उत्तराखंड के पांच कलाकारों को विस अध्यक्ष ने किया सम्मानित

देश के नाम पेंटिंग में एक विश्व रिकॉर्ड बनाने वाले देवभूमि उत्तराखंड के 5 कलाकारों को उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने प्रशस्ति पत्र देकर एवं माल्यार्पण कर सम्मानित किया। अपने कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने सभी कलाकारों के उज्जवल भविष्य की कामना की।

अवगत करा दें कि हाल ही में इंटरनेशनल आर्ट एंड इमैजिनेशन फॉर्म और प्रिंटिंग डॉट कॉम के माध्यम से वर्चुअल आर्ट गैलरी का आयोजन किया गया। जिसमें उत्तराखंड के पांच कलाकरों जिनमें राजेश चंद्र, मानसी पोखरेल, अमरजीत सिंह राणा, सानिया बिष्ट और सागर राजभर ने प्रतिभाग कर वर्चुअल आर्ट गैलरी के माध्यम से अपने चित्रों को प्रदर्शित किया था। वर्चुअल आर्ट गैलरी के माध्यम से विश्व भर से 3000 कलाकारों ने कोरोना काल में रचनात्मकता का संदेश दिया था। इस कार्यक्रम को लंदन से वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड में विश्व का सबसे बड़ा ऑनलाइन क्रिएटिव इवेंट का खिताब मिला है। उत्तराखंड से प्रतिभाग करने वाले इन पांचों कलाकारों ने मिलकर भारतीय थीम को चित्रित कर अपने कलाकारी का लोहा विश्व में मनवाया।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने सभी 5 कलाकारों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इन सभी कलाकारों ने विश्व रिकॉर्ड हासिल करने में कार्यक्रम का सहयोग किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, समय-समय पर इस प्रकार के मंचों के माध्यम से उत्तराखंड के कलाकार अपनी प्रतिभा को निखार सकते हैं। कहा कि उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है कि विश्व रिकॉर्ड हासिल करने में उत्तराखंड के इन कलाकारों का सहयोग महत्वपूर्ण है।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि कोरोना काल के दौरान लॉकडाउन की स्थिति में जहां सभी लोग घर पर बैठे हुए थे वहां इन कलाकारों ने घर पर रहते हुए अपने रचनात्मक एवं कलात्मक प्रतिभा के दम पर कला गैलरी के माध्यम से कोरोना आपदा को एक अवसर में बदल दिया। उन्होंने अन्य युवा कलाकारों से इन से प्रेरणा लेने का आव्हान किया।

राजपथ पर केदारखंड झांकी ने बनाया देश में तीसरा स्थान

गणतंत्र दिवस पर विभिन्न राज्यों की झांकियों में उत्तराखण्ड की ’केदारखण्ड’ झांकी को तीसरे स्थान के लिये पुरस्कृत किया गया है। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रंगशाला शिविर में केंद्रीय राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने यह पुरस्कार प्रदान किया। उत्तराखण्ड के प्रतिनिधि और टीम लीडर केएस चैहान ने राज्य की ओर से पुरस्कार प्राप्त किया। राज्य गठन के बाद उत्तराखण्ड द्वारा अनेक बार प्रतिभाग किया गया परंतु यह पहला अवसर है जब उत्तराखण्ड की झांकी को पुरस्कार के लिए चुना गया है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में 2013 की आपदा के बाद केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण कर इसे पहले से भी अधिक भव्य रूप प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री ने झांकी को पुरस्कार के लिए चुने जाने पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए सचिव सूचना दिलीप जावलकर, सूचना महानिदेशक डॉ मेहरबान सिंह बिष्ट, टीम लीडर व उपनिदेशक सूचना केएस चैहान और झांकी बनाने वाले कलाकारों तथा झांकी में सम्मलित सभी कलाकारों को बधाई दी है।

गौरतलब है कि राजपथ, नई दिल्ली गणतंत्र दिवस समारोह में उत्तराखण्ड राज्य की ओर से “केदारखंड” की झांकी प्रदर्शित की गई थी।

