प्रीतम ने दिल्ली में थामा भाजपा का हाथ, भाजपाईयों में बैचेनी

उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने बड़ा दांव चला है। धनोल्टी के निर्दलीय विधायक प्रीतम सिंह पंवार को पार्टी अपने पाले में लाने में कामयाब रही है। बुधवार को विधायक प्रीतम सिंह पंवार ने नई दिल्ली में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने उन्हें सदस्यता ग्रहण कराई। बता दें कि प्रीतम उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) से भी मंत्री रह चुके हैं। उन पर कांग्रेस की भी नजर थी।
इस मौके पर प्रीतम सिंह पंवार ने कहा कि मैं खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं कि देश की सबसे बड़ी पार्टी में शामिल हुआ हूं। मैं धार्मिक प्रदेश से हूं, जहां चारधाम हैं, देवी देवताओं का वास है। पीएम मोदी का नाता भी देवभूमि से रहा है। जिस तरह से उनकी धार्मिक आस्था देवभूमि से जुड़ी हैं उससे निश्चित तौर पर प्रदेश का विकास होगा।

जानिए प्रीतम सिंह पंवार के बारे में खास बातें
नाम- प्रीतम सिंह पंवार
पिता का नाम- स्व. मनोहर लाल पंवार
माता का नाम- कमला देवी
जन्मतिथि- 1 जनवरी 1966
स्थाई पता- ग्राम थान, जौनपुर, टिहरी गढ़वाल।
प्रारंभिक शिक्षा- प्राथमिक से इंटरमीडिएट तक की शिक्षा बड़ेथी, उत्तरकाशी।
स्नातक- डीएवी पीजी कॉलेज देहरादून।

प्रीतम पंवार का राजनीतिक सफर
– 1984 में उत्तराखंड क्रांति दल में शामिल हुए।
– 1988 में पहली बार चिन्यालीसौड़ उत्तरकाशी से क्षेत्र पंचायत सदस्य चुने गए।
– 1994 में उत्तराखंड राज्य आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की।
– 1996 में जिला सहकारी बैंक उत्तरकाशी के निदेशक।
– 1996 में दोबारा चिन्यालीसौड़ उत्तरकाशी से क्षेत्र पंचायत सदस्य चुने गए।
– वर्ष 2000 से 2002 तक उत्तरकाशी जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष रहे।
– 2002 में पहली बार यूकेडी से यमुनोत्री विधानसभा सीट से विधायक बने।
– 2012 में दूसरी बार भी यूकेडी से ही यमुनोत्री सीट से विधायक बने। तत्कालीन कांग्रेस सरकार में पहली बार कैबिनेट मंत्री का दायित्व संभाला। पंवार को शहरी विकास, मत्स्य पालन, पशुपालन, कारगार जैसे बड़े विभागों का मंत्री बनाया गया।
– 2017 में टिहरी जिले की धनोल्टी विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल कर तीसरी बार विधायक बने।

रेखा आर्य के विभागों में खुल रही कलई से सरकार पशोपेश में

महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग में नियुक्ति के लिए लखनऊ की ए स्कावर एजेंसी को काम दिया गया है। आरोप है कि यह एजेंसी नियुक्ति आदेश देने से पहले निर्मला सिंह सेवा समिति (ट्रस्ट) के खाते में बेरोजगारों से दान देने को कहती है। दान की रसीद भेजने के बाद ही नियुक्ति पत्र जारी किया जाता है। ऐसे में सवाल यह खड़ा हो रहा है कि क्या ये प्रकरण दान की आड़ में सरेआम रिश्वतखोरी का नहीं है। खुलासे के बाद भी जांच की बात कोई नहीं कर रहा है।
इस एजेंसी के बारे में यूं तो सवाल पहले भी उठते रहे हैं। लेकिन आप नेता कर्नल अजय कोठियाल ने इसे साबित भी कर दिया है। इस एजेंसी ने ट्रस्ट के खाते में 25 हजार रुपये जमा करवाकर कोठियाल को विभाग में चौकीदार की नौकरी दे दी। इसकी बकायदा विभागीय अपर सचिव से शिकायत भी गई। लेकिन अब जांच की बात कोई नहीं कर रहा है। विभागीय मंत्री रेखा आर्य भी मीडिया में कह रहीं हैं कि कोई शिकायत आएगी तब जांच होगी। अहम बात यह भी है कि इस प्लेसमेंट एजेंसी का पता जानकीपुरम, लखनऊ का है। और जिस स्व, श्रीमति निर्मला सिंह सेवा समिति के खाते में कथित दान की राशि जमा करवाई जा रही है, उसका पता भी जानकीपुरम का ही है। ऐसे में सवाल यह खड़ा हो रहा है कि इस प्लेसमेंट एजेंसी और ट्रस्ट का आपस में क्या रिश्ता है। सवाल यह भी है कि क्या एजेंसी और ट्रस्ट के संचालक एक ही हैं। अगर ऐसा है तो यह सीधे तौर पर दान की आड़ में सरेआम रिश्वतखोरी का धंधा चल रहा है। सूत्रों का कहना है कि अगर इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो तो कई सफेदफोश चेहरों से शराफत का नकाब हट जाएगा।

