प्रधानमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिग के माध्यम से मुख्यमंत्री ने की बात

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित मुख्यमंत्रियों की वीडियो कांफ्रेंसिग में प्रतिभाग किया। वीडियो कांफ्रेंसिग के बाद मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। जिसमें प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार के निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को अधिक से अधिक जागरूक किया जाए। लोगों को मास्क पहनने के लिए प्रेरित किया जाए। कोरोना से जुड़े सभी कार्मिकों की ट्रेनिंग सुनिश्चित हो। इम्यूनिटी बढाने के लिए आयुष मंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देशों के बारे में आमजन को बताया जाए। अधिकारी ये भी सुनिश्चित कर लें कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज में घोषित राशि को लेने के लिए लाभार्थियों की बैंकों में एक साथ भीङ न लगे।

ओल्ड एज होम और अकेले रह रहे सीनियर सीटीजन का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है। दवाओं और मेडिकल उपकरणों से संबंधित फर्मों के काम मे कोई बाधा न आए। एनसीसी, एनएसएस, और अन्य स्वयंसेवकों का जरूरत के हिसाब से उपयोग करने के लिए प्लानिंग कर ली जाए। लॉक डाउन का सख्ती से अनुपालन कराया जाए। जो भी दिशा निर्देशों की अवहेलना करें उनके विरूद्ध डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए।
इस अवसर पर मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश, डीजीपी अनिल कुमार रतूङी, सचिव अमित नेगी, नितेश झा, राधिका झा, पंकज पाण्डे, निदेशक एनएचएम युगल किशोर पंत उपस्थित थे।

80 करोड़ लोगों को अगले तीन महीने तक पांच किलो चावल या गेंहू मुफ्त मिलेगा

सरकार ने कोविड-19 से प्रभावित प्रवासी मजदूरों और गरीबों के लिए एक लाख 70 हजार करोड़ रूपये के राहत पैकेज की घोषणा की है। नई दिल्ली में आज संवाददाता को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री सीतारामन ने बताया कि कोरोना के मुकाबले में लगे विभिन्न वर्ग के लोगों के लिए तीन महीने के लिए 50 लाख रूपये का बीमा भी कराया जाएगा। इनमें चिकित्सक, पैरा-मेडीकर्मी, स्वास्थ्यकर्मी, सफाई कर्मचारी और आशा कार्यकर्ता शामिल है।
वित्तमंत्री ने बताया कि 80 करोड़ लोगों को अगले तीन महीने तक पांच किलो चावल या गेंहू मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा। यह इस समय दिए जा रहे 5 किलो राशन के अलावा होगा। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक परिवार को एक किलो दाल भी मुफ्त दी जाएगी।
वित्तमंत्री ने ये भी बताया कि मौजूदा प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत आठ करोड़ 70 लाख किसानों और अन्य लोगों को अप्रैल के पहले सप्ताह तक उनके खाते में 2 हजार रूपये जमा कर दिए जाएंगे। इससे बड़ी संख्या में गरीबी पेंशन पाने वाले लोग लाभान्वित होंगे जिनमें गरीब विधवाएं, दिव्यांगजन, स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं और उज्ज्वला योजना का लाभ ले रही महिलाएं भी शामिल हैं। वित्घ्त मंत्री ने मनरेगा श्रमिकों की मजदूरी में भी वृद्धि की घोषणा की जिससे 5 करोड़ परिवारों को फायदा मिलेगा।
वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को अगले तीन महीनों के दौरान एक-एक हजार रूपये की दो किस्तों में तदर्थ अनुदान दिया जाएगा। इससे करीब तीन करोड़ गरीब वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को लाभ पहुंचेगा।

