भरणपोषण एक्ट में दायर किया था बुजुर्ग दंपति ने डीएम न्यायालय में केस, बेदखल न करने का डीएम ने किया आग्रह

देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल के सम्मुख एक बुजुर्ग दम्पति ने अपने पुत्र एवं पुत्र वधु को बेदखली करने की फरियाद लगाई कि उनको अपने घर से बेदखल करने का डीएम से अनुरोध किया।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने 2 सुनवाई में ही कैस समझते हुए परिजनों के आपसी विवाद जो परिवार के विखण्डन का कारण बन रहा था को अपनी सूजबूझ से बुजुर्ग दंपत्ति को समझाते हुए अपने तीन नौनिहालों वाले बेटे बहु को बेदखल न करने का आग्रह किया। दोनों पक्षों को समझाया जिससे परिवार को टूटने से बचाने का प्रयास किया है। जहां जिलाधिकारी ने परिजनों को एक-दूसरे के कर्तव्य एवं जिम्मेदारियों का स्मरण कराया वहीं परिजनों को आपस में साथ रहने का अनुरोध किया। जिलाधिकारी ने परिजनों को साथ-साथ रहने का अनुरोध किया था निर्धन बेटा-बहु को बुजुर्गों को साथ रखने तथा बुजुर्ग दम्पति को इस अवस्था में पुत्र एवं उसके परिवार का साथ नही छोड़ने के प्रेरित किया। बजुर्ग दम्पति ने बेटे-बहुुुुु से नाराज होकर न्यायालय जिला मजिस्टेªट कोर्ट में भरणपोषण अधिनियम में वाद दर्ज कराया था।
22 अगस्त 2025 को खुड़बुड़ा निवासी बुजुर्ग दम्पति जसंवत सिंह व उनकी पत्नी जिलाधिकारी कार्यालय कक्ष में उनसे मिलकर जिल पुत्र तथा पुत्रवधु द्वारा प्रताड़ित करने की शिकायत की तथा पुत्रवधु को बेदखल करने का अनुरोध किया।
जिलाधिकारी सविन बसंल ने दोनो पक्षों को सुना तथा परिजनों का आपसी मनमुटाव दूर कराते हुए आपस में मिलजुलकर रहने की सलाह दी है। जिला प्रशासन की इसकी निरंतर मॉनिटिरिंग करेगा तथा दोनो पक्षों को आपस में मिलजुलकर रहने तथा एक- दूसरे के अधिकारों का अतिक्रमण नही करने का आग्रह किया गया। निर्धन पुत्र व पुत्रवधु एवं बुजुर्ग माता-पिता में सुलह से एक परिवार टूटने से बचने का प्रयास किया।

बुजुर्ग दंपति के 4 पुत्र है जिनमें दो पुत्र अपने परिवार संग अलग रहते हैं, तथा एक दिव्यांग पुत्र तथा पुत्र बंसी जिसके विरुद्ध दंपति ने भरण पोषण अधिनियम में केस दर्ज किया था, उसके 3 नाबालिग बच्चे हैं, जिनमें 2 बालिका तथा 1 बालक है, बेटे का कपड़े का अल्प व्यवसाय है तथा आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जिलाधिकारी ने बुजुर्ग दंपति से आग्रह किया कि अपने बेटे बहु तथा नाबालिग नौनिहालों को अपनी घर कुटिया से ना निकाले साथ ही बेटे बहु को बुजुर्गों के प्रति उनके कर्तव्य एवं जिम्मेदारियां भी स्मरण कराई।

उत्तराखंडः धरातल पर दिखाई दे रहा महिला सशक्तिकरण को समर्पित प्रोजेक्ट ऑटोमेटेड पार्किंग

