गायन प्रतियोगिता के सीनियर वर्ग में श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज के गोपाल प्रथम रहे

संगम कला ग्रुप द्वारा 40वां सुरतरंग म्यूजिक टेलेंट हंट कॉम्पिटिशन का आयोजन किया गया। श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज के महंत परशुराम हॉल में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ ग्रुप के प्रांतीय संयोजक डॉ. धीरेंद्र रांगड़ ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम का संचालन मनोज कुमार गुप्ता ने किया। इस अवसर पर जूनियर और सीनियर वर्ग के प्रतिभागियों ने अपनी गायन कला प्रतिभा का सुंदर प्रदर्शन किया।
गायन प्रतियोगिता के सीनियर वर्ग में प्रथम स्थान भरत मंदिर इंटर कॉलेज के गोपाल, द्वितीय स्थान शुभम, तृतीय राहुल तथा सांत्वना पुरस्कार संयोगिता व सम्पूर्ण ने प्राप्त किया। जूनियर वर्ग में प्रथम व द्वितीय स्थान पर भरत मंदिर इंटर कॉलेज के राजन खतियान व ऋषभ, तृतीय स्थान पर आईडीपीएल इंटर कॉलेज की कुमारी पूनम व कुसुम कुमारी संयुक्त रूप में रहीं। सांत्वना पुरस्कार आईडीपीएल इंटर कॉलेज की सपना तथा भावना ने प्राप्त किया। निर्णायक मंडल में भरत मंदिर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य मेजर गोविंद सिंह रावत, समाजसेवी गजेंद्र सिंह कंडियाल व उषा भंडारी ने विजय प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया तथा उनके उज्जवल भविष्य की मंगल कामना की। इस अवसर पर विमला रावत, उषा अमोला, ज्योति शर्मा, नीलम मनोरी, शिवप्रसाद बहुगुणा, एफ.रहमान आदि उपस्थित थे।

अधिकारी संवेदनशीलता के साथ करें जनता की समस्याओं का निराकरण-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में बड़ी संख्या में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आये लोगों तथा विभिन्न संगठनों आदि से जुड़े लोगों से भेंट कर उनकी समस्यायें सुनी। मुख्यमंत्री ने सभी की समस्याओं से अवगत होते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं का समाधान अधिकारियों की जिम्मेदारी भी है। जनपद स्तर पर स्थानीय लोगों की समस्याओं का समाधान हो इसके लिये जिलाधिकारियों को प्रतिमाह अपने-अपने जनपदों के दूरस्थ क्षेत्रों में बहुउद्देशीय शिविरों के आयोजन की व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने एवं बीडीसी की बैठकों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिये गये हैं ।साथ ही सभी अधिकारियों को सोमवार को जनता से मिलने का समय निर्धारित कर अनिवार्य रूप से जन समस्याओं के निराकरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया है। आम जनता को अपनी समस्याओं के समाधान के लिये अनावश्यक रूप से देहरादून न आना पड़े इसके लिये जिलाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि जनपदों की समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर हो जाय।

एक रावत का दूसरे रावत पर पलटवार, कहा-अपने कार्यकाल में की होती कार्रवाई तो आज धामी की नहीं रावतों की धूम होती

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग-यूकेएसएसएससी के गठन पर पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के सवाल उठाने पर पूर्व सीएम हरीश रावत ने उनकी खिंचाई की। दो टूक सवाल किया कि क्यों गड़बड़ी सामने आने पर तत्काल कार्रवाई नहीं की? यदि उसी समय कार्रवाई कर दी होती, तो आज धामी की धूम नहीं हो रही होती। बल्कि रावतों की धूम हो रही होती।
सोशल मीडिया पर पूर्व सीएम हरीश रावत ने त्रिवेंद्र रावत पर कटाक्ष किया। कहा कि उन्हें समझ आते आते बहुत देर हो गई है। जब कांग्रेस सरकार ने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग भर्ती की जांच की। इसके बाद आपकी सरकार आ गई। आपके मंत्री ने विधानसभा के पटल पर स्वीकार किया था कि जांच में गड़बड़ियां पाई गई हैं। जांच रिपोर्ट शासन को मिल चुकी है। यदि उसी समय इतना गुस्सा दिखाया होता तो आज फिर धामी की धूम नहीं होती। कहा कि दरवाजे की चौखट पर सर टकराने से घर नहीं गिराए जाते। विधानसभा में भर्तियों में धांधलियां हुई तो विधानसभा भवन ही गिरा देंगे क्या?

