सौरभांचल तीर्थ और जीवन आशा अस्पताल उनके दूरदर्शी नेतृत्व और करुणा के उदाहरणः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री दिगम्बर जैन पंचायती मंदिर में आयोजित जैन समाज सम्मेलन में प्रतिभाग किया और जैन धर्म गुरुओं का आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि आचार्य सौरभ सागर मुनि महाराज का जीवन संयम, त्याग और अहिंसा के अद्वितीय आदर्शों का प्रतीक है। सौरभांचल तीर्थ और जीवन आशा अस्पताल उनके दूरदर्शी नेतृत्व और करुणा के उदाहरण हैं, जो समाज को धर्म और सेवा के पथ पर अग्रसर कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जैन धर्म ने दुनिया को संदेश दिया है कि अहिंसा ही वीरता का धर्म है। जैन समाज ने केवल अहिंसा का ही नहीं बल्कि संगठन और सामाजिक एकता का भी अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के समग्र विकास के लिए संकल्पबद्ध है और इसी क्रम में उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है जिसने ‘‘समान नागरिक संहिता’’ लागू की है। इसके साथ ही नकल विरोधी कानून के बाद से से 25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी पाने में सफलता मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की डेमोग्राफी संरक्षित रखना सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से धर्मांतरण विरोधी एवं दंगा विरोधी कानून लागू किए गए हैं। प्रदेश में 9 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया है। सनातन मुख्यमंत्री ने कहा कि जैन कल्याण बोर्ड के गठन के संबंध में प्राप्त सुझाव पर सरकार गंभीरतापूर्वक विचार करेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जैन समाज आगे भी उत्तराखंड के समग्र विकास में सहयोग देता रहेगा।

कार्यक्रम में रविंद्र मुनि जी महाराज, राजेश मुनि महाराज, विधायक विनोद चमोली, खजानदास, पदमश्री डॉ. आर.के. जैन एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण एवं शहर की सौंदर्यता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के केंद्र बिंदु माने जाने वाले ऐतिहासिक घण्टाघर के सौंदर्यीकरण, भव्य रूपांतरण एवं स्वचालित प्रकाश व्यवस्था का विधिवत शुभारंभ किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने घण्टाघर क्षेत्र में महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए निर्मित 4 अत्याधुनिक “हिलांस-कम-किचन आउटलेट्स“ का भव्य शुभारंभ किया। यह पहल महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार और स्थानीय पहाड़ी उत्पादों के प्रचार-प्रसार को सशक्त बनाने के उद्देश्य से की गई है।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “घण्टाघर देहरादून की पहचान है। इसका यह नवीन एवं आकर्षक स्वरूप न केवल पर्यटकों को आकर्षित करेगा, बल्कि स्थानीय नागरिकों को भी गर्व की अनुभूति कराएगा। स्वचालित प्रकाश व्यवस्था से यह स्थल रात्रि में भी जीवंत रहेगा और शहर की नाइटलाइफ में भी नया रंग भरने का कार्य करेगा।” मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस प्रकार की पहलें न केवल शहर के सौंदर्य को बढ़ाती हैं, बल्कि नागरिकों में स्वच्छता, संरक्षण और अपने शहर के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करती हैद्य लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से इस ऐतिहासिक धरोहर का पुनर्निर्माण कर इसे एक भव्य एवं आधुनिक स्वरूप प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ण विश्वास है कि इस धरोहर का नया स्वरूप न केवल देहरादून की शोभा बढ़ाएगा, बल्कि ये हमारी शीतकालीन राजधानी में आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र भी होगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज जनपद देहरादून में चार स्थानों पर हिलांस कैंटीनों का लोकार्पण भी किया जा रहा है। ये कैंटीन कलेक्ट्रेट, कोरोनेशन अस्पताल, गुच्चुपानी और आईएसबीटी में स्थापित की गई हैं।ये कैंटीनें न केवल आम लोगों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण वस्तुएँ उपलब्ध कराएँगी, बल्कि हमारे स्वयं सहायता समूहों की बहनों को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी सशक्त बनाएँगी द्यये पहल मातृशक्ति के सशक्तिकरण के साथ-साथ लोकल उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। राज्य सरकार का लक्ष्य महिला शक्ति को आत्मनिर्भर बनाना है, और हिलान्स आउटलेट्स के माध्यम से महिलाओं को न केवल स्वरोजगार का अवसर मिलेगा, बल्कि उत्तराखण्ड के पारंपरिक एवं जैविक उत्पादों को भी नया बाजार मिलेगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज देहरादून में बाल भिक्षावृत्ति निवारण के लिए भी एक विशिष्ट प्रयास किया जा रहा है, जिसके माध्यम से बालक-बालिकाओं को “भिक्षा की विवशता से निकालकर शिक्षा के अधिकार“ से जोड़ा जाएगा। इस कार्यक्रम के अंतर्गत 3 रेस्क्यू वाहनों के साथ अंतरविभागीय टीम गठित की गई है।होमगार्ड, चाइल्ड हेल्पलाइन, शिक्षा विभाग, श्रम विभाग, पुलिस विभाग और कई गैर-सरकारी संस्थाओं को इस टीम में सम्मिलित किया गया है। हमारे लिए खुशी की बात है कि इस टीम द्वारा पहले चरण में 51 बच्चों को रेस्क्यू कराकर विभिन्न स्कूलों में डाला जा चुका है। आज दूसरे चरण में 31 बच्चों को राजकीय प्राथमिक विद्यालय परेड ग्राउंड और साधूराम इंटर कॉलेज में दाखिला दिलाया गया है।हम रेस्क्यू किए बच्चों के लिए डेढ़ करोड़ रुपए से अधिक की लागत से साधूराम इंटर कॉलेज में इंटेसिव केयर सेंटर का निर्माण भी करा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अपने इस प्रयास को तब तक जारी रखेंगे, जब तक हमारे राज्य का प्रत्येक बच्चा स्कूल नहीं जाने लगता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं सहयोग से हमारी सरकार उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
चाहे वो राज्य के बुनियादी ढांचे का विकास हो, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार हो, या युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना हो स हम देहरादून को एक आधुनिक और विकसित शहर बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रहे हैं। आज देहरादून में लगभग 14 सौ करोड़ रुपये की लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां एक ओर शहर में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 30 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है, वहीं निजी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 11 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण भी किया गया है। हम देहरादून में ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या के स्थायी समाधान हेतु योजनाबद्ध तरीके से निरंतर प्रयासरत हैं। इसके लिए, हम विभिन्न स्थानों पर भूमिगत पार्किंग का निर्माण करा रहे हैं, वहीं ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए रिस्पना और बिंदाल नदियों के ऊपर एलिवेटेड रोड के निर्माण की योजना भी तैयार की जा रही है।

इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, विधायक खजान दास, प्रशासनिक अधिकारी, स्थानीय व्यापारीगण एवं बड़ी संख्या में स्थानीय जनता मौजूद रही।

सराहनीयः आपदा प्रबंधन प्रणाली को सशक्त बनाने की दिशा में उत्तराखण्ड पुलिस का एक और महत्वपूर्ण कदम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने थाना डालनवाला, देहरादून परिसर में स्थापित किए गए 13 लॉन्ग रेंज आधुनिक सायरनों का विधिवत लोकार्पण किया। यह पहल राज्य की आपदा प्रबंधन क्षमता को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड एक आपदा संभावित राज्य है, जहां समय रहते सतर्कता और सूचना प्रसारण अत्यधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस दृष्टि से ये अत्याधुनिक सायरन प्रणाली अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है, और तकनीक के माध्यम से पुलिस एवं आपदा प्रबंधन विभाग को सशक्त बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक पहाड़ी राज्य होने के कारण उत्तराखंड में आपदाओं का खतरा हमेशा बना रहता है। भूस्खलन, बादल फटना, बाढ़ और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाएं हमारे राज्य को समय-समय पर चुनौती देती रहती हैं।

इस वर्ष भी हमें कई भीषण आपदाओं का सामना करना पड़ा। हमारी सरकार इन आपदाओं से होने वाली क्षति को कम करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। हम राज्य में आपदा पूर्व चेतावनी प्रणाली को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 8 किलोमीटर और 16 किलोमीटर की रेंज वाले ये सायरन न केवल प्राकृतिक आपदाओं के समय हमें अलर्ट करेंगे, बल्कि नागरिक सुरक्षा की दृष्टि से भी बेहद उपयोगी होंगे। यदि समय रहते लोगों को चेतावनी मिल जाए, तो न केवल जानमाल की हानि को कम किया जा सकता है, बल्कि आपदा की स्थिति में राहत और बचाव कार्य भी अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, “यह लॉन्ग रेंज सायरन केवल किसी संभावित आपदा की चेतावनी देने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आम जनमानस को जागरूक करने तथा समय पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने में भी सहायक होंगे। ये सायरन भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों, संवेदनशील स्थानों और आपदा संभावित इलाकों में स्थापित किए गए हैं।”

मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस प्रणाली का नियमित परीक्षण किया जाए तथा आम जनता को इसके बारे में जागरूक किया जाए, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में इसकी अधिकतम उपयोगिता सुनिश्चित की जा सके।

मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन और उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने डालनवाला थाने में स्थापित बाल थाने का निरीक्षण भी किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सेवानिवृत पुलिस कार्मिकों, उत्तराखंड पीसीएस एसोसिएशन तथा उत्तराखंड पुलिस के अधिकारियों तथा कार्मिकों द्वारा मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में सहायता राशि के चेक सौंपे गए।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, विधायक खजान दास, पुलिस महानिदेशक, आपदा प्रबंधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जिलाधिकारी देहरादून, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

देहरादून में खुला उत्तराखंड का पहला आधुनिक दिव्यांग पुनर्वास केंद्र

देहरादून के गांधी शताब्दी जिला चिकित्सालय में राज्य का प्रथम जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) का बुधवार को विधिवत शुभारंभ हो गया है। इसमें दिव्यांगजनों को फिजियोथेरेपी, मनोवैज्ञानिक सलाह, दिव्यांग प्रमाण पत्र और कृत्रिम अंग प्राप्त करने जैसी सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो गई है।

गांधी शताब्दी जिला चिकित्सालय में आज रायपुर विधायक खजानदास की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महापौर सौरभ थपलियाल, विशिष्ट अतिथि देहरादून पार्षद सुनीता मंजखोला, जिलाधिकारी सविन बंसल और मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र का विधिवत उद्घाटन किया।

मुख्य अतिथि महापौर सौरभ थपलियाल ने जिला प्रशासन के अभिनव प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सशक्त समाज के निर्माण में देहरादून में स्थापित उत्तराखंड का पहला आधुनिक जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र एक मील का पत्थर साबित होगा। जहां दिव्यांगजनों को सभी जरूरी सेवाएं एक साथ मिलेगी और उनका जीवन आसान और समृद्ध होगा और सशक्त दिव्यांग सशक्त समाज की अवधारणा पूरी होगी। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को उचित उपचार मिलने से उनकी दिव्यांगता भी दूर हो रही है। इस दौरान मुख्य अतिथि ने डीडीआरसी के हेल्पलाइन नंबर 8077386815 का अनावरण किया। दिव्यांग अनिल कुमार ढौंडियाल और नीरज बिष्ट को कान की मशीन प्रदान की। वहीं विभिन्न शैक्षिक संस्थानों में दिव्यांगजनों की आर्ट प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दिव्यांग छात्रों को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम के अध्यक्ष विधायक खजानदास ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री ने शारीरिक रूप से अक्षम लोगों को दिव्यांग नाम देकर दिव्यांगजनों को समाज में एक गरिमा प्रदान की है। वहीं देहरादून जिला प्रशासन ने दिव्यांगों के जीवन को आसान, सरल और आत्म गौरवपूर्ण बनाने के लिए राज्य का प्रथम जिला दिव्यांग एवं पुनर्वास केंद्र को स्थापित कर प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के संकल्प को आगे बढ़ाने में इस प्रशंसनीय कार्य को अंजाम दिया है। उन्होंने जिला नेत्र चिकित्सालय के खाली पडे इस भवन का सदुपयोग करने के लिए भी सराहना की। कहा कि आने वाले समय में इस केंद्र में दिव्यांगजनों को सभी आधुनिक सुविधाएं मुहैया होंगी।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने समाज में करीब 20 प्रतिशत आबादी किसी न किसी रूप में दिव्यांगता से प्रभावित है, जो कि एक बडी संख्या है। ऐसे में दिव्यांगजनों के जीवन को सरल बनाना, उन्हें सभी सुविधाएं मुहैया करना हमारा दायित्व है। दिव्यांगजनों को एक प्लेटफार्म पर एकीकृत रूप में सारी सुविधाएं मिले, इस दिशा में दिव्यांगजनों के लिए डेडिकेटेड सेंटर जिला चिकित्सालय में खोला गया ळें यहां पर दिव्यांगजनों को प्रमाण पत्र, यूडीआईडी कार्ड, आधार कार्ड, फिजियोथेरेपी, मनोवैज्ञानिक सलाह, इलाज और कृत्रिम उपकरण के साथ ही   रोजगार प्रशिक्षण जैसी तमाम सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेगी। जिलाधिकारी ने कहा कि दिव्यांगजनों को केंद्र तक आने जाने के लिए स्पेशल डेडिकेटेड वाहन भी तैनात किया गया है।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि पुनर्वास केंद्र को और बेहतर बनाने के लिए जो भी सुझाव मिलेगे उन पर प्रभावी तरीके से अमल किया जाएगा। 
 