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण पहले स्टेज में, सावधानी बरतने की जरुरत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने देर सांय वीडियो कांफ्रेंसिग के माध्यम से प्रदेश में कोरोना वायरस की अद्यतन स्थिति और इसके संक्रमण को कम करने के लिए की गई तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि गेहूँ की आटा मिलें चलती रहें, ये सुनिश्चित कर लिया जाए। पंजीकृत और अन्य श्रमिकों व अन्य जरूरतमंदों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए। आवश्यक सावधानियां बरतते हुए फार्मा इंडस्ट्री चलती रहें। जो लोग बाहर से आ रहे हैं, उनको होम क्वारेंटाईन कराया जाए। कोरोना संदिग्ध लोगों जिनकी रिपोर्ट लम्बित है, को सख्ती के साथ घर पर क्वारेंटाईन किया जाए। इस पर लगातार चैकिंग भी की जाए। जिलाधिकारी इनको क्रास चेक करा लें। जिलों में होम डिलीवरी व्यवस्था को मजबूत करें। सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने अभी तक की स्थिति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इसी प्रकार आपसी समन्वय से आगे भी काम करना है। कोई छोटी से छोटी कोताही भी नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकता होने पर देहरादून व हल्द्वानी में 500 बेड के प्री फैब कोरोना अस्पताल बनाए जा सकते हैं, इसके लिए संबंधित जिलाधिकारी 5 एकङ भूमि चयनित कर लें। जिन भी सीएमओ व अन्य अधिकारियों के नम्बर सार्वजनिक कर रहे हैं उन्हें सहायक भी दे दे। छोटी आटा चक्कियो को चलने दे। थोक सप्लाई को न रोके। दुकानों पर रेट लिस्ट अवश्य लगें। फूड प्रोसेसिंग से संबंधित फेक्ट्री चलती रहें। कल मार्केट आवश्यक वस्तुओं के लिए सुबह 7 से दोपहर 1 बजे तक खुले रहेंगे। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि कम समय होने पर भीङ एक साथ आ जाती है। फल सब्जी, दूध दिनभर उपलब्ध होगी। सब्जियों की ठेलिया चल सकती हैं। चार पहिया वाहन पूरी तरह बंद रहेंगे। दोपहिया वाहन सुबह 7 से दोपहर 1 बजे तक चलेंगे परंतु इनपर एक ही व्यक्ति बैठेगा।
बैठक में सचिव नितेश झा ने बताया कि अभी उत्तराखंड कोरोना के फेज एक में ही है। यहां पाए गए पाजिटिव केस बाहर से आए हुए हैं। स्थानीय संक्रमण नहीं हुआ है। सोशल डिस्टेंसिंग रखने में सफल रहे तो राज्य में कोरोना मामलों को रोकने में अवश्य कामयाब रहेंगे। आयुष चिकित्सकों की सेवाएं भी ली जाएंगी। जिला चिकित्सालयों में कोरोना स्पेसिफिक अस्पताल स्थापित कर रहे हैं। आवश्यक दवाओं और उपकरणों की व्यवस्था की गई है।
सचिव सुशील कुमार ने बताया कि खाद्यान्न पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, डीजीपी अनिल कुमार रतूङी, सचिव अमित नेगी अन्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी, जिलाधिकारी और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

समझें क्यों कहा मोदी ने कोताही बरती गई तो देश को भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोविड-19 के प्रकोप से देश को बचाने के लिए देशवासियों से निर्णायक लड़ाई के लिए तैयार हो जाने का आह्वान किया है। देश के नाम अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा है कि आज रात बारह बजे से पूरे देश में लॉकडाउन कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह एक तरह से जनता कर्फ्यू की ही तरह होगा, लेकिन इसमें पूरी सख्ती बरती जाएगी। मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस से बचाव का एकमात्र तरीका सोशल डिस्टेंसिंग यानी एक-दूसरे से मिलते समय करीब एक मीटर की दूरी बनाए रखना है और इस नियम का पालन करना बहुत जरूरी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर इसमें कोताही बरती गई तो देश को भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।
प्रधानमंत्री ने एहतियात को ही बचाव का सबसे अच्छा उपाय बताते हुए लोगों से कहा कि वे इक्कीस दिनों की परीक्षा की इस घडी में घरों से बाहर न निकलें। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना का मतलब है कोई भी रोड पर न निकले और इस नियम का पालन हम सभी को करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर हम इक्कीस दिन तक संयम नहीं बरत पाए तो हम इक्कीस साल पीछे धकेल दिए जाएंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस आग की तरह से तेजी से फैलने वाली बीमारी है। दुनिया के अनेक देशों के अनुभव का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि बेहतरीन चिकित्सा सुविधाओं वाले देशों को भी कोरोना से निपटने में भारी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में हमें उनके अनुभवों से फायदा उठाते हुए अपनी पूरी तैयारी करनी होगी। उन्होंने कहा कि कुछ देशों ने जिस तरह से इस बीमारी पर काबू पाया है वह हमारे लिए एक मिसाल होगी। हमें कोविड-19 के फैलाव की श्रृंखला को तोड़कर इस बीमारी से निपटना होगा।
प्रधानमंत्री ने देशवासियों का आह्वान किया कि जान है तो जहान है इसलिए हमें पूरी तैयारी करनी होगी और सोशल डिस्टेन्सिंग के नियम का कडाई से पालन करना होगा। उन्घ्होंने बीमारी से निपटने में चिकित्साकर्मियों, पुलिस कर्मियों और आवश्यक सेवाओं से जुडे अन्य कर्मियों के योगदान की सराहना की। उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि सरकार आम लोगों की परेशानियों को दूर करने का हरसंभव प्रयास करेगी।