सैन्य धाम में शहीद सैनिकों के आंगन की मिट्टी लाने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री आवास स्थित कैम्प कार्यालय में सैन्य धाम के संबंध में आयोजित उच्च स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में भव्य सैन्यधाम बनाया जायेगा। इसमें सभी शहीद सैनिकों के आंगन की मिट्टी लाई जायेगी। इसका स्वरूप भव्य होगा। हमारे सैनिकों का शौर्य एवं पराक्रम की गाथा का यह जीता जागता उदाहरण होगा। सैन्यधाम के संबंध में उच्च स्तरीय समिति की अगली बैठक जल्द आयोजित की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि शहीद सम्मान यात्रा के लिए सभी तैयारियां जल्द पूर्ण की जाय। शहीद सम्मान यात्रा के दौरान शहीदों के आश्रितों को सम्मान पत्र भी दिया जायेगा।
इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजान दास, चंद्रा पंत, प्रमुख सचिव सैनिक कल्याण एल. फैनई, सचिव वी. षणमुगम एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

संसदीय जीवन पर चर्चा के साथ कोश्यारी के योगदान को सराहा

सोमवार को राजपुर रोड स्थित होटल में महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के लोकसभा व राज्यसभा में दिए गए भाषणों एवं याचिका समिति के अध्यक्ष के रूप में दिए गए निर्णयों पर आधारित पुस्तक “भारतीय संसद में भगत सिंह कोश्यारी“ पुस्तक के संबंध में उनकी उपस्थिति में परिचर्चा का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया गया। वरिष्ठ साहित्यकार पद्मश्री लीलाधर जगूड़ी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, गणेश जोशी, रेखा आर्या, विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह, सांसद अजय टम्टा, नरेश बंसल, विधायक एवं भाजपा अध्यक्ष मदन कौशिक, बलवंत सिंह भोर्याल, भाजपा नेता श्याम जाजू, साहित्यकार लक्ष्मी नारायण भाला सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
परिचर्चा में सभी वक्ताओं ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के भारतीय संविधान में विहित सदनों, लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा एवं विधान परिषद में उनके द्वारा उठाए गए जनहित एवं राष्ट्रहित से संबंधित मुद्दों की सराहना की। सभी ने कोश्यारी को युगदृष्टा बताते हुए उन्हें आम आदमी से जुड़ा उदार व्यक्तित्व वाला महान व्यक्ति बताया, सभी ने कोश्यारी के ‘‘वन रैंक वन पेंशन’’ की भूमिका तैयार करने के प्रयासों की भी सराहना की। उन्हें सर्वधर्म समभाव, राष्ट्रभक्त एवं राष्ट्रभाषा का समर्थक भी बताया।
राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने सभी को जन्माष्टमी की बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्र के स्वाभिमान, गौरव एवं राष्ट्रीय अस्मिता को बचाने का दायित्व हम सबका है। इसमें हमारे सांसदों एवं विधायकों की विशेष जिम्मेदारी है। यह कार्य संसद एवं विधानसभाओं में स्वस्थ परिचर्चा के माध्यम से किया जाना चाहिए। ग्राम सभा से लेकर लोक सभा तक लोग कैसे देश को आगे बढ़़ाने में अपना योगदान दे सकें इस पर ध्यान दिये जाने की जरूरत है। उन्होंने हाल में उत्तराखण्ड विधानसभा में हुई स्वस्थ परिचर्चा को जनता के बेहतर हित में बताया।
