पैर फिसलने के कारण गंगा में डूब रहे चार लोगों को सकुशल बचाया


त्रिवेणी घाट में गंगा नदी में स्नान कर रहे चार युवकों का पैर फिसलने से डूबने पर समय रहते जल पुलिस के जवानों ने सकुशल बचाया है।
पहली घटना आज शाज चार बजे की हैं जब राजस्थान का 28 वर्षीय रितेश जंगीर पुत्र प्रेमराज पैर फिसलने पर डूबने लगा, जल पुलिस के जवान नायक अनिल पाल, विनोद सेमवाल, संतोष कुमार, विपिन काला ने समय रहते बचा लिया।

दूसरी घटना शाम छह बजकर 10 मिनट की है। जब वंश अग्रवाल पुत्र सतीश कुमार, मोहमद कैफ पुत्र शफीक कैफ का तेज बहाव में पैर फिसला और वह डूबने लगे। तभी उनका मित्र हितेश चौधरी पुत्र ऋषि पाल उन्हें बचाने को नदी में डूब पड़ा। वह भी डूबने लगा।

चीख पुकार सुनकर मौके पर मौजूद जल पुलिस व आपदा राहत दल की टीम ने तुरंत गंगा नदी में छलांग लगाकर उन्हें बचा लिया
बचाव दल मे नायक अनिल पाल, विनोद सेमवाल, संतोष कुमार, विपिन काला, हरीश शामिल रहे।

तो सरकार ने भी माना अचानक बढ़े चारधाम यात्रा के श्रद्धालु, व्यवस्थाओं की भी दी जानकारी

