केन्द्र सरकार ने दोगुनी रफ्तार से समीओं में निर्माण कार्यों को बढ़ाने का काम किया शुरु

(एनएन सर्विस-डेस्क)
पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर चीन के द्वारा बाधाएं पैदा करने के बाद भी केन्द्र सरकार ने निर्माण परियोजनाएं को नही रोकने का निर्णय लिया है। केन्द्र सरकार निर्माण कार्य रोकने के बजाय दोगुनी रफ्तार से इन्हें आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। दरबुक से श्योक नदी और फिर दौलत बेग ओल्डी एयरबेस तक 255 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण चीन को सबसे ज्यादा अखर रहा है। 
सूत्रों ने बताया कि श्योक और गलवां नदी के संगम स्थल के पास जैसे ही पुल का निर्माण शुरू किया गया, चीन ने आपत्ति जताने के साथ तनातनी का माहौल बनाना शुरू कर दिया। इसके बावजूद सेना ने इस बेहद महत्वपूर्ण पुल को अपग्रेड करने का काम पूरा कर लिया। गलवां घाटी की घटना के बाद से रोड कनेक्टिविटी से जुड़ी परियोजनाओं में भी तेजी लाई जा रही है। हिंसक झड़प वाली जगह से कुछ ही दूर पुल बनाया जा रहा था। चीन की कोशिश थी कि किसी तरह से पुल का निर्माण रुकवा दिया जाए। एक अधिकारी ने बताया कि इस घटना से और हिंसक संघर्षों की आशंका बन गई थी। ऐसे में पुल तैयार होना और भी जरूरी हो गया था। इसके लिए पुल निर्माण दल से कहा गया, किसी भी सूरत में इस पुल के निर्माण को अंजाम तक पहुंचाए। बताया जा रहा है कि सैनिकों की शहादत के तीन दिन में इसे टेस्टिंग के साथ सैन्य मूवमेंट के लिए तैयार भी कर लिया गया। इस तरह का पहला पुल ब्रिटिश वार ऑफिस में तैनात डोनाल्ड बेली के मॉडल पर वर्ष 1940-41 में तैयार किया गया था। उन्हीं के नाम से पुल के डिजाइन का नामकरण हो गया।
नागरिक सेवाओं के काम भी नहीं करने देता ड्रैगन- एलएसी के उस पार चीन धड़ल्ले से निर्माण करता आ रहा है लेकिन इस पार छिटपुट निर्माण पर भी चीन आपत्ति जताकर काम रुकवाता रहा है। लद्दाख के स्थानीय प्रतिनिधियों के अनुसार कई मर्तबा एलएसी से सटे ग्रामीणों के लिए सिंचाई कूहल समेत बुनियादी सुविधाओं से जुड़े निर्माण भी केवल चीन की आपत्ति को देखते हुए बंद कर दिए गए। 
वहीं, सीमा पर तनाव को देखते हुए छुट्टी पर घर पहुंचे भारतीय सेना के जवानों और अधिकारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गईं हैं। सभी को जल्दी से जल्द अपने अपने बटालियनों में उपस्थिति देने के आदेश दिए गए हैं। जोशीमठ स्थित सेना के ब्रिगेड हेडक्वार्टर में सेना की बैठक में चमोली जिले से लगी सीमा पर जारी गतिविधियों की जानकारी ली गई। सेना व आईटीबीपी के अधिकारियों ने सीमा पर स्थिति का जायजा लिया। सूत्रों के अनुसार शनिवार को जोशीमठ स्थित सेना के हेलिपैड पर दो चेतक हेलिकॉप्टर उतरे। सीमा पर सेनाओं की अलर्टनेस बढ़ गई है। सीमा पर प्राइवेट ट्रकों से भी जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है। 
वहीं, एक महत्वूपर्ण जानकारी देते हुए गिलगित बाल्टिस्तान के राजनीतिक कार्यकर्ता और इंस्टीट्यूट ऑफ गिलगित बाल्टिस्तान स्टडीज के निदेशक सेंगे एच सेरिंग ने कहा कि लद्दाख में भारत के बुनियादी ढांचा निर्माण से चीन डरता है। इसलिए वह भारत को धमकाने की कोशिश कर रहा है। इंस्टीट्यूट ऑफ गिलगित सेरिंग ने कहा, भारत बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रहा है और काराकोरम पास तक पहुंच को और आसान बना रहा है। इसके जरिये अब भारत गलवां घाटी से चीन के राष्ट्रीय राजमार्ग जी 219 तक पहुंच सकता है। ऐसे में अगर भारत पूर्व और उत्तर की ओर बढ़ता है तो वह तिब्बत को जिनजियांग से काट सकता है। साथ ही साथ व पूर्वी रूट को भी काट सकता है, जोकि सीपेक का दूसरा रास्ता है।