देहरादून शहर में निर्माणाधीन स्मार्ट ऑटोमेटेड पार्किंग का कार्य पूर्ण ही गया है तथा इसका कोरोनेशन तथा परेड ग्राउंड में पार्किंग का संचालन भी शुरू हो गया है । जल्द ही यह पार्किंग मुख्यमंत्री द्वारा विधिवत रूप से जनमानस को समर्पित की जाएंगी।
यह राज्य की महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित प्रथम पार्किंग है। महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित इस पार्किंग को जिला प्रशासन द्वारा अनुदान दिया जाएगा। शहर के तीन स्थानों पर बनाई गई इन ऑटोमेटेड पार्किंग की परेड ग्राउंड पर 96, तिब्बती मार्केट पर 132 ,तथा कोरोनेशन चिकित्सालय में 18 वाहन क्षमता वाली इस पार्किंग में परेड ग्राउंड तथा कोरोनेशन में स्वसंचालन शुरू हो गया है जिसे विधिवत रूप से जनमानस को समर्पित की जाएंगी।

मुख्यमंत्री धामी के निर्देश व जिलाधिकारी सविन बंसल के सतत प्रयासों से जनपद देहरादून अंतर्गत आधुनिक सुविधायुक्त आटोमेटेड पार्किंग निर्माण कार्य पूर्ण। जिलाधिकारी के अभिनव पहल से एक ओर जहाँ कोरोनेशन अस्पताल परिसर में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ अब भौतिक ढांचे को भी स्मार्ट बनाया जा रहा है, जिससे शहर की चिकित्सा व्यवस्था और अधिक सुव्यवस्थित हो सकेगी। वहीं शहर के बढ़ती ट्रैफिक के दृष्टिगत शहर में व्यवस्थित रूप से पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराने में डीएम का प्रोजेक्ट मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। आधुनिकता की दौड़ में ऑटोमेटेड पार्किंग आवश्यकता अनुसार कम स्थान पर निर्मित हो जाती है जिसे भविष्य में एक उम्मीद के तौर पर देखा जा रहा है। जहां एक ओर सड़कों पर यातायात का बहुत अधिक दबाव है वही पर्याप्त पार्किंग न होने की वजह से शहर वासी वह पर्यटक नो पार्किंग जोन में वाहन पार्क करने को मजबूर हैं। ऐसी स्थिति में जिला प्रशासन का यह प्रयास शहर की यातायात व्यवस्था पर दबाव कम करने को एक उम्मीद की किरण के तौर पर देखा जा रहा है यदि यह सफल रहा वह भविष्य में शहर में कई स्थानों पर इस प्रकार की पार्किंग नजर आएँगी। यह इस पार्किंग की सबसे बड़ी खूबी है कि इसे जरूरत के अनुसार एक स्थान से दूसरे स्थान पर भी शिफ्ट किया जा सकता है।

…जब सीएम को मुख्यमंत्री राहत कोष में 07 लाख रूपये दान करने आए जबर सिंह रावत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में 96 वर्ष के पंडितवाड़ी, देहरादून निवासी जबर सिंह रावत ने मुलाकात कर उत्तराखंड में आपदा के पुनर्निर्माण कार्य हेतु मुख्यमंत्री राहत कोष में सात लाख की सहयोग राशि भेंट की।

मुख्यमंत्री ने जबर सिंह रावत के इस नेक कार्य हेतु उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की मिट्टी में केवल आस्था और वीरता ही नहीं, अपितु सेवा और संवेदनशीलता की अमिट भावना भी रची-बसी है। इसका जीवंत उदाहरण जबर सिंह रावत है।

इस भावुक और प्रेरणादायक क्षण में मुख्यमंत्री ने जबर सिंह रावत का ससम्मान अभिनंदन करते हुए कहा कि आप का यह कार्य न केवल एक दान है, बल्कि यह एक जीवनभर के अनुभव, संवेदना और समाज के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक है। 96 वर्ष की आयु में भी उनका यह जज्बा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। जबर सिंह रावत का यह योगदान न सिर्फ आर्थिक सहायता है, बल्कि यह उत्तराखंड की सांस्कृतिक चेतना और सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना का सुंदर उदाहरण भी है। राज्य आपदा के कठिन दौर से गुजर रहा है, और ऐसे समय में आम नागरिक द्वारा इस प्रकार का समर्पण सराहनीय है।

मुख्यमंत्री धामी ने जबर सिंह रावत को शॉल भेंट कर उनके योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की तथा प्रदेश की ओर से धन्यवाद प्रेषित किया।

