तीर्थनगरी के यह कैडेट्स 2021 की राजपथ परेड दिल्ली के लिए हुए चयनित

प्रत्येक वर्ष के भांति इस वर्ष भी ऋषिकेश महाविद्यालय के एनसीसी प्रभारी डॉ सतेन्द्र कुमार के मार्गदर्शन व कड़ी मेहनत के कारण महाविद्यालय के अंडर ऑफिसर (दीपक और ममता) का चयन 2021 में दिल्ली राजपथ परेड की लिए हुआ है दोनों ही कैडेट्स द्वारा देहरादून में आरडी परेड से पूर्व सम्पन होने वाले कैम्प मे प्रतिभाग कर अपना स्थान 2021 के लिए पक्का किया। 31 यूके बीएन एनसीसी हरिद्वार से कुल तीन एनसीसी कैडेटस का चयन हुआ जिसमें 2 कैडेट्स ऋषिकेश कॉलेज से चुने गए है।

महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ सुधा भारद्वाज, प्रो. गुलशन कुमार, डॉ वीके गुप्ता, प्रो. सुषमा गुप्ता, डॉ प्रीतपाल, डॉ अनिता, डॉ मृत्युंजय, प्रो. राकेश, मयंक रैवानी, आयुष, साक्षी, इशिता आदि ने हर्ष व्यक्त किया व साथ ही कैप्टन डॉ सतेन्द्र कुमार के साथ साथ दोनों एन सी सी कैडेट्स (दीपक और ममता) को बधाईयां प्रेषित की। डॉ सतेन्द्र कुमार ने बताया कि इस वर्ष कोविड महामारी के कारण आर डी परेड के लिए कम सीटों पर चयन किया गया जिससे चयन होने वाले कैडेटस की संख्या में भी कमी आयी।

स्वामी सत्यमित्रानन्द गिरि महाराज का जीवन प्रेरणादायीः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने राघव कुटीर भारत माता जनहित ट्रस्ट, हरिपुर कलां में निवृत्त जगद्गुरू शंकराचार्य पद्मभूषण ब्रह्मलीन पूज्य गुरूदेव स्वामी सत्यमित्रानन्द गिरि महाराज की दिव्य स्मृति में नवनिर्मित समाधि मन्दिर के शिलान्यास कार्यक्रम व श्री सद्गुरूदेव पुण्य स्मृति दर्शन सभागार के लोकार्पण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। श्री सद्गुरूदेव पुण्य स्मृति दर्शन सभागार में स्वामी सत्यमित्रानन्द गिरि महाराज के जीवन से सम्बन्धित दुर्लभ चित्रों, महान हस्तियों की प्रतिमायें, ग्रन्थों व पुस्तकों के संकलन को बड़े ही व्यवस्थित ढंग से प्रत्येक के लिये निर्धारित स्थानों में प्रदर्शित किया गया है। इस अवसर पर सहकार्यवाह डॉ0 कृष्ण गोपाल सह सरकार्यवाह, भारत माता मन्दिर एवं समन्वय ट्रस्ट के अध्यक्ष जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरि महाराज, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द्र अग्रवाल, शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, विशिष्ट जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने स्वामी सत्यमित्रानन्द गिरि महाराज के जीवन से सम्बन्धित संकलित वस्तुओं का अवलोकन किया तथा उन्हें प्रेरणादायी बताया।
इस अवसर पर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरि महाराज ने मुख्यमंत्री व उपस्थित विशिष्टजनों को अंगवस्त्रम् भेंटकर सम्मानित किया। आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरि महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में महाकुम्भ सम्पन्न होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानन्द गिरि महाराज प्रेरणादायी व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने भारत माता ट्रस्ट मन्दिर की स्थापना की। वह एक बहुत बड़े सन्त थे। उनको शंकराचार्य की उपाधि मिली और उन्होंने उसका परित्याग किया और जो धर्मदण्ड है, उसे उन्होंने मां गंगा को समर्पित किया। वे आध्यात्म व व्यवहार दोनों के समन्वयक थे। आज उनकी याद में स्मृति मन्दिर का शिलान्यास किया गया है, जो युगों-युगों तक हमारे आने वाली पीढ़ी को प्रेरणा देगा।
इस अवसर पर आई0डी0 शास्त्री, सचिव समन्वय सेवा ट्रस्ट एवं भारत माता जनहित ट्रस्ट, भारत माता मन्दिर, महामण्डलेश्वर गोविन्द गिरि महाराज, स्वामी ललितानन्द, स्वामी रामदेव, ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी, स्वामी हरचेतनानन्द, सतपाल ब्रह्मचारी, लक्सर विधायक संजय गुप्ता, ज्वालापुर विधायक सुरेश राठौर, मेला अधिकारी दीपक रावत, जिलाधिकारी सी0 रविशंकर आदि उपस्थित थे।

