सीएम ने जनरल रावत के अदम्य साहस, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति उनके सर्वोच्च समर्पण का स्मरण किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून के कनक चौक स्थित पार्क में भारत के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ स्व. जनरल बिपिन रावत की चतुर्थ पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री ने जनरल रावत के अदम्य साहस, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति उनके सर्वोच्च समर्पण को स्मरण करते हुए उन्हें उत्तराखंड एवं देश का गौरव बताया। उन्होंने कहा कि जनरल बिपिन रावत का जीवन देशभक्ति, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणादायक मिसाल है, जो आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, सैनिकों एवं नागरिकों के साथ दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शहीदों के सम्मान में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजान दास और सविता कपूर भी मौजूद थे।

ऋषिकेश में जनसेवा केंद्र पर पाई गई भारी अनियमित, फर्जी कार्ड व पासबुक बरामद, जिला प्रशासन ने किया सील

जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के क्रम में जनपद में संचालित विभिन्न जन सेवा केंद्रों पर की जा रही निरीक्षण एवं छापेमारी कार्रवाई के तहत उप जिलाधिकारी ऋषिकेश योगेश मेहर द्वारा ऋषिकेश, वीरपुर खुर्द स्थित पशुलोक क्षेत्र में संचालित कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) आईडी संख्या 144112520013 का औचक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण में पाया गया कि सेंटर के बाहर लगे बोर्ड पर सीएचसी संचालक के रूप में विभा नामदेव का नाम अंकित है तथा बोर्ड पर विभा नामदेव एवं आर. नामदेव का मोबाइल नंबर भी प्रदर्शित है, जबकि संचालन की आईडी मनीषा नामदेव के नाम पर पंजीकृत है। यह भी पाया गया कि विभा नामदेव, आर. नामदेव की पुत्री है, जिनका विवाह हो चुका है तथा वर्तमान में वे हरिपुरकलां में निवासरत हैं।

सेंटर से निर्गत प्रमाण पत्रों से संबंधित पंजिका का संधारण नहीं किया गया है। साथ ही, केंद्र पर विभिन्न व्यक्तियों के 9 आधार कार्ड,3 राशन कार्ड, 3 श्रम कार्ड, 1 आयुष्मान कार्ड आदि मूल दस्तावेज बड़ी संख्या में पाए गए। पूछताछ के दौरान विभा नामदेव एवं आर. नामदेव कोई संतोषजनक उत्तर प्रस्तुत नहीं कर सके, जिससे इन मूल दस्तावेजों के दुरुपयोग की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। निरीक्षण के दौरान बीपीएल सर्वेक्षण 2002 से संबंधित खाली कार्ड भी बरामद हुए, जिनके बारे में भी संचालकों द्वारा कोई उचित स्पष्टीकरण नहीं दिया गया।

उपरोक्त सभी गंभीर अनियमितताओं को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा आदेशों के अगले निर्णय तक संबंधित कॉमन सर्विस सेंटर के संचालन पर रोक लगाते हुए केंद्र को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने जनपद में जन सेवा केंद्रों पर चल रही छापेमारी के संबंध में कहा कि “जन सेवा केंद्र आम नागरिकों को सरकारी सेवाएं सरलता से उपलब्ध कराने के लिए स्थापित किए गए हैं। किसी भी प्रकार की अनियमितता, दस्तावेजों का अनुचित संधारण, मूल दस्तावेजों को बिना कारण अपने पास रखना, या निर्धारित मानकों का पालन न करना गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों की सुरक्षा एवं संवेदनशील दस्तावेजों की गोपनीयता से कोई समझौता स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि “जनपद में संचालित जन सेवा केंद्रों की जांच की जाएगी तथा जहां भी अनियमितताएं पाई जाएंगी, तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाएगी।

दून डीएम दरबार में विधवा को बीमा कंपनी के प्रताड़ित करने का मामला, बैकफुट पर आया एचडीएफसी आरगो जीआईसी लि, जमा कराए 8.92 लाख रुपए

