मुनीकीरेती पालिका आजादी के अमृत महोत्सव के तहत जागरुक कार्यक्रमों का कर रही आयोजन

नगर पालिका परिषद मुनीकीरेती-ढालवाला ने आजादी का अमृत महोत्सव के तहत आज नगर क्षेत्र में आस्था पथ एवं इंदिरा प्रियदर्शनी पार्क जानकी सेतु के समीप पर वृक्षारोपण कार्यक्रम चलाया। इस दौरान गंगा स्वच्छता एवं स्वच्छता अभियान हेतु शपथ पत्र हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। कार्यक्रम में सार्वजनिक शौचालय जन भागीदारी अभियान के तहत क्यू आर कोड के माध्यम से फीडबैक दिए जाने हेतु जनभागीदारी अभियान एवं जन जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस दौरान पालिका अध्यक्ष रोशन रतूड़ी, अधिशासी अधिकारी बद्री प्रसाद भट्ट, सभासद सुभाष चौहान, वीरेंद्र सिंह चौहान, विनोद सकलानी, हिकमत नेगी, कौशल चौहान, रोहित, पालिका से भूपेंद्र कुमार, दीपक कुमार, सत्येंद्र मनोज, जे.बी.बी.टेक्नोक्रेटे से आनंद, प्रमोद, दिनकर, अनुज, जतिन एवं सफाई नायक तथा पर्यावरण मित्र आदि शामिल रहे।

आध्यात्म, पर्यटन और वेलनेस को लेकर सीएम की आध्यात्मिक गुरु सदगुरु से चर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता दर्शन हॉल में आध्यात्मिक गुरु सदगुरु के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सदगुरु से जीवन दर्शन से जुड़े विषयों के साथ ही आध्यात्म, पर्यटन और वेलनेस आदि के क्षेत्र में उत्तराखंड को अग्रणी राज्य बनाने की चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड दुनिया का खूबसूरत प्रदेश है जहां पहाड़, हिमाच्छादित चोटियां, नदियां, वन संपदा की भरमार है, हमारा प्रयास पर्यटन और आध्यात्म के क्षेत्र में उत्तराखण्ड को शिखर पर ले जाने का है। उत्तराखण्ड दुनिया की आध्यात्मिक राजधानी बने इसके लिये भी हम प्रयासरत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में हर व्यक्ति अलग-अलग ज़िम्मेदारी के साथ काम करता है और समय समय पर व्यक्ति की ज़िम्मेदारी भी बदलती हैं। हमें जो जिम्मेदारी मिली है उसे पूरे मनोयोग तथा प्राण प्रण से निभाना है। अन्त्योदय के साथ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सुविधाओं का हमें लाभ पहुंचाना है। हमारे लिये नर सेवा नारायण सेवा है। सभी जरूरतमंदों की मदद करना ही हमारे लिये आध्यात्मिकता है।
संवाद कार्यक्रम के दौरान सद्गुरु ने कहा कि उत्तराखंड तमाम प्राकृतिक संपदाओं से भरपूर राज्य है। इस राज्य में एशिया का सबसे बेहतर सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और पर्यटन राज्य बनने की क्षमता है। एशिया का स्विट्जरलैंड भी यह बन सकता है। स्वदेशी तौर-तरीकों को विकसित कर इसे आगे बढ़ाने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में आने वाले हर व्यक्ति को यहाँ की प्रकृति और पहाड़ों की जीवटता को महसूस करना चाहिए। हिमालय विभिन्न संस्कृतियों का जनक रह है। सद्गुरु ने कहा कि यहां की संस्कृति अपने आप में श्रेष्ठ है इसकी तुलना देश दुनिया में किसी से नहीं की जा सकती है। उन्होंने इस अवसर पर प्रश्नोत्तर के माध्यम से आध्यात्मिक व जीवन दर्शन से सम्बन्धित अनेक प्रश्नों के भी उत्तर दिये।
सद्गुरु ने वर्तमान में विश्वव्यापी चुनौती कोविड-19 संक्रमण को लेकर भी चर्चा करते हुए कहा कि कोविड-19 की रोकथाम के लिए हम सबको जिम्मेदारी पूर्ण व्यवहार करना होगा। अगर हम सब जिम्मेदारी पूर्ण व्यवहार नहीं करेंगे तो सरकार अपने स्तर पर कुछ नहीं कर पाएगी। समस्याओं के समाधान में आम जनता का भी सहयोगी बनना होगा।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, कुंवर प्रणव सिंह चैम्पियन, शासन प्रशासन के उच्चाधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे।

