200 ट्रेनें 1 जून से भरेंगी रफ्तार, कराएं बुकिंग, जानिए कैसे

सरकार 1 जून से 200 नॉन एसी ट्रेनें चलाने जा रही है। इनकी बुकिंग 21 मई को सुबह 10 बजे से शुरू हो जाएगी। ये ट्रेनें 1 मई से चल रहीं श्रमिक स्पेशल ट्रेनों और 12 मई से चल रही स्पेशल एसी ट्रेनों से अलग हैं। इनमें बुकिंग और यात्रा को लेकर रेलवे ने नई गाइडलाइन जारी की है। रेलवे ने कहा है कि ये ट्रेनें मजदूरों के घर पहुंचाने के लिए चलाई जा रही श्रमिक ट्रेनों से अलग होंगी और इनमें बुकिंग ऑनलाइन ही करवाई जा सकेगी।

ध्यान रखने की बात जो आपके काम आएगी…
इन ट्रेनों में एक भी अनरिजर्व्ड कोच नहीं होगी।
जनरल बोगी में भी सभी यात्रियों को सीट उपलब्ध कराई जाएगी और उनसे टू एस क्लास का किराया लिया जाएगा।
आईआरसीटीसी की वेबसाइट या ऐप से ई-टिकट ही बुक किये जा सकेंगे। किसी भी रेलवे स्टेशन पर काउंटर टिकट नहीं बेचा जाएगा।
जिस डेट पर यात्रा करना चाहते हैं उससे अधिकतम 30 दिन पहले ही टिकट बुक कर सकते हैं।
टिकटों में दिव्यांगजनों और मरीजों को छूट दी जाएगी, इसके लिए कुछ कैटेगिरीज तय हैं।
तय सीमा तक आरएसी और वेट लिस्ट टिकटें भी बुक होंगी, लेकिन वेट लिस्ट वाले यात्रियों को स्टेशन में एंट्री नहीं मिलेगी।
इन ट्रेनों के लिए तत्काल या प्रिमियम तत्काल बुकिंग की सुविधा नहीं दी जाएगी।
यात्रियों को ट्रेन के तय समय से 90 मिनट पहले स्टेशन पहुंचना होगा।
जिन यात्रियों के पास कंफर्म्ड टिकट होगी, केवल उन्हें रेलवे स्टेशनों में घुसने दिया जाएगा।
बोर्डिंग से पहले यात्रियों की स्क्रीनिंग की जाएगी, केवल उन्हें ही स्टेशन के अंदर जाने दिया जाएगा जिनमें कोविड-19 के कोई लक्षण नहीं हैं।
यात्रा के दौरान सभी यात्रियों के लिए मास्क और फेस कवर अनिवार्य होगा।
ट्रेन में ब्लैंकेट, पर्दे और चादरें उपलब्ध नहीं कराई जाएंगी।
यात्रा पूरी होने के बाद यात्रियों को उस राज्य के हेल्थ प्रोटोकॉल का पालन करना होगा।
टिकट कैंसिलेशन के सामान्य नियम लागू रहेंगे।
स्क्रीनिंग के दौरान अगर किसी यात्री में बुखार, जुकाम या खांसी जैसे लक्षण मिलते हैं तो उसे यात्रा करने नहीं दिया जाएगा। इस स्थिति में उसकी टिकट कैंसिल करके रीफंड दिया जाएगा। इस स्थिति में उसके साथ यात्रा कर रहे लोग अगर यात्रा करना न चाहें, तो उनकी टिकट का भी पूरा रीफंड मिलेगा।
ट्रेनों में केटरिंग सुविधा नहीं होगी. कुछ ट्रेनों में पीने का पानी और खाने का सामान पेमेंट बेसिस पर दिया जाएगा।
इस बात पर जोर दिया जाएगा कि यात्री घर से अपना खाना लेकर आएं।
स्टेशन प्लेटफॉर्म्स पर लगने वाली दुकानें खुली रहेंगी। फूड प्लाजा में खाना पैक करके खरीदने की सुविधा होगी। वहां बैठकर खाने की मनाही रहेगी।

