चंद घंटों में विस चुनाव का रिजल्ट, सुरक्षा मुस्तैद

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के परिणाम आने में अब सिर्फ चंद घण्टों का इंतजार है। ऐसे में राज्यों में हलचल का माहौल बना हुआ है। स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर पार्टी कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा है तो पुलिस-प्रशासन भी सुरक्षा को लेकर कोई कमी छोड़ना नहीं चाह रहा।

उत्तर प्रदेश में 10 मार्च को होने वाली मतगणना को देखते हुए 70 हजार सिविल पुलिस वर्कर्स को तैनात किया जाएगा। वहीं पैरामिलिट्री की 245 कंपनियों और पीएसई की 69 कंपनियों को तैनात किया जाएगा।

यूपी के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने कहा कि जो भी माहौल बिगाड़ने की कोशिश करेगा, उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। सुरक्षाबलों की तैनाती संवेदनशील इलाकों में भी की जाएगी। लखनऊ के पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने कहा कि हमने ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए हैं। स्ट्रॉन्ग रूम सुबह 7 बजे इलेक्शन ऑब्जर्वर्स और उम्मीदवारों की मौजूदगी में खोले जाएंगे। काउंटिंग सुबह 8 बजे शुरू होगी। संवेदनशील इलाकों में पेट्रोलिंग की जाएगी।

मतगणना के दिन किसी तरह की गड़बड़ी या अफरा-तफरी न हो इसके लिए कानपुर पुलिस के कप्तान ने सख्त आदेश जारी किए हैं। पुलिस ने चेतावनी दी है कि अगर किसी ने मतगणना में बाधा डालने की कोशिश की तो उसे देखते ही गोली मार दी जाएगी।

दूसरी ओर उत्तराखंड में भी कल नतीजों का ऐलान किया जाएगा। हरिद्वार के डीएम विनय शंकर पांडे ने कहा, हरिद्वार में तीन स्तरीय सुरक्षा का इंतजाम किया गया है। जिले में 11 विधानसभा सीटें हैं. सुरक्षा के मद्देनजर धारा 144 लागू कर दी गई है और जुलूस निकालने की मनाही है।

पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. करुणा राजू ने बताया कि कल 8 बजे मतगणना शुरू होगी। अधिकारियों को 3-4 चरण की ट्रेनिंग दी गई है। वोटर हेल्पलाइन एप पर निर्वाचन आयोग से जैसे-जैसे अनुमति मिलती रहेगी मीडिया के लिए डाटा जारी किया जाएगा। मतगणना स्थल पर थ्री लेयर सिक्योरिटी तैनात की गई है।

यूक्रेन से वापस लौटे उत्तराखंडवासियों को घर तक लाने का खर्च उठाएगी सरकार

यूक्रेन से भारत वापस लौटे उत्तराखण्ड राज्य के भारतीय नागरिकों की सूचना प्रतिदिन उपलब्ध कराये जाने तथा वापस लौटे राज्य के नागरिकों को उनके गन्तव्य तक पहुंचने हेतु ट्रेन, बस एवं टैक्सी के माध्यम से निःशुल्क सुविधा उपलब्ध कराये जाने के सम्बन्ध में।

यूक्रेन से भारत वापस लौटे उत्तराखण्ड राज्य के भारतीय नागरिकों की सूचना प्रतिदिन गृह अनुभाग-8, उत्तराखण्ड शासन की ई–मेल आई०डी०–ukhomesection8@gmail.com के साथ-साथ आधिकारिक रूप से सृजित किये गये व्हाट्सअप ग्रुपों पर प्रेषित किये जाने तथा भारत वापस लौटे राज्य के नागरिकों को उनके गन्तव्य तक पहुंचने के सम्बन्ध में ट्रेन, बस एवं टैक्सी में से जिस माध्यम से भी उनके द्वारा जाने की इच्छा प्रकट की जाय, की निःशुल्क व्यवस्था आपके कार्यालय द्वारा की जायेगी और इस सम्बन्ध में होने वाला व्यय उत्तराखण्ड राज्य द्वारा वहन किया जायेगा।