त्रिवेणीघाट में गंगा आरती कर अविभूत हुई महिला मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी

भाजपा महिला मोर्चा की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक रविवार को देहरादून में प्रारंभ हुई। वहीं महिला मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी एवं विभिन्न प्रदेशों से पहुँचे प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने त्रिवेणी घाट पर सायंकालीन गंगा आरती में प्रतिभाग किया एवं देश के विकास व सुख समृद्धि के लिए माँ गंगा से प्रार्थना की। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को गंगाजली भेंट की साथ ही अन्य महिला पदाधिकारियों को रुद्राक्ष की माला एवं पट्टा भेंट कर स्वागत किया।
त्रिवेणी घाट पर 200 से अधिक महिला मोर्चा के पदाधिकारियों के पहुंचने पर ऋषिकेश की महिला कार्यकर्ताओं द्वारा उत्तराखंड के पारंपरिक वेशभूषा में विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ स्वागत किया गया। साथ ही पुष्प वर्षा कर सभी अतिथियों का अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने भाजपा महिला मोर्चा की कार्य समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष वानती श्रीनिवासन सहित अन्य पदाधिकारियों, महिला सांसदो का माल्यार्पण कर स्वागत किया। इस मौक़े पर कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा महिलाओं का सम्मान करने वाला संगठन है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण एवं उत्थान के लिए कई विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही है जिनका लाभ देश भर की महिलाओं को प्राप्त हो रहा है। अग्रवाल ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के निर्माण में महिलाओं की भूमिका अग्रणी रही है एवं देव भूमि उत्तराखंड में महिलाओं का सम्मान सर्वाेपरि माना गया है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि संगठन को मजबूत करने में महिलाओं का विशेष योगदान है।
इस अवसर पर प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम, महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष वानती श्रीनिवासन, महिला मोर्चा की राष्ट्रीय महामंत्री दीप्ति रावत, उत्तराखंड महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रितु खंडूरी भूषण, नगर निगम मेयर अनीता मंमगाई, प्रदेश महामंत्री राजेंद्र भंडारी, रेखा गुप्ता, प्रदेश उपाध्यक्ष अनुराधा वालिया, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती, वीरभद्र मंडल अध्यक्ष अरविंद चौधरी, ज़िला महामंत्री सुदेश कंडवाल, पार्षद शिव कुमार गौतम, सुंदरी कंडवाल, रजनी बिष्ट, उषा जोशी, रीना शर्मा, कविता साह, अनीता तिवारी, सुमित पवार सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

अगर आप ने रजिस्ट्रेशन कराया है तो समय से पहले भी कर सकेंगे दर्शन

केदारनाथ-बदरीनाथ सहित चारधाम यात्रा के लिए पंजीकृत यात्री अब यात्रा के लिए तय किए गए दिन से पूर्व भी दर्शन कर सकेंगे। एक दिन में तय संख्या से कम यात्रियों के चारधाम पहुंचने के बाद यह निर्णय लिया गया है। हाईकोर्ट ने बदरीनाथ में 1000, केदारनाथ में 800, गंगोत्री में 600 और यमुनोत्री में 400 तीर्थयात्रियों को दर्शन की इजाजत दी है। लेकिन देवस्थानम बोर्ड से ई-पास लेने वाले सभी यात्री दर्शन को नहीं पहुंच रहे हैं।
इसलिए अब सरकार ने नियमों में बदलाव किया है। सचिव धर्मस्व एवं तीर्थाटन हरिचंद्र सेमवाल की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि यदि किसी धाम में एक दिन के लिए तय सीमा में श्रद्धालु नहीं पहुंचते तो ऐसे तीर्थ यात्रियों को दर्शन का मौका दिया जाएगा जिन्होंने आगे के लिए पंजीकरण कराया है। हालांकि एक दिन में धाम में दर्शन करने वालों की सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस संदर्भ में गढ़वाल आयुक्त व सीईओ देवस्थानम बोर्ड रविनाथ रमन ने चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी के डीएम और एसपी को कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं।

यहां पंजीकरण जरूरी है
चारधाम यात्रा को उत्तराखंड से बाहर के श्रृद्धालुओं को देहरादून स्मार्ट सिटी पोर्टल http://smartcitydehradun.uk.gov.in में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। ई पास को देवस्थानम बोर्ड की वेबसाइट www.devasthanam.uk.gov.in या http:// badrinah- Kedarnath.uk.gov.in पर भी रजिस्ट्रेशन किया सकता है। प्रत्येक श्रद्धालु को कोविड नेगेटिव रिपोर्ट अथवा वैक्सीन की डबल डोज लगी होने का सर्टिफिकेट जमा करना है। उत्तराखंड प्रदेश के लोगों को स्मार्ट सिटी पोर्टल में पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है।

