मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने अपने दफ्तर की नेमप्लेट ऐपण कला में लगवाई

उत्तराखंड की पारंपरिक ऐपण कलाकृति को नया आयाम मिल रहा है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हालिया दिल्ली दौरे पर केंद्रीय मंत्रियों को ऐपण कलाकृति भेंट कर ऐपण को नया जीवन दिया है। सीएम ने अपने दफ्तर की नेमप्लेट भी ऐपण कला में लगवाई है। इस पहल के बाद ऐपण कला से जुड़ी बेटियों को नई आस जगी है।

सीएम त्रिवेंद्र के मीडिया सलाहकार रमेश भट्ट के मुताबिक ऐपण को नई पहचान दिलाने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने सराहनीय प्रयास किए हैं। रमेश भट्ट खुद भी अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों में ऐपण पर काम कर रही बेटियों से रूबरू हो चुके हैं। ऐपण पर बने उनके वीडियो को फेसबुक पर लाखों लोग देख चुके हैं।

रमेश भट्ट बताते हैं कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने ऐपण को प्रोत्साहन देने में खासी रुचि दिखाई है। सीएम ने अपने दफ्तर की नेमप्लेट भी ऐपण में बनवाई है और सभी मंत्रियों व अफसरों को ऐसा करने के लिए प्रेरित किया है। सीएम अल्मोड़ा में ऐपण प्रदर्शनी के दौरान कई बेटियों से मुलाकात कर चुके हैं जो ऐपण को अपनी आजीविका से जोड़ रही हैं। अब पिछले दिनों दिल्ली दौरे पर सीएम त्रिवेंद्र ने केंद्रीय मंत्रियों को एक के बाद एक ऐपण गिफ्ट देकर मजबूत सांस्कृतिक संदेश दिया है। रमेश भट्ट ने उम्मीद जताई है कि ऐपण को विश्वव्यापी पहचान दिलाने में ये प्रयास कारगर साबित होंगे।

महिलाओं को कमांडो का प्रशिक्षण देने वाले शिफू शौर्य भारद्वाज की सीएम त्रिवेंद्र ने की प्रशंसा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पुलिस लाईन देहरादनू में उत्तराखण्ड की महिला कमाण्डो फोर्स एवं स्मार्ट चीता पुलिस का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कमाण्डो प्रशिक्षक शिफू शौर्य भारद्वाज, सैन्य अधिकारी रूबीना काॅर्की, पीटीसी नरेन्द्र नगर के प्रशिक्षक हितेश कुमार, कमाण्डो निरीक्षक नीरज कुमार एवं प्रशिक्षित महिला पुलिस कमाण्डो को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस के दस्ते में आज उत्तराखण्ड महिला कमाण्डो का दस्ता जुड़ गया है। उत्तराखण्ड देश का चैथा राज्य बन गया है, जहां पुलिस विभाग में महिला कमाण्डो का दस्ता तैयार किया है। उन्होंने कहा कि महिला पुलिस कमाण्डो को बेहतर प्रशिक्षण दिया गया। कमाण्डो को प्रशिक्षण देने वाले शिफू शौर्य भारद्वाज का आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने मात्र एक आग्रह पर यह प्रशिक्षण दिया। यह प्रशिक्षण उनके द्वारा निःशुल्क दिया गया। किसी भी विद्या में पारंगत होने का सबसे बड़ा उद्देश्य आत्म सुरक्षा होना चाहिए। विद्या का सदुपयोग होना जरूरी है। विद्या के ज्ञान के साथ ही चपतलता का होना भी जरूरी है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि स्कूलों एवं काॅलेजों में पढ़ने वाली बेटियों को भी प्रारम्भिक आत्म सुरक्षा के गुर सिखाने जरूरी है। बेटियों को मोटिवेशन देना जरूरी है। यह समाज की आवश्यकता है। पढ़ाई के दौरान उन्हें आत्म सुरक्षा से संबंधित जानकारी हो। हमारा प्रयास है कि आने वाले समय में प्रदेश में हम बेटियों को आत्म सुरक्षा की दृष्टि से प्रशिक्षित करें। इन 22 प्रशिक्षित महिला कमाण्डो की भूमिका इस दृष्टि से और अधिक बढ़ जाती है। इस तरह के अन्य संगठनों का सहयोग लेकर आने वाले भविष्य में इसके लिए अधिकारियों को योजना बनाने को कहा गया है, ताकि इस तरह का एक बहुत बड़ा प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य में चलाया जा सके।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि महिला सशक्तीकरण की दिशा में राज्य सरकार द्वारा अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। पति की पैतृक सम्पति में पत्नी को सह खातेदार बनाया है। ऐसा निर्णय लेने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बना है। समाज में जिस तरह बदलाव हो रहा है, ऐसे समय में महिलाओं का आर्थिक रूप से सशक्त होना भी बहुत जरूरी है। हमारी बेटियां सशक्त एवं मजबूत होनी चाहिए इस सोच के साथ अनेक कार्यक्रम चल रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तमाम रास्ते बेटियों के लिए खोले हैं। आईएनएस तरंगिणी में पांच महिलाओं ने 18 हजार किमी की जोखिम भरी यात्रा पूरी की। आज बेटियां फाइटर जेट उड़ा रही हैं। इन्फेन्ट्री एवं सीमाओं पर देश की बेटियां जा रही हैं। महिला सशक्तीकरण के लिए बेटियों का सर्वांगीण विकास बहुत जरूरी है।