बिना भेदभाव के सीएम धामी कर रहे राजकाज, सभी विधायकों से मांगे 10 विकास योजनाओं के प्रस्ताव

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के सभी विधायकगणां से अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र की व्यापक जनहित से जुड़ी 10 औचित्यपूर्ण आवश्यक विकास योजनाओं के प्रस्ताव प्राथमिकता के क्रम में तैयार करते हुए उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
उत्तराखण्ड में एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने कहा था कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड राज्य का दशक होगा। इसी क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार विकल्प रहित संकल्प के साथ काम कर रही है।
उत्तराखण्ड में प्रत्येक क्षेत्र का योजनाबद्ध एवं चरणबद्ध रूप से विकास किये जाने की दृष्टि से मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मूल मंत्र “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास“ के तहत पार्टी सीमा से उपर उठकर उत्तराखण्ड राज्य के विकास में सभी विधायकगणो से सहयोग का अनुरोध करते हुए पत्र जारी किया है।
मुख्यमंत्री ने पत्र में विधायकों से अनुरोध किया है कि अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र की व्यापक जनहित से जुड़ी 10 औचित्यपूर्ण आवश्यक विकास योजनाओं के प्रस्ताव प्राथमिकता के क्रम में तैयार करते हुए उपलब्ध करायें, ताकि शासन स्तर पर राज्य के आर्थिक संसाधनों के समुचित प्रबन्धन के साथ प्रस्तावित योजनाओं की प्राथमिकता, उपयुक्तता एवं जन सरोकारों में आने वाले प्रभावों के सम्बन्ध में क्षेत्रीय विधायक गणों से विमर्श करते हुए योजनाओं को प्राथमिकता के क्रम में चरणबद्ध एवं समयबद्धता के साथ मूर्त रूप दिया जा सके।
राज्य गठन के बाद धामी पहले मुख्यमंत्री है जिनके द्वारा राज्य के हर क्षेत्र का समान रूप से विकास किये जाने के लिए प्रत्येक विधायक से चाहे वह किसी भी दल से जुड़ा क्यों न हो, से क्षेत्र की आवश्यकता और जनहित की दृष्टि से विकास योजनाओं के प्रस्ताव आमंत्रित किये हैं। मुख्यमंत्री धामी का यह कदम राज्य गठन की 25वीं वर्षगांठ तक उत्तराखण्ड राज्य को श्रेष्ठतम राज्य बनाने के संकल्प पूर्ति में मील का पत्थर साबित होगा।

सीएस से दिये निर्देश, एक करोड़ की धनराशि का टेंडर या निविदा अब यहां प्रकाशित होंगे

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित यूकेपीएफएमएस परियोजना के मिड टर्म रिव्यू की बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सभी विभागों के विभागाध्यक्षों से यह अपेक्षा की कि वे वित्त विभाग द्वारा प्रोक्योरमेंट अधिप्राप्ति शिकायत क्रियाविधि पोर्टल (E-Procurement Grievance Registration Mechanism Portal) में तत्काल अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि 1 करोड़ रुपए से अधिक की सभी ई – निविदाओं को अनिवार्य रूप से उक्त पोर्टल (http://pgrm.uk.gov.in) प्रकाशित कराया जाना सुनिश्चित किया जाए एवं प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध रूप से निस्तारण किया जाए।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव दिलीप जावलकर एवं आयुक्त राज्यकर अहमद इकबाल भी उपस्थित थे।