प्रवासियों में संक्रमण मिलने की प्रक्रिया हुई तेज, 146 हुए पाॅजीटिव केस

आज प्रदेशभर में 16 कोरोना संक्रमित मामले सामने आए है। जिसके बाद अब राज्य में कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या 146 हो गई है। वहीं इनमें से 54 मरीज ठीक हो चुके हैं। अपर सचिव युगल किशोर पंत ने बताया कि आज 16 नए मामलों की पुष्टि हुई है। इनमें से तीन उत्तरकाशी, दो हरिद्वार, एक अल्मोड़ा, चार बागेश्वर, दो ऊधमिसंहनगर, तीन नैनीताल और एक देहरादून में सामने आया है।

बाजार बंद, सैनिटाइज कराया
जाखणीधार ब्लॉक के ढुंग में एक युवक में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने से पूरे ढुंगमंदार क्षेत्र में दहशत फैल गई है। कस्बे के बाजार बंद हो गए। प्रशासन ने पूरे गांव को सैनिटाइज कराया है।
ढुंगमंदार पट्टी में अभी तक बाहरी राज्यों से करीब चार सौ प्रवासी पहुंचे हैं। इनमें से कई रेड जोन से आए हैं। ग्राम पंचायतों ने उन्हें गांव में क्वारंटीन किया हुआ है। मुंबई से आए युवक के कोरोना पॉजिटिव आने से लोग डरे हुए हैं। बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे प्रशासन की टीम ने युवक को गांव से जिला मुख्यालय में बनाए गए कोविड-19 के केयर सेंटर में भर्ती करा दिया है।

पुलिस महानिदेशक ने दिए निर्देश…
आज पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी पुलिस कप्तानों, सेनानायकों और परिक्षेत्र प्रभारियों के साथ वीडियो कॉन्फेंसिंग कर कोरोना वायरस से बचाव की तैयारियों और लॉकडाउन की स्थिति की समीक्षा की। डीजी अपराध अशोक कुमार ने निर्देश दिए कि लॉकडाउन चार के नियमों और निर्देशों का अनुपालन्र विनम्रता और दृढ़ता के साथ कराना है। होम क्वारंटीन का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। क्वारंटीन उल्लंघन के संबंध में डायल 112 की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जाए। इसके अलावा डायल 112 से प्राप्त घरेलू हिंसा से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लें।
सार्वजनिक स्थानों पर मास्क न पहनने वालों, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने वालों को किसी तरह की छूट ना दी जाए। पुलिसकर्मियों को समय-समय पर प्रशिक्षित करने और संक्रमण से बचाव हेतु उन्हें डबल प्रोटेक्शन दिया जाए। डीजी ने कोरोना ड्यूटी में नियुक्त पुलिसकर्मी तथा उल्लेखनीय कार्य करने वाले जनता के एक व्यक्ति को कोरोना वॉरियर्स के रूप में प्रतिदिन सम्मानित करने के निर्देश दिए।