उत्तराखण्ड सूचना विभाग के उपनिदेशक-झांकी के टीम लीडर केएस चैहान के नेतृत्व में 12 कलाकारों के दल ने भी झांकी में अपना प्रदर्शन किया। झांकी का थीम सांग “जय जय केदारा” था।

गणतंत्र दिवस परेड-2021 समारोह में उत्तराखण्ड राज्य की झांकी में सम्मिलित होने वाले कलाकारों में झांकी निर्माता सविना जेटली, मोहन चन्द्र पाण्डेय, विशाल कुमार, दीपक सिंह, देवेश पन्त, वरूण कुमार, अजय कुमार, रेनू, नीरू बोरा, दिव्या, नीलम और अंकिता नेगी शामिल थे।

पीएम भारतीय जन औषधि केंद्र को धरातल पर लाया जाएः पीएम मोदी

मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रगति पोर्टल के अंतर्गत प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र एवं अमृतसर कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के संबंध में राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ बैठक में प्रतिभाग किया।

मुख्य सचिव ने बताया कि 65 प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र राज्य में संचालित हो रहे हैं। सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों को लगातार जेनेरिक दवाओं की सलाह देने हेतु निर्देशित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों, आईईसी अधिकारियों एवं डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर को जेनेरिक दवाओं के प्रति जागरूकता हेतु भी लगातार निर्देशित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा सभी सरकारी अस्पतालों के माध्यम से मरीजों को निशुल्क दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के सम्बन्ध में मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने बताया कि इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर हेतु खुरपिया, उधमसिंह नगर में 1002.15 एकड़ भूमि चिन्हित कर ली गई है। एन्वायरमेंट क्लियरेंस का कार्य जारी है।

दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर केदारखंड झांकी का तालियों से हुआ स्वागत

राजपथ, नई दिल्ली गणतंत्र दिवस समारोह में उत्तराखण्ड राज्य की ओर से “केदारखंड” की झांकी प्रदर्शित की गई।

72वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजपथ, नई दिल्ली में उत्तराखण्ड राज्य की ओर से “केदारखंड” की झांकी प्रदर्शित की गई। राजपथ पर जब उत्तराखण्ड राज्य की झांकी निकली तो तालियों की गड़गडाहट से लोगों ने स्वागत किया। उत्तराखण्ड सूचना विभाग के उपनिदेशक व झांकी के टीम लीडर के.एस.चैहान के नेतृत्व में 12 कलाकारों के दल ने भी झांकी में अपना प्रदर्शन किया। झांकी का थीम सांग “जय जय केदारा” है।

उत्तराखण्ड राज्य की झांकी के अग्रभाग में उत्तराखण्ड का राज्य पशु ‘कस्तूरी मृग‘ दर्शाया गया है जो कि उत्तराखण्ड के वनाच्छादित हिम शिखरों में 3600 से 4400 मीटर की ऊंचाई पर पाया जाता है। इसी प्रकार से उत्तराखण्ड का राज्य पक्षी ‘मोनाल’ एवं राज्य पुष्प ‘ब्रह्मकमल’ दिखाया गया है जो केदारखण्ड के साथ-साथ उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पाया जाता है। झांकी के मध्य भाग में भगवान शिव के वाहन नंदी को दर्शाया गया है तथा साथ में केदारनाथ धाम में यात्रियों को यात्रा करते हुए तथा श्रद्वालु को भक्ति में लीन दर्शाया गया है। झांकी के पृष्ठ भाग में बारह ज्योर्तिलिंगों में से एक बाबा केदार का भव्य मंदिर दर्शाया गया है जिसका जीर्णोद्धार आदिगुरू शंकराचार्य ने कराया था तथा मंदिर परिसर में श्रद्वालुओं को दर्शाया गया है साथ ही मंदिर को ठीक पीछे विशालकाय दिव्य शिला को दर्शाया गया है। इसी दिव्य शिला की वजह से वर्ष 2013 की आपदा में केदारनाथ मंदिर सुरक्षित रहा था।