एचडीएफसी आर्गो इंश्योरेंस लिमिटेड जिला प्रशासन के नाम 8,92000 का चेक जमा कराया गया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के सख्त रुख से जहां उपभोक्ताओं से ऋण बीमा धोखाधड़ी करने वाली कंपनियां बैक फुट पर है। वहीं जिला प्रशासन के कड़े और निडर फैसलों से असहाय प्रताड़ित महिला, बुजुर्ग, बच्चों को न्यायमिल रहा मिल रहा है। जिला प्रशासन ने नव वर्षीय बालिका की विधवा मां सुप्रिया को प्रताड़ित करने वाली बीमा कंपनी एचडीएफसी आरगो का इलाज कर दिया, बीमा कंपनी के सिर पर कुर्की की तलवार लटक रही है।

विगत दिवस फरियादी सुप्रिया नौटियाल पत्नी स्व० प्रदीप रतूड़ी द्वारा एक जिलाधिकारी सविन बसंल के समक्ष 15 नवम्बर 2025 गुहार लगाई कि उनके पति प्रदीप रतूड़ी द्वारा वाहन कय किये जाने हेतु प्रबन्धक, एचडीएफसी आरगो जीआईसी लि० से मु० 8,11,709/- का ऋण लिया गया था। सम्बंधित बैंक के द्वारा बताया गया कि लोन के पश्चात् बीमा एक अनिवार्य प्रक्रिया है, जो आईआरडीए के दिशा निर्देशों के अनुसार किसी भी ऋण को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक है तथा एचडीएफसी अरगो जीआईसी लि० से पॉलिसी संख्या सीआई 24-14680 और सर्व सुरक्षा प्लस क्लेम नं० आरआर-सीआई 24-14680891 के माध्यम से बीमा कराया गया था। बीमा सम्बंधी दस्तावेज कभी भी डाक या कुरियर के माध्यम से भौतिक रूप से उपलब्ध नहीं कराये गये थे। उनके पति की मृत्यु के पश्चात् सुप्रियाय द्वारा बैंक से अपने पति द्वारा लिए गये लोन मु0 8,11,709/- को चुकाने हेतु दबाव बनाया जा रहा है तथा लोन न चुकाने की स्थिति में वाहन को उठा लेने की धमकी दी जा रही है, जिसके लिए सुप्रिया द्वारा सम्बंधित इंश्योरेंस कम्पनी के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने का अनुरोध जिलाधिकारी से किया गया।

बीमित ऋण होने के बाद भी 09 वर्षीय मासूम बेटी की विधवा मॉ सुप्रिया को किया प्रताड़ित करने पर वाले एचडीएफसी आरगो जीआईसी लि० की डीएम ने 8.11 लाख की आरसी काटते हुए फरमान सुनाया है कि 05 दिन में ऋण माफी करें नही तो सम्पति कुर्क कर निलाम की जाएगी। जिलाधिकारी की चेतावनी और सख्त रूप से एचडीएफसी आरगो जीआईसी लि० ने 892000 का चेक तहसील सदर के नाम जमा कर दिया है।

इस प्रकार उपभोक्ताओं से धोखाधड़ी करने वाले अन्य बैंक एवं इंश्योरेंस कंपनियां भी डीएम के रडार पर हैं जिनके द्वारा बीमित ऋण होने के उपरान्त भी जनमानस को प्रताड़ित किया जा रहा है। ऋण बीमा धोखाधड़ी मामला डीएम तक पंहुच रहे हैं जिनका अंजाम सर्वव्यापी, सम्पति कुर्क; नीलामी; शाखा पर लगेगा ताला ऐसे की प्रकरणों पर कई मामालों में बैंक इंश्योरंश कम्पनियों की कुर्की हो चुकी है।

डीएम के निर्देश पर एसडीएम एवं नगर आयुक्त ऋषिकेश के नेतृत्व में चंद्रभागा में अवैध अतिक्रमण ध्वस्त

जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा चंद्रभागा क्षेत्र में अतिक्रमण के विरुद्ध व्यापक कार्रवाई की गई। एसडीएम ऋषिकेश एवं नगर आयुक्त ऋषिकेश के नेतृत्व में राजस्व विभाग तथा नगर निगम ऋषिकेश की संयुक्त टीम ने अभियान चलाते हुए गंगा किनारे अतिक्रमण कर बनाई गई 20 से अधिक अवैध अध्यासन को ध्वस्त किया। अभियान के दौरान पाया गया कि अवैध अतिक्रमण कर बसी उक्त झोपड़ियों से निकलने वाला सीवर सीधे गंगा नदी में प्रवाहित किया जा रहा था। इस संबंध में जिलाधिकारी को लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं, जिसके बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
नगर आयुक्त गोपालराम बिनवाल एवं एसडीएम ऋषिकेश योगेश कुमार के नेतृत्व में टीम में शामिल राजस्वकर्मियों तथा नगर निगम के कार्मिकों ने मौके पर पहुँचकर क्षेत्र का निरीक्षण किया और कानून व्यवस्था बनाये रखते हुए अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया संपादित की। अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि गंगा नदी की स्वच्छता एवं जल संरक्षण प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में है। किसी भी प्रकार का अतिक्रमण, अवैध निर्माण अथवा सीवर/कचरा निस्तारण संबंधित अनियमितता को कदापि बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे क्षेत्रों की निरंतर निगरानी रखी जाए तथा भविष्य में इस प्रकार के अतिक्रमण को कठोरता से रोका जाए।
नगर निगम तथा राजस्व विभाग द्वारा बताया गया कि प्रभावित क्षेत्र की नियमित सफाई कराई जा रही है तथा आगे किसी भी अतिक्रमण को रोकने हेतु चिन्हांकन कर निगरानी बढ़ाई जाएगी।

गांवों में क्लस्टर बनाकर हर्बल क्षेत्र में व्यवस्थित रूप से कार्य किया जाए: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित जड़ी-बूटी सलाहकार समिति की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांवों में क्लस्टर बनाकर हर्बल क्षेत्र में व्यवस्थित रूप से कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में उपलब्ध हर्बल एवं औषधीय उत्पादों के संवर्धन और प्रोत्साहन पर विशेष ध्यान दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि जड़ी-बूटी और एरोमा सेक्टर में अग्रणी दो राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिसेज़ का अध्ययन करने हेतु राज्य से विषय विशेषज्ञों की टीम भेजी जाए, जिससे उत्तराखंड में भी इन नवाचारों को लागू किया जा सके। उन्होंने कहा कि जड़ी-बूटी क्षेत्र में टर्नओवर बढ़ाने के लिए अनुसंधान, नवाचार, उत्पादन, विपणन और ब्रांडिंग पर समन्वित रूप से कार्य हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र प्राकृतिक हर्बल संपदा का केंद्र है। राज्य में इसकी अपार संभावनाओं को देखते हुए हर्बल इकोनॉमी को विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है। किसानों को उनके उत्पाद का अधिकतम लाभ दिलाने, स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने तथा महिलाओं को आर्थिकी से जोड़ने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि हर्बल उत्पादों की वैल्यू एडिशन, प्रसंस्करण और प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिये पंतनगर विश्वविद्यालय के सहयोग भी लिया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में भालू सहित अन्य जंगली जीवों से जनजीवन और फसलों को नुकसान पहुँच रहा है, वहाँ कृषि एवं वन विभागों की संयुक्त टीमें भेजी जाएं। ये टीमें लोगों को सुरक्षा उपायों और फसल संरक्षण के लिए जानकारी प्रदान करें।

बैठक में जड़ी-बूटी शोध एवं विकास संस्थान के निदेशक डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने संस्थान द्वारा किए जा रहे अनुसंधान कार्यों, दुर्लभ औषधीय प्रजातियों के संरक्षण, उत्पादन, और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी।

बैठक में कृषि मंत्री गणेश जोशी, उपाध्यक्ष जड़ी-बूटी सलाहकार समिति भुवन विक्रम डबराल, बलवीर घुनियाल, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव एस.एन. पांडेय, वी. षणमुगम, अपर सचिव विजय कुमार जोगदंडे, वंदना, अनुराधा पाल एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने किया उत्तराखंड अनन्य सम्मान कार्यक्रम में प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक होटल में उत्तराखंड अनन्य सम्मान कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शहीद सैनिकों के परिजनों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि शहीदों के परिजनों का संघर्ष, पीड़ा और देश के प्रति अटूट निष्ठा हम सभी के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा देवभूमि उत्तराखंड वीरभूमि के रूप में भी जाना जाता है। प्रदेश के लगभग प्रत्येक परिवार का सदस्य सेना या अर्ध सैनिक बलों से जुड़ा हुआ है। उत्तराखंड के वीर सपूतों ने अपने प्राणों की बाजी लगाकर मातृभूमि की रक्षा की है।