तिरंगे की मदद से पाकिस्तानी और रोमानिया की बची जान


यूक्रेन में रूस की बमबारी से तबाही का मंजर देखने को मिल रहा है। जान बचाने की जद्दोजहद चल रही है। ऐसे मुश्किल वक्त में भारत के तिरंगे झंडे ने न सिर्फ वहां फंसे भारतीय नागरिकों की जान बचाई बल्कि पाकिस्तान (Pakistani Students in Ukraine) और तुर्की के नागरिक भी युद्धग्रस्त देश से बचकर निकलने में कामयाब रहे। यूक्रेन से रोमानिया के बुखारेस्ट शहर पहुंचे भारतीय छात्रों ने जो बताया, वह हर भारतीय को गौरवान्वित कर सकता है। भारतीयों ने बताया कि तिरंगे ने न केवल उन्हें कई चेक पॉइंट्स को सुरक्षित तरीके से पार करने में मदद की बल्कि कुछ पाकिस्तानी और तुर्किश छात्र भी आसानी से निकल लिए।

यूक्रेन में फंसे अपने नागरिकों को स्वदेश लाने के लिए भारत सरकार ऑपरेशन गंगा चला रही है। ऐसे में यूक्रेन से रोमानिया के शहर पहुंचे ये भारतीय छात्र विशेष विमानों से लाए जा रहे हैं। एयर इंडिया, स्पाइस जेट और इंडिगो की उड़ानें लगातार यूक्रेन के पड़ोसी देशों से भारत पहुंच रही हैं।
तिरंगा यूक्रेन में फंसे भारतीयों को बाहर निकालने के साथ ही पाकिस्तानी और तुर्की नगारिकों के भी काम आ रहा है। तिरंगे की आड़ में पाकिस्तान और तुर्की के छात्र भी रूस के भीषण हमले की मार झेल रहे यूक्रेन से बाहर निकलने में कामयाब हो पाए हैं। यह जानकारी यूक्रेन से रोमानिया के बुखारेस्ट पहुंचे भारतीय छात्रों ने दी। उन्होंने बताया कि तिरंगे का सहारा लेकर उनके साथ-साथ पाकिस्तान और तुर्की छात्र भी यूक्रेन की सीमा से बाहर निकलने में सफल रहे।

बॉर्डर क्रॉस करने के लिए तिरंगे की मदद
दरअसल, यूक्रेन में फंसे भारतीयों को वहां से बाहर निकालने में तिरंगे की मदद ली जा रही है। भारतीय दूतावास की तरफ से जारी एडवाइजरी में सभी भारतीयों से यह अपील की गई थी कि वे अपने साथ तिरंगा लेकर चलें या फिर वाहन के आगे तिरंगा लगाकर समीपवर्ती बॉर्डर तक पहुंचे ताकि उन्हें वहां से वापस भारत लाया जा सके। दूतावास की यह एडवाइजरी भारतीय छात्रों और नागरिकों को यूक्रेन से बाहर निकालने में बेहद कारगर रही।
पाकिस्तानी छात्रों ने भी तिरंगे का सहारा लिया

दक्षिणी यूक्रेन के ओडेसा से रोमानिया पहुंचे इन छात्रों ने अपनी पूरी कहानी बयान की। इन्होंने बताया कि तिरंगा बनाने के लिए ये लोग नजदीक की दुकान से कुछ कलर और कपड़ा लेकर आए तिरंगा तैयार किया। इसी तिरंगे के सहारे वे कई चेक प्वॉइंट को पार करते हुए ओडेसा से रोमानिया के मोलोडोवा पहुंचे। इन छात्रों ने बताया कि तिरंगा पाकिस्तानी और तुर्की के छात्रों के लिए भी बड़ा सहारा बना। तिरंगे की मदद से पाकिस्तानी और तुर्की के छात्र भी कई चेक प्वॉइंट को पार करते हुए यूक्रेन से बाहर निकलने में कामयाब रहे।

