मुख्यमंत्री ने बैडमिंटन खेलकर खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को बहुउद्देशीय क्रीडा भवन, परेड ग्राउंड, देहरादून में उत्तरांचल राज्य बैडमिंटन एसोसिएशन द्वारा आयोजित ’उत्तराखण्ड राज्य सीनियर बैडमिंटन प्रतियोगिता’ का शुभारंभ किया। यह प्रतियोगिता 21 अगस्त 2022 तक चलेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वयं बैडमिंटन खेल खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया।
मुख्यमंत्री ने मौजूद सभी खिलाड़ियों को उनके भविष्य हेतु शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि बच्चे खेल की विभिन्न विधाओं में सराहनीय प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदेश के खिलाड़ी आज विश्व पटल पर राज्य एवं देश का नाम रोशन कर रहे हैं। हमारे खिलाड़ियों ने अपने संकल्प, इच्छा शक्ति और परिश्रम के आधार पर अच्छा मुकाम हांसिल किया है। खिलाड़ी अपने संघर्ष एवं मेहनत के बलबूते पर अपने सपनों को पूरा करते हैं। खिलाड़ी की सफलता से क्षेत्रवासियों, राज्यवासियों एवं देश की भावनाएं जुड़ती हैं, हजारों लोगों का आशीर्वाद उनके साथ होता है, एक खिलाड़ी की सफलता से अन्य खिलाड़ी भी प्रोत्साहित होते हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा उत्साह और उमंग से मनुष्य में ऊर्जा का संचार होता है, संकल्प एवं दृढ़ इच्छाशक्ति ही हमें हमारी सफलता की ओर ले जाती हैं। उन्होंने कहा आज हर क्षेत्र में भारत लीडर के रूप में आगे बढ़ रहा है। नए भारत का निर्माण हो रहा है। हम अमृत काल में प्रवेश कर गए हैं। इस अमृत काल में भारत एवं राज्य प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़े इसके लिए हम सभी ने अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए राष्ट्र के प्रति योगदान देना है। खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य में नई खेल नीति बनाई गई है। खिलाड़ियों की सुविधा अनुसार एवं उनके हितों को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर खेल नीति में और सुधार किये जायेंगे। नई खेल नीति में कई प्रावधान किए गए हैं, जिससे हमारे नौजवान खेल के क्षेत्र में नई बुलंदियां हासिल करें।

सरकार ने ऋषिकेश में अवस्थापना विकास के लिए 1600 करोड रुपये मांगे

धर्म एवं योग नगरी ऋषिकेश को पूर्णरूप से सुविधा सम्पन्न बनाये जाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री की पहल पर ऋषिकेश नगर के एकीकृत शहरी अवस्थापना विकास परियोजना हेतु वित्तीय मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा यूरोपीय वित्तपोषण संस्था को 160 मीलियन यूरो की सहायता हेतु प्रस्ताव प्रेषित किया गया है। परियोजना की कुल लागत लगभग 200 मीलियन यूरो (लगभग रू0 1600 करोड़) है। परियोजना हेतु भारत सरकार व राज्य सरकार का वित्तीय अनुपात 80ः20 प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखण्ड में इन्फ्रास्ट्रक्चर में अभूतपूर्व विकास हो रहा है। ऋषिकेश में एकीकृत शहरी अवस्थापना विकास परियोजना से विश्व में योग नगरी के रूप में विख्यात ऋषिकेश नगर में स्थानीय नागरिकों एवं पर्यटकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
परियोजना के अंतर्गत चौबीसों घंटे पेयजल आपूर्ति प्रणाली, पेयजल मीटर वर्षाजल प्रबन्धन व बाद सुरक्षा, सार्वजनिक स्वच्छता सुविधाएं, स्मार्ट शहरी स्थल, परिधान व सामान कक्ष, प्रतीक्षालय, घाट और व्यापारिक स्थल का विकास, सड़के और यातायात प्रबंधन भूमिगत उपयोगिता नालिका नागरिक सुरक्षा और सुविधाओं हेतु विकसित एकीकृत नियंत्रण व आदेश केन्द्र, स्मार्ट स्तम्भ व ऊर्जा बचत हेतु उपकरणों की स्थापना, परिवहन केंद्र, बस टर्मिनल और पार्किंग इत्यादि के कार्य किए जायेंगे।
प्रत्येक वर्ष ऋषिकेश में लाखों पर्यटकों का आवागमन धार्मिक एवं साहसिक पर्यटन गतिविधियों के लिए किया जाता है। ऐसे में अतिरिक्त सुविधाओं को विकसित किए जाने के दृष्टिगत विकास कार्य किए जाने की आवश्यकता है। यातायात संकुलन से होने वाली परेशानी को कम करने के उद्देश्य से ऊंचे पथों का निर्माण किया जायेगा।
परियोजना के पूर्ण होने पर नागरिक जीवनशैली व जीवन योग्यता मानकों में वृद्धि होगी, स्थानीयों के व्यापारिक व आजीविका स्तर में सुधार होगा, नागरिकों व पर्यटकों को बेहतर पेयजल एवं स्वच्छता सुविधाएं प्राप्त हो सकेंगी, जीविकोपार्जन गतिविधियों में वृद्धि होगी, यातायात में सरलता होगी तथा पर्यटकों को उच्चस्तरीय सुविधाएं प्राप्त हो सकेगी।