पुलिस लाईन देहरादून में प्रशिक्षित 22 महिला कमाण्डो ने सुरक्षा से संबधित अनेक करतब दिखाए। 104 प्रशिक्षत चीता पुलिस दल का भी मुख्यमंत्री ने शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने चमोली जनपद में आपदा के दौरान दिवंगत दो पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि चमोली जनपद में आपदा के दौरान हमारी महिला अधिकारियों द्वारा राहत एवं बचाव कार्यों में सराहनीय कार्य किया गया।

इस अवसर पर विधायक विनोद चमोली, महिला आयोग की अध्यक्ष विजया बड़थ्वाल, मुख्यमंत्री के सैन्य सुरक्षा सलाहकार ले.ज.(रिटा.) जे.एस. नेगी, सचिव गृह नितेश झा, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार एवं पुलिस के अधिकारी उपस्थित थे।

रोड कनेक्टिविटी के विकास में अहम सहयोग के लिए सीएम ने केंद्रीय मंत्री का जताया आभार

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द सिंह रावत ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री, सडक परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय नितिन गडकरी से भेट की। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड में रोड़ कनेक्टीवीटी के विकास में महत्वपूर्ण सहयोग के लिए केंद्रीय मंत्री का बहुत आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री के अनुरोध पर केंद्रीय मंत्री ने आईएसबीटी, देहरादून बस अड्डा की सडक परियोजना के लिए 48 करोड रूपए की स्वीकृति पर सहमति दी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रूद्रप्रयाग टनल निर्माण के लिए लगभग 225 करोड़ रूपए स्वीकृत हो गए हैं, इस पर आवश्यक कार्यवाही शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही उत्तराखण्ड में नए राष्ट्रीय राजमार्ग में बाईपास की गई पुरानी सड़कों के सुदृढ़ीकरण के लिए भी 69 करोड़ रूपए स्वीकृत किए गए हैं।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हरिद्वार-देहरादून एनएच पर जोगीवाला में जाम की समस्या को दूर करने पर सहमति व्यक्त करते हुए राज्य सरकार से इसका प्रस्ताव जल्द भेजने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश-भानियावाला मोटर मार्ग चारधाम यात्रा में शोर्ट लिक मार्ग है। जौलीग्राट एयरपोर्ट भी ऋषिकेश भानियावाला के मध्य स्थित है। वर्तमान में यह केवल दो लेन मार्ग है। इस मार्ग के व्यापक महत्व को देखते हुए मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से इसे राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किए जाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में केंद्रीय सड़क व अवस्थापना निधि के अंतर्गत मंत्रालय को प्रेषित 219 करोड़ रूपए के प्रस्तावों की शीघ्र स्वीकृति का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में 6 राजमार्गो (कुल लम्बाई 524 किमी) को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किए जाने की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें लक्ष्मणझूला-दुगड्डा-नैनीडाडा-मोहन- रानीखेत(274किमी), पाण्डुआखाल -नागचूलाखाल उफरैखाल-बैजरो (64 किमी), खैरना-रानीखेत (34 किमी). बुआखाल-देवप्रयाग (49 किमी). देवप्रयाग-गजा-खाड़ी (70 किमी), बिहारीगढ़-रोशनाबाद (33 किमी) शामिल है मुख्यमंत्री ने इन्हें जल्द से जल्द राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में अधिसूचित किये जाने का अनुरोध किया।

