जनपद अल्मोड़ा हमारी सांस्कृतिक चेतना का ध्वजवाहक- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को हवालबाग, अल्मोड़ा में आयोजित आजीविका महोत्सव में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने 298 करोड़ की 37 विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया, जिनमें 39 करोड़ लागत की 20 योजनाओं का लोकार्पण एवं 259 करोड़ की 17 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर अल्मोड़ा के ऐतिहासिक पटाल बाजार को प्राचीन स्वरूप में चरणबद्व तरीके से पुनः विकसित किए जाने, महिला चिकित्सालय अल्मोड़ा का जीर्णाेद्वार किए जाने, राजकीय चिकित्सालय रानीखेत में एन0आई0सी0यू0 यूनिट, सी0टी0 स्कैन मशीन, एम0आर0आई0 मशीन स्थापित किए जाने, विकासखण्ड धौलादेवी के गुणादित्य में बच्चों के लिए मिनी स्टेडियम का निर्माण कार्य किए जाने, सोमेश्वर में पौराणिक मन्दिर जयन्ती जंयतकोट में विद्युतीकरण का कार्य किए जाने, अटल उत्कृष्ट राजकीय इण्टर कालेज का नाम शहीद बिशन सिंह बोरा के नाम पर किए जाने, द्वाराहाट में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में मानकानुसार अवस्थापना सुविधाओं का विकास किए जाने, विकासखण्ड चौखुटिया में गढ़स्यारी तोक गंगोलिया क्षेत्र में मोबाईल टॉवर स्थापित किए जाने, सल्ट विधानसभा क्षेत्र में शिव मन्दिर भिकियासैंण का निर्माण कार्य एवं सौन्दर्यकरण कार्य किए जाने, मनिला फारेस्ट बंगले का पुर्ननिर्माण व आधुनिकरण किए जाने, द्वाराहाट में मिल्टा मार्ग का पुर्ननिर्माण कार्य किए जाने एवं सोमेश्वर में सुनियाकोट-सोनकोटुली मोटर मार्ग का कार्य किए जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने रूरल बिजनेस इनक्यूबेटर (आर0बी0आई0) में आयोजित कार्यशाला में प्रतिभाग कर उद्यमियों से चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित साइकिल रैली को भी हरी झण्डी दिखाकर रवाना करने के साथ ही विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 21.83 करोड़ का लोन सांकेतिक रूप से वितरित किया एवं हिलांस द्वारा निर्मित मंडुवा डोसा, इडली का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड पर्यटन प्रदेश है। यदि किसी को उत्तराखंड की सांस्कृतिक विशिष्टता को भली भांति समझना हो तो एक बार उसे अवश्य अल्मोड़ा में कुछ समय बिताना चाहिए, पिछले वर्ष से आयोजित हो रहा यह आजीविका महोत्सव अपने-आप में विशिष्ट है, क्योंकि इसका स्वरूप जहां एक ओर मेले जैसा है वहीं यह व्यापारिक और स्वरोजगार के क्षेत्र में कार्य कर रहे युवाओं को अपने कार्य का प्रदर्शन करने का एक मंच भी प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का संपूर्ण विकास केवल तभी संभव है, जब सरकार के साथ-साथ प्रदेश का प्रत्येक नागरिक भी अपने-अपने दायित्वों का भली भांति निर्वहन करे। ऐतिहासिक नगरी अल्मोड़ा का प्रत्येक नागरिक अपने सामाजिक दायित्वों से भलीभांति परिचित हैं। उन्होंने कहा हमारी सरकार भी हर क्षेत्र में लगातार अपने कर्तव्यों का पालन सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है। हम राज्य के लोगों को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक युग में भी प्रत्येक उत्तराखंडी अपनी संस्कृति से जुड़ा हुआ है और मेरा मानना है कि अल्मोड़ा जिला इस सांस्कृतिक चेतना का ध्वजवाहक है। उन्होंने कहा आज का यह महोत्सव, अपनी जड़ों से जुड़े रहने की हमारी इसी जिद को प्रदर्शन कर रहा है। पिछले वर्ष हमारी सरकार ने इस महोत्सव के माध्यम से लोन मेला आयोजित कर यहां के युवाओं को टर्म लोन देने का काम प्रारंभ किया था, जिसके अच्छे परिणाम सामने आए। इसके साथ ही हमने पिछले वर्ष जो कुमाऊँ मण्डल के पहले रूरल बिजनेस इनक्यूबेटर का लोकार्पण किया था, वो भी आज स्वरोजगार के क्षेत्र में युवाओं को प्रोत्साहित करने का कार्य कर रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज के समय में भारत की पुरातन संस्कृति व खोए हुए वैभव को पुनर्स्थापित करने का कार्य यदि किसी ने किया है तो वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही