सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पूरा किया वायदा, सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धि इतिहास में दर्ज

उत्तराखंड में विधानसभा अनुपूरक बजट सत्र के दूसरे दिन दो महत्वपूर्ण विधेयक विधानसभा में ध्वनिमत से पास हो गए हैं। उत्तराखण्ड धर्म स्वतंत्रता (संशोधन) विधेयक 2022 के पास होने के बाद प्रदेश में धर्मान्तरण को लेकर कठोर कानून का प्राविधान हो गया है। इसके अलावा उत्तराखण्ड लोकसेवा (महिलाओं के क्षैतिज आरक्षण) विधेयक 2022 से प्रदेश में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था एक बार फिर से लागू हो जाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार की यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। कुछ दिन पूर्व राज्य सरकार ने इन दोनों विधेयकों को कैबिनेट से मंजूरी दी थी। बुधवार को विधानसभा में इन विधेयकों के पास होने से प्रदेश में इसे लागू करने की जल्द अधिसूचना जारी हो जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभमि है यहां पर धर्मान्तरण जैसी चीजें हमारे लिए बहुत घातक है इसलिए सरकार ने यह निर्णय लिया था कि प्रदेश में धर्मान्तरण पर रोक के लिए कठोर से कठोर कानून बने। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि इस कानून को पूरी दृढ़ता से प्रदेश में लागू किया जाएगा। वहीं उत्तराखण्ड में महिलाओं के क्षैतिज आरक्षण विधेयक को लेकर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड निर्माण में मातृशक्ति का बहुत बड़ा योगदान है और सरकार ने यह पहले ही तय किया था कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस प्रदेश में मातृशक्ति का सम्मान करते हुए उन्हें इस क्षैतिज आरक्षण का लाभ मिले। महिलाओं के लिए राज्याधीन सेवाओं में क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था देने करने यह अधिनियम मातृ शक्ति को समर्पित है।

पीएमजीएसवाई की दूसरी किश्त 220 करोड़ की धनराशि जारी

केन्द्र सरकार से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में 220 करोड़ 25 लाख रूपये की राशि उत्तराखण्ड को जारी की गई है। ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार ने पीएमजीएसवाई की दूसरी किश्त के दूसरे अंश के रूप में यह राशि जारी की है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार के सहयोग से राज्य में कनेक्टीविटी में अभूतपूर्व कार्य हो रहे है।

पिथौरागढ़ से फिक्सड विंग एयरक्राफ्ट सेवाएं अगले साल 31 जनवरी से शुरू

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर जानकारी दी है कि उड़ान 5.0 के टेंडर में चिन्यालीसौङ व गौचर से छोटे एयरक्राफ्ट की सेवाओं को शामिल किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने अपने पत्र में यह भी बताया कि पिथौरागढ़ से फिक्सड विंग एयरक्राफ्ट सेवाएं शुरू करने के लिए फ्लाई बिग एयरलाइन को निर्देशित कर दिया गया है।
फ्लाई बिग द्वारा 31 जनवरी 2023 से इसका संचालन शुरू किया जाएगा। इसके तहत पिथौरागढ़-पंततनगर, पंतनगर-पिथौरागढ़, पिथौरागढ़-हिंडन, हिंडन-पिथौरागढ़, पिथौरागढ़-देहरादून, देहरादून-पिथौरागढ़ रूट पर फिक्सड विंग सेवाएं फ्लाई बिग द्वारा संचालित की जाएगी।
केंद्रीय मंत्री ने अपने पत्र में अवगत कराया है कि पंतनगर एयरपोर्ट को अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने के लिए एयरपोर्ट ऑथोरिटी ऑफ इंडिया द्वारा 9 नवम्बर 2022 को ओएलएस सर्वे किया गया। इसका चार्ट बनाया जा रहा है। प्रि-फीजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है। जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के रूप में विस्तारीकरण के लिए राज्य सरकार से मानकों के अनुरूप भूमि उपलब्ध कराये जाने का अनुरोध किया गया है।
गौरतलब है कि 27 नवम्बर को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से दिल्ली में भेंट कर उत्तराखण्ड में नागरिक उड्डयन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और एयर कनेक्टीवीटी को बढाने के संबंध में विभिन्न बिंदुओं पर अनुरोध किया था। उन्हीं बिंदुओं पर की गई कार्यवाही और अद्यतन स्थिति की जानकारी जानकारी केंद्रीय मंत्री ने 30 नवम्बर के अपने पत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को दी है।