बहुमत का आंकड़ा दूर, कमलनाथ दे सकते है इस्तीफा

मध्यप्रदेश की सियासत के ताजा घटनाक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने स्वीकार कर लिया है कि अब उनकी सरकार सुरक्षित नहीं है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि पैसे और सत्ता के दम पर बहुमत वाली सरकार को अल्पमत में लाया गया है। वहीं राज्य के सियासी गलियारों से खबर है कि कमलनाथ बहुमत परीक्षण से पहले ही इस्तीफा दे सकते हैं। यह संकट कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक कांग्रेस के सभी बागी 16 विधायकों के इस्तीफे मंजूर होने के बाद और पुख्ता हो गया है।
मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने कल देर रात कांग्रेस के 16 बागी विधायकों के इस्तीफे मंजूर कर लिए। इन सभी विधायकों ने छह अन्य विधायकों के साथ 10 मार्च को अपना इस्तीफा दिया था लेकिन प्रजापति ने इनके इस्तीफों पर कोई फैसला नहीं लिया था। हालांकि उन्होंने छह अन्य के इस्तीफे मंजूर कर लिए थे। ये सभी 16 विधायक अभी बंगलूरू में ठहरे हुए हैं।
कांग्रेस के बागी 16 विधायकों के इस्तीफे मंजूर करने के बाद विधानसभा स्पीकर एनपी प्रजापति का दर्द छलक गया है। स्पीकर एनपी प्रजापति ने कहा कि वे दुखी हैं। कहा कि और उन्होंने भारी मन से ये इस्तीफे इसलिए स्वीकार किए क्योंकि बागी विधायक मेरे खिलाफ ही कोर्ट में खड़े हो गए… ये लोकतंत्र की बिडंबना है।
इससे पहले के घटनाक्रम में मध्यप्रदेश कांग्रेस विधायक दल ने कल को अपने सभी विधायकों को व्हिप जारी किया। इसमें कहा गया है कि वे सभी 20 मार्च को विधानसभा में मौजूद रहें और बहुमत परीक्षण के दौरान कमलनाथ सरकार के पक्ष में मतदान करें। वहीं दूसरी ओर, भाजपा ने भी अपने विधायकों को व्हिप जारी कर कमलनाथ सरकार के खिलाफ मतदान करने को कहा है।
जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस हेमंत गुप्ता की पीठ पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान समेत अन्य भाजपा विधायकों की कमलनाथ सरकार के बहुमत परीक्षण की मांग वाली याचिकाओं पर दो दिन से सुनवाई कर रही थी। पीठ ने विधानसभा के स्पीकर को विशेष सत्र बुलाने और राज्य सरकार को सदन में अपना बहुमत साबित करने का निर्देश दिया।
पीठ ने विधायकों से अपना हाथ उठाकर मत प्रकट करने का निर्देश दिया। विधानसभा की पूरी कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग का भी आदेश दिया गया है। पीठ ने यह भी साफ किया, विधानसभा सत्र बुलाने का एकमात्र एजेंडा बहुमत परीक्षण कराना होगा। संबंधित अथॉरिटी यह सुनिश्चित करेगी कि बहुमत परीक्षण के दौरान सदन में कानून व्यवस्था कायम रहे।