रविवार को देहरादून स्थित सचिवालय, मीडिया सेंटर में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, डीजीपी अशोक कुमार, पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर, स्वास्थ्य सचिव राधिका झा, प्रो. हेम चंद्र पांडे (कुलपति, एच.एन.बी चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय), महानिदेशक सूचना रणबीर सिंह चौहान द्वारा चार धाम से संबंधित जानकारियों को अवगत करवाने हेतु संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई।
इस दौरान अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि अन्य सालों के मुकाबले इस साल भारी संख्या में यात्री एवं श्रद्धालु चार धाम यात्रा पर आ रहे हैं। उन्होंने चार धाम यात्रा को राज्य के विकास हेतु अति महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यात्रियों को स्वास्थ्य सुरक्षा पेयजल ठहरने जैसी तमाम सुविधाएं मिले इसके लिए सभी विभाग आपस में समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया उत्तराखण्ड सरकार के सभी विभाग यथा पर्यटन (नोडल विभाग), धर्मस्व, चिकित्सा, परिवहन, नागरिक उड्डयन एवं जिला प्रशासन आदि द्वारा यात्रा को सुचारू एवं सुरक्षित बनाने हेतु सभी प्रकार की व्यवस्थाएँ की गयी है।
डीजीपी अशोक कुमार ने बताया की दिनांक 4.06.2022 तक चारधाम यात्रा में आये यात्रियों की संख्या लगभग 1611598 है। उन्होंने बताया दिनांक 04.06.2022 तक चारधाम यात्रा में आये वाहनों की संख्या-154983 रही। उन्होने बताया पुलिस द्वारा यात्रा के दौरान बिछडे 920 यात्रियों को उनके साथ आये श्रद्धालुओं से मिलाया गया, यात्रा के दौरान 300 यात्रियों को रेस्क्यू कर उनका जीवन बचाया गया, 80 यात्रियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया एवं 54 घायलों की मदद की गयी, 130 यात्रियों के गुम हुये सामान को वापस कराया गया। उन्होंने बताया चारधाम यात्रा में लगभग 4500 पुलिस बल, 06 कम्पनी, एसडीआरएफ 25 सब टीम, एलआईयू 70, होमगार्ड 700, पीआरडी 600, एनडीआरएफ 02 टीम नियुक्त किया गया है। यात्रा सीजन हेतु अतिरिक्त 47 पोस्ट/चौकियां स्थापित की गयी हैं। यात्रा मार्गों पर 57 टूरिस्ट पुलिस केन्द्र स्थापित किये गये हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान तक हैली ऑनलाइन बुकिंग फर्जीवाडा एवं फर्जी रजिस्ट्रेशन के सम्बंध में 16 अभियोग पंजीकृत कर 20 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। चारधाम यात्रा एवं विभिन्न धार्मिक/पर्यटक स्थलों पर मिशन मर्यादा अभियान के दौरान लगभग 20000 लोगों के विरूद्ध कार्यवाही की गयी। उन्होंने बताया बढते यातायात के दृष्टिगत कई स्थानों पर वन-वे ट्रैफिक प्लान बनाया गया है। रुद्रप्रयाग जनपद में यात्रियों की सुविधा हेतु 04 सुपर जोन, 10 जोन एवं 26 सेक्टर में विभाजित कर श्री केदारनाथ में एक पुलिस उपाधीक्षक एवं एक अपर पुलिस अधीक्षक को गौरीकुण्ड में नियुक्त कर सुदृढ पुलिस प्रबंध किये गये हैं। साथ ही धामों में श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु पर्याप्त संख्या में बैरिकेडिंग, रस्से व्यवस्थाओं के साथ साथ पंक्तिबद्ध दर्शन कराये जा रहे हैं। राज्य के धामों में वीआईपी गेट की पूर्व प्रचलित व्यवस्था को समाप्त किया गया है।
स्वास्थ्य सचिव राधिका झा ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा चार धाम हेतु की गई तैयारियां के बारे में अवगत करवाया। कहा कि चिकित्सा विभाग द्वारा सुरक्षित यात्रा के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई है जो 2019 की तुलना में कहीं अधिक है और अनेक नये प्रयास भी किए गए हैं। चिकित्सा कर्मियों की तैनाती में बढ़ोतरी करते हुए 178 चिकित्साधिकारी तैनात किये गए हैं, जो वर्ष 2019 की तुलना में 66 प्रतिशत अधिक है। फर्स्ट मेडिकल रिस्पांडर एवं मेडिकल रिलीफ पोस्ट की संख्या में भी वृद्धि की गई है। एंबुलेंस की संख्या में भी गत वर्षों की तुलना में 33 प्रतिशत वृद्धि करते हुए यात्रा मार्ग पर 119 एम्बुलेंस तैनात की गई है। यात्रियों को त्वरित चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए पहली बार हेली एम्बूलेंस सेवाएं दी जा रही है, इसके अतिरिक्त सभी चिकित्सा इकाइयों पर ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति रखी गयी है। 