सूर्य ग्रहण के दिन साल का सबसे बड़ा दिन, जानिए ग्रहण की जानकारी

(एनएन सर्विस)
21 जून को सूर्यग्रहण है। भारतीय ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि यह साल का पहला सूर्य ग्रहण है। यह ग्रहण ग्रह एवं नक्षत्रों का ऐसा संयोग बना रहा है, जो पिछले 500 वर्षों में नहीं बना। इस दिन एक खगोलीय घटना होने वाली है, जिसमें सूर्य कर्क रेखा के ठीक ऊपर आयेगा। यह साल का सबसे बड़ा दिन भी होगा। यह दूसरा ऐसा सूर्य ग्रहण है, जो 21 जून को हो रहा है। इससे पहले 2001 में 21 जून को सूर्य ग्रहण हुआ था।
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि ग्रहण का सूतक एक दिन पहले यानि की आज रात से लगेगा। सूर्यग्रहण स्पर्श से 12 घंटे पहले यानी रात 10 बजकर 24 मिनट पर सूतक काल शुरू होगा। इस काल में मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे। कोई शुभ कार्य नहीं होगा। सूर्यग्रहण पर कंकणाकृति चंद्रमणि आकार बनेगा। वहीं सूर्य ग्रहण का राशियों पर विशेष प्रभाव भी पड़ रहा है।।

ग्रहण काल-
ग्रहण का समय-सूतक काल-शनिवार रात 10. 24 मिनट से शुरू। 
सूर्यग्रहण काल-रविवार सुबह 10.24 बजे प्रारंभ। 
सूर्यग्रहण मोक्ष काल-दोपहर 1.48 बजे। 
कुल ग्रहण काल समय-3 घंटे 25 मिनट 17 सेकेंड। 

ग्रहण के दौरान यह उपाय फल्दायी होंगे-
सूतक काल के दौरान पूजा-पाठ व यात्रा न करें। पत्र छेदन, लकड़ी काटना, कपड़े सिलना, भोजन बनाना भी उचित नहीं माना गया है। ग्रहण काल से पूर्व स्नान कर अपने इष्टदेव के मंत्रों का जाप करें। ग्रहण के मध्य पुनः स्नान कर मंत्र जाप हवन व दान करें। गर्भवती महिलाओं को धारदार एवं चाकू से फल, सब्जी नहीं काटनी चाहिए। ग्रहण पूर्ण होने के बाद स्नान करें और स्नान के बाद जरूरतमंद लोगों को धन और अनाज का दान करें।

राशियों पर असर-
मेष – लाभप्रद रहेगा। 
वृष- अत्यन्त कष्टकारी रहेगा ।
मिथुन- शरीर को कष्ट होगा।
कर्क- धन व मन की हानि होगी ।
सिंह- शुभ फल, श्री प्राप्ति होगी।
कन्या- स्वास्थ का ध्यान जरूर रखें। 
तुला- संतान स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। 
वृश्चिक- मृत्यु तुल्य कष्ट हो सकता है।
धनु- पत्नि कष्ट संभव हो सकता है।
मकर- अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
कुम्भ- मान, सम्मान में कमी हो सकती है।
मीन- सुख समृद्धि बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री ने पीएम को 300 करोड़ के प्रोजेक्ट शुरू करने की जानकारी दी

(एनएन सर्विस)
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिग में प्रतिभाग किया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कोविड-19 एवं अनलॉक-1 के बाद की परिस्थितियों पर विचार विमर्श किया गया। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में उठाए गए कदमों पर भी विचार विमर्श किया गया।
वीडियो कांफ्रेंसिग के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मीडिया से अनौपचारिक बात करते हुए कहा कि इस दिशा में उत्तराखण्ड द्वारा काफी प्रगति की गई है। राज्य सरकार द्वारा लगभग 300 करोड़ के प्रोजेक्टों पर कार्य शुरू किया गया है। कोरोना के बाद लगभग 90 प्रतिशत उद्योगों ने कार्य करना आरम्भ कर दिया है। राज्य में तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद आर्थिक गतिविधियों को बढाने के लिए काम किया गया है। राज्य के युवाओं एवं राज्य में लौटे प्रवासियों के लिये रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना प्रारम्भ की गई है। योजना का लाभ आधिक से अधिक युवाओं को उपलब्ध हो इसके लिये जिलाधिकारियों को धनराशि उपलब्ध करायी गई है। कल ही 110 करोड़ रूपये जिलाधिकारियों को स्वीकृत की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मनरेगा में 23 हजार से अधिक नए रजिस्ट्रेशन कराए गए है। इनमें से 17 हजार से अधिक लोगों को काम भी उपलब्ध कराया गया है। मनरेगा में कुल 3 लाख 64 हजार श्रमिक नियोजित हैं। जबकि कृषि एवं इससे सम्बन्धित कार्यों के लिये 5 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। राज्य में पर्यटन को गति देने के लिये भी योजना बनायी जा रही है।