इस अवसर पर देहरादून कैंट क्षेत्र की विधायक सविता कपूर भी मौजूद रहीं।

’’स्वस्थ नारी सशक्त परिवार’’ अभियान परिवार और समाज दोनों की मजबूती की आधारशिलाः गर्वनर

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज मध्य प्रदेश के धार से ’’स्वस्थ नारी सशक्त परिवार’’ और ’’आठवें राष्ट्रीय पोषण माह’’ अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने अन्य पहलों का शिलान्यास और शुभारंभ भी किया। साथ ही उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया।

यह अभियान 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक देश भर के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), जिला अस्पतालों और अन्य सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में आयोजित किया जाएगा। एक लाख से अधिक स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिससे यह देश में महिलाओं और बच्चों के लिए अब तक का सबसे बड़ा स्वास्थ्य अभियान बन जाएगा। देश भर के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में प्रतिदिन स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे।

’’स्वस्थ नारी सशक्त परिवार’’ और ’’आठवें राष्ट्रीय पोषण माह’’ अभियान का शुभारंभ के अवसर पर देहरादून में वर्चुअल रूप से राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने प्रत्येक स्टॉल पर जाकर निरीक्षण किया।

कार्यक्रम के पश्चात पत्रकारों से वार्ता करते हुए राज्यपाल ने कहा कि “स्वस्थ और जागरूक नारी ही समाज को नई दिशा दे सकती है। यह अभियान परिवार और समाज दोनों की मजबूती की आधारशिला है।” उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे इस अभियान में सक्रिय रूप से भागीदारी करें और इसे जन-आंदोलन का रूप दें, ताकि हर महिला तक समग्र स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचे और वह सम्मानपूर्वक, सुरक्षित तथा स्वस्थ जीवन जी सके।

उन्होंने कहा कि हमारे परिवार के मुखिया की सोच ही हमारे लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है। उनकी हर एक बात, हर एक विचार से यह स्पष्ट झलकता है कि उनके हृदय की धड़कनें नारी शक्ति, युवा शक्ति, किसानों और गरीबों के लिए समर्पित हैं। उनकी सोच हमें यह विश्वास दिलाती है कि भारत 2047 तक एक विकसित राष्ट्र, आत्मनिर्भर भारत और विश्व गुरु बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

राज्यपाल ने कहा कि आज विशेष रूप से अच्छा लगा कि हमारे राष्ट्र के मध्यप्रदेश के धार से जो विचारों की धार निकली है, वह पूरे देश को एक नए परिवर्तन और नवजागरण की ओर ले जाएगी। आज का सबसे बड़ा संदेश यही है कि हम सबको स्वदेशी अपनाना है, हमारी हर एक चीज स्वदेशी होनी चाहिए। मुझे दृढ़ विश्वास है कि यह संकल्प एक महान क्रांति का सूत्रपात बनेगा। राज्यपाल ने कहा कि हमारे उत्तराखण्ड के परिवार, हमारी महिला स्व-सहायता समूह, हमारी उत्पादन लाइन ने गुणवत्ता, ब्रांडिंग और पैकेजिंग के क्षेत्र में जो प्रगति की है, जब उसे स्वदेशी का मंत्र मिलेगा, तो यह परिवर्तन अवश्य ही क्रांति का रूप लेगा।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के बाद मीडिया से वार्ता करते हुए प्रधानमंत्री को जन्म दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ, दीर्घायु की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश का चहुंमुखी विकास हुआ है। वहीं इस दौरान उत्तराखण्ड में चारधाम परियोजना, हवाई सेवा विस्तार के साथ ही सभी क्षेत्रों में प्रधानमंत्री जी का सहयोग मिला है।