उन्होंने कहा कि वर्षों पहले रेडियो में संसद समीक्षा हम बड़े ध्यान से सुनते थे जिसमें देश के पक्ष एवं विपक्ष के योग्य सांसदों की बहस की समीक्षा होती थी। ऐसी ही स्वस्थ परिचर्चा हमारी संसद एवं विधान सभाओं में भी होनी चाहिए। उन्होंने राज्य सभा में गुलाम नबी आजाद की विदाई की घटना को देश में सहिष्णुता का वातावरण बनाने वाला बताया। कोश्यारी ने कहा कि हमें अपनी मातृभाषा, राष्ट्रभाषा पर अभिमान होना चाहिए। उन्होंने उदाहरण दिया कि पहले महाराष्ट्र के विश्वविद्यालयों में होने वाले कार्यक्रम अंग्रेजी में होते थे उन्होंने ऐसे कार्यक्रमों को मातृभाषा व राष्ट्रभाषा में आयोजित करने की पहल की तो आज महाराष्ट्र में मराठी में कार्यक्रम आयोजित होने लगे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें संयुक्त राष्ट्र में भी हिंदी में बोलने का अवसर मिला। हमें अपनी भाषा पर गर्व होना चाहिए।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उन्हें भगत सिंह कोश्यारी के सानिध्य में रहकर सामाजिक व राजनैतिक क्षेत्र में कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रकाशित पुस्तक के माध्यम से कोश्यारी के जीवन दर्शन के अनेक अनछुए पहलू समाज के सामने लाये गये हैं। यह पुस्तक उनके विशाल व्यक्तित्व का भी विश्लेषण करती है। उन्होंने सामान्य परिवेश में रहकर शिखर छूने का कार्य किया है तथा अपने पुरुषार्थ से महानता प्राप्त की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 30 वर्षों से लम्बित टिहरी डैम को उसके पूर्ण स्वरूप में लाने का श्रेय भी कोश्यारी को है। प्रदेश में ऊर्जा मंत्री रहते उन्होंने इसके लिये राजनैतिक नफा नुकसान की चिंता न करते हुए बांध बनाने में अपना योगदान दिया। उन्होंने कहा कि कोश्यारी सभी नीतिगत विषयों के जानकार, दृढ निश्चय वाले व्यक्ति रहे हैं। उन्होंने उन्हें सीख दी कि अपनी ही विधानसभा नहीं पूरे प्रदेश को समझने, जन समस्याओं को जानने का प्रयास करो, वक्त आने पर व्यक्ति के अच्छे कार्यों को पहचान मिलती है।
देश में वन रैंक वन पेंशन को लागू करने की भूमिका तैयार करने में कोश्यारी के योगदान की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पिता भी पूर्व सैनिक थे जब देश में यह लागू हुआ तो उनके साथ ही क्षेत्र के सभी पूर्व सैनिकों ने खटीमा में कोश्यारी का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि खटीमा में केन्द्रीय विद्यालय की स्थापना के उनके अनुरोध को भी कोश्यारी ने पूरा किया। सबको साथ लेकर चलना, छोटे-बड़े का भेदभाव न कर सभी को आगे बढ़ाने में मदद करने की भी सीख हमें कोश्यारी से मिली है। उनका जीवन हम सबके लिये निश्चित रूप में अनुकरणीय एवं प्रेरणादायी है।
पद्मश्री लीलाधर जगूड़ी ने कहा कि आज के राजनैतिक परिवेश में पढ़े लिखे डिग्रीधारी तो सभी हैं लेकिन वास्तव में जिन्होंने समृद्ध साहित्य, उपनिषद आदि का गहराई से अध्ययन किया है कोश्यारी जी ऐसे वास्तविक पढ़े लिखे व्यक्ति हैं। राष्ट्र के प्रमुख राज्य महाराष्ट्र में उनकी उपस्थिति हमें गौरवान्वित करती है। उन्होंने कहा कि जो अतीत को समझता है वही वर्तमान को संवार सकता है। कोश्यारी अच्छे विचारक एवं मनीषी हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्र भाषा के विकास में भी कोश्यारी का बड़ा योगदान है। राष्ट्रभाषा हिंदी का पहाड़ के विकास में बड़ा योगदान है। इस भाषा ने हमें अभिव्यक्ति एवं आत्मिक आजादी देने का कार्य किया है। उन्होंने कामना की कि हमारी युवा पीढ़ी को कोश्यारी का मार्गदर्शन निरंतर प्राप्त होता रहेगा।
प्रदेश की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य द्वारा प्रेषित अपने संदेश में प्रकाशित पुस्तक को देश प्रदेश के जनप्रतिनिधियों एवं जनता के लिये उपयोगी बताया है।
इस अवसर पर जिन लोगों ने अपने विचार रखे उनमें लक्ष्मी नारायण भाला, श्याम जाजू, पुस्तक के लेखक अमित जैन शामिल थे।