प्रधानमंत्री ने किससे कहा-कोरोना वायरस की जमीनी हकीकत जानना चाहता हुं

(एनएन सर्विस-डेस्क)
कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिग के माध्यम से ं21 राज्यों के मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और प्रशासकों के साथ वार्ता की। प्रधानमंत्री ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों से कहा, अनलॉक एक को दो सप्ताह बीत चुके हैं। आज मैं आप लोगों से कोरोना वायरस की जमीनी हकीकत जानना चाहता हुं। जिससे कि आगे की रणनीति बनाने में मदद मिल सके।
उन्होंने कहा कि भारत में कोरोना वायरस से ठीक होने की दर 50 फीसदी है। हमारे लिए एक भारतीय की मौत होना भी ठीक नहीं है लेकिन यह भी सच है कि भारत उन देशों में से एक है जहां कोरोना के चलते कम मौत हुई हैं। इस समय बिना मास्क या फेस कवर के बाहर निकलने की सोचना भी ठीक नहीं है। दो गज की दूरी, हाथ धोना और सैनिटाइजर का इस्तेमाल बहुत आवश्यक है। बाजार खुलने और लोगों के बाहर निकलने के साथ ही ये नियम बहुत जरूरी हो गए हैं। 
भविष्य में जब भारत की कोरोना वायरस के खिलाफ जंग का विश्लेषण होगा, यह समय याद रखा जाएगा कि कैसे हमने एक साथ मिल कर यह लड़ाई लड़ी थी और सहयोग की भावना से कैसे काम किया जाता है इसका उदाहरण पेश किया था। हमें इस बात का हमेशा ध्यान रखना है कि हम कोरोना को जितना रोक पाएंगे, उसका बढ़ना जितना रोक पाएंगे, उतनी ही हमारी अर्थव्यवस्था खुलेगी, हमारे दफ्तर खुलेंगे, बाजार खुलेंगे, यातायात के साधन खुलेंगे और उतने ही रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे। 
किसान के उत्पाद की मार्केटिंग के क्षेत्र में हाल में जो सुधार किए गए हैं, उससे भी किसानों को बहुत लाभ होगा। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए नए विकल्प उपलब्ध होंगे, उनकी आय बढ़ेगी और स्टोरेज के अभाव के कारण उनको जो नुकसान होता था, उसे भी हम कम कर पाएंगे। लोकल उत्पादों के लिए जिस रणनीति की घोषणा की गई है, उसका भी लाभ हर राज्य को होगा। इसके लिए जरूरी है कि हम हर ब्लॉक, हर जिले में ऐसे उत्पादों की पहचान करें, जिनकी प्रोसेसिंग या मार्केटिंग करके, एक बेहतर उत्पाद हम देश और दुनिया के बाजार में उतार सकते हैं।

इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों से आज हुई वार्ता
पंजाब, चंडीगढ़, उत्तराखंड, हिमाचल, लद्दाख, झारखंड, छत्तीसगढ़,गोवा, केरल, पुडुचेरी,असम, त्रिपुरा, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, सिक्किम, मणिपुर, नागालैंड, अंडमान-निकोबार, दादर नगर हवेली और दमन दीव, लक्षद्वीप। आज प्रधानमंत्री ने उन राज्यों से बात की जहां कोरोना संकट अन्य राज्यों की अपेक्षा कम है। 

कल 15 राज्यों के साथ करेंगे बातचीत
कल प्रधानमंत्री 15 राज्यों के मुख्यमंत्रियों और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल से बातचीत करेंगे। इनमें महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, कर्नाटक, गुजरात, बिहार और उत्तर प्रदेश शामिल हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री ने शनिवार को कोविड-19 महामारी से ज्यादा प्रभावित इलाकों में इसके प्रसार को रोकने के लिए उठाए गए कदमों और स्थिति के प्रभावी प्रबंधन के रोडमैप की समीक्षा की थी।

