मुख्य सचिव ने कहा- निर्माण कार्यो में तेजी लाने के हो प्रयास

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने सचिवालय स्थित सभागार में वाह्य सहायतित योजनाओं की समीक्षा के दौरान विभागों को परियोजनाओं में तेजी लाते हुए समयबद्धता के साथ पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव ने विभिन्न विभागों को निर्देश दिए कि चालू परियोजनाओं और अंडर पाइपलाइन परियोजनाओं के प्रत्येक स्तर के पूर्ण होने की तिथि निर्धारित करते हुए लगातार समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि धीमी गति से चल रही परियोजनाओं की वह स्वयं मासिक समीक्षा करेंगे। साथ ही उन्होंने विभागों द्वारा इन योजनाओं की मासिक प्रगति रिपोर्ट मुख्य सचिव कार्यालय को प्रेषित किए जाने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि अंडर पाइपलाइन परियोजनाओं में यह ध्यान रखा जाए कि किसी अन्य विभाग द्वारा उस क्षेत्र के लिए उसी प्रकार का प्रोजेक्ट शुरू न किया जा रहा हो। इसके लिए सभी सम्बन्धित विभागों को आपसी सामंजस्य के साथ काम करना होगा। इसके लिए एक सिस्टम विकसित किया जाए ताकि कार्यों में डुप्लीकेसी न हो।
बैठक के दौरान बताया गया कि वर्ल्ड बैंक, एडीबी, जाइका और आईफैड द्वारा वित्त पोषित शहरी विकास, ग्राम्य विकास, पेयजल, पर्यटन एवं सिंचाई विभाग के लगभग 18,844 करोड़ के प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में हैं।
इसके उपरांत, मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने केंद्र पोषित योजनाओं की समीक्षा भी की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग केंद्र पोषित योजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करें। इसके लिए योजनाओं की प्रगति के अनुसार समीक्षा करें। उन्होंने धीमी गति से चल रही योजनाओं की प्रत्येक माह में 2 बार अथवा कम से कम एक समीक्षा अवश्य करें। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग केंद्र सरकार की सभी योजनाओं का लाभ लेना सुनिश्चित करें। इसके लिए सभी योजनाओं की सूची तैयार की जाए।
बैठक के दौरान, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव रंजना, सीईओ स्मार्ट सिटी सोनिका सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

कूड़ा निस्तारण प्लांट आबादी क्षेत्र से कहीं और लगाया जाये-ब्लॉक प्रमुख डोईवाला

उत्तराखंड जन विकास मंच ट्रेचिंग ग्राउंड विरोध संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल लालपानी बीट में आबादी क्षेत्र में प्रस्तावित ट्रेचिंग ग्राउंड के विरोध में डोईवाला ब्लॉक पंचायत के प्रतिनिधियों से मिला। इस अवसर पर डोईवाला ब्लॉक के ब्लाक प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल ने कहा कि नगर निगम ऋषिकेश द्वारा लालपानी बीट पर प्रस्तावित ट्रेचिंग ग्राउंड से ग्रामीण क्षेत्र की काफी बड़ी आबादी प्रतिकूल रूप से प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि वे अपने स्तर से प्रयास करेंगे कि यह कूड़ा निस्तारण प्लांट आबादी क्षेत्र से कहीं और अन्यत्र लगे।
समिति के कोषाध्यक्ष स्वरूप सिंह पुंडीर ने कहा कि टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज द्वारा पर्यावरण प्रभाव आकलन का सर्वे करते समय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों का पालन नहीं किया गया। इतनी बड़ी आबादी की उपेक्षा की जिसका सभी क्षेत्रवासी पुरजोर विरोध करते हैं। मंच के द्वारा साप्ताहिक हस्ताक्षर अभियान के अंतर्गत चौथे दिन शाम 5 से 7 गुर्जर बस्ती में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में समिति के संयोजक सत्य कपरूवान, ग्राम प्रधान गुमानीवाला दीपिका व्यास, रुकमा व्यास, रीना रागढ़, पूर्व प्रधान सतीश रावत, आशुतोष शर्मा, मनोज गुसाई, विनोद पोखरियाल, गजेंद्र गोसाई, देवेंद्र दत्त बेलवाल, सतपाल राणा, रमेश भट्ट, धर्मेंद्र सिंह, विपिन शर्मा, धर्म सिंह क्षेत्री, नत्थी लाल सेमवाल आदि शामिल रहे।