रतूड़ी ने नए डीजीपी अशोक कुमार को पुलिस बैटन सौंपी

उत्तराखंड पुलिस के डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी आज रिटायर हो गए हैं। उनकी जगह 1989 बैच के अधिकारी अशोक कुमार ने चार्ज संभाला है। डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी ने नए डीजीपी अशोक कुमार को पुलिस बैटन सौंपी। आईपीएस अशोक कुमार उत्तराखंड के 11वें डीजीपी बने हैं।
इससे पहले पुलिस लाइन में राज्य के 10वें डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी की विदाई में परेड का आयोजन किया गया। पुलिस लाइन में सुबह करीब नौ बजे से परेड की शुरुआत की गई । इसके लिए पुलिस लाइन में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई। डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी को डीजी अशोक कुमार ने पुलिस लाइन में रिसीव किया। इसके बाद भव्य विदाई परेड आयोजित की गई।
डीजीपी अनिल रतूड़ी के पुलिस मुखिया के तौर पर तीन साल से अधिक का कार्यकाल रहा है। आज सेवानिवृत्त होने के दिन उनकी तीन साल की उपलब्धियों को बताया गया।

ये हैं उनके प्रमुख कार्य-
– गुमशुदा बच्चों को तलाशने के लिए ऑपरेशन स्माइल चलाया गया।
– सीपीयू की तर्ज पर पहाड़ों में हिल पेट्रोल यूनिट शुरू की गई।
– ई-चालन व्यवस्था की शुरुआत की गई।
– इस अवधि में 6 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिलाया गया।
– 2018 में माउंट एवरेस्ट पर पुलिस टीम ने चढ़ाई की।
– कॉमन वेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव की इंडिया जस्टिस रिपोर्ट में उत्तराखंड पुलिस मानव संसाधनों के उपभोग में दूसरे स्थान पर रही।
– पिछले साल देश के 15000 थानों में प्रदेश के तीन थाने टॉप 10 में शामिल हुए।

एम्स की ओर से कोविड से सुरक्षा को लेकर चलाया गया जागरुकता अभियान

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश के तत्वावधान में गठित कोविड-19 कम्युनिटी टास्क फोर्स के द्वारा राजकीय इंटर कॉलेज खदरी खड़कमाफ में निशुल्क मास्क वितरित किए गए। इस दौरान शिक्षकों, विद्यार्थियों व अन्य लोगों को कोरोना वायरस को लेकर जागरूक किया गया।
एम्स निदेशक प्रोफेसर रवि कांत की देखरेख में संस्थान के द्वारा कोविड19 कम्युनिटी टास्क फोर्स विभिन्न क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिसके अंतर्गत खदरी श्यामपुर स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसके तहत कोविड-19 कम्युनिटी टास्क फोर्स के नोडल अधिकारी डॉ. संतोष कुमार की अगुवाई में विद्यालय के छात्र- छात्राओं, शिक्षकों व अन्य स्टाफ को 300 से अधिक मास्क वितरित किए गए, साथ ही उन्हें कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर जागरूक किया गया। उन्हें इस विकट समय में सावधानी बरतने, सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करने को प्रेरित किया गया। टास्क फोर्स द्वारा छात्र छात्राओं को बताया गया कि अभी कोविड19 वायरस का संक्रमण कम नहीं हुआ है, लिहाजा जब भी घर से बाहर निकलें अथवा सार्वजनिक स्थान या जन समुदाय के बीच जाएं तो एक दूसरे व्यक्ति से कम से कम 2 गज की दूरी बनाकर रखें व साथ ही शल्य चिकित्सा मास्क का उपयोग करें। बताया गया कि कपड़े के मास्क का इस्तेमाल भी किया जा सकता है, जिसे धोने के बाद दोबारा उपयोग में लाया जा सकता है।
इस दौरान राजकीय इंटर कॉलेज खदरी खड़कमाफ के प्रधानाचार्य मेहताब सिंह व ग्राम प्रधान बबीता देवी द्वारा एम्स की कोविड-19 कम्युनिटी टास्क फोर्स द्वारा चलाई जा रही जनजागरूकता मुहिम की सराहना की गई। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता नवीन मोहन, शांति प्रसाद थपलियाल, एम्स की टीम के सदस्य हिमांशु ग्वाड़ी, विकास सजवाण, त्रिलोक सिंह आदि मौजूद रहे।