आरती टिकू सिंह ने ट्वीट कर दी जानकारी, कुछ भारतीय सैनिक और अधिकारी लापता

(एनएन सर्विस-डेस्क)
भारत और चीन के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। चीनी सैनिकों द्वारा कल रात लद्दाख की गालवान घाटी में हुए हिंसक संघर्ष में तीन भारतीय सैनिक शहीद हो गये है। सूत्रों की मानें तो विशेषज्ञ इसे एक पूर्ण युद्ध की आशंका मान रहे है।
टेलीग्राफ ने भारतीय सेना के वरिष्ठ सूत्रों के हवाले से बताया कि गलगाव घाटी में भारत और चीन के बीच कल रात आमने-सामने होने के बाद, भारतीय सैनिक भी लापता ह। माना जा रहा है कि यह सैनिक या तो मारे गए या उन्हे हिरासत में लिया गया है।
वहीं आईएएनएस इंडिया की रिपोर्टर आरती टिकू सिंह ने ट्वीट कर लिखा कि सूत्रों के अनुसार कुछ भारतीय सैनिक और अधिकारी लापता है। उन्हे शायद गलवान घाटी में हिंसक झड़प के दौरान बंदी बना लिया गया है। वहीं चीन की पीपल लिबरेशन आर्मी हताहतों की संख्या बढ़ाने के लिए उन्हे पहाड़ी से फेंकने की धमकी दे रही है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार द्वारा इसकी पुष्टि नहीं की गई है। हालांकि, सेना ने इस बात की पुष्टि की है कि हिंसक आमना-सामना” में एक भारतीय अधिकारी और सेना के दो जवान शहीद हो गए थे। सेना ने एक बयान में कहा, “गालवान घाटी में डे-एस्केलेशन प्रक्रिया के दौरान, कल रात दोनों पक्षों के हताहतों के साथ एक हिंसक सामना हुआ। भारतीय पक्ष पर जानमाल के नुकसान में एक अधिकारी और दो सैनिक शामिल हैं। ग्लोबल टाइम्स ने विदेश मंत्रालय का हवाला देते हुए कहा, “भारतीय सैनिकों ने सोमवार को दो बार सीमा पर अवैध रूप से सीमा पार करने और चीनी सैनिकों पर भड़काऊ हमलों को अंजाम देकर दोनों पक्षों की आम सहमति का गंभीर उल्लंघन किया।”

एम्म ऋषिकेश में कीमियोथेरेपी और डाइलिसिस की सुविधाएं फिर से बहाल, मिली राहत

(एनएन सर्विस)
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में डाइलिसिस और कीमियोथेरेपी के लिए मरीजों को अब इंतजार नहीं करना पड़ेगा। लॉकडाउन के चलते संस्थान में बीते मार्च माह में स्थगित की गई ओपीडी व अन्य कई सेवाएं अब धीरे धीरे सुचारू की जा रही हैं। ऐसे में डाइलिसिस व कीमियोथेरेपी से जुड़े मरीजों को भी जल्द यह सुविधाएं मिल सकेंगी। कोविड-19 के विश्वव्यापी प्रकोप के चलते एम्स संस्थान में बीते मार्च माह में वाह्य रोगी विभाग ओपीडी समेत कई अन्य नियमित स्वास्थ्य सेवाएं स्थगित कर दी गई थी। जिसकी वजह कोरोना वायरस के संक्रमण से एक-दूसरे लोगों का बचाव व सरकार की गाइड लाइन का शब्दशरू पालन सुनिश्चित कराना था। जिसके कारण कैंसर के मरीजों के लिए संस्थान में उपलब्ध कीमियोथेरेपी व किडनी संबंधी रोगों से ग्रसित मरीजों की डाइलिसिस आदि सुविधाओं को भी कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया गया था। इससे संबंधित रोगों से ग्रस्त मरीजों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था और वह इन सुविधाओं को लेकर लगातार संस्थान से संपर्क बनाए हुए थे। लिहाजा ऐसे मरीजों की परेशानी के मद्देनजर एम्स ऋषिकेश ने कीमियोथेरेपी व डाइलिसिस की सुविधाएं फिर से बहाल कर दी हैं।
गौरतलब है कि ऋषिकेश नगर व समीपवर्ती इलाकों में किडनी संबंधी रोगों से ग्रसित काफी संख्या में मरीज हैं, जो एम्स में इसके नियमित उपचार के लिए आते हैं। ऐसे में खासकर उन लोगों को डाइलिसिस की सुविधा फिर से नियमिततौर पर मिल सकेगी जो पहले से ही संस्थान में इस सुविधा का लाभ लेते रहे हैं। जबकि संस्थान में रेडियोथेरेपी की सुविधा लॉकडाउन के शुरुआती दिनों में कुछ समय स्थगित कर दी गई थी, इसके बाद से इसे सुचारू कर दिया गया था, एम्स संकायाध्यक्ष अस्पताल प्रशासन प्रो. यूबी मिश्रा ने बताया कि इन दिनों एक दिन में डाइलिसिस के अधिकतम 9 और कीमियोथेरेपी के 12 मरीजों का ही उपचार हो पा रहा है। जिसके लिए एम्स परिसर में अलग से वार्ड स्थापित किया गया है। उन्होंने बताया कि संस्थान में कीमियोथेरेपी और डाइलिसिस कराने के लिए आने वाले मरीजों को इससे पूर्व कोविड स्क्रीनिंग करानी होगी। जिसके बाद कोविड नेगेटिव रिपोर्ट आने पर ही वह इन स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने बताए कि ऐसे मरीजों को किसी तरह की असुविधा नहीं हो इसके लिए उन्हें एम्स की वेबसाइट पर ऑनलाइन अथवा संस्थान की टेलिमेडिसिन ओपीडी के लिए उपलब्ध कराए गए टेलीफोन नंबरों के माध्यम से पंजीकरण की प्रक्रिया को अपनाना चाहिए।