2019 की तुलना में 108 एम्बूलेंस द्वारा दी गयी सेवाओं में 173 प्रतिशत की बढ़ोतरी भी दर्ज की गयी है। उन्होंने बताया हृदय रोगियों के समुचित उपचार हेतु पहली बार विशेषज्ञ चिकित्सकों को ब्ंतकपवसवहल में प्रशिक्षण देकर यात्रा मार्ग पर स्थित प्रमुख चिकित्सालयों में तैनात किया गया है। यात्रा में तैनात चिकित्सकों को एम्स ऋषिकेश के माध्यम से हाई एल्टीट्यूड सिकनेस के उपचार हेतु प्रशिक्षण भी पहली बार दिया गया है। यात्रियों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए हाल ही में एम०बी०बी०एस० उत्तीर्ण 75 बांडधारी चिकित्सकों की तैनाती अगले 3 माह के लिए यात्रा से संबंधित अस्पतालों/जनपदों में की गई है। उन्होंने कहा कि चारों धाम उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित है जिसमें क्रमशः- केदारनाथ धाम की औसत ऊंचाई 3580 मी0, बद्रीनाथ 3415मी0, यमुनोत्री 3235मी0 तथा गंगोत्री 3415मी० समुद्रतल से ऊंचाई पर स्थित है। बिना किसी विराम के मैदानी क्षेत्रों से आये हुए यात्रियों को उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्थित धामों पर जाने में प्रतिकूल स्वास्थ्य स्थितियों का सामना करना पड़ता है, जिसमें सांस फूलना, ठण्ड लगना एवं हृदयाघात जैसी स्थितियां प्रमुख है। इसके अलावा यह भी देखा गया है कि यात्रियों को पर्वतीय मौसम एवं वातावरण के प्रति अभ्यस्त होने में भी समय लगता है। इन सभी कारणों के फलस्वरूप हर वर्ष ही दुर्भाग्यपूर्ण रूप से हृदय गति रुकने से मृत्यु होती आयी है जैसे वर्ष 2017 में भी 112 यात्रियों की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हुई थी।
स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि राज्य में पहली बार यात्रा मार्गों पर हेल्थ स्क्रीनिंग की व्यवस्थाएं की गई हैं जिसमें 9 प्रमुख स्थानों क्रमश- बद्रीनाथ के लिए गौचर एवं पाण्डुकेश्वर, केदारनाथ के लिए सोनप्रयाग, जवारी बॉयपास एवं कुण्डपुल तथा यमुनोत्री के लिए दोबाटा, जानकी चट्टी एवं गंगोत्री के लिए हिना एवं गंगोत्री में हेल्थ स्क्रीनिंग की जा रही है। हैल्थ स्क्रीनिंग में ऐसे यात्रियों को आगे की यात्रा से रोका जा रहा है, जिनकी स्वास्थ्य स्थिति यात्रा के अनुकूल नहीं है। अभी तक 87 यात्रियों को स्क्रीनिंग उपरान्त वापस लौटाया गया है। उन्होने बताया यद्यपि यात्रियों की अत्यधिक संख्या को देखते हुए सभी की हेल्थ स्क्रीनिंग किया जाना। सहज नहीं हो पा रहा है तथापि चिकित्सा विभाग द्वारा 50 वर्ष से अधिक आयु के सभी यात्रियों की स्क्रीनिंग की जा रही है। बहुत से उत्साही यात्री चिकित्सकीय परामर्श के उपरान्त भी अंडरटेकिंग देकर यात्रा जारी रख रहे हैं। उन्होंने बताया की वर्तमान तक दो लाख से ऊपर रोगियों की हेल्थ स्क्रीनिंग की गई है, 71,646 यात्री ओपीडी में देखे गए हैं एवं 381 रोगियों को एंबुलेंस सेवा प्रदान की गई है तथा 5000 से अधिक यात्रियों को आपातकालीन सेवाएं भी प्रदान की गयी है। हेलीकॉप्टर एंबुलेंस का उपयोग 30 रोगियों को एम्स ऋषिकेश लाकर सफलतापूर्वक उपचार कराया गया है।
सरकार द्वारा कुलपति चिकित्सा विश्वविद्यालय की अध्यक्षता में गठित विशेषज्ञ समिति द्वारा इन मृत्यु के कारणों का विश्लेषण किया गया है। विश्लेषण अनुसार कोविड महामारी के दूरगामी प्रभाव के कारण मैदानी क्षेत्रों से उच्च हिमालयी क्षेत्रों में यात्रा करने का जोखिम अत्यधिक बढ़ गया है। उन्होंने बताया विशेषज्ञ समिति द्वारा यह मंतव्य देते हुए सुझाव दिये गये हैं कि बुजुर्ग एवं अन्य बीमारियों से ग्रसित यात्रियों का पूर्व स्वास्थ्य परीक्षण आवश्यक है और सभी यात्रियों को मेडिकल एडवाइजरी का अनुपालन करते हुए ही यात्रा पर आना चाहिए क्योंकि अभी तक हुई मृत्यु में 60 प्रतिशत से अधिक लोग को-मोरबीडीटी से ग्रसित थे एवं 60 प्रतिशत लोग 50 वर्ष से अधिक की आयु के थे। उन्होंने कहा विभिन्न वैज्ञानिक शोध के अनुसार कोविड महामारी के प्रतिकूल प्रभाव अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने पर और अधिक देखे गये हैं। विशेषज्ञ समिति ने दिनांक 5.06.2022 को दिये गये सुझावों में कहा गया है कि बुजुर्ग, कोविड प्रभावित तथा अन्य रोगों से ग्रसित यात्री स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सकीय परामर्श उपरान्त ही यात्रा पर आएं. यात्रा के दौरान 48 घण्टे तक स्थान विशेष के अनुसार ढलने के उपरान्त तथा तत्समय की स्वास्थ्य स्थितियों को देखते हुए सतर्कता से यात्रा करें।
पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने बताया कि वर्ष 2019 में रिकॉर्ड 34 लाख यात्री उत्तराखंड की चार धाम यात्रा पर आए थे, परंतु वर्ष 2022 में मात्र 1 माह में यह संख्या 16 लाख तक पहुंच चुकी है जो कि चार धाम यात्रा की व्यापक लोकप्रियता और उत्तराखंड के प्रति देशभर में लोगों के बढ़ते आकर्षण का प्रतीक है। केदारनाथ धाम में भी वर्ष 2019 में रिकॉर्ड 10 लाख लोग दर्शन के लिए पहुंचे थे जबकि वर्ष 2022 में मात्र 1 माह की अवधि के भीतर 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं द्वारा केदारनाथ धाम के दर्शन किए गए हैं। उन्होंने कहा पर्यटन विभाग द्वारा पहली बार यात्रियों की सुरक्षा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की गई है ताकि किसी दिन विशेष पर धामों की धारण क्षमता के अनुरूप लोग वहां पहुंच सके और यात्रा प्रबंधन को बेहतर किया जा सके। पंजीकरण का उद्देश्य यात्रा मार्ग पर उपलब्ध सुविधाओं के अनुरूप संख्या में श्रद्धालुओं को धामों पर जाने के लिए पंजीकृत करना है जिससे कि उनकी यात्रा सुखद एवं सुरक्षित हो सके।
पर्यटन सचिव ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए पर्यटन विभाग द्वारा पहली बार एक टोल फ्री कॉल सेंटर का संचालन किया जा रहा है। जिसमें एक समय पर 6 लोगों को एक साथ यात्रा के संबंध में विविध जानकारियां दी जाती हैं और किसी प्रकार की समस्या की स्थिति में उसे संबंधित विभाग को सौंप दिया जाता है। कॉल सेंटर में अब तक लगभग 12500 से अधिक कॉल रिसीव हो चुके हैं इस प्रकार प्रतिदिन लगभग 400 लोगों द्वारा कॉल सेंटर पर कॉल करके चार धाम यात्रा के संबंध में विभिन्न प्रकार की जानकारियां प्राप्त की जा रही हैं। उन्होंने कहा ऋषिकेश तथा हरिद्वार में बिना रजिस्ट्रेशन के ही यात्रा के लिए आ चुके लोगों की आस्था को ध्यान में रखते हुए एसडीआरएफ तथा पर्यटन विभाग द्वारा फिजिकल रजिस्ट्रेशन केंद्रों के माध्यम से इन यात्रियों का पंजीकरण किया जा रहा है। प्रतिदिन औसतन पांच से छह हजार ऐसे श्रद्धालुओं को धामों के लिए पंजीकृत करते हुए यात्रा पर भेजा जा रहा है। ऋषिकेश में आईएसबीटी ऋषिकेश हरिद्वार में चमगादड़ टापू पर फिजिकल रजिस्ट्रेशन काउंटर संचालित किए जा रहे हैं। राज्य भर में कुल 18 फिजिकल पंजीकरण केंद्र बनाए गए हैं। रजिस्ट्रेशन काउंटर तथा मंदिरों में दर्शन हेतु कतार प्रबंधन के लिए टोकन सिस्टम की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने बताया कि पहली बार यात्रा मार्ग पर निरंतर निगरानी बनाए रखने के लिए सर्विलांस कैमरा स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त धामों पर यात्रियों की संख्या का सटीक आकलन करने के लिए हेडकाउंट कैमरा स्थापित किए गए हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से यात्रियों को यात्रा पंजीकरण, हेल्थ एडवाइजरी तथा मौसम की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। ताकि वह यात्रा के पूर्व इन जानकारियों के आधार पर अपनी योजना बना सकें। यात्रा पर जाने वाले प्रत्येक वाहन का पंजीकरण अनिवार्य है निजी वाहनों का पंजीकरण रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर स्वयं का रजिस्ट्रेशन करते समय ही हो जाता है।सुलभ इंटरनेशनल संस्था के माध्यम से चारधाम यात्रा मार्ग पर 144 स्थाई शौचालय (1513 सीट) का संचालन एवं रखरखाव किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त सभी जनपदों में आवश्यकतानुसार अस्थाई फ्लेक्सी शौचालय भी स्थापित किए गए हैं।
प्रो. हेम चंद्र पांडे (कुलपति, एच.एन.बी चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय) ने बताया कि विभिन्न वैज्ञानिक शोध के अनुसार कोविड महामारी के दूरगामी प्रभाव के कारण मैदानी क्षेत्रों से उच्च हिमालयी क्षेत्रों में यात्रा करने का जोखिम अत्यधिक बढ़ गया है। उन्होंने कहा हमारे द्वारा सुझाव दिये गये हैं कि बुजुर्ग एवं अन्य बिमारियों से ग्रसित यात्रियों का पूर्व स्वास्थ्य परीक्षण आवश्यक है और सभी यात्रियों को मेडिकल एडवाईजरी का अनुपालन करते हुए ही यात्रा पर आना चाहिए क्योंकि अभी तक हुई मृत्यु में 60 प्रतिशत से अधिक लोग को-मोर्बिडिटी से ग्रसित थे एवं 60 प्रतिशत लोग 50 वर्ष से अधिक की आयु के थे। उन्होंने कहा विभिन्न वैज्ञानिक शोध के अनुसार कोविड महामारी के प्रतिकूल प्रभाव अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने पर और अधिक देखे गये हैं। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग, कोविड प्रभावित तथा अन्य रोगों से ग्रसित यात्री स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सकीय परामर्श उपरान्त ही यात्रा पर आएं. यात्रा के दौरान 24 से 48 घण्टे तक स्थान विशेष के अनुसार ढलने के उपरान्त तथा तत्समय की स्वास्थ्य स्थितियों को देखते हुए सर्तकता से यात्रा करें।