नरेश बंसल ने राज्य सभा सांसद के रुप में ली शपथ

आज नवनिर्वाचित सासंद राज्यसभा नरेश बंसल परिवारजनों के साथ संसद पहुंचे। वहां उन्होंने राज्यसभा के मुख्यहाॅल मे आयोजित नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसदो के शपथग्रहण समारोह मे भाग लिया। कार्यक्रम में कर्नाटक, उत्तरप्रदेश के नवनिर्वाचित संसद सदस्यों के साथ उन्होंने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली।
उत्तराखंड से अभी एक सीट खाली होने के चलते केवल नरेश बंसल ने शपथ ली। सभी को शपथ महामहिम उपराष्ट्रपति व सभापति राज्यसभा एम वैकंेया नायडू ने दिलाई। बंसल ने लगभग 12ः10 बजे मातृभाषा हिन्दी मे शपथ ली। उत्तरप्रदेश से नवनिर्वाचित सांसद व केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी नरेश बंसल के साथ शपथ ली। सभापति महोदय ने कहा कि सदन का सत्र कोरोना संकट काल मे कब होगा, यह अभी निश्चित नही है। राज्य सभा की समिति के महत्वपूर्ण कार्य चल रहे है, जिसकी समय से प्रगती हेतु नय सदस्यों की आवश्यकता है, जो उसमे प्रतिभाग कर समिति के कार्यो को आगे बढ़ाएगे। इसी हेतु सत्र से पहले यह शपथ कार्यक्रम आयोजित किया गया ताकि नए सदस्य समिति की बैठको मे भाग ले सके ।
महामहिम उपराष्ट्रपति व सभापति राज्यसभा एम वैकंया नायडू जी ने सभी को मास्क लगाने व दो गज की दुरी बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सभी को नवीन दायित्व के लिये बधाई और शुभकामनाएं दी व सभी अच्छा कार्य करे यह कमाना की। उन्होंने सभी सदस्यों को राज्य सभा के प्रोटोकोल से समबन्धित विभिन्न पुस्तकों को पढ़ने के लिए कहा जिससे नए सदस्य को राज्य सभा की कार्यवाही मे भाग लेने मे सुगमता हो सभी नियमों का ज्ञान हो। उन्होंने कहा कि सभी लोगों की राज्य सभा सदस्यो से बहुत अपेक्षा होती है, उनके आचरण, व्यवहार को युवा पीढ़ी फोलो करता है। उन्होंने सभी को सदन की मर्यादा कायम रखने के लिए कहा। उन्होंने कहा की किसी भी विषय पर वाद-विवाद, चर्चा व उसके बाद निर्णय होना चाहिए ।
इस अवसर पर नरेश बंसल ने कहा कि वह नव दायित्व को पूरी निष्ठा व ईमानदारी से निर्वाहन करेंगे व राज्य व देश हित मे कार्य करेंगे। उनका मंत्र सबका साथ सबका विकास व सबका विश्वास होगा। वह राज्य और केंद्र सरकार के बीच सेतु के रूप में कार्य करेंगे व उत्तराखंड राज्य मे विकास कैसे हो, केन्द्रीय योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा लाभ प्रदेश को मिले यही उनका प्रयास होगा। उन्होंने कहा की केन्द्रीय नेतृत्व ने जो विश्वास उन पर दिखाया है वह उस पर खरा उतरेगे।
कार्यक्रम मे मुख्य रूप से नेता सदन डाॅ. थावरचंद गहलोत, केन्द्रीय संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी, संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन मेघवाल, वी मुरली धरन, केन्द्रीय शिक्षा मंत्री डाॅ. रमेश पोखरियाल निशंक, सांसद अजय भट्ट आदि उपस्थित रहे।