उन्होंने कहा कि आपदा के समय भी हर बार प्रधानमंत्री ने उत्तराखण्ड का सहयोग किया है, चाहे रैणी आपदा रही हो या जोशीमठ, सिलक्यारा या इस साल की प्राकृतिक आपदा, प्रधानमंत्री ने हर बार राज्य को सहयोग देने के साथ ही हमारे प्रयासों को प्रोत्साहन भी दिया है। उन्होंने कहा कि आज विश्वकर्मा जयंती के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी जन्मदिन है। इस अवसर पर ‘‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार’’ अभियान शुभारंभ किया गया है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी तैयारी की है, यह अभियान दो अक्टूबर तक चलेगा, इसलिए राज्य की माताएं, बहनें इसका लाभ उठाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास में मातृशक्ति ने बड़ा योगदान दिया है, महिलाएं अब होम स्टे सहित अन्य स्वरोजगार में अपना कौशल दिखा रही है, इसलिए महिलाओं का स्वस्थ होना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बद्रीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री धाम की यात्रा सुचारू हो गई है, जल्द ही यमुनोत्री धाम का मार्ग भी खोलते हुए यात्रा का संचालन किया जाएगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, रेखा आर्या, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, विधायक खजान दास, विनोद चमोली, सविता कपूर, सुरेश गड़िया, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

स्वच्छोत्सव 2025 का शुभारंभ कर सीएम ने स्वच्छता अभियान के तहत झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज स्वच्छ उत्सवः 2025 कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को भगवान विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएँ भी प्रदान कीं।

मुख्यमंत्री ने स्वच्छता अभियान के तहत झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया और सभी प्रदेशवासियों से स्वच्छता की मुहिम से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक प्रदेश भर में सेवा स्वच्छता से संबंधित नियमित कार्यक्रम किए जाएंगे। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मूर्ति पर श्रद्धा सुमन अर्पित भी किए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्वच्छता की शपथ दिलाई और पौधारोपण भी किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्वच्छता रथ का फ्लैग ऑफ किया और पर्यावरण मित्रों को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छता आंदोलन ने देश को नए आयाम प्रदान किए हैं। स्वच्छ उत्सव-2025 भी इसी दिशा में एक संकल्प, एक आंदोलन और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ व स्वच्छ भविष्य का वचन है। उन्होंने कहा कि ‘‘स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत’’ के सपने को साकार करना हम सभी की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा हाल ही में राष्ट्रीय वायु कार्यक्रम के तहत घोषित स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में नगर निगम देहरादून को देश में 19वाँ स्थान प्राप्त हुआ है। स्वच्छता रैंकिंग में भी नगर निगम देहरादून ने इस वर्ष 62वाँ स्थान प्राप्त किया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर है। अब तक राज्य में छह लाख से अधिक शौचालय रहित परिवारों के लिए शौचालयों का निर्माण किया गया है।

नगर निगम देहरादून ने सफाई से सम्बन्धित समस्याओं के त्वरित निवारण के लिए स्वच्छता कंट्रोल रूम की स्थापना की है।कूड़ा उठान, सीसीटीवी निगरानी और नियमित सफाई व्यवस्था से शहर को बेहतर दिशा दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि हमारे संस्कार और जीवनशैली का हिस्सा है। उन्होंने सभी नागरिकों का आह्वान किया कि वे अपने घर, मोहल्ले, गाँव और शहर को साफ-सुथरा रखने को अपनी जिम्मेदारी समझें। मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण पर बल देते हुए ‘‘एक पेड़ माँ के नाम’’ अभियान का उल्लेख किया और कहा कि पौधारोपण जीवन की गुणवत्ता सुधारने और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने का साधन है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, विधायक सविता कपूर, सुरेश गड़िया, सचिव नीतेश झा, नगर आयुक्त नमामि बंसल और अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी उपस्थित थे।

राहत-बचाव कार्यों में नहीं छोड़ी जाएगी कोई कसर, मुख्यमंत्री ने दिए युद्धस्तर पर कार्रवाई के निर्देश