अफगानिस्तान से श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप को सुरक्षित भारत पहुंचाने पर धन्यवाद

देहरादून के गुरूद्वारों के अध्यक्ष और प्रतिनिधियों ने विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय सभागार में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट की। उन्होंने अफगानिस्तान से श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप को सुरक्षित भारत पहुंचाए जाने पर मुख्यमंत्री के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद ज्ञापित किया। कहा कि प्रधानमंत्री ने सिक्ख समाज का मान बढ़ाया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के विधानसभा कार्यालय में पहली बार अरदास सम्पन्न की गई और कढाह प्रसाद बांटा गया। मुख्यमंत्री को शॉल और कृपाण भी भेंट की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में दुनिया में देश का मान बढा है। अफगानिस्तान से भारतीयों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा रही है। उत्तराखण्ड के लोगों को वहां से सुरक्षित लाने के लिए राज्य सरकार विदेश मंत्रालय के सम्पर्क में है। बहुत से लोग वापिस लाए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे हर पल सिक्ख समाज के साथ हैं। जब भी जरूरत होगी, उन्हें अपने साथ पाएंगे।
इस अवसर पर विधायक राजेश शुक्ला, उत्तराखण्ड सिक्ख विकास परिषद के अध्यक्ष बलजीत सोनी, गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष गुरबक्श सिंह, गुलजार सिंह, गुरप्रीत सिंह, सुरेन्द्र बत्रा, जगमिंदर सिंह छाबड़ा, चरणजीत सिंह, सेवा सिंह मठारू सहित अन्य उपस्थित थे।

सीएम ने की राज्य मेधावी छात्रवृत्ति धनराशि में बढ़ोतरी की घोषणा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के 200 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न विद्यालयों के छात्र छात्राओं, अभिभावकों व अध्यापकों से वर्चुअल संवाद भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी विद्यालयों में छात्राओं के लिए अलग से शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने शिवानंद नौटियाल छात्रवृत्ति की राशि को 250 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये करने और साथ ही इसके लाभान्वितों की संख्या को 11 से बढ़ाकर 100 करने की घोषणा की। उन्होंने श्रीदेव सुमन राज्य मेधावी छात्रवृत्ति की राशि को 150 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये करने की भी घोषणा की।

1 से 14 सितम्बर तक प्रवेश पखवाड़ा और 15 सितम्बर को नवप्रवेशित बच्चों के लिए स्वागोत्सव
मुख्यमंत्री ने अटल उत्कृष्ट विद्यालयों सहित सभी शासकीय विद्यालयों में 1 से 14 सितम्बर 2021 तक प्रवेश पखवाड़ा एवं 15 सितंबर 2021 को नवप्रवेशित बच्चों के लिए स्वागोत्सव मनाये जाने की भी घोषणा की।

व्यावसायिक शिक्षा में 8 ट्रेड प्रारंभ
मुख्यमंत्री ने सभी को शुभकामनायें देते हुए कहा कि माध्यमिक विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम में 8 ट्रेड प्रारंभ किये गये हैं। इससे हमारे बच्चों का स्किल डेवलपमेंट होगा जो कि उनके कैरियर में सहायक होगा। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में प्रारंभ नई शिक्षा नीति में भी स्किल डेवलपमेंट पर बल दिया गया है।