रूस के हमले में भारत ने अपने होनहार छात्र नवीन कुमार को खो दिया

यूक्रेन पर रूस के हमले के दौरान एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है। इस तरह से रूस के हमले ने भारत को भी जख्म दे दिया है। यूक्रेन युद्ध में पहले भारतीय नागरिक के मारे जाने की पुष्टि हुई है। मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्र का नाम नवीन कुमार (Naveen Kumar) है और वह कर्नाटक के रहने वाले थे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट कर यूक्रेन के खरकीव में आज सुबह हुए भीषण हमले में एक भारतीय स्टूडेंट (Indian Died in Kharkiv) की मौत की पुष्टि की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया, ‘हम गहरे दुख के साथ इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि आज सुबह खरकीव में हुई बमबारी में एक भारतीय स्टूडेंट की मौत हो गई। मंत्रालय भारतीय छात्र के परिवार के संपर्क में है।

हम परिवार से अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैंप्रवक्ता ने बताया है कि विदेश मंत्रालय लगातार रूस और यूक्रेन के राजदूतों के साथ संपर्क में है और भारतीय नागरिकों को स्वदेश लाने के लिए सुरक्षित रास्ता निकाला जा रहा है। उन्होंने बताया कि कई छात्र अब भी खारकीव समेत दूसरे शहरों में फंसे हैं। रूस और यूक्रेन में मौजूद राजदूत भी इसी तरह के प्रयास में जुटे हैं। घरवालों की बढ़ीं धड़कनें टीवी रिपोर्ट में बताया गया है कि आज सुबह बचाव अभियान के दौरान ही भारतीय छात्र रूस के हमले की चपेट में आ गया। जैसे ही यह खबर भारतीय मीडिया में आई यूक्रेन में फंसे भारतीयों के परिवारवालों की धड़कनें बढ़ गईं। लोग अपने बेटे-बेटियों की सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं।एक रिपोर्ट में बताया गया है कि खरकीव स्थित गर्वनर हाउस पर सुबह 7 बजे के करीब जब कई छात्र खाने के लिए लाइन में लगे हुए थे, उसी दौरान हमला हुआ और नवीन की मौत हो गई।

खरकीव में सुबह जिस गर्वनर हाउस को रूस की सेना ने उड़ाया, उसी के पास नवीन खड़े थे। नवीन खरकीव मेडिकल यूनिवर्सिटी में मेडिकल के फोर्थ ईयर के छात्र थे। एक फोन उनके पास था, जिसके जरिए उनकी पहचान हुई।आज सुबह ही यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने सभी भारतीयों को जल्द से जल्द राजधानी कीव छोड़ने को कहा था। इसके बाद से ही लगने लगा था कि कीव में हालात तेजी से बिगड़ सकते हैं और वहां भीषण हमले हो सकते हैं। रूस की तरफ से की गई एयर स्ट्राइक के वीडियो भी सामने आए। भारतीयों में भी टेंशन बढ़ती जा रही थी और दोपहर बाद रूसी हमले में भारतीय छात्र के मारे जाने की दुखद खबर आई।

युद्ध समाप्ति को लेकर भगवान शिव से करें प्रार्थनाः यूक्रेनी राजदूत


महाशिवरात्रि का पर्व देशभर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। (ukraine ambassador says lord shiva can save from war).एक तरफ देश के तमाम शिवालयों में भक्तों की भीड़ देखी जा रही है। वहीं दूसरी तरफ यूक्रेन में रूस के हमलों से बर्बादी की आग बरस रही है। भारत मे यूक्रेन के राजदूत इगोर पोलिखा का मानना है कि भगवान शिव ही इस युद्ध को जल्द से जल्द खत्म कर सकते हैं। आप सभी इसके लिए प्रार्थना करें।
यूक्रेन के राजदूत इगोर पोलिखा ने कहा कि ‘आज महाशिवरात्रि का पावन पर्व है। भारत मे हर इंसान में शिव का निवास है। शिव ही ऐसे विकट हालात से निकाल सकते हैं। प्लीज आप सभी भगवान शिव से प्रार्थना करें कि इस युद्ध को जल्द से जल्द खत्म करें।’
इससे पहले यूक्रेन में फंसे भारतीयों के साथ बॉर्डर पर हो रहे दुर्व्यवहार पर जब पोलिखा से सवाल किया गया यो उन्होंने कहा कि यूक्रेन किसी के साथ भेदभाव नहीं करता है। यूक्रेन के लिए सभी देशों के नागरिक एक समान हैं और सभी भारतीय को सुरक्षित भेजने की कोशिश की जा रही है। जो कुछ घटनाएं सामने आई हैं जिसमें शरणार्थियों के साथ बॉर्डर-गार्ड्स ने बदसूलकी की है। ऐसे में बेहद जरूरी है कि सभी शरणार्थी अनुशासन का पालन करें। इस सब के लिए रूस जिम्मेदार है। हमारी कोशिश है कि सभी को सुरक्षित निकाला जाए।

