पूर्व मंत्री अग्रवाल ने जाना मायाकुंड में गंगा के जलस्तर से प्रभावित लोगों का हाल विधायक

क्षेत्रीय विधायक व पूर्व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने स्थानीय प्रशासन के साथ अत्यधिक वर्षा से जलमग्न हुए गंगा समीप मायाकुंड क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान खतरे के निशान से ऊपर बह रही गंगा नदी के जलस्तर का भी निरीक्षण किया। डा. अग्रवाल ने मौके पर मौजूद लोगों से नदी तट छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील भी की।

डा. अग्रवाल ने मेयर शंभु पासवान, एसडीएम योगेश मेहरा के साथ मायाकुंड के गंगा नदी से सटे क्षेत्र का निरीक्षण किया। डा. अग्रवाल ने कहा कि उत्तरकाशी में अत्यधिक वर्षा के कारण भारी नुकसान हुआ है। इसी तरह मैदानी क्षेत्रों में भी लगातार हो रही वर्षा के कारण गंगा की सहायक नदियों जैसे चंद्रभागा का जलस्तर भी बढ़ा है। बताया कि इसके चलते गंगा नदी का जलस्तर बढ़कर खतरे के निशान के ऊपर चला गया है।

डा. अग्रवाल ने बताया कि गंगा नदी के तट पर लगभग जितनी भी झोपड़ियां थी। बढ़ते जलस्तर की चपेट में आ गईं हैं। डा. अग्रवाल ने एसडीएम और एमएनए को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रभावित लोगों को कैंप के माध्यम से राहत पहुंचाएं। बताया कि राइंका विद्यालय में बने राहत कैंप के अलावा आवश्यकतानुसार कैंप बढ़ाएं जाएं, जिससे प्रभावितों को राहत मिले।

डा. अग्रवाल ने एसडीएम को निर्देशित किया कि कैंप में प्रभावितों की भोजन की व्यवस्था भी करें। इसके अलावा अन्य लोगों को राशन व राहत राशि भी दी जाएगी। डा. अग्रवाल ने नगर निगम और प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि लगातार जागरूकता अभियान जैंसे लाउड स्पीकर के जरिए लोगों को नदी तट से दूर रहने के लिये कहा जाए।

डा. अग्रवाल ने कहा कि सरकार प्रभावितों के साथ हैं, फिर भी सुरक्षित स्थान पर जाएं। इसके अलावा डा. अग्रवाल ने त्रिवेणी घाट पर भी गंगा के बढ़ते जलस्तर का निरीक्षण किया और वहां मौजूद लोगों से गंगा तट से सुरक्षित स्थान पर जाने का अनुरोध किया। साथ ही पुलिस टीम को हर समय यहां मौजूद रहने के लिये कहा। इसके अलावा सिंचाई विभाग को टूटे हुए तट को व्यवस्थित करने के लिये कहा।

इस अवसर पर मेयर शंभु पासवान, एसडीएम योगेश मेहरा, नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल, पार्षद अजय दास, उपखंड अधिकारी सिंचाई विभाग सुरेंद्र सिंह, चौकी इंचार्ज विनेश कुमार, रजिस्ट्रार कानूनगो सुनील चौधरी, जितेंद्र पाल, रवि बिष्ट, विश्वजीत हलधर, हर्ष पाल, अविनाश शाह, राजीव मिस्त्री आदि उपस्थित रहे।

एमडीडीए उपाध्यक्ष ने अवैध निर्माणों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई के दिए निर्देश

प्रदेश में तेजी से फैल रहे अवैध निर्माणों के खिलाफ अब सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी कीमत पर सरकारी जमीनों पर अवैध निर्माण, अवैध कब्जा या प्लॉटिंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी क्रम में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ सख्त समीक्षा बैठक की।

बैठक में उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने साफ कहा कि सरकारी जमीनों पर अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी फील्ड अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सेक्टर्स वाइज सघन निरीक्षण कर अवैध निर्माणों को तत्काल चिन्हित करें और त्वरित कार्यवाही करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि प्राधिकरण का कोई अधिकारी लापरवाही करता पाया गया तो उसकी व्यक्तिगत जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में कई निर्णायक फैसले लिए गए और साफ कहा गया कि अब कार्रवाई से ही व्यवस्था सुधरेगी।

बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं-

’अवैध निर्माणों पर रोक के लिए सचल दस्ता गठित’
एमडीडीए द्वारा अब सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए सचल दस्ते गठित किए जाएंगे, जो विभिन्न सेक्टरों में सघन निरीक्षण कर अवैध निर्माणों पर निगरानी रखेंगे। हर क्षेत्र में दस्ते नियमित रूप से गश्त करेंगे और किसी भी गतिविधि पर तुरंत प्रतिक्रिया देंगे।

’सरकारी भूमि पर अवैध निर्माणों पर त्वरित कार्रवाई’
जहां कहीं भी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा या निर्माण होता पाया गया, उस पर सीलिंग/ध्वस्तीकरण की कार्यवाही तत्काल की जाएगी।

’संवेदनशील और प्रतिबंधित क्षेत्रों में विशेष निगरानी’
गंगा नदी के किनारे, आईएमए, डीआरडीओ जैसे सुरक्षा महत्व के क्षेत्रों, और हाईटेंशन लाइन के नीचे हो रहे निर्माणों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

’व्यवसायिक भवनों में वाटर कन्जरवेशन अनिवार्य’
नवनिर्मित और पूर्व निर्मित व्यवसायिक इमारतों में वाटर कंजर्वेशन सिस्टम की जांच की जाएगी। जहां यह व्यवस्था नहीं मिलेगी, वहां आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

’अवैध प्लॉटिंग पर जनता को किया जाएगा जागरूक’
जिन सरकारी जमीनों पर अवैध प्लॉटिंग की गई है, वहां क्रय-विक्रय न हो इसके लिए आम जनता को जागरूक किया जाएगा। साथ ही, आवश्यक आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इस अभियान में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं होगी और फील्ड स्तर पर निरंतर निगरानी और रिपोर्टिंग की व्यवस्था की जाए। यह अभियान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी शासन व्यवस्था की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जहां कानून का राज और जनहित सर्वाेपरि है।

जिला प्रशासन का एक्शन, कैंब्रियन हॉल स्कूल को जारी करनी पडा, कही से भी खरीदें किताबें और ड्रेस

