बड़ी योजनाओं में पेंडिंग मुद्दों को निस्तारित करने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने सचिवालय में प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप (पीएमजी) के तहत ऋषिकेश-कर्णप्रयाग न्यू रेलवे लाइन, देवबंद रुड़की न्यू रेल लाइन विष्णुगाड-तपोवन जल विद्युत परियोजना, विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना एवं टिहरी पंप स्टोरेज प्लांट के प्रगति की समीक्षा की। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन के संबंध में मुख्य सचिव ने रेलवे अधिकारियों एवं जिला प्रशासन को आपसी तालमेल के साथ सभी पेंडिंग मुद्दों को निस्तारित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने रेलवे को पेंडिंग कंपनसेशन डिस्बर्समेंट को मामलों को शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव द्वारा टिहरी पंप स्टोरेज प्लांट हेतु टीएचडीसी को माइनिंग प्लान शीघ्र उपलब्ध कराए जाने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी के साथ संयुक्त निरीक्षण किए जाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना में स्थानीय प्रतिरोध के हल के लिए ज्वाइंट विजिट कर निस्तारित किए जाने के निर्देश दिए। तपोवन विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना के संबंध में मुख्य सचिव ने एनटीपीसी को निर्देश दिए कि आपदा से परियोजना कार्यों में हुई क्षति का आंकलन शीघ्र कराया जाए।
इस अवसर पर सचिव अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार सहित सम्बन्धित जनपदों के जिलाधिकारी एवं सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी साधु सिंह को प्रीतम सिंह ने किया सम्मानित

अगस्त क्रांति दिवस के उपलक्ष में कांग्रेस ने तिरंगा यात्रा निकाली। जिसका आयोजन कांग्रेस भवन से घंटाघर, दर्शनलाल चौक होते हुए वापस कांग्रेस भवन तक किया गया। नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने यात्रा की अगुआई की। तिरंगा यात्रा में युवा कांग्रेस, एनएसयूआइ, महिला कांग्रेस, सेवादल, महानगर कांग्रेस, पूर्व सैनिक संगठन ने भाग लिया।

’स्वतंत्रता संग्राम सैनानी साधु सिंह बिष्ट को किया सम्‍मानित’
अगस्त क्राति दिवस पर डोईवाला में नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने 102 साल के स्वतंत्रता सेनानी साधु सिंह को सम्मानित किया। साधु सिंह को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी ने साल 1972 में ताम्रपत्र देकर सम्मानित किया था। साधु सिंह ने आजाद हिंद फौज के नायक सुभाष चंद्र बोस के साथ भी काम किया है। बता दें, डोईवाला के बडोवाला स्थित 102 साल के स्वतंत्रता सेनानी साधू सिंह बिष्ट को नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस मौके पर प्रीतम सिंह ने कहा कि 9 अगस्त का दिन ऐतिहासिक दिन है। आज के ही दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने अंग्रेजों के खिलाफ भारत छोड़ो आंदोलन की नींव रखी थी। उनकी वजह से हमारे पुरखों ने आजादी की लड़ाई लड़ी, जिस वजह से आज हम चौन की सांस ले रहे हैं।
इस मौके पर प्रीतम सिंह ने कहा कि अब समय बदल रहा है और लोकतंत्र पर प्रहार हो रहा है। ऐसी ताकतों के खिलाफ लड़ने की लड़ने की आवश्यकता है, जो लोकतंत्र को समाप्त करने का काम कर रहे हैं।

