स्वामी विवेकानंद जयंती पर मुख्यमंत्री आवास में कवि सम्मेलन का आयोजन

  स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के अवसर पर जनता दर्शन हॉल, मुख्यमंत्री आवास में आयोजित ‘राष्ट्रभक्ति कवि सम्मेलन’ में कवि डा. कुमार विश्वास,  कविता तिवारी, राजीव राज, रमेश मुस्कान और तेजनारायण शर्मा ‘बेचैन’ ने अपनी कविताओं से समां बांध दिया। कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सीमित संख्या में आमंत्रित किए गए लोगों के बीच राष्ट्र, संस्कृति, सेना की वीरता, मातृ शक्ति सहित विभिन्न विषयों पर काव्य प्रस्तुतियां की गईं। डा. कुमार विश्वास ने अपने अंदाज में कवि सम्मेलन को संचालित कर लोगों को कवि सम्मेलन में सहभागी बनाया। राष्ट्रभक्ति, देश के लिए बलिदान की भावना, भारतीय संस्कृति के महत्व पर प्रस्तुत की गई कविताओं पर सभागार दर्शकों की तालियों से गूंजता रहा। बीच-बीच में कवियों ने व्यंग्य से दर्शकों को हंसाया भी और कविताओं के माध्यम से संदेश भी दिया।
कविताओं की गहराई को समझने की जरूरत
कार्यक्रम में अतिथि कवियों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि स्वामी विवकानंद जी हम सभी के आदर्श हैं। उन्होंने पूरी दुनियां में भारतीय दर्शन और आध्यात्मिकता का परचम लहराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति उस छाते की तरह है जिसके नीचे सभी दर्शन, विचार, मत, सम्प्रदाय खुली सांस के साथ आश्रय लेते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कवि मुक्त होते हैं, उन्हें मुक्त होना भी चाहिए। जहां न पहुंचे रवि वहां पहुंचे कवि। हमारा दायित्व है कि उनकी कविताओं की गहराईयों को समझें। कविताओं के संदेश को समझ कर हम समाज, शासन में सुधार करने की कोशिश भी करते हैं। मुख्यमंत्री ने सभी काव्य प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि लम्बे समय बाद छोटे स्तर पर इस तरह का आयेजन किया गया है। हमारा देश कोविड से जंग जीतने की ओर है। वैक्सीनेशन भी शुरू किया जा रहा है। आशा है कि हम जल्द ही कोरोना से पूरी तरह से मुक्त होंगे और बड़े स्तर पर इस तरह का आयेजन करेंगे।

ये गंगा का किनारा है
इससे पहले डा. कुमार विश्वास ने ‘है नमन उनको जो इस देह को अमरत्व देकर, इस जगत में शौर्य की जीवित कहानी हो गए…………………………………………..है नमन उनको जिनके सामने बौना हिमालय, जो धरातल पर गिर पड़े, आसमानी हो गए’’ कविता से शहीदों को नमन किया। डा. विश्वास ने गंगा पर भी कविता सुनाई जो उन्होंने उत्तराखण्ड में ही लिखी थी। ‘खिलौने साथ बचपन तक, जवानी बस रवानी तक, सभी अनुभव भरे किस्से बस बुढ़ापे की कहानी तक, जवानी में बस सहारे हैं बस जिंदगी भर के, मगर ये जिंदगी के आखिरी पल का सहारा है, ये गंगा का किनारा है, ये गंगा का किनारा है’’। डा. विश्वास ने अपनी प्रसिद्ध कविता ‘कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता ह’ सहित अन्य कई कई कविताएं भी सुनाईं।
हमारा देश पावन आरती के थाल जैसा है
 कविता तिवारी ने मां शारदा की वंदना करते हुए अपनी ओजस्वी सुर में ‘‘धन द्रव्य सम्पदा तो नहीं मांग रही हूं, जो मांग रही हूं वो सही मांग रही हूं, कविता की पंक्ति पंक्ति राष्ट्र जागरण बने, आशीष आप सब से यही मांग रही हूं।’’  उत्तराखण्ड की दिव्यता और पवित्रता को नमन करते हुए उन्होंने ‘धरा यहां धरती के सम्मुनत भाल जैसा है, यहां की संस्कृति का रूप शुभटक साल जैसा है, कोई उपमा में सारे विश्व को कह दे शिवाला तो, हमारा देश पावन आरती के थाल जैसा है।’’ कविता सुनाई।  
यादें झीनी रे
 राजेश राज ने बचपन पर आधारित  कविता ‘यादें झीनी रे झीनी रे’ का मधुर गायन कर लोगों को बचपन की यादों में लौटा दिया। तेजनारायण शर्मा बेचैन ने कोरोना काल में घटित घटनाओं पर आधारित कविता प्रस्तुत की।
कार्यक्रम में केबिनेट मंत्री मदन कौशिक, डा.हरक सिंह रावत, राज्य मंत्री डा. धन सिंह रावत, विधायक गणेश जोशी, हरबंस कपूर, सचिव राधिका झा, दिलीप जावलकर, प्रसिद्व गायक  नरेंद्र सिंह नेगी, प्रीतम भर्त्वाण उपस्थित थे।