मुख्यमंत्री के निर्देश और जिला प्रशासन के आक्रामक रवैये से कैंब्रियन हॉल स्कूल अब बैकफुट पर आ गया है। स्कूल ने मनमाने तरीके से 10 प्रतिशत फीस वृद्वि को 05 प्रतिशत कम कर दिया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों पर नियमों का पालन न करने वाले स्कूलों के खिलाफ कडा एक्शन लिया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा स्कूल पर सख्त प्रवर्तन एक्शन के बाद अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है।
‘भय बिनु होई न प्रीति‘ कहावत को चरितार्थ करता जिला प्रशासन; नामी गिरामी निजी स्कूलों पर शिकंजा, दसियों व्यथित अभिभावक झंुड ने जब लगाई डीएम से गुहार, बस तभी से कार्यवाही का सिलसिला शुरू हो गया है। अब निजी नामी कैब्रियन स्कूल पर प्रशासन ने शिंकजा कस दिया है। मा0 सीएम की डीएम को सख्त हिदायत है कि शिक्षा का मंदिर नहीं बनेगा व्यवसाय का अड्डा, जिला प्रशासन ने स्कूल संचालकों के पेंच कस दिए है। तमीज, आग्रह, उदबोधन से नही आए बाज; तो जनहित लागू करवाना प्रशासन जानता है। मई में स्कूलों को जारी आदेश की अवहेलना, शिकायत पर डीएम का सख्त प्रवर्तन एक्शन, स्कूल से ही 5 प्रतिशत् पर खिंचवाई फीस की लकीर। जिले के नामी गिरामी स्कूल को करनी पड़ी फीस कम, अभिभावकों से अब तक वसूली गई अधिक फीस अब आगे घटाते हुए समायोजित करेगें दी लिखित अण्डरटेकिंग दी है। मा0 सीएम के निर्देश, शिकायत पर जिला प्रशासन ने विगत मई में ही कई निजी स्कूलों की कुंडली खंगाली है। जिला प्रशासन का एक्शन, स्कूल को जारी करनी पड़ा कही से भी खरीदें किताबें और ड्रेस का पत्र। स्कूल पर जिला प्रशासन का सख्त प्रवर्तन एक्शन से अभिभावकों को बड़ी राहत मिल गई है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिक्षा सबका अधिकार, अभिभावकों और बच्चों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा शिकायत मिली तो मान्यता निरस्त करने की कार्यवाही की जाएगी।
दरअसल, जिलाधिकारी की अध्यक्षता में 14 जुलाई को आयोजित जनता दरबार में मोनिका राणा एवं अन्य अभिभावकों ने शिकायत दर्ज की थी कि जिला प्रशासन के प्रतिबंधों के बावजूद भी कैम्ब्रियन स्कूल द्वारा फीस कम नही की गई है। स्कूल प्रशासन द्वारा मनमाने ढंग से फीस बढ़ाई गई है। जिससे अभिभावकों को अपने बच्चों की पढाई के लिए आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड रहा है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने अभिभावकों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में गठित जिला प्रशासन की कोर टीम को प्रकरण की जांच करने और कैम्ब्रियन स्कूल की सीबीएससी संबद्वता हेतु राज्य सरकार द्वारा निर्गत एनओसी रद्व करते हुए स्कूल के खिलाफ सख्त प्रवर्तन एक्शन लेने के निर्देश दिए गए। इस पर मुख्य विकास अधिकारी एवं मुख्य शिक्षा अधिकारी ने कैम्ब्रियन स्कूल को नोटिस जारी करते हुए स्कूल प्रिसिंपल को तलब किया और फीस स्ट्रक्चर की जांच के दौरान 30 मई को दिए गए आदेशों का अनुपालन करने की कडी हिदायत दी गई। मानक से अधिक फीस बढ़ाने पर सख्त हिदायत के बाद निजी स्कूल बैकफुट पर आया। 
स्कूल प्रशासन ने मनमाने तरीके से बढ़ाई 10 प्रतिशत फीस को 05 प्रतिशत तक कम कर दिया है। साथ ही स्कूल प्रशासन ने 18 जुलाई को अभिभावकों को एडवाइजरी जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि अभिभावकों से वसूल किए गए अधिक शुल्क को आगामी महीनों के शुल्क में घटाते हुए समायोजित किया जाएगा। ऐसे अभिभावक जिन्होंने अभी तक फीस जमा नही की है, उन पर कोई बिलंब शुल्क भी नही लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्र जिनका कम्प्यूटर साइंस विषय नहीं है, उनसे कंप्यूटर फीस नही ली जाएगी। अभिभावक किसी भी बुक सेलर दुकान से किताबें और ड्रेस खरीद करने के लिए स्वतंत्र है।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि निर्धारित मानक से अधिक फीस, अभिभावकों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कहीं से भी शिकायत प्राप्त हुई, तो इस पर सख्त से सख्त एक्शन लिया जाएगा और ऐसे स्कूलों की मान्यता निरस्त की जाएगी। कहा कि शिक्षा के मंदिर को व्यवसाय का अड्डा नहीं बनने दिया जाएगा। जिला प्रशासन की स्कूलों पर सख्त प्रवर्तन एक्शन के बाद अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है।  

विधवा के घर को बीमा कंपनी ने किया जब्त, डीएम ने संज्ञान लेकर कंपनी की सील

बैंकिंग संस्थाएं और नान बैंकिंग फाइनेंस कंपनियां (एनबीएफसी) ऋण की वसूली के लिए नियम कायदों के साथ ही मानवता को भी तार-तार कर रही हैं। ऋण का बीमा होने के बाद भी ऋण लेने वाले व्यक्ति के साथ कोई अनहोनी हो जाने की दशा में बीमा से उसकी भरपाई नहीं की जा रही। बल्कि, ऋण लेने वाले व्यक्तियों का उत्पीड़न उपद्रवी और अपराधी प्रकृति के एजेंटों के माध्यम से कराया जा रहा है।