टी.बी. उन्मूलन एवं जागरूकता संबंधी लघु फिल्म का किया अनावरण

सूबे को क्षय रोग से मुक्त करने एवं जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से निर्मित लघु फिल्म का आज सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत द्वारा अनावरण किया गया। लघु फिल्म में टी.बी. के उपचार एवं समाधान के बारे में जानकारी प्रदान की गई हैं। केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2025 तक टी.बी. मुक्त भारत की परिकल्पना के क्रम में उत्तराखंड से क्षय रोग के खात्में के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा निःक्षय पोषण योजना के अंतर्गत उपचार की अवधि तक क्षय रोगियों को पोषाहार हेतु प्रत्येक माह डी.बी.टी. के माध्यम से रू0 500 उपलबध कराये जा रहे हैं। जिस तहत 1 अप्रैल 2018 से माह जुलाई 2021 तक रू. 16 करोड़ 90 लाख की धनराशि मरीजों के खातों में भेजी जा चुकी है।
चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने अपने कैम्प कार्यालय में क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य टी.बी. अनुभाग एवं सूचना विभाग के सहयोग से बनाई गई ‘टी.बी. उपचार एवं समाधान’ लघु फिल्म का आनलाइन अनावरण किया। लघु फिल्म लांचिंग अवसर पर डा. रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2025 तक टी.बी. मुक्त भारत के निर्धारित लक्ष्य से पूर्व उत्तराखंड से क्षय रोग के खात्में के लिए विभागीय अधिकारियों को सघन अभियान संचालित करने के निर्देश दिये गये हैं। डा. रावत ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा टी.बी. रोगियों को निःशुल्क जांच, उपचार, दवाईयां उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा रोगियों को उपचार अवधि के दौरान पोषाहार हेतु प्रत्येक माह डीबीटी के माध्यम से रूपये 500 की राशि उपलब्ध कराई जा रही है। निःक्षय पोषण योजना के अंतर्गत 1 अप्रैल 2018 से माह जुलाई 2021 तक 16 करोड़ 90 लाख की धनराशि डीबीटी के माध्यम से मरीजों को दी जा चुकी है। लघु फिल्म लांचिंग अवसर पर मिशन निदेशक एनएचएम सोनिका ने बताया कि राज्य में टी.बी. उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत क्षय रोग जांच एवं उपचार हेतु 13 जिला क्षय नियंत्रण केन्द्र, 95 टी.बी. यूनिट एवं 154 जांच केन्द्र स्थापित किये गये हैं। जहां भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अंतर्गत क्षय रोगियों का उपचार डेली रेजिमेन पद्धति के द्वारा किया जाता है। उन्होंने बताया कि डीआरटीबी (ड्रग रेसिस्टेंस ट्यूबरक्लोसिस) रोगियों के निदान हेतु पीएमडीटी कार्यक्रम चलाया जा रहा है। ऐसे रोगियों के ईलाज हेतु हिमालयन इंस्टीट्यूट मेडिकल कॉलेज जौलीग्रांट एवं राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी मे डीआरटीबी साइट स्थापित हैं। महानिदेशक स्वास्थ्य डा. तृप्ति बहुगुणा ने बताया कि राज्य में टी.बी. उन्मूलन कार्यक्रम का लाभ लगातार टी.बी. रोगियों को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि सूबे में 12289 टी.बी. रोगी चिह्नित किये गये हैं। जिनमें अल्मोड़ा में 355, बागेश्वर में 194, चमोली में 246, चम्पावत में 124, देहरादून में 2824, पौड़ी में 652, हरिद्वार में 2742, नैनीताल में 1975, पिथौरागढ़ में 282, रूद्रप्रयाग में 177, टिहरी में 258, यूएसनगर में 2058, उत्तरकाशी में 402 टी.बी. रोगी है।
इस अवसर पर एसटीओ डा. मयंक बडोला, अनिल सती सहित वर्चुअल माध्यम से मिशन निदेशक एनएचएम सोनिका, स्वास्थ्य महानिदेशक तृप्ति बहुगुणा, सभी जनपदों के क्षय रोग अधिकारी एवं अन्य सामाजिक संगठनों से जुड़े प्रतिनिधि ने प्रतिभाग किया।

वंदना के परिजनों का खेल मंत्री अरविन्द पाण्डेय ने किया सम्मान

विद्यालयी शिक्षा, प्रौढ़ शिक्षा, संस्कृत शिक्षा, खेल, युवा कल्याण एवं पंचायती राज मंत्री, उत्तराखंड सरकार अरविन्द पाण्डेय ने हरिद्वार ग्राम रोशनाबाद में देश की अंतर्राष्ट्रीय महिला हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया के निवास स्थान पर पहुंचकर उनकी माता एवं परिवारजनों से मुलाकात कर उन्हें शॉल ओढ़ाकर व फूल गुच्छ भेंट कर सम्मानित किया तथा बधाई एवं शुभकामनाएँ दी।

इसी क्रम में माननीय खेल मंत्री अरविन्द पाण्डेय ने वंदना कटारिया को खेल के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के फल स्वरुप बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के अंतर्गत 2020-21 के लिए हरिद्वार जनपद का ब्रांड एंबेसडर घोषित किया।