जांच की मांग करने से आरोप लगाने वाले लोगों की खुलेगी पोलः रमेश भटट

एक समाचार पत्र में एक खबर आने के बाद और फिर कुछ सोशल मीडिया साइडों में उत्तराखंड मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रमेश भटट के खिलाफ एक समाचार प्रचारित किया जा रहा है। जो प्रमुख रुप से जमीन से जुड़ा मामला है। इसमें रमेश भटट को जिस प्रकार से खलनायक बनाया जा रहा है। उससे मीडिया जगत के लोग भी हैरान हो गये है।
वहीं, रमेश भटट ने सोशल मीडिया में सार्वजनिक रुप से मामले की जांच करने मांग की है। उन्होंने कहा है कि समाचार भ्रामक और असत्य है। उन्होंने सभी मीडिया जगत को जांच करने और जांच पूरी ना होने तक एक पूर्व मीडियाकर्मी होने के नाते सत्य का साथ देने की वकालत की है।
बरहाल इन सबके बीच उनकी सोशल मीडिया की पोस्ट पर कई मीडियाकर्मियों के पोस्ट पढ़ने को मिले है। अधिकत्तर लोगों ने आरोप लगाने वालों को ही कटघरे में खड़ा किया है। पोस्ट में एक यूजर ने लिखा है कि हल्द्वानी निवासी जानते है कि जमीन पर अवैध कब्जे किस आदमी के है? उन्होंने लिखा है कि अपने स्वार्थ के लिए ऐसे ही किसी पर आरोप नही लगाने चाहिये।
वहीं, दूसरा यूजर लिख रहा है कि आय से अधिक के मामले वाले अब दूसरों पर आरोप लगाने लगे हैं। एक अन्य यूजर लिख रहा है कि बेनामी संपत्ति का खेल खेलने वाले अब दूसरों पर आरोप लगाने लगा रहे है? एक अन्य यूजर ने रमेश भटट को टारगेट करने के पीछे का कारण राजनीतिक बताया है। उसने लिखा है कि लाखों रुपये की नौकरी छोड़कर एक युवा को जनसेवा की जिम्मेदारी मिली और वह उस पर खरा भी उतर रहा है। इसी की बदौलत लोग उसे भविष्य में भीमताल के विधायक के रुप में देख रहे है। इस लिए उन्हें एक विशेष तबके के द्वारा शिकार बनाया जा रहा है। एक यूजर ने लिखा है कि तो दर्जनों मुकदमें किस पर दर्ज है। वह कैसे दूसरे पर आरोप लगा सकता है?
वही हमने रमेश भटट से बात करने की कोशिश की लेकिन उनका फोन नही उठा। सूत्रों ने बताया कि उन्होंने सरकार के मुखिया से जाँच के लिए निवेदन किया है। जिसमें जाँच होने के बाद भूमाफिया का सत्य उजागर होने की बात कही जा रही है। साथ ही उनके द्वारा कुछ बिंदुओं पर भी जाँच की माँग की गई है?

मीडिया सलाहकार रमेश भटट की फेसबुक पोस्ट को पाठकों के लिए अक्षरतः लिखा गया है-
सोशल मीडिया में, कुछ न्यूज पोर्टल में मुझसे जुड़ा एक समाचार तैर रहा है। उसके बारे में बाद में बताऊंगा, पहले स्पष्ट कर दूं कि यह समाचार असत्य है, भ्रामक हैं और इसका सच्चाई से कुछ भी लेना देना नहीं है। किसी पर आरोप लगाकर किसी व्यक्ति की सामाजिक प्रतिष्ठा कुछ समय के लिए प्रभावित की जा सकती है, लेकिन सत्य, सत्य होता है। आरोप लगाना और प्रमाणित करना दोनों में जमीन आसमान का अंतर है।
मैं एक स्वच्छ छवि के राजनेता की टीम का सदस्य हूं और अपनी व्यक्तिगत तथा सामाजिक जिम्मेदारियों को बखघ्बी जानता हूं। खबरों में मुझ पर जमीन पर कब्जे का आरोप लगाया गया है। मेरे जानने वाले मित्रों, शुभचिंतकों के लिए यह हास्यास्पद के अतिरिक्त कुछ नहीं है। मैं सामान्य पृष्ठभूमि से आता हूं, आरोप लगाने वाले सज्जनों की पृष्ठभूमि भी खंगाल ली जानी चाहिए कि कौन इन कृत्यों का पेशेवर और माहिर हैं, किन पर गैरकानूनी कब्जे, सैंकड़ों मुकदमे,आय से अधिक के साथ साथ बेनामी संपत्ति के आरोप हैं।
मेरा अपने सभी मित्रों से विशेषकर मीडिया के मित्रों से एक मूलतः मीडियाकर्मी होने के नाते अनुरोध है। पूरे प्रकरण में सच्चाई का साथ दें। आरोप लगाने वाले सज्जनों का आभार प्रकट करूंगा कि उन्होंने सार्वजनिक रूप से मुझे परीक्षण हेतु चुना। दूध का दूध और पानी का पानी होने तक प्रतीक्षा करें, मैंने स्वयं जांच का अनुरोध किया है। जाँच जारी है।

लॉकडाउन में भी पीएम-किसान योजना के लिए आवेदन करे!