ऐसी ही एक मामले में फाइनेंस कंपनी सीएसएल फाइनेंस लिमिटेड ने पति की मौत के बाद उनकी पत्नी से न सिर्फ जबरन ऋण की वसूली की, बल्कि घर भी जब्त कर लिया। हालांकि, जिलाधिकारी सविन बंसल ने इस कृत्य को नाकाबिले बर्दाश्त करार देते हुए फाइनेंस कंपनी की आरसी काटने के बाद सोमवार को उसकी शाखा को सील भी करा दिया।

फाइनेंस कंपनी की ओर से किए जा रहे उत्पीड़न की यह कहानी झाझरा निवासी प्रिया की है। प्रिया के पति विकास ने न्यू कैंट रोड स्थित सीएसएल फाइनेंस लि. से अप्रैल 2024 में 6.5 लाख रुपए का गृह ऋण लिया था। कंपनी के ही कहने पर ऋण का टाटा एआइ लाइफ इंश्योरेंस कंपनी से बीमा भी कराया गया था। बीमा के दौरान आवश्यक शारीरिक परीक्षण भी कराए गए थे।

जुलाई 2024 में विकास की आकस्मिक मृत्यु हो जाने पर प्रिया पर अपनी चार छोटी बच्चियों के परवरिश की जिम्मेदारी आ गई। खराब आर्थिक स्थिति के चलते प्रिया ने ऋण अदा करने में असमर्थता जताई। लेकिन, फाइनेंस कंपनी ने एक नहीं सुनी और ऋण की वसूली बीमा से करने की जगह एजेंटों के माध्यम से प्रिया को परेशान करना शुरू कर दिया। कुछ समय बाद एजेंटों ने प्रिया का घर भी जब्त कर लिया।

दर-दर भटकने के बाद 11 जुलाई को प्रिया बच्चियों के साथ जिलाधिकारी सविन बंसल की जनसुनवाई में पहुंचीं और न्याय की गुहार लगाई। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर अगले ही दिन फाइनेंस कंपनी की आरसी काट दी गई थी। कंपनी को 18 जुलाई तक प्रिया का घर और कागजात वापस लौटकर नो ड्यूज जारी करने का आदेश दिया गया था।

इसके बाद भी फाइनेंस कंपनी ने जब कुछ नहीं किया तो प्रशासन की टीम ने सोमवार को कंपनी की शाखा को सील कर दिया। इसके साथ ही कंपनी की संपत्ति की नीलामी की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।

हरेला पर्व पर राज्यव्यापी पौधारोपण अभियान, सीएम ने रोपा रुद्राक्ष का पौधा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला के पावन अवसर पर गोरखा मिलिट्री इंटर कॉलेज परिसर, देहरादून में “हरेला का त्योहार मनाओ, धरती माँ का ऋण चुकाओ” थीम पर आयोजित राज्यव्यापी पौधारोपण कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए समस्त प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने रुद्राक्ष का पौधा रोपा।

हरेला हमारी संस्कृति और चेतना का पर्व है
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि उत्तराखंड की संस्कृति, प्रकृति और चेतना से जुड़ा एक गहरा भाव है, जो हमें पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारियों की याद दिलाता है। उन्होंने बताया कि हरेला पर्व के दिन लगभग 5 लाख पौधे रोपे जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन विभाग के प्रत्येक डिवीजन में 50 प्रतिशत फलदार पौधे लगाए जाने का लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने कहा कि इस महाभियान में सरकार द्वारा जनसहभागिता, स्वयंसेवी संगठनों, छात्र-छात्राओं, महिला समूहों और पंचायतों का सहयोग लिया जा रहा है।