हैं। उन्होंने कहा अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण का कार्य हो, काशी में विश्वनाथ कॉरिडोर जैसे जटिल कार्य को सफल बनाने का कार्य हो, उज्जैन में महाकाल लोक की स्थापना हो या केदारपुरी और बद्रीकापुरी का पुनर्निर्माण करने का कार्य हो, यह सब प्रधानमंत्री मोदी के प्रेरणादाई व कुशल नेतृत्व में ही संभव हो पाया हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री का हमारी देवभूमि के प्रति विशेष लगाव रहा है, और इसे राज्य में केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से समझा जा सकता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले 5 वर्षों में अल्मोड़ा में लगभग 931 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को पूर्ण कराया है। वर्तमान में यहां के विकास के लिए 5 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले 559 करोड़ के कार्य प्रगति पर हैं। इसके साथ ही 5 करोड़ रुपये से कम लागत वाले 223 करोड़ के कार्य भी गतिमान हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार पलायन जैसी वृहद समस्या के निराकरण के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा इकोनॉमी और इकोलॉजी के अंतर्गत हम प्रदेश के समुचित विकास के साथ ही यहां के प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आजीविका महोत्सव परिसर में विभिन्न विभागों एवं स्वयं सहायता समूह द्वारा लगाए गए स्टालों का भी अवलोकन किया।
इस दौरान कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री डा0 धन सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, सांसद अजय टम्टा, विधायक अल्मोड़ा मनोज तिवारी, विधायक सल्ट महेश जीना, विधायक रानीखेत प्रमोद नैनवाल, विधायक जागेश्वर मोहन सिंह माहरा, महिला आयोग उपाध्यक्ष ज्योति शाह मिश्रा, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष कैलाश शर्मा, पूर्व विधायक रघुनाथ सिंह चौहान, ब्लॉक प्रमुख हवालबाग बबीता भाकुनी, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष ललित लटवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश बहुगुणा, जिलाधिकारी वन्दना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार राय एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

दो दिवसीय सीमान्त पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव 2022 का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को चम्पावत के जवाहर नवोदय विद्यालय में उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् (यूकॉस्ट) देहरादून एवं जिला प्रशासन चम्पावत के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय सीमान्त पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव 2022 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर महोत्सव में विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने हेतु 5 वैज्ञानिकों व व्यक्तियों को मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया। उन्होंने विज्ञान प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विज्ञान महोत्सव अपने आप में अति महत्वपूर्ण है, यह ऐसा पहला विज्ञान आधारित महोत्सव है जो दूरस्थ क्षेत्रों में पढ़ रहे छात्र छात्राओं के लिए आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने राज्य के सीमान्त 6 जनपदों से आये सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं समस्त वैज्ञानिक और प्रबुद्ध जनों का स्वागत एवं अभिनन्दन किया। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव का मुख्य विषय पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान है। पारम्परिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान, विकास के दो ऐसे घटक हैं जो विज्ञान आधारित विकास के लिए सुदृढ़ नींव का काम करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रथम सीमान्त पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव राज्य में वैज्ञानिक अवधारणा को पुष्ट करने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि राज्य के हर दूरस्थ क्षेत्र तक वैज्ञानिक तकनीक पहुंचे। उन्होंने कहा कि जन जन तक विज्ञान पहुंचे और हर बच्चे में वैज्ञानिक सोच विकसित हो, यही हमारा ध्येय है और यही इस विज्ञान महोत्सव के आयोजन का उद्देश्य भी है। महोत्सव में आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगिताओं (पोस्टर मेकिंग, ड्रामा, विज्ञान प्रश्नोत्तरी, कविता पाठ आदि) के माध्यम से सभी बच्चे अपनी अभिरुचियों से रूबरू अवश्य होंगे। उन्होंने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी के इस दौर में हमारे बच्चे देश और दुनिया से कंधे से कंधा मिलाते हुए आगे बढ़ें।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बाबा केदारनाथ की पावन भूमि से कहा था कि यह दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा और इसी को साकार करने की दिशा में हम लगातार कार्य कर रहे हैं। उत्तराखण्ड को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए और आदर्श उत्तराखंड तथा आदर्श चम्पावत की परिकल्पना को साकार करने के लिए इस विज्ञान महोत्सव जैसे कार्यक्रम सुदृढ़ नींव का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि चम्पावत की भौगोलिक परिस्थितियां पूरे उत्तराखंड राज्य का प्रतिनिधित्व करती हैं। यहाँ पर मैदानी, उच्च एवं मध्य हिमालयी क्षेत्र है इसीलिए सरकार ने आदर्श उत्तराखण्ड के लिए सबसे पहले चम्पावत जनपद को मॉडल जनपद के रूप में विकसित करने का प्रण लिया है। जिसके लिए राज्य सरकार के सभी विभाग अपने स्तर पर कार्य कर रहे हैं और यूकॉस्ट इसमें नोडल एजेंसी का कार्य कर रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि स्थानीय लोगों को अपने क्षेत्र में अधिक से अधिक रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य में शोध, अनुसंधान और नवाचार पर विशिष्ट ध्यान दे रही है। राज्य में वैज्ञानिक सोच को जागृत करने, विज्ञान शिक्षा के प्रचार प्रसार हेतु और नवाचार अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए साइंस सिटी का निर्माण किया जा रहा है। राज्य के हर क्षेत्र तक अनुसंधान और शोध गतिविधियों को पहुँचाने हेतु लैब्स ऑन व्हील का कांसेप्ट राज्य के हर जनपद के लिए लाया गया है, ताकि राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों तक भी शोध और अनुसंधान गतिविधियां पहुंच सकें। अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में जागरूकता हेतु हल्द्वानी में यूकॉस्ट और एरीज साथ मिलकर ’एस्ट्रो पार्क’ का निर्माण कर रहे हैं जो पारम्परिक और आधुनिक ज्ञान एवं विज्ञान का मिश्रण होगा। अल्मोड़ा में एक उप क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र का भी निर्माण किया जा रहा है जहाँ पर विज्ञान आधारित गतिविधियां और कार्यक्रम संचालित होंगे। चम्पावत में विज्ञान केंद्र की स्थापना प्रस्तावित है ताकि क्षेत्र में विज्ञान आधारित शिक्षा और जागरूकता का संचार हो।
महोत्सव में आयोजित संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री द्वारा सीमांत जिलों से आए बाल वैज्ञानिकों से भी संवाद कर उनकी जिज्ञासाओं को जाना तथा उन्हें आश्वस्त किया, जिसमें बागेश्वर से आई बाल वैज्ञानिक प्रिया महर द्वारा बागेश्वर में खोली गई अटल टिंकरिंग लैब को अन्य जनपदों में भी खोले जाने, चमोली से आई निकिता चमोली एवं उत्तरकाशी से आई अंकिता रावत द्वारा उनके जनपद में भी इसी प्रकार का विज्ञान महोत्सव का आयोजन कराए जाने, रूद्रप्रयाग जिले से आई मधु रावत द्वारा उनके जिले में टिंकरिंग लैब खोले जाने, पिथौरागढ़ से आए बाल वैज्ञानिक लक्ष्य रौतेला द्वारा अंतरिक्ष क्लब तथा लैब की स्थापना किए जाने व चम्पावत की प्रियंका उप्रेती द्वारा इस प्रकार के विज्ञान महोत्सव लगातार आयोजित करने की बात मुख्यमंत्री के सम्मुख रखी।
इस दौरान इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जवाहर नवोदय विद्यालय में मल्टीपर्पज हॉल के निर्माण किए जाने, जिम कक्ष का निर्माण व खेल मैदान का विस्तारीकरण करने की घोषणा की।