बाहरी व्यक्ति कुंभ मेला में वारदात को न दें अंजाम, पुलिस ने चलाया तलाशी अभियान

कुंभ मेला के तहत ऋषिकेश पुलिस ने नगरक्षेत्र में संदिग्धों की तलाशी व बाहरी लोगों का सत्यापन अभियान चलाया। इस मौके पर त्रिवेणी घाट परिसर पर पुलिस ने टीमें तैनात रही।
कोतवाल रितेश शाह के नेतृत्व में त्रिवेणी घाट परिसर पर सत्यापन, चेकिंग व तलाशी अभियान चलाया गया। अभियान से पूर्व क्षेत्राधिकारी महोदय द्वारा ब्रीफिंग लेकर निम्नलिखित दिशा निर्देश दिए गए।
मौके पर
1- तलाशी लेने से पूर्व सभी अधिकारी एवं कर्मचारी गणों को हैंड ग्लेव्स वितरित किए गए।

2- विनम्रता के साथ बात करते हुए बाहरी एवं संदिग्ध व्यक्तियों का नाम पता नोट करने हेतु बताया गया।

3- त्रिवेणी घाट परिसर में खड़े बाहरी वाहनों को चेक करने हेतु बताया गया।

उपरोक्त चेकिंग अभियान के दौरान क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश व प्रभारी निरीक्षक कोतवाली ऋषिकेश, समस्त चैकी प्रभारी व पुलिस सिपाही मौजूद रहे।

सब्जी मंडी को खाली कराने पहुंची निगम की टीम, लोगों ने किया हंगामा

जीवनी माई रोड पर फुटकर सब्जी विक्रेताओं ने उस समय हंगामा कर दिया जब नगर निगम की टीम सब्जी मंडी को खाली कराने पहुंची। सब्जी विक्रेताओं ने उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए जमकर नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। विरोध होने पर नगर निगम की टीम बैरंग लौट गई। जिसके बाद सब्जी विक्रेताओं की नगर निगम कार्यालय में अधिकारियों के साथ वार्ता हुई। जिसमें विक्रेताओं ने सब्जी मंडी खाली कराने से पहले उन्हें विस्थापित करने की मांग की।

शर्त भी रखी की विस्थापित की जगह सब्जी विक्रेताओं की सुविधा अनुसार होनी चाहिए। यही नहीं निगम के द्वारा दिए जाने वाले खोखो को भी लेने का दबाव सब्जी विक्रेता बर्दाश्त नहीं करेंगे। निगम अधिकारियों ने सब्जी विक्रेताओं को आश्वासन दिया है कि जल्दी ही व्यापारियों के साथ बैठक कर बीच का रास्ता निकाला जाएगा।

नई सोच नई उम्मीद के साथ योग नगरी को किया जा रहा है विकसितः अनिता ममगाई

मेयर अनिता ममगाईं के सकारात्मक सोच के चलते अब हर वार्ड में जनता की समस्या का निराकरण निगम जनता दरबार से होगा। आज से चंद्रेश्वर नगर में इसकी शुरूआत हुई।