देहरादून सहित प्रदेशभर में लगातार हो रही अतिवृष्टि के कारण उत्पन्न स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंगलवार देर रात्रि को राज्य आपदा परिचालन केंद्र (SEOC) पहुँचे। इस दौरान उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग, SDRF, जिला प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा कंट्रोल रूम में राजधानी देहरादून तथा प्रदेश के अन्य जनपदों में मंगलवार रात अतिवृष्टि से हुए नुकसान की जानकारी ली तथा युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि के कारण जो लोग भी प्रभावित हुए हैं, उन्हें तत्काल हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। जो लोग लापता हुए हैं, उनकी तलाश के लिए युद्धस्तर पर कार्य किए जाएं। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार सभी प्रभावित परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए की राहत और बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। अधिकारी प्रभावित क्षेत्र का दौरा करें और लोगों की समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने आने वाले दिनों में भी मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट को देखते हुए सभी जनपदों में विशेष सतर्कता बरते जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्रदेश में अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति पर नजर रखने तथा जनपदों व विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सहायता पहुंचाई जाए तथा सभी आवश्यक संसाधनों को सक्रिय किया जाए ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि बचाव कार्यों में तेजी लाते हुए प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने मौसम पूर्वानुमान को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए है | उन्होंने आपदा बचाव में साहसिक कार्य करने वाले नागरिकों को भी किया जाए सम्मानित करने की बात कही | सीएम ने पेयजल विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की जल्द से जल्द आपूर्ति के साथ ही पेयजल की गुणवत्ता की निरंतर जांच करने के निर्देश दिए है | मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को विशेष हिदायत देते हुए कहा कि विभाग को आपदा के बाद फैलने वाली संभावित बीमारियों के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है | इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग अपनी तैयारियां पूरी कर ले |

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि शासन और प्रशासन पूर्ण रूप से अलर्ट मोड में है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए तथा राहत शिविरों में आवश्यक व्यवस्थाएं जैसे भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में फील्ड पर कार्य कर रही टीमें, विशेषकर SDRF, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के कर्मचारियों की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि सभी टीमें समन्वित रूप से कार्य करें और जनता को हर संभव सहायता प्रदान करें।

मुख्यमंत्री ने आमजन से भी अपील की कि वे प्रशासन द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर नागरिक के साथ है और संकट की इस घड़ी में हरसंभव मदद प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज दूरभाष पर मुख्यमंत्री से उत्तराखंड में अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने प्रदेश को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि केंद्र सरकार आपदा की इस घड़ी में राज्य के साथ मजबूती से खड़ी है।
बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित जनपदों के जिलाधिकारियों से राहत कार्यों की अद्यतन जानकारी ली |

बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, प्रमुख सचिव, सचिव आपदा प्रबंधन NDRF, SDRF के अधिकारी सहित वर्चुअल माध्यम से सभी जनपदों के जिलाधिकारी व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

अतिवृष्टि से प्रभावित मालदेवता व केसरवाला के स्थलीय निरीक्षण को पहुंचे सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अतिवृष्टि से प्रभावित देहरादून जनपद के मालदेवता क्षेत्र एवं केसरवाला का स्थलीय निरीक्षण कर वहाँ की स्थिति का जायज़ा लिया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की गति तेज करने के निर्देश अधिकारियों को दिए तथा स्थानीय नागरिकों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिवृष्टि के कारण प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सड़कों, पुलों एवं सरकारी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुँचा है, जिससे आमजन के जीवन पर भी व्यापक प्रभाव पड़ा है। उन्होंने निर्देश दिए कि अवरुद्ध मार्गों को शीघ्र चालू किया जाए, सुरक्षित पेयजल व बिजली की आपूर्ति तत्काल सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन व प्रशासन की टीम निरंतर फील्ड में सक्रिय है और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ राहत, बचाव व पुनर्वास कार्यों को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि नदियों के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए आपदा से निपटने हेतु विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

मुख्यमंत्री राज्य आपदा परिचालन केंद्र और विभिन्न जिलों की परिस्थितियों की लगातार समीक्षा कर रहे हैं एवं सभी जिलाधिकारियों के साथ नियमित संपर्क बनाए हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों के प्रत्येक नागरिक की समस्याओं को तात्कालिक प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए।

स्थलीय निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर सचिव बंशीधर तिवारी सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

एअर इंडिया एक्सप्रेस ने दून-बेंगलुरु के बीच सीधी दैनिक उड़ानों के साथ उत्तराखंड से परिचालन किया शुरू