कैबिनेट मंत्री अग्रवाल ने छिद्दरवाला में नेशनल हाईवे-74 का निरीक्षण किया

कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने नेशनल हाईवे-74 छिद्दरवाला का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
मंगलवार को छिद्दरवाला नेशनल हाईवे-74 का निरीक्षण करने पहुंचे मंत्री डॉ अग्रवाल ने एनएच प्रोजेक्ट मैनेजर पंकज मौर्य को निर्देशित करते हुए कहा कि चौराहे पर अधिकांश सड़क दुर्घटना के मामले आते है, इसके लिए यहाँ पर ट्रैफिक सिग्नल लगाया जाए। कहा कि आम आदमी के लिए हाईवे के किनारे छुटी हुई सर्विस लेन बनाई जाए, जिससे पैदल और दुपहिया वाहनों के लिए आवागमन में सहूलियत हो।
डॉ अग्रवाल को मौके पर ग्रामीणों ने हाईवे पर कट न होने के कारण लंबी दूरी तय करने का मामला भी उठाया। इसके लिए मंत्री डॉ अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने यह भी कहा कि जहां भी कट लगाया जाए, वहां पर्याप्त रोशनी की भी व्यवस्था हो।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि नालियों से ओवरफ्लो होकर पानी आसपास लोगों के घरों में न जाये, इसके इंतज़ाम किये जायें। कहा कि एनएच द्वारा जो छोटी सड़क बनाने से रह गयी, उसको बनाया जाए।
इस मौके पर हाईवे बनाने के दौरान जिन लोगों ने अपनी जमीन दी, उनके मुआवजे का भी विषय उठा। इसके लिए डॉ अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देशित करते कहा कि इस तरह के मामले में पात्र लोगों को मुआवजा दिया जाए।
इस मौके पर एनएच के एटीआई एके मित्तल, पूर्व जिपंस देवेंद्र नेगी, पूर्व जिपंस विमला नैथानी, पूर्व जिपंस अनिता राणा, मण्डल महामंत्री भूपेंद्र रावत, ग्राम प्रधान जोगीवाला माफी सोबन सिंह कैंतुरा, बलविंदर सिंह, महिला मोर्चा अध्यक्ष समा पंवार, अम्बर गुरुंग, हरीश कक्कड़, किसान मोर्चा महामंत्री कुलवीर बिष्ट, दीपक थापा, हरीश पैन्यूली, रोशन कुड़ियाल सहित आदि ग्रामीण व महिलाएं मौजूद रही।