सीएम का औचक निरीक्षण, आम जनमानस से ऐसे मिले जैसे मानों घर का ही सदस्य हो

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने त्योहारों के सीजन के दृष्टिगत गुरुवार को आईएसबीटी देहरादून का औचक निरीक्षण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आईएसबीटी में सफाई व्यवस्था, पेयजल, शौचालयों, टिकट बुकिंग काउंटर, एवं कैंटीन का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों का निरीक्षण किया एवं यात्रियों से बातचीत भी की।
आईएसबीटी में सफाई व्यवस्था सही नहीं पाए जाने पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि यदि स्वच्छता व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो संबंधित अधिकारियों एवं जो कंपनी इस व्यवस्था को देख रही है, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आईएसबीटी पर शुद्ध पेयजल की पूरी व्यवस्था कि जाय। शौचालयों में स्वच्छता एवं पानी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही आईएसबीटी का दुबारा निरीक्षण किया जाएगा। यदि तब तक सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं पाई गई तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने टिकट बुकिंग काउंटर के निरीक्षण के दौरान निर्देश दिए कि आईएसबीटी से विभिन्न क्षेत्रों के लिए जाने वाली बसों के रवाना होने से पहले अनाउंसमेंट की समुचित व्यवस्था की जाय। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने यात्रियों से बातचीत की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जल्द ही परिवहन विभाग की बैठक ली जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे राज्य में अन्य बस अड्डों का भी निरीक्षण करेंगे। उन्होंने निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि आईएसबीटी के आस पास अवैध पार्किंग एवं अतिक्रमण पाए जाने पर संबंधितों पर कार्रवाई की जाय। आईएसबीटी के आसपास सौंदर्यीकरण भी किया जाय। यह सुनिश्चित किया जाए की आईएसबीटी पर लगे सभी सीसीटीवी कैमरे हमेशा चालू रहें। त्योहारों के दृष्टिगत यात्रियों की आवाजाही अधिक रहेगी, यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, परिवहन विभाग द्वारा इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जाय।

आजीविका बढ़ाने के लिए सरकारी ऋण योजनाओं का लाभ मिलना जरुरी

अपर मुख्य सचिव आनन्दवर्द्धन ने राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में सभी बैंकों को निर्देश दिए हैं कि विभिन्न योजनाओं के तहत प्रदान किए जाने वाले ऋण आवेदनों का त्वरित निस्तारण किया जाय। उन्होंने स्पष्ट किया कि जरूरतमंदो के ऋण आवेदनों के मामलों में बैंक संवेदनशीलता के साथ काम करे। पर्वतीय राज्य होने के कारण उत्तराखण्ड के दूरस्थ इलाकों में रहने वाले लोग आजीविका बढ़ाने के लिए सरकारी ऋण योजनाओं पर निर्भर है। पलायन रोकने तथा लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने में बैंकों की अहम भूमिका है। गुरूवार को सचिवालय में अवस्थापना विकास बैंकर्स स्थायी समिति की बैठक में अपर मुख्य सचिव ने बैकों को निर्देश दिए कि महिला स्वयं सहायता समूहों व ग्रामीणों को स्वरोजगार की ऋण योजनाओं से प्राथमिकता के आधार पर जोड़ा जाए।
राज्य के उद्योग विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि विभाग ने केवीआईसी, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत अभी तक 2257 आवेदकों के ऋण आवेदन पत्र बैंकों को भेजे हैं। साथ ही उद्योग विभाग तथा खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग द्वारा लाभार्थियों को ऑफलाइन ट्रेनिंग दी जा रही है। राज्य के एमएसएमई विभाग ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना एवं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना नैनों के तहत 8362 आवेदकों के ऋण आवेदन बैंकों को भेजे हैं। बैठक में बैंकों तथा यूएलबी को हर शुक्रवार कैंप लगाकर ऋण आवेदनों के निस्तारण के लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य में बैंको को अभी तक पीएम स्वनिधि के तहत 22963 ऋण आवेदन, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 5960, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना नैनों के तहत 2402, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत 2257, वीर चन्द्र गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के तहत 257, होम स्टे योजना के तहत 258 ऋण आवेदन प्राप्त हुए है। कुल प्राप्त 34097 ऋण आवेदनों में से विभिन्न बैंकों द्वारा 17503 आवेदन स्वीकृत किए गए है। बैंकों ने 8241 ऋण आवेदन विभिन्न कारणों से निरस्त कर दिए। ऋण आवेदनों के निरस्त होने के मुख्य कारणों में आवेदकों द्वारा ई-केवाईसी न करवा पाना, बैंकों की अन्य औपचारिकाताएं पूरी न कर पाना, सिबिल डिफॉल्ट, आवेदकों का बैंकों के सेवा क्षेत्र से बाहर होना है। लगभग 6792 ऋण आवेदन बैंकों में विचाराधीन हैं। उत्तराखण्ड में बैंकों द्वारा व्यापारिक, सेवा, निर्माण, कृषि सहयोगी गतिविधियों के लिए 10 लाख रूपये तक की प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत इस वर्ष (2022-2023) 90494 लाभार्थियों को 1084 करोड़ 97 लाख रूपये के ऋण वितरित किए गए हैं। अनुमान है कि इससे अभी तक 205517 लोगों को रोजगार मिला है।
राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) ने बैंकों को दिसम्बर तक वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के तहत 250 ऋण आवेदनों के लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश दिए हैं। अभी तक इस योजना के तहत 75 स्वीकृत ऋण आवेदकों को 1014.31 लाख रूपये का ऋण वितरित किया जा चुका है। बैंकों को दीन दयाल उपाध्याय गृह आवास विकास योजना (हो स्टे) के 200 ऋण आवेदनों के लक्ष्य को निर्धारित अवधि तक पूरा करने के निर्देश मिले हैं। होम स्टें में निर्धारित लक्ष्य 200 के सापेक्ष 74 ऋण आवेदन स्वीकृत तथा 1523.81 लाख रूपये का ऋण वितरित किया जा चुका है।
राज्य में पर्यटन विकास की दृष्टि से बैंकों को होम स्टे योजना के ऐसे ऋण आवेदन जिनमें सेक्शन 143 के तहत अकृषि प्रमाण पत्र एवं निर्माणाधीन इकाई का मानचित्र अधिकृत एजेंसी से स्वीकृति की जरूरत नही है, को अविलम्ब निस्तारित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। जानकारी दी गई कि पी एम स्वनिधि के तहत ऋण प्रदान करने समय सीमा दिसम्बर 2024 तक बढ़ा दी गई है।
बैठक में सचिव दिलीप जावलकर, अपर सचिव सी रविशंकर, चीफ मैनेजर एसबीआई अभिषेक नैथानी, डिप्टी सीईओ खादी बोर्ड एस डी मासीवाल, चीफ मैनेजर बैंक ऑफ बड़ौदा हुकुम सिंह, उद्योग विभाग, एमएसएमई विभाग तथा विभिन्न बैंकों के अधिकारी उपस्थित रहे।