कांग्रेस नेता रमोला ने प्रदेश सरकार पर लगाया, यूक्रेन में फंसे लोगों के प्रति असंवेदनशील होने का आरोप

यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही दो छात्राएं आज ऋषिकेश पहुंच गई है। उनके ऋषिकेश पहुंचने पर अभिभावकों के चेहरे पर खुशी देखते ही बन गई। उधर, कांग्रेस नेता व ऋषिकेश विधानसभा से कांग्रेस उम्मीदवार जयेंद्र रमोला ने दोनों छात्राओं के घर जाकर मुलाकात की, उनकी कुशलक्षेम जानकर यूक्रेन के हालात पर भी वार्ता की। इस मौके पर उन्होंने राज्य सरकार पर यूक्रेन में फँसे प्रदेश के लोगों के प्रति असंवेदनशील होने का आरोप लगाया है। कहा कि राज्य सरकार की ओर से वहां फंसे लोगों के लिए कोई सुविधा प्रदान नहीं की जा रही है, जो कि शर्मनाक है।

कांग्रेस नेता ने आज आवास विकास ऋषिकेश निवासी आयुषी राय जो की यूक्रेन में एमबीबीएस कि पाँचवें वर्ष में अध्ययनरत है, जबकि श्यामपुर ऋषिकेश निवासी निशा ग्रेवाल जोकि एमबीबीएस की द्वितीय वर्ष की छात्रा है जो आज सायं युक्रेन से अपने घर पहुंची, उनसे मुलाकात की। इस मौके पर आयुषी की माताजी, उनके छोटे भाई व निशा के माता पिता को शुभकामनाएँ दी।

रमोला ने उत्तराखण्ड सरकार के द्वारा यूक्रेन से लौटने वाले उत्तराखंड के लोगो को मुफ्त यात्रा का आश्वासन दिया था परंतु आयुषी को मुम्बई से देहरादून कि यात्रा का खर्चा स्वयं वहन करके आना पड़ा और निशा ग्रेवाल की मदद एक एयरपोर्ट पर मौजूद जवान प्रकाश ने मदद की। रमोला ने कहा उत्तराखंड सरकार को आयुषी राय के द्वारा किए गए खर्च को अपने वादे अनुसार उसको वापस देना चाइए व मेरी सरकार से मांग है कि सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। ताकि यूक्रेन से लौटने वाले अन्य छात्र छात्राओं सहित उत्तराखंड निवासियों को इस तरह कि असुविधाओं का सामना न करना पड़े।

उत्तराखंड सरकार अपने नागरिकों के प्रति असंवेदनशील है जबकि महाराष्ट्र सरकार ने लौटे अपने प्रदेश के बच्चों के लिये एयरपोर्ट पर बस को सजा कर भेजा गया व सरकार के लोग मौक़े पर मौजूद थे परन्तु उत्तराखण्ड सरकार ने कोई भी सुविधा प्रदान नहीं की जोकि शर्मनाक है।
आयुषी से मिलने वाले कांग्रेस नेता वा पूर्व पार्षद राम कुमार संगर व पूर्व प्रधान जयेन्द्र रावत मौजूद रहे।

स्पीकर ने तीर्थनगरी के युवक से वीडियो कॉल पर वार्ता की, यूक्रेन से वापसी का दिया भरोसा