निर्भया को आज मिला इंसाफ, फांसी से पहले का पूरा घटनाक्रम पढ़िए

निर्भया के साथ दर्दनाक हादसे को अंजाम देने वाले चार दरिंदों को आज सुबह फांसी पर लटका दिया गया। गुरुवार शाम तक दोषियों को उम्मीद थी कि उनकी फांसी टल जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कल देर रात जब दोषियों को पता चला कि उनकी फांसी अब किसी हालत में नहीं टल सकती है, तो अचानक की उनके व्यवहार में बदलाव देखने को मिला। तिहाड़ जेल में बंद चारों दोषी खबर मिलते ही बेचैन हो उठे। सूत्र बतातें है कि वो लोग अपने सेल के अंदर चीखने चिल्लाने लगे। रात भर दोषियों को नींद भी नहीं आई। फांसी का खौफ उनके चेहरे पर साफ नजर आ रहा था।
शुक्रवार तड़के 3ः15 बजे ही चारों दोषियों को उनके सेल से उठाया गया। दैनिक क्रिया के बाद चारों को नहाने के लिए कहा गया। उन चारों के लिए जेल प्रशासन की ओर से चाय मंगाई गई, लेकिन किसी ने भी चाय नहीं पी। इस दौरान विनय ने कपड़े बदलने से इनकार कर दिया और रो-रो कर माफी मांगने लगा। इसके बाद उन्हें समझा-बुझाकर शांत कराया गया। उनकी आखिरी इच्छा पूछी गई। फांसी घर में लाने से पहले चारों को काले कुर्ते-पजामे पहनाए गए। फिर उनके हाथ पीछे की ओर बांध दिए गए। इसके बाद जब उन्हें फांसी घर लाया जाने लगा तो एक दोषी सेल में ही लेट गया और जाने से मना करने लगा।
किसी तरह उसे पकड़ कर फांसी घर तक लाया गया। फांसी कोठी से कुछ दूर पहले ही उनके चेहरे को काले कपड़े से ढंका गया। इसके बाद उनके पैरों को भी बांधा गया ताकि वे ज्यादा छटपटा न पाएं और एक दूसरे से टकराएं नहीं। इसके बाद ठीक साढ़े पांच बजे पवन जल्लाद ने जेल नंबर-3 के सुपरिटेंडेंट के इशारे पर लीवर खींच दिया। इस दौरान जल्लाद की मदद के लिए तीन जेल कर्मचारी भी मौजूद थे। फांसी के करीब आधे घंटे बाद डॉक्टरों ने चारों दोषियों को मृत घोषित कर दिया।

अपनों की सुरक्षा के लिए जनता कफ्र्यू में सहयोग देः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर 22 मार्च को सुबह 7 बजे से सांय 9 बजे तक जनता कफ्र्यू में सहयोग देने के लिए आम जनता से अपील की है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए यह बहुत जरूरी है। हम अपने परिचितों से भी इसमें सहयोग के लिए आग्रह करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए हम सभी प्रधानमंत्री के साथ हैं। प्रधानमंत्री के सभी दिशा निर्देशों का हम सभी अक्षरक्षः पालन करेंगे। भारत सरकार और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों से देश को कोरोना से मुक्त करने में जरूर कामयाब होंगे। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने जो सावधानियां बरतीं और समय से तैयारियां कीं, उसका परिणाम है कि अन्य देशों की तुलना में भारत में कोरोना नियंत्रित अवस्था में है।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि कोरोना वायरस हमारे लिए एक नई चुनौती लेकर आया है। इस चुनौति से निपटने लिए सरकार पूरी तरह से तैयार है। हमारी स्वास्थ्य सेवाएं इससे लड़ने के लिए पूरी तरह से सक्षम है। आज हमें इससे घबराने की नहीं बल्कि थोड़ी सी सावधानी की जरूरत है। हम कुछ साधारण बातों का ध्यान रखकर इसे फैलने से रोकने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। हमने प्रदेश में इसके प्रभाव को रोकने के लिए बहुत से कदम उठाए हैं। कोरोना से निपटने के लिए हम पूरी तरह से सक्षम भी हैं और तैयार भी हैं। हमने अपने स्तर पर सारी तैयारी कर रखी है। बिजली, पानी, हेल्थ, सेनिटेशन, परिवहन जैसी आवश्यक सुविधाएं पहले की ही तरह उपलब्ध हैं। खाद्यान्न, तेल सब्जियाँ, फल, पेट्रोल, डीजल आदि रोजमर्रा की जरूरतों की सप्लाई में भी किसी तरह की कमी नहीं है। आगे भी सभी आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की आसानी से उपलब्धता सुनिश्चित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने आम जनता से अपील की है कि ‘‘हमारे लिए आप सभी का सहयोग बहुत जरूरी है। हमें आपका केवल इतना सहयोग चाहिए कि घबराएं नहीं, केवल सावधान और सतर्क रहें। सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करें। कुछ समय के लिए भीड़भाड़ से बचें और सोशल डिस्टेंस बनाए रखें। अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल सरकारी प्रामाणिक सूचनाओं पर विश्वास रखें। ’’