मुख्य सचिव ने केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्य व बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान की समीक्षा की

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने बुधवार को सचिवालय में केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों एवं बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने केदारनाथ में चल रहे कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने हेतु कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण सामग्री और ट्रांसपोर्टेशन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कार्यों को निर्धारित समय सीमा पर पूर्ण करने हेतु श्रमिकों को बढ़ाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लेबर को रहने खाने की समस्या न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए, साथ ही उनके बिलों का समय से भुगतान किया जाए। उन्होंने मैटेरियल की आपूर्ति एवं स्टोरेज की उचित व्यवस्था किए जाने के भी निर्देश दिए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, सचिव दिलीप जावलकर एवं अरविंद सिंह ह्यांकी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

देहरादून से पंजाबी गायक के मर्डर के आरोप में छह को दबोचा

पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। उत्तराखंड पुलिस की एसटीएफ औप पंजाब पुलिस की एसटीएफ ने ज्वाइंट ऑपरेशन में देहरादून से 6 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इन लोगों पर सिद्धू मूसेवाला के हत्यारों की मदद करने का आरोप है। फिलहाल इन 6 संदिग्धों को पूछताछ के लिए पंजाब ले जाया गया है।

जानकारी के मुताबिक, पंजाब के गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड से जुड़े लोगों की धरपकड़ के क्रम में पंजाब एसटीएफ ने उत्तराखंड एसटीएफ को इस बात की रिपोर्ट दी थी कि हेमकुंड साहिब यात्रा के नाम पर कुछ ऐसे लोगों ने राज्य में प्रवेश किया है, जिनका ताल्लुक सिद्धू हत्याकांड से हो सकता है। सोमवार को हेमकुंड साहिब यात्रा से 6 संदिग्ध लोग वापस पंजाब की तरफ जा रहे थे। तभी पंजाब एसटीएफ के इनपुट के आधार पर उत्तराखंड एसटीएफ और पटेलनगर नयागांव-पेलियों चौकी पुलिस ने शिमला बाईपास इलाके में घेराबंदी कर एक वाहन को रोका। बताया जा रहा है कि इसमें वह शख्स भी हिरासत में लिया गया है, जिसके द्वारा सिद्धू हत्याकांड के मुख्य आरोपियों को गाड़ी और पनाह देने जैसे मामले में मदद की थी। इसके साथ ही 5 अन्य लोगों को भी पुलिस ने संदेह के आधार पर गिरफ्तार किया है।

फिलहाल पंजाब एसटीएफ टीम पुलिस हिरासत में लिए इन लोगों से पूछताछ कर रही है। वहीं लोकल इंटेलिजेंस आईबी भी मौके में पहुंचकर छानबीन में जुटी है। पंजाबी सिंगर शुभदीप सिंह सिद्धू को सिद्धू मूसेवाला के नाम से जाना जाता था। सिद्धू का पंजाब के मनसा में दिन दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने मूसेवाला पर ताबड़तोड़ करीब 30 राउंड फायरिंग की, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वह उन 424 लोगों में शामिल थे, जिनकी सुरक्षा पंजाब पुलिस ने शनिवार को अस्थायी रूप से वापस ले ली या कम कर दी थी।

त्रिवेणी घाट पर गंगा में डूब रहे तीन लोगों को जल पुलिस ने सकुशल बचाया


सोमवती अमावस्या के मौके पर श्रद्धालुओं के भारी संख्या में होने के चलते त्रिवेणी घाट पर जल पुलिस एवं आपदा राहत दल को विशेष निगरानी के लिए निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में 70 वर्षीय सुनील बिरारी पुत्र राजाराम बिरारी निवासी थाना देवपुर जिला धुलिया महाराष्ट्र और दो अन्य 24 साल के निशांत जैन पुत्र हरेंद्र जैन निवासी 74 महावीरनगर आगरा रोड जयपुर राजस्थान सहित 21 वर्षीय सूरज शर्मा पुत्र राजेन्द्र शाह शर्मा निवासी 75 महावीर नगर आगरा रोड जयपुर राजस्थान को गंगा की तेज धारा में डूबने से बचाया।

बचाव दल में नायक रवि बालिया, हरीश गुसाईं, विनोद सेमवाल, विपिन काला, जगमोहन सिंह, शुभाष तोमर, पंकज जखमोला शामिल रहे।