स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने यूक्रेन की राजधानी कीव में रंगोली रेस्टोरेंट में कार्यरत ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के गौहरीमाफी निवासी हरि सिंह पुंडीर से वीडियो कॉल कर वार्ता की। उन्होंने हरि सिंह पुंडीर को घर वापसी के लिए हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया।

इस मौके पर उन्होंने हरिसिंह पुंडीर से वहां के हालात भी जाने। साथ ही उनकी कुशलक्षेम भी पूछी। कहा कि सरकार प्रत्येक उत्तराखंड वासियों को घर वापसी के लिए हर तरह का प्रयास कर रही है। उन्होंने पुंडीर को आश्वस्त करते हुए कहा कि जल्द ही उनकी उत्तराखंड वापसी होगी। इस दौरान हरि सिंह पुंडीर के पिता राम सिंह पुंडीर, गौहरीमाफी के प्रधान रोहित नौटियाल सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने जानकारी दी है कि यूक्रेन में फसे ऋषिकेश की गंगा नगर निवासी तमन्ना त्यागी एवं मधुर विहार गढ़ी रोड श्यामपुर की निशा ग्रेवाल को अन्य भारतीय छात्रों के साथ यूक्रेन से रोमानिया बॉर्डर तक बस में पहुंचा दिया गया है जल्द ही रोमानिया से भारत के लिए उन्हें एयर लिफ्ट किया जाएगा।

219 भारतीय छात्रों का पहला दल रोमानिया से विमान के जरिए मुंबई के लिए रवाना

युद्धग्रस्त यूक्रेन में फंसे भारतीयों की वतन वापसी शुरू हो गई है। रोमानिया से 219 भारतीय छात्रों को लेकर पहला विमान मुंबईआ के लिए उड़ान भर चुका है। यूक्रेन का एयरस्पेस बंद होने के कारण विदेश मंत्रालय ने रोमानिया, (first flight of 219 indians took off from romania as evacuation from ukraine started) हंगरी, पोलैंड, स्लोवाकिया के रास्तों से भारतीयों को एय़रसलिफ्ट करने का प्लान बनाया है। पहली फ्लाइट में अधिकतर छात्र मौजूद हैं।

विदेश मंत्रालय ने कहा है कि हजारों भारतीय स्टूडेंट्स और नागरिक अपने सपनों को पूरा करने के लिए यूक्रेन गए थे। लेकिन रूस के हमले की वजह से वो भारी संकट में फंस गए हैं। इस मुश्किल घड़ी में भारत सरकार उनके साथ मजबूती के साथ खड़ी है। फ्लाइट टेकऑफ से पहले रोमानिया में भारत के राजदूत राहुल श्रीवास्तव ने लोगों से कहा कि भारत सरकार उन्हे सकुशल भारत पहुंचाने के लिए दिन रात काम कर रही है। और जब तक हम भारतीय को यूक्रेन से नही निकाल लाते तब तक हमारा मिशन चलता रहेगा।

यूक्रेन का एयरस्पेस बंद होने के कारण रोमानिया, हंगरी, पौलैंड जैसे देशों के रास्ते वापस लाने का प्लान बनाया गया है। कल शाम से ही यूक्रेन में फंसे भारतीय विशेष वाहनों से पोलैंड औऱ रोमानिया बॉर्डर पर जा रहे हैं। यहां विदेश मंत्रालय के अधिकारी कैंप लगाकर मौजूद हैं। यूक्रेन से पोलैंड, रोमानिया आने वालों को विशेष हिदायत है कि वे भारत का झंडा अपने वाहन पर लगाकर रखें।