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि केन्द्र सरकार ने मार्च से जारी लॉकडाउन के दौरान पीएम-किसान योजना के तहत 9.13 करोड़ किसानों को कुल 18,253 करोड़ रुपये की राशि भेजी है। पीएम किसान योजना के तहत सरकार पात्र किसानों को साल में तीन बराबर किस्त में 6,000 रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजती है। लॉकडाउन की वजह से देश के गरीब किसानों की मुश्किलों को देखते हुए सरकार ने पीएम-किसान योजना के तहत चालू वित्त वर्ष की पहली किस्त को अप्रैल के पहले सप्ताह में ही भेजने का फैसला किया था। अगर आप किसान हैं और इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन करना चाहते हैं तो आपको बता दें कि ऐसा करना बहुत ही आसान है।

पीएम-किसान योजना के लिए ऐसे करे रजिस्ट्रेशन-
सबसे पहले पीएम-किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉग ऑन करिए।
वेबसाइट पर आपको फारमर्स काॅनर्स पर अपने माउस के कर्सर को ले जाना है।
ड्रॉप डाउन लिस्ट में आपको सबसे ऊपर न्यू फारमर्स कारनर्स का विकल्प मिलेगा।
इसके बाद आपको आधार कार्ड का नंबर एवं कैप्चा डालकर आगे बढ़ना होगा।
इसके बाद खुले पेज पर आपको जरूरी जानकारी डालकर रजिस्ट्रेशन करना होगा।
आप इस वेबसाइट के जरिए ही अपने आवेदन की स्थिति देख सकते हैं। साथ ही लाभार्थियों की सूची भी देख सकते हैं।
बतातें चले कि सीतारमण ने एक ट्वीट कर जानकारी दी, लॉकडाउन के दौरान मार्च, 2020 से अब तक सरकार ने 9.13 करोड़ किसानों को पीएम-किसान के तहत 18,253 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। कुल 4,22,113 करोड़ रुपये का कृषि ऋण लेने वाले करीब तीन करोड़ किसानों ने लोन पर तीन माह के मोराटोरियम के विकल्प का फायदा उठाया है।

अब स्पेशल ट्रेनों से लाये जा रहे प्रवासी उत्तराखंडीः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि आज सुबह 4 बजे गुजरात के सूरत से काठगोदाम के लिए एक ट्रेन चलेगी। इसी तरह 12 मई को दूसरी ट्रेन सूरत से हरिद्वार के लिए चलेगी, इसका अभी समय तय नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री ने ट्रेनों के संचालन के लिए रेलमंत्री पीयूष गोयल का आभार जताया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि काठगोदाम आने वाली ट्रेन में कुमाऊं मंडल के लोग आएंगे, जबकि 12 मई को सूरत से आने वाली ट्रेन में गढ़वाल मंडल के लोगों को लाया जाएगा। हरिद्वार आने वाली ट्रेन का समय जल्द निर्धारित हो जाएगा। अन्य राज्यों से लौट रहे प्रवासियों को लाने की सरकार हरसंभव कोशिश कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं गुजरात के सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश भाई पटेल, गोपाल गोस्वामी और राहुल शर्मा का धन्यवाद करना चाहता हूं। इन लोगों ने उत्तराखंड वासियों की लिए तमाम व्यवस्थाएं की हैं। फंसे हुए लोगों को खाना खिलाने का इंतजाम भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के जितने भी प्रवासी लौट रहे हैं, वह गांव में आकर कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए तय मानकों का पालन करें। पंचायत प्रधान होम क्वारंटीन किए जाने वालों की पूरी निगरानी करेंगे। उन्होंने जनता से अपील की है कि कोरोना रोकथाम के लिए सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। मास्क पहनें और नियमित हाथ धोयें, इससे संक्रमण से बचा जा सकता है।

हरिद्वार में तैयारी शुरु
दूर दराज के प्रदेशों से प्रवासी लोगों को ट्रेनों से लाने की प्रक्रिया शुरू हो गई। उनके लिए व्यवस्था जुटाने, स्वास्थ्य जांच करने, गंतव्य तक पहुंचाने, ठहरने आदि के लिए हरिद्वार के जिलाधिकारी सी रविशंकर ने समिति बनाकर दिशा निर्देश जारी किए हैं। हालांकि अभी ट्रेन के संचालन का समय, तिथि निर्धारित नहीं है। सबसे अहम बात यह होगी कि संक्रमण के फैलने की संभावना को रोकने को पूरे इंतजाम करने होंगे।
जिलाधिकारी सी रविशंकर और एसएसपी सैंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने भी रेलवे स्टेशन परिसर का निरीक्षण किया और अधिकारियों से आवाजाही के बारे में चर्चा की। विभिन्न प्रदेशों में फंसे उत्तराखंड के प्रवासी लोग प्रथम चरण में ट्रेनों से अहमदाबाद, सूरत, से हरिद्वार पहुंचेंगे। इसमें प्रत्येक ट्रिप में करीब 1000 से 1200 लोगों के पहुंचने की संभावना है।