चारधाम यात्रा में अभी तक लगभग आठ लाख श्रद्धालु पहुंचे

अभी तक आठ लाख लोग चार धाम के दर्शन कर चुके है। लाखों लोगों ने दर्शन हेतु चारधामों के लिए ऑनलाइन ऑफलाइन अपना रजिस्ट्रेशन करा दिया है अभी तक मई माह तक रजिस्ट्रेशन के स्लॉट पूरे हो गये है। 22 मई से श्री हेमकुंट साहिब एवं लोकपाल तीर्थ के कपाट खुल रहे है। सभी तीर्थों में व्यवस्थायें अनुकूल रहे इसके लिए तीर्थयात्रियों की संख्या सरकार ने निर्धारित की हुई है।
विगत 19 मई को प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल ( रिटायर्ड) गुरमीत सिंह एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंचप्यारों के साथ श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को ऋषिकेश से श्री हेमकुंट साहिब के लिए रवाना कर दिया।
20 मई को पहला जत्था गुरूद्वारा गोविंद घाट पहुंचा। आज जत्था हेमकुंट के लिए प्रस्थान होकर घांघरिया पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सभी तीर्थ यात्री सकुशल तीर्थयात्रा करें यह उनकी प्राथमिकता में है। विगत दिनों कैबिनेट मंत्री डा. धन सिंह रावत को श्री केदारनाथ यात्रा तथा कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल को बदरीनाथ धाम यात्रा हेतु यात्रा पर्यवेकक्षण का प्रभार दिया गया ताकि तीर्थयात्रियों को किसी भी स्तर पर दिक्कत न हो।
पर्यटन-तीर्थाटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि श्रद्धालु बड़ी संख्या में देवभूमि उत्तराखंड पहुंच रहे है। सरकार का प्रयास है की श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि मंदिर समिति द्वारा तीर्थयात्रियों को धामों में सरलता- सुगमता से दर्शन हो इसके लिए समिति ने अपने स्तर पर प्रयास किये है।
धर्मस्व- तीर्थाटन सचिव हरिचंद सेमवाल ने कहा कि सरकार द्वारा तीर्थयात्रियों की समस्याओं का त्वरित निराकरण के आदेश दिये गये है।
पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर के निर्देशन में उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद द्वारा निरंतर आन लाईन एवं आफ लाईन रजिस्ट्रेशन/ काउंटरों की मॉनिटरिंग की जा रही है।
गढ़वाल आयुक्त सुशील कुमार के निर्दैश पर चारधाम यात्रा प्रशासन संगठन ने ऋषिकेश बस अड्डे पर यात्री हेल्प डेस्क यात्रियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
सभी जिला प्रशासन, स्थानीय निकायों, मंदिर समितियों द्वारा संबंधित धामों राज्य चिकित्सा विभाग सहित सभी विभागों के आपसी तालमेल से चारधाम यात्रा संचालित हो रही है। किसी भी आपात स्थिति में एनडीआरएफ सहित हेली एंबुलेंस की भी सुविधायें दी जा रही है।
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ द्वारा 20 मई रात्रि तक के चारधाम दर्शन हेतु पहुंचे यात्रियों के आंकड़े जारी किये हैं बताया कि अभी तक आठ लाख तीर्थयात्री चारधाम पहुंच गये है। विस्तृत विवरण निम्नानुसार है।
उत्तराखंड चारधाम यात्रा वर्ष 2022
दर्शनार्थियों /तीर्थयात्रियों की संख्या
1-श्री बदरीनाथ धाम कपाट खुलने की तिथि 8 मई से 20 मई शाम तक 240064
2- श्री केदारनाथ धाम कपाट खुलने की तिथि 6 मई से 20 मई शायं तक 269169
3-श्री गंगोत्री धाम
कपाट खुलने की तिथि 3 मई से 20 मई तक 149856
4-श्री यमुनोत्री धाम
कपाट खुलने की तिथि 3 मई से 20 मई तक 116753
20 मई तक श्री बदरीनाथ-केदारनाथ पहुंचने वाले कुल तीर्थयात्रियों की संख्या का योग- 509233
मई तक श्री गंगोत्री-यमुनोत्री पहुंचे तीर्थ यात्रियों की संख्या 266609
20 मई रात्रि तक उत्तराखंड चारधाम पहुंचे संपूर्ण तीर्थयात्रियों की संख्या 775842 ( सात लाख पिचहत्तर हजार आठ सौ बयालीस ) इस तरह आज शाम तक चारधाम पहुंचनेवाले तीर्थयात्रियों की संख्या आठ लाख से अधिक हो जायेगी।
बताया गया है कि चारधाम तीर्थयात्रियों के आंकड़े श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति/ पुलिस- प्रशासन/ आपदा प्रबंधन के सहयोग से जारी किये जा गये है।

उत्तराखण्ड में योग का मुख्य कार्यक्रम परमार्थ निकेतन में होगा आयोजित

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने आज सचिवालय में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों को लेकर बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रदेश के सभी चिन्हित स्थानों जहां पर योग शिविरों का आयोजन किया जाना है, उन स्थानों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएं। उत्तराखण्ड में योग का मुख्य कार्यक्रम 21 जून को परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश में किया जायेगा। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि मुख्य कार्यक्रम स्थल में सभी व्यवस्थाओं के लिए सभी संबंधित विभाग पूरी तैयारी रखें। जिला प्रशासन पौड़ी को कार्यक्रम से संबंधित व्यवस्थाओं को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिये।
अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस पर केन्द्र सरकार की ओर से जिन 75 हैरिटेज स्थलों का चयन किया गया है, उनमें उत्तराखण्ड से श्री केदारनाथ का भी चयन किया गया। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिये राज्य में चयनित 75 प्रतिष्ठित स्थानों के अलावा जनपदों के अन्य महत्वपूर्ण स्थलों एवं हेल्थ एण्ड वैलनेस सेंटरों में भी योग शिविरों की व्यवस्था की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि अधिक से अधिक लोग योग शिविरों से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि योग शिविरों में योग प्रशिक्षकों की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस पर खेल, फिल्म जगत, प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं जैसे प्रदेश की प्रमुख हस्तियों को आमंत्रित किया जाए। उन्होंने कहा की सभी संबंधित विभागों से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती की जाए।
बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव अरविन्द सिंह ह्यांकी, रविनाथ रमन, डॉ. पंकज पाण्डेय, एच.सी. सेमवाल, उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति सुनील कुमार जोशी, अपर सचिव डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, एम.एम. सेमवाल, शिक्षा निदेशक आर.के. कुंवर, संयुक्त निदेशक सूचना के.एस. चौहान एवं वर्चुअल माध्यम से परमार्थ निकेतन आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती तथा सभी जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