आम बच्चों तक क्वालिटी एजुकेशन की पहुंच
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के लिये अच्छे से अच्छा जो भी हो सकता है, सरकार कर रही है। कोशिश है कि आम बच्चों तक क्वालिटी एजुकेशन की पहुंच बने। कोविड काल में आनलाईन एजुकेशन की महत्ता बढी है। सरकार राज्य के राजकीय विद्यालयों के 10 वीं और 12 वीं के छात्र छात्राओं को प्री लोडेड कंटेंट के साथ मोबाईल टैबलेट जल्द उपलब्ध कराएगी। 500 विद्यालयों में वर्चुअल क्लास की स्थापना की गई है जबकि 600 और विद्यालयों में वर्चुअल क्लास प्रस्तावित हैं। सभी विद्यालयों में एनसीईआरटी की पुस्तकें अनिवार्य की गई हैं। 189 विद्यालय सीबीएसई मान्यता के साथ इंग्लिश मीडियम में प्रारंभ किये गये हैं।

पूर्ण मनोयोग से करें परिश्रम तो सफलता मिलेगी
मुख्यमंत्री ने वर्चुअल संवाद करते हुए कहा कि अपनी रूचि के अनुसार कैरियर का चयन करें और फिर पूरे मनोयोग से परिश्रम करें। सामान्य परिस्थितियों से उठे लोगों ने अपने संघर्ष से आसमान को छूआ है। स्वर्गीय डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने रामेश्वरम से राष्ट्रपति पद तक का सफर तय किया। प्रधानमंत्री का जीवन भी हम सभी के लिए अनुकरणीय है। परिश्रम, संकल्प और दृढ इच्छाशक्ति हो तो कोई काम असम्भव नहीं है। विकल्प रहित संकल्प होना चाहिए। भगवान भी उसी का साथ देते हैं जो खुद का साथ देते हैं। कहा भी गया है कि मन के जीते जीत है, मन के हारे हार। स्वामी विवेकानन्द जी ने कहा है कि मनुष्य की सीमाएं अनंत हैं।

शिक्षा मंत्री अरविंद पाण्डेय ने कहा कि वर्ष 2017 से उत्तराखण्ड में स्कूल एजुकेशन मे काफी काम किया गया है। विषयवार अध्यापकों की नियुक्ति की गई है। अतिथि शिक्षकों का वेतन 15 हजार रूपये से बढाकर 25 हजार रूपए करने का निर्णय लिया गया है। नई शिक्षा नीति के अनुरूप कौशल विकास पर बल दिया जा रहा है। नीति आयोग द्वारा शैक्षिक गुणवत्ता मे उत्तराखण्ड को चौथे स्थान पर रखा गया है।

कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के छात्र छात्राओं, अभिभावकों व अध्यापकों ने भी अपनी बात रखी। इस अवसर पर सचिव राधिका झा, महानिदेशक माध्यमिक शिक्षा बंशीधर तिवारी, निदेशक सीमा जौनसारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

जानें, धामी कैबिनेट किन मुद्दों पर लगाई मुहर

विधानसभा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक संम्पन हुई। इस बैठक में जनहित से जुड़े कई मुद्दों पर मुहर लगी।
पंतनगर विश्वविद्यालय को केन्द्रिय दर्जा देने के लिए प्रस्ताव केन्द्र को भेजा जायेगा। इससे सम्बन्धित सम्पत्ति के सम्बन्ध में मुख्य सचिव की अघ्यक्षता में समिति बनाई जायेगी।
समस्त स्थानीय निकाय में दोहरी लेखा प्रणाली लागू करने के लिए उत्तराखण्ड मैनुअल एकाउटिंग में संशोधन किया जायेगा।
उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम को कार्यदायी सस्था के रूप में चयनित किया जायेगा।
उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उच्च न्यायलय विधिक सेवा समिति, तहसील विधिक सेवा समिति, स्थायी लोक अदालत एवं वैकल्पिक विवाद समाधान के लिए केन्द्रीय कर्मचारी सेवा नियमावली प्रख्यापित किया गया।
उत्तराखण्ड भू सम्पदा (विनियमन तथा विकास) (सामान्य) नियमावली 2017 को प्रख्यापित किया गया।
स्वामित्व योजना के कार्याे को त्वरित गति से करने के लिए उत्तराखण्ड आबादी सर्वेक्षण और संक्रिया नियमावली 2020 के नियम 14(5) और 18(2) में संशोधन किये जाने के लिए और उत्तराखण्ड आबादी सर्वेक्षण और संक्रिया नियमावली 2021 बनाई जायेगी।
केदारनाथ एवं बद्रीनाथ के पुर्ननिमाण हेतु बड़ी एजेन्सी चयन कर कार्य कराने की अनुमति दी जायेगी।
खनन सम्बन्धी मामले का सरलीकरण कर स्व मूल्यांकन सम्बन्धी मामले में शासन की जगह निदेशालय स्तर पर निर्णय लिया जायेगा।
जल जीवन मिशन के अन्तर्गत तकनीकी परीक्षण के बाद दो से पॉच करोड के कार्य कराने हेतु जिलाधिकारियों को अधिकार दिया गया।
सभी अर्बीटेशन सम्बन्धी मामले के निपटारे के लिए उच्च न्यायलय के सेवा निवृत्त न्यायधीश की अघ्यक्षता में तीन सदस्य समिति के माध्यम से निर्णय किया जायेगा।