मुख्य सड़क पर पड़ने वाले धर्मकांटा में सीसीटीवी लगाने के निर्देश

राज्य में जीएसटी संग्रह बढ़ाने को लेकर विभागीय अधिकारियों के साथ वित्त मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने बैठक की। इस दौरान जीएसटी चोरी करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। साथ ही बड़े जीएसटी स्टेक होल्डर्स को सम्मानित कर उसे प्रोत्साहित करने के भी निर्देश दिए।
मंगलवार को रिंग रोड स्थित आयुक्त कर कार्यालय के मीटिंग हाल में बैठक आयोजित हुई। इसमें मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि राज्य का कर बढ़ाना हमारी प्राथमिकता में होना चाहिए। इसके लिए विभागीय अधिकारी युद्ध स्तर पर कार्य करें। उन्होंने कहा कि राज्य में कर चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने और ऐसे लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करने के उद्देश्य से एफआईआर दर्ज कराई जाए। इससे कर चोरी की घटनाओं को रोक पाना आसान होगा।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि कुमायूं में कर चोरी की शिकायत मिल रही है। इसके लिए ऑडिट करें और ऐसे लोगों की पहचान कर कार्यवाही करें। कहा कि यदि कोई विभागीय अधिकारी की इसमें संलिप्तता भी पाई जाती है तो उनके विरुद कार्यवाही करने से गुरेज न करें।
व्यापारियों को जीएसटी की सही जानकारी मिल सके, इसके लिए सभी व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ बैठक करें, इस बैठक में निचले स्तर तक बात पहुंचाने की दिशा में काम करें। सम्भव हो तो बैठक में डीलर को भी बुलाया जाए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मुख्य सड़क पर पड़ने वाले धर्मकांटा में सीसीटीवी लगाए, जिससे मालवाहक वाहनों की सही जानकारी मिल सके। कहा कि जीएसटी के जिस भी सेंटर से कम राजस्व प्राप्त हो रहा है उसकी निरंतर समीक्षा करें।
बैठक में डॉ अग्रवाल ने देश में सबसे पहले सर्विस चार्ज को लेकर जागरूकता फैलाने पर विभागीय अधिकारियों को बधाई दी। कहा कि जो लोग अब भी सर्विस चार्ज ले रहे हैं और उसे टर्न ओवर का पार्ट नहीं बना रहे हैं, उनकी पहचान की जाए।
इस मौके पर अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन, विभागीय सचिव दिलीप जावलकर, आयुक्त कर इकबाल अहमद सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जिला स्तरीय समितियां बनाने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु की अध्यक्षता में मंगलवार को राज्य सड़क सुरक्षा कोष प्रबन्ध समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक के दौरान परिवहन विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग और लोक निर्माण विभाग के वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए विभिन्न प्रस्तावों को अनुमोदन किया गया।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने प्रदेशभर में चिल्ड्रन ट्रैफिक पार्क बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने देहरादून, नैनीताल, हरिद्वार और उधमसिंह नगर जैसे अधिक ट्रैफिक दबाव वाले क्षेत्रों से इसकी शुरुआत किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चे बहुत जल्दी सीखते हैं और उसे जिन्दगी भर याद रखते हैं। इससे बच्चों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और आने वाले समय में देश और प्रदेश को ट्रैफिक नियमों के प्रति जिम्मेदार नागरिक मिलेंगे।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि दुर्घटनाओं को रोकने हेतु रोड इंजीनियरिंग वर्क्स के लिए प्रत्येक जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समितियां बनाई जाएं। इन समितियों में स्टेक होल्डर विभागों को भी शामिल कर संवेदनशील क्रॉसिंग अथवा पॉइंट्स का ट्रीटमेंट प्लान तैयार कर सुधारीकरण किया जाए।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को 10 से 15 मिनट की विडियोज बनाकर स्कूलों में बच्चों को दिखाए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को प्रदेश की सड़कों में शीघ्र से शीघ्र ब्लैक स्पॉट को ठीक किए जाने और क्रैश बैरियर लगाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने दुर्घटना सम्भावित क्षेत्रों में साइनेज आदि की उचित व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर सचिव अरविंद सिंह ह्यांकी, एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर वी. मुरूगेशन, सचिव विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव गृह रिद्धिम अग्रवाल सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने पत्रकार कल्याण कोष की बैठक में कई मामलों का किया निस्तारण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में पत्रकार कल्याण कोष की बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकार कल्याण कोष में 2 करोड़ रूपये की वृद्धि की जायेगी। पत्रकार को दी जाने वाली पेंशन का नाम मुख्यमंत्री पत्रकार पेंशन योजना करने के साथ ही इसकी नियमावली में भी सरलीकरण किया जाए। पत्रकारों एवं उनके आश्रितों को कारपस फण्ड के मूलधन से अर्जित ब्याज की धनराशि से आर्थिक सहायता दी जाती है एवं वयोवृद्ध पत्रकारों को प्रतिमाह पेंशन की धनराशि दी जाती है। बैठक में 18 प्रकरणों पर चर्चा की गई जिसमें से 16 प्रकरण आर्थिक सहायता से संबंधित एवं 2 प्रकरण पेंशन से संबंधित थे। आज बैठक में पत्रकार कल्याण कोष से पत्रकार आश्रितों एवं गंभीर बीमार पत्रकारों के लिए 36 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि जिन प्रकरणों में अभी आवेदन पत्र पूर्ण नहीं हैं, उन्हें आवेदन पत्र पूर्ण करने का एक बार मौका और दिया जाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पत्रकारों के हितों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार उन्हें हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है। वे पत्रकारों की समस्याओं से अवगत हैं, उनका प्रयास है कि इन समस्याओं का तेजी से निराकरण किया जाए। उन्होंने सूचना विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिये कि पत्रकारों के कल्याण की ठोस योजना बनाई जाए। पत्रकारों के दुर्घटना बीमा के लिए भी उचित समाधान निकाला जायेगा। वयोवृद्ध पत्रकारों को को दी जाने वाली मासिक धनराशि को 5 हजार रूपये से बढ़ाकर 8 हजार रूपये किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकारों की समस्याओं के समाधान के इस तरह की बैठकें आगे भी आयोजित की जायेंगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 2025 में उत्तराखण्ड राज्य स्थापना की रजत जयंती मनायेगा। 2025 तक उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में लाने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। सभी विभागों को 2025 तक का रोड मैप बनाने एवं कार्यों को धरातल पर लाने को कहा गया है। सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने में मीडिया की अहम भूमिका होती है। आम जन तक सरकार की सभी उपलब्धियों एवं जन कल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाने की सूचना विभाग की बड़ी जिम्मेदारी है। यह सुनिश्चित किया जाए कि मीडिया से बेहतर समन्वय के साथ सरकार की सभी उपलब्धियां विभिन्न माध्यमों से आम जन तक पहुंचे।
समिति के गैर सरकारी सदस्यों रमेश पहाड़ी, त्रिलोक चन्द्र भट्ट एवं योगेश भट्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पत्रकारों के कल्याण के सार्थक कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि राज्य के पत्रकारों के हितों के लिए और भी महत्वपूर्ण कदम उठाये जायेंगे। पत्रकार कल्याण कोष से पत्रकारों को मुख्यमंत्री द्वारा अभी तक 1 करोड़ 20 लाख रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।
इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव सूचना अभिनव कुमार, सूचना महानिदेशक रणवीर सिंह चौहान, अपर निदेशक डॉ. अनिल चंदोला, संयुक्त निदेशक के.एस. चौहान उपस्थित रहे।