बैठक में उत्तराखण्ड के प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव राधिका झा, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव डा पराग मधुकर धकाते व केंद्र सरकार के अधिकारी उपस्थित थे।

नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिले मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भेंट की। मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्री को देहरादून में प्रस्तावित कोस्ट गार्ड रिक्रूटमेंट सेंटर की अद्यतन स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि कुंआवाला में कोस्ट गार्ड भर्ती सेंटर के लिए रक्षा मंत्रालय को सशुल्क भूमि प्रस्तावित की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के निकट चैखुटिया में हवाई पट्टी बनाने का प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित किया गया है। गैरसैंण के समीप होने के साथ ही सामरिक दृष्टि से भी इसका बहुत महत्व है। मुख्यमंत्री ने धारचूला से लिपुलेख तक सड़क सम्पर्क स्थापित कर मानसरोवर यात्रा के लिए लिंक रोड शुरू किए जाने पर रक्षा मंत्री का आभार व्यक्त किया। दोनों के मध्य रूद्रप्रयाग जिले में सैनिक स्कूल स्थापित किए जाने पर भी चर्चा हुई।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा में उत्तराखण्ड के जवानों का हमेशा बड़ा योगदान रहा है। केन्द्र द्वारा उत्तराखण्ड को हर सम्भव सहयोग दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्री को जोशीमठ क्षेत्र में आपदा के बाद संचालित राहत व बचाव कार्यों की भी जानकारी दी।

रेल मंत्री पीयूष गोयल से मिले मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, जताया आभार

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने केन्द्रीय मंत्री रेल, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण पीयूष गोयल से भेंट की। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड में रेल कनेक्टिवीटी के विकास के लिए रेल मंत्री का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री के अनुरोध पर रेल मंत्री ने टनकपुर-बागेश्वर रेल लाईन के फाइनल लोकेशन सर्वे की स्वीकृति दी।

रेल मंत्री ने हरिद्वार-रायवाला सेक्शन में वर्तमान सिंगल रेल लाईन के दोहरीकरण और देहरादून व योगनगरी ऋषिकेश के मध्य सीधी रेल सेवा उपलब्ध कराने के लिए लक्सर की भांति रायवाला स्टेशन से पहले डायवर्जन लाईन के निर्माण पर स्वीकृति देते हुए रेलवे के अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के सुझाव पर पुराने ऋषिकेश स्टेशन के वाणिज्यिक उपयोग के लिए रेलवे के अधिकारियों को कार्ययोजना बनाने को निर्देशित किया। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में स्विटजरलैण्ड की तर्ज पर रेलवे और रोप-वे बनाने के लिए रेल मंत्रालय द्वारा अध्ययन कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के अनुरोध पर केन्द्रीय मंत्री ने विकेंद्रीकृत खरीद प्रणाली के अंतर्गत उत्तराखण्ड के सब्सिडी के बकाया 640 करोड़ रूपये की राशि अवमुक्त करने के लिए खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देशित किया।

केंद्रीय गृह मंत्री से मिले मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, आपदा बचाव व राहत कार्यों की दी जानकारी

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भेंट कर उन्हें विगत में जोशीमठ क्षेत्र में आई आपदा में राहत व बचाव कार्यों की जानकारी दी। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार, केन्द्रीय एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन ने बेहतर समन्वय से कार्य किया। आर्मी, आईटीबीपी, एनडीआरएफ व एसडीआरएफ ने सर्च व रेस्क्यू के काम के साथ ही आपदा प्रभावित गांवों में बिना देरी के राहत पहुंचाने का काम भी किया।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री से राज्य में उत्तराखण्ड हिमनद एवं जल संसाधन शोध केन्द्र की स्थापना का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने राज्य के दुर्गम-अति दुर्गम आपदा सम्भावित क्षेत्रों और अन्तर्राष्ट्रीय सीमाओं की निरन्तर देखरेख एवं निगरानी हेतु 01 हैलीकॉप्टर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। आपदा प्रबन्धन व सीमा प्रबन्धन के दृष्टिगत गैरसैंण में 01 आईआरबी बटालियन स्थापना की स्वीकृति का भी अनुरोध किया। आगामी कुम्भ के दुष्टिगत, एन्टी ड्रोन तकनीक से संयोजित एक विशेष टीम की तैनाती की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य पुलिस को और अधिक प्रभावी व आधुनिक बनाये जाने के लिए राज्य पुलिस बल आधुनीकरण योजना में प्रतिवर्ष 20 से 25 करोड़ का बजट उपलब्ध कराए जाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने राज्य में समय-समय पर तैनात सुरक्षा बलों की तैनाती के फलस्वरूप देय धनराशि रू0 36.46 करोड़ की छूट तथा भविष्य के लिए पूर्वोत्तर राज्यों-विशेष श्रेणी के राज्य की भांति 90ः10 के अनुसार भुगतान की व्यवस्था निर्धारित करने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री से चमोली के नीति घाटी तथा उत्तरकाशी के नेलांग घाटी को बेहतर सीमा प्रबन्धन हेतु इनर लाईन परमिट की व्यवस्था समाप्त किये जाने का आग्रह किया ताकि इस क्षेत्र के गांवों में पर्यटन से आर्थिक गतिविधियों का विस्तार हो पाये।