केन्द्र की योजनाओं के साथ ही राज्य सरकार की नीतियों का भी राजनाथ ने किया समर्थन

(एनएन सर्विस)
वर्चुअल रैली ‘‘उत्तराखण्ड जन संवाद’’ को संबोधित करते हुए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उत्तराखण्ड, देवभूमि और वीर भूमि है। परिश्रम और पराक्रम की धरती है। जब उत्तराखण्ड राज्य का निर्माण हुआ था तो वे संयुक्त उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। उत्तराखण्ड के प्रत्येक क्षेत्र में उन्हें जाने का अवसर मिला है। कोविड-19 के दृष्टिगत उत्तराखण्ड में किए गए काम के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को बधाई देते हुए कहा कि जितनी सराहना की जाए कम है। भराड़ीसैण में जो कोविड केयर सेंटर स्थापित हुआ है, उसकी सराहना केन्द्र से वहां गई टीम ने भी की है। उत्तराखण्ड तेजी से विकास के मार्ग पर बढ़ रहा है। किसानों के कल्याण के लिए कदम उठाए हैं। कान्ट्रेक्ट फार्मिंग के एक्ट को बहुत उम्मीद से देखा जा रहा है। किसानों के लिए बीज पर सब्सिडी को 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत किया है। गौरा देवी कन्याधन योजना भी प्रमुख कार्यक्रम है। पलायन को रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं। स्थानीय युवाओं और घर लौटे प्रवासियों के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना शुरू की गई है। प्रवासियों को वापस लाने में सराहनीय काम किया गया है।
उत्तराखण्ड में इन्वेस्टर्स समिट का महत्वपूर्ण आयोजन किया गया। भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरेंस की नीति अपनाई गई। गैरसैण में ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाई गई है। अटल आयुष्मान योजना में 40 लाख गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। काम बहुत सारे हुए हैं। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में केदारनाथ पुननिर्माण का काम हुआ है। मानसरोवर के लिए अब बीआरओ ने लिपुलेख तक एक लिंक रोड़ का निर्माण कर दिया है। धारचूला-लिपुलेख मार्ग बनने से मानसरोवर के लिए एक अन्य मार्ग हो गया है जिससे इस यात्रा में 6 दिन का समय कम लगेगा।
केंद्रीय मंत्री ने वर्तमान सरकार के पिछले एक वर्ष में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी देते हुए कहा कि इन 6 वर्षों में देश ने काफी प्रगति की है। अंतर्राष्ट्रीय साख बढ़ी है। अर्थव्यवस्था को नौवें स्थान से 5 वें स्थान पर लाए हैं। देश में तेजी से प्रगति हो रही थी तब पूरे विश्व में कोविड-19 की चुनौति उत्पन्न हुई है। बहुत से विकसित देश पूरी तरह से प्रभावित हुए है। लेकिन प्रधानमंत्री ने जिस सूझबूझ के साथ कदम उठाए हैं, उसकी प्रशंसा पूरी दुनिया में हो रही है। स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत किया गया है। पीपीई किट बड़ी संख्या में बना रहे हैं।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल के एक वर्ष में केन्द्र सरकार ने बड़े ऐतिहासिक फैसले लिए। देश के रक्षा क्षेत्र को मजबूत किया। धारा 370 और 35 ए को खत्म कर नया इतिहास लिखा। राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया गया एवं कैबिनेट में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिये।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा है कि प्रधानमंत्री द्वारा सही समय पर लिए गए सही निर्णय से भारत में कोरोना वायरस से उतना नुकसान नहीं हुआ जैसी कि सम्भावना जताई जा रही थी। लॉकडाउन से संक्रमण की दर को नियंत्रित किया गया। सम्पूर्ण देश में लॉकडाउन आसान निर्णय नहीं था। आज दुनिया प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लिए गये इस फैसले का अनुसरण कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में राज्य सरकार ने 3 साल से अधिक का कार्यकाल पूर्ण कर लिया है। अपने घोषणा पत्र में हमने जनता से जो वायदे किये थे, उनमें से 85 प्रतिशत वायदे पूर्ण कर लिये हैं। चाहे वह जीरो टॉलरेंस की सरकार चलाने का हो या किसानों को ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराने का हो। पलायन को रोकने के लिए प्रदेश में ग्रामीण विकास एवं पलायन आयोग का गठन किया गया है। जिसके तहत प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों से पलायन को रोकने के लिए अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। हमने गैरसैंण को प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के दृष्टिगत लाखों प्रवासी राज्य में वापस लौटे हैं। उन प्रवासियों को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से निपटने के लिए राज्य में धन का कोई अभाव नहीं है। कोविड से बचाव के लिए राज्य सरकार ने पूरी तैयारी की है। कोविड केयर सेंटरों में 17 हजार बैड उपलब्ध हैं। प्रत्येक जनपदों में आईसीयू की व्यवस्था की गई है। वेंटिलेटर भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। पिछले चार माह में प्रदेश में 400 डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड से बचाव के लिए हमें सामाजिक दूरी, मास्क का उपयोग, एवं स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना होगा। मुख्यमंत्री ने कोरोना संक्रमित व्यक्ति की मृत्यु के पश्चात अंतिम संस्कार के लिए लोगों से मानवीय दृष्टिकोण रखने का आह्वाहन किया। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में सभी मानकों का पालन करते हुए पूरी सावधानी बरती जाती है, लोगों के मन में इसको लेकर कोई भी आशंका नहीं होनी चाहिए। हम मिलजुलकर कोविड से लड़ेंगे और आगे बढ़ेंगे।
इस वर्चुअल रैली में वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, सांसद अजय भट्ट, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, सांसद तीरथ सिंह रावत, सांसद अजय टमटा, राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष बंशीधर भगत और भाजपा के नेता जुडे़ थे।