कृषि सुधारों से किसानों को नए अधिकार मिलेः पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हाल के कृषि सुधारों ने किसानों के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोले हैं। आज आकाशवाणी पर मन की बात कार्यक्रम में मोदी ने कहा कि इन सुधारों से किसानों को नए अधिकार मिले हैं तथा वे सशक्त और बंधनमुक्त हुए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि इन सुधारों ने महाराष्ट्र के धुले जिले के किसान जितेंद्र भोइजी को मक्के की फसल का बकाया भुगतान प्राप्त करने में मदद की। प्रधानमंत्री ने राजस्थान के किसान मोहम्मद असलम की भी सराहना की। मोदी ने कहा कि जहां जागरूकता है, वहीं जीवंतता होती है। प्रधानमंत्री ने हरियाणा के कैथल जिले के वीरेंद्र यादव की भी प्रशंसा की, जो आस्ट्रेलिया से वापस लौटकर पराली की समस्या के समाधान के लिए काम कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने युवाओं से अनुरोध किया कि वे अपने आसपास के गांवों का दौरा करके किसानों को खेती में नवाचारों और हाल के कृषि सुधारों के बारे में जागरूक करें। मोदी ने कहा कि संकट के समय संस्कृति बहुत काम आती है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर भी प्रसन्नता व्यक्त की कि अजंता की गुफाओं की विरासत और कला को संरक्षित करने के साथ-साथ डिजिटल रूप भी दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि शिलॉग में खिले हुए चेरी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इन तस्वीरों ने मेघालय की सुंदरता को और बढ़ा दिया है।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि देवी अन्नपूर्णा की बहुत पुरानी प्रतिमा कनाडा से भारत वापस आ रही है। इस मूर्ति को वाराणसी के मंदिर से 1913 के आसपास चुराकर देश के बाहर भेज दिया गया था। मोदी ने इसके लिए कनाडा सरकार और अन्य सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। यह सुनिश्चित करने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं कि इन धरोहरों को स्वदेश वापस लाया जाए। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से देश कई प्रतिमा और कलाकृतियों को वापस लाने में सफल रहा है।
मोदी ने कहा कि जाने-माने पक्षीविज्ञानी सालीम अली के 125वें जयंती समारोह 12 नवंबर से शुरू हो चुके हैं। उन्घ्होंने ने पक्षियों सर्वेक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया था। मोदी ने लोगों से इस तरह के प्रयासों से जुडने की अपील की। प्रधानमंत्री ने ब्राजील के जोनास मैसेट्टी का भी उल्घ्लेख किया जिन्हें विश्वनाथ के नाम से भी जाना जाता है और वे वेदांत और गीता की शिक्षा देते हैं। प्रधानमंत्री ने न्यूजीलैंड में नवनिर्वाचित सांसद गौरव शर्मा द्वारा संस्कृत में शपथ लेने की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति का प्रसार प्रत्येक भारतीय को गौरवान्वित करता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्र कल गुरु नानक देव का 551वां प्रकाश पर्व मनाएगा जिनके उपदेश वैंकूवर से वेलिंगटन और सिंगापुर से दक्षिण अफ्रीका तक प्रेरणा देते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले साल नवम्बर में करतारपुर साहिब गलियारे का उद्घाटन ऐतिहासिक घटना थी। इससे विदेशों में रहने वाले सिखों का दरबार साहिब की सेवा में योगदान देना आसान हो गया है।
मोदी ने कहा कि उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आईआईटी दिल्ली से लेकर आईआईटी गुवाहाटी तक कई शिक्षण संस्थानों के छात्रों के साथ बातचीत की। प्रधानमंत्री ने कहा कि छात्रों को अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद भी अपने संस्थानों में पूर्व छात्रों के रूप में योगदान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आईआईटी के पूर्व छात्रों ने अपनी आईआईटी में सम्मेलन कक्ष, प्रबंध केन्द्र और इनक्यूबेशन केन्द्रों का निर्माण किया है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से मौजूदा छात्रों की पढ़ाई में सुधार होता है। मोदी कहा कि आईआईटी दिल्ली ने एक अक्षयनिधि शुरू की है, जो एक शानदार विचार है। 5 दिसंबर को अरबिंदो की पुण्यतिथि मनाई जाएगी।
मोदी ने कहा कि श्री अरबिंदो के विचारों में बहुत गहराई है। उन्होंने युवाओं से इस महान व्यक्तित्व के बारे में और अधिक जानने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे-जैसे देश वोकल फॉर लोकल की दिशा में आगे बढ़ रहा है, उसे श्री अरबिंदो के स्वदेशी के दर्शन से प्रेरणा मिल रही है। स्वयं श्री अरबिंदों को स्वदेशी की प्रेरणा उनके परिवार से मिली थी। मोदी ने कहा कि देश ने अब लॉकडाउन चरण से बाहर निकलने के बाद कोविड-19 के टीके पर चर्चा शुरू कर दी है। हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि कोरोना के बारे में कोई भी लापरवाही बहुत घातक होगी। मोदी ने सभी को कोरोना से लड़ाई को मजबूत करने के लिए कहा।

