केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से मिले सांसद नरेश बंसल

रक्षा मंत्रालय उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों में रोड, पुल, सुरंग आदि का निर्माण कर रहा है। इसके साथ ही चमोली आपदा मे वायुसेना आदी के तुरंत आपदा प्रबंधन का कार्य करने पर भी सांसद नरेश बंसल ने केन्द्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का आभार वयक्त किया।

सासंद बंसल ने चमोली आपदा पर माननीय रक्षा मंत्री भारत सरकार से अपनी चिंता वयक्त की तथा जो बीआरओ के सोजन्य से काम चल रहा है उसे सुचारू रूप से चलाने व जल्द पुर्ण करने का निवेदन किया साथ ही चमोली आपदा मे जो पुल इत्यादी टूटे है उन्हे भी बीआरओ के माध्यम से कराने का अनुरोध भी रक्षामंत्री से किया, ताकि सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मार्ग व पुल अविलंब बन सके एवं वह ऐसे बनाए जाए की आपदा के समय पर खड़े रहे सके।

सासंद बंसल ने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से देहरादून के गढ़ी कैंट स्थित गोरखा मिलिट्री इण्टरमीडिएट कालेज की लीज बढ़ाने को भी अनुरोध किया। जो 100 सैन्य स्कूल देशभर मे खुलने वाले है उसमे भी उत्तराखंड को स्कूल देने का अनुरोध किया। क्योंकि उत्तराखंड सैन्यधाम है व हर परिवार से कोई न कोई सेना मे है व देश सेवा कर रहा है। इस अवसर पर विधायक मसूरी गणेश जोशी भी उपस्थित रहे।

सासंद राज्य सभा नरेश बंसल ने केन्द्रीय रक्षा मंत्री राज नाथ सिंह को सासंद तीरथ सिंह रावत, राज्यमंत्री उत्तराखंड धनसिंह रावत एवं विधायक मसूरी गणेश जोशी के साथ मिलकर 23 अप्रैल को देवभूमी उत्तराखंड के थलीसैंण मे अमर शहीद वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली जी की स्मृति मे आयोजित कार्यक्रम मे आने का निमंत्रण दिया।

सासंद बंसल ने बताया कि रक्षा मंत्री राज नाथ सिंह ने सभी अनुरोध को स्वीकार करते हुए उस पर हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।

सासंद राज्य सभा नरेश बंसल ने कहा कि राजनाथ सिंह ने कहा की बीआरओ जल्द से जल्द रास्ता सुचारू रूप से खोल देगा व सीमा पर भारत के जवान हर स्थिति से निपटने को मुसतेद है व उनके व स्थानीय लोगों के लिए जल्द मार्ग खोल दिए जाएंगे। रक्षामंत्री ने गोरखा मिलिट्री इण्टरमीडिएट कालेज की लीज बढ़ाने पर भी सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया व उत्तराखंड के लिए हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।

16 फरवरी से महिंद्रा थार फेस्टिवल की शुरूआत, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

उत्तराखंड में पर्यटन की अपार संभावनाएं है, प्रदेश के सभी 13 जिलों में एक से बढ़कर एक पर्यटक स्थलों के अलावा कई विशेष खासियत हैं, जिससे देश दुनिया में उत्तराखंड को अलग पहचान मिलती है। इन्हीं सब बातों को देखते हुए उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले स्थित केदारघाटी में होटल इंडस्ट्री के तौर पर अपने देश दुनिया में अलग पहचान बना चुके हैं, क्लब रिट्रीट ग्रुप द्वारा केदारघाटी में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने के लिए महिंद्रा थार फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है। दो दिन तक चलने वाले इस फेस्टिवल की आगामी 16 फरवरी से शुरुआत होगी।