333 युवा सैन्य अफसर बनकर देश सेवा को हुए समर्पित

देश के 333 भावी सैन्य अफसर आज देश सेवा में समर्पित हुए। इसके अलावा 90 विदेशी कैडेट्स भी अपने देश की सेना में शामिल हुए। इनमें 90 युवा सैन्य अधिकारी नौ मित्र देशों अफगानिस्तान, तजाकिस्तान, भूटान, मॉरीशस, मालद्वीव, फिजी, पपुआ न्यू गिनी, श्रीलंका व वियतनाम की सेना का अभिन्न अंग बने। कड़े प्रशिक्षण में खरा उतरने के बाद जांबाज कैडेट्स ने आज आईएमए में अंतिम पग भरा। इसके साथ ही वे भारतीय सेना का हिस्सा बन गए। परेड में सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने बतौर रिव्यूइंग ऑफिसर भाग लिया।

आज सुबह छह बजकर 42 मिनट पर कैडेट परेड स्थल पहुंचे और परेड शुरू हुई। डिप्टी कमांडेंट ने सबसे पहले परेड की सलामी ली। ठीक सात बजकर पांच मिनट पर कमांडेंट ले. ज. जयवीर सिंह नेगी ने परेड की सलामी ली। इसके बाद सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने परेड का निरीक्षण किया। रिव्यूइंग ऑफिसर ने विजेताओं को पुरुस्कार वितरित किए। फिर ये जांबाज अंतिम पग भर सेना में शामिल हो गए। पीपिंग व ओथ सेरेमनी के बाद 423 जेंटलमैन कैडेट बतौर लेफ्टिनेंट देश-विदेश की सेना का अभिन्न अंग बन गए।

मुंह पर मास्क पहनकर की परेड
इस बार 333 भारतीय और 90 विदेशी कैडेट आईएमए से प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय सेना और विदेशी कैडेट अपने देशों की कमान संभालने को तैयार हो गए हैं। ऐसा पहली बार है जब कैडेट बिना अपने माता-पिता और रिश्तेदारों के अंतिम पग भरा। परेड भी कैडेट मुंह पर मास्क पहनकर कर रहे हैं।
पहली बार ऐसा हुआ कि आईएमए की पासिंग आउट परेड (पीओपी) के दौरान ड्रिल स्क्वायर पर सीना चैड़ा किए कदमताल करके अपने बेटे को देखने और उसके कंधों पर पीप्स (सितारे) सजाने की माता-पिता की इच्छा पूरी नहीं हुई।
बता दें कि कोरोना संक्रमण की वजह से इस बार पीओपी में आईएमए की ओर से किसी भी कैडेट्स के परिजनों को बुलावा नहीं भेजा गया है।