बिना पंजीकरण के वापस लौटेंगे श्रद्धालु, इस लिए इस नियम का करें पालन

चार धाम यात्रा पर जाने के इच्छुक यात्रियों को यह सलाह दी जाती है कि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था से बचने के लिए उपलब्ध स्लॉट के अनुसार पंजीकरण करवाने के उपरांत ही अपना टिकट और आवास बुक करें। अगले 7 दिनों की अवधि हेतु चारों धामों के सभी स्लॉट बुक होने के चलते यात्रा के लिए काउन्टर पर पंजीकरण उपलब्ध नहीं है। जैसे ही पंजीकरण के स्लॉट उपलब्ध होंगे, वैसे ही श्रद्धालुओं का पंजीकरण संभव हो सकेगा। साथ ही सभी फिजिकल ऑफलाइन काउंटर यथावत बने रहेंगे।
कुछ दिन पूर्व यह तथ्य संज्ञान में आया था कि कुछ लोग ऑफलाइन माध्यम से अगले महीनों के स्लॉट की बुकिंग कराकर उसी दिन तीर्थ यात्रियों को लेकर दर्शन के लिए रवाना हो रहे हैं। मार्ग में पुलिस द्वारा रजिस्ट्रेशन की जांच किए जाने पर ऐसे वाहनों को रोक दिया गया और तीर्थ यात्रियों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ा। ऐसा होने के कारण धामों में क्षमता से अधिक भीड़ भी पहुंच रही थी। इससे बचने के लिए अगले 7 दिनों के भीतर वाहन क्षमता के अनुसार कोई रजिस्ट्रेशन स्लॉट उपलब्ध ना होने के कारण फिलहाल बुकिंग को अगले 7 दिनों तक के लिए बंद किया गया है, यद्यपि सभी स्थानों पर फिजिकल रजिस्ट्रेशन काउंटर यथावत बने रहेंगे और अगले 7 दिनों के भीतर यात्रा करने वाले श्रद्धालु वहन क्षमता के अनुरूप रजिस्ट्रेशन प्लॉट उपलब्ध होने की दशा में यहां से अपना पंजीकरण करवा सकेंगे।
सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर ने बताया कि ऑफलाइन पंजीकरण का उद्देश्य अगले 7 दिनों की अवधि में यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध करवाना है, यद्यपि रजिस्ट्रेशन स्लॉट उपलब्ध ना होने की दशा में ऐसा कर पाना कदाचित संभव नहीं है क्योंकि इससे चार धाम मार्ग पर क्षमता से अधिक लोग पहुंच जाते हैं और पुलिस और प्रशासन को उन पर नियंत्रण पाना मुश्किल होता है। इसके अतिरिक्त स्वयं यात्रियों को भी आवास तथा वाहन की सुविधाएं नहीं मिल पाती है। उन्होंने कहा कि किसी भी दशा में ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा का दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा।
ज्ञातव्य है कि वाहन क्षमता के अनुरूप चारधाम में श्रद्धालुओं की संख्या को नियंत्रित करने के लिए स्लॉट व्यवस्था लागू की गई है। उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद (यूटीडीबी) की ओर से ऑनलाइन और फिजिकल काउंटरों के माध्यम से तीर्थयात्रियों का पंजीकरण कराया जा रहा है। तीर्थयात्रियों को यूटीडीबी की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ ऋषिकेश, हरिद्वार, उत्तराखंड की सीमा सहित यात्रा मार्ग पर कुल 18 से 20 केंद्रों में ऑफलाइन पंजीकरण किया जा रहा है।

एक दो साल बाद श्री बदरीनाथ धाम के पुर्ननिर्माण कार्यों की देश विदेश में होगी प्रशंसा-संधु