साथ ही खेल मंत्री ने ग्राम रोशनाबाद में मार्ग की स्थिति का संज्ञान लेते हुए मार्ग को शीघ्र ठीक करवाने हेतु सम्बंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। साथ ही कहा कि निर्माण कार्य पूर्ण होने के पश्चात उक्त मार्ग का नाम वंदना कटारिया किया जाएगा।

खेल मंत्री ने हर्ष सहित वंदना कटारिया के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व की बात है की टोक्यो ओलंपिक्स में वंदना कटारिया ने तीन गोल करके ओलंपिक्स इतिहास में हैट्रिक लगाने वाली भारत की प्रथम महिला हॉकी खिलाड़ी होने का खिताब हासिल किया।

वंदना ने अपनी क्षमता और सामर्थ्य से जो मील का पत्थर स्थापित किया है और युवाओं के लिए सशक्त पदचिन्ह बनाए हैं वह निश्चित ही प्रदेश में युवा खिलाड़ियों को नया दृष्टिकोण और नया आयाम प्रदान करेंगे। सभी युवाओं को कड़ी मेहनत और सतत प्रयास के लिए प्रेरित करते हैं। इस दौरान विधायक रानीपुर आदेश चौहान भी उपस्थित रहे।

तीलू रौतेली पुरस्कार और आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार की धनराशि 51 हजार रूपये

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की है कि अगले वर्ष से तीलू रौतेली पुरस्कार एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार की धनराशि बढ़ाकर 51 हजार रूपये किया जायेगा। भारतीय महिला हॉकी टीम की खिलाड़ी वन्दना कटारिया उत्तराखण्ड में महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की ब्रांड एम्बेसेडर होंगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सर्वे चौक स्थित आई.आर.डी.टी सभागर में ‘‘तीलू रौतेली पुरस्कार एवं ‘‘आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार‘‘ हेतु चयनित राज्य की महिलाओं को सम्मानित किया। इस वर्ष 22 महिलाओं को तीलू रौतेली पुरस्कार एवं 22 महिलाओं को आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। तीलू रौतेली पुरस्कार प्राप्तकताओं को 31 हजार रूपये की सम्मान धनराशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। जबकि आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार के तहत 21 हजार रूपये की सम्मान राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड में हर क्षेत्र में मातृ शक्ति की बड़ी भूमिका रही है। उत्तराखण्ड अलग राज्य निर्माण की मांग हेतु महिलाओं ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने मातृ शक्ति को नमन करते हुए कहा कि कि महिला सशक्तीकरण की दिशा में राज्य सरकार द्वारा अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना शुरू की गई है। कोरोना काल में जिन बच्चों ने अपने माता-पिता या सरंक्षक को खोया है, उनको राज्य सरकार प्रति माह 3 हजार रूपये एवं निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था कर रही है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थित मजबूत होनी जरूरी है। बच्चों के शुरूआती चरण के विकास में आंगनबाडियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। माता-पिता के बाद बच्चों को संस्कार देने के शुरूआत आंगनबाड़ी से ही होती है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जो लोग सीमित संसाधन होने पर बड़ी उपलब्धि हांसिल करते हैं, उनकी अलग ख्याति होती है। प्रधानमंत्री का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का जीवन सामान्य परिस्थितियों में बीता, लेकिन आज उनकी कार्यशैली से भारत को वैश्विक पटल पर एक अलग पहचान मिली है। आज देश हर क्षेत्र में तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने अपने बचपन के संस्मरणों को साझा करते हुए कहा कि प्रारम्भिक शिक्षा के दौरान हम भी तख्ती (पाटी) पर लिखते थे। जिसके लिए चूने का घोल इस्तेमाल किया जाता था।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में अनेक कार्य किये जा रहे हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि मातृ शक्ति को इन योजना का लाभ मिले। राज्य में मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना चलाई जा रही है। जिसमें गर्भवती महिलाओं एवं नवजात कन्या शिशु के लिए किट दी जा रही है। राज्य सरकार जनता के साथ साझीदार की भूमिका में कार्य कर रही है। समाज के हर वर्ग के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा अनेक जन कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है।
महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि उत्तराखण्ड की वीरांगना तीलू रौतेली के जन्म दिवस के अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाली राज्य की चयनित महिलाओं को तीलू रौतेली पुरस्कार एवं आंगनबाड़ी में अच्छा कार्य करने वाली महिलाओं को आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। मात्र 15 वर्ष की आयु में ही वे रणभूमि में कूद पड़ी थी। उन्होंने बहुत कम आयु में सात युद्ध लड़े। यह दिन प्रदेश की महिलाओं को सम्मानित करने का सबसे अच्छा दिन है। तीलू रौतेली ने जिस वीरता का परिचय दया, आज यह हमारे सामने एक इतिहास है।
महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने में आंगनबाड़ी कार्यकत्रयों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कोविड के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा सराहनीय कार्य किया गया है। उन्होंने कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की वेशभूषा में प्रतिभाग किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के पिताजी ने आंगनबाड़ी केन्द्र के लिए अपनी जमीन दान दी थी।।