रूस में राष्ट्रपति पुतिन के खिलाफ प्रदर्शन, युद्ध खत्म करने की मांग

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध से पूरे विश्वभर में लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया है, स्वयं रूस को अपने ही देश के लोगों का विरोध भी सहना पड़ रहा है। पुतिन की तुलना हिटलर से की जा रही हैं।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा यूक्रेन के खिलाफ युद्ध की घोषणा के कुछ ही देर बाद, देश भर के रूसी नागरिक उनके कार्यों की निंदा करने के लिए सड़कों पर उतर आए। गुरुवार शाम मास्को के केंद्र में 1,000 से अधिक लोग “युद्ध नहीं चाहिए” के नारे लगाते हुए इकठ्ठा हुए। लोगों ने सड़को पर पुतिन के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने युद्ध खत्म करने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने ऐतिहासिक गोस्टिनी ड्वोर शॉपिंग आर्केड के बाहर सेंट पीटर्सबर्ग सहित कई अन्य शहरों में भी सड़कों पर उतरे। भारी पुलिस बल की पृष्ठभूमि में कुछ लोगों ने राष्ट्रपति की कठोर निंदा की।

न केवल रूस, बल्कि यूक्रेन के आक्रमण की निंदा करने के लिए गुरुवार को टोक्यो से तेल अवीव और न्यूयॉर्क तक के शहरों में सार्वजनिक चौकों और रूसी दूतावासों के बाहर प्रदर्शनकारी निकले। स्विस राजधानी बर्न में, सैकड़ों लोग यूक्रेन के झंडे पकड़े हुए और “यूक्रेन के लिए शांति!” का नारा लगाते हुए एकत्र हुए।

अन्य प्रदर्शन बेरूत, तेल अवीव, डबलिन और प्राग में आयोजित किए गए। ओवीडी-इन्फो राइट्स मॉनिटर ने कहा कि गुरुवार को पुलिस ने रूस के 53 शहरों में 1,667 से कम लोगों को हिरासत में लिया था। तास समाचार एजेंसी ने बताया कि अकेले मास्को में छह सौ लोगों को गिरफ्तार किया गया।

यूक्रेन में फंसे उत्तराखंडियों को भारत सकुशल वापस लाने का सिलसिला शुरू


यूक्रेन पर रूस के हमलों के बाद वहा फंसे भारतीयों को वापस लाने का सिलसिला शुरू हो गया है। लेकिन यूक्रेन से बेहद सीमित संख्या में फ्लाइट होने के चलते हजारों भारतीयों को वापस लाने में कई दिन लग सकते हैं। इस बीच उत्तराखंड सरकार ने भी यूक्रेन में फंसे उत्तराखंडियों को वापस लाने के लिए कवायद तेज कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री कार्यालय से संपर्क साधा। उन्होंने कहा कि राज्य के एक-एक नागरिक को सकुशल लाया जाएगा।

बुधवार को रूस ने यूक्रेन के कई शहरों पर हवाई हमले किए। हालांकि अभी नागरिक ठिकानों को निशाना नहीं बनाया है, लेकिन बढ़ते तनाव के बीच यूक्रेन में फंसे भारतीयों को वापस लाने की चिंता होने लगी है। करीब 20 हजार से ज्यादा भारतीय यूक्रेन के विभिन्न क्षेत्रों में रहते हैं। इनमें से अधिकतर आईटी सेक्टर औऱ मेडिकल क्षेत्र के हैं। उत्तराखंड के भी 400 से 500 छात्र यूक्रेन में रहते हैं, इनमें से ज्यादातर मेडिकल क्षेत्र के हैं।

इस बीच केंद्र सरकार ने भारतीय नागरिकों को लाने का अभियान शुरू कर दिया है। आज पहली फ्लाइट भारतीयों को लेकर भारत वापस आ गई है। उत्तराखंड के छात्रों के लेकर भी मुख्यमंत्री ने लगातार केंद्र सरकार से संपर्क साधे हैं। इस संबंध में विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से भी बात की गई है। प्रधानमंत्री कार्यालय और विदेश मंत्रालय की ओर से आश्वस्त किया गया है कि भारतीय छात्रों व नागरिकों को सकुशल वापस लाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूक्रेन में मौजूद उत्तराखंड राज्य के नागरिकों की जानकारी जुटाई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, उत्तराखंड के कई छात्र यूक्रेन की राजधानी कीव, लिवीव और खारकीव शहरों में मेडिकल की पढ़ाई के लिए गए हैं। इनमें राजधानी देहरादून के छात्र भी हैं।