मेयर अनिता ममगाई ने वार्ड संख्या 01 के चन्द्रेश्वर नगर में कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कहा कि नई सोच नई उम्मीद के साथ में नये ऋषिकेश को विकसित करने के लिए एक स्पष्ट विजन के साथ शहर में योजनाओं को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। इसके अलावा नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत रहने वाले लोगों को जन समस्याओं के निस्तारण के लिए परेशानियों का सामना ना करना पड़े इसके लिए अपने घोषणापत्र के अनुसार नगर निगम जनता के द्वार कार्यक्रम शुरू किया गया है। प्रत्येक माह निगम के दो वार्डो पर निगम क्षेत्र के पार्षदों के साथ अधिकारियों और कर्मचारियों की संयुक्त टीम जनता की समस्याओं के निस्तारण के लिए उनके द्वार पहुंचेगी और त्वरित गति से कार्य करते हुए समस्याओं का निस्तारण करायेगी। इससे पूर्व नगर निगम की टीम को जनसमस्याओं के निस्तारण के लिए क्षेत्र में पहुंचने पर वहां उपस्थित लोगों की खुशियों का ठिकाना नहीं रहा। लोगों ने मेयर की कार्य प्रणाली की जमकर सराहाना की ।

कहा कि, जनप्रतिनिधि ऐसा हो जो समस्याओं के समाधान के लिये जनता के बीच पहुंचकर उनका निदान करे।इस दौरान महापौर ने क्षेत्रवासियों को बताया कि हर वार्ड के लोगों की छोटी-बड़ी समस्याओं को समझकर उनके निराकरण करने के मकसद से कार्यक्रम की शुरुआत की गई है।कार्यक्रम का उद्देश्य गली मोहल्लों में व्याप्त समस्याओं को एकत्रित कर उनका निराकरण करना है। जिससे वार्डों में लोग समस्या मुक्त रह सकें।महापौर ममगाई ने बताया कि नगर निगम की ओर से तमाम विभागों के सक्षम अधिकारियों की मौजूदगी में आज जन समस्याएं सुनी गई। ज्यादातर समस्याए समाज कल्याण विभाग से जुड़ी वृद्वावस्था पेंशन की सामने आई हैं।इसके अलावा विधुत पोलों एवं सीवर की समस्याओं को भी कुछ लोगों द्वारा रखा गया है।उन्होंने एक सप्ताह के भीतर समस्याओं के निराकरण के आदेश अधिकारियों को दिए हैं। नगर आयुुक्त नरेन्द्र सिंह क्वीरियाल ने बताया कि छोटी सरकार के विजन को पूरा करने के लिए निगम प्रशासन तत्परता से कार्य कर रहा है। इस दौरान क्षेत्रीय पार्षद पुष्पा मिश्रा,सप्लाई इस्पेक्टर विजय डोभाल, एई अनिल नेगी,नायाब तहसीलदार विजय,सहायक अभियंता आनंद मिश्रवान,लोनिवि से उप्रेन्द्र कुमार गोयल,जल संस्थान से अशोक सिंह, एस आई उत्तम रमोला, विद्युत विभाग से जेई बृजपाल एवं जेई वीरेन्द्र राणा आदि मौजूद रहे।

स्पीकर प्रेमचंद ने जम्मूतवी ट्रेन को योगनगरी रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

ऋषिकेश से जम्मू तक जाने वाली जम्मूतवी ट्रेन अब ऋषिकेश के पुराने रेलवे स्टेशन से नहीं, बल्कि नए योगनगरी रेलवे स्टेशन से संचालित होगी। आज इस ट्रेन को विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। दोपहर तीन बजकर 40 मिनट पर योगनगरी रेलवे स्टेशन से जम्मूतवी ट्रेन संचालित हुई। इस मौके पर यात्रियों में अलग ही उत्साह देखने को मिला।
विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि योग नगरी ऋषिकेश से जम्मू तवी (ट्रेन सं०04605) के लिए रेल यातायात को खोले जाने पर उन्हें अत्यंत हर्ष का अनुभव हो रहा है।उन्होंने कहा कि योग नगरी ऋषिकेश में विहंगम दृश्य वाली पहाड़ी शैली से बनाया गया स्टेशन यहां आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को आकर्षित करेगा। योग नगरी ऋषिकेश स्टेशन से संचालित सभी ट्रेनें उत्तराखंड की जनता के आवागमन को सुगम एवं सुरक्षित करेगी एवं उत्तराखंड को भारत के पर्यटन मानचित्र में स्थापित करने का भी काम करेगी।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि उत्तराखंड की रेल परियोजना में प्रकृति के संरक्षण के लिए भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है जिसका सफल उदाहरण वीरभद्र से योग नगरी ऋषिकेश स्टेशन के मार्ग पर स्पष्ट दिखाई दे रहा है।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में स्थित चारों धामों को रेल मार्ग से जोड़ने का संकल्प प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2014 में लिया गया था, इसी सपने को साकार करने के उद्देश्य से 125 किलोमीटर लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का कार्य तीव्र गति से चल रहा है।श्री श्री अग्रवाल ने कहा कि इस महत्वकांक्षी परियोजना के 105 किलोमीटर हिस्से का निर्माण पहाड़ों के भीतर 70 सुरंग एवं नदियों के ऊपर 16 पुलों के निर्माण के रुप में होना है, परियोजना में 14.7 किलोमीटर भारत की सबसे लंबी रेलवे सुरंग का भी निर्माण किया जाना है साथ ही शिवपुरी, व्यासी, देवप्रयाग, श्रीनगर, धारी देवी, रुद्रप्रयाग, गौचर, कर्णप्रयाग सहित 12 स्टेशनों का निर्माण होना है।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि इस परियोजना से पर्यटन के अलावा प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से राज्य की जनता को रोजगार के नये अवसर भी प्राप्त होंगे। विधानसभा अध्यक्ष ने इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं रेल मंत्री पीयूष गोयल का आभार व्यक्त किया है।