महाकुंभ को लेकर केंद्र सरकार ने जारी की गाइडलाइन, अधिक पढ़ें…

केंद्र सरकार ने महाकुंभ को लेकर अपनी गाइडलाइंस जारी की है। केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि मेले में ऐसे हेल्थ केयर वर्कर को ही ड्यूटी पर तैनात करें, जिन्हें वैक्सीन दे दी गई हो। साथ ही कुंभ मेले में ड्यूटी करने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों को वैक्सीन लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं

करवाना होगा रजिस्ट्रेशन
केंद्र सरकार की तरफ से जारी गाइडलाइन के मुताबिक महाकुंभ में आने वाले सभी भक्तों और श्रद्धालुओं को अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। इसके साथ ही कोरोना नेगेटिव मेडिकल सर्टिफिकेट लाना भी जरूरी होगा। गाइडलाइन में गर्भवती महिलाओं, 65 साल से अधिक उम्र के लोगों, 10 साल से कम उम्र के बच्चे और गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों को महाकुंभ में नहीं आने के लिए प्रेरित करने की बात कही गई है। गौरतलब है कि, धर्मनगरी हरिद्वार को महाकुंभ के लिए खूब सजाया और संवारा जा रहा है। जगह-जगह दीवारों पर पेंटिंग्स की जा रही हैं, सड़कों का निर्माण हो रहा है। संत-महात्माओं के लिए टेंटों की व्यवस्था की जा रही है और अब ये भी माना जा रहा है कि 27 फरवरी से कुंभ की शुरुआत हो जाएगी. ऐसे में प्रशासन के पास महीने भर का वक्त बचा है और कई काम अधूरे भी पड़े हैं।

देवडोलियों के आयोजन को लेकर हुई बैठक

श्री देवभूमि लोक संस्कृति विरासतीय शोभायात्रा समिति द्वारा कुंभ महापर्व 2021 में देव डोलियों के दिव्य,भव्य एवं सुरक्षित स्नान व शोभायात्रा के आयोजन को लेकर बैठक हुई। इस दौरान देवी देवताओं के आमंत्रण को लेकर दायित्व बांटे गए।

भरत मंदिर, झण्डा चैक में आयोजित बैठक की शुरूआत स्वस्ति वचन से हुई। महिलाओं द्वारा पारंपरिक वेशभूषा में मङ्गल गीत प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए समिति के परमाध्यक्ष व पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहन सिंह रावत गॉंववासी ने कहा कि यह कार्यक्रम हमारी आस्था एवं विश्वास का प्रतीक है। जो हमारी सांस्कृतिक विरास्त एवं लोकपरम्परा को संरक्षित रखें हुए है। उन्होंने कहा कि इस पुनीत कार्यक्रम को हमने दिव्य एवं अविस्मरणीय बनाना है। उपाध्यक्ष बंशीधर पोखरियाल ने सभी प्रतिनिधियों को उनके दायित्व की जानकारी दी।

संजय शास्त्री, दीप शर्मा (पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष) ने कहा कि योगनागरी ऋषिकेश व धर्मनगरी हरिद्वार में होने वाले महा उत्सव को से ऐतिहासिक बनाया जायेगा। कार्यक्रम का संचालन प्रवक्ता डॉ. धीरेंद्र रांगड़ ने किया।

बैठक में सभी ने तय किया कि कोविड-19 को देखते हुए मास्क, सैनिटाइजर की व्यवस्था के साथ ही सामाजिक दूरी के नियमों का पालन किया जायेगा। वहीं, विभिन्न क्षेत्रों से पधारे प्रतिनिधियों को दायित्व सौपते हुए देवी देवताओं के आमंत्रण हेतु गजेन्द्र सिंह कंडियाल, भगवान सिंह रांगड़ एवं द्वारिका प्रसाद भट्ट के नेतृत्व में तीन टीमों का गठन किया गया। जो टिहरी, उत्तरकाशी, प्रतापनगर, पौड़ी, चकरोता, रुद्रप्रयाग, चमोली, कोटद्वार, नैनीताल, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा आदि के देवस्थानों पर जाकर संपर्क करेगी। मांगलिक गीत की सुंदर प्रस्तुति दर्शनी भंडारी,शशि कण्डारी, सुरेश उनियाल एवं मीना मंदवाण ने दी।