फिल्मों को बढ़ावा देने के लिए फिल्म नीति बनाई-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंगलवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में फिल्म उद्योग से जुड़े प्रदेश के कलाकारों ने भेंट की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में सरकार द्वारा फिल्मों को बढ़ावा दिया जा रहा है। फिल्म निर्माण के क्षेत्र में फिल्म जगत से जुड़े लोगों के जो भी सुझाव प्राप्त होंगे, उन सभी सुझावों पर विचार किया जायेगा। प्रदेश में फिल्मों के विकास एवं कलाकारों को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने के दृष्टिगत राज्य में फिल्म नीति बनाई गई है।
इस अवसर पर फिल्म उद्योग से जुड़े कलाकारों ने प्रदेश में फिल्म सिटी की स्थापना देहरादून शहर के 30 से 40 किमी. के दायरे में किए जाने एवं फिल्म निर्माण से संबंधित गतिविधियों के लिए सब्सिडी बढ़ाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा दोनों मांगों पर विचार कर उचित निर्णय लिया जाएगा।
इस अवसर पर प्रदेश के फिल्म क्षेत्र से जुड़े गणेश विरान, बलराज नेगी, अनुज जोशी, अशोक चौहान, प्रदीप भण्डारी एवं अन्य कलाकार उपस्थित रहे।

कांवड़ यात्रा को दुर्घटना रहित बनाने के लिए सघन चेकिंग अभियान चलाया

कांवड़ यात्रा को दुर्घटना रहित बनाने के लिए परिवहन विभाग ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर सड़कों पर दौड़ने वाले वाहनों पर कार्रवाई की। ओवरलोडिंग, रेट लिस्ट चस्पा नहीं करने पर 4 वाहनों को सीज और 21 वाहनों का चालान किया है।
सोमवार शाम एआरटीओ प्रवर्तन मोहित कोठारी के नेतृत्व में विभागीय टीम ने ऋषिकेश क्षेत्र के तहत आईएसबीटी, हरिद्वार बाईपास मार्ग पर योग नगरी रेलवे स्टेशन के सामने, टीएचडीसी, आईडीपीएल, गुमानीवाला एवं सत्यनारायण आदि क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान चलाया। मोटर व्हीकल ऐक्ट का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर शिकंजा कसा। परिवहन कर अधिकारी अनिल कुमार भारती ने बताया कि सघन चेकिंग अभियान के दौरान ओवरलोडिंग, किराया सूची चस्पा नहीं करने और कागजात की कमी पर 21 व्यावसायिक वाहनों का चालान किया है। जबकि परमिट, इंश्योरेंस, ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होने पर चार वाहन सीज किए हैं। सीज वाहनों को एआरटीओ में खड़ा कर दिया गया है।
इससे पहले हरिद्वार बाईपास मार्ग स्थित एआरटीओ कार्यालय में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन मोहित कोठारी ने ऑटो, विक्रम और ई-रिक्शा यूनियन पदाधिकारियों की बैठक ली। इसमें उन्होंने सभी को यातायात नियमों का पालन करने और वाहनों में किराये की रेट लिस्ट चस्पा करने के निर्देश दिए। रेट लिस्ट चस्पा नहीं होने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।