ट्रक चोरी के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार

नुन्नावाला से ट्रक चोरी के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जबकि उनका एक साथी अभी फरार चल रहा है। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
डोईवाला कोतवाली पुलिस के मुताबिक सतवीर सिंह निवासी नुन्नावाला, भानियावाला ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उनके भाई गुरदेव सिंह का ट्रक 15 अगस्त को घर के बाहर खड़ा था। इसके बाद ट्रक मौके से गायब मिला। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी। इस दौरान घटनास्थल से लंढौरा, हरिद्वार तक करीब 83 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज बारीकी से चेक की गई। सीसीटीवी कैमरे की मदद से ट्रक समेत तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। जौलीग्रांट चौकी प्रभारी उत्तम रमोला ने आरोपियों की पहचान इशरार पुत्र सराजू निवासी ग्राम जौरासी, नाजिम पुत्र अजीज निवासी मोहितपुर, थाना भगवानपुर, नदीम पुत्र शमीम उर्फ निवासी लंढौरा थाना मंगलौर जिला हरिद्वार के रूप में हुई है। जबकि मामले में आसिफ पुत्र हसन निवासी ग्राम सिकारपुर, मंगलौर, हरिद्वार फरार चल रहा है। उसकी गिरफ्तारी के प्रयास पुलिस ने तेज कर दिए हैं। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया है।

विभागीय सचिव को जनगणना कराने के निर्देश

आज दो वर्षों से स्थगित 2021 की जनगणना के आरंभ को लेकर कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने विभागीय सचिव के साथ समीक्षा बैठक की।
बुधवार को विधानसभा स्थित कार्यालय पर कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने जनगणना एवं पुनर्गठन के सचिव चंद्रेश यादव के साथ समीक्षा बैठक की। डॉ अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 2011 के बाद 2021 में जनगणना की जानी थी। मगर कोविड-19 के चलते जनगणना नहीं की जा सकी।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि जनगणना निदेशालय भारत सरकार के द्वारा जनगणना के संबंध में जो भी निर्देश दिए गए हैं, उन निर्देशों का यथा अनुपालन करते हुए इस वर्ष जनगणना आरंभ की जाए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के दिए गए निर्देशों के अनुसार आगामी जनगणना की जाए साथ ही पूरी कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र उनके समक्ष प्रस्तुत की जाए।
इस मौके पर सचिव जनगणना एवं पुनर्गठन चंद्रेश यादव ने बताया कि संभवतया माह अगस्त के बाद जनगणना शुरू की जाएगी। बता दें कि 2021 में कोरोना के चलते जनगणना नहीं हो पाई थी। तभी से दो वर्ष से जनगणना स्थगित चल रही है।

विश्व स्तर का हो उत्तराखण्ड लैंडस्लाइड मिटिगेशन एंड मैनेजमेंट सेंटर-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने बुधवार को सचिवालय में उत्तराखण्ड लैंडस्लाइड मिटिगेशन एंड मैनेजमेंट सेंटर की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने सचिव आपदा को सेंटर की स्थापना में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि यह सेंटर विश्व स्तर का बनाया जाना है।
मुख्य सचिव ने कहा कि हिमालयी राज्यों में भूस्खलन बहुत बड़ी समस्या है, परन्तु राष्ट्रीय स्तर में भी भूस्खलन से सम्बन्धित अध्ययन, शोध और न्यूनीकरण के लिए समर्पित कोई संस्थान उपलब्ध नहीं है। इस क्षेत्र में उत्तराखण्ड लैंडस्लाइड मिटिगेशन एंड मैनेजमेंट सेंटर सिर्फ अन्य राज्यों को ही नहीं बल्कि देश-विदेश में सेवा उपलब्ध कराने में एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
मुख्य सचिव ने कहा कि इस सेंटर के कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने के लिए विश्व स्तरीय विशेषज्ञता पर फोकस किया जाए। इस सेंटर में सम्बन्धित क्षेत्र से प्रोफेशनल्स को ही तैनात किया जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए सम्बन्धित क्षेत्र में कार्य कर रहे नेशनल और इंटरनेशनल संस्थानों में कार्य कर रहे प्रोफेशनल्स से संपर्क किया जाए।
मुख्य सचिव ने उत्तराखण्ड लैंडस्लाइड मिटिगेशन एंड मैनेजमेंट सेंटर शीघ्र ऑपरेशनल किए जाने हेतु प्रत्येक स्तर की तिथियां निर्धारित किए जाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर सचिव आपदा डॉ. रंजीत सिन्हा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