खुशखबरीः अटल आयुष्मान के तहत अब मिलेगा इन्हें असीमित मेडिकल सुविधा

उत्तराखंड में सेवारत राजकीय कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों के 15 लाख गोल्डन कार्ड बनेंगे। इसके लिए राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने कर्मचारियों और उनके आश्रितों का डाटा तैयार किया है। सेवारत कर्मचारियों के कार्ड विभागीय डीडीओ (आहरण वितरण अधिकारी) और पेंशनरों के कार्ड कोषाधिकारी कार्यालय से बनेंगे।
राज्य सरकार ने प्रदेश के तीन लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को अटल आयुष्मान योजना के तहत असीमित खर्च तक कैशलेस इलाज की सुविधा दी है। इसमें आईपीडी और ओपीडी इलाज दोनों ही शामिल हैं। वहीं, कर्मचारियों और पेंशनरों को इलाज कराने के लिए सरकारी अस्पताल से रेफर करने की शर्त नहीं रहेगी। योजना में इलाज के लिए कर्मचारियों और पेंशनरों को प्रति माह के हिसाब से अंशदान लिया जाएगा।
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने कर्मचारियों और पेंशनरों का गोल्डन कार्ड बनाने के लिए डाटा तैयार कर लिया है। सभी को मिला कर 15 लाख कार्ड बनाए जाएंगे। योजना में कर्मचारी व पेंशनर के माता-पिता, 25 वर्ष की आयु के बेटा-बेटी, विधवा, तलाकशुदा पुत्री को भी योजना का लाभ मिलेेगा।
राज्य अटल आयुष्मान योजना के निदेशक (प्रशासन) डॉ. अभिषेक त्रिपाठी का कहना है कि प्रदेश के सभी राजकीय कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों का डाटा तैयार है। कई कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। ऐसे में डाटा को योजना में ऑनलाइन अपडेट किया जा रहा है। जल्द ही कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों के गोल्डन कार्ड बनाने का काम शुरू किया जाएगा।

रेलवे पहुंचायेगा प्रवासी भारतीयों को उनके घर

लॉकडाउन में जगह-जगह फंसे लोगों के लिए राहत की खबर है। रेलवे ने देशभर के पंद्रह स्टेशनों के लिए कुछ स्टॉपेज के साथ चुनिंदा ट्रेनें चलाने की तैयारी कर ली है। 12 मई से ये ट्रेनें नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से चलेंगी। सभी ट्रेनें वातानुकुलित होंगी। सोमवार शाम 4 बजे से बुकिंग शुरू की जाएगी। यात्रा किराया राजधानी एक्सप्रेस के बराबर होगा। डायनेमिक फेयर भी लागू किया जा सकता है। हालांकि, यात्रियों को लॉकडाउन में सार्वजनिक परिवहन नहीं होने से परेशान होना पड़ सकता है। इन 15 रूटों पर ट्रेन शुरू होने के बाद रेलवे कुछ और रूटों पर विशेष ट्रेन चलाएगा। गौरतलब है कि 25 मार्च से सभी यात्री ट्रेन सेवा बंद कर दी गई थीं। 
इन ट्रेनों के टिकट की बुकिंग स्टेशन काउंटर से नहीं होगी। आईआरसीटीसी की वेबसाइट से ही टिकट बुक हो सकेगा। सिर्फ आरक्षित टिकट वाले ही यात्रा कर सकेंगे। तत्काल कोटा नहीं होगा। किसी तरह की छूट भी नहीं मिलेगी। प्लेटफार्म पर वे ही प्रवेश कर पाएंगे जिनके पास कन्फर्म टिकट होगा। 
फेस मास्क पहने बगैर प्लेटफार्म पर यात्रियों को प्रवेश नहीं मिलेगा। थर्मल स्कैनर से चेकिंग के बाद ही यात्रा की इजाजत दी जाएगी। किसी तरह का लक्षण पाए जाने पर यात्रा नहीं कर पाएंगे।
रेलमंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि रेलवे रोज 300 ट्रेनें चलाकर प्रवासी कामगारों को घर पहुंचाने को तैयार है। गोयल ने ट्वीट किया, मैं सभी राज्यों से अपील करता हूं कि वे अपने लोगों को वापस लाने की अनुमति दें ताकि 3-4 दिन में उन्हें घर पहुंचाया जा सके। रेल मंत्रालय ने इसे लेकर एक विस्तृत योजना का निर्माण किया है। शुरुआत में कम संख्या में ही ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इस दौरान लोगों के स्वास्थ्य और कोरोना संक्रमण की जांच भी की जाएगी।