केंद्रीय गृह मंत्री ने उक्त सभी बातों पर सैद्धांतिक सहमति देते हुए कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा उत्तराखण्ड को हरसम्भव सहयोग दिया जाएगा।

त्रिवेणी घाट पर संत समाज ने किया गंगा स्नान, निकाली शोभायात्रा

महाकुंभ के तहत बसंत पंचमी पर्व पर विभिन्न अखाड़ों के साधु संतों ने त्रिवेणी घाट पर आस्था की डुबकी लगाई। इस मौके पर हर हर महादेव के जयकारों से त्रिवेणी घाट गूंजायमान हो उठा। मौके पर साधु समाज ने भगवान शिव के शस्त्र त्रिशुल की भी पूजा अर्चना की।

इससे पूर्व सुबह से ही त्रिवेणी घाट पर जल पुलिस की टीम पूरी तैयारी के साथ तैनात दिखी। मौके पर जवानों ने राफ्ट आदि सुरक्षा किटों के साथ गंगा घाट पर मौजूद रहे।

मौके पर गंगा स्नान की व्यवस्थाओं को परखने के लिए मेयर अनिता ममगाईं, एसडीएम वरूण चैधरी और एसपी देहात स्वत्रंत कुमार ने त्रिवेणी घाट पर निरीक्षण किया। बता दें कि साधु संतों ने स्नान से पहले शहर में भव्य शोभायात्रा भी निकाली। शोभा यात्रा का श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर के स्वागत भी किया। इस दौरान गंगा घाटों पर जाने वाले सभी रास्तों पर पुलिस ने वाहनों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग भी लगाकर रखी।

त्रिवेणी घाट पर गंगा सभा के सदस्य लगातार एलाउंसमेंट से श्रद्धालुओं को गंगा में किनारे पर ही रहकर स्नान करने के लिए आगाह भी करते रहे। इस खास पर्व पर सैकड़ों स्थानीय श्रद्धालुओं ने भी गंगा स्नान कर मोक्ष की प्राप्ति की, वही दान कर पुण्य अर्जित किया। एसपी देहात स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से जल पुलिस के जवान भी गंगा घाटों पर तैनात किए गए हैं। महापौर अनीता ममगाईं ने बताया कि स्नान करने में किसी भी प्रकार की श्रद्धालुओं को परेशानी न हो इसके लिए व्यवस्था बनाई गई है।

श्रीभरत भगवान की शोभायात्रा पर उमड़े श्रद्धालु

बसंत पंचमी के पावन पर्व पर नगर यात्रा पर निकली श्री भरत भगवान की डोली नगर में गाजे-बाजे के साथ निकाली गई। पारंपरिक लोक वाद्य यंत्रों के साथ निकली धर्म यात्रा का श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर जगह-जगह स्वागत किया। कोविड-19 का विशेष ध्यान रखते हुए इस बार की शोभायात्रा में श्रद्धालुओं ने नियमों का भी पालन किया।

मौके पर हजारों लोगों ने हृषिकेश नारायण भगवान के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। कोविड-19 की वजह से यात्रा में श्रद्धालुओं ने विशेष जगह पर ही रंगोली देखने को मिली। इसी बीच श्रद्धालुओं ने भरत भगवान को भोग लगाकर सुख समृद्धि की कामना की। ऐसी मान्यता है कि बसंत पंचमी से ही होली महोत्सव का शुभारंभ हो जाता है आज ही के दिन भरत जी महाराज को रंगों से होली भी खिलाई जाती है और सभी भक्तगण एक-दूसरे पर गुलाल फेंक कर भगवान के साथ होली भी मनाते हैं पितांबर रंग जिसे हम पीला रंग कहते हैं वह भगवान को बहुत ही प्रिय है इसलिए लोग गुलाल चढ़ाकर और भगवान को भेली का भोग बसंत पंचमी में लगाया जाता है।