बर्फ पड़ने से पहले दोनों धामों में निर्धारित कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने बुधवार को सचिवालय में केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्य एवं बद्रीनाथ मास्टर प्लान कार्यों की समीक्षा की।
मुख्य सचिव ने कहा कि बद्रीनाथ धाम एवं केदारनाथ धाम दोनों में बर्फ पड़ने से पहले पूर्ण किए जाने वाले कार्यों को निर्धारित समयसीमा तक पूर्ण कर लिए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांट्रेक्टर का पैसा किसी भी हाल में रुकना नहीं चाहिए, कांट्रेक्टर का भुगतान समय पर किया जाए। जो कार्य देर से शुरू हुए हैं या अभी तक शुरू ही नहीं हो पाए हैं, उनकी प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जाए।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि बद्रीनाथ में रिवरफ्रंट डेवलपमेंट वर्क्स को अगले सीजन में नदी का जल स्तर बढ़ने से पहले पानी के स्तर से ऊपर तक पूर्ण कर लिया जाए, जिससे बाद में कार्य बाधित न हो। उन्होंने कार्यों में आ रही समस्याओं से उन्हें अवगत कराए जाने के भी निर्देश दिए ताकि समस्याओं का शीघ्र से शीघ्र निस्तारण किया जा सके। उन्होंने कहा कि बर्फबारी के कारण लेबर कम होने से जो समस्याएं आ रही हैं, इसके लिए अन्य राज्यों से भी लेबर की व्यवस्था की जाए, साथ ही पीडब्ल्यूडी अपनी विभागीय लेबर और टेक्निकल लेबर की भी व्यवस्था करे। उन्होंने कहा कि अगली यात्रा शुरू होने से पहले जो कार्य अनिवार्य रूप से पूर्ण होने हैं उन कार्यों पर उपलब्ध लेबर को शिफ्ट कर प्राथमिकता के आधार पर कार्यों को पूर्ण किया जाए।
इस अवसर पर सचिव सचिन कुर्वे सहित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्बन्धित जनपदों के जिलाधिकारी एवं विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

धामी सरकार ने महिलाओं को सम्मान के साथ ही महत्वूपर्ण विधेयक सदन में पेश किये

उत्तराखंड विधानसभा शीतकालीन सत्र के पहले दिन धामी सरकार के द्वारा कई महत्वपूर्ण विधेयक सदन के पटल पर रखे गए जिनमें से कुछ विधेयक खासा महत्वपूर्ण। यूं तो धामी सरकार के द्वारा प्रदेश के विकास को लेकर अनुपूरक बजट भी सदन के पटल पर पेश कर दिया गया है। वही विधानसभा सत्र के शीतकालीन सत्र के पहले दिन तीन महत्वपूर्ण विधेयक सदन के पटल पर और सरकार के द्वारा पेश किए गए। जिनमें से महिला आरक्षण को लेकर भी विधेयक पेश किया गया है तो धर्मांतरण कानून में कड़े प्रावधानों के तहत भी बदलाव करते हुए सख्त बनाया गया है, उत्तर प्रदेश से सख्त धर्मांतरण कानून उत्तराखंड में सरकार के द्वारा बनाया गया है, जिसे सदन की पटल पर रखा गया है। वहीं राज्यपाल के द्वारा पूर्व में पारित किये गये विधेयक राज्य आंदोलनकारियों को 10 फ़ीसदी आरक्षण संबंधी विधेयक को भी फिर से सदन के पटल पर रखा गया है।

महिलाओं को मिलेगा हक-सीएम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण संबंधी विधेयक सदन के पटल पर रखे जाने के बाद कहा कि उनकी सरकार मातृशक्ति के हितों के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध राज्य दिन सरकारी सेवाओं में उनके 30ः आरक्षण को सुरक्षित करने के लिए उनकी सरकार ने महिलाओं के लिए आरक्षण विधेयक को पारित करने के लिए विधानसभा के समक्ष प्रस्तुत कर दिया ताकि उनके हितों को समुचित संरक्षण हो सके।

वही धर्मांतरण कानून में भी बदलाव किए गए हैं जिस के संबंध में सरकार ने धर्मांतरण संबंधी विधेयक को सदन के पटल पर रख दिया है उत्तराखंड में आप जबरन धर्मांतरण करने वालों की खैर नहीं होगी उत्तराखंड में धर्मांतरण को लेकर कड़ा कानून बनाया गया उत्तर प्रदेश से ज्यादा सख्त उत्तराखंड में धर्मांतरण कानून होगा जिसके तहत कई प्रावधान किए गए हैं। जबरन धर्म परिवर्तन पर 2 साल से लेकर 7 साल तक की जेल और 25000 के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