श्रीभरत मंदिर के महंत वत्सल महाराज व हर्षवर्धन शर्मा ने 24 अप्रैल को आगन्तुक देवडोली का श्री भरत मन्दिर परिवार द्वारा मंदिर प्रंगङ्ग में सम्मान व स्वागत की सहमति प्रदान की।
बैठक नागेन्द्र गिरी महाराज, कुँवर ठाकुर भवानी प्रताप, पूर्व राज्यमंत्री उषा रावत, आशाराम व्यास, रंगकर्मी बलदेव राणा, हर्षमणी व्यास, लक्ष्मी प्रकाश सेमवाल,पुष्पा ध्यानी, विजयपाल रांगड़, सुनील कोठियाल, आशीष कुकरेती आदि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में सरोज डिमरी, विमला रावत, बी सी पंत, लक्ष्मी प्रसाद सेमवाल, उषा भंडारी,सूरत सिंह रौतेला, रमेश पैन्यूली, सुरेंद्र भंडारी, निर्मला शर्मा, विनय उनियाल,विशाल मणि पैन्यूली, विजय प्रसाद मैठानी, यतेंद्र कंडियाल आदि उपस्थित थे।

धनवीर सिंह भंडारी का मिली व्हीलचेयर क्रिकेट में उपकप्तान की कमान

टिहरी जनपद के धनवीर सिंह भंडारी महाराष्ट्र में होने वाले व्हीलचेयर क्रिकेट टीम के त्रिकोणीय सीरीज में उत्तराखंड वॉरियर्स व्हीलचेयर क्रिकेट टीम के उप कप्तान होंगे।

यह सीरीज DCCBI(Divyang cricket control board of India) द्वारा 3 दिसंबर को दिव्यांग दिवस के अवसर पर आयोजित की जानी थी परंतु कोविड-19 के चलते यह सीरीज अब 26 से 28 जनवरी के बीच महाराष्ट्र में उत्तराखंड, महाराष्ट्र और तमिलनाडु के बीच खेली जाएगी। इस सिरीज के लिए उत्तराखंड की टीम काफी उत्साहित है क्योंकि उन्हें पूरे एक वर्ष से अधिक समय के बाद कोई भी सीरीज खेलने का मौका मिल रहा है इससे पहले उन्होंने अक्टूबर 2019 में अपना अंतिम मैच ग्वालियर के रूप सिंह स्टेडियम में दिल्ली के खिलाफ खेला था जिसमें की उत्तराखंड की टीम विजय रही थी।

वह अपने इस विजय अभियान को आगे भी बढ़ाना चाहेगी इसी लिए वह 23 जनवरी से अपने 15 सदस्यों वाली टीम के साथ अपना सफर शुरू करेगी। इन 15 सदस्यों वाली टीम में ऋषिकेश से 2 खिलाड़ियों का चयन हुआ है यह दोनों खिलाड़ि अलग-अलग सड़क हादसों के कारण दिव्यांग हो गए थे इनमें से धनवीर सिंह भंडारी जो कि इस टीम के वाइस कैप्टन हैं उनका 2009 में एक सड़क हादसे के कारण स्पाइनल कॉर्ड इंजरी हो गई थी और वही दूसरे खिलाड़ी हैं मनु सिंह वह भी 2016 में एक सड़क हादसे के कारण अपना एक पैर गवा चुके हैं जो कि वर्तमान में उत्तराखंड व्हीलचेयर क्रिकेट की टीम के साथ रुद्रपुर मैं एक जुट होकर तैयारी कर रहे हैं।