इनको किया गया सम्मानित-तीलू रौतेली पुरस्कार
डॉ. राजकुमारी भंडारी चौहान, श्यामा देवी, अनुराधा वालिया, डॉ. कंचन नेगी, रीना रावत, वन्दना कटारिया, चन्द्रकला तिवाड़ी, नमिता गुप्ता, बिन्दुवासिनी, रूचि कालाकोटी, ममता मेहता, अंजना रावत, पार्वती किरौला, कनिष्का भण्डारी, भावना शर्मा, गीता जोशी, बबीता पुनेठा, दीपिका बोहरा, दीपिका चुफाल, रेखा जोशी, रेनू गडकोटी, पूनम डोभाल।

राज्य स्तरीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार
गौरा कोहली, पुष्पा प्रहरी, पुष्पा पाटनी, गीता चन्द, गलिस्ता, अंजना, संजू बलोदी, मीनू, ज्योतिका पाण्डेय, सुमन पंवार, राखी, सुषमा गुसांई, आशा देवी, दुर्गा बिष्ट, सोहनी शर्मा, वृंदा, प्रोन्नति विस्वास, हन्सी धपोला, गायत्री दानू, हीरा भट्ट, सुषमा पंचपुरी, सीमा देवी।

उत्तराखण्ड निवास का भवन उत्तराखण्ड वास्तुकला शैली में बनाया जायेगा-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु ने नई दिल्ली में निर्माणाधीन भवन ‘उत्तराखण्ड निवास’ का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि निर्माण कार्य गुणवत्ता बनाए रखते हुए तय की गई समय सीमा में पूरा करना सुनिश्चित किया जाए। मुख्य सचिव द्वारा उत्तराखण्ड निवास के नक्शे का अवलोकन करते हुये भवन के सभी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी ली। इसके अलावा निर्माणाधीन भवन में गाड़ियों की पार्किंग व्यवस्था की भी जानकारी ली गई।
उल्लेखनीय है कि 3, गोपीनाथ बारदोलाई मार्ग, चाणक्यपुरी नई दिल्ली में जून 2020 से उत्तराखण्ड निवास का काम शुरू किया गया। भवन में तीन बेसमेंट होंगे। भवन में भू-तल को सम्मिलित करते हुए कुल सात तल बनाए जाएंगे। भवन उत्तराखण्ड वास्तुकला शैली में बनाया जायेगा। ग्रीन भवन की तर्ज पर बनाए जा रहे इस भवन का अपना सीवेज सोधन संयंत्र होगा। भवन में 50 किलोवाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट भी है। उत्तराखण्ड निवास का निर्माण कार्य मार्च 2022 तक पूरा कर लिया जायेगा। इसके साथ ही मुख्य सचिव द्वारा उत्तराखंड स्थानिक आयुक्त एकीकृत भवन व उत्तराखण्ड सदन के रखरखाव एवं सौंदर्यीकरण का भी निरीक्षण किया गया।
इस अवसर पर स्थानिक आयुक्त वी वी आर सी पुरुषोत्तम, अपर स्थानिक आयुक्त ईला गिरी, मुख्य व्यवस्था अधिकारी रंजन मिश्रा एवं उत्तराखण्ड पेयजल निगम अपर सहायक अभियंता अरविन्द सैनी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने आईटीबीपी के अधिकारियों की पासिंग आउट परेड में प्रतिभाग किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आईटीबीपी एकेडमी, मसूरी में आईटीबीपी के 42 सहायक सेनानी (जी.डी.) एवं 11 सहायक सेनानी (अभियन्ता) की पासिंग आउट परेड समारोह में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने सभी 53 प्रशिक्षणार्थी अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि वे सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें आईटीबीपी जैसे उत्कृष्ट बल में सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ है। जिसके हिमवीर लद्दाख के कराकोरम पास से अरुणाचल प्रदेश के जेचप ला तक 3488 कि०मी० की अति दुर्गम सीमा की सुरक्षा पूरी मुस्तैदी के साथ कर रहे है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश के वीर सैनिकों ने आजादी के बाद हर संघर्ष में अप्रतिम शौर्य का परिचय दिया है। मुख्यमंत्री ने बल के शहीदों को नमन करते हुए कहा कि शहीदों की शहादत के कारण ही आज हम सुरक्षित हैं।
“ये देश चैन से सोता है, वो पहरे पर जब होता है,
जो आँख उठाता है दुश्मन तो अपनी जान वो खोता है, उनकी वजह से आज सुरक्षित ये सारी आवाम है,
सरहद पर खड़े रखवालों को दिल से मेरा सलाम है।”