कार्यक्रम के उपरांत मुख्य अतिथि महापौर सौरथ थपलियाल, विधायक खजानदास एवं विशिष्ट अतिथि पार्षद सुनीता मंजखोला ने जिला प्रशासन के साथ जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र में वाक चिकित्सा कक्ष, स्पीच थेरेपी, अर्ली इंटरवेंशन रूम, फिजियोथेरेपी कक्ष सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया।  

उद्घाटन समारोह के दौरान जिलाधिकारी सविन बंसल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मनोज कुमार शर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर ढौंडियाल आदि सहित दिव्यांग एवं उनके परिजन मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन नोडल एजेंसी डीडीआरसी देहरादून मुनीशाभा सेवा सदन एवं पुनर्वास संस्थान के सचिव अनंत मेहरा द्वारा किया।  

एकीकृत सेवाएं एक छत के नीचे
गांधी शताब्दी जिला चिकित्सालय में संचालित डीडीआरसी केंद्र दिव्यांगजनों को न सिर्फ प्रमाणन, बल्कि कृत्रिम अंग, श्रवण यंत्र, उपकरण वितरण, फिजियोथेरेपी, मनोवैज्ञानिक एवं सामाजिक परामर्श जैसी सभी सेवाएं एक ही छत के नीचे देगा। समाज कल्याण विभाग निगरानी में नोडल एजेंसी डीडीआरसी देहरादून मुनीशाभा सेवा सदन एवं पुनर्वास संस्थान द्वारा इसका संचालन किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की समावेशी और सुलभ सेवा नीति को धरातल पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। केंद्र का संचालन भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार स्वैच्छिक संस्थाओं द्वारा किया जाता है। संचालन हेतु 14 पद स्वीकृत हैं, जिनका वेतन समाज कल्याण विभाग द्वारा वहन किया जाता है।

डीडीआरसी के प्रमुख कार्य और सेवाएं
जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र का उद्देश्य दिव्यांगजनों को समुचित पुनर्वास सेवाएं प्रदान कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में सम्मिलित करना है। केंद्र में पंजीकरण के बाद दिव्यांगजनों को चिकित्सकीय, सामाजिक, शैक्षिक एवं मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन के आधार पर उचित परामर्श और सेवाएं प्रदान की जाती हैं। आवश्यकता अनुसार उन्हें सहायक उपकरण जैसे व्हीलचेयर, ट्राईसाइकिल, श्रवण यंत्र आदि भी वितरित किए जाते हैं। इसके साथ ही कौशल विकास प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जाता है और स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ा जाता है। केंद्र विशेष शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण और पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराता है ताकि दिव्यांगजन शिक्षा या रोजगार के अवसरों से वंचित न रहें। समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रचार-प्रसार गतिविधियां चलाई जाती हैं, जिससे दिव्यांगजनों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हो सके। इसके अतिरिक्त, उन्हें सरकारी योजनाओं जैसे यूडीआईडी कार्ड, पेंशन, छात्रवृत्ति आदि से भी जोड़ा जाता है। केंद्र की विशेषता इसकी बहु-विषयी (मल्टी-डिसिप्लिनरी) टीम होती है जिसमें फिजियोथेरेपिस्ट, स्पीच थेरेपिस्ट, ऑक्युपेशनल थेरेपिस्ट और काउंसलर जैसे विशेषज्ञ सम्मिलित होते हैं, जो दिव्यांगजनों के लिए समग्र पुनर्वास सुनिश्चित करते हैं।

मसूरी गोलीकांड की घटना उस समय के सत्ताधारी दलों के दमनकारी रवैये का प्रतीकः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मसूरी गोलीकांड की 31वीं बरसी पर आयोजित कार्यक्रम में शहीद राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवारजनों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश सरकार राज्य आंदोलनकारियों के सपनों का उत्तराखंड बनाने के लिए कृतसंकल्प होकर कार्य कर रही है।