सुरेश भट्ट की एंट्री से कई भाजपाई बेचैन

भारतीय जनता पार्टी उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने सुरेश भट्ट को भाजपा उत्तराखंड का प्रदेश महामंत्री नियुक्त किया है। बंशीधर भगत ने आशा व्यक्त की है कि सुरेश भट्ट के प्रदेश महामंत्री बनने से उत्तराखंड में संगठन को और गति मिलेगी व उनके अनुभव का लाभ प्रदेश भाजपा को प्राप्त होगा।
भाजपा मीडिया प्रभारी डॉ देवेंद्र भसीन ने बताया कि उत्तराखंड भाजपा में प्रदेश महामंत्री के तीन पद हैं। इनमें से एक पद बंशीधर भगत के अध्यक्ष रूप में पद ग्रहण करने व उनके द्वारा प्रदेश पदाधिकारियों व कार्यसमिति की घोषणा के बाद से ही रिक्त चल रहा था। इस रिक्त पद प्रदेश अध्यक्ष द्वारा सुरेश भट्ट की नियुक्ति की गई है। सुरेश भट्ट इससे पहले हरियाणा में भाजपा प्रदेश महामंत्री (संगठन) थे।
बतातें चले कि सुरेश भट्ट की एंट्री से प्रदेश भाजपा के कई नेताओं में भी हलचल देखी जा रही है। खासतौर से संघ के वो चेहरे जो आज भाजपा में बड़ा नाम बन चुके है। उनमें बैचेनी देखने को मिल रही है। अपने भविष्य को लेकर अब वह आंशकित देखे जा रहे है। गौरतलब है कि संघ के चेहरे के रुप में त्रिवेन्द्र सिंह रावत अभी वर्तमान में मुख्यमंत्री है। दूसरी लाइन के नेता भी भविष्य में मुख्यमंत्री का ख्वाब संजोये हुए थे। जो सुरेश भट्ट के आने के बाद धूमिल होती नजर आ रही है। मोदी के करीबी नेताओं में सुरेश भट्ट का नाम आता है। जाटलैंड यानि की हरियाणा में भाजपा की पकड़ बनाने में सुरेश भट्ट का महत्वपूर्ण योगदान है।