बदरी-केदार धाम में पुनर्निर्माण कार्यों का खुल्बे ने लिया जायजा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सलाहकार भास्कर खुल्बे आज अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत प्रातः 8.45 बजे श्री केदारनाथ धाम दर्शन को पहुंचे। हेलीपैड पर पहुंचने पर केदारनाथ धाम के तीर्थ पुरोहितों, उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड, जिला पुलिस-प्रशासन ने उनकी अगवानी एवं स्वागत किया। उनके साथ प्रधानमंत्री कार्यालय में उप सचिव मंगलेश घिल्डियाल भी श्री केदारनाथ पहुंचे।
हेलीपैड से वह मंदिर हेतु रवाना हुए उनकी ओर से केदारनाथ धाम के पुजारी बागेश लिंग ने भगवान केदारनाथ जी का रूद्राभिषेक पाठ किया तथा देश के खुशहाली की कामना की।
इसके बाद उन्होंने केदारनाथ धाम में निर्माण कार्यों का अवलोकन भी किया तथा पुनर्निर्माण कार्यों हेतु प्रदेश सरकार की सराहना भी की। इस अवसर पर सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर, जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग मनुज गोयल, केदार सभा से उमेश‌पोस्ती, देवस्थानम बोर्ड के मंदिर प्रशासनिक अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, अरविंद शुक्ला, प्रदीप सेमवाल आदि मौजूद रहे।
इसके पश्चात करीब सवा 11 बजे श्री बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हो गये। जोशीमठ से वह सड़क मार्ग से श्री बदरीनाथ धाम पहुंचे। श्री बदरीनाथ धाम पहुंच कर भाष्कर खुल्बे ने जिला प्रशासन एवं यात्रा मजिस्ट्रेट उपजिलाधिकारी कुमकुम जोशी से मास्टर प्लान के कार्यों की समीक्षा की जानकारी ली और देश के सीमांत पर्यटन ग्राम माणा का भी भ्रमण किया। भगवान बदरीविशाल क्षेत्रपाल श्री घंटाकर्ण जी महाराज मंदिर, श्री गणेश गुफा, श्री ब्यास गुफा मंदिर, श्री सरस्वती नदी भीम पुल पहुंचकर दर्शन किये।

मिश्रा के नेतृत्व में राज्यपाल से मिला प्रतिनिधिमंडल

नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमण्डल के अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमण्डल ने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सरदार गुरमीत सिंह से देहरादून स्थित राजभवन में मुलाकात की और उन्हें तीर्थ नगरी ऋषिकेश आने का निमंत्रण भी दिया।
इस दौरान ललित मोहन मिश्रा ने बताया कि सरल स्वभाव के धनी राज्यपाल से उत्तराखण्ड में व्यापार को बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई तथा व्यापार मण्डल द्वारा कोविड काल में किए गए कार्याे से भी गवर्नर को अवगत कराया।
ललित मोहन मिश्र ने बताया कि गवर्नर की उत्तराखण्ड के विकास व व्यापार को आगे लें जाने की विकासपरक सोच व दूरदर्शिता उत्तराखण्ड के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
इस अवसर पर अभिषेक शर्मा, लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन के अध्यक्ष ला. जगमीत सिंह, सुयोग्य मिश्र आदि उपस्थित रहे।