ये बने सर्वश्रेष्ठ
– स्वार्ड आफ आनर-आकाशदीप सिंह ढिल्लो
– स्वर्ण-शिवकुमार सिंह चैहान
– सिल्वर-सक्षण राणा
– ब्रांज-सूरज सिंह
– टीजी सिल्वर-भरत योगेंद्र
– सर्वश्रेष्ठ विदेशी कैडेट-डोनवान सोन वियतनाम
– चीफ आफ आर्मी स्टाफ बैनर-अलामिन/सिंहगढ कंपनी

मुख्यमंत्री नाराज, क्वारंटीन सेंटर में आत्महत्या करने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर गिरी गाज

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में वीडियो कांफ्रेंसिग द्वारा जिलाधिकारियों के साथ प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आशा व आंगनबाङी कार्यकत्रियों की सहायता से सर्विलांस को बढाएं। यह सर्विलांस नियमित रूप से होना है। वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप लोगों में व्यवहारात्मक परिवर्तन लाने होंगे। देहरादून के क्वारेंटाईन सेंटर में युवक के आत्महत्या पर संबंधित नोडल अधिकारी व डाक्टर को निलंबित किया जाए। कोविड-19 से संबंधित हर मृत्यु की ऑडिट कराई जाए।

कोविड-19 से संबंधित लक्षण पर अनिवार्य तौर पर सेम्पलिंग
सर्विलांस में जिन लोगों में कोविड-19 से संबंधित लक्षण दिखाई दें, उनकी हेल्थ टीम के माध्यम से अनिवार्य रूप से सेम्पलिंग कराई जाए। फ्रंटलाईन वर्कर्स को आवश्यकताअनुसार थर्मल स्कैनर, फेस शील्ड, पीपीई किट, मास्क आदि जरूर उपलब्ध कराए जाएं। इससे उनका कार्य के प्रति उत्साह बढ़ता है। ओपीडी में ड्यूटी करने वाले चिकित्सकों को भी फेस शील्ड उपलब्ध हों।

लोगों में व्यवहारात्मक परिवर्तन लाने होंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप लोगों में व्यवहारात्मक परिवर्तन लाने होंगे। इसके लिए आईईसी कार्यक्रम संचालित करें। फिजीकल डिस्टेंसिंग, मास्क का अनिवार्यता से उपयोग, नियमित रूप से हाथ धोना आदि बातों को आदत में लाना होगा। बाजारों में एक जगह पर भीड़ को सख्ती से नियंत्रित किया जाए।

कोविड-19 से संबंधित हर डेथ का आडिट
मुख्यमंत्री ने देहरादून के क्वारेंटाईन सेंटर में युवक के आत्महत्या पर संबंधित नोडल अधिकारी व डाक्टर को निलंबित करते हुए जांच के निर्देश दिये। देहरादून में एक गर्भवती महिला की इलाज न मिलने पर मृत्यु की भी शीघ्र जांच की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों, गम्भीर बीमारियों से ग्रस्त लोगों पर विशेष ध्यान दिया जाए। कन्टेनमेंट जोन में पूरी सख्ती रखी जाए। कान्टेक्ट ट्रेसिंग बहुत महत्वपूर्ण है। कोविड-19 से संबंधित हर डेथ का आडिट किया जाए। हर मृत्यु के कारण का विश्लेषण किया जाए। कोविड केयर सेंटर में सारी आधारभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। क्वारेंटाईन सेंटर में भी सुविधाएं उपलब्ध हों। यह सुनिश्चित किया जाए कि होम आइसोलेशन में सारे प्रोटोकोल का पालन हो। डिस्चार्ज कर होम आइसोलेशन में भेजे जाने वालों की काउंसिल की जाए।

कोविड-19 से संक्रमित व्यक्ति की मृत्यु पर अंतिम संस्कार सम्मानजनक तरीके से हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमित व्यक्ति की मृत्यु पर उसके अंतिम संस्कार में विवाद न हो। लोगों को इस संबंध में जारी दिशानिर्देशों की जानकारी दी जाए। मृत्यु के बाद भी व्यक्ति का सम्मान बरकरार रहना चाहिए। मुख्यमंत्री ने हल्द्वानी व हरिद्वार में विद्युत शव-दाह गृह का कार्य शुरू करने के निर्देश देते हुए देहरादून में भी शव-दाह गृह की घोषणा की।