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट, देहरादून से एयर इंडिया एक्सप्रेस द्वारा देहरादून-बेंगलुरु के लिए शुरू की जा रही नई हवाई सेवा का विधिवत रूप से फ्लैग ऑफ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के समग्र विकास और हवाई संपर्क विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

आज उत्तराखंड में इस नई पहल के साथ ही देश की पहली अंतरराष्ट्रीय वैल्यू कैरियर एअर इंडिया एक्सप्रेस ने देहरादून हवाई अड्डे से बेंगलुरु के लिए दैनिक सीधी उड़ानों की शुरुआत के साथ परिचालन शुरू कर दिया है। इस अवसर पर सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, डोईवाला के विधायक बृज भूषण गैरोला, एअर इंडिया एक्सप्रेस के प्रबंध निदेशक आलोक सिंह और उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के सीईओ, आईएएस, आशीष चौहान भी उपस्थित थे।

एअर इंडिया एक्सप्रेस का उत्तराखंड में स्वागत करते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा देहरादून से एअर इंडिया एक्सप्रेस सेवाओं की शुरुआत हमारे राज्य में नागरिक उड्डयन के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। बेंगलुरु से बेहतर कनेक्टिविटी से उत्तराखंड में पर्यटन, व्यापार और निवेश के अवसरों को काफी बढ़ावा मिलेगा, साथ ही भारत के सबसे गतिशील शहरों में से एक के साथ छात्रों, पेशेवरों और उद्यमियों के लिए संबंध भी मजबूत होंगे। हम एअर इंडिया एक्सप्रेस का स्वागत करते हैं और इस कनेक्टिविटी से हमारे लोगों और अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभाव की उम्मीद करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एयर इंडिया एक्सप्रेस की देहरादून और बेंगलुरु के बीच सीधी हवाई सेवा उत्तराखंड के युवाओं, उद्यमियों, आईटी प्रोफेशनल्स, छात्रों और पर्यटकों के लिए बड़ी सुविधा साबित होगी। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु देश की तकनीकी राजधानी है और वहां उत्तराखंड के हजारों युवा शिक्षा, सेवा और स्टार्टअप क्षेत्रों में कार्यरत हैं। अब उन्हें राज्य आने-जाने के लिए और अधिक सुविधाजनक, समयबद्ध और सुरक्षित विकल्प मिलेगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बीते वर्षों में हवाई संपर्क को मजबूत करने के लिए नीति स्तर से लेकर अधोसंरचना तक कई बड़े फैसले लिए हैं। आज प्रदेश में पिथौरागढ़, चिन्यालीसौड़, गौचर, नैनीसैनी जैसे रीजनल एयरपोर्ट्स को सक्रिय किया जा रहा है, वहीं जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार का कार्य तेज़ी से चल रहा है, जो कुमाऊं क्षेत्र के लिए एक बड़ा परिवर्तनकारी कदम होगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड को हवाई, रेल और सड़क मार्ग से तीव्र और सुलभ संपर्क व्यवस्था से जोड़ना है, जिससे न केवल पर्यटन को बल मिलेगा, बल्कि राज्य में निवेश, व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ष्एयर कनेक्टिविटी इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट के अंतर्गत एयरलाइंस कंपनियों को आवश्यक सहयोग और प्रोत्साहन दे रही है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर एयर इंडिया एक्सप्रेस को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने उत्तराखंड की जरूरतों को समझते हुए यह सेवा प्रारंभ की है। उन्होंने यात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि यह सेवा दीर्घकालिक रूप से लाभकारी सिद्ध होगी और भविष्य में अन्य प्रमुख महानगरों से भी उत्तराखंड को जोड़ने वाली उड़ानों की संख्या में वृद्धि होगी।