पत्रकार जितेंद्र जोशी बने उत्तराखंड पत्रकार यूनियन के अध्यक्ष

उत्तराखंड पत्रकार यूनियन का विस्तार करते हुए ऋषिकेश इकाई का गठन किया गया, जिसमें सर्वसम्मत्ति से अध्यक्ष पद पर जितेंद्र जोशी, महासचिव विनय पाण्डेय और कोषाध्यक्ष अमित कंडियाल को चुना गया। नियुक्ति पर पत्रकारों ने अध्यक्ष और महासचिव का फूल-मालाओं से स्वागत किया।

रायवाला स्थित एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में ऋषिकेश इकाई के गठन के लिए प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र कंडारी और महामंत्री हरीश जोशी पहुंचे। उत्तरांचल प्रेस क्लब अध्यक्ष जितेंद्र अंथवाल की मौजूदगी में अध्यक्ष और महासचिव पद को लेकर क्षेत्र के पत्रकारों से रायशुमारी की गई। इस दौरान अध्यक्ष पद पर जितेंद्र जोशी और महासचिव पर विनय पाण्डेय के नाम पर सहमति बनी। कोषाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी अमित कंडियाल को दिए जाना तय हुआ, जिसके बाद प्रदेश अध्यक्ष ने ऋषिकेश इकाई अध्यक्ष जितेंद्र जोशी और महासचिव पद पर विनय पाण्डेय की नियुक्ति की घोषणा की।

अध्यक्ष जितेंद्र जोशी ने कहा कि वह पत्रकारों के हित के लिए संघर्ष करेंगे। महासचिव विनय पाण्डेय ने भी पत्रकारों के उत्थान के लिए कंधे से कंधा मिलाकर काम करने की बात कही। बताया कि संगठन की मजबूती के साथ ही अन्य पदों पर जल्द ही नामों की घोषणा की जाएगी। मौके पर यूनियन के प्रांतीय संरक्षक नवीन थलेड़ी, जिलाध्यक्ष संतोष चमोली, जिला संयोजक मनोहर काला और जितेंद्र चमोली, गिरधर शर्मा, जितेंद्र भट्ट, राव राशिद, भगतराम कपरूवान, दीपक जोशी, मयंक ध्यानी, रेखा भंडारी आदि मौजूद थे।

कैबिनेट मंत्री ने कैंप कार्यालय में फहराया तिरंगा, किया सम्मान

स्वतंत्रता दिवस की 75वीं वर्षगाँठ पर कैबीनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने देश की आन, बान और शान का प्रतीक तिरंगा फहराया। मौके पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, राज्य आंदोलनकारियों, लोकतंत्र सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया गया।
सोमवार को बैराज रोड स्थित कैम्प कार्यालय पर कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने शान से तिरंगा फहराया। इस मौके स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. शिव रतन शर्मा की पुत्री उमा शर्मा, स्व. सच्चिदानंद पैन्यूली के पुत्र एडवोकेट संपूर्णानंद पैन्यूली, स्व. बाघ सिंह बिष्ट के पुत्र बुद्धि सिंह बिष्ट, स्व. धनेश शास्त्री के पुत्र संजय शास्त्री, स्व. पुरुषोत्तम दत्त रतूड़ी के पुत्र डी पी रतूड़ी, स्व. बल्लभ भाई पांडेय के पुत्र भारतेन्दु शंकर पांडेय, स्व. देवीदत्त तिवारी के पुत्र वरिष्ठ पत्रकार हरीश तिवारी को शॉल ओढ़ाकर व पुष्प गुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस मौके पर वरिष्ठ भाजपा नेता रविन्द्र राणा, मंडल अध्यक्ष अरविंद चौधरी, महामंत्री जयंत शर्मा, सुमित पंवार, युवा मोर्चा मण्डल अध्यक्ष नितिन सक्सेना, ब्रजेश शर्मा, पार्षद शिव कुमार गौतम, कविता शाह, संजीव पाल, सीमा रानी, पुनीता भंडारी, माधवी गुप्ता, राजवीर रावत, दीपक जुगरान, रूपेश गुप्ता, नरेंद्र रावत सहित स्थानीय व भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
वहीं, रेलवे रोड स्थित भाजपा ऋषिकेश मंडल कार्यालय पर कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने तिरंगा फहराया। इस मौके पर राष्ट्रगान गाकर मिष्ठान वितरित किया गया। साथ ही स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. देवीदत्त तिवारी के पुत्र वरिष्ठ पत्रकार हरीश तिवारी को शॉल ओढ़ाकर व पुष्प गुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। इस मौके पर मंडल अध्यक्ष दिनेश सती, महामंत्री सुमित पंवार, वरिष्ठ भाजपा नेता इंद्र कुमार गोदवानी, कपिल गुप्ता, पार्षद रीना शर्मा, प्रभाकर सोनू, ब्रजेश शर्मा, राजू नरसिम्हा, राकेश चंद, सिमरन गाबा सहित भाजपा कार्यकर्ता बड़ी संख्या मौजूद रहे।