पेड़ बनना ही पौधारोपण की सच्ची सफलता
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल की जाए, जब तक वे वृक्ष का रूप न ले लें। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता से समृद्ध राज्य है, जिसकी रक्षा करना हम सभी का नैतिक कर्तव्य है।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण को नया आयाम
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे ‘पंचामृत संकल्प’, ‘नेट ज़ीरो इमिशन’, ‘लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट’ और ‘एक पेड़ माँ के नाम’ जैसे अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार भी इन्हीं मूल्यों को आत्मसात करते हुए कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष देशभर में 108 करोड़ पौधे लगाए जाने का लक्ष्य रखा गया है।

जल स्रोतों के संरक्षण हेतु ठोस पहलः एसएआरआरए का गठन
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पर्यावरण संरक्षण के लिए ‘स्प्रिंग एंड रिवर रिजुविनेशन अथॉरिटी का गठन किया गया है। इसके माध्यम से अब तक 6,500 से अधिक जल स्रोतों का संरक्षण और 3.12 मिलियन घन मीटर वर्षा जल का संचयन किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है और वाहनों में कूड़ेदान अनिवार्य कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन के विशेष अवसरों पर एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी देखभाल करें, जिससे पर्यावरण संरक्षण को जनांदोलन बनाया जा सके।

कृषि मंत्री गणेश जोशी और वन मंत्री सुबोध उनियाल ने भी दी शुभकामनाएं
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड में श्रावण मास में हरेला पूजन के उपरांत वृक्षारोपण करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है, जो हमारी सांस्कृतिक चेतना और पर्यावरणीय जिम्मेदारी का प्रमाण है। हरेला पर्व हमें यह सिखाता है कि प्रकृति की रक्षा करना केवल दायित्व नहीं, बल्कि एक पुनीत कर्तव्य है।

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि लोकपर्व हरेला प्रदेश के 2,389 स्थानों पर मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में हरेला पर्व पर लगाए गए पौधों का सर्वाइवल रेट 80 प्रतिशत से अधिक रहा है। उन्होंने जल स्तर में हो रही गिरावट को गंभीर चिंता का विषय बताया और कहा कि इसके लिए हमें पौधारोपण एवं जलधाराओं के संरक्षण हेतु निरंतर प्रयास करने होंगे।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, खजान दास, देहरादून के मेयर सौरभ थपलियाल, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख वन संरक्षक समीर सिन्हा सहित वन विभाग के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

सीएससी आम लोगों के विश्वास का केंद्र होने के साथ लोगों की आकांक्षाओं को करता है पूराः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आई.आर.डी.टी ऑडिटोरियम, सर्वे चौक, देहरादून में सी.एस.सी (कॉमन सर्विस सेंटर) दिवस-2025 के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने सीएससी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सीएससी वी.एल.ई पुरस्कार से भी सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएससी उस परिवर्तन का प्रतीक है, जो देश के कोने-कोने तक पहुंच गया है। यह आम लोगों के विश्वास का केंद्र होने के साथ-साथ लोगों की आकांक्षाओं को भी पूरा करता है। सीएससी के माध्यम से शहरों की सेवाएं एक क्लिक में गांव तक पहुंच रही हैं तथा देश की ग्राम पंचायतें डिजिटल पंचायतें बन रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में सीएससी की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएससी संचालक ग्राम स्तर पर लोगों के जीवन को सरल और सुगम बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीएससी संचालक गांव के भविष्य को संवारने का कार्य कर रहे हैं। सीएससी ने डिजिटल सेवाओं को घर-घर तक पहुंचाने के साथ ही समाज में रोजगार के अवसर भी पैदा किए हैं। उत्तराखंड राज्य में 13 हजार से अधिक सीएससी संचालित हैं। इनके माध्यम से यूसीसी पंजीकरण, विभिन्न प्रमाण पत्रों और डिजिटल ट्रांजेक्शन जैसे विभिन्न कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में साइंस बेस्ड नॉलेज इकोनॉमी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल इंडिया के संकल्प को देश के सामने रखा था, जो आज पूरा होता हुआ दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रांति सरकार की स्पष्ट नीति और नियत का उदाहरण है। भारत के गांव-गांव में डिजिटल क्रांति पहुंच गई है। दुनिया में सबसे अधिक डिजिटल ट्रांजेक्शन भारत में हो रहे हैं। आज देश की छोटी से छोटी दुकान में भी डिजिटल ट्रांजेक्शन का उपयोग हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में डिजिटल इंडिया अभियान के अंतर्गत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कम्प्यूटिंग जैसी उन्नत तकनीकों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य सरकार डिजिटल और नवाचार को निरंतर बढ़ावा दे रही है। विभिन्न सरकारी सेवाओं को ई-गवर्नेंस के अंतर्गत ऑनलाइन करके सरल बनाया गया है। ई-टूरिज्म के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। मौसम पूर्वानुमान और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में भी डाटा एनालिटिक्स और सैटेलाइट इमेजरी का उपयोग किया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, विधायक उमेश शर्मा काऊ, भगवान पाटिल, कृष्ण कुमार सिंह, अश्विनी कुमार एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।