मुख्यमंत्री ने कहा वे स्वयं एक फौजी के बेटे हैं , इसलिए उनके हृदय में शहीदों और उनके परिवारों के प्रति हमेशा से गहरी संवेदनशीलता, सम्मान और समर्पण की भावना रही है। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने शहीदों की वीरता और बलिदान को नमन करते हुए शहीदों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 50 लाख रुपए किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा सेना में परमवीर चक्र से लेकर मेन्सन इन डिस्पैच तक सभी वीरता पुरस्कारों से अंलकृत सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त तथा वार्षिक धनराशि में भी अभूतपूर्व वृद्धि की है। बलिदानियों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजित करने का भी निर्णय लिया है और सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने की अवधि को भी 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश में बलिदानियों के आश्रितों के लिए नौकरी पूर्व प्रशिक्षण तथा पुत्री विवाह अनुदान जैसी योजनाएँ भी संचालित कर रहे हैं। राज्य में वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों और पूर्व सैनिकों हेतु सरकारी बसों में यात्रा की निःशुल्क व्यवस्था करने के साथ ही सेवारत व पूर्व सैनिकों हेतु 25 लाख रुपए की सम्पत्ति की खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में 25 प्रतिशत की छूट भी प्रदान की जा रही है। पूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों को भी अचल सम्पत्ति की खरीद पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत तक की छूट देने की व्यवस्था की है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, देहरादून के गुनियाल गांव में भव्य सैन्य धाम का निर्माण करवा रही है। जो प्रत्येक उत्तराखंडी के लिए एक पावन स्थल होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में सैनिकों का मनोबल बढ़ाने के साथ सेना को अत्याधुनिक संसाधनों से युक्त भी किया जा रहा है। देश रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कई देशों को रक्षा उपकरणों और संसाधनों का निर्यात भी कर रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत रक्षा सामग्री का निर्यात करने वाले शीर्ष देशों की सूची में शामिल हो गया है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक उमेश शर्मा काऊ, मैनेजिंग एडिटर जी न्यूज राहुल सिन्हा एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

आशारोड़ी झाझरा व रिस्पना विंदाल एलिवेटेड कॉरीडोर परियोजना को गति देने डीएम ने भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास में तेजी लाने के दिए आदेश

राजधानी देहरादून में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने एवं सुगम कनेक्टिविटी के लिए प्रस्तावित रिस्पना-विंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना को लेकर जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने बृहस्पतिवार को ऋषिपर्णा सभागार में एलिवेटेड परियोजना और एनएच-7 पर आशारोड़ी-झाझरा परियोजना की समीक्षा बैठक कर विभागीय अधिकारियों को सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी करते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि रिस्पना-विंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना मा0 मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में शामिल है। जिलाधिकारी ने परियोजना में प्रस्तावित नगर निगम एवं एमडीडीए को अपनी-अपनी भूमि का रिकार्ड शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है। एलिवेटेड कॉरिडोर सर्वेक्षण समिति को विभागवार प्रभावित भूमि का पूरा विवरण तैयार करने को कहा। लोनिवि और राजस्व अधिकारियों मौके पर तैनात रहते हुए परियोजना के लिए चिन्हित सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण कर बसे लोगों का निर्धारित प्रारूप में पूरा ब्यौरा तैयार करने को कहा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रस्तावित भूमि का विभागवार रिकार्ड तैयार करने के बाद धारा-11 के तहत भूमि अधिग्रहण के लिए प्रारंभिक अधिसूचना का शीघ्र प्रकाशन किया जाए और पुनर्वास और पुर्नस्थापन की प्रक्रिया शुरू की जाए।