मसूरी स्थित शहीद स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान मसूरी में शहीद हुए आंदोलनकारी बलबीर सिंह नेगी, बेलमती चौहान, हंसा धनाई, धनपत सिंह, राय सिंह बंगारी और मदन मोहन ममगई को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राज्य आंदोलनकारियों ने हमारे बेहतर भविष्य के लिए अपना वर्तमान दांव पर लगाकर उत्तराखंड के निर्माण में अपना अद्वितीय योगदान दिया। उन्होंने कहा कि 2 सितंबर 1994 का दिन राज्य के इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में अंकित रहेगा। इस दिन मसूरी की वीरभूमि पर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों को पुलिस की गोलियों का सामना करना पड़ा। यह घटना उस समय के सत्ताधारी दलों के दमनकारी रवैये का प्रतीक थी, जिन्होंने एक शांतिपूर्ण आंदोलन को निर्दयता के साथ कुचलने का प्रयास किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा राज्य आंदोलनकारियों के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करते हुए उनके और उनके आश्रितों के लिए सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया है। साथ ही शहीद आंदोलनकारियों के परिवारों के लिए 3000 रुपये मासिक पेंशन की सुविधा भी प्रारंभ की गई है। घायल और जेल गए आंदोलनकारियों को 6000 रुपये तथा सक्रिय आंदोलनकारियों को 4500 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पूर्व की सरकारों के समय में राज्य आंदोलनकारियों के केवल एक आश्रित के लिए क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था थी, परंतु अब नए कानून के अंतर्गत चिन्हित आंदोलनकारियों की परित्यक्ता, विधवा और तलाकशुदा पुत्रियों को भी इस आरक्षण का लाभ मिल सकेगा। यही नहीं, राज्य सरकार ने चिन्हित राज्य आंदोलनकारियों को पहचान पत्र जारी करने के साथ ही 93 आंदोलनकारियों को राजकीय सेवा में सेवायोजित भी किया है। इसी के साथ राज्य आंदोलनकारियों के बच्चों को स्कूलों और कॉलेजों में निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था और आंदोलनकारियों को सरकारी बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण भी लागू किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों का सपना था कि एक ऐसा उत्तराखंड बने जहां हमारी संस्कृति, भाषा और परंपराओं का संरक्षण हो। इसी उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने “समान नागरिक संहिता” लागू कर राज्य में सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और कर्तव्य सुनिश्चित कर दिए हैं। वहीं, प्रदेश के युवाओं को पारदर्शिता के साथ रोजगार के समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए देश का सबसे प्रभावी नकल विरोधी कानून लागू किया गया और 100 से अधिक नकल माफियाओं को जेल भेजा गया। इसके बाद उत्तराखंड में 25 हजार से अधिक युवाओं ने सरकारी नौकरियां पाने में सफलता प्राप्त की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार देवभूमि उत्तराखंड की डेमोग्राफी को बचाए रखने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसके लिए जहां एक ओर प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया, वहीं 9 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने दंगाइयों को सबक सिखाने के लिए सख्त दंगारोधी कानून बनाकर दंगों में होने वाले नुकसान की भरपाई भी उनसे ही करने का कार्य किया है। हाल ही में सरकार ने नया कानून लागू कर राज्य में मदरसा बोर्ड को समाप्त करने का निर्णय लिया है। इस कानून के लागू होने के बाद एक जुलाई 2026 के बाद उत्तराखंड में केवल वही मदरसे संचालित हो पाएंगे, जिनमें सरकारी बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। राज्य में अवैध रूप से संचालित ढाई सौ से अधिक मदरसों को भी बंद करवाया गया है। प्रदेश सरकार राज्य में सनातन संस्कृति को बदनाम करने वाले पाखंडियों के विरुद्ध ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के माध्यम से भी सख्त कार्रवाई कर रही है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने गढ़वाल सभा भवन जल्द बनाने और सिफन कोर्ट का मामला जल्द हल करने की बात कही तथा मसूरी में वेंडर जोन की घोषणा सहित अन्य मांगों पर भी शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड आंदोलन के प्रमुख चेहरा रहे स्वर्गीय इंद्रमणि बड़ोनी के जन्मशताब्दी समारोह को भी भव्य तरीके से मनाएगी।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मसूरी तहसील बनाने के लिए सीएम का आभार व्यक्त करने के साथ ही मसूरी की विभिन्न मांगों को मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी, दर्जाधारी सुभाष बड़थ्वाल, पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, पूर्व पालिकाध्यक्ष मनमोहन मल्ल सहित राज्य आंदोलनकारियों एवं बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी शामिल हुए।

अवैध निर्माण व अतिक्रमण के विरुद्ध एमडीडीए की सख्त कार्रवाई, बहुमंजिला भवन किया सील

मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जनहित और सुव्यवस्थित शहरी विकास को ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण ने आज कई स्थानों पर अवैध प्लॉटिंग और निर्माण कार्यों को ध्वस्त कर दिया।

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत सहस्त्रधारा रोड निकट हैली पैड देहरादून में किये गये बहुमंजिला अवैध निर्माण पर सीलिंग की कार्यवाही की गयी। विक्रान्त कुमार एवं अन्य द्वारा आई.टी. पार्क, हैली पैड रोड, विनायक हिल्स, सहस्त्रधारा रोड, देहरादून में अवैध बहुमंजिला निर्माण पर कार्यवाही करते हुए सीलिंग की कार्यवाही की गयी। इस कार्यवाही में सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत, अवर अभियंता गौरव तोमर, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे।

उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने कहा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और अतिक्रमण के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। हमारा उद्देश्य लोगों को सुरक्षित, व्यवस्थित और स्वच्छ शहरी वातावरण उपलब्ध कराना है। जो लोग नियमों का उल्लंघन कर अवैध निर्माण कर रहे हैं, उनके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। एमडीडीए ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे केवल स्वीकृत और वैध नक्शों के आधार पर ही निर्माण कार्य करें।

पलटन बाजार से शुरू की सीएम धामी ने स्वदेशी उत्पाद अपनाने की अपील की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून के पलटन बाजार में आयोजित ‘स्वदेशी अपनाओ, राष्ट्र को आगे बढ़ाओ’ जनजागरूकता अभियान का नेतृत्व किया। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय व्यापारियों, स्वयंसेवी संगठनों और नागरिकों को स्वदेशी उत्पादों के अधिकाधिक उपयोग के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल के आह्वान को जन-जन तक पहुंचाने का एक सशक्त प्रयास है। उन्होंने कहा कि जब हम अपने देश में निर्मित वस्तुओं को प्राथमिकता देंगे, तो देश की आर्थिक स्थिति और स्थानीय रोजगार दोनों को बल मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि स्वदेशी अपनाना केवल आर्थिक निर्णय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय कर्तव्य है। प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए स्वदेशी अपनाओ देश को मजबूत बनाओ के मंत्र को अपनाकर हम न केवल देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकते हैं, बल्कि स्थानीय उत्पादकों, शिल्पकारों और छोटे उद्यमियों को भी आत्मनिर्भर बना सकते हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने व्यापारियों से अपील की कि वे अपनी दुकानों पर स्वदेशी नाम पटिकाएं अवश्य लगाएं, ताकि उपभोक्ताओं में स्वदेशी के प्रति विश्वास और गर्व की भावना उत्पन्न हो। उन्होंने यह भी कहा कि “स्वदेशी वस्तुओं के प्रयोग से न केवल हमारे देश का पैसा देश में रहेगा, बल्कि भारत वैश्विक मंच पर और अधिक सशक्त बनकर उभरेगा।”

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पलटन बाजार की दुकानों का भ्रमण किया तथा स्वदेशी अपनाओ राष्ट्र को मजबूत बनाये के स्टीकर लगाए। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि त्योहारों, उपहारों एवं दैनिक उपयोग में स्वदेशी विकल्पों को प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह न केवल एक प्रेरणादायक पहल होगी, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक पहचान और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी सुदृढ़ करेगी।

इस अवसर पर भारी संख्या में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, व्यापारी संघों के पदाधिकारी, स्वयंसेवी संगठन और नागरिकों ने मिलकर स्वदेशी को अपनाने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहभागी बनने का संकल्प लिया तथा मुख्यमंत्री को अपना समर्थन दिया। कार्यक्रम में स्थानीय युवाओं, व्यापारियों एवं सामाजिक संगठनों की भी सक्रिय सहभागिता रही। उपस्थित जनसमूह ने स्वदेशी अपनाओ – देश बचाओ के नारे के साथ अभियान को समर्थन दिया।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट सहित जनप्रतिनिधि तथा भारी संख्या में स्थानीय लोग, व्यापारी व व्यवसायी उपस्थित थे।

विधानसभा पहुंचे सीएम धामी, विभिन्न कार्यालयों का किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा देहरादून में स्थित विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विधानसभा सचिवालय, मंत्रीगणों के कक्षों तथा अन्य प्रशासनिक कार्यालयों का अवलोकन करते हुए कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पारदर्शिता, त्वरित कार्य निष्पादन और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप सेवा भाव से कार्य करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कार्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं, अभिलेख प्रबंधन, डिजिटलीकरण की स्थिति तथा आमजन व जनप्रतिनिधियों के कार्यों से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनता को सुगम, पारदर्शी और त्वरित सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। इस दिशा में विधानसभा के कार्यकलापों को भी तकनीकी दृष्टि से और अधिक सक्षम तथा आधुनिक बनाने की दिशा में कार्य किए गए हैं।