-अवयस्क महिला एससी एसटी के धर्म परिवर्तन पर 2 साल से 10 साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है।
-सामूहिक धर्म परिवर्तन पर 3 से 10 साल तक का जेल का प्रावधान और 50000 का जुर्माने का प्रावधान किया गया है
-धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज के मुताबिक देवभूमि के लिए धर्मांतरण कानून सख्त होना बेहद जरूरी है, ताकि चीन और नेपाल की सीमा से लगे उत्तराखंड में धर्म परिवर्तन खतरा ना बने। जिस तरीके से देश में धर्मांतरण एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है वहीं उत्तराखंड की धामी सरकार के द्वारा धर्मांतरण कानून को सख्त बनाए जाने से देश में उत्तराखंड का भी एक मैसेज गया है उत्तराखंड की धामी सरकार धर्मांतरण को लेकर गम्भीर है।

देखा जाये तो उत्तराखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन जहां विपक्ष ने बेशक सरकार को घेरने की कोशिश की हो लेकिन इसके बीच उत्तराखंड की धामी सरकार ने कई बड़े फैसले उत्तराखंड के हित में भी लिए हैं। जिसके तहत कई महत्वपूर्ण विधेयकों को सरकार ने सदन के पटल पर रखा है जो सदन से पास भी हो जाएंगे और कानून भी उत्तराखंड में बन जाएंगे जिसका लाभ प्रदेश की जनता को मिलेगा तो वही धर्मांतरण कानून को सख्त बनाए जाने से उत्तराखंड में धर्मांतरण के मामलों में कमी आएगी यह भी उम्मीद जताई जा रही है।

सीएम ने दिया आश्वासन, युवा बेरोजगारों के हित को लेकर नही होगा समझौता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंगलवार को सायं मुख्यमंत्री आवास स्थित कैम्प कार्यालय में उत्तराखण्ड एन.आई.ओ.एस., डी.एल.एड., टी.ई.टी. शिक्षक महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। महासंघ के अध्यक्ष नन्दन सिंह बोहरा के नेतृत्व में आये प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को अपनी समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने मुख्यमंत्री से उनके प्रकरण में मा. उच्च न्यायालय द्वारा दिये गये निर्णय को लागू करने के लिये संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने का भी अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनकी समस्याएं सुनी और आश्वासन दिया कि उनकी मांगों एवं समस्याओं के समाधान के लिये प्रयास किये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे युवाओं को परेशानी न हो इसके प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास समस्याओं का सरलीकरण के साथ उचित समाधान करने का है। युवा बेरोजगारों को अनावश्यक न्यायालयों की शरण में न जाना पड़े इस पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
महासंघ के अध्यक्ष नन्दन सिंह बोहरा एवं अपराजिता ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा उनकी समस्याओं के समाधान के लिये दिये गये आश्वासन के लिये हम सब उनका आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से सकारात्मक एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई वार्ता के लिये भी मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर राम चन्द्र, सुरेन्द्र कुमार, नवीन चन्द्र, मोहित कुमार, योगेश महंत, योगेश बोहरा, पवन कुमार, संगीता एवं हिमांशु कुमार ओली उपस्थित रहे।

एचएनबी विश्वविद्यालय के छात्र संघ कार्यक्रम में सीएम को निमंत्रण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित कैम्प कार्यालय में हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल विश्व विद्यालय छात्र संघ महासचिव सम्राट सिंह राणा के नेतृत्व में छात्र प्रतिनिधियों ने भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री से विश्व विद्यालय के छात्र संघ के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग हेतु अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने सभी से प्रदेश के विकास में सकारात्मक ऊर्जा के साथ सहयोगी बनने की अपेक्षा की।

