न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस को अब दर्ज करना पड़ेगा रेप के प्रयास का मुकदमा

बीते माह 10 नवंबर को तीर्थनगरी में टाॅयलेट करने गई एक महिला के साथ चार युवकों ने रेप की कोशिश की। मामले में पीड़ित पक्ष ने पुलिस को तहरीर दी और आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की, तो पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने से इंकार कर दिया। कोतवाली से मायूसी मिलने के बाद पीड़ित पक्ष एसएसपी कार्यालय पर भी पहुंचा, मगर वहां भी सुनवाई नहीं हुई। थकहार पीड़ित पक्ष ने न्यायालय की शरण ली। जिस पर आज अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने सभी चारों आरोपियों के खिलाफ कोतवाली पुलिस को संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए है।

क्या है मामला
अधिवक्ता अजय कथूरिया के अनुसार, बीते 10 नंवबर को तीर्थनगरी में एक महिला रात्रि करीब दस बजे टाॅयलेट करने बाहर बरामदे में बाथरूम गई। इसी बीच बदनीयत से अमनदीप, नवदीप, कमलदीप और राजेश कुमार ने महिला के ब्लाउज के अंदर हाथ डाल दिया और छातियों को दबाने लगे और लज्जा भंग करते हुए रेप की कोशिश की। साथ ही महिला को खींचकर बलपूर्वक ले जाने लगे। तभी महिला की साड़ी खुल गई और पेटीकोट फट गया।

इसी बीच चीख पुुकार मची तो महिला के पति, सास, बेटा और बेटी बाहर आए। तो आरोपियों ने सभी के साथ गाली गलौच भी की और मारपीट भी। मामले को लेकर पीड़ित पक्ष कोतवाली पहुंचा और आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग करने लगा। मगर पुलिस ने लौटा दिया। एसएसपी कार्यालय से भी पीड़ितों को न्याय नहीं मिला तो पीड़ित पक्ष ने अधिवक्ता अजय कथूरिया की शरण ली। जिसकी बदौलत आज न्यायालय ने आरोपियों पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए।

एम्स के कार्यक्रम में आन लाइन देश-विदेश से जुडे़ दो हजार प्रतिभागी

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश एवं एपेडिमिलॉजिकल फाउंडेशन ऑफ इंडिया (एएफआई) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एफिकॉन 2020 अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस विधिवत संपन्न हो गई। कार्यशाला के समापन अवसर पर देश-दुनिया के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने नॉन कॉम्निकेबल डिजीज, मां व शिशु के प्राथमिक स्वास्थ्य की देखभाल एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य आधारित साक्ष्य पर चर्चा की। कार्यशाला के अंतिम दिन विश्वभर से करीब 2000 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में एम्स निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत को एएफआई की ओर से ऑरेशन अवार्ड से सम्मानित किया गया।
एफिकॉन 2020 अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस के समापन सत्र में एविडेंस बेस्ड पब्लिक हैल्थ विषय पर व्याख्यान में बतौर मुख्य अतिथि एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने शिशु और मां के स्वास्थ्य के महत्व पर जोर दिया और सामाजिक स्वास्थ्य को लेकर इसका महत्व बताया। उन्होंने बताया कि मां व बच्चे के स्वास्थ होंगे तभी जन्म से शिशु में उत्पन्न होने वाली कई तरह की बीमारियों की रोकथाम हो सकती है।
निदेशक एम्स प्रो. रवि कांत जी ने बताया कि गर्भावस्था में मां को सभी प्रकार के न्यूट्रेशन के साथ साथ आइरन,कैल्शियम व बिटामिन को पर्याप्त मात्रा में देना चाहिए व गर्भावस्था के दौरान महिला को कम से कम चार बार अस्पताल में सघन परीक्षण के लिए आना चाहिए।
इस अवसर पर एपेडिमिलॉजिकल फाउंडेशन ऑफ इंडिया (ईएफआई) की ओर एम्स निदेशक को एक्सिलेंट काॅंट्रिब्यूशन इन हैल्थ एंड एजुकेशन के लिए ऑरेशन अवार्ड से नवाजा गया।
कार्यशाला में पीजीआई चंडीगढ़ की डा. विदिशा बल्लभ, डा. पूजा सडाना, डा. प्रमोद के. गुप्ता ने भी व्याख्यान प्रस्तुत किए। इस अवसर पर संस्थान के डीन एकेडमिक प्रोफेसर मनोज गुप्ता जी, आयोजन सचिव व आईबीसीसी की प्रमुख प्रो. बीना रवि जी, सीएफएम विभागाध्यक्ष प्रो. वर्तिका सक्सेना, आयोजन सहसचिव डा. प्रदीप अग्रवाल, डा. योगेश बहुरुपी, डा. महेंद्र सिंह, डा. प्रतीक शारदा, डा. गौरीका, अशीषा जांगिर,डा. रुचिका गुप्ता, डा. श्रेया, डा. भीमदत्त,डा. अंजलि, डा. नंदिता, डा. अर्पित आदि मौजूद थे।