निरीक्षण के अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, विधानसभा सचिवालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

देहरादून डीएम जनदर्शन में असहाय सुशीला को पेंशन; उपचार; मकान मरम्मत मौके पर ही

जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार कलेक्टेªट में जनता दर्शन कार्यक्रम का  आयोजन किया गया। जनता दर्शन में आज 150 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई अधिकतर मामले भूमि विवाद सम्बन्धी प्राप्त हुए इसके अतिरक्त नगर निगम, एमडीडीए, लोनिवि, जिला पंचायत, पुलिस, वन, विद्युत आदि विभागों से सम्बन्धित प्राप्त हुई।
चुक्खुवाला निवासी सुशीला देवी ने डीएम से गुहार लगाई कि वह गरीब असहाय परितक्यता महिला है जो अपनी पुत्री के साथ मायके रहती है तथा मकान की हालत जीर्णशीर्ण है लगातार हो रही वर्षा से पानी टपकता है तथा आय का कोई साधन नही है बीमार रहती है उन्होंने जिलाधिकारी से घर मरम्मत कराने का अनुरोध किया, जिस पर जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को घर के लिए आपदा मद से प्रस्तावित करने, मुख्य चिकित्साधिकारी को महिला के उपचार कराने तथा समाज कल्याण अधिकारी को महिला का उपचार कराने के निर्देश दिए।
भरत सिंह बुटोला प्रेमनगर ने गुहार लगाई कि उन्होंने वर्ष 2012 में सम्पत्ति क्रय कि अब भूमि पर कब्जा नही दिया जा रहा है जिस पर तहसीलदार विकासनगर को कार्यवाही के निर्देश दिए। कांसवाली प्रेमनगर निवासी शिव देवी ने गुहार लगाई बेटे द्वारा अंगूठा लगाकर सम्पत्ति अपने नाम  करवा ली है।
सावित्री देवी ने डीएम से गुहार लगाई की बेटा उनको घर से बाहर निकाल रहा है तथा बेटी अंजू को उसके पिता ने 1 बीघा भूमि दी थी तब भी बेटे द्वारा उनको और बेटी को परेशान किया जा रहा है जिस पर जिालधिकारी ने तहसीलदार विकासनगर को आख्या प्रस्तुत करने  के निर्देश दिए। बजुर्ग कलम सिंह कृषाली ने बेटे द्वारा प्रताड़ित करने की शिकायत की जिस पर उप जिलाधिकारी डोईवाला को भरणपोषण अधिनियम में कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। राजेेश्वरी देवी ने गुहार लगाई कि उनका बेटा एवं पोता दिव्यंाग है आर्थिक सहायता का अनुरोध किया गया।  
हरिपुर ऋषिकेश निवासी 85 वर्षीय बुजुर्ग भगवती प्रसाद ने गुहार लगाई की उनके घर पर नाली नही बना रहे हैं जिस पर डीएम ने जिला पंचायतराज अधिकारी, एएमएनए जिला पंचायत से आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त बद्रीपुर निवासियों द्वारा बंदर केे आतंक से निजात दिलाने, लखवाड़़ निवासी लदुर सिंह ने गुहार लगाई कि उनको बांध प्राभावित की अनुग्रहित मुआवजा राशि नही मिल पाई जिस पर एसएलएओ को आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
जनता दर्शन में अपर जिलाधिकारी वित्त एंव राजस्व के.के मिश्रा, अपर नगर आयुक्त नगर निगम रजा अब्बास, नगर मजिस्टेªट प्रत्युष सिंह, उप जिलाधिकारी अपूर्वा सिंह, विनोद कुमार, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी स्मृता परमार, उप जिलधिकारी कुमकुम जोशी, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, सहित सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।

