभ अवसर होता है।

ज्ञात हो कि 2078 वर्ष पहले सम्राट विक्रमादित्य ने अपना राज्य स्थापित किया था। जिनके नाम पर विक्रमी सम्वत् आरम्भ हुआ, कहा जाता है कि उनका राज्य समृद्धि और सम्पन्नता से युक्त था। धार्मिक, गणितीय और वैज्ञानिक काल गणना पद्धति पर आधारित हिन्दू नववर्ष हमारी पुरातन संस्कृति का आधार है।

परीक्षा पे चर्चाः बच्चों से चर्चा कर पीएम ने समस्या समाधान के दिए मंत्र

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में देशभर के विद्यार्थियों को संबोधित किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने अनेक बच्चों से चर्चा कर उनकी समस्याओं के समाधान के मंत्र दिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजीव गांधी नवोदय विद्यालय में परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम में वर्चुअल प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षा पर चर्चा के माध्यम से प्रधानमंत्री जी द्वारा विद्यार्थियों को तनाव मुक्ति, आत्मविश्वास बढ़ाने, एकाग्रचित मन के लिए जिस तरह प्रेरित किया गया है, यह विद्यार्थियों के मनोबल को ऊंचाईयों तक पहुंचाता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले प्रदेश के सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी के मन में परीक्षा के तनाव का वातावरण न हो और आत्मविश्वास हो, तो उसके बहुत अच्छे परिणाम मिलेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अनुशासन का होना जरूरी है। बच्चे, माता-पिता एवं गुरूजनों का अनुसरण सबसे अधिक करते हैं। बच्चों की प्रतिभाओं को उजागर करने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरणा दी कि बेहतर कार्य करने के लिए मन में उत्साह होना चाहिए। यदि मन में उत्साह हो तो कार्य के प्रति ऊर्जा स्वतः ही आ जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बच्चों की हर जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने बच्चों की जिज्ञासा के समाधान का अच्छा मंत्र बताया कि ऑनलाइन या ऑफलाइन शिक्षण माध्यम समस्या नहीं, बल्कि मन समस्या है। यदि किसी कार्य के लिए हमारा मन एकाग्र है, तो वह कार्य सफलतापूर्वक पूरा होता है। नई शिक्षा नीति में विद्यार्थियों के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी के प्रयासों से नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों को नए रास्ते पर जाने का सम्मान के साथ अवसर दे रही है।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, शिक्षा सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आर राजेश कुमार, महानिदेशक बंशीधर तिवारी, शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं विद्यार्थी मौजूद थे।

सुविधाजनक चारधाम यात्रा को पुख्ता इंतजाम होः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चार धाम यात्रा के माध्यम से देश-विदेश में अतिथि देवो भवः का संदेश जाना चाहिए। इस बार बहुत अधिक संख्या में श्रद्धालुओं के आने की सम्भावना है। चार धाम यात्रा की तैयारियां उसी के अनुरूप सुनिश्चित की जाएं। मुख्यमंत्री सचिवालय में चारधाम यात्रा 2022 की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने यात्रा को श्रद्धालुओं की लिए अधिक से अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए पुख्ता व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग को यात्रा मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर, सभी आवश्यक सुधार कार्य यात्रा प्रारम्भ होने से पूर्व सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही संबंधित जिलाधिकारियों को भी यात्रा मार्गों पर कार्यों की प्रगति की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिये। मार्ग अवरूद्ध होने की स्थिति में तत्काल खोलने के लिए जरूरी मशीनों की व्यवस्था व तैनाती कर ली जाए। जेसीबी मशीनों की ट्रेकिंग के लिए उन्हें जीपीएस से जोड़ा जाए। यात्रा मार्ग से संबंधित सड़कों पर कहीं भी मलबा या कचरा न रहे। कचरा निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा प्रबंधन में टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाए। ट्रेफिक प्रबंधन व संचालन के लिए ड्रोन का भी प्रयोग किया जाए। चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए टोल फ्री नम्बर जारी किया जाए। जिस पर यात्रा से संबंधित हर प्रकार की जानकारी हो। इस नम्बर को व्यापक प्रचारित भी किया जाए। इस वर्ष बहुत बड़ी संख्या में यात्रियों के आने की सम्भावना है। किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए यात्रियों के रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था हो। यात्रा मार्गों पर जगह-जगह पर्याप्त संख्या में पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। डायवर्जन और वैकल्पक मार्गों की व्यवस्था भी कर ली जाए। जगह-जगह पर साईन बोर्ड भी लगाए जाएं।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि यात्रा मार्गों पर जाने वाले बसों व टैक्सियों की फिटनेस की जांच सुनिश्चित हो। यात्रा मार्ग पर तैनात किए जाने वाले पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि नियमो का पालन कराते हुए यात्रियों व श्रद्धालुओं के साथ विनम्रतापूर्वक व्यवहार हो। एक बार एंट्री पाइन्ट पर वाहनों की चौकिंग होने के बाद बार-बार चौकिंग कर यात्रियों को परेशान न किया जाए। विभिन्न स्थानों पर क्वालिटी पेयजल के लिए वाटर एटीएम/वाटर मशीन लगाई जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकतानुसार चिकित्सकों की तैनाती कर ली जाए। एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था भी हो। यात्रा मार्ग पर रेट लिस्ट के निर्धारण के साथ ही मिलावटखोरी को रोकने के लिए नियमित चौकिंग अभियान चलाया जाए। यात्रा शुरू होने से पूर्व श्री बद्रीनाथ, श्री केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री व श्री हेमकुण्ड साहिब में 24 घंटे बिजली आपूर्ति के साथ ही यात्रा मार्गों पर समुचित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए। यात्रा मार्ग पर बेहतर संचार व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा का विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। चार धाम यात्रा के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों व अन्य जरूरी सूचनाओं का प्रचार प्रसार हो। चार धामों के साथ ही अन्य धार्मिक स्थलों और पर्यटन स्थलों के बारे में भी जानकारी दी जाए।