मकर सक्रांति के बाद ऋषिकेश में काॅलेज में होगा कैंपस का उद्घाटन

विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल से उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने शिष्टाचार भेंट की। भेंटवार्ता के दौरान उन्होंने अवगत कराया है कि जनवरी माह में मकर संक्रांति पर्व के बाद ऋषिकेश स्थित श्री देव सुमन विश्वविद्यालय के कैंपस का विधिवत उद्घाटन किया जाएगा।

इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने विधानसभा अध्यक्ष को अवगत किया कि विश्वविद्यालय के छात्रों को डीजी लॉकर के माध्यम से डिग्री प्राप्त होगी इससे अब कोरोना संक्रमण के चलते छात्र-छात्राओं को घर पर ही ऑनलाइन माध्यम से डिग्री प्राप्त होगी।इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि छात्रों की सुविधा को देखते हुए सभी विश्वविद्यालयों को डीजी लॉकर व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को अपनी मार्कशीट और डिग्री के लिए विश्वविद्यालय के चक्कर काटने पड़ते थे लेकिन डिजिटल लॉकर की व्यवस्था से छात्रों का कोई परेशानी नहीं होगी।डिजिटल लॉकर पर मार्कशीट और डिग्री अपलोड करने के बाद छात्र घर बैठकर निर्धारित कोड लगाकर अपने दस्तावेज डाउनलोड कर सकेंगे।

इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल ने कहा है कि ऋषिकेश में श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय परिसर स्थापित करने को लंबे समय से कवायद चल रही थी जनवरी माह के दूसरे सप्ताह में विधिवत इसका शिलान्यास हो जाएगा। अग्रवाल ने कहा है कि श्री देव सुमन विश्वविद्यालय का विधिवत उद्घाटन होने से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा। अग्रवाल ने कहा कि ऋषिकेश के निकटवर्ती क्षेत्र के बच्चों को अब महाविद्यालय में प्रवेश पाने के लिए समस्या नहीं होगी। अग्रवाल ने इसके लिए उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत का भी आभार व्यक्त किया।

सात साल पूर्व पत्नी की मौत पर कोर्ट ने सुनाया फैसला, पति सहित तीन को 14 साल की सजा

ऋषिकेश में सात साल पुराने दहेज के लिए हत्या मामले में आज प्रथम अपर जिला व सत्र न्यायाधीश मनीष मिश्रा की अदालत ने सजा सुनाई है। मामले में आरोपी पति राजेश तनेजा, सास आशा तनेजा और देवर वरूण तनेजा को न्यायालय ने 14 साल की सजा सुनाई है। साथ ही 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा न करने की सूरत में सभी सजा प्राप्त अभियुक्तों को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

बता दें कि एक अक्टूबर 2006 को बबीता निवासी रामनगर नैनीताल का विवाह तुलसी विहार गुमानीवाला निवासी राजेश तनेजा के साथ हुआ। मायके पक्ष ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। साथ ही मारपीट का भी आरोप भी जड़ा था। इसके बाद 17 जून 2013 को बबीता की तबीयत खराब होने पर उसे दून रोड स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में लेकर गए, यहां से सरकारी अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।