क्लब रिट्रीट ग्रुप के संचालक और कम उम्र के एट्रप्रन्योर जतिन बगवाड़ी ने बताया कि महिंद्रा थार फेस्टिवल 16 फरवरी को गुप्तकाशी में और 17 फरवरी को चोपता में आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन से केदार घाटी के अलावा आस-पास के इलाके भी एक्सप्लोर हो सकेंगे। इसके अलावा पर्यटक ऑफ रोड ड्राइविंग का मजा ले सकेंगे। इतना ही नही एडवेंचर टूरिज्म में दिलचस्पी रखने वाले पर्यटक के लिए केदार घाटी खास जगह बन जाएगी। जतिन की खास बात यह है कि समय-समय पर इस तरीके के आयोजन से केदारघाटी को गुलजार रखते हैं। वर्तमान में वे विलेज रिवर रिट्रीट गुप्तकाशी केदार रिवर रिट्रीट सीतापुर (गौरीकुंड), आईवीवाई टॉप श्रीनगर समेत आधे दर्जन रिसोर्ट का संचालन कर रहे हैं।

मौन रखकर युवाओं ने दी पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि

पुलवामा शहीदों की याद में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेन्द्र रमोला में छिद्दरवाला ग्रामसभा के युवाओं के साथ मिलकर शहीदों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी और उसके बाद क्षेत्र के युवाओं में सफाई अभियान चलाकर गाँव की सड़कों को साफ करने का काम किया।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेन्द्र रमोला ने कहा कि पूर्व वर्षों से जहां युवा पाश्चात्य सभ्यता को अपनाकर वैलेण्टाइन डे मनाता आ रहा है वहीं आज छिद्दरवाला ग्रामसभा के युवाओं ने एक मिशाल पेश की है। जिन्होंने देश की रक्षा के के लिये अपने प्राण न्योछावर किये आज उनको श्रद्धांजलि दी और ग्रामसभा की रोड़ों को साफ करने का कार्य कर युवाओं को संदेश देने का काम किया है कि हमें कभी अपने देश के जवानों का बलिदान नहीं भूलना चाहिये साथ ही हमें आसपास के क्षेत्रों को जब समय मिले साफ रखना चाहिये।

पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य गोकुल ने कहा कि हमारे गाँव के युवा समय समय पर ऐसे कार्य करते रहते हैं चाहे कोरोना काल बात रही हो चाहे उससे पहले की बात हो हर वक्त हमारी ग्रामसभा का युवा सामाजिक कार्यों में अग्रणी रहता है।

श्रद्धांजलि देने वालों में कांग्रेस की ब्लॉक अध्यक्ष अंशुल त्यागी, अर्जुन थापा, रवि बग्याल, लक्की पैन्यूली, जितेन्द्र त्यागी, विपुल मल, अर्जुन पुरी, शुभम सिंह, मोहित ठाकुर, रवि कुमार, शुभम कश्यप, अनिल चैहान, शुभम पुण्डीर, सोनू कुमार, शुभम मल, जितेन्द्र चैहान, भीम पुरी, राजू चैहान, महावीर चैहान, आकाश जोशी, नवीन चैहान, अमन चैहान, अर्जुन कलूडा आदि बड़ी संख्या में युवा शामिल थे।

राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने की पीएम मोदी से मुलाकात


राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। मौके पर चमोली में आई आपदा को लेकर चर्चा हुई। इसमें पीएम नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा सांसद को राज्य की हर संभव मदद का भरोसा दिया।

आज मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें नए दायित्व के लिये बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने पुर्ण निष्ठा व इमानदारी से इस जिम्मेदारी का निर्वाह करने का आश्वासन प्रधानमंत्री को दिया। सासंद नरेश बंसल ने चमोली आपदा समेत विभिन्न विषयों पर सकारात्मक चर्चा की व प्रधानमंत्री ने राज्य के लिए हर संभव मदद का आश्वासन दिया हैै।

उत्तराखंड को मिला अवार्ड आफ एक्सीलेंस

उत्तराखण्ड को 18 वें सीएसआई एसआईजी ई-गवर्नेस अवार्ड 2020 दिया गया है। यह अवार्ड उत्तराखण्ड को राज्यों की श्रेणी में ई-मंत्रीमंडल के लिए दिया गया है। लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने उत्तराखण्ड को ई-मंत्रीमंडल और उत्तराखण्ड ऑडिट मैनेजमेंट के लिये पुरस्कार प्रदान किये। उत्तराखण्ड की ओर से यह पुरस्कार एनआईसी के एसआईओ के0नारायण तथा संयुक्त सचिव गोपन विभाग ओमकार सिंह ने यह पुरस्कार प्राप्त किये।

उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री रविन्द्र जैसवाल, उप-सचिव गोपन विभाग अजीत सिंह एवं उत्तराखंड ऑडिट मैनेजमेंट सिस्टम टीम के रजत मेहरा, नोडल ऑफिसर, ऑडिट सेल उत्तराखंड, तकनीकी निदेशक, एनआईसी नरेन्दर सिंह नेगी उपस्थित थे।

ज्ञातव्य है कि नॉन-प्रोफिट सोसायटी सीएसआई ई गवर्नेस में विभिन्न श्रेणियों में बेहतर कार्य के लिए अवार्ड देती है। उत्तराखण्ड में ई-कैबिनेट की पहल को ई-गवर्नेस की दिशा में बङा कदम मानते हुए अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस से सम्मानित किया गया है। संस्था द्वारा इसे बेस्ट प्रेक्टीसेज के अंतर्गत अन्य राज्यों के साथ भी साझा किया गया।

उत्तराखण्ड को यह पुरस्कार प्राप्त होने पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गोपन विभाग एवं एनआईसी के अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि गुड गवर्नेस के लिए ई-गवर्नेस बहुत जरूर है। ई-कैबिनेट, ई-ऑफिस, ई-डिस्ट्रिक्ट, सीएम हेल्पलाईन आदि महत्वपूर्ण पहल हैं। कोशिश है कि लोगों को सूचना प्रौद्योगिकी का अधिक से अधिक लाभ मिले।

इस अवसर पर मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने भी ने गोपन विभाग एवं एनआईसी के अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि ई-कैबिनेट की पहल करने वाला उत्तराखंड पहला राज्य है। उत्तराखण्ड में ई-कैबिनेट के मॉडल पर दूसरे राज्यों में भी विचार किया जा रहा है। सचिवालय के लगभग सभी अनुभागों में ई-ऑफिस प्रारंभ किया जा चुका है। सूचना तकनीक के प्रयोग से प्रशासनिक कार्यकुशलता में सुधार हुआ है।

कुंभ महापर्व में स्नान करेगी बाबा महाकाल की पालकी

हरिद्वार में होने जा रहे कुम्भ महापर्व 2021 में उज्जैन से 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा महाकाल की दिव्य पालकी भी शामिल होगी।

यह जानकारी देते हुए श्री देवभूमि लोक संस्कृति विरासतिय शोभायात्रा समिति प्रवक्ता डॉ. धीरेंद्र रांगड़ ने बताया कि देवडोली समिति के तत्वावधान में तथा पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय उत्तराखंड सरकार के सहयोग तथा सहभागिता से आयोजित होने वाले भव्य एवं दिव्य कुम्भ स्नान एवं शोभायात्रा में राजाधिराज बाबा महाकाल की दिव्य रजत पालकी प्रथम बार शामिल होने जा रही है।

रमेश चंद्र शर्मा एवं विश्वजीत सिंह राठौर के नेतृत्व में पुजारी सहित 15 सदस्यों का प्रतिनिधि मंडल 24 अप्रैल को हरिद्वार पहुँचेगा।

चैत्र शुक्ल त्रयोदशी सर्वार्थ अमृत सिद्धयोग रविवार 25 अप्रैल 2021 को दक्ष प्रजापति कनखल से हर की पैड़ी तक समस्त डोलियों के साथ सेमनागराजा भगवान श्रीकृष्ण जी तथा परम् वैकुण्ठ धाम श्री बद्रीनाथ जी के ध्वज के नेतृत्व में पर्वतीय क्षेत्र के पारम्परिक वाद्य यंत्र, ढोल-दमाऊ, रणसिंहा आदि के साथ भव्य शोभायात्रा निकलेगी। समिति के परमाध्यक्ष पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहन सिंह रावत गांववासी के संयोजन में शोभायात्रा ब्रह्मकुंड में स्नानोपरांत पंतदीप के पंडाल में एकत्र होगी। जहां बाबा महाकाल के मनमहेश स्वरूप का दिव्य दर्शन व पूजन सन्त महात्माओं, श्रद्धालुओं एवं प्रशासन द्वारा किया जायेगा।