प्रत्येक तीसरी लोकसभा में एक मेडिकल कॉलेज बनाने का लक्ष्यः अमित शाह

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि देश को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नंबर वन बनाने के लिए मोदी सरकार लगातार कार्य कर रही है। केंद्र सरकार ने देश के प्रत्येक राज्य में एम्स खोलने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक तीसरी लोकसभा में एक मेडिकल कॉलेज बनाने का लक्ष्य हम वर्ष 2024 तक पूरा करेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के द्वितीय दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
अपने संबोधन में उपाधि प्राप्त करने वाले चिकित्सकों एवं उनके परिजनों को बधाई व शुभकामनाएं देते हुए केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश एम्स ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में कम समय में सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में बहुत से कदम उठाए हैं, जिनमें अटल आयुष्मान योजना एवं प्रधानमंत्री जन औषधि योजना के साथ ही देश में एम्स की संख्या को बढ़ाकर 22 करना जैसे कार्य शामिल हैं।
गृह मंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के अनुसार अपनी जगह दूसरे के सुख का विचार करने वाला ही सच्चा ज्ञानी है। देश के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाना हमारा लक्ष्य होना चाहिए। देश के नागरिक स्वस्थ हों, दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें, इसके लिए आप सभी को अपना महत्वपूर्ण योगदान देना होगा। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना है, जिससे अब तक लगभग एक करोड़ लोग लाभान्वित हुए हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के कार्यकाल में एम्स की स्थापना हुई। तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री सुषमा स्वराज ने इस काम को आगे बढ़ाया। ऋषिकेश में एम्स की स्थापना उन्हीं के कार्यकाल में हुई थी, मुझे खुशी है इस बात की कि तेजी के साथ विकास कर रहा है। उन्होंने कहा कि यहां से उपाधि लेने वालों सम्मानित करने का मौका मिल रहा है यह भी हमारे लिए गौरव की बात है। कहा कि यहां स्पेशलिस्ट और सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसका लाभ सिर्फ उत्तराखंड कोई नहीं मिल रहा है, बल्कि देश के पश्चिम क्षेत्र को भी इसका लाभ मिल रहा है। आने वाले समय में देश को 22 और एम्स मिलने वाले हैं। अटल बिहारी वाजपेई ने छह एम्स से शुरुआत की थी। वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस काम को तेजी के साथ आगे बढ़ाया है।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि ऋषिकेश पूरे विश्व में योग की राजधानी है। अध्यात्म के शिखर का यह स्थान है। यहां दीक्षा समारोह का होना गौरव की बात है। उपाधि ग्रहण करने वालों को समाज में जाकर लोगों के जीवन की रक्षा करनी है। देश के विराट व्यक्तित्व गृह मंत्री अमित शाह के हाथों आप सभी को उपाधि मिल रही है, यह बड़े गौरव की बात है।

एम्स ऋषिकेश के निदेशक प्रो. रविकांत ने युवा चिकित्सकों को दुनिया से सीखो और दुनिया को भी सिखाओ की सीख दी। उन्होंने कहा कि युवा चिकित्सकों को सदा स्मरण रखना चाहिए कि चिकित्सा व्यवसाय में रोगियों के लिए हर समय उपलब्ध होना, अपने कार्य में दक्ष होना और मिलनसार होना अनिवार्य है। एक डॉक्टर के कार्य की कुशलता इतनी ही नहीं है कि वह मरीज को कितनी जल्दी ठीक करता है, बल्कि मरीज का ठीक होना बहुत हद तक इस बात पर भी निर्भर करता है कि डॉक्टर का मरीज के साथ कैसा व्यवहार है। उन्होंने युवा चिकित्सकों से कहा कि प्रारंभिक वर्षों में आपका व्यवहार ही आपको आगे बढ़ने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक रोगी से बातचीत आपकी क्षमताओं का परीक्षण और सीखने का अनुभव प्रदान करेगी। उन्होंने युवा चिकित्सकों से आह्वान किया कि वे वंचित तबके के लोगों पर विशेष ध्यान दें। अपकी डॉक्टरी तभी सभी सफल होगी, जब आपकी उत्कृष्टता का लाभ समाज के निचले तबके तक पहुंचेगा।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, डॉ. हरक सिंह रावत, सुबोध उनियाल, राज्य मंत्री धन सिंह रावत, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, डीजीपी अनिल रतूड़ी, विधायक एवं अध्यक्ष एम्स ऋषिकेश पद्मश्री डॉ. समीरन नंदी भी उपस्थित थे।