एसटीएफ टीम को मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक से किया सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर परेड ग्राउण्ड देहरादून में राज्य के मुख्य कार्यक्रम में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विशिष्ट कार्यों के लिए मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक प्रदान किया। पुलिस उप महानिरीक्षक सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस., उपनिरीक्षक रेखा दानू, कृपाल सिंह एवं मुख्य आरक्षी वेद प्रकाश भट्ट को मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक प्रदान किया गया। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति के क्रम में यूकेएसएसएससी परीक्षा धांधली की जांच कर रही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह के नेतृत्व में एस.टी.एफ. की टीम को भी मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक प्रदान किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एस.टी.एफ. अजय सिंह, उप निरीक्षक दिलवर सिंह, नरोत्तम बिष्ट, उमेश कुमार एवं विपिन बहुगुणा को मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक प्रदान किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया एवं फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
मुख्यमंत्री ने देश की आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर सभी प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज जो हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं वह स्वतंत्रता सेनानियों और शहीद जवानों के त्याग और बलिदान का प्रतिफल है। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड राज्य निर्माण के सभी अमर शहीदों और आंदोलनकारियों को भी श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हम अमृत महोत्सव मना रहे हैं। महान स्वतंत्रता सेनानियों और शहीद वीर जवानों को समर्पित अमृत महोत्सव, नए भारत, आत्मनिर्भर भारत का भी संकल्प है। देश के घर-घर में फहराता तिरंगा दुनिया को एक भारत श्रेष्ठ भारत का संदेश दे रहा है। किसान का सम्मान हो, गरीब का कल्याण हो, युवा को अवसर हो, महिलाओं का उत्थान हो, तकनीक में नवाचार हो, विश्व पटल पर भारत की मजबूत पहचान हो, इतिहास की समस्याओं का स्थायी समाधान हो, ये सब प्रधानमंत्री जी की दृढ इच्छाशक्ति और दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है। कोविड महामारी का जिस तरह से हमने सामना किया, उसकी पूरे विश्व में सराहना हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तराखण्ड से विशेष लगाव किसी से छुपा नहीं है। पिछले आठ वर्षों में केन्द्र सरकार द्वारा 1 लाख 50 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। श्री केदारपुरी का पुनर्निर्माण प्रधानमंत्री के विजन, नेतृत्व एवं संकल्प का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है। बद्रीनाथ धाम के मास्टर प्लान पर भी काम हो रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन और डोईवाला से गंगोत्री-यमुनोत्री रेललाइन के सर्वे की भारत सरकार द्वारा सहमति दी गई है। केदारनाथ, बदरीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री के साथ ही टनकपुर-पिथौरागढ़ की सड़क कनेक्टीवीटी में सुधार के लिए चारधाम ऑलवेदर सड़क परियोजना पर काफी कुछ काम किया जा चुका है। दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड बनने से दिल्ली से देहरादून केवल 2 घंटे में जा सकेंगे। केंद्र सरकार से पौंटा साहिब-देहरादून, बनबसा-कंचनपुर, भानियावाला-ऋषिकेश, काठगोदाम-लालकुंआ-हल्द्वानी बाईपास और रूद्रपुर बाईपास परियोजनाओं की महत्वपूर्ण सौगात मिली हैं। जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जा रहा है। ऊधमसिंहनगर में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट विकसित किया जा रहा है। जल जीवन मिशन में “हर घर नल से जल” के अंतर्गत राज्य के ग्रामीण क्षेत्र के 7 लाख से अधिक परिवारों को कनेक्शन दिये जा चुके हैं। भारत सरकार द्वारा स्वीकृत ‘उत्तराखण्ड इंटिग्रेटेड हार्टिकल्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट’ हॉर्टीकल्चर में मील का पत्थर साबित होगा। 