शुद्ध पेयजल योजना से जुड़ेंगे ऋषिकेश से हरिद्वार के ग्रामीण इलाके


विश्व बैंक पोषित अर्द्धनगरीय क्षेत्रों में उत्तराखंड पेयजल कार्यक्रम के अंतर्गत प्रस्तुत मास्टर प्लान के अवलोकन, सुझाव एवं आपत्तियों हेतु ग्रामीणों के साथ राजकीय इंटर कॉलेज खदरी खड़कमाफ में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित हुए विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा है कि विश्व बैंक के सहयोग से स्टेट वाटर सैनिटेशन मिशन के तहत 1150 करोड़ रुपये की लागत से ऋषिकेश-हरिद्वार के ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक परिवार तक शुद्ध पेयजल आपूर्ति से जोड़ा जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम तीन चरणों में संपन्न होगा, पहले चरण में वाटर सप्लाई, दूसरे चरण में सैनिटेशन के तहत सीवरेज और तीसरे चरण में सॉलिड वेस्ट निस्तारण का कार्य किया जाएगा।

कहा कि प्रतीतनगर रायवाला क्षेत्र में 18 करोड़ रुपये लागत एवं खदरी खड़कमाफ में 10 करोड़ रुपये की लागत की पेयजल योजना से पेयजल लाइन बनकर तैयार हो चुकी है जिसका लाभ यहां के ग्रामीणों को पर्याप्त मात्रा में प्राप्त होगा।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने जल जीवन मिशन योजना संचालित कर प्रत्येक परिवार को इससे जोड़ने की मुहिम चलाई है। जिससे ऋषिकेश सहित संपूर्ण उत्तराखंड में लोगों को शुद्ध पेयजल आपूर्ति प्राप्त होगी।

इस अवसर पर डोईवाला के ब्लॉक प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल, अधीक्षण अभियंता नमित रमोला, अधिशासी अभियंता एके सिंह, ग्राम प्रधान राजेश व्यास, कमला नेगी, कालेज के प्रधानाचार्य मेहताब सिंह, पद्मा नैथानी, टेक सिंह राणा, सुनीता बिष्ट, गौतम राणा, मोहर सिंह रावत आदि उपस्थित थे।

केंद्रीय शिक्षा, ऊर्जा मंत्री, गढ़वाल सांसद सहित स्थानीय मंत्रियों ने तपोवन आदि क्षेत्रों का किया दौरा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शासन के वरिष्ठ अधिकारियों, आपदा प्रबंधन, पुलिस, सेना एवं आईटीबीपी के अधिकारियों के साथ बैठक कर जोशीमठ के रेणी क्षेत्र में आई आपदा में राहत एवं बचाव कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि क्षेत्र में खाद्य सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो। राहत एवं बचाव कार्यों में लगे कार्मिकों को भी सभी आवश्यक सामग्री समय पर उपलब्ध हो। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए एसडीआरएफ मद से 20 करोड़ रूपये की धनराशि जारी की गई है।

संवेदनशील स्थानों का समय-समय पर सर्वे के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि आपदा की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों का समय-समय पर सर्वे कराया जाय। एसडीआरएफ की टीमें भी संवेदनशील स्थानों के निकट तैनात की जाय। आईआरएस के निदेशक डॉ. प्रकाश चैहान ने जानकारी दी कि ताजी बर्फ के स्खलन से आपदा की संभावना जताई जा रही है। इसकी वजह से नदी के जल स्तर में तेजी से वृद्धि हुई। अब स्थिति सामान्य है।