देहरादून में रोबोटिक लैब की होगी स्थापना, सीएम ने की घोषणा

केन्द्रीय मंत्री इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी रविशंकर प्रसाद ने वर्चुअल माध्यम से एवं मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आईटीडीए, देहरादून में कोएसटीपीआई देहरादून इन्क्यूबेशन केन्द्र का शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि देहरादून में जल्द ही एक रोबोटिक लैब की स्थापना की जायेगी जिसके लिए भूमि भी उपलब्ध है। इस दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत एवं सूचना तकनीकी राज्यमंत्री, भारत सरकार संजय धोत्रे ने ई-वेस्ट स्टूडियो का उद्घाटन भी किया।
केन्द्रीय मंत्री इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मैं देवभूमि उत्तराखण्ड से बहुत प्यार करता हूं और वहां के लोगों का बहुत सम्मान करता हूं। उत्तराखण्ड आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं भारत की सभ्यतागत संस्कृति का केन्द्र है। इन्क्यूबेशन का मतलब है, सृजना। उत्तराखण्ड से वेद की शुरूआत हुई है, श्री केदारनाथ, श्री बदरीनाथ, गंगा एवं यमुना का जहां उद्गम स्थल हैं उस उत्तराखण्ड राज्य से आज टेक्नॉलाजी को इंक्यूबेट कर रहे है। संस्कार, संस्कृति से टेक्नॉलाजी तक ये उत्तराखण्ड का परिचय होना चाहिए। उत्तराखण्ड के लोगों में कार्य करने की असीमित क्षमता एवं समर्पण की भावना है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अगुवाई में उत्तराखण्ड राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने एसटीपीआई के अधिकारियों को निर्देश दिया कि यह इन्क्यूबेसन सेंटर बेहतर एवं आधुनिक बने। स्टार्टअप के क्षेत्र में उत्तराखण्ड में प्रबल संभावनाएं हैं। उत्तराखण्ड के देहरादून एवं हल्द्वानी में बीपीओ बनाये गये हैं। उन्होंने कहा कि ‘‘चुनौती’ नाम से एक नई योजना चलाई जा रही है। इस योजना का उद्देश्य छोटे शहरों के बच्चों में भी सृजनात्मकता का विकास हो। उन्होंने कहा कि देहरादून में एक रोबोटिक सेंटर बनाया जाय। यह भारत का महत्वपूर्ण रोबोट सेंटर बनना चाहिए। इसके लिए राज्य सरकार को पूरा सहयोग दिया जायेगा। उत्तराखण्ड का एक ब्रांड अध्यात्म है तो दूसरा रोबोटिक बनना चाहिए। आज उत्तराखण्ड के 46 अस्पताल ई-अस्पताल बन चुके हैं। ऋषिकेश एम्स अच्छा कार्य कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की डिजिटल इंडिया का उद्देश्य आम लोगों को टेक्नॉलॉजी के माध्यम से मजबूत बनाना है। इसके लोगों को अनेक फायदे हो रहे हैं। टेक्नॉलाजी के माध्यम से आम आदमी के जीवन को बदला जा सकता है। भारत नेट फेज 1 में उत्तराखण्ड के 1800 ग्राम पंचायत कनेक्ट हो चुके हैं। फेज 2 में भी राज्य सरकार को पूरा सहयोग दिया जायेगा। हरिद्वार में 310 ग्राम पंचायतों सीएससी सेंटर के माध्यम से 50 हजार लोगों को वाईफाई सुविधा दी गई है।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने एसटीपीआई देहरादून इन्क्यूबेशन केन्द्र के शिलान्यास के लिए केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आईटीडीए द्वारा सभी इलेक्ट्रिक वेस्ट का बेहतर इस्तेमाल किया जा रहा है। टीम वर्क से इलेक्ट्रानिक वेस्ट को बैस्ट में बदलने का सराहनीय कार्य किया जा रहा है। आईटी पार्क ने 2019-20 में 150 करोड़ रूपये का व्यापार किया है। इससे 2500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। एसटीपीआई देहरादून इन्क्यूबेशन केन्द्र बनने से स्टार्टअप को जो प्ले एण्ड प्लग की फैसिलिटी चाहिए वो उन्हें उपलब्ध होगी। इससे स्टार्टअप को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एसटीपीआई देहरादून इन्क्यूबेशन केन्द्र उत्तराखण्ड में निवेश को आकर्षित करने तथा प्रमुख आईटीध्आई.टी.ई.एस गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिए प्रोत्साहन देने में मददगार होगा। इससे स्टार्टअप एवं उद्यमियों के लिए अतिरिक्त इंक्यूबेसन सुविधा उपलब्ध कराने एवं राज्य में आईटी साफ्टवेयर, सेवाओं के निर्यात व उद्यमशीलता को बढ़ावा देने में भी सहायता मिलेगी। इससे राज्य में रोजगार के नये अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि भारत नेट-2 के प्रसार से उत्तराखण्ड में पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका होगी। राज्य के नौजवान हौनहार एवं प्रगतिशील विचारधारा तथा रचनात्मक सोच वाले हैं। भारत नेट फेज 2 परियोजना के तहत की 2 हजार करोड़ रूपये की इस योजना से 5991 ग्राम पंचायतों में इंटरनेट पहुंचाया जायेगा। आज हमारे नौजवान ऑनलाईन बिजनेस की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ड्रोन एप्लीकेशन के क्षेत्र में भी उत्तराखण्ड में अच्छा कार्य हो रहा है। राज्य में अनेक ड्रोन के पायलेट तैयार हो रहे हैं। आने वाले समय में राज्य को इसका बहुत लाभ होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद से काशीपुर में आरक्षित 100 एकड़ भूमि में इलेक्ट्रॉनिक एवं मैन्युफैक्चरिंग कलस्टर के लिए सहयोग एवं राज्य में भारत नेट भेज 2 का जल्द कार्य शुरू करवाने का अनुरोध किया।
आईटीडीए के निदेशक अमित कुमार सिन्हा ने ई-वेस्ट स्टूडियो के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि ई-कचरा पुनर्चक्रण और निपटान के बारे में जन जागरूकता के उद्देश्य से बना यह स्टूडियो पूरी तरह से पुनर्चक्रण किये हुए ई-कचरे से तैयार किया गया है। जिसमें आंतरिक ड्रोन रेसिंग ट्रैक भी बनाया गया है। इस स्टूडियो को बनाने के लिए एकत्रित किये गए ई-कचरे को पुनः उपयोग कर 25 कंप्यूटर तैयार किये गए जिन्हे की जनपद के 10 प्राथमिक विद्यालयों को भेंट किया गया।
इस अवसर पर सूचना तकनीकी राज्यमंत्री, भारत सरकार संजय धोत्रे, सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी आर.के. सुधांशु, एवं निदेशक आईटीडीए अमित कुमार सिन्हा, वर्चुअल माध्यम से सचिव इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार अजय प्रकाश साहनी एवं महानिदेशक एसटीपीआई डॉ. ओंकार राय आदि उपस्थित थे।