नारी स्वास्थ्य जन आंदोलन कार्यक्रम को सीएम ने बताया महाअभियान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को राजपुर रोड़ देहरादून स्थित होटल में देहरादून ऑब्सेटेट्रिक्स एवं गाईन सोसाइटी द्वारा आयोजित ’नारी स्वास्थ्य जन आंदोलन यात्रा-एनीमिया नेशनल राइड’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि समाज में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में निस्वार्थ भाव से कार्य करने वाले लोग हमेशा ही जन सेवा का कार्य करते हैं। बिना आशा एवं अपेक्षा के स्वास्थ्य के प्रति जनजागरूकता के संचालन का कार्य निश्चित रूप से पुण्य का कार्य है। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर नारी स्वास्थ्य जन आंदोलन कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे सामाजिक क्षेत्र का महाअभियान बताया। उन्होंने चम्पावत स्थित मायावती अद्वैत आश्रम में अपने प्रवास के अनुभव को साझा करते हुए बताया कि वहां वे मायावती अस्पताल में सूरत के एक चिकित्सक से मिले। वह साल में अपनी दो माह की सेवा, निस्वार्थ भाव से निशुल्क मायावती आश्रम के अस्पताल में देने आते हैं। उन्होंने कहा ऐसे तमाम लोग जो निस्वार्थ भाव से जनसेवा के कार्य करते हैं वह मानवता की सेवा करने वाले होते हैं। उन्होंने कहा सफल जीवन वही है जो दूसरों की सेवा में समर्पित रहता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सच्चे और अच्छे मन से लोगों की सेवा से बड़ी कोई सेवा नहीं होती, उससे आपको आत्मिक संतुष्टि होती है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज संपूर्ण दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य के क्षेत्र की योजना आयुष्मान भारत योजना भारत में चलाई जा रही है, जिसमे सालाना 5 लाख रुपये के इलाज की गारंटी मिलती है। उन्होंने कहा कि एनीमिया के प्रति भी लोगों को जागरूक करना वास्तव में मातृशक्ति की बड़ी सेवा है। उत्तराखण्ड में मातृशक्ति के कल्याण के लिये विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने सदैव ही राष्ट्रहित एवं मातृ शक्ति के हित में बढ़ते कदमों को मजबूती प्रदान करने हेतु प्रतिबद्धता से प्रयास किये हैं। यह अभिनव पहल अपने उद्देश्य को चरितार्थ कर देवभूमि उत्तराखण्ड सहित भारत के अन्य क्षेत्रों में स्त्री रोग उपचार की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम सिद्ध होगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि देवभूमि की मातृशक्ति को सशक्त एवं सुरक्षित बनाने की दिशा में इसी प्रकार के प्रयास निश्चित रूप से सार्थक सिद्ध होंगे।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड राज्य स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा हमारा राज्य का पूरे देश में ब्लड डोनेशन में तीसरा स्थान है, टीवी मुक्त भारत में पहले स्थान एवं एनीमिया से लड़ाई के क्षेत्र में टॉप 10 राज्यों में शामिल हैं, उन्होंने बताया कि उत्तराखंड राज्य में अभी तक 50 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जिसमें से 6 लाख लोगों को मुफ्त में इलाज मिला है। साथ ही पूरे राज्य में जल्द ही डिजिटल हेल्थ आईडी बनाने का कार्य भी शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा पर्वतीय क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज में फैकेल्टी स्टॉप को बढ़ाए जाने के संबंध में राज्य सरकार द्वारा पर्वतीय क्षेत्रों में मेडिकल कॉलेज के फैकल्टी को 50 प्रतिशत अधिक वेतन दिए जाने पर सहमति बनी है, जिससे फैकल्टी डॉक्टर की कमी पूरी होगी।
इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाल गामा, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पूर्व डीजीपी अनिल रतूड़ी, सोसाइटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा ऋषिकेश पई, देहरादून की अध्यक्ष डॉ. आरती लूथरा डॉ. माधुरी पटेल, डॉ. ज्योति शर्मा, डॉ राधिका रतूड़ी, डॉ अजय खन्ना एवं अन्य चिकित्सक, शिक्षक आदि मौजूद रहे।