प्रभावित क्षेत्रों में बिजली, पानी की सुचारू आपूर्ति
बैठक में जानकारी दी गई प्रभावित क्षेत्र के आस-पास बिजली एवं पानी की आपूर्ति सुचारू हैं। तत्काल राहत के लिए एक हजार राशन के पैकेट एवं अन्य सामग्री भेजी गई है। रैस्क्यू का कार्य जारी है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सैन्य सलाहकार ले.ज.(रिटा.) जे.एस.नेगी, मुख्य सचिव ओमप्रकाश, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आनन्द वर्द्धन, सचिव अमित नेगी, नितेश झा, शैलेष बगोली, दिलीप जावलकर, एस.ए. मुरूगेशन, सुशील कुमार, दीपेन्द्र चैधरी, कर्नल एस. शंकर, आईटीबीपी के कमाडेंट शेंदिल कुमार, आईजी संजय गुंज्याल, डीआईजी रिद्धिम अग्रवाल आदि उपस्थित थे।

लापता लोगों के परिजनों को आर्थिक सहायता के लिए जारी होगी एसओपी
मुख्य सचिव श्री ओमप्रकाश ने बताया कि सरकार की मंशा है कि लापता लोगों के परिजनों को भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके। इसकी प्रक्रिया तय करने के लिए जल्द ही एक एसओपी जारी की जाएगी।

केंद्रीय मंत्रियों ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया
केंद्रीय शिक्षा मंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह, सांसद तीरथ सिंह रावत, उत्तराखण्ड के उच्च शिक्षा मंत्री और चमोली जिले के प्रभारी मंत्री डा. धन सिंह रावत ने भी तपोवन आदि क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से बात की। विधायक महेंद्र प्रसाद भट्ट, विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी ने भी तपोवन एवं रैणी मे आपदा प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया।

सर्च व रेस्क्यू आपरेशन तेजी से जारी
चमोली जिले में रविवार को आयी आपदा के दूसरे दिन भी रेस्क्यू आपरेशन पूरे दिनभर जारी रहा। आपदा मे सडक पुल बह जाने के कारण नीति वैली के जिन 13 गांवों से संपर्क टूट गया है उन गांवों में जिला प्रशासन चमोली द्वारा हैलीकॉप्टर के माध्यम से राशन, मेडिकल एवं रोजमर्रा की चीजें पहुंचायी जा रही है। जिलाधिकारी ने बताया कि जब तक यहां पर वैकल्पिक व्यवस्था या पुल तैयार नही हो जाता तब तक हैली से यहां पर रसद पहुंचाने का काम जारी रहेगा और जल्द से जल्द क्षेत्र के लोगो की परेशानियां दूर करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। गांवों मे फसे लोगो को राशन किट के साथ 5 किलो चावल, 5 किग्रा आटा, चीनी, दाल, तेल, नमक, मसाले, चायपत्ती, साबुन, मिल्क पाउडर, मोमबत्ती, माचिस आदि राहत सामग्री हैली से भेजी जा रही हैं। आपदा प्रभावित क्षेत्र के साथ ही अलकनन्दा नदी तटों पर जिला प्रशासन की टीम लापता लोगों की खोजबीन में जुटी हैं।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ के 70, एनडीआरएफ के 129, आईटीबीपी के 425 जवान एसएसबी की 1 टीम, आर्मी के 124 जवान, आर्मी की 02 मेडिकल टीम, स्वास्थ्य विभाग उत्तराखण्ड की 02 मेडिकल टीमें लगी हुई हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना के बाद 18 शव मिल गए हैं जबकि 202 लोग लापता हैं। एनटीपीसी से 12 और ऋषिगंगा प्रोजेक्ट से 15 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है।

सीएम त्रिवेंद्र ने तमाम अधिकारियों के साथ राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की

मुख्यमंत्री त्रिवेद्र सिह रावत ने सोमवार देर सांय तपोवन रितिक कंपनी के कार्यालय मे आईजी, डीआईजी, डीएम, एसपी, आर्मी, आईटीबीपी, बीआरओ के वरिष्ठ अधिकारियों एवं एनटीपीसी के प्रोजेक्ट इनचार्ज अधिकारियों की बैठक लेते हुए राहत एवं बचाव कार्यो की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को बेहतर तालमेल के साथ रेस्कयू कार्य मे तेजी लाने के निर्देश दिए। सुनियोजित तरीके से आवश्यकता अनुसार संशाधनों का प्रयोग किया जाए।