इस मौके पर मुरादाबाद मंडल रेल प्रबंधक तरुण प्रकाश, मंडल वाणिज्य प्रबंधक रेखा शर्मा, मैकेनिकल इंजीनियर समर्थ सिंह, स्टेशन प्रबंधक ज्ञानेंद्र सिंह परिहार, मेयर अनिता मंमगाई, ऋषिकेश मंडल अध्यक्ष दिनेश सती, प्रदेश उपाध्यक्ष कुसुम कंडवाल, जिला महामंत्री सुदेश कंडवाल, राजेश जुगलान, पार्षद वीरेंद्र रमोला, पार्षद विपिन पंत, पार्षद बिजेंद्र मोगा, पार्षद ऋषि कांत गुप्ता, पार्षद संजीव पाल, पार्षद राजू नरसिम्हा, पार्षद शिव कुमार गौतम, अरुण बडोनी, सीमा रानी, मनोज शर्मा, गोपाल सती, सुमित पवार, मुकेश ग्रोवर, सुमित सेठी, सचिन अग्रवाल, रविंद्र राणा, ऋषि राजपूत, पार्षद प्रदीप कोहली, रजनी बिष्ट, भूपेंद्र राणा, अरविंद गुप्ता, अनीता तिवाडी, विनोद भट्ट, जयंत शर्मा, मनोज ध्यानी, विनीत रामपाल, विजय बडोनी आदि उपस्थित थे।

गैस सिलेंडर में विस्फोट होने से मकान क्षतिग्रस्त, एक महिला भी चोटिल

गुमानीवाला के एक घर में बहुत दिनों से हो रही गैस लीकेज की समस्या आज विस्फोट के रूप में तब्दील हो गई। इसका नतीजा यह रहा कि मकान पूरा क्षतिग्रस्त हो गया और एक बुजुर्ग महिला को चोटें आई है। गमीमत रही कि घर के बच्चे अपनी माता के साथ नैनिहाल गए हुए थे। इससे बड़ा हादसा होने से टल गया।

दरअसल, गली नंबर 10, वार्ड नंबर 36 गुमानीवाला में आज करीब 12 बजे प्रदीप बिष्ट के मकान में गैस का दबाव बढ़ने से विस्फोट हो गया। इस कारण कीचन की सिंगल ईंट की दीवार ढल गई। इसके अलावा पूरे मकान में जगह-जगह दरारें आ गई। मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त होेने के अलावा घर में मौजूद प्रदीप बिष्ट की माता 70 वर्षीय शांतिदेवी को चोटें आईं है, उनके इमरजेंसी सेवा 108 के जरिए निजी अस्पताल में भेजा गया है।

पार्षद वीरेंद्र रमोला के अनुसार, प्रदीप बिष्ट के घर में गैस रिसाव की समस्या कई दिनों से हो रही थी। प्रदीप मजदूरी करते है, घटना के वक्त उनकी पत्नी अपने बच्चों के साथ मायके गई हुई थी। बताया कि सिलेंडर नहीं फटा है, इस कारण बड़ी दुर्घटना होने से टल गई है। बताया कि मकान की खिड़की, जगह-जगह दरारें और प्रदीप की माता को चोट आईं है। मौके पर पुलिस की टीम, गैस एजेंसी व फायर कर्मी भी मौजूद हैं।