बैठक में केबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, विधायक शैलारानी रावत, सुरेश सिंह चौहान, संजय डोभाल, दुर्गेश लाल, बद्री केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय, मुख्य सचिव डा. एस.एस.संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनंद बर्द्धन, डीजीपी अशोक कुमार, प्रमख सचिव आरके सुधांशु, सचिव दिलीप जावलकर, नितेश झा, डा. पंकज कुमार पाण्डेय, शैलेश बगोली, एस.ए. मुरूगेशन, आयुक्त गढ़वाल सुशील कुमार आदि उपस्थित रहे।

वृद्धावस्था पेंशन योजना में अब पात्र पति-पत्नी को लाभ देने का शासनादेश हुआ जारी

उत्तराखंड में वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत अब पति और पत्नी दोनों को लाभ मिल सकेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर शासन ने उत्तराखंड में वृद्घावस्था पेंशन के अंतर्गत दिए जाने वाले लाभ को अब पात्र पति और पत्नी दोनों को देने का शासनादेश जारी कर दिया है। इतना ही नहीं अब रूपए 1200 प्रतिमाह मिलने वाली पेंशन रूपए 1400 प्रतिमाह मिल सकेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ”हमारी सरकार विकल्प रहित संकल्प” के ध्येय वाक्य पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि जो घोषणा पूर्व में की गई हैं उनका शासनादेश भी समय से किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कि सरकार ने प्राथमिकता के आधार पर प्रदेश के वृद्घजनों के हित में यह निर्णय लिया और अब अप्रैल माह से प्रदेश के हज़ारों परिवार के पात्र वृद्घ दम्पतियों को इसका सीधा लाभ मिल सकेगा।

ज्ञात हो कि बीते दिसंबर माह में ही उत्तराखंड में दी जाने वाली वृद्घवस्था पेंशन की बढ़ोतरी के साथ ही पात्र परिवार में से पति-पत्नी दोनों को धामी सरकार ने पेंशन देने की घोषणा की थी, जिसके बाद दिसंबर में ही कैबिनेट बैठक में इस फ़ैसले पर मुहर लग गई। इतना ही नहीं अचार संहिता लगने से पूर्व इसकी सभी ज़रूरी कारवाई पूरी कर दी गई। अब मार्च महीने में नई सरकार के गठन होने के साथ ही इस सम्बंध में शासनादेश भी जारी कर दिया गया।

परिजनों से नाराज नाबालिग युवती ऋषिकेश पहुंची

यमुनानगर की एक किशोरी को परिजनों ने इंस्टाग्राम पर वीडियो बनाने से मना कर दिया। इससे नाराज होकर वह घर छोड़कर ऋषिकेश पहुंच गई। ऋषिकेश पुलिस ने किशोरी को सकुशल परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।