39वां अंतरराष्ट्रीय गायन प्रतियोगिता सुर तरंग का आयोजन

संगम कला ग्रुप के तत्वावधान में एलआईसी के सहयोग से 39वां अंतरराष्ट्रीय गायन प्रतियोगिता सुर तरंग का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में बॉलीवुड के प्रसिद्ध संगीतकार हंसराज हंस, विशिष्ट अतिथि मेट्रो टायर्स के एमडी रम्मी छाबरा तथा सेलिब्रिटी अतिथि के रूप में लोकप्रिय गायक सोनू निगम व पंकज उधास ने शिरकत की।
इस अवसर पर ग्रुप के ग्लोबल अध्यक्ष बीएसके सूद बताया कि संगम कला ग्रुप प्रतिवर्ष सिंगिंग टैलेंट हंट प्रतियोगिता का आयोजन करता है। इस वर्ष भी देश विदेश से सैकड़ों प्रतिभागियों ने कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। किन्तु कोरोना के चलते संपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन फेसबुक पर ऑनलाइन किया गया, जिसमें 17 सितंबर को ऑनलाइन ऑडिशन प्रक्रिया प्रारंभ हुई तथा तीन श्रेणियों जूनियर, सब जूनियर व सीनियर वर्ग में प्रतिभाग कर प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
ग्रैंड फिनाले के विजेता श्रेया आर, शिवांग, मोक्ष गुलाटी, समृद्धि तिवारी, अथिरा गोपाकुमार तथा गायत्री राजीव को आमंत्रित अतिथियों व संगम कला ग्रुप यूनिट में बधाई दी।
इस अवसर पर पंकज उधास ने कहा कि आज मैं कहना चाहूंगा कि आज मैं इस संगठन की वजह से आपके सामने हूं। सोनू निगम ने कहा जो कोई भी संगीत का पालन करता है उसे हम एक परिवार के रूप में मानते हैं चाहे वह छोटा हो बड़ा हो बहुत प्रसिद्ध हो या कम हम सब एक ही परिवार के हैं।
सेलिब्रिटी अतिथि सोनू निगम, पंकज उधास, पीनाज़ मसानी, यूवी सिंह, पामेला जैन, रुपाली जग्गा, पं. रविंद्र मिश्रा को संगम ग्लोबल नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में नंदा मेनन, डॉ. धीरेंद्र रांगड़, रुद्राक्ष कुलश्रेष्ठ, सुनील राजोरिया, निखिल कपूर आदि उपस्थित थे। संगम कला ग्रुप के जाने-माने एंकर प्रियंका अरोड़ा और रिचा भाटिया ने अपने कुशल संचालन से कार्यक्रम में चार चांद लगाये।

चारधाम यात्रा, 42 हजार तीर्थ यात्रियों ने किया रजिस्ट्रेशन

उत्तराखंड में चार धाम शुरु हो गई है। यात्रा प्रारम्भ होने से प्रदेश में चार धाम से जुड़े व्यवसायों की उम्मीद बढ़ गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विशेष प्रयासों से चार धाम यात्रा शुरू होने से कोविड-19 की दूसरी लहर के बाद बंद पड़े कारोबार को संजीवनी मिलेगी। चार धामों में अब तक लगभग साढ़े पांच हजार लोग दर्शन कर चुके हैं जबकि अब तक 42 हजार से अधिक लोगों को ई-पास जारी किये जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की संवेदनशीलता का ही परिणाम है कि कोविड संक्रमण के चलते आर्थिक मंदी से जूझ रहे चारधाम यात्रा और पर्यटन से जुड़े कारोबारियों के लिए राज्य सरकार ने 200 करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज जारी कर संजीवनी देने का काम किया। जिसकी बदौलत चारों धाम के होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी संचालक आदि के साथ ही पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए एकमुश्त सहायता राशि सरकार द्वारा उपलब्ध करायी गई है। पर्यटन विभाग की ओर से अब तक लगभग 15 हजार लोगों को 7 करोड़ की धनराशि वितरित की जा चुकी है। यह धनराशि लाभार्थियों के खाते में सीधे जमा कराये जा रही है। मुख्यमंत्री इस बात का साफ संकेत दे चुके हैं कि यात्रा से जुड़े व्यवसाइयों, तीर्थ पुरोहितों की परेशानियों को दूर करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। जिसका असर धरातल पर दिखने लगा है।

तीर्थ पुरोहितों का आंदोलन हुआ स्थगित
मुख्यमंत्री ने देवस्थानम बोर्ड को लेकर तीर्थ पुरोहितों के मन में उठ रहे संशय को दूर करते हुए यह स्पष्ट किया कि चारधाम से जुड़े लोगों के हक-हकूक को किसी भी प्रकार से प्रभावित नहीं होने दिया जायेगा। देवस्थानम बोर्ड के तहत बनाई गई उच्च स्तरीय समिति द्वारा चारधाम से जुड़े तीर्थ पुरोहित की बात सुनकर सरकार के समक्ष अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। कमेटी में चारों धामों से दो-दो तीर्थ पुरोहितों को भी शामिल किया जायेगा। मुख्यमंत्री की कार्यपद्धति से प्रभावित होकर तीर्थ पुरोहितों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया।