धामी ने नाकाम किए विपक्ष के सभी वार, जनहित और विकास से जुड़े कई फैसले लिये

उत्तराखण्ड विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए धमाकेदार रहा। शुरुआत से अन्त तक मुख्यमंत्री ने जमकर बैटिंग की। उन्होंने न सिर्फ विपक्ष के हर वार को नाकाम किया बल्कि ऑन स्पॉट कई लोकप्रिय फैसले किए। 6 भविष्य के तय रोड मैप को धरातल पर उतारने के लिए 5762 करोड़ का अनुपूरक बजट भी पारित करवाया। खासी तवज्जो मिलने से विपक्ष भी मुख्यमंत्री का मुरीद हो गया। पांच दिन के सत्र में कई बार ऐसे मौके भी आए कि विपक्ष के विधायकों ने सीएम धामी की दिल खोलकर सराहना की।
विधानसभा का पांच दिवसीय सत्र मुख्यमंत्री धामी का बतौर मुख्यमंत्री पहला सत्र था। चूंकि 18 मार्च 2022 से पहले राज्य में नई सरकार का गठन होना है, लिहाजा यह मौजूदा सरकार का अंतिम सत्र भी माना जा रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री धामी पर सत्र के दौरान अपनी परफॉर्मेंस को लेकर काफी दवाब था, लेकिन उन्होंने दृढ़ इच्छाशक्ति और कार्य संस्कृति के बूते इस चुनौती को अवसर में बदल दिया। सदन में धामी ने ग्रेड पे के मामले में पुलिस कर्मियों को वचन दिया कि उनके साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। एक झटके में उन्होंने नंदा गौरा कन्याधन योजना की राशि पाने से वंचित तकरीबन 33 हजार कन्याओं के लिए 50 करोड़ की राशि देने का ऐलान कर दिया। केंद्र की तर्ज पर उन्होंने राज्य के लगभग तीन लाख राज्य कर्मियों व पेंशनर्स का 11 फीसदी डीए बढ़ाने में कोई लागदृलपेट नहीं की। राज्य की वित्तीय स्थिति से जुड़े ये निर्णय मुख्यमंत्री धामी की त्वरित निर्णायक क्षमता को प्रदर्शित करते हैं। इतना ही नहीं बिजली उपभोक्ताओं को बिल का एकमुश्त लंबित भुगतान करने पर फिक्स्ड और विलम्ब शुल्क की छूट दे दी। सत्र के दौरान सदन में पर्याप्त मौजूदगी के साथ ही शासन स्तर की बैठकों पर भी उनका फोकस रहा।
सदन के बाहर और भीतर विपक्ष की बातों को भी उन्होंने पूरा सम्मान दिया। अपने मांगों को मानने के लिए पोस्टर और नारे का सहारा लेने वाले विपक्ष के विधायकों को दुलारते हुए उनकी मांगों के निस्तारण का गंभीर प्रयास किया। अधिकारियों को बुलाकर उनकी मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश भी दिए। संभवतया उत्तराखण्ड में किसी मुख्यमंत्री ने इस तरह की पहल पहली बार की है। भले ही धामी पहली बार मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं लेकिन सत्र के दौरान उनमें कहीं भी आत्मविश्वास और अनुभव की कमी नजर नहीं आई।