इस अवसर पर यूकॉस्ट के महानिदेशक डॉ दुर्गेश पंत द्वारा आयोजित दो दिवसीय विज्ञान महोत्सव के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में अध्यक्ष जिला पंचायत ज्योति राय, जिलाध्यक्ष भाजपा निर्मल माहरा, जिलाधिकारी नरेन्द्र सिंह भंडारी, पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पींचा, सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए वैज्ञानिक प्रबुद्धजन जनप्रतिनिधि बाल वैज्ञानिक, यूकॉस्ट के अधिकारी कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।

जीएसटी कलेक्शन बढ़ाने को सरकार का प्लान, बिल लाओ ईनाम पाओ योजना

वित्त मंत्री डॉ प्रेम चन्द अग्रवाल द्वारा विधानसभा परिसर, देहरादून में राज्य कर विभाग, उत्तराखण्ड की महत्वपूर्ण योजना “बिल लाओ ईनाम पाओ“ का रिमोट दबाकर उद्घाटन किया। इस मौके पर प्रेस वार्ता आयोजित की गयी।
शुक्रवार को आयोजित प्रेसवार्ता में डॉ अग्रवाल ने बताया कि “बिल लाओ ईनाम पाओ“ योजना उपभोक्ताओं को बिल लेने के संबंध में जागरूक करने के उद्देश्य से प्रदेश के विकास एवं कर संग्रह में वृद्धि के योगदान को प्रोत्साहित करने के उददेश्य से संचालित की जा रही है।
वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने योजना का शुभारम्भ करते हुए बताया गया कि राजकोष को सुरक्षित तथा सुदृढ़ बनाने में समस्त हितधारकों की भागीदारी सुनिश्चित किये जाने की आवश्यकता के दृष्टिगत वस्तु की खरीद पर बिल प्राप्त करने की जागरूकता के सम्बन्ध में राज्य कर विभाग द्वारा ’’बिल लाओ ईनाम पाओ’’ योजना लागू की गई है। उन्होंने पत्रकार वार्ता में बताया कि यह योजना दिनांक 1 सितम्बर, 2022 से दिनांक 31 मार्च, 2023 तक की अवधि के बिल के संबंध में प्रभावी रहेगी। योजनावधि में पंजीकृत व्यापारियों से की गयी खरीद पर प्राप्त बिल को उपभोक्ताओं द्वारा ठस्प्च् न्ज्ञ ंचच पर अपलोड किये जाने पर ऐसे उपभोक्ताओं के पास लक्की ड्रा के माध्यम से मासिक पुरस्कार व योजना समाप्ति पर मेगा पुरस्कार जीतने का अवसर होगा।
वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि ईनाम के रूप में उपभोक्ताओं को कार, इलैक्ट्रिक स्कूटर, बाइक, लैपटॉप, मोबाईल फोन, स्मार्टवाच, माइक्रोवेव आदि जीत सकेंगें। माह समाप्ति के पश्चात् उपभोक्ताओं को अगले माह की 5 तारीख तक बिल अपलोड करने का अवसर दिया जायेगा तथा प्रत्येक माह के द्वितीय सोमवार को लॉटरी का लकी ड्रा निकाला जायेगा।
बताया कि हर महीने 1500 ईनाम दिये जायेंगे तथा माह अप्रैल/मई, 2023 में मेगा लकी ड्रा का आयोजन किया जायेगा जिसके अन्तर्गत 1888 पुरस्कार दिये जायेंगे। राज्य कर विभाग की ओर से “बिल लाओ ईनाम पाओ“ योजना के महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर पावर प्वाइन्ट के माध्यम से प्रस्तुतीकरण दिया गया।
बताया कि यह योजना रेस्टोरेंट (फूड चेन को छोड़कर), मिठाईयां, ड्राई फ्रूट्स, रेडीमेड गारमेंट्स (नॉन ब्रांडेड), कपड़ा एवं साड़ियां, सैलून एवं ब्यूटी पार्लर्स, फुटवियर (नॉन ब्रांडेड), गेमिंग पार्लर, लॉन्ड्री सेवाएं एवं आर्टिफिशियल ज्वैलरी पर लागू है।
इस मौके पर कमिश्नर इकबाल अहमद, स्पेशल कमिश्नर आई एस बृजवाल, एडिशनल कमिश्नर अनिल सिंह, अमित गुप्ता, जॉइन्ट कमिश्नर अनुराग मिश्रा, प्रवीण गुप्ता, डिप्टी कमिश्नर एस एस तिरूआ, जगदीश सिंह आदि उपस्थित रहे।

2023 के अंत तक सैन्य धाम का निर्माण पूर्ण करने के निर्देश

मंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड वीरों की भूमि है, और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना है कि उत्तराखण्ड में सैन्य धाम निर्माण हो तथा एक सैनिक होने के नाते यह मेरा भी दृढ़ संकल्प है कि उत्तराखण्ड का सैन्य धाम यहां के चार धामों की तरह ही विकसित होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस प्रोजेक्ट को लेकर विशेष रूचि ली है। मंत्री ने कहा कि हमारा संकल्प है कि 2023 के अंत तक हम सैन्य धाम का निर्माण पूर्ण कर लेंगे।