दूसरा दीक्षांत समारोह हुआ सम्पन्न
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 13 पीएचडी, पीजी, एमबीबीएस 2013, 2014, बीएससी नर्सिंग, एमएससी नर्सिंग के विद्यार्थियों को डिग्री और मेडल देकर सम्मानित करेंगे। उन्होंने बताया कि कुल 252 विद्यार्थियों को डिग्री दी जानी है। साथ ही 132 विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र भी दिए जाने हैं। एम्स के प्रथम दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शिरकत की थी।

गंगा में डूब रहे एक युवक को बचाने के चक्कर में दूसरा युवक भी डूबा

ऋषिकेश में होली के दिन पिकनिक मनाना दिल्ली और जम्मू कश्मीर के दो युवकों को भारी पड़ गया। जबकि एक युवती सहित अन्य युवक को एक विदेशी नागरिक ने सकुशल बचा लिया है। वहीं, सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची और गंगा में लापता हुए दोनों युवकों की तलाश को रेस्क्यू अभियान चलाया।

चौकी इंचार्ज तपोवन विनोद कुमार ने बताया कि मंगलवार को होली के दिन दिल्ली से एक युवक मिलन पौडल मूल निवासी नेपाल, हाल जामिया मीलिया इस्लामिया कॉलेज दिल्ली से अपनी सहपाठी के साथ तपोवन नीम बीच पहुंचे। वहीं, दूसरी ओर, जम्मू-कश्मीर थाना रियासी शिवनगर निकट महादेव मंदिर निवासी कौशिक तुषार पुत्र प्रभुदयाल अपने मित्र साहिल के साथ नीम बीच पहुंचे।

सुबह करीब साढ़े 10 बजे मिलन पौडल नीम बीच के समीप गंगा में बने एक टापू से दूसरे टापू पर जाने की कोशिश करने लगा। इसी बीच उसका पैर फिसला और वह गंगा में डूबने लगा। उसे डूबता देख पास बैठे कौशिक तुषार ने उसे बचाने की कोशिश की। मगर, वह भी गंगा में डूबने लगे। दोनों को डूबता देख मिलन पौडल के साथ पहुंची युवती और कौशिक तुषार के साथ आए युवक साहिल कुमार भी उन्हें बचाने के लिए गंगा में उतर गए।

मगर, वह दोनों भी डूबने लगे। तभी दूसरे टापू पर बैठे जर्मनी निवासी क्रिश्चन रोसेनथाल ने गंगा में छलांग लगाकर युवती और साहिल को सकुशल बाहर निकाल लिया। उधर, सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची और देर शाम तक गंगा में रेस्क्यू अभियान चलाया। मगर, सफलता नहीं लग पाई।

खटीमा विधायक को मिला ’’भारत के आदर्श युवा विधायक का सम्मान’’

नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित दसवीं छात्र संसद में भारत के आदर्श युवा विधायक का सम्मान उत्तराखंड खटीमा के विधायक पुष्कर सिंह धामी को दिया गया। धामी ने यह सम्मान उत्तराखंड की जनता को समर्पित करते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें और अधिक समर्पण के साथ जनसेवा के लिए प्रेरित करेगा।
एमआईटी स्कूल ऑफ गवर्नेंस पुणे, युवा एवं खेल मंत्रालय और मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सहयोग से आयोजित चार दिनी छात्र संसद में यह सम्मान विधायक और उत्तराखंड डेवलपमेंट एंड रिसर्च फाउंडेशन के अध्यक्ष पुष्कर सिंह धामी को दिया गया। बतातें चले कि पुष्कर सिंह धामी लगातार दो बार से विधायक है। धामी की संगठन में मजबूत पकड़ है। वह पूर्व में युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रहे है। उत्तराखंड में सांस्कृतिक और युवाओं के कार्यों के लिए पुष्कर धामी काफी लोकप्रिय है। उन्होंने बताया कि दसवीं छात्र संसद 20 फरवरी को शुरू हुए कार्यक्रम का उद्घाटन उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू ने किया था। कार्यक्रम में आध्यात्मिक गुरु रविशंकर, मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, भाजपा महामंत्री राम माधव, जनरल जीडी बख्शी आदि थे। 23 फरवरी को कार्यक्रम का पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने समापन किया। वहीं, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और नैनीताल से सांसद अजय भटट ने कहा कि विधायक को सम्मान मिलने से उत्तराखंड का गौरव बढ़ा है।