दिल्ली से 15 शहरों के लिए चलेंगी ये ट्रेन
नई दिल्ली-डिब्रूगढ़
नई दिल्ली-अगरतला
नई दिल्ली- हावड़ा
नई दिल्ली-पटना
नई दिल्ली-बिलासपुर
नई दिल्ली-रांची
नई दिल्ली-भुवनेश्वर
नई दिल्ली-सिकंदराबाद
नई दिल्ली-बंगलुरू
नई दिल्ली-चेन्नई
नई दिल्ली-तिरुवनंतपुरम
नई दिल्ली-मडगांव
नई दिल्ली-मुंबई सेंट्रल
नई दिल्ली-अहमदाबाद
नई दिल्ली-जम्मू तवी 

अब उत्तराखंड के मरीज कहीं भी करा सकेंगे इलाज, सरकार ने दी बड़ी राहत

राज्य अटल आयुष्मान योजना के तहत 39 लाख गोल्डन कार्ड नेशनल पोर्टेबिलिटी से जुड़ गए हैं। अब गोल्डन कार्ड पर गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीज देश के किसी भी पंजीकृत बड़े अस्पताल में इलाज कर सकेंगे। लेकिन सरकारी अस्पताल से रेफर की व्यवस्था रहेगी।
प्रदेश में अटल आयुष्मान योजना में दो तरह के गोल्डन कार्ड धारक है। एक तो केंद्र की आयुष्मान योजना में प्रदेश के 5.37 लाख परिवार शामिल हैं। जबकि त्रिवेंद्र सरकार ने अपने संसाधनों से 25 दिसंबर 2018 से प्रदेश के सभी 23 लाख परिवारों को अटल आयुष्मान योजना का लाभ दिया। जिसमें पांच लाख तक मुफ्त इलाज की सुविधा है।
राज्य आयुष्मान योजना में बने गोल्डन कार्ड पर प्रदेश के अंदर पंजीकृत 174 सरकारी व निजी अस्पतालों में इलाज कराने की सुविधा दी थी। अब नेशनल पोर्टेबिलिटी से इन्हें भी जोड़ दिया गया है। इसके बाद सभी गोल्डन धारकों को देश के किसी भी पंजीकृत बड़े अस्पतालों में गंभीर बीमारियों का इलाज कराने की सुविधा मिलेगी।

अस्पतालों को मिलेगा ज्यादा प्रोत्साहन
नेशनल इंस्टीट्यूट आफ बॉयो साइंस एंड ह्यूमन (एनआईबीएच) से प्रमाणित सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों को आयुष्मान योजना के तहत इलाज कराने पर 10 से 15 प्रतिशत ज्यादा प्रोत्साहन मिलेगा। वहीं, पर्वतीय क्षेत्रों में योजना में सूचीबद्ध अस्पतालों को पहले से ही 10 प्रतिशत अतिरिक्त इनसेंटिव दिया जाता है।
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अध्यक्ष डीके कोटिया ने बताया कि प्रदेश के सभी गोल्डन कार्ड धारक नेशनल पोर्टेबिलिटी से जुड़ गए हैं। अब कार्ड धारक मरीज प्रदेश के बाहर किसी भी पंजीकृत अस्पताल में गंभीर बीमारियों का इलाज करा सकते हैं। इसके लिए रेफर की व्यवस्था रहेगी।