मंत्री ने कहा कि सैन्य धाम को भव्य रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा देश के विभिन्न स्मारकों का अध्ययन करके सैन्य धाम के डिजाइन को अंतिम रूप दिया है। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष में प्रदेश भर शहीद सम्मान यात्रा के दौरान प्रदेश के 1734 शहीद परिवारों के घर से मिट्टी एकत्र कर सैन्य धाम में बनाये जाने वाली अमर जवान ज्योति के नीचे रखा जायेगा।
मंत्री ने कहा कि सैन्य धाम का मुख्य द्वार पर और उत्तराखण्ड के गौरव और देश के पहले सीडीएस जनरल विपिन रावत के नाम पर बनाया जायेगा। उन्होंने कहा नवंबर 2022 के अंत तक 28ः निर्माण कार्य पूर्ण कर दिया जायेगा।
इस अवसर पर बैठक में अपर सचिव सैनिक कल्याण चन्द्र सिंह धर्मसत्तू, उप जिलाधिकारी नरेश चन्द्र दुर्गापाल, संयुक्त सचिव सुनील सिंह तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

धरातल पर विकास योजनाओं के कार्य दिखाई दें-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सर्किट हाउस काठगोदाम में हल्द्वानी शहर के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा की गई 2200 करोड़ की विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि विकास योजनायें धरातल पर दिखाई दे यह सुनिश्चित करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन सेवा ही हमारा लक्ष्य है। आम जनता से जुड़ी योजनाओं का समय से क्रियान्वयन सुनिश्चित करना अधिकारियों का दायित्व है।
मुख्यमंत्री ने समेकित शहरी अवसंरचना विकास योजना के तहत एडीबी द्वारा वित्त पोषित नगर के विकास हेतु डीपीआर तैयार कर रही कार्यदायी संस्था (यूयूएसडीए) उत्तराखण्ड अर्बन सेक्टर विकास एजेंसी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन योजनाओं की डी.पी.आर. अभी तैयार नहीं हुई है, उन्हें शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए। उन्होंने कहा कि शहरी विकास के लिए जनप्रतिनिधियों के सुझावों को भी डीपीआर में शामिल किया जाए इसके लिए उन्होंने कार्यदायी संस्था को 10 दिन के भीतर क्षेत्रीय प्रतिनिधियों व अन्तर विभागीय बैठक करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डीपीआर फाइनल करने से पहले अन्तर विभागीय बैठक करने से आपसी समन्वय बना रहेगा व बाद में किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पडे़ेगा। उन्होंने कहा कि कार्यदायी संस्था सुनिश्चित करें कि निर्माण से पूर्व ही सड़क पर सर्विस डक्ट डाली जाए जिससे जनता को बार-बार परेशानियों का सामना न करना पडे व सरकारी धन का दुरुपयोग न हो। उन्होंने मण्डलायुक्त कुमाऊ दीपक रावत को प्रत्येक सप्ताह कार्य की मॉनिटरिंग के निर्देश दिए जिससे कार्य धरातल पर दिख सके।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि अधिकारियों को योजनाओं की जानकारी व आंकड़े मौखिक याद होने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को तैयारी के साथ आगामी बैठक में प्रतिभाग करने के निर्देश दिए। योजनाओं के क्रियान्वयन में हो रहे विलम्ब के प्रति मुख्यमंत्री द्वारा नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि कतिपय अधिकारियों की लचर कार्यशैली के कारण सरकार आलोचना की भागीदार बनती है। इसके लिए उन्होंने समस्त अधिकारियों को अपनी कार्यशैली सुधारने के निर्देश दिए साथ ही जनता के कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता से निस्तारित करने को कहा।
बैठक में मण्डलायुक्त दीपक रावत ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि पानी आपूर्ति और सीवरेज कार्य के लिए रूप्ये 1298 करोड़ की डीपीआर तैयार कर नियोजन एवं एडीबी को भेज दी गई है जिसमें जल आपूर्ति की कुल लागत रूपये 835.94 करोड़ व सीवरेज की रूपये 461.77 करोड. लागत की डीपीआर तैयार की गई है। वर्ष 2025 को आधार वर्ष मानते हुए 2055 तक की जनसंख्या का लक्ष्य टारगेट करते हुए डीपीआर तैयार की गई है। इस योजना में जल निकासी प्रबंधन के लिए 300 करोड़., सुरक्षा एवं निगरानी के लिए 100 करोड. व शहरी परिदृश्य व परिवहन के लिए 500 करोड़. का प्राविधान है जिनकी डीपीआर फाइनल की जानी है। शहर के भूमिगत जल स्तर को बढ़ाने के लिए हरित क्षेत्र के विकास हेतु सरकारी विद्यालयों, डिग्री कॉलेज व अन्य क्षेत्रों में हरित