राज्य सरकार का प्रयास, राज्य में औषधि निर्माण क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा प्रोत्साहन दिया जाए

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के नवनिर्मित एफडीए भवन व राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने औषधी परीक्षण प्रयोगशाला का अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारे प्रदेश के फार्मा सेक्टर के लिए बहुत अहम दिन है। आज औषधि नियंत्रण संगठन एवं राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक बड़ी पहल की जा रही है। इस क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को केंद्र में रख कर 6.56 करोड़ रुपये की लागत से एफ.डी.ए. भवन का निर्माण किया गया है। इसके अतिरिक्त 13.22 करोड़ रुपये की लागत से एफ.डी.ए. भवन में औषधि नमूनों की गुणवत्ता जांचने हेतु राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला भी स्थापित की गई है। इस प्रयोगशाला में वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि राज्य में औषधि निर्माण और इस क्षेत्र में विस्तार की संभावनाओं को अधिक से अधिक प्रोत्साहन दिया जाए। इस दिशा में अनेक कार्य किये जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश में औषधि निर्माण की ईकाइयां लगातार बढ़ रही हैं। राज्य में लगभग 300 औषधि निर्माता कम्पनियां कार्य कर रही हैं। ये सभी इकाइयां अपने उत्पादन के जरिए हजारों लोगों को रोजगार उपलब्ध करवा कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में प्रकृति प्रदत्त अनेक संपदाएं हैं। उत्तराखण्ड आयुष, योग धर्म एवं संस्कृति की भूमि तो है ही। अब उद्योगों की भूमि भी बन रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा औषधि निर्माता कंपनियों को हर संभव मदद दी जायेगी। उन्होंने कहा कि 2025 में जब उत्तराखण्ड राज्य स्थापना की रजत जयंती मनायेगा, तब तक उत्तराखण्ड को उत्कृष्ट राज्य बनाने में फार्मा सेक्टर क्या योगदान दे सकता है, इस दिशा में ध्यान दिया जाए। उत्तराखण्ड को उत्कृष्ट राज्य बनाने में सबका योगदान जरूरी है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड में औषधि निर्माता कंपनियों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। दवा कंपनियों को लाइसेंस लेने में दिक्कतें न हो इसकी लिए ऑनलाईन प्रक्रिया अपनाई जा रही है। 2024 तक राज्य को क्षय रोग मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। ब्लड डोनेशन एवं संस्थागत प्रसव में उत्तराखण्ड श्रेष्ठ राज्यों में है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार, प्रभारी महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. विनीता शाह, प्रधानाचार्य दून मेडिकल कॉलेज डॉ. आशुतोष सयाना, औषधी नियंत्रक ताजबीर सिंह, प्रबंध निदेशक एकम्स ग्रुप संदीप जैन, आर.के.जैन एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