राष्ट्र निर्माण में संतों का रहता है अहम योगदानः मेयर अनिता ममगाई

मेयर अनिता ममगाई ने कहा कि संतों एवं महापुरुषों ने सदैव राष्ट्र को एकता के सूत्र में बांधा है। समाज को एक नई दिशा देने का काम किया है। राष्ट्र निर्माण में संतों का अहम योगदान रहा है।
आज कबीर चैरा आश्रम में आश्रम के ब्रहमलीन 108 महंत प्रदीप दास महाराज की प्रथम पुण्यतिथि पर आयोजित धार्मिक अनुष्ठान आयोजित हुआ। मेयर अनिता ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि मानव सेवा के लिए समर्पित रहें संतों का जीवन निर्मल जल के समान होता है। संतों के उपदेश सदैव प्रेरणादायी होते हैं जिन्हें आत्मसात कर व्यक्ति को अपना जीवन लोक कल्याण के कार्य में समर्पित करना चाहिए। इसी तरह महापुरुषों ने सदैव समाज का मार्गदर्शन कर मानव कल्याण के लिए प्रेरित करने का काम किया है। कहा कि मनुष्य को परोपकार के कार्य करने चारिए। गरीबों एवं असहायों की सेवा करना सबसे बड़ा पुण्य हैं। व्यक्ति महान नहीं होता, व्यक्ति का कर्म महान होता है।

ऋषिकेश बदरीनाथ मार्ग पर स्थित कबीर चैरा आश्रम में महेंद्र कपिल मुनि की अध्यक्षता में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में षड्दर्शन साधु समाज के अखिल भारतीय अध्यक्ष महंत गोपाल गिरी, रघुनाथ मंदिर के मंहत मनोज द्विवेदी, स्वामी महंत प्रकाशानंद, आचार्य मदन, स्वामी धर्मानंद, सविंद्र सिंह, महिमानंद, महंत बलवीर सिंह, महंत कृष्णानंद, मोनी बाबा, पंडित रवि शास्त्री, आनंद गिरी, स्वतंत्र मुनि, पंकज शर्मा, अभिषेक शर्मा आदि उपस्थित रहे।

ऋषिकेश में कुंभ मेला कंट्रोल रूम की बिल्डिंग को नया थाना बनाने के डीजीपी ने दिए संकेत

जी हां, कुंभ मेला के बाद ऋषिकेश में नया पुलिस थाना बनने जा रहा है, यह फैसला ऋषिकेश की आबादी को ध्यान में रखते हुए लिया जा रहा है। इसके संकेत आज पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड अशोक कुमार ने दिए। इसके लिए उन्हें सीओ आफिस के पास कुंभ मेला के मद्देनजर बनाई गए कंट्रोल रूम की बिल्डिंग को चुना है। उन्होंने बिल्डिंग का निरीक्षण करने के बाद कहा कि ऋषिकेश उनकी प्राथमिकता में पहले से ही है। इसलिए यहां की हर गतिविधि पर उनकी नजर रहती है। यहां एक नया पुलिस थाना बनाया जाना है, इसके लिए कंट्रोल रूम की बिल्डिंग बेहतर विकल्प है।

दरअसल आज डीजीपी का पदभार संभालने के बाद पहली दफा ऋषिकेश पहुंचे अशोक कुमार ने कुंभ मेला को लेकर जनता से जनसंवाद और सुझाव कार्यक्रय रखा। मौके पर नगर के व्यापारियों रवि जैन ने पार्किंग, स्टैंड पोस्ट को लेकर समस्या बताई। जिपंस विनोद चैहान ने नेपाली फार्म से सत्यनारायण वाले रूट पर पर्यटकों व श्रद्धालुओं पर गुलदार के आतंक को लेकर अपनी बात रखी। भाजपा नेता ज्योति सिंह सजवाण ने पुलिस सत्यापन, दीपक गौनियाल ने पुलिस की मदद को लेकर युवाओं की भागीदारी पर बात रखी। इन सभी बातों को डीजीपी की ओर से नोट भी किया गया तथा इसमें अमल करने के संकेत भी दिए गए।