जिला         गोल्डन कार्ड धारक
अल्मोड़ा           207807
बागेश्वर            89620
चमोली            155751
चंपावत            82730
देहरादून           821696
हरिद्वार             631623
नैनीताल         346406
पौड़ी            262848
पिथौरागढ़      159276
रुद्रप्रयाग         92702
टिहरी              259852
ऊधमसिंह नगर  609345
उत्तरकाशी      147043

जानिए, इसबार के लॉकडाउन में क्या मिली छूट और क्या रहेंगे प्रतिबंध

कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के प्रसार को रोकने के लिए लॉकडाउन की अवधि को एक बार और बढ़ा दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आदेश जारी किया है चार मई को खुलने वाले लॉकडाउन को अब दो सप्ताह के लिए और बढ़ा दिया है। अब यह लॉकडाउन 17 मई तक जारी रहेगा। गृह मंत्रालय ने यह आदेश आपदा नियंत्रण कानून, 2005 के तहत लिया है। 
गृह मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा है कि ग्रीन और ऑरेंज जोन में कुछ राहतें दी जाएंगी। वहीं, रेड जोन में कोई छूट नहीं दी जाएगी। रेड जोन और कंटेनमेंट क्षेत्र के बाहरी इलाकों में देश भर में प्रतिबंधित गतिविधियों के अलावा कुछ अतिरिक्त गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी। इनमें साइकिल रिक्शा और ऑटो रिक्शॉ, टैक्सी, ऑनलाइन कैब सेवा, जिले के अंदर और जिलों के बीच बसें, नाई की दुकान, स्पा और सलून आदि सेवाएं शामिल हैं। 
मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा कि लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने के साथ ही नए दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। इसके अनुसार ऑरेंज जोन में जिले के अंदर-अंदर लोगों और वाहनों को और लोगों को अनुमति प्राप्त गतिविधियों के लिए यात्रा करने की अनुमति होगी। चार पहिया वाहन में ड्राइवर के अलावा दो लोगों को बैठने की अनुमति होगी। 
ग्रीन जोन में देशभर में जारी कुछ प्रतिबंधित गतिविधियों को छोड़कर बाकी सभी गतिविधियों को अनुमति दी गई है। जिले के अंदर बसों के संचालन और बस डिपो के संचालन को अनुमति दी गई है। हालांकि बसों में 50 फीसदी यात्रियों को बैठाने का निर्देश दिया गया है। 

इन गतिविधियों पर पूरे देश में जारी रहेगा प्रतिबंध
इस दौरान हवाई यात्रा, रेल यात्रा, मेट्रो, सड़क से अंतरराज्यीय परिवहन, स्कूल, कॉलेज व अन्य शिक्षण संस्थान, ट्रेनिंग/कोचिंग संस्थान, होटल और रेस्टोरेंट आदि भीड़ जमा करने वाली गतिविधियों जैसे सामाजिक, राजनीति, सांस्कृतिक व अन्य कार्यक्रम, धार्मिक स्थान आदि की सेवाएं पूरे देश में प्रतिबंधित रहेंगी। हालांकि, मंत्रालय द्वारा चयनित कार्यों के लिए वायु, सड़क व रेल मार्ग द्वारा लोगों की यात्रा को अनुमति रहेगी। 
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई थी। करीब ढाई घंटे चली बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, सीडीएस बिपिन रावत, रेल मंत्री पीयूष गोयल आदि मंत्री समेत कई अधिकारी मौजूद रहे थे।