जिला स्तर पर अधिकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि धन की कोई समस्या नहीं है। आवश्यकता अनुसार कार्मिकों की नियुक्ति के लिए जिलाधिकारियों को अधिकार दिए गए हैं। इसी प्रकार आवश्यक चिकित्सा संबंधित उपकरणों के क्रय के लिए भी अधिकार दिए गए हैं।

होम क्वारेंटाईन में प्रोटोकॉल का पालन
मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि हर केस को पूरी गम्भीरता से लिया जाना है। होम क्वारेंटाईन के लिए डिस्चार्ज करने से पूर्व पूरी तरह आश्वस्त हो जाएं कि घर में मानकों के अनुरूप सारी व्यवस्थाएं उपलब्ध हों। सर्विलांस को बढाया जाना है।

पेशेंट केयर मेनेजमेन्ट से मृत्यु दर पर नियंत्रण
सचिव अमित नेगी ने कहा कि अगले 15-20 दिन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। हमारी रिकवरी रेट और डबलिंग रेट में सुधार हो रहा है। एक्टिव केस लगभग स्थिरता की ओर जा रहे हैं। पेशेंट केयर मेनेजमेन्ट पर अधिक ध्यान दिया जाए। कोविड-19 के अलावा सामान्य चिकित्सा भी प्रभावित नहीं हो। लोगों को सामान्य इलाज मिलता रहे।

प्रदेश में आने वालों का ऑनलाइन पंजीकरण जरूरी
सचिव शैलेश बगोली ने कहा कि बाहर से प्रदेश में आने वालों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य है। इससे भविष्य में उन्हें ट्रेक करने में आसानी होगी।

वीडियो कांफ्रेंसिग में आयुक्त कुमाऊँ अरविंद सिंह ह्यांकी, आयुक्त गढवाल रविनाथ रमन, सचिव डाॅ पंकज पाण्डेय सहित अन्य अधिकारी व जिलाधिकारी उपस्थित थे।

याद है या भूल गए देहरादून की साप्ताहिक बंदी का आदेश इस शनिवार और रविवार को भी है लागू

राज्य सरकार द्वारा देहरादून में कोरोना संक्रमण को देखते हुए नगर निगम क्षेत्र के बाजारों को अगले आदेश तक यानि की शनिवार और रविवार के लिए बंद करने का निर्णय लिया था। साप्ताहिक बंदी के तहत कल शनिवार और रविवार को देहरादून नगर निगम क्षेत्र बंद रहेगा। बतातें चले कि 5 जून को जिलाधिकारी आशीष श्रीवास्तव की तरफ से इस संबंध में आदेश जारी हुए थे। देहरादून नगर निगम क्षेत्र के बाजार पिछली बार की तरह इस बार भी बंद रहेंगे। इसके अलावा बंदी के दौरान वाहनों का भी संचालन नहीं होगा। सिर्फ आवश्यक सेवा से जुड़ी दुकानें, मेडिकल स्टोर और वाहन के संचालन की इजाजत दी गई है।इस दौरान पेट्रोल पंप, फल-सब्जी, मेडिकल स्टोर, डेयरी, गैसएजेंसी, टिफिन सर्विस, लाइसेंस धारक मीट की दुकानें, औद्योगिक इकाइयां और अस्पतालों की ओपीडी खुली रहेंगी। वहीं स्वास्थ्य, चिकित्सा, पेयजल, नगर निगम और विद्युत विभाग के दफ्तर भी खुले रहेंगे।
वहीं, सभी दुकानें, प्रतिष्ठान, शराब के ठेके, बैंक, सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी एवं निजी कार्यालय बंद रहेंगे। आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहन और एंबुलेंस को छोड़ परिवहन सेवाएं बंद रहेंगी। जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने 5 जून को यह आदेश जारी किए थे।

डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि जिले में कोरोना के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। खासकर नगर निगम क्षेत्र में संख्या ज्यादा है। जिसे देखते हुए दो दिन की साप्ताहिक बंदी का निर्णय लिया गया है। डीएम ने बताया कि इस दौरान आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिले में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामले चिंता की बात है। लेकिन, प्रशासन अपनी ओर से इसे रोकने की पुरजोर कोशिश कर रहा है। लोगों से भी अपील है कि वह लॉकडाउन के नियमों का पालन करें। जनसहयोग और जागरूकता के जरिये ही हम इस पर अंकुश लगा सकते हैं।