गंगानगर में खुलेगी अस्थाई पुलिस चौकी
समाजसेवी व व्यापारी नेता पंकज गुप्ता ने गंगानगर में पुलिस चौकी खोलने की मांग रखी। इस सुझाव को अहम मानते हुए डीजीपी अशोक कुमार ने अस्थाई पुलिस चौकी गंगानगर और बैराज पुल के दोनों साइड खोलने की बात कही।

कांस्टेबल सुधीर सैनी को मिलेगा मेडल
पार्षद गुरविंद सिंह ने लाॅकडाउन के दौरान आईडीपीएल चौकी में तैनात कांस्टेबल सुधीर सैनी का मामला डीजीपी को बताया। कहा कि कांस्टेबल ने लोगों के पेट भरने को अपना निजी खर्च तक लगा दिया। इसके लिए बकायदा चैकी इंचार्ज को कांस्टेबल की गैरमौजूदगी में पार्षद की ओर से सम्मानित किया गया। वहीं, डीजीपी ने कांस्टेबल को मेडल देने की बात भी कही।

सुझाव देने को नंबर किया जारी
कुंभ मेला आईजी संजय गुंज्याल ने मेला को लेकर जनता के सुझाव के लिए उत्तराखंड पुलिस का एक व्हाट्सअप नंबर दिया। कहा कि 9411112945 पर अपने सुझाव दिए जा सकते है।

यह निर्णय भी लिए गए-
– डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि फरवरी अंत तक कांवड़ यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या देखते हुए ऋषिकेश, मुनिकीरेती, लक्ष्मणझूला में 100 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
– कोई भी स्नान कुंभ मेला के दौरान प्रतिबंधित नहीं होगा।
– मुनिकीरेती में पुलिसिंग बढ़ाई जाएगी।
– त्रिवेणी घाट में जल पुलिस की स्थाई चैकी बनाई जाएगी।

दून में हुआ उत्तराखण्ड राज्य की पंचायती राज संस्थाओं हेतु सम्पर्क और परिचय कार्यक्रम