कोतवाल रवि सैनी के मुताबिक सोमवार की रात उपनिरीक्षक अरूण त्यागी पुलिसकर्मियों के साथ रात्रि गश्त पर थे। इसी दौरान उनकी नजर संयुक्त यात्रा बस अड्डे पर संदिग्ध अवस्था में घूम रही किशोरी पर पड़ी। पूछताछ करने पर उसने अपना नाम ट्विंकल 13 पुत्री कृष्णपाल निवासी मकान नंबर 8बी, धर्मपूरा कॉलोनी थाना फर्कपुर, यमुनानगर,हरियाणा के रूप में बताया। किशोर को पुलिस अपने साथ कोतवाली लेकर आई। यहां पर संबंधित थाना पुलिस से संपर्क किया तो पता चला कि उसकी थाने में परिजनों ने गुमशुदगी लिखवाई है। उसके पिता ने उसे इंस्टाग्राम पर वीडियो डालने से मना किया था। जिससे नाराज होकर वह घर से बिना बताए कहीं चली गई है। मंगलवार को संपर्क करने पर परिजन ऋषिकेश पहुंचे और पुलिस ने उनकी बेटी को सकुशल सौंप दिया।

गोवा में सीएम सावंत के शपथ ग्रहण में पहुंचे धामी, बधाई दी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने प्रमोद सावंत को दी बधाई दी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज गोवा के श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम में आयोजित गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री ने प्रमोद सावंत को बधाई देते हुए कहा कि गोवा मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के कुशल नेतृत्व में विकास के नये आयाम प्राप्त करेगा।

मुख्यमंत्री ने गोवा सरकार के नवनियुक्त मंत्रिमंडल के सदस्यों को भी शुभकामनाएं दी।

ऋषिकेशः अमिताभ बच्चन ने फिल्म सीन के दौरान नाव से की गंगा पार

मुनिकीरेती स्थित गंगा तटों पर आज बॉलीवुड की फिचर फिल्म गुडबाय की शूटिंग हुई। यहां स्वर्गाश्रम में सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने अलग-अलग जगहों पर शॉट दिए। यहां गंगा तट पर ही हवन पूजन के सीन भी अमिताभ बच्चन के साथ फिल्माए गए। वहीं, अमिताभ बच्चन को देखने के लिए प्रशंसकों की भीड़ भी पहुंची, जिन्हें पुलिस फोर्स ने संभाले रखा। बता दें कि इस फिल्म का निर्देशन विकास बहल कर रहे हैं। फिल्म में अभिनेत्री रश्मिका मंदाना मुख्य भूमिका में है।

उधर, सुबह के वक्त अमिताभ बच्चन के साथ टीम के सदस्य शत्रुघन घाट से नाव में सवार होकर गीता भवन नाव घाट तक पहुंचे। थाना लक्ष्मण झूला पुलिस की ओर से अतिरिक्त फोर्स यहां पर लगाई गई थी। यहां अमिताभ बच्चन के ऊपर अलग-अलग सीन फिल्माए गए।

सितंबर तक मिलेगा मुफ्त राशन, सीएम ने प्रधानमंत्री का जताया आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएम-जीकेएवाई) की अवधि 6 माह (अप्रैल-सितंबर, 2022) और बढ़ाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार के इस निर्णय से से समाज के गरीब और कमजोर वर्गों के लोग लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि कोविड काल में ग़रीबों के लिए लागू की गयी यह योजना सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी योजनाओं में से एक है। अंत्योदय के लक्ष्य के साथ चलाई जा रही इस योजना ने उत्तराखंड सहित देश के सभी भागों में लोगों को भोजन की सुरक्षा सुनिश्चित की है।

ग़ौरतलब है कि समाज के गरीब और कमजोर वर्गों के प्रति चिंता एवं संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएम-जीकेएवाई) की अवधि छह माह और यानी सितंबर 2022 (चरण छह) तक बढ़ा दी है।

पीएम-जीकेएवाई का चरण-पांचवें मार्च 2022 में समाप्त होने वाला था। उल्‍लेखनीय है कि पीएम-जीकेएवाई को अप्रैल 2020 से ही दुनिया के सबसे बड़े खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम के रूप में लागू किया जाता रहा है।

सरकार ने अब तक लगभग 2.60 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं एवं अगले 6 महीनों में सितंबर 2022 तक 80,000 करोड़ रुपये और खर्च किए जाएंगे जिससे पीएम-जीकेएवाई के तहत कुल खर्च लगभग 3.40 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को छू जाएगा।

इस योजना के तहत पूरे भारत में लगभग 80 करोड़ लाभार्थियों को कवर किया जाएगा और पहले की तरह ही इस योजना के लिए आवश्‍यक धनराशि का इंतजाम पूरी तरह से भारत सरकार द्वारा ही किया जाएगा।