आईटीबीपी के हिमवीरों का सभी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं एक पूर्व सैनिक के पुत्र हैं और इस कार्यक्रम में प्रतिभाग कर उन्हें गर्व की अनुभूति हो रही है। हमारे शास्त्रों में कहा गया है, ’वीर भोग्या वसुन्धरा’। हमारे आईटीबीपी के हिमवीर हमेशा मातृभूमि की सुरक्षा, अपने ध्येय वाक्य “शौर्य दृढ़ता, कर्म निष्ठा के साथ करते है। हिमालय में माउन्टेन क्लाईमबिंग हो या रीवर राफ्टिंग जैसे साहसिक खेल-कूद या फिर सीमावर्ती क्षेत्रों में लोगों के लिये कल्याणकारी गतिविधियों का आयोजन, प्रत्येक क्षेत्र में इस बल ने न केवल अमिट छाप छोड़ी है, बल्कि अन्य बलों के लिए उदाहरण भी प्रस्तुत किये है।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड में आपदा के दौरान सहायता के लिए आईटीबीपी का आभार व्यक्त किया
मुख्यमंत्री ने कहा कि बल द्वारा आपदा प्रबंधन में उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। बल के हिमवीरों ने देश के विभिन्न क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाओं एवं दुर्घटनाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों को बेहद तत्परता एवं कुशलता के साथ किया है। 2013 की केदारनाथ आपदा तथा 2021 में तपोवन आपदा के समय आईटीबीपी के द्वारा आपदा प्रबंधन हेतु किये गये प्रयासों से जान माल की क्षति को काफी हद तक कम किया जा सका। इस बल द्वारा हमारे राज्य में कैलाश मानसरोवर यात्रा, चार धाम यात्रा तथा राज्य के सुदूर व दुर्गम क्षेत्रों में यात्रियों एवं आम जनमानस को सुरक्षा एवं मेडिकल कवर प्रदान करवाने की जिम्मेदारी को लगातार कई वर्षों से सफलतापूर्वक अंजाम दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने राज्य की समस्त जनता की ओर से बल कर्मियों के इस अमूल्य योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।

सैनिकों के परिजनों के दर्द को महसूस किया है-मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने सैनिक की वीरता तो बाल्यकाल से देखी ही है पर उनके परिजनों का संघर्ष भी देखा है। उस माँ बाप का दर्द देखा है जिसका बेटा सीमा पर देश की आन, बान शान के लिये लड़ रहा है। उस पत्नी के आँखों की विकलता देखी है जो पति के आने की बाट जोहते-जोहते कब बूढी व बीमार हो जाती है पता ही नही चलता। उन बच्चों की सिसकती हुई किलकारियों को सुना है जो अपने पिता से गले मिलने को व्याकुल हों। कितना संघर्ष है एक सैनिक के जीवन में परन्तु इसके बावजूद भी वो दृढता पूर्वक अपने देश के स्वाभिमान को बचाने के लिये हमेशा तत्पर रहता है। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षणार्थी अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे पूरे समर्पण के साथ कार्य करेंगे और हमेशा अपने मातहतों के कल्याण को ध्यान में रखेंगे। एक कुशल और योग्य लीडर के रूप में अपने आपको साबित करेंगे। मुख्यमंत्री ने अकादमी के प्रशिक्षण स्टाफ को भी उत्कृष्ठ स्तर का प्रशिक्षण देने के लिए बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी इसी प्रकार का बेहतरीन प्रशिक्षण प्रदान करते रहेंगे।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, श्री सुरजीत सिंह देसवाल, महानिदेशक, भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल, उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, एडीजी अभिनव कुमार, दलजीत सिंह चौधरी, मनोज रावत एडीजी आईटीबीपी, निलाभ किशोर, महानिरीक्षक/निदेशक, भारत तिब्बत सीमा पुलिस अकादमी, अजयपाल सिंह, ब्रिगेडियर डॉ रामनिवास सहित अन्य विशिष्ट जन उपस्थित थे।