संसदीय लोकतंत्र प्रशिक्षण संस्थान (प्राइड) लोकसभा सचिवालय और पंचायती राज विभाग द्वारा उत्तराखण्ड की पंचायतीराज संस्थाओं हेतु संपर्क और परिचय कार्यक्रम के तहत ‘‘पंचायतीराज व्यवस्था विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था का सशक्तीकरण’’ विषय पर सम्मेलन हुआ। कार्यक्रम का शुभारम्भ करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा कि भारत का लोकतंत्र मजबूत भी है और सशक्त भी है। इसको और सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास हो रहे हैं। भारत के संविधान की मूल भावना लोकतांत्रिक गणराज्य की थी। जनता को मध्य में रखकर हमारी शासन व्यवस्था रहे। आजादी के बाद से भारत में अभी तक 17 लोकसभा एवं 300 से अधिक विधानसभा के चुनाव हुए हैं। लोकतंत्र के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा तथा लगातार लोगों का मतदान के प्रति रूझान बढ़ा है।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र पंचायत से संसद तक मजबूत हो इसके लिए पंचायतीराज व्यवस्था के अन्तर्गत भी संवैधानिक प्राविधान किये गये। ताकि गांवों में चुनी हुई सरकार को संवैधानिक अधिकार मिलें। 73वें संविधान संशोधन में माध्यम से ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों, जिला पंचायतों को और अधिक सशक्त बनाया गया। लोक सभा अध्यक्ष ने कहा कि उत्तराखण्ड सीमांत क्षेत्र है, राज्य के अनेक जिले अन्तरराष्ट्रीय सीमाओं से लगे हैं। उत्तराखण्ड से सबसे अधिक जवान सीमाओं पर डटकर देश की रक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्राम, क्षेत्र एवं जिला पंचायतों का सशक्तिकरण बहुत जरूरी है। सर्वांगीण विकास के लिए ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों का समान विकास हो, इसके लिए लगातार प्रयास हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सबका साथ सबका विकास एवं आत्मनिर्भर भारत का जो संकल्प लिया है इस दिशा में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उत्तराखंड आने पर मिलती है मानसिक व शारीरिक शांतिः ओम बिड़ला
लोक सभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड की धरती पुण्य एवं तप की भूमि है। सदियों से तपस्वियों, ऋषियों एवं मनीषियों ने उत्तराखण्ड में तप किया। यह हमारी आस्था की धरती है, श्री बद्रीनाथ, श्री केदारनाथ सहित चारधाम यहां स्थित हैं। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड आने पर उन्हें मानसिक व शारीरिक रूप से नई ऊर्जा और स्फूर्ति का अनुभव होता है। इससे पूर्व उन्हें पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में प्रतिभाग करने के लिये उत्तराखण्ड आने का अवसर प्राप्त हुआ था। उन्होंने कहा कि देश में पंचायतीराज व्यवस्था एवं विकेन्द्रीकृत शासन के माध्यम से ग्राम पंचायतों से लेकर संसद तक किस तरह लोकतंत्र को और अधिक से अधिक मजबूत बनाया जा सकता है, इस पर विशेष ध्यान दिये जाने की जरूरत है। लोकतांत्रिक संस्थाओं के माध्यम से हम देश की जनता की आशाओं, आकांक्षाओं और अपेक्षाओं को पूरा कर सकते हैं। भारत का लोकतंत्र सदियों पुराना है। लोकतंत्र की शुरूआत गांवों से होती हैं। पंचायतों के माध्यम से जो निर्णय होते थे, उसे गांव के सब लोग मानते थे। भारत ने विश्व के अनेक देशों को लोकतंत्र के माध्यम से दिशा देने का काम किया है। हमारी लोकतंत्र की अवधारणा मजबूत भी है और सशक्त भी है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कार्यक्रम में वर्चुअल प्रतिभाग करते हुए कहा कि राज्य में ‘‘पंचायतीराज व्यवस्था विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था का सशक्तीकरण’’ विषय पर सम्मेलन होना हमारे लिये गर्व की बात है। भारत आज दुनिया के मजबूत लोकतंत्र के रूप में खड़ा है। इस मजबूती के लिए पंचायतों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। गांवों के विकास के बगैर शहरों का विकास नहीं हो सकता है। विकास के लिए गांव और शहर एक दूसरे से पारस्परिक रूप से जुड़े हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए विकास का मॉडल भ्रष्टाचार मुक्त होना जरूरी है। ग्रामीण विकास के लिए स्थानीय उत्पादों, कच्चे माल एवं प्राकृतिक संसाधनों को सदुपयोग होना जरूरी है। उत्तराखण्ड में लगभग 16 हजार गांव हैं। उनकी आजीविका में सुधार के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य में रूरल ग्रोथ सेंटर बनाये जा रहे हैं। अलग-अलग उत्पादों पर आधारित 107 ग्रोथ सेंटर शुरू किये गये हैं। पिरूल की पत्तियों से बिजली बनाने का कार्य राज्य में शुरू हुआ है। पिरूल की पत्तियों से ब्रेकेट्स बनाने का कार्य हो रहा है। पिरूल से ब्रेकेट्स बनाने के कार्य से इससे 40 हजार लोगों को रोजगार मिल सकता है। इन्वेस्टर समिट के दौरान में पर्वतीय क्षेत्रों 40 हजार करोड़ के इन्वेस्टमेंट के लिए एमओयू हस्ताक्षरित किये गये। मुख्यमंत्री सोलर स्वरोजगार योजना के तहत 25-25 किलोवाट तक की 10 हजार योजनाएं स्वीकृत की हैं। राज्य सरकार की ये योजनाएं पंचायतों को सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड सीमांत प्रदेश है। हम सीमाओं के सुरक्षा प्रहरी भी हैं। इसके लिए गांवों से पलायन का रूकना बहुत जरूरी है। राज्य में मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास निधि योजना शुरू की गई है। हमारे सीमांत क्षेत्रों में कैसे लोग रहें, पर्यटक जायें। सीमान्त क्षेत्रों में लगातार आवाजाही रहे। इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन प्रतिनिधियों को भी सीमांत क्षेत्रों में कुछ दिन का भ्रमण जरूर करना चाहिए, ताकि ऐसे क्षेत्रों में रह रहे लोगों का मनोबल बढ़ा रहे। सीमांत क्षेत्रों में एनसीसी कैंप लगाये जायेंगे। राज्य सरकार ने पिछले पौने चार साल में साढ़े पांच सौ से अधिक गांवों को सड़कों से जोड़ने का का कार्य किया। हर घर में बिजली पहुंचाई है। राज्य के हर परिवार को 05 लाख रूपये तक का स्वास्थ्य कवरेज देने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है। ग्रामीण क्षेत्रों के सभी 14 लाख परिवारों को 2022 तक मात्र एक रूपये में पानी का कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। साढ़ पांच लाख पानी के कनेक्शन दिये जा चुके हैं। शहरी गरीबों को भी मात्र 100 रूपये में पानी का कनेक्शन दिया जा रहा है। राज्य में पंचायतों में 50 प्रतिशत से अधिक जनप्रतिनिधि महिलाएं हैं। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य की माताओं और बहनों के सिर से घास की गठरी हटे, इसके लिए प्रयास किये जा रहे हैं, अधिकारियों को 05 साल के अन्दर इसका समाधान निकालने के लिए निर्देश दिये हैं, ताकि किसी महिला को जंगली जानवरों एवं दुर्घटनाओं का शिकार न होना पड़े।

विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल ने कहा कि ‘‘पंचायतीराज व्यवस्था विकेन्द्रीकृत लोकतंत्र का सशक्तिकरण’’ सम्मेलन का शुभारम्भ देवभूमि उत्तराखण्ड से हो रहा है। पंचायतीराज व्यवस्था देश में प्राचीन समय से चली आ रही है। महात्मा गांधी जी के दर्शन भी पंचायतों से जुड़े हुए हैं। त्रिस्तरीय पंचायतों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र सशक्तीकरण की ओर बढ़ रहे हैं। पंचायतीराज व्यवस्था को ब्रिटिशकाल में महत्वहीन कर दिया गया था। लेकिन बाद में अनेक संशोधनों से इस व्यवस्था को मजबूती दी गई। 2004 में अलग से केन्द्रीय मंत्रालय बनाया गया।
पंचायतीराज मंत्री अरविन्द पाण्डेय ने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम गांवों के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा। कोविड-19 के दौरान छोटी सरकार के जन प्रतिनिधियों ने जनता की सेवा करने का सराहनीय कार्य किया।

इस अवसर पर सांसद अजय टम्टा, महासचिव लोकसभा उत्पल कुमार सिंह, टिहरी जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवाण, सचिव पंचायतीराज एचसी सेमवाल आदि उपस्थित थे।

भरत विहार पार्क के जीर्णोद्धार की कवायद होने पर मेयर का अभिनंदन करने पहुंचे क्षेत्रवासी

ऋषिकेश के भरत विहार के पार्क का जीर्णाद्धार होने की कवायद शुरू होने लगी है, यहां बच्चों को लुभाने के लिए पुराने टायरों से आकर्षक डायनासोर बनाया जाएगा। इसके अलावा जगमग रोशनी में नहाते हुए यह पार्क बैडमिंटन और वाॅलीबाल के शौकीनों के लिए उपयुक्त साबित होगा। इसके अलावा भी बहुत कुछ इसमें शामिल होने जा रहा है।

आज क्षेत्रवासियों में खासा उत्साह देखने को मिला। भरत विहार क्षेत्र के लोगों ने मेयर अनिता ममगाईं का आभार जताया। क्षेत्रवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल निगम कार्यालय में मेयर से मिला और उनके द्वारा हाईटेक तकनीक के साथ पार्को के जीर्णोद्धार पर उनका अभिनंदन किया।इस दौरान महापौर ने अभिनंदन करने पहुंचे क्षेत्रवासियों को बताया कि पिछले ढेड दशक से शहर के विभिन्न क्षेत्रों के पार्क रखरखाव के अभाव में बेरोनक होने के बाद अपनी बेबसी पर आंसू बहा रहे थे। उनके द्वारा निगम की कमान संभालते ही पार्को के जीर्णोद्धार की योजना तैयार कर ली गई थी। अब इनका कायाकल्प शुरू हो गया है। जल्द ही शहर के पार्क दूधिया रोशनी में नहाकर अपनी खूबसूरती के जरिए सबके आकर्षण का केंद्र बनेंगे। अभिनंदन करने वालों ने जितेंद्र बर्तवाल, पीके जैन, राजेंद्र पंत रजनीश जोशी, सत्येंद्र शर्मा, एमएस ठाकुर, वीके देवरानी, सीएम भट्ट, नील कण्ठ सकलानी, एडवोकेट अशोक यादव आदि शामिल थे।

यह सुविधाएं पार्क में होंगी शामिल
बैडमिंटन और वॉलीवाल कोर्ट
पुराने टायरों से बना डायनासोर
जगमग रोशनी
रबर मैटिंग वाकिंग पाथवे
आरामदायक बेंचेस
झूले