इस मामले में 18 जून को मृतका के पिता ने ऋषिकेश कोतवाली में पति राजेश तनेजा, सास आशा तनेजा और देवर वरुण तनेजा के खिलाफ दहेज के लिए प्रताड़ित करने सहित हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इस पर आज एडीजे प्रथम की अदालत ने पति राजेश तनेजा, सास आशा और देवर वरुण तनेजा को दहेज उत्पीड़न और दहेज के लिए हत्या का दोषी करार दिया। सभी को सजा भी सुनाई। न्यायालय ने माना कि महिला की मौत उसके भोजन में जहर मिला कर देने से हुई थी। जिसकी पुष्टि विधि विज्ञान विश्लेषण प्रयोगशाला में मृतका की बिसरा जांच के बाद हुई थी।

दुकानदारों को स्वच्छता का संदेश दे मेयर अनिता ने वितरित किए डस्टबिन

ग्रामीण क्षेत्र में सफाई व्यवस्था परखने उतरी मेयर अनिता ममगाई। ने झाडू थामकर क्षेत्रवासियों के सामने उदाहरण प्रस्तुत किया। गीता नगर एवं बापू ग्राम क्षेत्र में दुकानदारों को स्वच्छता रखने का संदेश देते हुए जहां मेयर अनिता की ओर से डस्टबिन वितरित किए गए। वहीं कुछ जगहों पर दुकानों के बाहर कूड़ा करकट व पाॅलिथीन पड़ी होने पर उन्होंने दुकानदारो से नाराजगी भी जताई।
आज शर्द हवाओं के बीच मेयर अनिता ममगाईं गीता नगर, बापू ग्राम सहित विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्थाओं को परखने पहुंची।

गीता नगर एवं बापू ग्राम क्षेत्र में सफाई व्यवस्था का उन्होंने बारीकी के साथ निरीक्षण किया। इस दौरान मौके पर मौजूद सफाई निरीक्षकों को आवश्यक दिशा निर्देश भी मेयर की ओर से दिए गए। कुछ स्थानों पर मेयर की ओर से स्थानीय दुकानदारों को डस्टबिन भी वितरित किए गए। बताया कि ऋषिकेश में सफाई व्यवस्था को चाक-चैबंद करने के लिए हर आवश्यक कदम निगम प्रशासन उठा रहा हैं। उन्होंने शहरवासियों से भी स्वच्छता को लेकर चलाए जा रहे अभियान में सहयोग करने की अपील की। इस दौरान स्थानीय पार्षद विजय बडोनी, बिजेंद्र मोगा, रश्मि देवी, अनिता प्रधान, रविंद्र राणा, सुभाष बाल्मीकि, प्रवेश कुमार, राजेश कोटियाल, प्रिया ढकाल, शीलू अग्रवाल, निखिल बर्त्वाल, सफाई निरीक्षक धीरेंद्र सेमवाल, अभिषेक मल्होत्रा, हवलदार राकेश खेरवाल आदि मौजूद रहे।

सीएम त्रिवेंद्र को जन्मदिन पर भाजयुमो ने भेजी शुभकामनाएं

भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश संयोजक प्रकांत कुमार के नेतृत्व में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के जन्म उत्सव पर आतिशबाजी कर मिठाई वितरित की गई। साथ ही जन्मदिन पर शुभकामनाएं प्रेषित की गई।
मौके पर प्रकांत कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत बातें कम और काम ज्यादा की सोच रखते हैं। इसी का असर प्रदेश में देखने को मिल रहा है। कहा कि ईमानदार छवि के लिए पूरे देश में विख्यात मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सादगी की प्रति मूर्ति, कुशल संगठन शिल्पी, अपने कुशल एवं दूरदर्शी नेतृत्व से प्रदेश को विकास के नित नए आयामों में ले जा रहे है। उनके नेतृत्व में उत्तराखण्ड का सर्वांगीर्ण विकास हो रहा है। कहा कि युवा मोर्चा ने प्रण लिया कि आगामी चुनावी वर्ष 2022 में पुनः त्रिवेंद्र सिंह रावत को मुख्यमंत्री बनाएंगे।
कार्यक्रम में अतिथि के रूप में राज्य मंत्री कृष्ण कुमार सिंघल, राजू नरसिम्हा, दुर्गेश कुमार, नरेंद्र गौतम, जितेंद्र भूरी आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