जब प्रीतम बोले-ऐसा लग रहा है जैसे विजय जुलूस निकल रहा हो

उत्तराखंड में कांग्रेस मिशन 2022 का आगाज कर चुकी है। कांग्रेस की नई टीम पूरी तरह जोश और जज्बे से लबरेज है। हर कोई अपनी-अपनी भूमिका का बखूबी निर्वाह कर रहा है। नए प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल जहां संगठन मजबूत कर रहे हैं। वहीं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान में नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह कार्यकर्ताओं का मनोबल बढाने में लगे हैं। संगठन की बारीकियों के जानकार प्रीतम अच्छे से जानते हैं कि बिना सेना के कोई भी युद्व नहीं जीता जा सकता है। अगर 2022 का रण जीतना है तो उसके लिए सेना पूरी तरह जोश, जज्बे, जुनून और नए-नए राजनीतिक हथियारों से लैस होनी चाहिए। सेना के तरकश में मुद्दों के ऐसे तीर होने चाहिए जो जनता के दिलों में जाकर परिवर्तन का तूफान लाने का काम कर सकें, क्यों प्रचंड बहुमत से सत्ता में बैठी भाजपा के खिलाफ इस बार लहर से काम नहीं चलने वाले।

इसी कड़ी में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद प्रीतम ने राज्य में अपने दौरे की शुरूआत उस कुमांउ मंडल से की जिसको हरीश रावत अपना गढ़ कहते हैं और भाजपा ने सत्ता वापसी के लिए मुख्यमंत्री से लेकर केन्द्रीय मंत्री तक कुमांउ मंडल से ही बनाया है। 2 दिवसीय दौरे में प्रीतम का काफिला जसपुर से होता हुआ काशीपुर, रूद्रपुर, गदरपुर, नानकमत्ता, किच्छा, सितारगंट होते हुआ खटीमा पहुंचा। जगह-जगह प्रीतम का भव्य स्वागत हुआ। हर जगह प्रीतम के पीछे कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ देखने को मिली। जो खटीमा में जाकर एक बड़े जनसैलाब में बदल गई। कार्यकर्ताओं के जोश से प्रीतम अभिभूत नजर आये। प्रीतम सिंह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आप सबकी मेहनत जरूर फलीभूत होगी। जनता भाजपा के झूठे वादों से तंग आ चुकी है। चार साल में 3 मुख्यमंत्री देने वाली भाजपा ने उत्तराखंड की जनता की भावनाओं से हमेशा खिलवाड़ किया है। दिल्ली में बैठे भाजपा नेताओं को प्रदेश की नहीं अपनी चिंता है। आज स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, जैसी सस्यायें पहले से ज्यादा बिकराल हो गई हैं। युवाओं के रोजगार के सपने दिखाकर भ्रमाया जा रहा है। जनता ने मन बना लिया है 2022 में कांग्रेस को लाना है भाजपा के गद्दी से हटाना है। मैं आपसे निवेदन और गुजारिश करने आया हूं कि आपने आज जो जज्बा दिखाया है, इस जज्बे को आप बरकरार रखें और 2022 में आप खटीमा में और संपूर्ण उत्तराखंड में कांग्रेस का परचम लहराने में अपना योगदान दें । आप सभी के इस समर्थन और सहयोग के लिए मैं सभी का धन्यवाद करना चाहता हूं।

इस दौरान प्रीतम के साथ उपनेता प्रतिपक्ष करण माहरा, चारों कार्यकारी अध्यक्ष के साथ रहने से यह बात साफ हो गई है कि प्रीतम पहले के मुकाबले और ज्यादा मजबूत हुए हैं। कांग्रेस आलाकमान ने भले ही प्रदेश अध्यक्ष पद पर गणेश गोदियाल की ताजपोशी की हो लेकिन प्रीतम को पहले से और ज्यादा मजबूत करने का काम किया है। इस दौरान कांग्रेस के कई प्रदेश व जिला पादाधिकारी मौदूज रहे।