एनएच-7 आशारोड़ी-झाझरा परियोजना में ईस्ट होप टाउन और आरकेडिया ग्रान्ट में ग्रामीणों के अवरोध और वन विभाग की भूमि अवस्थित निर्माण का प्रतिकर भुगतान न होने की समस्या पर जिलाधिकारी ने एनएच अधिकारियों को निर्देश दिए कि एसडीएम सदर और विकास नगर के साथ मौका मुआयना कर समस्या का शीघ्र निस्तारण किया जाए। देहरादून-हरिद्वार रोड पर सड़क सुधारीकरण कार्य और अवैध अतिक्रमण व कब्जों को हटाने के लिए संबंधित एसडीएम से समन्वय करते हुए पुलिस के सहयोग से त्वरित कार्रवाई की जाए।

बैठक के दौरान लोनिवि ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से एलिवेटेड परियोजना पर अब तक किए गए कार्याे की जानकारी दी। बताया कि एलिवेटेड परियोजना का अलाइनमेंट तैयार कर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को भेज दिया गया है। स्वीकृत होने पर आगे की कार्रवाई की जानी है। रिस्पना नदी पर प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर की लंबाई 10.365 किमी है। रिस्पना परियोजना में कुल 49.04 है0 भूमि प्रभावित होगी। जिसमें 42.89 है0 सरकारी भूमि, 4.01 है0 निजी भूमि, 2.1 है0 वन भूमि शामिल है। इसमें 1022 संरचनाएं (पक्के/कच्चे) शामिल हैं। वहीं, बिंदाल कॉरिडोर की लंबाई 14.264 किमी है। बिंदाल कॉरिडोर में कुल 55.90 है0 भूमि प्रभावित होगी। जिसमें 31.07 है0 सरकारी भूमि, 15.67 है0 निजी भूमि, 2.22 है0 वन भूमि और 6.92 रक्षा संपदा की भूमि शामिल है। इसमें 1656 संरचनाएं (पक्के/कच्चे) शामिल हैं।

बैठक में एसएलएओ स्मृता परमार, एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीमए सदर हरिगिरि, एसडीएम विनोद कुमार, उप नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल, एनएचएआई के आरडी विशाल गुप्ता, एसई लोनिवि ओपी सिंह आदि उपस्थित थे।

नारी, बाल निकेतन महत्वपूर्ण संस्थान, बेसहारा महिलाओं और बच्चों के लिए जरूरी है अतिरिक्त समर्थनः डीएम बंसल

जिलाधिकारी सविन बंसल ने केदारपुरम अवस्थित राजकीय नारी निकेतन, बालिका निकेतन, बाल गृह एवं शिशु सदन का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने सबसे पहले परिसर का भ्रमण किया और यहां पर आवास, सुरक्षा, भोजन, स्वास्थ्य, साफ, सफाई एवं शौचालय संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। निकेतन में निवासरत महिलाओं, बालिकाओं एवं अधिकारियों से यहां की आवश्यकताओं और समस्याओं की जानकारी ली।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि संस्थान में निवासरत महिलाओं, बालक एवं बालिकाओं को सुरक्षित, स्वच्छ और अनुकूल वातावरण मिल सके, इसके लिए अधिकारी नियमित मॉनिटरिंग करना सुनिश्चित करें। इस दौरान जिलाधिकारी ने बढ़ती ठंड को देखते हुए निकेतन की महिलाओं, बालिकाओं और शिशुओं को स्वायटर, टोपी इत्यादि गर्म कपडे प्रदान करते हुए मिठाई बांटी। केदारपुरम स्थित निकेतन में 173 बेसहारा, परित्यक्त व शोषित महिलाएं निवासरत है। वहीं बालिका निकेतन में 19 और बाल गृह व शिशु सदन 23 बच्चे रह रहे है। जिन्हें सामाजिक सुरक्षा, आश्रय और अन्य सुविधाएं प्रदान की जा रही है।