देवडोली कार्यक्रम को लेकर पर्यटन मंत्री से मिला देवभूमि शोभायात्रा समिति का दल

कुम्भ महापर्व 2021 में देवडोली शोभायात्रा की व्यवस्था हेतु मोहन सिंह रावत गॉंववासी के नेतृत्व में देवभूमि लोक संस्कृति विरासतिय शोभायात्रा समिति का एक प्रतिनिधि मंडल ने संस्कृति एवं पर्यटन सतपाल महाराज से भेंट की। बैठक में पर्यटन सचिव दलीप जावलकर, संस्कृति विभाग से महानिदेशक आनंद स्वरूप, निदेशक वीना भट्ट उपस्थित थे।

मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि देवडोली के कार्यक्रम में कोरोना नियमों तथा सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करते हुये कार्यक्रम को ऐतिहासिक व अविस्मरणीय बनाया जायेगा।
प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि कुम्भ महापर्व में उत्तराखंड सहित भारत के सुदूर क्षेत्रो हिमाचल, असम, मुम्बई आदि स्थानों से देवडोलियाँ स्नानार्थ हरिद्वार पधारती हैं, जिसकी व्यवस्था शासन-प्रशासन द्वारा के जाती रही है।

कार्यक्रमानुसार 2021 के कुम्भ महापर्व में 24 अप्रैल को देवडोलियाँ पूर्वाह्न 11 बजे तक ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर एकत्र होकर 2 बजे अपराह्न नगर का भव्य परिभ्रमण करने के पश्चात रात्रि विश्राम हेतु हरिद्वार पहुंचेगी। 25 अप्रैल को हर की पैड़ी तक समस्त डोलियां समूह में दक्ष प्रजापति कनखल से शोभायात्रा के साथ ब्रह्मकुंड में स्नानोपरांत पंतदीप में पंडाल में एकत्र होकर श्रद्धलुओं, सन्त-महात्माओं व शासन द्वारा देवी-देवताओं का पूजन-अर्चना किया जायेगा। तदुपरान्त वे अपने गंतव्य दिशा में प्रस्थान करेगे।

समिति ने जानकारी दी कि उक्त कार्यक्रम में 100 से 150 देव डोलियां, ध्वज तथा उनके साथ पर्वतीय क्षेत्र के पारंपरिक वाद्य यंत्र, ढोल, दमाऊ, रणसिंहा आदि रहेंगे जिनके संख्या 5000 के लगभग होगी।

सामिति ने उक्त कार्यकम हेतु प्रशासनिक एवं अन्य व्यवस्थाये के अपेक्षा शासन से की। जिसमे ऋषिकेश में उचित स्थान पर पांडालादि के सम्पूर्ण व्यवस्थायें जिसमे एक सभा व प्रवचन हाल, चार कक्ष, भोजनालय, जल व शौचालय आदि की व्यवस्था।

हरिद्वार में 24 अप्रैल को 500 व्यक्तियों की भोजन व आवास आदि की व्यवस्था। 24 अप्रैल को ऋषिकेश व 25 अप्रैल को हरिद्वार में शोभायात्रा की सुरक्षा पंतदीप में देवडोली की पूजन सम्मानदि के पश्चात प्रसाद वितरण । पूर्व वर्षों की भांति उत्तराखंड संस्कृति विभाग की और से स्मृति चिन्ह भेंट। तथा पर्यटन विभाग द्वारा 13 जिलों में देवडोलियों के स्वागत के होल्डिंग व बैनर लगवाये जाए।

प्रतिनिधि मंडल में डॉ. धीरेन्द्र रांगड़, गजेंद्र सिंह कंडियाल, ज्योति सजवाण, आशाराम व्यास, शिवप्रसाद चमोली, हर्षमणी व्यास, यतेंद्र कंडियाल आदि थे।

लोकपरंपरा व संस्कृति के रंगों से सराबोर हुई कुंभनगरी

हरिद्वारः कुंभ 2021 के लिए तैयार हो रही धर्म नगरी इस बार लोक परंपराओं व संस्कृति के रंगों से सराबोर हो उठी है। यहां दीवारों पर उकेरा गया धार्मिक आस्था, लोक परंपराओं व पौराणिक सांस्कृति का वैभव भी श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करेगा। सरकार की ओर से धर्मनगरी को सजाने-संवारने के साथ ही स्वच्छ बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि “राज्य सरकार दिव्य और भव्य कुम्भ के लिए प्रतिबद्ध है। प्रयास किए जा रहे हैं कि कुंभ में यहां आने वाले करोड़ों श्रद्धालु उत्तराखण्ड की लोक व सांस्कृतिक विरासत से भी रूबरू हों।“