इस अवसर पर एअर इंडिया एक्सप्रेस के प्रबंध निदेशक, आलोक सिंह ने कहा हमें देहरादून से परिचालन शुरू करके खुशी हो रही है, यह हमारा 58वां स्टेशन है। हम अपने सबसे बड़े घरेलू केंद्र, बेंगलुरु के लिए दैनिक सीधी उड़ानें शुरू कर रहे हैं। यह अहमदाबाद और चंडीगढ़ के बाद इस महीने लॉन्च किया गया तीसरा नया स्टेशन है, जो हमारे नेटवर्क के तेजी से विस्तार को रेखांकित करता है। यह नया मार्ग न केवल उत्तराखंड को सीधे बेंगलुरु के आर्थिक और शैक्षिक केंद्रों से जोड़ता है, बल्कि पूरे भारत में 18 और शहरों के लिए सुविधाजनक वन- स्टॉप कनेक्शन भी प्रदान करता है। हमारे बेड़े में अब 115 से अधिक विमान शामिल हैं, हम एक मजबूत, अधिक सुलभ नेटवर्क का निर्माण कर रहे हैं जो आधुनिक भारत की आकांक्षाओं को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने हवाई अड्डे की विभिन्न सुविधाओं का निरीक्षण भी किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

एयर इंडिया एक्सप्रेस ने जानकारी दी कि देहरादून -बेंगलुरु की पहली उड़ान देहरादून से 16ः30 बजे रवाना हुई और 19ः30 बजे बेंगलुरु पहुंची। इस लॉन्च के साथ, देहरादून से यात्री बेंगलुरु के माध्यम से चेन्नई, गोवा, कोच्चि, कोझिकोड, मंगलुरु, उत्तरी गोवा, पुणे, रांची, तिरुवनंतपुरम, तिरुचिरापल्ली, विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम सहित 18 गंतव्यों के लिए सुविधाजनक वन-स्टॉप कनेक्टिविटी का लाभ उठा सकते हैं।

एयर इंडिया एक्सप्रेस ने जानकारी दी कि देश की विविधतापूर्ण कला और संस्कृति को सम्मानित करने वाली वाली एयर इंडिया एक्स्प्रेस की श्टेल्स ऑफ इंडियाश् पहल के हिस्से के रूप में, देहरादून से पहली उड़ान संचालित करने के लिए तैनात नया बोइंग 737-8 विमान, गर्व सेश् ऐपणश् से प्रेरित एक टेल आर्ट को प्रदर्शित करता है, जो उत्तराखंड की फर्श और दीवार पर की जाने वाली पारंपरिक कला का एक रूप है।

उन्होंने जानकारी दी कि नेटवर्क विस्तार के अलावा, एअर इंडिया एक्सप्रेस ने हाल ही में अपना बुक डायरेक्ट अभियान शुरू किया है, जो यात्रियों को सर्वाेत्तम किराए और निर्बाध बुकिंग अनुभव के लिए अपनी पुरस्कार विजेता वेबसाइट www.airindiaexpress.com और मोबाइल ऐप पर सीधे बुकिंग करने के लिए प्रोत्साहित करता है। जो यात्री सीधे बुकिंग करते हैं, वे प्रोमो कोड और बैंक ऑफ़र के साथ 20ः तक की छूट, ऐप और वेबसाइट पर नेट बैंकिंग भुगतान पर शून्य सुविधा शुल्क, छात्रों, वरिष्ठ नागरिकों और सशस्त्र बलों के कर्मियों के लिए विशेष छूट, और श्गौर्मेयरश् मेनू से 50ः तक की छूट पर हॉट मील का प्री-बुक करने जैसे लाभों का आनंद ले सकते हैं। इसके अतिरिक्त, मास्टरकार्ड डेबिट और क्रेडिट कार्ड से बुकिंग करने वाले मेहमानों को घरेलू उड़ानों पर 250 रुपये और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर 600 रुपये की छूट मिलती है।

एयर इंडिया एक्सप्रेस ने बताया कि यात्री एअर इंडिया एक्सप्रेस के एक्सप्रेस हॉलिडे प्लेटफॉर्म का भी लाभ उठा सकते हैं, जो आवास, परिवहन और गतिविधियों सहित क्यूरेटेड हॉलिडे पैकेज प्रदान करता है। श्एक्सप्रेस हॉलिडेश् को एयरलाइन की वेबसाइट के प्रोडक्ट्स एंड सर्विसेज सेक्शन में एक्सेस किया जा सकता है।