तीसरे चरण में क्या छूट मिलेगी?
-रेड जोन में किसी तरह की कोई गतिविधि नहीं
-ग्रीन जोन में आधी आबादी के साथ बसें चल सकती हैं
-रेड जोन में जरूरी सामान की ऑनलाइन डिलीवरी होगी
-मनरेगा के काम को मंजूरी
-ग्रीन जोन में शराब और पान की दुकानें खुल सकेंगी
-इन दुकानों में दो गज की दूरी रहेगी, एक बार पांच लोग से ज्यादा नहीं
-ऑरेंज जोन में जिलों के भीतर जरूरी काम के लिए वाहन चलाने की अनुमति
-ऑरेंज जोन में टैक्सी में ड्राइवर के अलावा दो लोगों के बैठने को मंजूरी
-शहरी इलाकों में उद्योंगों के खोलने की सशर्त अनुमति
-जरूरी सामान की मैन्यूफैक्चरिंग की इजाजत
-नवीकरणीय ऊर्जा के निर्माण की अनुमति
-रेड जोन में 33 फीसद लोगों के साथ निजी दफ्तर खोल सकते हैं
-ग्रामीण इलाकों के रेड जोन में निर्माण कार्य को मंजूरी
-ग्रामीण इलाकों में भी सभी दुकानों को खोलने की अनुमति
-कृषि संबंधी कामों के लिए मिली अनुमति
-स्वास्थ्य सुविधाएं चालू रहेंगी
-सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ओपीडी सेवा चालू
-बैंक, एनबीएफसी, इंश्योरेंस कंपनी को खुलने की इजाजत
-पोस्ट की सुविधा उपलब्ध रहेगी
-रेड जोन में ज्यादातर निजी संस्थान को खुलने की अनुमति

तीसरे चरण में क्या रहेगा बंद?
-हर जोन में स्कूल, कॉलेज बंद रहेंगे
-हर जोन में शाम सात बजे से सुबह सात बजे तक गैर जरूरी काम के लिए आने जाने पर रोक
-हवाई, सड़क, ट्रेन और मेट्रो सफर पर रोक
-साइकिल, रिक्शा, ऑटो रिक्शा पर रोक
-टैक्सी और कैब भी नहीं चलेगी
-सैलून, नाई की दुकान, स्पा बंद रहेंगेघ्
-होटल और रेस्टोरेंट्स बंद रहेंगे
-सिनेमा हॉल, मॉल, जिम, स्पोर्ट्स क्लब बंद रहेंगे
-सभी धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक कार्यक्रम बंद रहेंगे
-65 उम्र से ज्यादा वाले और 10 साल से कम उम्र वाले बच्चों को घर में रहने की हिदायत
-जोन में बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्यों के पास सख्ती करने का अधिकार 

मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री से साधा संपर्क, स्पेशल ट्रेन से चलानेे की मांग

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने राज्य से बाहर फंसे उत्तराखंड के लोगों को वापस राज्य में लाने की तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि संबंधित राज्यों से समन्वय बनाते हुए सुनियोजित तरीके से सारी व्यवस्था की जाए। इसमें पूरी सावधानी के साथ व्यक्तिगत दूरी, मास्क, सेनेटाइजेशन आदि मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। जिन लोगों को वापस लाया जाना है, कोरोना संक्रमण के दृष्टिगत उनकी समुचित स्क्रीनिंग की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही सारी कार्यवाही हो। राज्य में आने पर यदि होम क्वारेंटाईन किया जाता है तो यह भी सुनिश्चित किया जाए कि होम क्वारेंटाईन का सख्ती से पालन हो। इसके लिये आवश्यक होने पर ग्राम प्रधानों को कुछ अधिकार दिये जा सकते हैं।
सचिव शैलेश बगोली ने बताया कि अभी तक 87 हजार लोगों ने वापस आने के लिए अपना पंजीकरण कराया है। इनमें अधिकांश लोग पर्वतीय जिलों के हैं। बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, डीजीपी अनिल कुमार रतूङी, सचिव अमित नेगी, नितेश झा, राधिका झा भी उपस्थित रहे।

स्पेशल ट्रेन से वापस लाये जायेंगे उत्तराखंडी
उत्तराखण्ड से बाहर फंसे राज्य के लोगों को वापस लाने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रेल मंत्री पीयूष गोयल से विभिन्न मार्गो पर 12 स्पेशल ट्रेन चलाने का अनुरोध किया है। इनमें दिल्ली से देहरादून, दिल्ली से हल्द्वानी, चंडीगढ़ से देहरादून, लखनऊ से देहरादून, लखनऊ से हल्द्वानी, जयपुर से देहरादून, जयपुर से हल्द्वानी, मुम्बई से देहरादून, मुम्बई से हल्द्वानी, भोपाल से देहरादून, बैंगलोर से देहरादून और अहमदाबाद से देहरादून के लिए अनुरोध किया गया है। राज्य से बाहर फंसे उत्तराखंड के लोगों को वापस राज्य में लाये जाने के संबंध में बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री से बात कर यह अनुरोध किया है।