38 छोटे नगरों में पेयजल के लिए 1600 करोड़ रूपए की उत्तराखण्ड अर्बन वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट’ महत्वपूर्ण पेयजल योजनाएं हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जमरानी बांध बहुद्देशीय परियोजना से नैनीताल व ऊधमसिंहनगर के तराई क्षेत्र लाभान्वित होंगे। सौंग बांध परियोजना से देहरादून में वर्ष 2053 तक अनुमानित आबादी के लिए पेयजल आपूर्ति उपलब्ध हो सकेगी। 300 मेगावाट की लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना के लिये निविदा भी आमंत्रित कर दी गई हैं। 1930 करोड़ रूपए से टिहरी लेक डेवलपमेंट का काम किया जा रहा है। अमृत योजना अन्तर्गत 7 शहरों में सीवरेज, पेयजल, ड्रेनेज, पार्क आदि के लिये 593 करोड़ रूपए की योजनाओं पर काम चल रहा है। ऊधमसिंहनगर में एम्स का सैटेलाईट सेंटर बनने से एक बड़ी आबादी को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार, उत्तराखण्ड के चहुंमुखी विकास के लिए समर्पित भाव से जुटी है। लोगों को योजनाओं का लाभ मिले और उनकी समस्याओं का समाधान हो, इसके लिए सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि पर खास तौर पर फोकस किया गया है। अपणि सरकार पोर्टल, ई-कैबिनेट, ई-ऑफिस, सीएम हेल्पलाइन, सेवा का अधिकार और ट्रांसफर एक्ट की पारदर्शी व्यवस्था के चलते कार्यसंस्कृति में गुणात्मक सुधार हुआ है। अब प्रदेश का कोई भी व्यक्ति 1064 पर शिकायत कर भ्रष्टाचार को समाप्त करने में योगदान कर सकता है। हमने अपने वादे के अनुसार समान नागरिक संहिता के लिये समिति का गठन कर दिया है।समिति की तीन बैठकें भी हो चुकी हैं। हम गरीब परिवारों को तीन सिलेण्डर मुफ्त उपलब्ध करवाने जा रहे हैं। इसके लिये बजट में प्रावधान भी किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम सर्किट में आने वाले सभी मंदिरों और गुरुद्वारों में भौतिक ढांचे और परिवहन सुविधाओं के विस्तार की हमारी योजना है। हम कुमाऊं के पौराणिक मंदिरों के लिये मानसखण्ड मंदिर माला मिशन पर भी काम कर रहे हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में रोपवे नेटवर्क निर्माण के लिये पर्वत माला परियोजना पर कार्य किया जा रहा है। सर्फेस पार्किंग के साथ ही मल्टीस्टोरी पार्किंग, केविटी पार्किंग व टनल पार्किंग भी विकसित की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि ही नहीं, वीरभूमि भी है। देहरादून में भव्य सैन्य धाम की स्थापना की जा रही है। हमारी सरकार, शहीद सैनिकों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजित कर रही है। उत्तराखण्ड राज्य के वीरता पदक से सम्मानित सैनिकों को देय एकमुश्त अनुदान में वृद्धि की गई है। स्वतंत्रता सेनानियों और उनकी विधवाओं की पेंशन को बढ़ाने के साथ ही उत्तराखण्ड से द्वितीय विश्व युद्ध की वीरांगना एवं वेटरन की पेंशन में भी वृद्धि की गई है। हमने उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन में भी वृद्धि की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के युवाओं को देश से बाहर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाने के लिये राज्य में विदेश रोजगार प्रकोष्ठ के गठन की स्वीकृति दी है।नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिये राज्य में 4457 को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केन्द्रों में बाल वाटिकायें प्रारम्भ हो चुकी है। ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए केन्द्रीय स्टूडियो तथा राज्य के समस्त 13 जनपदों के 500 विद्यालयों में वर्चुअल क्लास रूम की स्थापना की जा चुकी है। उच्च शिक्षण संस्थानों में रिसर्च और स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के उद्देश्य सेस्टार्ट-अप पॉलिसी लागू की गयी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने राज्य में निशुल्क जांच योजना प्रारम्भ की है। इसके तहत मरीजों को 207 प्रकार की पैथोलॉजिकल जांचों की निशुल्क सुविधा मिल रही है।आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना में 47 लाख 83 हजार से अधिक लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। आयुष्मान योजना के अंतर्गत अब तक 5 लाख 40 हजार से अधिक मरीज मुफ्त में उपचार करा चुके हैं। योजना के अंतर्गत लाभार्थियों के उपचार पर अब तक 919 करोड़ से अधिक का व्यय किया जा चुका है। प्रधानमंत्री जी के ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान को आगे बढ़ाते हुए हमने मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना की शुरूआत की है। आंगनबाड़ी बहनों और आशा बहनों के मानदेय में बढ़ोतरी की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों के विकास को समर्पित है। सीमांत तहसीलों के लिए मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना शुरू की है। मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना भी प्रारम्भ की गई है। वोकल फॉर लोकल पर आधारित ‘एक जनपद दो उत्पाद’ योजना से स्थानीय लोगों के लिए स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे, वहीं स्थानीय उत्पादों को विश्वस्तरीय पहचान मिलेगी। राज्य में समयबद्ध रूप से निवेश प्रस्तावों का ऑनलाइन निस्तारण किया जा रहा है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में हम अचीवर्स की श्रेणी में आ गये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए नई खेल नीति लाई गई है। स्पोर्ट्स कॉलेज रायपुर को अंतराष्ट्रीय स्तर का स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय बनाने हेतु प्रयास किये जा रहे हैं। उभरते खिलाड़ियां को प्रोत्साहित करने के लिये मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन खेल छात्रवृत्तियोजना के अंतर्गत प्रत्येक जनपद के 150 बालक और 150 बालिकाओं को खेल छात्रवृत्ति की व्यवस्था की गई है। ग्रामीण स्तर पर ओपन जिम के लिये 10 करोड़ रूपए का बजट में प्राविधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि होम स्टे योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। अभी तक 4060 होमस्टे पंजीकृत किये जा चुके हैं। ट्रैकिंग मार्गां पर भी होम स्टे को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। 16 ईको टूरिज्म डेस्टिनेशन विकसित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नदियों व जलस्त्रोतों को पुनर्जीवित करने की पहल बड़े स्तर पर की गई है। प्रत्येक जिले में वर्षा जल संचय के लिए झीलें विकसित की जा रही हैं। अमृत महोत्सव के तहत राज्य में 1250 अमृत सरोवर बनाये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत पांच वर्षों में प्रदेश में जैविक कृषि के क्षेत्र में निरंतर वृद्धि हुई है। 4485 जैविक क्लस्टर संचालित हैं। जैविक उत्पादों के विपणन के लिये जैविक आउटलेट भी स्थापित किये जा रहे हैं। हमारी सरकार, किसानों को तीन लाख रूपए और महिला स्वयं सहायता समूहों को पांच लाख रूपए तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध करा रही है।जिन किसान भाईयों के पास कृषि उपकरण नहीं हैं, उनके लिए ‘‘फार्म मशीनरी बैंक’’ योजना शुरू की है। इसके लिए 80 फीसदी तक सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। गोवंश की सुरक्षा और संरक्षण के लिये हमारी सरकार ने गौ सदनों की स्थापना के लिये बजट प्राविधान को इस वर्ष छः गुना कर दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 120 मेगावाट की व्यासी जल विद्युत परियोजना का निर्माण पूर्ण कर उत्पादन प्रारम्भ किया जा चुका है। पिछले वर्षों में उत्तराखण्ड ने विभिन्न क्षेत्रों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। तमाम सामाजिक-आर्थिक सूचकांकों में हम देश के अग्रणी राज्यों में हैं सतत् विकास लक्ष्य सूचकांक में वर्ष 2018 में हम 10वें स्थान पर थे और अब हमारा स्थान चौथा हो गया है। इन्स्पायर अवार्ड हेतु नामांकन में विद्यालयवार प्रतियोगिता के आधार पर पूरे देश में उत्तराखण्ड प्रथम स्थान पर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार अन्त्योदय की भावना के अनुरूप विकास का लाभ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। आने वाले तीन वर्षों में उत्तराखण्ड को प्रत्येक क्षेत्र में आदर्श राज्य बनाने के लिये हमारी सरकार विकल्प रहित संकल्प के साथ काम कर रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इससे पहले मुख्यमंत्री आवास में ध्वजारोहण किया। बलवीर रोड स्थित भाजपा कार्यालय में भी मुख्यमंत्री ने ध्वजारोहण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूड़ी भूषण, कैबिनेट मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल, चन्दन राम दास, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजान दास, जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, डीजीपी अशोक कुमार, शासन एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तथा जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