वीरभद्र भगवान का दुग्धाभिषेक कर सीएम के स्वास्थ्य लाभ की मांगी मन्नत

भारतीय जनता पार्टी वीरभद्र मंडल ऋषिकेश की ओर से आज भगवान वीरभद्र के मंदिर में दुग्धाभिषेक कर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई।
मंडल अध्यक्ष अरविंद चैधरी की अध्यक्षता में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष कुसुम कंडवाल, जिला महामंत्री सुदेश कंडवाल, मंडल महामंत्री सुंदरी कंडवाल, रमेश चंद शर्मा, अविनाश सेमल्टी, वायुराज, होमराज गुप्ता, महावीर चमोली, विनोद मिश्रा, अजीत वशिष्ठ, माया घले, कैलाश बलोधी, ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष रविंद्र कश्यप, राजकुमार राजपूत, रंजीत, पुनीता भंडारी, आरती दुबे, सुनील यादव, कमला देवी, विवेक चतुर्वेदी, गोपाल रावत, सच्चिदानंद भट्ट, विजय बिष्ट आदि उपस्थित रहे।

सोशल डिस्टेंसिंग व रोग प्रतिरोधक क्षमता से बीमारियों से लड़ने में होते हैं सक्षम

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश एवं एपेडिमिलॉजिकल फाउंडेशन ऑफ इंडिया एएफआई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एफिकॉन 2020 के दूसरे दिन आयोजित कार्यशाला में देश-दुनिया के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने एंटी मायोब्रिल रेजिस्ट्रेंस के बढ़ते प्रभावों पर प्रभावी नियंत्रण के तौर तरीकों और महामारी विज्ञान के अध्ययन का महत्वपूर्ण मूल्यांकन पर मंथन किया।
एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने कोविड-19 के बढ़ते मरीजों व वायरस संक्रमण की रोकथाम में विटामिन-ए की भूमिका के संदर्भ में जानकारी दी। बताया कि सोशल डिस्टेंसिंग व रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने से हम बीमारियों से लड़ने में सक्षम होते हैं। उन्होंने हाथ को ठीक तरीके से धोने के तौरतरीकों पर चर्चा करते हुए बताया कि हैंड हाईजीन के प्रति गंभीरता से हम 80 प्रतिशत तक एंटीबायोटिक दवाओं के इस्तेमाल से बच सकते हैं।
कांफ्रेंस में निदेशक एसएचएसआरसी पंजाब के निदेशक डा. राजेश कुमार, पीजीआई चंडीगढ़ की डा. पीवीएम लक्ष्मी, एचआईएमएस देहरादून के डा. अशोक श्रीवास्तव, पीजीआई चंडीगढ़ की डा. नीलम तनेजा, एम्स नागपुर के डा. जया प्रसाद त्रिपाठी, एम्स दिल्ली की डा. आरती कपिल, आईसीएमआर दिल्ली की डा. कामिनी वालिया, जिपमर व पांडिचेरी की डा. अपूर्वा एस. शास्त्री ने व्याख्यान प्रस्तुत किए।
तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय एफिकॉन 2020 कांफ्रेंस में देशभर के सभी एम्स संस्थान, पीजीआई चंडीगढ़ समेत करीब 25 से अधिक मेडिकल संस्थान के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इस अवसर पर डीन एकेडमिक प्रो. मनोज गुप्ता जी, डा. आरके श्रीवास्तव, डा. वीके श्रीवास्तव, आयोजन समिति की सचिव व एम्स आईबीसीसी की प्रमुख प्रो. बीना रवि, माइक्रो बायोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. प्रतिमा गुप्ता, सीएफएम विभागाध्यक्ष प्रो. वर्तिका सक्सेना, आईबीसीसी के डा. प्रतीक शारदा, आयोजन सह सचिव डा. प्रदीप अग्रवाल, डा. योगेश बहुरुपी, डा. रुचिका गुप्ता, डा. श्रेया अग्रवाल, डा. नंदिता, डा. अंजलि आदि मौजूद थे।