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने श्री बद्रीनाथ में चल रहे विभिन्न पुर्ननिर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यों की अच्छी प्रगति पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इतनी ऊंचाई पर जिस तेजी से कार्य हो रहा है, यह सराहनीय है। मुख्य सचिव ने कहा कि श्री बद्रीनाथ में काफी कार्य इसी सीजन में पूरे हो जायेंगे। श्री बद्रीनाथ आने वाले श्रद्धालुओं को कम से कम असुविधा हो, इसके प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक-दो साल में केवल भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया में भी लोग उदाहरण देंगे कि इतनी अधिक ऊंचाई के धार्मिक स्थल होने पर भी श्री बद्रीनाथ में सराहनीय कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के सुझावों को भी ध्यान में रखा जायेगा। मुख्य सचिव ने चारधाम यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया कि चारधाम यात्रा आने से पूर्व रजिस्ट्रेशन अवश्य करायें।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिये यह सुनिश्चित किया जाए कि यात्रा के दृष्टिगत सभी व्यवस्थाएं सुचारू रहें। श्रद्धालुओं को भगवान बद्रीविशाल के दर्शन हेतु हर संभव सुविधा मिले। इस अवसर पर उन्होंने हेलिपैड, दर्शनी गेट, बस स्टैंड, अराइवल प्लाजा, लूप रोड, शेष नेत्र व बद्रीश झील का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्य सचिव ने यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर भी पुलिस व प्रशासन तथा सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को मूलभूत सुविधाओं बिजली, पानी तथा मोबाइल कनेक्टिविटी की सुचारू व्यवस्था रखने के निर्देश दिये। मुख्य सचिव ने हेमकुंड साहिब के यात्रा मार्ग पर अतिरिक्त मेडिकल टीम की व्यवस्था करने और हेमकुंड जाने वाली सड़क को 15 जून तक दुरस्त करने के भी निर्देश दिये। विभिन्न कार्यों के निरीक्षण के बाद मुख्य सचिव ने श्री बद्रीनाथ धाम में पूजा-अर्चना की।
इस अवसर पर डीजीपी अशोक कुमार, पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर, जिलाधिकारी चमोली हिमांशु खुराना, मुख्य विकास अधिकारी वरूण चौधरी, एसपी स्वेता चौबे उपस्थित रहे।

राज्यपाल और सीएम ने हेमकुंड साहिब के लिए संगतो को किया रवाना

श्री हेमकुंड साहिब के कपाट 22 मई को खुल रहे हैं। आज ऋषिकेश स्थित गुरूद्वारा से हेमकुंड साहिब के लिए संगतो को रवाना किया गया। गुरूद्वारा परिसर ऋषिकेश में यात्रियों के रजिस्ट्रेशन शुरू हुए। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि) गुरमीत सिंह व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ऋषिकेश पहुंचे। उन्होंने गुरूद्वारा में मत्था टेका और गुरूवाणी पाठ में शामिल हुए।
लक्ष्मण झूला रोड पर स्थित हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा मैनेजमेंट ट्रस्ट ने अतिथियों का स्वागत किया गया। श्री हेमकुंड यात्रा हेतु व्यापक तैयारियां की गयी है। कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल भी गुरूवाणी पाठ में शामिल हुए तथा गुरुद्वारा ऋषिकेश में मत्था टेका। इस अवसर पर बङी संख्या में सिक्ख संगत जत्थे मौजूद रहे।
इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी संगतों को हेमकुंड साहिब यात्रा की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वैसे तो वह कई बार इस यात्रा के प्रारंभ होने के मौके पर आते रहे हैं लेकिन यह पहला मौका है जब वे बतौर मुख्य सेवक के रूप में शामिल हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिना गुरुकृपा के कुछ भी नहीं होता। प्रदेश में चार धाम यात्रा के साथ ही हेमकुण्ड यात्रा शुरू हो रही है। इस बार पिछले सालों की तुलना में कई गुना अधिक यात्री चार धाम यात्रा में पहुंचे हैं, सरकार सुरक्षित चार धाम एवं हेमकुण्ड साहिब यात्रा के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का संकल्प है कि प्रदेश में आने वाले हर एक श्रद्धालु सुरक्षित आए और दर्शन करके सुरक्षित वापस लौटे।
मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह करते हुए कहा कि जिन श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबंधी कुछ परेशानी हो रही हो, डॉक्टर की सलाह के बिना यात्रा न करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केदारनाथ धाम का भव्य पुनर्निर्माण कार्य हुआ है। अब बदरीनाथ धाम का काम जारी है। उन्होंने कहा कि बनारस में काशी विश्वनाथ हो या अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण, ये सब प्रधानमंत्री के दृढ़ संकल्प और आस्था का ही परिणाम है कि इन सभी मंदिरों का भव्य और दिव्य स्वरूप देश दुनिया के सामने दिख रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ही सहयोग से हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर रोपवे बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि चार धाम हेमकुंड साहिब के अलावा कुमाऊं क्षेत्र और गढ़वाल क्षेत्र के अन्य धार्मिक स्थानों का भी सर्किट विकसित किए जाएं। उन्होंने कहा कि पर्यटन को आर्थिकी का मजबूत स्रोत बनाने के लिए प्रदेश में होम स्टे मॉडल को विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में अब तक लगभग 3600 होम स्टे रजिस्टर्ड हो चुके हैं।
इस अवसर पर हेमकुंड मैनेजमेंट ट्रस्ट के उपाध्यक्ष नरेन्द्रजीत सिंह बिंद्रा ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री का आभार जताया।