उधर, बसंत पंचमी के अवसर पर प्राचीन श्री भरत मंदिर परिसर में आयोजित मेले में लोगों ने झूलों और विभिन्न व्यंजनों का भी जमकर लुफ्त उठाया। बसंत पंचमी पर्व पर ब्रह्म मुहूर्त में पौराणिक श्री भरत मंदिर में भगवान श्री नारायण की विधिवत पूजा अर्चना शुरू हुई। दोपहर में आरती पूजन के बाद मंदिर के श्री महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य के परम सानिध्य में बैंड बाजे और पहाड़ के पारंपरिक लोक वाद्य यंत्र की थाप के बीच श्री भरत भगवान की उत्सव प्रतिमा की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभा यात्रा मायाकुंड स्थित गंगा तट पर श्री भरत नारायण भगवान की प्रतिमा को विशेष पूजा अर्चना के बाद मुख्य पुजारी धर्मानंद सेमवाल, रवि शास्त्री द्वारा शालिग्राम भगवान को गंगा में स्नान कराया गया। तत्पश्चात भगवान को नगर भ्रमण कराया गया धर्म यात्रा विभिन्न मार्गो से होती हुई संत समाज ने भगवान नारायण का स्वागत वेद मंत्र स्तुति से किया। इसके बाद मंदिर में भगवान की प्रतिमा को पुनः स्थापित किया गया नगर उत्सव यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रतिभाग किया।

इस दौरान यात्रा मार्गों में लोगों ने विभिन्न स्थानों पर खड़े होकर ढोली के दर्शन के लिए घंटों प्रतीक्षा की यात्रा में श्री भरत संस्कृत महाविद्यालय, भरत मंदिर पब्लिक स्कूल, श्री हेमकुंड गुरुद्वारा स्थित गुरमत संगीत विद्यालय, श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज संत समाज स्वयंसेवकों और श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया। धर्म यात्रा में हुए शामिल बसंत उत्सव के संयोजक हर्षवर्धन शर्मा, वरुण शर्मा, दीप शर्मा, मंदिर के मुख्य पुजारी धर्मानंद सेमवाल, विनय उनियाल, जयेंद्र रमोला, मधुसूदन शर्मा, पंडित सुरेंद्र दत्त भट्ट, गोविंद सिंह रावत, वचन पोखरियाल, डीबीपीएस रावत, रंजन अंथवाल, सुनील थपलियाल, सुधीर कुकरेती, बंशीधर पोखरियाल, अशोक अग्रवाल, तेजपाल पंवार, नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा, रामकृपाल गौतम, जगमोहन सकलानी, राजीव मोहन मनोज पवार, तेजपाल पंवार, हितेंद्र पंवार, अभिषेक शर्मा, राम चैबे ,धीरेंद्र जोशी आदि उपस्थित थे।

सीएम आवास में हुआ बाॅलीवुड फिल्म हिंदुत्व का मुहूर्त शाॅट

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने फिल्म ‘‘हिन्दुत्व’’ का मुहुर्त शॉट लिया। इस फिल्म के निर्देशक करण राजधान हैं। इस फिल्म की अधिकांश शूटिंग उत्तराखण्ड में होगी। फिल्म के मुख्य कलाकार आशीष शर्मा, सोनारिका, दीपिका चिखलिया, अनूप जलोटा एवं अंकित राज हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि जिस उद्देश्य के साथ हिन्दुत्व फिल्म बनाई जा रही है, उम्मीद है कि यह फिल्म हिन्दुत्व को दुनिया में पहुंचाने में सफल होगी। फिल्मों का समाज एवं मानव जीवन कितना गहरा प्रभाव पड़ता है, इसके अनेक उदाहरण है। हिन्दुत्व शब्द प्रेम, उदार और विश्वास का प्रतीक है। भारतीय संस्कृति सनातन संस्कृति है, और सनातन संस्कृति का आधार हिन्दुत्व है।

फिल्म के निर्देशक करण राजधान ने कहा कि हिन्दुत्व फिल्म में मुख्य उद्देश्य प्रेम, बलिदान एवं सद्भावना के मिलन को दिखाने का प्रयास किया जायेगा। इस फिल्म के माध्यम से दुनियाभर में हिन्दुत्व का संदेश देने का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही उत्तराखण्ड में एक और फिल्म की शूटिंग की जायेगी।

इस अवसर पर विधायक कैलाश चन्द गैहतौड़ी, मुख्यमंत्री के औद्योगिक सलाहकार के.एस. पंवार, सचिव सूचना दिलीप जावलकर, उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के नोडल अधिकारी के.एस. चैहान आदि उपस्थित थे।

चार साल से सीएम का व्यक्तिगत विरोध करने वाले कौन हैं ये लोग?