सदन मे पेश विधेयक लोक कल्याणकारी और जनहित के अनुरूप-महेन्द्र भट्ट

भाजपा ने विधानसभा में पेश महिला आरक्षण विधेयक, धार्मिक स्वतंत्रता कानून को अधिक कड़ा करने वाले संसोधन विधेयक समेत सदन पटल पर रखे सभी विधेयकों का स्वागत किया है।
पार्टी प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट ने सीएम पुष्कर सिंह धामी का धन्यवाद करते हुए कहा कि मातृ शक्ति को 30 फीसदी क्षैतिज आरक्षण, प्रदेश की आधी आबादी को उसका पूरा हक दिलाने वाला है। साथ ही उम्मीद जतायी कि जबरन धर्मान्तरण पर 10 साल की सजा ऐसे अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करने का काम करेगी।
पार्टी प्रदेश अध्यक्ष ने विधानसभा में पेश भाजपा सरकार द्वारा पेश सभी विधेयकों को लोक कल्याणकारी एवं जन भावनाओं को पूरा करने वाला बताया। उन्होंने बहु प्रत्याशित महिलाओं को नौकरी में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने के विधेयक पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि इस कदम के साथ भाजपा ने जनता से किये एक और संकल्प को पूरा करने का काम किया है। पहले सुप्रीम कोर्ट में पैरवी कर आरक्षण के खिलाफ हाईकोर्ट के निर्णय पर स्टे लिया और अब सदन में अध्यादेश लाकर धामी सरकार ने साबित किया है कि मातृशक्ति के सम्मान, स्वभिमान और सशक्तिकरण से बढ़कर हमारे लिए कुछ भी नही है। इसी तरह धार्मिक आधार पर प्रदेश में जनसांख्यिक परिवर्तन लाने के षड़यंत्र में लगे लोगों पर लगाम कसने के लिए धार्मिक स्वतंत्रता कानून उल्लंघन्न में 10 वर्ष तक की सजा एवं पीड़ित को 5 लाख तक के मुआवजे का प्रावधान भी हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा, कूड़ा निस्तारण, पंचायती राज कानून एवं दुकान एवं स्थापन कानून के सजा प्रावधानों को लेकर जनहित में किये बदलाव, जिला योजना समिति में क्षेत्र पंचायत प्रमुख को शामिल करना, स्टाम्प व राज्य अधिकार के अंतर्गत जीएसटी कानून आदि सभी विधेयकों को राज्यवासियों को राहत देने के उद्देश्य से लाये गए है।

विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गंगा तट हुआ गुंजयमान

श्री शत्रुघ्न घाट मुनिकीरेती में आज माँ गंगा की दैनिक आरती से पूर्व भारत एवं इंडोनेशिया सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें दोनों देशों के कलाकारों ने आध्यात्म एवं भारतीय संस्कृति से जुडे विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्री शत्रुघ्न मंदिर के महन्त एवं गंगा गौ सेवा समिति के अध्यक्ष महन्त मनोज प्रपन्नाचार्य, इंडोनेशिया बाली शहर में गाँधीपुरी आश्रम के संस्थापक पद्मश्री सम्मान से सम्मानित इन्दिरा उदयाना, गढभूमि लोक संरक्षण समिति के अध्यक्ष आशाराम व्यास, रमाबल्लभ भट्ट, पतंजलि योग संस्थान मुनिकीरेती की संस्थापिका ऊषा माता ने संयुक्तरुप से दीप प्रज्वलन कर किया। उसके बाद श्री दर्शन महाविद्यालय के छात्रों ने वैदिक मंगलाचरण एवं गणेश वन्दना प्रस्तुत की। उसके पश्चात जर्मनी से मैनफ्रेड एवं क्रिस्टा ने सुन्दर भजन प्रस्तुत किये। पंचाक्षर शिव स्तोत्र पर इंडिया गो टैलेंट की सेमीफाइलिस सुजाता राय ने बहुत सुन्दर नृत्य प्रस्तुत किया। इंडोनेशिया से आये हुए कलाकारों ने चोंडोंग डांस ,चन्द्रावासी डांस एवं योगा आर्ट डांस प्रस्तुत किया। डाँक्टर रीता वत्स ने विष्णु वन्दना एवं शिव वन्दना पर बहुत सुन्दर नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का आनंद सैकड़ों की संख्या में स्थानीय एवं भारत वर्ष के विभिन्न प्रांतों से आये हुए लोगों ने लिया।
महन्त मनोज प्रपन्नाचार्य ने बाताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य दोनों देशों की संस्कृति को आदान-प्रदान करना एवं प्रचार-प्रसार करना है। उन्होंने कहा ऋषिकेश आध्यात्मिक नगरी है इस प्रकार के कार्यक्रमों से एक अच्छा संदेश जाता है। आचार्य सुभाष चन्द्र डोभाल के संचालन में चल रहे इस कार्यक्रम में बीना जोशी, पुष्पा ध्यानी, घनश्याम नौटियाल, मनमोहन शर्मा, सुनील कपरुवान, दरम्यान सिंह रावत, सुरेन्द्र भंडारी, मधुलिका द्विवेदी, मनन द्विवेदी, मीना मदवाण, आरती चौहान, राजीव तिवारी, विजय विष्ट, अंजू गैरोला, विश्वेश्वरी उनियाल, हरि चरण सिंह, विनोद बडथ्वाल सहित आरती के सभी आचार्यों सहित सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम के बाद माँ गंगा की होने वाली दैनिक भव्य आरती सम्पन्न हुई।