जिलाधिकारी ने कहा कि नारी निकेतन, बालिका निकेतन, बाल गृह एवं शिशु सदन हमारे बहुत महत्वपूर्ण संस्थान है। यहां पर बेसहारा, परित्यक्त, शोषित व खास वर्ग के महिलाएं व बच्चे रहते है, जिनको मुख्यधारा मे लाने के लिए अतिरिक्त देखभाल और सलाह की आवश्यकता रहती है। ये लोग किसी न किसी सदमे से प्रभावित हुए है। एक्सपर्ट की मदद से इनको सदमे से बाहर लाते हुए इनके व्यवहार में परिवर्तन कर मुख्यधारा में लाया जा रहा है। निकेतन में इन्फ्रास्ट्रेक्चर, सीवर लाइन, डोरमेट्री से लेकर जो भी आवश्यकताएं है, उसको जिला प्लान और खनन न्यास से पूरा किया जा रहा है। निकेतन की महिलाओं और बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच से लेकर संतुलित डाइट भी सुनिश्चित की जा रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि निकेतन में निवासरत बेसहारा एवं शोषित महिलाओं व बच्चों को मुख्यधारा में जोड़ने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे है। जिलाधिकारी ने कहा कि पिछले निरीक्षण के दौरान निकेतन में डोर मैट्री भवन स्वीकृत किया गया था, जिसका निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है और अगले दो महीनों के भीतर भवन निकेतन को विधिवत् समर्पित किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि बालिका निकेतन में निवासरत बालिकाओं के सर्वागीण विकास के लिए खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों निर्देश दिए कि बालिका निकेतन परिसर में एक समुचित खेल मैदान का निर्माण किया जाए। कहा कि खेल मैदान का डिजाइन इस तरह से तैयार किया जाए जिसमें खो-खो, कबड्डी, बैडमिंटन और योग गतिविधियां हो सके। वहीं जिलाधिकारी ने ठंड को ध्यान में रखते हुए शिशु निकेतन के सभी कमरों में ऑयल हीटर लगाने के भी निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने नारी निकेतन की सुरक्षा व्यवस्थाओं और सुदृढ़ करने के लिए नारी निकेतन में दो अतिरिक्त होमगार्ड की तैनाती तुरंत प्रभाव से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ मुख्य चिकित्सा अधिकारी को नारी निकेतन में दो अतिरिक्त नर्सों की नियुक्ति करने और निकेतन के लिए तैनात डॉक्टर को नियमित रूप से निकेतन का विजिट सुनिश्चित कराने को कहा। ताकि महिलाओं की समय-सयम पर स्वास्थ्य जांच हो सके। जिलाधिकारी ने कहा कि निकेतन में बालिकाओं और शिशुओं के समुचित स्वास्थ्य परीक्षण, पोषण स्थिति की जांच तथा समय-समय पर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिया कि आरबीएसके टीम नियमित अंतराल पर निकेतन पहुंचकर बच्चों का संपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण करे और किसी भी बीमारी या कमी की पहचान कर त्वरित उपचार व आवश्यक रेफरल की व्यवस्था सुनिश्चित करे। इस दौरान जिलाधिकारी ने नारी निकेतन में महिलाओं व बच्चों के आधार कार्ड बनाने के लिए 11 मोबाइल फोन और सिम की मौके पर ही स्वीकृति प्रदान की।

जिलाधिकारी ने नारी निकेतन परिसर का निरीक्षण करते हुए ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्माणाधीन अतिरिक्त भवन के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि नारी निकेतन में रहने वाली महिलाओं, बालिकाओं एवं शिशुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसलिए निर्माण कार्य में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अतिरिक्त भवन तैयार होने से नारी निकेतन की क्षमता और सुविधाओं में महत्वपूर्ण सुधार होगा।