क्षेत्र का विकास किया जाए। कि हल्द्वानी के पुराने बाजार को भी एक ही सिममेट्री में तैयार किया जाए जिससे बाजार आकर्षक व भव्य लगे। इसके साथ ही विद्युत की लाइनों को भूमिगत किया जायेगा, जिससे बाजारों की सौंदर्यता हल्द्वानी में भी पर्यटकों को आकर्षित करें। हल्द्वानी कुमाऊॅ का प्रमुख शहर है, जहाँ निकासी व सीवरेज की प्रमुख समस्या है। वर्तमान में शहर के समस्त क्षेत्र सीवरेज से नहीं जुड़े है, इस डीपीआर के माध्यम से शहर के सीवरेज व सेप्टिक टैंक की व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा जिससे सीवरेज का शुद्धिकरण एसटीपी टैंक का माध्यम से हो सके।
जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि इस योजना के तहत आधुनिक तकनीक व उत्तराखंड के पौराणिक वास्तुकला (गौथिक शैली) से हल्द्वानी के पुराने बाजार का भी सौंदर्यीकरण किया जायेगा। हल्द्वानी के पुराने बाजार को भी एक ही सिममेट्री में तैयार किया जाए जिससे बाजार आकर्षक व भव्य लगे। इसके साथ ही विद्युत की लाइनों को भूमिगत किया जायेगा, जिससे बाजारों की सौंदर्यता हल्द्वानी में भी पर्यटकों को आकर्षित करें।
इस अवसर पर मेयर डा. जोगेन्दर पाल सिंह रौतेला, विधायक एवं पूर्व मंत्री बंशीधर भगत, विधायक डा. मोहन सिंह बिष्ट, रामसिंह कैडा, उपाध्यक्ष जिला पंचायत आनन्द दरम्वाल सहित जन प्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।

मामा सीएम धामी को देख खिल उठे बच्चों के चेहरे

बनबसा स्पोर्ट्स स्टेडियम में राम दल द्वारा आयोजित फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सभी खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त करने के उपरांत फाइनल मैच का शुभारंभ किया। खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम से समाज में फैल रहे नशे को समाप्त करने में इस प्रकार के आयोजन साकार होंगे तथा हम जन-जन को इस नशा मुक्ति अभियान से जोड़ते हुए वर्ष 2025 तक प्रदेश को नशा मुक्त प्रदेश बनाए जाने के संकल्प को साकार करने में कामयाब होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में नई खेल नीति लागू की गई है जिससे प्रतिभावान खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हो रहा है। साथ ही इसका लाभ गरीब तबके के प्रतिभावान को भी मिल रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विश्व में आज हर खेल के मैदान में भारत का डंका बज रहा है और हर जगह भारत का झंडा लहरा रहा है।
इस अवसर पर आयोजक राम दल के अध्यक्ष कमलेश भट्ट, जिला पंचायत सदस्य बनबसा रेणु अग्रवाल, जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह भंडारी, नवीन बोरा, राम सिंह जेठी, पुष्कर कापड़ी, एम आर चंन्द, योगेश चंन्द, प्रशासन के उच्चाधिकारी आदि मौजूद रहे।

सीएम ने टनकपुर में सुनी लोगों की समस्यायें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को टनकपुर स्थित मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में ’मुख्य सेवक आपके द्वार’ के अंतर्गत ’जन संवाद’ कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए जनता की समस्याएं सुनी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के तत्काल निस्तारण हेतु निर्देशित किया। इस दौरान कई संगठनों व लोगों ने अपनी समस्याओं को सीएम के समक्ष प्रमुखता से रखा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जो समस्या जिला स्तर पर हल हो सकती है उनका समाधान निर्धारित समय पर होना चाहिए। वह समस्या अनावश्यक शासन या उनके स्तर पर नहीं आनी चाहिए, जिला स्तर पर होने वाले कार्यों की फाइल सचिवालय स्तर में आने पर अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि शारदा घाट का निर्माण नमामि गंगे के अंतर्गत हो इसके लिए हम लगातार प्रयासरत हैं, उन्होंने जिलाधिकारी को नियमित माँ शारदा की आरती करने हेतु नमामि गंगे के अंतर्गत प्रस्ताव दिए जाने को निर्देशित किया। उन्होंने कहा मां पूर्णागिरि धाम में आने वाले लाखों श्रद्धालु हमारे चंपावत लोहाघाट पिथौरागढ़ के साथ ही अन्य जिलों में घूमे इसके लिए हम मंदिर माला मिशन के अंतर्गत पौराणिक मंदिरों एवं स्थानों को जोड़कर एक सर्किट के रूप में विकसित कर रहे हैं। उन्होंने कहा पूर्णागिरि को रोपवे से जोड़ने का कार्य जल्द ही किया जाएगा। दूरदराज सीमांत गांव के विकास हेतु सरकार गांव में चौपाल कार्यक्रम की व्यवस्था करने जा रही है।
इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खूना निवासी फकरुद्दीन को 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता का चेक भी प्रदान किया।

शारदा घाट में बाढ़ नियंत्रण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को टनकपुर स्थित शारदा घाट पहुंचकर सिंचाई विभाग द्वारा कराए जा रहे बाढ़ नियंत्रण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत आदि शक्ति मंदिर के समीप घाट निर्माण कार्य एवं घस्यारा मंडी के समीप निर्माणधीन तटबंध सहित विभिन्न विकास कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तय समय सीमा पूर्ण गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्य पूरे करने के निर्देश दिए। इससे पहले मुख्यमंत्री धामी ने शारदा घाट में विधिवत पूजा अर्चना कर प्रदेश में खुशहाली की कामना की।
इस दौरान जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह भंडारी, पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा, पालिकाध्यक्ष विपिन वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष निर्मल महरा, प्रदेश मंत्री हेमा जोशी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

प्राकृतिक मड थेरेपी को बढ़ावा देने के लिए सीएम ने भी किया मड बाथ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को नवयोग ग्राम, टनकपुर में प्राकृतिक चिकित्सा दिवस के अवसर पर सूर्याेदय सेवा समिति द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा (नेचुरोपैथी) एवं योग संगोष्ठी कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने पुरातन एवं प्राकृतिक मड थेरेपी को बढ़ावा देते हुए मड बाथ (गीली मिट्टी से स्नान) भी किया, साथ ही उन्होंने प्राकृतिक चिकित्सा शिक्षा पद्धति के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले अध्यापको एवं छात्र-छात्रों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी को राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखंड की भूमि प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण भूमि है, प्राकृतिक संसाधनों को अपनाकर प्राकृतिक चिकित्सक मानव जीवन को रोग मुक्त करती है। उन्होंने कहा ऋषियों और संतो की तपस्थली उत्तराखण्ड सदैव से ही विश्व कल्याण के लिए ज्ञान का प्रचार प्रसार करती रही है। यह योग, आयुष, आध्यात्म की भूमि है, उन्होंने कहा आध्यात्मिक और धार्मिक चेतना की जागृति का जो संगम हमारी देवभूमि में देखने को मिलता है वह अद्भुत है। प्राचीन काल से ही आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग का ज्ञान इसी धरती से हमारे ऋषियों द्वारा विश्व के समक्ष प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा राज्य सरकार भी प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने एवं इसके प्रचार- प्रसार, करने के लिए प्रतिबद्ध और सक्रिय हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मनुष्य के जीवन में सबसे बड़ा सुख उसके निरोगी रहने का है। उन्होंने कहा हम चाहते हैं कि यह सुख प्रत्येक नागरिक को प्राप्त हो, साथ ही हमारी प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति से जुड़े। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत अपनी प्राचीन संस्कृति, सभ्यता और ज्ञान का परिचय संपूर्ण विश्व को करा रहा है। आज पूरी दुनिया ने हमारी प्राचीन संस्कृति के मूल आधार “योग“ को अपनाया है और इसका महत्व समझा है। इसी का ही परिणाम है कि आदरणीय प्रधानमंत्री के आह्वान पर आज विश्व के सभी देश योग दिवस मना रहे हैं। उन्होंने कहा राज्य एवं केंद्र सरकार साथ मिलकर प्रदेश में योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा के विकास हेतु निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड के विकास हेतु हर वह जरूरी निर्णय ले रही है जो हमारे राज्य को आगे ले जाएगा। उन्होंने कहा हमने अपने वादे के अनुसार समान नागरिक संहिता के लिये समिति का गठन किया, समिति द्वारा जल्द ही फाइनल ड्राफ्ट बनाकर पूरा कर लिया जाएगा। हमारे राज्य के साथ ही देश के अन्य राज्य भी अब समान नागरिकता संहिता पर कार्य कर रहे हैं। भ्रष्टाचार पर रोक के लिए 1064 टोल फ्री नंबर जारी किया गया है। उन्होंने कहा विभिन्न विभागों से रिक्त पड़े पदों की सूची मांगी गई है, ताकि जल्द से जल्द भर्ती कराई जा सके। उन्होंने कहा विभिन्न विभागों में रिक्त पड़े पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है, उन्होंने कहा प्रतिभावान युवाओं को आगे बढ़ाने एवं योग्यता के आधार पर नौकरी दिए जाने पर कार्य किया गया है।
इस दौरान जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह भंडारी, पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा, भाजपा जिलाध्यक्ष निर्मल महरा, प्रदेश मंत्री हेमा जोशी, पालिकाध्यक्ष विपिन वर्मा, लीलाधर पांडेय, देवीदत्त जोशी, डॉ विक्रम सिंह, डॉ नवदीप जोशी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

प्रथम सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव का सीएम करेंगे शुभारंभ

प्रदेश के सीमांत, दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्र के बच्चों में वैज्ञानिक चेतना विकसित करने के साथ-साथ वैज्ञानिक अवधारणा को पुष्ट करने हेतु मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर विकासखंड और जनपद स्तर पर कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं के समापनार्थ निर्णायक समारोह, प्रथम राज्य स्तरीय सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव 2022 के रूप में दिनांक 19 और 20, नवंबर 2022 को चम्पावत में जवाहर नवोदय विद्यालय में होगा, इस बाल विज्ञान महोत्सव को उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकास्ट) आयोजन कर रहा है, सहभागी के रूप में जिला प्रशासन चम्पावत भी है, ऐसा कहना है यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत का।
प्रो. दुर्गेश पंत ने बताया कि राज्य के 6 सीमांत जनपद उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चम्पावत और पिथौरागढ़ के लगभग 250 स्कूली बच्चे पिछले कुछ हफ्तों में चयनित हुए हैं, जो इस बाल विज्ञान महोत्सव में प्रतिभाग करेंगे। इस दो दिवसीय महोत्सव का मूल उद्देश्य राज्य के दूरस्थ विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को पारम्परिक ज्ञान के प्रति संवेदनशील बनाते हुए उनमें वैज्ञानिक सोच का विकास करना और आधुनिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का राज्य मे वृहद लोकव्यापीकरण करना है।
इस महोत्सव का उद्घाटन 19 नवम्बर 2022 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे और समापन 20 नवम्बर 2022 को बच्चों को पुरस्कृत करके महामहिम राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह करेंगे।
यूकॉस्ट के प्रबंधक जनसम्पर्क अमित पोखरियाल ने बताया कि इस अनोखे बाल विज्ञान महोत्सव में प्रतिभागियों को विज्ञान प्रदर्शनी, वैज्ञानिक कार्यशाला, दूरबीन के माध्यम से आकाश अवलोकन, तारामंडल शो, विज्ञान फिल्म शो आदि के माध्यम से आमंत्रित वैज्ञानिकों के साथ चर्चा करने, उनके व्याख्यान सुनकर उनसे मार्गदर्शन लेने का अवसर भी प्राप्त होगा। महोत्सव में जूनियर वर्ग कक्षा 6 से 8 तक एवं सीनियर वर्ग कक्षा 9 से 12 तक के छात्र- छात्राओं के लिए पोस्टर प्रतियोगिता (स्थानीय पारंपरिक ज्ञान प्रणाली), नाटक (पर्यावरण संरक्षण जागरूकता) विज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, कविता पाठन (हिन्दी एवं स्थानीय भाषा), कविता पाठन अंग्रेजी का आयोजन किया जा रहा है। देशभर से कई वरिष्ठ वैज्ञानिक, विशेषज्ञ और चिंतक इस महोत्सव में प्रतिभाग कर रहे हैं। महोत्सव में उपस्थित छात्र- छात्राएं तथा शिक्षक- शिक्षिकायें उन सम्मानित विशेषज्ञों के साथ संवाद और मार्गदर्शन के लिए इस सुनहरे अवसर का लाभ उठा सकते हैं।