मुख्यमंत्री ने ने हर प्रभावित परिवार तक रसद पहुंचाने के भी निर्देश दिए। कहा कि राशन किट वितरण मे कोई भी अनियमितता न हो। इसका विशेष ध्यान रखा जाए। डीएम को समय समय पर मीडिया को ब्रीफिंग करने को कहा ताकि भ्रामक और गलत खबरें न फैले।

इस दौरान एनटीपीसी के प्रोजेक्ट इन्चार्ज ने टनल के बारे मे पूरी जानकारी दी।

आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करने पहुंचे केंद्रीय ऊर्जा मंत्री


केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने आज जोशीमठ के रैणी क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने से आयी आपदा से रैणी एवं तपोवन क्षेत्र में हुए नुकसान का स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया।
आपदा ग्रस्त क्षेत्र से लौटते हुए जौलीग्रान्ट एयरपोर्ट पर मीडिया से अनौपचारिक वार्ता करते हुए केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने बताया कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में रेस्कयू वर्क आईटीबीपी, आर्मी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ एवं स्थानीय पुलिस द्वारा आपसी समन्वय के साथ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस आपदा में कार्यरत एक विद्युत परियोजना पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गयी है, जबकि तपोवन स्थित एनटीपीसी को भी काफी क्षति पंहुची है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में हुए नुकसान के कारणों की इसरो की इमेजेज के आधार पर एनटीपीसी, टीएचडीसी एवं एसजेवीएनएल के पदाधिकारी भी अध्ययन करेंगे, इनकी एक टीम पैदल भी क्षेत्र को भ्रमण के लिये जायेगी। उन्होंने कहा कि ऐसी आपदाओं की पूर्व जानकारी के लिये जिन हिल स्टेट में एनटीपीसी आदि के पावर प्रोजेक्ट हैं वहां पर प्रोजेक्ट के साथ ही स्थानीय लोगों के व्यापक हित में अर्लि वार्निग सिस्टम प्रणाली उपलब्ध करायी जायेगी। इससे पर्वतीय क्षेत्रों में भारी हिमपात के कारण उत्पन्न हिमस्खलन आदि की घटनाओं की पूर्व में जानकारी उपलब्ध हो सकेगी।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इतनी बड़ी इस त्रासदी में पानी एवं मलबे के तेज बहाव को रोकने में एनटीपीसी बैराज के मजबूत ढ़ांचे ने बड़ा काम किया अन्यथा पानी का यह आवेग राज्य के नीचे के क्षेत्रों में भारी तबाह का कारण बन सकता था। 2013 में जिस प्रकार पानी के बहाव को टिहरी बांध ने रोकने का कार्य किया उसी तरह इस बैराज ने भी पानी को रोकने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि इस दुर्घटना में काफी लोग मिसिंग है। जिनमें एनटीपीसी के 91 तथा निजी कम्पनी के 44 लोग भी शामिल है, जितने लोग मिसिंग है उनको तलाशने का कार्य तेजी में किया जा रहा है। अब तक 20 शव बरामद किये जा चुके है। क्षेत्र के गांवो के भी कुछ लोग लापता है जिनमें 2 पुलिस वाले भी शामिल है।

उन्होंने कहा कि मृतक आश्रितों को राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार द्वारा आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जा रही है जबकि एनटीपीसी के जो कार्मिक मिसिंग है जिनके जीवित होने की उम्मीद कम है, उनके परिवारों को ऊचाहार की दुर्घटना की भांति 20 लाख की आर्थिक सहायता दी जायेगी। उन्होंने कहा कि गांव के मिसिंग लोगों की कैसे बेहतर ढ़ंग से मदद की जाय इसकी भी योजना बनायी जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि प्रभावित गांव वालों को एनटीपीसी में यदि वे चाहेंगे तो उन्हें काम दिया जायेगा इसके अतिरिक्त सीएसआर के तहत भी पीडितों की मदद की जायेगी। उन्होंने कहा कि एनटीपीसी के टनलो को अभी लोडरो से डिसिल्ट किया जा रहा है, उसमें और तेजी लाये जाने के लिए 5 स्लडी पंपो की व्यवस्था की जा रही है।

इस अवसर पर सचिव ऊर्जा राधिका झा भी उपस्थित थी।