नारी निकेतन में काउंसलिंग कक्ष के समक्ष शौचालय व स्नानागार, डायनिंग एरिया के शौचालय सुदृढीकरण, मंदिर के चारों ओर ग्रिल कार्य, जिम और प्रयोगात्मक क्षेत्र का समतलीकरण, छत मरम्मत, अलमीरा, रसोई के पीछे फर्स, लॉडरी रूम व नए भवन के पीछे फैसिंग, आलम्बन भवन के मुख्य द्वार का अनुरक्षण, डबल बैटर इनवर्टर लगाने को काम किया जा रहा है। वहीं बालिका निकेतन में अधीक्षक का कार्यालय, स्टोर कक्ष, आंगन, आधुनिक किचन, खिडकियों पर सरिया, गेट, लोहे के दरवाजे, डबल बैटरी इन्वर्टर, समर सेविल हेतु विद्युत संयोजन, भण्डारण कक्ष, छत व फर्स मरम्मत, टिन शेड का काम चल रहा है। शिशु व बाल गृह में कक्ष का पार्टीशन, शौचालय, स्टोर रूम, पार्क के तीनों तरफ सीढियां, तीनों संस्थान को जोड़ने का रास्ता, पार्किंग, फैंसिंग, परिसर में स्थायी मंच निर्माण सहित बच्चों के लिए 20 रजाई, 10 लोहे के बैड, 10 डबल गद्दे आदि काम किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को संचालित सभी कार्याे को जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए।

इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिर, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, सहायक निदेशक सूचना बद्री चंद, एसीएमओ डा वंदना सेमवाल, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति नमिता ममगाई आदि सहित ग्रामीण निर्माण विभाग व पेयजल के अधिकारी मौजूद थे।

अभाविप के अधिवेशन में पहुंचकर सीएम धामी ने किया पदाधिकारियों का स्वागत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज परेड ग्राउण्ड, देहरादून में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद 71 वें राष्ट्रीय अधिवेशन में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रो. यशवंत राव केलकर युवा पुरुस्कार से गोरखपुर के श्रीकृष्ण पांडेय को सम्मानित भी किया। उन्होंने कहा कि पांडेय ने ‘बाल भिक्षावृत्ति निर्मूलन, ‘निस्सहाय मनोरोगियों की सेवा’ तथा ‘कारागार बंदियों के पुनर्वास’ की दिशा में कार्य करते हुए सामाजिक उत्तरदायित्व का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।

मुख्यमंत्री ने देशभर से आये अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले वे भी विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता के रूप में विद्यार्थियों के बीच सक्रिय रूप से कार्य करते थे। उन अनुभवों ने उन्हें नेतृत्व और संगठन की समझ देने के साथ ही समाज सेवा के प्रति प्रतिबद्धता को भी मजबूत किया। वे मूल्य और आदर्श उनके जीवन की आधारशिला की तरह हैं, उन्हें प्रतिदिन अनुशासन के साथ सेवा पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का यह राष्ट्रीय अधिवेशन कोई साधारण आयोजन नहीं है, बल्कि राष्ट्रनिर्माण के पवित्र यज्ञ के प्रति समर्पित ऊर्जावान युवाओं का महासंगम है।

मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि इस मंच से निकलने वाले विचार और संकल्प राष्ट्र निर्माण की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होंगे और देश के विकास और सामाजिक प्रगति को नई दिशा प्रदान करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि 1949 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का निर्माण हुआ, देश एक नए युग की ओर बढ़ रहा था। ऐसे समय में राष्ट्र निर्माण, समाज सुधार और सांस्कृतिक जागरण के लिए एक संगठित, जागरूक, संस्कारित और राष्ट्रवादी छात्रशक्ति की आवश्यकता थी। यह संगठन 77 वर्षों से व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण का कार्य करता आ रहा है। विद्यार्थी परिषद राष्ट्र के सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक और वैचारिक क्षेत्रों में भी व्यापक परिवर्तन लाने वाली अग्रणी शक्ति बनकर उभरा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की युवा शक्ति हमारे राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है, जो अपने परिश्रम, प्रतिभा और संकल्प के बल पर सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के स्वप्न को साकार करने की क्षमता रखती है। इस ऊर्जा को सही दिशा और मार्गदर्शन से देश पुनः विश्व गुरु के रूप में स्थापित होगा। इस ऊर्जा का सही दिशा में उपयोग करके ही हम एक भारत, श्रेष्ठ भारत के सपने को साकार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवा शक्ति को राष्ट्र शक्ति मानकर विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में निरन्तर कार्य किये जा रहा है। आज स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, फिट इंडिया और नई शिक्षा नीति जैसी अनेक योजनाओं के माध्यम से युवाओं को उनकी प्रतिभा और क्षमता के अनुसार अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के अध्यक्ष प्रो. रघुराज किशोर तिवारी, महामंत्री डॉ. वीरेन्द्र सिंह सोलंकी एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने वित्तीय अनियमितता मामले पर उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय में जांच के दिए आदेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रशासकीय व वित्तीय अधिकारों के दुरुपयोग के मामले में सख्त कदम उठाते हुए उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय से संबंधित मामले की सतर्कता विभाग से खुली जांच कराए जाने के निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री ने इस मामले में पत्रावली पर भी अनुमोदन प्रदान कर दिया हैं।

उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय में विगत वर्षों में रू. 13.10 करोड़ के भुगतान में प्रशासकीय व वित्तीय अधिकारों के दुरुपयोग होने का मामला सामने आया था। शासन के द्वारा इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जांच कराये जाने का निश्चय किया गया था। इससे संबंधित प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा अनुमोदन प्रदान कर सतर्कता विभाग से खुली जांच कराये जाने के निर्देश दिए गए हैं।
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सीएम द्वारा रू. 188.90 करोड़ की विकास योजनाओं तथा आपदा प्रबंधन कार्यों की स्वीकृतियों का अनुमोदन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों की महत्वपूर्ण विकास योजनाओं तथा आपदा प्रबंधन से संबंधित कार्यों के लिए रू. 188.90 करोड़ की लागत की स्वीकृतियां प्रदान की हैं।

मुख्यमंत्री द्वारा राज्य योजना के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र नैनीताल के अर्न्तगत गर्जिया (घुघुतीधार)-बेतालघाट-खैरना-ओड़ाखान-भटेलिया-मुक्तेश्वर मोटर मार्ग (राज्य मार्ग संख्या-62) के कि.मी. 1 से 30 तक मार्ग के पुननिर्माण कार्य हेतु रू. 997.61 लाख, जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र विकासनगर में नवाबगढ़ पुल नं.-1 से खादर तक मोटर मार्ग का पुनः निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य किए जाने हेतु रू. 312.55 लाख की योजना के साथ ही कुम्भ मेला-2027 के अन्तर्गत हरिद्वार में हरकीपैड़ी से ललतारो सेतु तक गलियों का सुधारीकरण एवं सौन्दर्यीकरण कार्य हेतु रू. 925.94 लाख की योजना स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री धामी के द्वारा जनपद उधम सिंह नगर की किच्छा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नगला-किच्छा मोटर मार्ग (राज्य मार्ग संख्या-44) के कि.मी. 12.6 से और कि.मी. 15 से 17.942 तक के हिस्से को दो लेन से चार लेन में बदलने की योजना के लिए रू. 8063.13 लाख की लागत की योजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री द्वारा नगर निगम रूद्रपुर के अंतर्गत स्मार्ट वेंडिंग जोन के निर्माण कार्य हेतु रू. 255 लाख की धनराशि अवमुक्त किये जाने के साथ ही स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के अन्तर्गत एसएचपीसी द्वारा संस्तुत 07 नगर निकायों में कार्यों हेतु रू. 408.94 लाख की धनराशि अवमुक्त किये जाने और शहरी विकास विभाग के अन्तर्गत 11 नगर निकायों में पार्कों के सौंदर्यीकरण हेतु रू. 597.10 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने हेतु भी अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा राज्य आपदा मोचन निधि से विभिन्न जनपदों को रू. 73.30 करोड़ की धनराशि अवमुक्त किये जाने की भी स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसके तहत जनपद चमोली को पुर्नप्राप्ति एवं पुनर्निर्माण मद में 5 करोड़ और राहत एवं बचाव मद में रू. 3 करोड़ की धनराशि दी गई है। इसी तरह जनपद नैनीताल को पुर्नप्राप्ति एवं पुनर्निर्माण मद में रू. 25 करोड़ के साथ ही जनपद उत्तरकाशी को पुर्नप्राप्ति एवं पुनर्निर्माण मद में रू. 30 करोड़ और राहत एवं बचाव मद में रू. 8 करोड़ की धनराशि दी गई है। जनपद चंपावत के लिए भी राहत एवं बचाव मद में रू. 2.30 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है।