उत्तराखंड को योग एवं अध्यात्म की वैश्विक राजधानी बनाने के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही सरकारः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारपुरम में योगा पार्क एवं अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने एआई चौटबॉट ‘निगम सारथी’ लॉन्च किया और हरित नीति के डोक्यूमेंट का अनावरण भी किया। मुख्यमंत्री ने पर एक पेड़ माँ नाम के नाम के तहत रूद्राक्ष का पौधा रोपा, जो सरकार द्वारा चलाये गये बृहद पौधारोपण अभियान के तहत नगर निगम क्षेत्र देहरादून के अन्तर्गत इस वर्ष रोपा गया एक लाखवां पौधा था। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्वच्छता सम्मान सेनानियों और कर निरीक्षकों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नशा मुक्ति के लिए सामूहिक शपथ भी दिलाई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केदारपुरम में आधुनिक योगा पार्क के जरिए हम राजधानी देहरादून में स्वास्थ्य, खुशहाली और पर्यावरण को साथ लेकर चलने की दिशा में एक और मजबूत कदम उठा रहे हैं। यह योगा पार्क आने वाले समय में शहरवासियों के लिए न केवल आकर्षण का केंद्र बनेगा, बल्कि स्वास्थ्य, फिटनेस सहित सामाजिक गतिविधियों का भी एक प्रमुख केंद्र होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को योग एवं अध्यात्म की वैश्विक राजधानी बनाने के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य के साथ, इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रदेश में देश की पहली ’योग नीति’ लागू कर दी गई है। साथ ही राज्य में आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में एक-एक ’’स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन’’ की स्थापना भी की जा रही है। सरकार का प्रयास है कि योग लोगों की जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बने, जिससे उनका शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास हो सके। इसी सोच के साथ केदारपुरम सहित अन्य पार्कों का निर्माण किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में, देहरादून को एक आधुनिक और विकसित शहर बनाने के लिए लगभग 14 सौ करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न विकास परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज हम प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर वर्ष 2020 में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रारंभ किए गए नशा मुक्त भारत अभियान की पांचवी वर्षगांठ भी मना रहे हैं। इस अभियान को सफल बनाने के लिए हम सभी को मिलकर नशे के खिलाफ एक बड़ी और निर्णायक जंग लड़नी होगी। नशा स्वास्थ्य और सामाजिक प्रतिष्ठा, दोनों को तो नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति के लिए प्रत्येक स्तर पर कार्य कर रहे हैं, इस महत्वपूर्ण कार्य में जनभागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उसके बिना “ड्रग्स फ्री उत्तराखंड“ का हमारा सपना पूरा नहीं हो सकता। राज्य में पिछले 3 वर्षों में जहां मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त चार हजार से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है, वहीं 203 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की नशीली सामग्री भी जब्त की गई है। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे स्वयं भी नशे को पूरी मजबूती के साथ “ना“ कहें और अपने साथियों को भी नशे के लिए ’’ना’’ कहने के लिए प्रेरित करें। मुख्यमंत्री ने पुष्कर सिंह धामी ने कहा का राज्य सरकार ड्रग्स के कारोबार और इससे होने वाली कमाई के खिलाफ ’’जीरो टॉलरेंस’’ की नीति के अनुरूप कार्यवाही कर रही है। इसलिए ’’नशा मुक्त उत्तराखण्ड से नशा मुक्त भारत’’ बनाने के लिए हम कोई कसर नहीं छोड़ेगें।

कार्यक्रम में मेयर सौरभ थपलियाल ने नगर निगम देहरादून द्वारा किये जा रहे विभिन्न कार्यों के बारे में जानकारी दी।

राज्यसभा सांसद डॉ. कल्पना सेनी ने इस अवसर पर उत्तरकाशी के धराली में आई आपदा में पीड़ितों के पुनर्वास और राहत कार्यों के लिए एक माह का वेतन और अपने सांसद निधि से एक करोड़ रूपये निर्माण कार्य के लिए प्रदान करने की बात कही।

कार्यक्रम में विधायक उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, सचिव श्रीधर बाबू अदांकी, नगर आयुक्त देहरादून नमामि बंसल, पार्षदगण एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

विकास कार्यों का विवरण

शिलान्यास
गांधी पार्क का विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्य – 164.33 लाख।

नगर निगम टाउन हॉल का जीर्णाेद्धार एवं हाल के अंदर और मुख्य बिल्डिंग के बाहर एफआरपी कार्य- 232.50 लाख।

लोकार्पण
वार्ड 33 यमुना कॉलोनी में पार्क निर्माण कार्य – 139.49 लाख।

वार्ड 88 हरबाजवाला में मछली तालाब का रखरखाव, वनीकरण एवं वाकिंग ट्रैक निर्माण – 170.32 लाख।

वार्ड 58 डिफेंस कॉलोनी केदारापुरम में योगा पार्क का निर्माण एवं अन्य विकास कार्य – 437.07 लाख।