जीरो टॉलरेंसः घूसखोरी के मामले में सीएम धामी की बड़ी कार्रवाई, सीएम पोर्टल पर शिकायत के बाद भ्रष्टाचारी अफसर बर्खास्त

घूसखोरी के मामले में धामी सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। रिश्वत लेने के आरोप में राज्य कर अधिकारी अनिल कुमार को बर्खास्त को कर दिया गया है। दरअसल, देहरादून के आशा रोड़ी चेक पोस्ट पर हरियाणा से देहरादून आ रहे वाहनों की चेकिंग करने पर राज्य कर अधिकारी अनिल कुमार ने रिश्वत की मांगी थी। इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई। जिसके बाद विभागीय जांच में अनिल कुमार के खिलाफ आरोप सही पाए गए। कुछ माह पूर्व विभाग में अनिल कुमार को निलंबित कर राज्य कार्यालय हल्द्वानी में संबद्ध किया था। अब सरकार ने अनिल कुमार को सेवा से बर्खास्त करने के आदेश जारी किए।

राज्य कर आयुक्त ने राज्य कर अधिकारी अनिल कुमार को बर्खास्त कर दिया गया है। सीएम पोर्टल पर हुई शिकायत के बाद विजिलेंस ने मामले में मुकदमा दर्ज किया था। वह पहले भी गिरफ्तार हुए थे, लेकिन जमानत पर रिहाई के बाद दोबारा सेवाएं दे रहे थे। साल 2020 में राज्य माल और सेवा कर विभाग (स्टेट जीएसटी) में भ्रष्टाचार का सनसनीखेज मामला सामने आया था। देहरादून के आशारोड़ी चेकपोस्ट (मोबाइल दस्ता) पर तैनात एक अधिकारी पर एक मालवाहक को रुकवाकर जबरन वसूली करने का आरोप लगा था। अधिकारी ने एक खाते में भी 20 हजार रुपये की रकम भी डलवाई थी। माल मंगाने वाले हनुमान चौक के कारोबारी ने इस मामले में सीएम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी।

सीएम पोर्टल पर हनुमान चौक के व्यापारी अनिल माटा की ओर से दर्ज शिकायत में लिखा था कि 15 फरवरी को उन्होंने हिसार से अस्पतालों में कूड़े में प्रयुक्त होने वाले थैले मंगाए थे। उनका मालवाहक वाहन (एचआर 39सी 7088) देर रात आशारोड़ी चेकपोस्ट पर पहुंचा, तो वहां तैनात एक अधिकारी ने वाहन को रुकवा दिया। माल ई-वे बिल पर मंगाया जा रहा था। हालांकि, तय समय (रात एक बजकर 30 मिनट) तक ई-वे बिल का पार्ट-बी फाइल नहीं था। माल भेजने वाले कारोबारी ने तड़के तीन बजे के आसपास इसे भी अपडेट कर दिया।

आरोप है कि इसके बाद भी संबंधित अधिकारी ने वाहन नहीं छोड़ा था और वाहन चालक की जेब से जबरन 9500 रुपये निकाल लिए थे। साथ ही और पैसे की मांग की गई थी। चालक ने माल भेजने वाले कारोबारी को फोन कर पूरी स्थिति बताई थी और माल भेजने वाले कारोबारी से भी अधिकारी की बात कराई थी। कारोबारी ने जब यह कहा कि चालक के पास और पैसे नहीं हैं तो अधिकारी ने एक बैंक अकाउंट नंबर दे दिया था। कारोबारी ने अकाउंट नंबर पर गूगल-पे से 20 हजार रुपये ट्रांसफर किए थे। तब जाकर अधिकारी ने वाहन को आगे जाने दिया था।