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत का एक फोटो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है, जिसमें वह चमोली में आई आपदा से प्रभावित क्षेत्र में आम लोगों के साथ बैठे हुए हैं और उन्हें एक टेबिल में चाय के साथ ड्राई फ्रुट्स आदि परोसे गए हैं। इन टिप्पणियों के साथ कि आपदा के वक्त मुख्यमंत्री ड्राई फ्रुट्स का मजा ले रहे हैं, मुख्यमंत्री ने आपदा को अवसर बना लिया है, मुख्यमंत्री को मलवे में दबे लोगों की कोई फिक्र नहीं है, मुख्यमंत्री संवेदनहीन व्यक्ति हैं, उन्हें ट्रोल किया जा रहा है।

दरअसल, लोकतंत्र में समालोचकों और पत्रकारों की अहम भूमिका होती है। उनका काम व्यवस्था की खामियां उजागर कर सरकार को आईना दिखाना होता है। स्वस्थ प्रजातंत्र के लिए यह बेहद जरूरी भी है। होना तो यह चाहिए कि सिस्टम (तंत्र) की कमियों की कलई खोलकर सरकार को सुधार के लिए विवश किया जाता पर हो कुछ और रहा है। हो यह रहा है कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत का व्यक्तिगत विरोध हो रहा है। निगाहें इस बात पर हैं कि त्रिवेन्द्र क्या खा रहे हैं, कहां ठहरे हैं और किससे बात कर रहे हैं किससे नहीं। अरे भाई! त्रिवेन्द्र सिंह रावत मुख्यमंत्री हैं और संविधान के तहत मुख्यमंत्री का प्रोटोकॉल होता है। आपदास्थल के निरीक्षण के बाद क्षेत्र में जब भी वो कहीं पर बैठते हैं, विश्राम करते हैं तो स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधि, आम लोग भी चाहते हैं कि उन्हें सम्मान के साथ अपने बीच बैठाया जाए।

इस दौरान लोग दिल से उन्हें चाय-नाश्ता, भोजन परोसते हैं। किसी भी जनप्रतिनिधि (मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक, सांसद आदि) के लिए यह एक स्वाभाविक सम्मान होता है। अब उस दृश्य का फोटो वायरल कर मुख्यमंत्री को यह कहते हुए ट्रोल किया जाए कि वो काजू-बादाम के शौकीन हैं, भूखे हैं और ड्राई फ्रुट्स दिखाई देने पर उन्हें मलवे में दबे व्यक्तियों की फिक्र नहीं रह जाती, यह कहां तक उचित है? कुछ सिरफिरे तो यह तक कह सकते हैं कि आपदाग्रस्त क्षेत्र में जाकर मुख्यमंत्री बैठे क्यों रहे, उन्हें जेसीबी में बैठकर मलवा हटाना चाहिए था या फिर कटर हाथ में लेकर मलवे में मौजूद सरिया काटनी चाहिए थीं।

साफ है कि व्यवस्था पर अंगुली उठाने के बजाए हर बार मुख्यमंत्री को निशाना बनाने का काम एक मिशन के तौर पर शुरू हो जाता है। दून से लेकर दिल्ली तक सिरफिरों के तार जुड़ जाते हैं। हैरानी की बात तो यह है कि इस तरह की छींटाकशी का काम वो लोग नहीं कर रहे जो पिछले कई दिनों से आपदाप्रभावित क्षेत्र में डटे हुए हैं और एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी व वायुसेना के जवानों की पल-पल की गतिविधियों के गवाह बने हुए हैं। सोशल मीडिया वॉरियर वो बने हुए हैं जो अभी तक देश की सीमा से लगे इस आपदाग्रस्त क्षेत्र में झांकने तक नहीं गए। समालोचना करो तो ऐसी करो जिससे जन समुदाय का लाभ हो और जिससे प्रभावितों को तत्काल राहत मिल सके।