फ्लैग ऑफ समारोह में प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, एयरपोर्ट अथॉरिटी के प्रतिनिधि, एयर इंडिया एक्सप्रेस के पदाधिकारी, यात्रियों और स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही।

न्यायालय निर्णयः चेक बाउंस का आरोपी हुआ बरी

न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋषिकेश की अदालत ने चेक बाउंस मामले में परिवादी द्वारा वित्तीय क्षमता का साक्ष्य प्रस्तुत न कर पाने पर आरोपी को दोषमुक्त किया है। मामला वर्ष 2014 का है, इस मामले में आरोपी के वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव पांडेय ने ठोस पैरवी की।

दरअसल, भट्ट कॉलोनी श्यामपुर निवासी अमित ने न्यायालय में दाखिल अपने वाद में बताया था कि खैरीखुर्द श्यामपुर निवासी देवेंद्र प्रसाद डोण्डियाल नामक व्यक्ति को उन्होंने वर्ष 2014 में 20 लाख रूपये उधार दिये थे। बताया था कि देवेंद्र सिंह सेे उनकी वर्ष 2010 से जान पहचान है। उन्होंने दायर वाद में यह भी बताया था कि वर्ष 2018 में जब आरोपी से अपने दिए हुए रूपये वापस मांगे तो आरोपी ने दो अलग-अलग चेक उन्हें दिए जो बाउंस हो गए।

न्यायालय में आरोपी देवेंद्र प्रसाद डोण्डियाल के बयान हुए तो उन्होंने बताया कि वादी के साथ वह पार्टनरशिप में काम करते हैं। उनकी ओर से वादी को कोई चेक नहीं दिए गए। इसके विपरित वादी ने उनकी कार में पूर्व से ही हस्ताक्षर कर रखी हुई चेक बुक में से चेक निकालकर दुरूपयोग किया गया है।

आरोपी के वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव पांडेय ने मामले में ठोस पैरवी करते हुए न्यायालय में न्यायधीश के समक्ष वादी से जिरह की और वादी की वित्तीय क्षमता पर प्रश्न पूछा। जिस पर न्यायालय को मालूम हुआ कि वादी ने वर्ष 2011 में 12वीं की परीक्षा पास की हैं तथा 2013 में पॉलिटेक्निक में एडमिशन लिया जिसे वर्ष 2015 में पूर्ण किया गया तथा वादी ने अपना व्यापार वर्ष 2017 से शुरू किया।

अधिवक्ता संजीव पांडेय ने न्यायालय को बताया कि जब वादी ने अपना व्यापार ही वर्ष 2017 से शुरू किया तो वर्ष 2014 में वादी द्वारा आरोपी को 20 लाख रूपये देना कैसे संभव है। न्यायालय ने अधिवक्ता के प्रश्न पर वादी से वित्तीय क्षमता जानी जिस पर वादी कोई साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत न कर सका। साथ ही वादी कोर्ट में अपनी आय का माध्यम बताने में भी असफल रहा।

न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक कुमार मिश्र की अदालत ने यह पाया कि वादी और आरोपी के मध्य कोई देनलेन नहीं हुआ है। इसके आधार पर न्यायालय ने आरोपी देवेंद्र प्रसाद डोण्डियाल को दोषमुक्त करार दिया।

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025ः ऋषिकेश ने 31वें स्थान से उछाल मार 14वां स्थान हासिल किया

देहरादून 37वें से छलांग लगाकर 19वां स्थान

ऋषिकेश 31वें से उछलकर 14वां स्थान

काशीपुर 19वें से सुधारकर 18वां स्थान

सफलता के प्रमुख कारण

यांत्रिक सड़क सफाई से धूल नियंत्रण

ठोस अपशिष्ट एवं निर्माण मलबा प्रबंधन

हरित पट्टी विकास

उद्योगों में स्वच्छ ईंधन का उपयोग

स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली

जन जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी ने इस उपलब्धि पर कहा…
“ये उपलब्धि सभी के लिए स्वच्छ वायु के प्रति उत्तराखंड की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।”
लक्ष्य आने वाले वर्षों में और रीयल-टाइम मॉनिटरिंग, नवाचार एवं जनसहभागिता से वायु गुणवत्ता में सुधार।