प्रदेश में देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण व संवर्धन के लिए सरकार गम्भीरता से प्रयास कर रही है। हरिद्वार कुंभ-2021 को भी इसके लिए मुफीद मौका माना जा रहा है। इसके लिए चित्रकला को जरिया बनाया गया है। कुंभ क्षेत्र में सरकारी भवनों समेत पुल, घाट आदि की दीवारों को धार्मिक मान्यताओं के पौराणिक चित्रों व संस्कृति के रंग बिखेरते चित्रों से सजाया गया है। इसके पीछे भी मंशा यही है कि देश और दुनिया से आए श्रद्धालुओं के मन में आस्था भाव का तो जागृत हो ही वह यहां की परंपरा, संस्कृति और पौराणिक विरासत से भी रूबरू हो सकें। हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण के ‘पेंट माई सिटी’ कैम्पेन से धर्म नगरी की फिजा ही बदल दी गई है। यहां दीवारों व खाली स्थानों पर देवभूमि की परंपराओं और संस्कृति के बखरे पड़ें रंग देखने लायक है। कहीं देवी-देवताओं, धार्मिक परम्पराओं के तो कहीं लोक संस्कृति के चित्र सजीवता लिए हुए हैं। कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि कुंभ मेला क्षेत्र को चित्रकला से सजाने में विभिन्न संस्थाओं का सहयोग रहा है। सरकार की मंशा के अनुरूप मेक माय सिटी कैंपेन से धर्म नगरी में परंपराओं और संस्कृति के रंग भी देखने को मिलेंगे। कुंभ तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। इस बार का कुंभ दिव्य और भव्य होगा।

पीएम मोदी ने आज विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान का किया शुभारंभः त्रिवेंद्र सिंह रावत

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से कोविड-19 टीकाकरण अभियान का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने दून अस्पताल के नवीन ओपीडी में इस कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। दून अस्पताल में चिकित्सकों और हेल्थवर्करों के टीकाकरण से राज्य के सभी 13 जिलों में कोविड-19 के टीकाकरण का शुभारम्भ किया गया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आज विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान का शुभारम्भ किया गया है। राज्य को पहले चरण में एक लाख 13 हजार वैक्सीन उपलब्ध हुई है। 50 हजार स्वास्थ कर्मियों के टीकाकरण से इसकी शुरूआत की जा रही है। इसके बाद फ्रंट लाईन वर्कर, 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों एवं को-मॉर्बिड का वैक्सीनेशन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों ने विषम परिस्थितियों में कार्य करते हुए कोरोना महामारी को काफी हद तक नियंत्रित किया। अपनी जान की परवाह किये बगैर उन्होंने जन सेवा की। दून मेडिकल कॉलेज द्वारा मृत्युदर कम करने के लिए सराहनीय प्रयास किये गये।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि चरणबद्ध तरीके से सभी लोगों का कोविड टीकाकरण किया जायेगा। उन्होंने जनता से अपील की कि टीकाकरण के लिए भ्रामक प्रचार और अफवाहों से बचें। कोविड से बचाव के लिए टीकाकरण के बाद भी पूरी सतर्कता बरती जाय, क्योंकि 28वें दिन में दूसरा टीका लगने के बाद 02 सप्ताह एण्टी बॉडी विकसित होने में लगते हैं। तब तक बहुत सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले के दृष्टिगत 20 हजार अतिरिक्त वैक्सीन के लिए केन्द्र सरकार से अनुरोध किया गया है।

इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजानदास, स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी, प्रभारी सचिव डॉ. पंकज पाण्डेय, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. अमिता उप्रेती आदि उपस्थित थे।