मुख्यमंत्री ने किया विरासत मेले का शुभारम्भ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कौलागढ़ रोड स्थित डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्टेडियम में रूरल एंटरप्रेन्योरशिप फोर आर्ट एंड कल्चर हेरिटेज (रीच) द्वारा आयोजित विरासत आर्ट एण्ड हेरिटेज फेस्टिवल का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन विभिन्न राज्यों के परम्परागत हस्तशिल्प एवं लोक कलाओं को प्रभावी मंच प्रदान करने के साथ उनके संरक्षण के लिये भी प्रोत्साहन मिलता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन शिल्पियों, बुनकरों एवं कारीगरों को अपने उत्पादों के विपणन के लिये बाजार भी उपलब्ध कराने का कार्य करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 दिवसीय यह आयोजन संगीत, मनोरंजन के साथ ही लोक कला एवं लोक संस्कृति की विरासत से भी आम लोगों को जोड़ने तथा भावी पीढ़ी को भी विरासत सौंपने का कार्य करेगा। उन्होंने इस आयोजन में प्रतिभाग कर रहे लोककला व हस्त शिल्पकारों का स्वागत करते हुए कहा कि यह आयोजन उन्हें अपनी कला के प्रदर्शन का बेहतर अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एवं पारम्परिक लोककला, लोक विद्या एवं उत्पादों के साथ पाक कला को भी पहचान दिलाने में मददगार होगा। हमारा प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो इसके लिये सभी को सहभागी बनना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के अनेक प्रस्तावों पर ओएनजीसी द्वारा सहयोग किया जा रहा है। ओएनजीसी द्वारा स्वास्थ्य, शिक्षा सहित अन्य क्षेत्रों में राज्य सरकार को सहयोग दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारे राज्य के साथ ही पूरे देश में अनेकों कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 21 वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बताया है। राज्य जब 25 वॉ स्थापना दिवस मना रहा होगा, तब राज्य सभी क्षेत्रों में देश का अग्रणी एवं आदर्श राज्य होगा। उन्होंने कहा कि पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, कृषि जैसे विभिन्न क्षेत्रों में नंबर वन बनेगा। कहा हमारी सरकार हर समय जनता की सेवा में समर्पित है।
मुख्यमंत्री ने कहा ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन का कार्य तेज गति के साथ आगे बढ़ रहा है, दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके पूरा होने पर यह दूरी मात्र दो घंटे की हो जाएगी, उसके बाद और अधिक संख्या में तीर्थयात्री, पर्यटन उत्तराखंड राज्य में आएंगे, हम जनसेवा को ध्येय मान कर कार्य कर रहे हैं और हमारा लक्ष्य उत्तराखंड का सर्वांगीण विकास है। उन्होंने कहा माननीय प्रधानमंत्री की अपेक्षा के अनुरुप हम वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड को प्रत्येक क्षेत्र में आदर्श राज्य बनाने के लिए निरंतर प्रयत्नशील हैं उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सड़क, रेल, हवाई कनेक्टिविटी पर तेज गति के साथ कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा राज्य सरकार पारदर्शिता के साथ विकल्प रहित संकल्प के साथ कार्य कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वोकल फॉर लोकल का मंत्र दिया है जिसके अन्तर्गत प्रतिभाओं को आगे आने का मौका मिले, इससे जहां बाजारों को उत्पाद मिलेगा वहीं उत्पादों को बाजार मिलेगा। वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने के लिए भी इस तरह के आयोजन महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किये जा रही हैं। प्रदेश में वन डिस्ट्रिक टू प्रोडक्ट को बढ़ावा दिया जा रहा है।
इस अवसर पर रीच फाउंडेशन के प्रबंधक आर के सिंह, ओ.एन.जी.सी. के सी एम डी, आर के श्रीवास्तव, डायरेक्टर पंकज कुमार सहित अन्य उपस्थित थे।