समाज की निस्वार्थ सेवा है सिख समाज की पहचान-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को देर सायं रायपुर स्थित प्रसिद्ध गुरुद्वारे नानक सर में मत्था टेककर गुरु का आशीर्वाद लिया तथा प्रदेश की खुशहाली की कामना की। गुरुद्वारे पहुंचने पर मुख्य सेवादार सरदार सतनाम सिंह व राकेश चुंग ने संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री को शॉल भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख समाज हमेशा से अपनी निस्वार्थ सेवा के लिए जाना जाता है। सिख समाज के गुरुओं ने जिस प्रकार धर्म की रक्षा के लिए अपने व अपने परिवारों का बलिदान दिया उसे भुलाया नहीं जा सकता।
मुख्यमंत्री ने कहा की राज्य सरकार सिख समाज के सहयोग के लिये निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा की गुरुद्वारों में सेवा करने का अवसर मिलने से वे स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। आशीर्वाद लेने के पश्चात मुख्यमंत्री ने संगत के साथ बैठकर लंगर भी ग्रहण किया।
मुख्यमंत्री के साथ विधायक रायपुर उमेश शर्मा काऊ, भाजपा नेता बलजीत सोनी, नानकसर के मुख्य सेवादार सरदार सतनाम सिंह, गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष गुरबक्श सिंह, रेसकोर्स गुरुद्वारा के अध्यक्ष बलबीर सिंह आदि उपस्थित थे।

भारतीय साहित्य संगम ने ऑनलाइन अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का किया आयोजन

भारतीय सहित्य संगम के तत्वावधान में गूगल मीट पर ऑनलाइन अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जेएमसी शासकीय महिला महाविद्यालय मंडला मध्य प्रदेश के प्राचार्य प्रोफेसर शरद नारायण खरे, विशिष्ट अतिथि शंखनाद वेब न्यूज़ उत्तराखंड के संपादक भारतेंदु शंकर पांडे तथा अध्यक्षता हाईकोर्ट बार एसोसिएशन इलाहाबाद की संयुक्त सचिव मंजू पांडे ’महक जौनपुरी’ ने की।
देशभर से जुटे कवियों ने काव्य धारा बहाते हुए समसामयिक विषयों पर रचनाएं प्रस्तुत की।
भारतीय साहित्य संगम के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कार्यक्रम संयोजक डॉ धीरेंद्र रांगड़ ने शब्दों का कारवां की 110वीं श्रंखला पर साहित्य मनीषियों को स्वागत किया तथा हिन्दी पखवाड़ा की शुभकामनाएं प्रेषित की। कार्यक्रम में अरुणा वशिष्ठ द्वारा सुमधुर वाणी में सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई।

आमन्त्रित रचनाकारों ने राष्ट्र भाषा हिंदी की महत्वता पर अपनी रचनाएँ प्रस्तुत की। इस अवसर पर कवि डॉ अशोक गुलशन ने हिन्दी भाषा है सभी भाषाओं की जान, इसको पढ़ करके हुये, तुलसी-सूर महान। शम्भु प्रसाद भट्ट स्नेहिल ने भारतीयता की पहिचान, हिंदी बिना अधूरी है। इसीलिए हिंदी की शिक्षा, सबके लिए जरूरी है। डॉक्टर धीरेंद्र रांगड़ ने मैं दीवाना हिंदी का और तू दीवाना हिंदी का, ये जग दीवाना हिंदी का वो रब दीवाना हिंदी का की शानदार प्रस्तुति दी। महक जौनपुरी ने ग़ैर के ग़म से जो बाख़बर हो गया, जग में सच है वो आला बशर हो गया, मनोज कुमार गुप्ता आचार्य मनुश्री ने साहित्य से कैसी ढिढोली हो रही है, जिसे देख मेरी कलम रो रही है, राजेश डोभाल राज ने सब्र करता रहा मुद्दतों से यूं ही कागज, सब्र टूटा तो सरे बाजार फट गया कागज, अरुण कुमार शास्त्री ने कितनी हंसी है ये जिन्दगी के जबसे, तुमने ये कहा है तेरे होने से सब कुछ यहां है। कवि उमेश पटेल श्रीश ने खड़े हैं बीच चौराहे पर अपनी मंजिल की राह भूलकर, सोचते हैं इन राहों में से कोई राह मेरी मंजिल की भी होगी रचनाये प्रस्तुत की।
इसके अतिरिक्त आमंत्रित कविगणों में डॉ. बालकृष्ण पांडेय, प्रयागराज, डॉ वर्षा पुनवटकर, वर्धा महाराष्ट्र, बबिता शर्मा, कोटा, राजस्थान, डॉ. सत्यानन्द बडोनी, देहरादून, शिवकुमार चंदन, रामपुर उ.प्र., डॉ देवीदीन अविनाशी, हमीरपुर, नवीन डिमरी बादल, कर्णप्रयाग, शिव प्रसाद बहुगुणा आदि ने भी शानदार प्रस्तुति दी। कवि सम्मेलन का संचालन शंभू प्रसाद भट्ट ने किया।