अगस्त क्रांति दिवस के दिन कांग्रेस राज्य सरकार के खिलाफ छेड़ेगी अभियान

अगस्त क्रांति दिवस के दिन कांग्रेस उत्तराखंड सरकार के खिलाफ अभियान छेड़ेगी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सभी कांग्रेसजन को 9 अगस्त के दिन अपने अपने घरों पर कांग्रेस का झंडा लगाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1942 में 9 अगस्त के दिन ही देश में अंग्रेजों को देश से खदेड़ने के लिए भारत छोड़ो अभियान छेड़ा गया था। अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों के खिलाफ पूरा देश एकजुट हो गया था। आज फिर वही वक्त आ चुका है। देश को अच्छे दिन दिखाने के वादे के साथ सत्ता में आई भाजपा ने देश को अब तक के सबसे बुरे दिन देखने को मजबूर कर दिया।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा साढ़े चार साल में तीन तीन मुख्यमंत्री बनाकर भाजपा अपनी नाकामी पर मुहर लगा चुकी है। सरकार की गलत नीतियों की वजह से हर वर्ग परेशान है। नौ अगस्त को घर घर ध्वजारोहण करते हुए भाजपा सत्ता छोड़ो अभियान छेड़ा जाएगा। अंग्रेजों की तर्ज पर भाजपा के नेता भी समाज को बांटने का काम कर रहे हैं। भाजपा की नीतियां केवल केवल चंद उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने तक सीमित है।कहा कि सरकार को आम आदमी को कोई परवाह नहीं। 9 अगस्त के दिन सभी कांग्रेसजन अपने घरों का ध्वज फहराते हुए भाजपा को बेदखल करने का संकल्प लेंगें। गोदियाल ने कार्यकर्ताओं को अपने घर के साथ ही अपने परिजनों, पास पड़ोसियों को भी ध्वजारोहण के लिए प्रेरित करने को कहा। दूसरी तरफ, कांग्रेस के प्रदेश सचिव महेश जोशी ने कहा कि साढ़े चार साल के कार्यकाल में भाजपा ने प्रदेश के विकास को गर्त में पहुंचा दिया है।

नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा सरकार कैबिनेट में तो खूब लोकलुभावन फैसले लेती है, लेकिन उन पर अमल ही नही किया जाता। जनता भाजपा की हकीकत जान चुकी है। आगामी विधानसभा चुनाव में जनता भाजपा को उखाड़ फैंकेंगी। कांग्रेस प्रदेश को भाजपा के कुशासन से मुक्ति दिलाएगी। चिंता जताई कि प्रदेश के पर्वतीय जिलों में बिजली, पानी,स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़कों आदि की हालत दयनीय है। इसके बावजूद भी उत्तराखंड सरकार इन चीजों पर कोई ध्यान नहीं दे रही है।

तीरथ सिंह रावत ने वाई श्रेणी की सुरक्षा वापस लेने का किया आग्रह

गढ़वाल सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने उन्हें प्रदान की गई वाई श्रेणी की सुरक्षा वापस लेने का आग्रह किया है। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजा है। प्रदेश की भाजपा सरकार में मार्च में हुए पहले नेतृत्व परिवर्तन में गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत को मुख्यमंत्री बनाया गया था। इसके बाद उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई थी।

राज्य में उपचुनाव के लिए संवैधानिक संकट खड़ा होने के चलते जुलाई में सरकार में फिर नेतृत्व परिवर्तन कर तीरथ की मुख्यमंत्री पद से विदाई कर दी गई थी। अब सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा की दृष्टि से उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा दी जा रही है। पत्र में तीरथ ने कहा कि है कि देवभूमि उत्तराखंड में इसकी आवश्यकता नहीं है। लिहाजा इसे वापस ले लिया जाए।

केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे पुरुषोत्तम को नई जिम्मेदारी
सरकार ने तीन आइएएस के दायित्वों में फेरबदल किया है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति खत्म होने के बाद वापस लौटे सचिव वीवीआरसी पुरुषोत्तम को नियोजन, तकनीकी शिक्षा, राजस्व और स्थानिक आयुक्त नई दिल्ली का दायित्व सौंपा गया है। केंद्र में डा रमेश पोखरियाल निशंक के केंद्रीय शिक्षा मंत्री बनने पर आइएएस वीवीआरसी पुरुषोत्तम प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली गए थे।