आजादी के नायकों को हमेशा याद किया जायेगा-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.संधु ने सचिवालय में अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति में ध्वजारोहण करते हुए सभी को 76वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर मुख्य सचिव ने कहा कि प्रत्येक वर्ष स्वतंत्रता दिवस एवं गणतंत्र दिवस पर हम कुछ न कुछ प्रण जरूर करते हैं, शहीदों को याद करते हैं साथ ही उन महापुरूषों को भी याद करते हैं जिन्होंने काफी संघर्ष करते हुए हमें आजादी दिलाई, उनसे हमें प्रेरणा भी मिलती है कि उन लोगों ने हमारे लिए इतना कुछ सहन किया एवं बलिदान दिया। हमारा भी कर्तव्य बनता है कि हम भी देश के लिए कुछ करें। उन्होंने कहा कि इस वर्ष ’हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत पूरे देश में ऐसा माहौल बन गया है कि तिरंगा सिर्फ हर घर में ही नहीं बल्कि हर हाथ में है और मैं यह मानता हूँ कि हर दिल में भी तिरंगा है। 75 वर्ष किसी भी देश की आजादी के इतिहास में बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। प्रधानमंत्री ने अगले 25 सालों को अमृतकाल का समय बताया है, वर्तमान से लेकर 2047 तक इस देश को हमें कहां ले जाना है, उसकी योजना बनानी है एवं उस योजना को हमें धरातल पर उतारना है। केवल योजना बनाने से काम नहीं होता, जब तक हम उसे धरातल पर नही उतारते। इसके लिए सचिवालय परिवार के हर एक सदस्य का योगदान अपेक्षित है।
मुख्य सचिव ने सचिवालय परिवार की कार्यक्षमता पर विश्वास प्रकट करते हुए कहा कि हम सभी एक टीम के रूप में उसे पूर्ण अवश्य करेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से पूरे देश में हर तरफ तिरंगा ही तिरंगा नजर आ रहा है, चाहे सड़के हो, टीवी हो या फिर आपका मोबाईल हो चारो ओर तिरंगा है, पूरा देश इस तिरंगे के जश्न में तथा इस आजादी के जश्न में डूब गया है। क्या हर वर्ष की तरह हम केवल विशेष अवसर पर ही तिरंगा फहरायेंगे और फिर उसे भूल जायेंगे। इस जश्न में हम कुछ न कुछ प्रण लें कि अपने देश को और अच्छा बनाने के लिए कुछ विशेष कार्य करेंगे।
मुख्य सचिव ने कहा कि हम सभी ने बचपन से तिरंगे के विषय में पढ़ा है जाना है, परन्तु आज जब सुनामी की तरह पूरे देश में हर घर तिरंगा अभियान चल रहा है, तो फिर से तिरंगे के विषय में जानने की आवश्यकता है। तिरंगे का केसरिया रंग हिम्मत का, बलिदान का एवं जोश का प्रतीक है। आजादी से पहले इसका काफी महत्व था, क्योकि अंग्रेजी हुकूमत का अत्याचार चारो तरफ था और हर तरफ आजादी के लिए आंदोलन हो रहे थे। परन्तु आजादी के बाद आज भी केसरिया का महत्व कम नहीं हुआ है। आज भी देश को बलिदान की जरूरत है पर बलिदान की परिभाषा बदल गई है। आज भी हमें उतनी ही हिम्मत चाहिए। सचिवालय के संदर्भ पर बात की जाए तो आज भी कई निर्णयों पर बहुत हिम्मत की आवश्यकता है, क्योंकि कुछ स्वार्थी लोग अपने पक्ष में निर्णय करने हेतु काफी दबाव डलवाते हैं। हर निर्णय में हमें भारत प्रथम, उत्तराखण्ड प्रथम का मंत्र याद रखना चाहिए। दूसरा रंग सफेद शांति एवं सत्य का प्रतीक है। आज के दौर में सचिवालय के संदर्भ में शांति से अभिप्राय यह है कि जो समाज का निचला तबका है उन सब के मन की शांति एवं उनके उज्जवल भविष्य के लिए हम क्या अच्छा से अच्छा कार्य कर सकते हैं। शासन में उचित निर्णय लेने में देरी, गरीब वंचितों के लिए प्रताड़ित करने जैसा ही है। हमें हमेंशा सतर्क होने की आवश्यकता है। हम सभी शासन के उच्च स्तर में है हम सभी का कर्तव्य है कि पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करें, जिससे पिछड़ा समाज परेशान न हो। तिरंगे का हरा रंग खुशहाली का प्रतीक है। वर्तमान में भी हमें शासन के तौर पर यह देखना चाहिए कि हमारा निर्णय ऐसा होना चाहिए कि गरीबों की मदद हो सके और उनके जीवन में खुशहाली आ सके। हमारे तिरंगे का अशोक चक्र जिसे धर्म चक्र भी कहते हैं। इससे तात्पर्य है कि हमें हर कार्य में धर्म को अवश्य याद रखना चाहिए। धर्म क्या है यह आप सभी जानते हैं, क्या सही है क्या गलत यह जानना ही सही मायने में धर्म है।
मुख्य सचिव ने कहा कि हमें समय एवं परिवर्तन के साथ खुद को भी बदलना है। अगले 25 सालों के लिए देश के लिए योजना बन रही है। प्रदेश के लिए भी हमें योजना बनानी है। केवल विजन ही नही चाहिए, मिशन भी चाहिए। विजन में हमने यह देखना है कि अगले 25 सालों में प्रदेश को कहां ले जाना है मिशन में हमें दिल दिमाग और आत्मा के साथ काम करना है, तभी यह तिरंगे का सच्चा सम्मान होगा। केवल यह लम्बा इवेंट बनकर न रह जाए। हम सभी मिलकर कार्य करेंगे अपने तन मन धन से इस देश को आगे बढ़ाने का कार्य करेंगे।
इस दौरान मुख्य सचिव द्वारा सचिवालय एथलीट व फिटनेस क्लब के 42 सदस्यों को जिन्होंने 15 कि0मी0 दौड़ पूरी की थी उनका आभार व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी। इसके साथ ही 28 से 30 मार्च 2022 को गुड़गांव हरियाणा में आयोजित अखिल भारतीय सिविल सर्विसेज एथलेक्टिस प्रतियोगिता में 800 मी0 रेस में कांस्य पदक जीत कर सचिवालय के लिए पहला पदक लाने वाले अनुभाग अधिकारी एवं अध्यक्ष सचिवालय एथलीट व फिटनेस क्लब ललित चन्द्र जोशी को भी बधाई दी।
इस दौरान ध्वजारोहण के अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द बर्धन, प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु व एल.फेनई सहित सभी सचिव, प्रभारी सचिव सहित सचिवालय के अधिकारी-कर्मचारी एवं अन्य नागरिक उपस्थित रहे।