कोविड के दौरान आयुष और होम्योपेथी की ओर लोगों का रूझान बढ़ा हैः त्रिवेंद्र सिंह

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास में कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत के साथ वन, सेवायोजन एवं कौशल विकास, श्रम तथा आयुष विभाग की समीक्षा की।
वन विभाग- वन विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि उत्तराखण्ड के वन्यजीव संरक्षित क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बुकिंग के लिए सिंगल विंडो सिस्टम शुरू किया जाय। ऑनलाईन बुकिंग के लिए एप्प विकसित किया जाए। लकड़ी एवं आरबीएम के लिए लोगों को एप्लाई करने के बाद निश्चित समयावधि में अनुमति मिल जाय, इसके लिए लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो। लोगों के हक-हकूकों का पूरा ध्यान रखा जाय। इसको सेवा के अधिकार के तहत सम्मिलित किया जाय। व्यावसाईयों के लिए जो रवन्ने जारी हो रहे हैं, उनकी चेक पोस्ट पर नियमित चेकिंग की जाए।
कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि कार्बेट टाइगर रिजर्व के अन्तर्गत ढेला ‘रेस्क्यू सेन्टर’ एवं पाखरो ‘टाइगर सफारी’ की स्थापना का कार्य प्रगति पर है, गर्जिया टूरिज्म जोन की स्थापना की जा रही है। धनगढ़ी म्यूजियम का उच्चीकरण किया जा रहा है।
आयुष विभाग- आयुष विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने निर्देश दिये कि आयुष विभाग द्वारा लोगों को योग, प्रणायाम डाइट चार्ट एवं आयुष से संबधित विभिन्न गतिविधियों के बारे में विभिन्न माध्यमों से जागरूक किया जाय। कोविड के दौरान आयुष और होम्योपेथी की ओर लोगों का रूझान बढ़ा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रयास किये जाय कि अधिकांश जगह पर लोगों को आयुष, होम्योपैथी एवं ऐलोपैथिक सुविधाएं मिल जाये। जिन जनपदों में आयुष विभाग का अपना भवन नहीं हैं, जिलाधिकारियों के माध्यम से लंबे समय से खाली सरकारी भवनों या स्कूलों में व्यवस्था की जाय। चरक डांडा में अन्तरराष्ट्रीय शोध संस्थान के लिए जल्द डीपीआर बनाई जाय।
आयुष मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि कोविड के दौरान आयुष विभाग द्वारा 02 लाख से अधिक काढ़ा के रूप में सुरक्षा किट वितरित की गई। आयुष विभाग द्वारा प्री कोविड और पोस्ट कोविड किट तैयार की गई है।
सेवायोजन एवं कौशल विकास- सेवायोजन एवं कौशल विकास की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिन 25 आईटीआई को अपग्रेड किया जा रहा है। उनमें प्रशिक्षण की बेहतर व्यवस्था के साथ ही प्रशिक्षण लेने वाले विद्यार्थियों के प्रतिभा प्रदर्शन एवं प्रोत्साहित करने के लिए प्रोडक्शन एवं मार्केटिंग की व्यवस्था भी की जाय।
श्रम विभाग- श्रम विभाग की समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि वर्ष 2017 में उत्तराखण्ड दुकान और स्थापन अधिनियम में संशोधन किया गया जिसके अंतर्गत दस से कम कर्मकार नियोजित करने वाले दुकानों एवं स्थापनां को पंजीयन की आवश्यकता नहीं रह गई है। पंजीयन एक बार किया जायेगा। नवीनीकरण की आवश्यकता को समाप्त कर दिया गया है।

हाईकोर्ट के फैसले पर हैरानी जताई, कहा-समीक्षा करेंगे, फिलहाल अन्य कोई नही की कोई टिप्पणी

-विपक्षी खेमे में फैसला आने के बाद बची खलबली

आखिरकार देश की सर्वोच्च अदालत में सत्य की जीत हुई। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के खिलाफ हाईकोर्ट के सीबीआई जांच कराने वाले आदेश ने हैरान जरूर किया था। मगर, सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश को रद्द करते हुए आश्चर्य जताया कि हाईकोर्ट ने ऐसा आदेश कैसे पारित किया? जबकि मुख्यमंत्री इस मामले में पक्षकार ही नहीं थे। उनके खिलाफ जांच की कोई मांग भी नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट ने इसी बात को ध्यान में रखते हुए सीबीआई जांच के हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है, साथ ही सभी पक्षकारों को नोटिस जारी किए हैं। इनका जवाब दाखिल करने का चार सप्ताह का समय भी दिया है।