रायपुर में अतिवृष्टि से हुए नुकसान का सीएम ने लिया जायजा, स्थानीयों से की वार्ता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में रायपुर क्षेत्र के अंतर्गत अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने किरसाली चौक, आई.टी पार्क, ननूरखेड़ा, आमवाला, तपोवन, शांति विहार में स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुनते हुए कहा कि जनता की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन को प्रभावित लोगों को हर संभव मदद पहुंचाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने नियमित रूप से नालियों की सफाई करने और जलभराव वाले क्षेत्रों में ड्रेनेज की समुचित व्यवस्था किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतते हुए चेतावनी बोर्ड भी लगाए जाएं।

मुख्यमंत्री ने स्थानीय पुलिस बलों, सभी विभागों को भी अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी आकस्मिकता की स्थिति में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। साथ ही रिस्पॉन्स समय को कम से कम रखते हुए प्रभावित लोगों की जान माल की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास करें।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रुहेला, विधायक उमेश शर्मा काऊ एवं जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।

निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव की जारी की अधिसूचना

राज्य निर्वाचन आयोग ने उत्तराखंड में पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है। इस बार हरिद्वार जनपद को छोड़कर प्रदेश के अन्य 12 जनपदों में पंचायत चुनाव संपन्न कराए जाएंगे। आयोग ने पूरी चुनावी प्रक्रिया की रूपरेखा तय कर दी है।

चुनाव की शुरुआत नामांकन प्रक्रिया से होगी, जो 25 जून से 28 जून तक चलेगी। नामांकन पत्र प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक दाखिल किए जा सकेंगे। इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच 29 जून से 1 जुलाई तक की जाएगी, जबकि नाम वापसी की अंतिम तिथि 2 जुलाई निर्धारित की गई है।

निर्वाचन दो चरणों में संपन्न होगा। पहले चरण के लिए चुनाव चिन्ह 3 जुलाई को वितरित किए जाएंगे और मतदान 10 जुलाई को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक होगा। वहीं, दूसरे चरण में चिन्हों का वितरण 8 जुलाई को होगा और मतदान 15 जुलाई को कराया जाएगा।

चुनाव परिणामों की मतगणना 19 जुलाई को की जाएगी। जिलों में संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी स्थानीय स्तर पर विस्तृत सूचना जारी करेंगे।

राष्ट्रपति ने योग को भारत की सॉफ्ट पावर का एक सशक्त उदाहरण बताया

11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर देहरादून रेस कोर्स स्थित पुलिस लाइन में भव्य योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कार्यक्रम में भाग लिया और योग को भारत की सॉफ्ट पावर का एक सशक्त उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि मानसिक और आत्मिक संतुलन का माध्यम है। भराड़ीसैंण से लेकर देहरादून तक योग दिवस की धूम देखने को मिली। कार्यक्रम में हजारों लोगों ने एक साथ योग कर विश्व को भारत का शांति संदेश दिया।

राष्ट्रपति मूर्मु दून में राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में हुई शामिल

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि किसी देश या समाज की प्रगति का असली पैमाना यह है कि वहां दिव्यांगजनों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता है। भारत का इतिहास संवेदनशीलता और समावेशिता के प्रेरक प्रसंगों से भरा पड़ा है। हमारी संस्कृति में करुणा और प्रेम के भाव सदैव से शामिल रहे हैं। राष्ट्रपति देहरादून स्थित राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुईं।

उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों के सामने कई बाधाएं रही हैं, जिन्हें दूर करने के लिए समावेशी दृष्टिकोण और निरंतर प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि ‘सुगम्य भारत अभियान’ के माध्यम से सरकार दिव्यांगजनों के लिए सुलभ वातावरण, परिवहन और सूचना तंत्र विकसित कर रही है, ताकि वे समान भागीदारी कर सकें। उन्होंने कहा कि आज का युग विज्ञान और तकनीक का है। उन्नत तकनीक की सहायता से दिव्यांगजन भी देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर देकर दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना बेहद जरूरी है। राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं ताकि वे भी समान अवसरों के साथ आगे बढ़ सकें। इस दौरान राष्ट्रपति ने संस्थान परिसर में माडल स्कूल की विज्ञान प्रयोगशाला और कंप्यूटर प्रयोगशाला का निरीक्षण किया। इसके साथ ही दिव्यांगजनों की प्रतिभा को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनी भी देखी।

राष्ट्रपति ने छात्रों से संवाद कर उनकी पढ़ाई-लिखाई और प्रशिक्षण के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति भवन परिसर में दिव्यांगजनों द्वारा संचालित कैफे इसका उदाहरण है कि अवसर मिलने पर दिव्यांगजन किसी से पीछे नहीं हैं। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ने श्पर्पल फेस्टश् का भी जिक्र किया, जिसमें दिव्यांगजनों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि समाज को चाहिए कि वह जीवन के हर क्षेत्र में दिव्यांगजनों को समान अवसर दे, ताकि उनका आत्मविश्वास बढ़े और वे देश के विकास में सहभागी बन सकें। राष्ट्रपति ने कहा कि दिव्यांगजन अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे देश का गौरव बन सकते हैं।

राष्ट्रपति ने बच्चों के बीच जन्मदिन मना कर दिया संदेश रू केंद्रीय मंत्री केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दृष्टिबाधित बच्चों के बीच अपना जन्मदिन मना कर समाज को प्रेरणादायी संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि वंचित बच्चों के बीच जाकर अपना जन्मदिन मनाएं तो बच्चों में ऊर्जा का संचार होता है और वे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होते हैं। मंत्री ने बताया कि संस्थान में अब दृष्टिबाधित बच्चे विज्ञान और गणित की पढ़ाई कर रहे हैं। पिछले वर्ष दो और इस वर्ष पांच छात्रों ने विज्ञान वर्ग में दाखिला लिया है।

यह संस्थान देशभर में एक आदर्श माडल बन रहा है और आगे मंत्रालय के सभी नौ संस्थानों में भी इसे शुरू किया जाएगा। दृष्टिबाधित बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध रू मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने ‘विकलांग’ के स्थान पर ‘दिव्यांग’ शब्द देकर समाज में सकारात्मक सोच विकसित की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हम दृष्टिबाधित बच्चों की आंखों की रोशनी तो नहीं लौटा सकते, लेकिन उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। समर्थता दृष्टि में नहीं, संकल्प में होती है रू राज्यपाल राज्यपाल ले. जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने दृष्टिबाधित बच्चों की प्रतिभा और आत्मविश्वास की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन बच्चों ने यह साबित कर दिया है कि समर्थता दृष्ट में नहीं, बल्कि संकल्प में होती है।

बच्चों ने जिस आत्मविश्वास, सृजनशीलता के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, वह राष्ट्र की नई चेतना व आत्मनिर्भर भारत के भाव को व्यक्त करता है। कहा कि इन बच्चों में वही ऊर्जा, वहीं क्षमता और वही जुनून है, जो एक सशक्त व विकसित भारत का निर्माण कर सकते हैं। आज का भारत एक परिवर्तनकारी दौर से गुजर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। आप सभी से अनुरोध है कि आप राष्ट्र सर्वाेपरी के मंत्र को आत्मसात करें।