मौसम विभाग की चेतावनी पर मुख्य सचिव ने अलर्ट रहने को कहा

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने उत्तराखण्ड के विभिन्न हिस्सों में भारी से बहुत भारी वर्षा के दृष्टिगत कमिश्नर गढ़वाल एवं कुमाऊं सहित सभी जिलाधिकारियों को सभी आवश्यक कदम उठाते हुए आने वाली चुनौती के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने भारी बारिश की सम्भावना को देखते हुए प्रत्येक स्तर पर सतर्कता बरते जाने एवं सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के भी निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र एवं सभी जिला आपातकालीन परिचालन केंद्रों में सभी विभागों द्वारा सक्षम स्तर के नोडल अधिकारियों को तैनात किए जाने के निर्देश दिए ताकि आपदा जैसी परिस्थितियों में नोडल अधिकारी निर्णय लेने एवं निर्देश देने हेतु अधिकृत हों।

मिनिमम रिस्पांस टाइम किया जाए सुनिश्चित-मुख्य सचिव
मुख्य सचिव ने पूरे मानसून काल में आपदा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर सडकें टूटने अथवा धंसने की स्थिति में सड़कों पर यातायात सुचारू करने हेतु जेसीबी एवं पोकलैंड मशीनें तैनात किए जाने के निर्देश दिए हैं ताकि आम जनता को आवागमन में कोई परेशानी का सामना ना करना पडे़। उन्होंने पेयजल व विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे मानसून के दौरान विद्युत एवं पेयजल सुचारू रखने हेतु दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अभी से उपकरण अथवा सामग्री स्टोर करें ताकि मानसून के दौरान विद्युत एवं पेयजल बाधित होने पर तत्काल सुचारू किया जा सके।

नदियों एवं बैराजों के जलस्तर पर रखी जाए पैनी नजर
मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के निर्देश दिये कि वे वर्षाकाल में नदियों व बैराजों के जलस्तर पर पैनी नजर रखने के साथ ही बाढ़ चौकियों को सक्रिय करते हुये नदियों का जलस्तर बढ़ने पर चेतावनियां एवं मुनादी आदि जारी करने हेतु व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए ताकि जानमाल की हानि को रोका जा सके। उन्होंने सभी राजस्व उपनिरीक्षक, ग्राम विकास अधिकारियों एवं ग्राम पंचायत अधिकारियों को भी अपने-अपने कार्यस्थलों में बने रहने हेतु निर्देशित किया है। साथ ही, सभी चौकियों एवं थानों में भी आपदा सम्बन्धी उपकरणों एवं वायरलैस सहित हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।