नगर में संस्कृत शोभायात्रा और तिरंगा यात्रा निकालीं

संस्कृत सप्ताह के समापन अवसर पर संस्कृत विद्यालयों, महाविद्यालयों तथा संस्कृत छात्र सेवा समिति द्वारा नगर में एक भव्य संस्कृत शोभायात्रा एवं तिरंगा यात्रा निकाली गयी। जिसमें नगर के समस्त संस्कृत विद्यालयों के छात्र, प्रधानाचार्य, अध्यापक, संत महात्मा, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग सम्मिलित हुए।
यात्रा का शुभारंभ ऋषिकेश नारायण श्री भरत भगवान के मन्दिर से हुआ। यात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए त्रिवेणी घाट पर समपन्न हुई। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल भरत मन्दिर के महन्त वत्सल प्रपन्नाचार्य, भाजपा के वरिष्ठ नेता संजय शास्त्री, अखिल भारतीय संत समिति के अध्यक्ष गोपालाचार्य, जनार्दन आश्रम के प्रबंधक केशवस्वरूप ब्रह्मचारी, महन्त रवि प्रपन्नाचार्य, प्रदीप शर्मा, काली कमली के प्रबंधक स्वामी अच्युतानंद, पार्षद रीना शर्मा आदि ने हरी झंडी दिखाकर यात्रा का शुभारम्भ किया।
इस मौके पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि यह हम सबके लिए गौरव का क्षण है। जहाँ एक और हम सब मिलकर आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं वहीं दूसरी और संस्कृत सप्ताह भी सम्पूर्ण देश में बडे हर्ष के साथ मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा संस्कृत प्राचीन काल से ही हमारे देश का गौरव रही है। संस्कृत के बल पर ही भारत को विश्व गुरु जैसी उपाधि प्राप्त थी। उन्होंने अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हम सबको संस्कृत भाषा के उन्नयन के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे। उन्होंने वर्तमान में परिवारों में संस्कारों के आभाव पर चिन्ता व्यक्त करते हुए कहा कि संस्कृत संस्कारों की जननी है। संस्कृत का संरक्षण-सम्वर्द्धन होगा तो संस्कृति भी मजबूत होगी और समाज संस्कारों कौ और मजबूती के साथ ग्रहण करेंगे।
महन्त वत्सल प्रपन्न शर्मा ने भी सभी को अपनी शुभकामनाएं दी और कहा कि ये सभी का सामूहिक प्रयास अत्यन्त सराहनीय है। इससे संस्कृत भाषा के प्रति समाज में जागृति होगी। शोभायात्रा के शुभ अवसर पर प्रधानाचार्य डाँ. ओमप्रकाश पूर्वाल, डॉ. जनार्दन कैरवान, डॉ. गिरीश पाण्डेय, सुरेन्द्र दत्त भट्ट, विनायक भट्ट, आचार्य सुभाष चन्द्र डोभाल, सुशील नौटियाल, जितेन्द्र भट्ट, नरेन्द्र मैठाणी, डॉ. सुनील थपलियाल, डॉ. हर्षानंद उनियाल, डॉ. संदीप भट्ट, सूर्यप्रकाश रतूड़ी, सुबोध बमोला, संस्कृत छात्र सेवा समिति के संगठन मंत्री विकास कोठारी, निमाई चरण दास, प्रेम प्रकाश नवानी, नरेन्द्र सकलानी, अध्यक्ष सर्वेश तिवाडी, महामंत्री विनोद नौटियाल, कमल डिमरी, पुरुषोत्तम कोठारी, सूरज विजल्वाण, विपिन बहुगुणा, मनोज कुमार द्विवेदी सहित सभी संस्कृत विद्यालयों के अध्यापक एवं छात्र उपस्थित रहे।