एससी में सीएम के वकील ने कहा, बेवजह नाम घसीटा गया
सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के वकील ने कहा कि राज्य की जनता ने उन्हें चुना है, राजनीतिक लाभ के लिए विवाद में उनका नाम बेवजह डाला गया है। उन्होंने कोर्ट में यह भी तर्क दिया कि हाईकोर्ट में उमेश शर्मा ने सीबीआई जांच जैसा कोई मांग नहीं की थी। उमेश शर्मा की याचिका में सिर्फ उसके खिलाफ देहरादून में दर्ज एफआइआर को रद्द करने की मांग की गई थी। इसके विपरीत हाईकोर्ट ने न सिर्फ उमेश के खिलाफ दर्ज एफआइआर रद्द करने का आदेश सुनाया बल्कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के खिलाफ सीबीआई जांच करने का आदेश दे दिया। सीएम ने अपनी याचिका में लगाए गए आरोप को फर्जी और आधारहीन कहा।

मूल मुद्दा तो भटक गया…
दरअसल देहरादून के राजपुर थाने में पत्रकार उमेश शर्मा सहित अन्य के खिलाफ सेवानिवृत प्रोफेसर हरेंद्र सिंह रावत ने ब्लैकमेलिंग, दस्तावेजों की कूट रचना और गलत तरीके से बैंक खातों की जानकारी हासिल करने का मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि उमेश शर्मा ने सोशल मीडिया का दुरूपयोग किया और एक वीडियो डाली। इसमें प्रोफेसर रावत और उनकी पत्नी सविता रावत के खाते में नोटबंदी के दौरान झारखंड के अमृतेश चैहान की ओर से 25 लाख रुपये जमा करने की बात कही गई थी और यह रकम को त्रिवेंद्र सिंह रावत को देने को कहा गया था। इसके अलावा सविता रावत को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की सगी बहन बताया गया था। प्रोफेसर हरेंद्र सिंह ने सभी तथ्यों को झूठा बताया था।
बड़ा सवाल तो यह है कि कैसे हम दूसरे अनजान व्यक्ति की बैंक संबंधी डिटेल प्राप्त कर सकते है? आयकर विभाग के अलावा यह जानकारी बैंक भी अन्य किसी को नही देता है। मसलन यदि कोई आपराधिक मामला है तो बैंक जांच के दौरान पुलिस अथवा जांच एजेंसी को जानकारी मुहैया कराता है। इस मामले में देखे तो तथाकथित पत्रकार ना तो जांच एजेंसी है ना ही अधिकृत व्यक्ति। ऐसे में बैंकों की भूमिका भी संदिग्ध हो जाती है। सेवानिवृत प्रोफेसर हरेंद्र सिंह रावत की शिकायत पर तो अभी तक कोर्ट के द्वारा कार्रवाई भी नही की गई है?

व्यक्ति एक दलीलें दो….
देश के जाने माने वकील कपिल सिब्बल भी गजब के आदमी निकले। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के स्टिंग मामले में इन्ही वकील साहब ने कोर्ट को उमेश कुमार को ब्लेकमेलर बताया है। जबकि इस मामले में वकील साहब तथाकथित पत्रकार को ईमानदार बता रहे है। अन्य राज्यों में लंबित मुकदमें को लेकर उन्हें झूठा फंसाने की बात कह रहे है। वकील साहब पहले तय कर ले कि आप किस केस में सच बोल रहे है और किस केस में झूठ?

केस को हाईप्रोफाइल बनाने और सुर्खियां बटोरने की कोशिश…
तथाकिथत पत्रकार उमेश जे कुमार की और से इस मामले को हाईप्रोफाइल बनाने और सुर्खियां बटोरने के लिए इस्तेमाल करना प्रतीत हो रहा है। जानकार बताते है कि अपनी गर्दन बचाने के लिए हाईकोर्ट में केस का रुख मोड़ा गया है। वहीं, राज्य सरकार की ओर से पेश हुए वकील जानेमाने वकील कपिल सिब्बल और चालाक पत्रकार की चालो में उलझ गये। जिससे केस ने दूसरा ही रुख मोड़ लिया।

कथित पत्रकार की सीबीआई जांच मांग जोर पकड़ने लगी
सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद सोशल मीडिया में कथित पत्रकार के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग जोर पकड़ने लगी है। बेशुमार दौलत के मालिक और कथित तौर पर अन्य राज्यों में कई मुकदमों का सामना कर रहे पत्रकार को लेकर लोगों में नाराजगी दिखाई दे रही है। लोग ईमानदार मुख्यमंत्री पर लांछन लगाने को लेकर इसकी ही सीबीआई जांच कराने की मांग कर रहे है।