खाद्यान्न एवं संचार की समुचित व्यवस्था की जाए सुनिश्चित
मुख्य सचिव ने वर्षा काल के दौरान अथवा आपदा जैसी परिस्थितियों हेतु चिन्हित खाद्यान्न गोदामों में खाद्यान्न की समुचित मात्रा की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने हेतु निर्देश दिए। उन्होंने आपदा के दृष्टिगत दुर्गम स्थलों में दूरसंचार व्यवस्था सुचारू बनाए रखने हेतु एस०डी०आर०एफ० द्वारा उपलब्ध कराए गए सैटेलाइट फोन्स को भी एक्टिव रखने हेतु निर्देश दिए। साथ ही, पैरामेडिकल स्टाफ, दवाईयों एवं आवश्यक उपकरणों की समुचित मात्रा सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने जनसामान्य से भी अपील की है कि भारी बारिश की सम्भावना को देखते हुए अत्यधिक आवश्यक होने पर ही बाहर निकलें। उन्होंने श्रद्धालुओं से भी चारधाम यात्रा एवं कांवड़ यात्रा पर मौसम के अनुसार ही निकलने की सलाह दी है।
मुख्य सचिव के निर्देश पर सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा द्वारा सभी जिलाधिकारियों एवं आपदा से सम्बन्धित विभागाध्यक्षों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उनके स्तर पर की गई तैयारियों के संबंध में विचार विमर्श कर की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा की। सचिव आपदा प्रबंधन ने मैदानी जिलों के जिलाधिकारियों से बाढ़ चौकियों के साथ बाढ़ नियंत्रण टीमों के गठन के साथ ही आवश्यकता के दृष्टिगत बोट आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने आपदा प्रभावितों को खाद्यान्न एवं पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था के साथ ही पशुओं के चारे आदि को भी समय से प्रबंधन करने को कहा। सचिव आपदा प्रबंधन द्वारा पर्वतीय जनपदों के जिलाधिकारियों से भी आपदा प्रबंधन से संबंधित तैयारियों की समीक्षा की तथा उनके स्तर पर की गई व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने सभी डेमों के निरीक्षण करने, नदियों में पानी बढ़ने की स्थिति की त्वरित सूचना प्रेषण, साइरन सिस्टम, वायरलेस सिस्टम को भी प्रभावी बनाने को कहा। आपदा की स्थिति में बल्क एसएमएस की भी व्यवस्था बनाये जाने के उन्होंने निर्देश दिये, उन्होंने जरूरत पड़ने पर हेलीकॉप्टर की व्यवस्था बनाये जाने की बात कही।
सचिव आपदा द्वारा आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के साथ ही सिंचाई, लोक निर्माण, पेयजल, विद्युत, खाद्यान्न, स्वास्थ्य आदि विभागों के प्रमुखों से भी वार्ता कर व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की तथा सभी से समन्वय के साथ कार्य करने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को धनराशि उपलब्ध करायी जा चुकी है। सभी जिलाधिकारियों ने सचिव आपदा को अवगत कराया कि उनके स्तर पर एहतियातन आवश्यक व्यवस्थायें कर दी गई है।

ऑनलाइन टैक्सी सर्विस के संचालन को लाइसेंस दिए जाने का विरोध जताया

टैक्सी चालकों एवं मालिकों ने सोमवार को प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। टैक्सी संचालकों ने उत्तराखंड में ऑनलाइन टैक्सी सर्विस के संचालन को लाइसेंस दिए जाने पर आक्रोश जताया है। उन्होंने प्रदेश सरकार से इसे जल्द निरस्त करने की मांग की है।
सोमवार को गढ़वाल मंडल टैक्सी चालक एवं मालिक एसोसिएशन ने ऋषिकेश में हरिद्वार मार्ग स्थित कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। एसोसिएशन के अध्यक्ष विजयपाल सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड प्रदेश में रोजगार के सीमित संसाधन होने के कारण टैक्सी व्यवसाय ही एकमात्र रोजगार का माध्यम है। ऐसे में धामी सरकार ऑनलाइन टैक्सी सर्विस को उत्तराखंड में संचालित कर स्थानीय टैक्सी संचालकों के हितों पर कुठाराघात करने का काम कर रही है। इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। कहा कि प्रदेश सरकार को उक्त तुगलकी फरमान तुरंत वापस लेना चाहिए। एसोसिएशन सदस्यों ने एआरटीओ अरविंद पांडेय के जरिए सीएम को ज्ञापन भी भेजा। मौके पर एसोसिएशन सचिव विजेंद्र कंडारी, सह सचिव रमेश सिंह रावत, कोषाध्यक्ष उमेश चौहान, कार्यकारिणी सदस्य अनुपम भाटिया, अमर सिंह, वीरेंद्र कुमार मिश्रा, छोटेलाल दीक्षित, गोपाल दत्त, महावीर सिंह, राधेश्याम, पूरण सिंह रावत, टीकम सिंह रावत, नरेंद्र सिंह चौहान, राम कुमार चौहान, राजीव शर्मा आदि उपस्थित रहे।