भले ही कोविड-19 महामारी का प्रकोप काफी हद तक कम हो गया हो और देश में आर्थिक गतिविधियां निरंतर तेज गति पकड़ रही हों, लेकिन पीएम-जीकेएवाई की अवधि बढ़ाने से यह सुनिश्चित होगा कि आर्थिक रिकवरी के मौजूदा समय में कोई भी गरीब परिवार भूखा सोने पर विवश न हो।

विस्तारित पीएम-जीकेएवाई के अंतर्गत, प्रत्येक लाभार्थी को एनएफएसए के तहत मिल रहे खाद्यान्न के अपने सामान्य कोटे के अलावा प्रति-व्यक्ति प्रति-माह, अतिरिक्त 5 किलो निःशुल्क राशन मिलेगा। इसका मतलब है कि प्रत्येक गरीब परिवार को सामान्य मात्रा से लगभग दोगुना राशन मिलेगा।

उल्लेखनीय है कि सरकार ने पीएम-जीकेएवाई के तहत चरण पांचवें तक लगभग 759 एलएमटी खाद्यान्न निःशुल्क आवंटित किया था। इस विस्तार (चरण छह) के तहत, 244 एलएमटी निःशुल्क खाद्यान्न के साथ, पीएम-जीकेएवाई के तहत निःशुल्क खाद्यान्न का कुल आवंटन अब 1,003 एलएमटी हो गया है।

देश भर में लगभग 5 लाख राशन की दुकानों पर लागू ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’ (ओएनओआरसी) योजना के माध्यम से किसी भी प्रवासी श्रमिक या लाभार्थी द्वारा निःशुल्क राशन का लाभ उठाया जा सकता है। अब तक, इस योजना के तहत हुए 61 करोड़ से अधिक लेन-देन के जरिये लाभार्थियों को उनके घरों से दूर लाभ मिला है।

सदी की सबसे भीषण महामारी के बावजूद, सरकार द्वारा किसानों को अब तक के सबसे अधिक भुगतान के साथ, अनाजों की अब तक की सबसे अधिक सरकारी खरीद के कारण यह संभव हुआ है। कृषि क्षेत्र में इस रिकॉर्ड उत्पादन के लिए भारतीय किसान, यानि श्अन्नदाताश्- बधाई के पात्र हैं।

पर्यटकों की बढ़ती संख्या से कारोबारियों की जगी उम्मीद

देहरादून। कोरोना से प्रभावित उत्तराखंड की लाइफ लाइन कहे जाने वाला पर्यटन क्षेत्र फिर से पटरी पर लौटने लगा है। पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की बढ़ती संख्या से न केवल इन स्थलों की रौनक बड़ रही है बल्कि अच्छा कारोबार होने से कारोबारियों के चेहरों पर चमक देखने को मिल रही है। उधर पर्यटन क्षेत्र की रफ्तार को और तेज करने के लिए पर्यटन विभाग निरंतर प्रयास कर रहा है।

राजधानी देहरादून के ऐतिहासिक पर्यटक स्थल रोब्बेर्स केव, सहस्त्रधारा, लच्छीवाला, देहरादून जू, एफआरआई समेत मसूरी की वादियों में देश-दुनिया से आ रहे पर्यटकों से रौनक लौटने लगी है। पर्यटन विभाग आर्थिकी को बढ़ाने के साथ ही प्रदेश के भीतर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने की कवायद में जुटा हुआ है। इसी क्रम में कोरोना से स्थिति सामान्य होने के बाद सभी पर्यटक स्थलों को सैलानियों के लिए खोल दिया गया है। ताकि पर्यटन कारोबार से जुड़े स्थानीय लोगों का जीवन-यापन ठीक से हो सके। इसके साथ ही सैलानियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पर्यटक स्थलों में सुरक्षा के तमाम इंतज़ाम किए गए हैं।

पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। अच्छा कारोबार होने से सभी कारोबारियों को आर्थिक लाभ मिलेगा। कोरोना से सामान्य होती स्थिति को देखते हुए सैलानी घूमने के लिए निकल रहे हैं।

पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने कहा कि पर्यटन प्रदेश होने के चलते उत्तराखंड की आर्थिकी का एक बड़ा जरिया भी पर्यटन ही है। सीजन शुरू होने के साथ पर्यटन स्थलों में सैलानियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा के तमाम इंतज़ाम किए गए हैं। कोरोना गाइडलाइन को ध्यान में रख पर्यटन गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है।