सीमान्त क्षेत्रों में सड़क संचार एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास पर चर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शुक्रवार को विधानसभा में सेन्ट्रल कमांड के जी.ओ.सी इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल योगेन्द्र डिमरी ए.वी.एस.एम. वीएस.एम ने शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री से राज्य के सीमान्त क्षेत्रों में संचार सुविधाओं एवं सड़कों के विकास से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री से जोशीमठ-औली तक सड़क चौड़ीकरण, पिथौरागढ़ के सीमांत क्षेत्रों तक सड़क निर्माण एवं सुधारीकरण की भी जरूरत बतायी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सीमान्त क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। इन क्षेत्रों को सड़क से जोड़ने तथा संचार सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सैनिकों के कल्याण के लिये अनेक योजनायें संचालित की गई हैं। शहीद सैनिकों के आश्रितों का सेवायोजित करने की व्यवस्था राज्य में की गई है। उन्होंने सीमान्त क्षेत्रों में सड़कों, संचार सुविधाओं एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास में सेना को पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने बनबसा की भांति खटीमा में भी सीएसडी कैन्टीन खोले जाने की अपेक्षा की।
ले.जन योगेन्द्र डिमरी ने मुख्यमंत्री से जोशीमठ-औली सड़क के चौड़ीकरण के साथ ही पिथौरागढ़ के सीमांत क्षेत्रों के मानसरोवर मार्ग को सड़क से जोड़ने में सहयोग की अपेक्षा की। उन्होंने रुद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग, बागेश्वर आदि स्थलों पर सेना द्वारा सीजीएचएस पॉलीक्लीनिक की स्थापना के लिये भूमि उपलब्ध कराने की भी अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि देहरादून शहर में स्थित सीएसीडी डिपो को शहर में अन्यत्र कहीं उपयुक्त स्थल पर्याप्त भूमि उपलब्ध करायी जाये तो इसे स्थानान्तरित किये जाने पर विचार किया जायेगा।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, जीओसी सब एरिया मे.ज. एस खत्री आदि उपस्थित थे।

पूर्व दर्जा राज्यमंत्री भूपेश उपाध्याय ने थामा आम आदमी पार्टी का दामन


नई दिल्ली। आज उत्तराखंड सरकार में रहे पूर्व दर्जा राज्य मंत्री भूपेश उपाध्याय ने दिल्ली में विधिवत आप पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस मौके पर आप प्रदेश प्रभारी दिनेश मोहनिया और सीएम उम्मीदवार कर्नल कोठियाल भी मौजूद रहे। भूपेश उपाध्याय कपकोट, बागेश्वर से बसपा के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी भी रहे हैं।

इस दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भूपेश उपाध्याय के पार्टी में शामिल होने से पार्टी को उत्तराखंड में नई ऊर्जा मिलेगी और इसके साथ साथ लोग पार्टी से जुड़ते रहेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि, उनके अनुभवों का पार्टी को लाभ मिलेगा और भूपेश उपाध्याय पार्टी की मजबूती के लिए सबके साथ मिल जुलकर कार्य करेंगे।

वहीं इस दौरान भूपेश उपाध्याय ने आप की सदस्यता लेने के बाद अरविंद केजरीवाल, कर्नल कोठियाल और प्रभारी दिनेश मोहनिया का आभार जताया और कहा वो आप की नीतियों से प्रभावित होकर पार्टी का दामन थाम रहे और अब वो पार्टी के लिए समर्पित होकर काम करेंगे।

वहीं कर्नल कोठियाल ने कहा कि, आप पार्टी का विस्तार बडी तेजी से हो रहा है और आप पार्टी की नीतियों से लोग लगातार प्रभावित हो रहे हैं। इसके साथ अब विपक्षी पार्टियां भी अरविंद केजरीवाल जी की नीतियां अपनाने के लिए विवश हो गई हैं। उन्होंने कहा कि, आप पार्टी नीतियों की लडाई लडने वाली पार्टी है और यही वजह है कि समाज के हर वर्ग से जुडे प्रबु़द्ध लोग आप पार्टी का दामन थाम रहे हैं। सभी ने भूपेश उपाध्याय का पार्टी में स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की ,और उम्मीद जताई कि उनके अनुभवों का लाभ उठाते हुए पार्टी आने वाले चुनाव में मजबूती के साथ मैदान में अपना जौहर दिखाएगी।

इस दौरान अरविंद केजरीवाल जी के साथ भूपेश उपाध्याय के अलावा आप प्रदेश प्रभारी दिनेश मोहनिया, कर्नल अजय कोठियाल, आप प्रदेश उपाध्यक्ष बसंत कुमार, पूर्व डीएवी कॉलेज छात्रसंघ अध्यक्ष कुलदीप कुमार मौजूद रहे।