बाघ बाड़े का निरीक्षण कर स्पीकर ने जानी वनाधिकारियों से बाघों को लाने की प्रक्रिया

स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने राजाजी नेशनल पार्क मोतीचूर रेंज में बन रहे बाघ बाड़े का निरीक्षण किया। उन्होंने वन अधिकारियों से बाघ बाडे की प्रगति के बारे में जानकारी ली।

अवगत करा दें कि राजाजी नेशनल पार्क का 550 वर्ग किमी का मोतीचूर-धौलखंड क्षेत्र वीरान सा है। वहां पिछले सात साल से सिर्फ दो बाघिनें ही हैं। दरअसल, पार्क से गुजर रहे हाइवे और रेल लाइन के कारण बाघों की आवाजाही एक से दूसरे क्षेत्र में नहीं हो पाती। यही वजह है कि गंगा के दूसरी तरफ के चीला, गौहरी और रवासन से बाघ मोतीचूर-धौलखंड क्षेत्र में नहीं आ पाते।इस सबको देखते हुए कॉर्बेट या दूसरे क्षेत्रों से मोतीचूर- धौलखंड क्षेत्र में बाघ शिफ्ट करने की योजना बनी। जिसके मद्देनजर मोतीचूर रेज में बाघ बाड़ा बनाया जा रहा है।

विधानसभा अध्यक्ष के द्वारा निरीक्षण के दौरान पूछने पर रेंजर महेंद्र गिरी ने बताया कि बाघ शिफ्टिंग के मद्देनजर सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। बाघों को यहां लाकर मोतीचूर में बनाए गए बाड़े में रखा जाएगा। वहां इनके व्यवहार पर नजर रखी जाएगी और फिर इन्हें मोतीचूर-धौलखंड क्षेत्र में छोड़ा जाएगा। रेडियो कॉलर से इन पर निरंतर नजर रखी जाएगी। बताया कि बाघ बाड़े की हाथियों से सुरक्षा के दृष्टिगत इसके चारों तरफ सोलर पावर फेंसिंग भी की जा रही है।रेंजर ने बताया कि बाड़े में पाँच बाघों को लाने की योजना बनायी गई है जिन्हें चरणबद्ध तरीके से बाड़े में लाया जाएगा।

स्पीकर ने जंगल सफारी का लुप्त भी उठाया। वहीं विधानसभा अध्यक्ष ने वन अधिकारियों से राजाजी नेशनल पार्क में आने वाले सैलानियों एवं पर्यटक की संख्या के बारे में जानकारी ली।

इस अवसर पर मोतीचूर रेंज के रेंजर महेंद्र गिरी, वन दरोगा देवी प्रसाद, वन दरोगा उदय सिंह, वन दरोगा नरेंद्र सिंह, वन आरक्षी नवीन ध्यानी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने अपने जन्म दिवस के कार्यक्रम में वर्चुअली किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के जन्म दिवस पर देहरादून के बालावाला में आयोजित कार्यकम में वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए मुख्यमंत्री ने कोविड से बचाव के नियमों का अनुपालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मेरा स्वास्थ्य पूरी तरह से ठीक है। आप भी अपना ध्यान रखें। बता दें कि गत दिवस मुख्यमंत्री त्रिवेद्र सिंह रावत जी कोरोना पाजिटिव आ गए थे और अब होम आइसोलेशन में हैं। आवास से ही उन्होंने अपने शुभचिंतकों को संबोधित किया।
अपने वर्चुअल संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव में हमने जो वादे किए थे हम उन पर खरे उतरे हैं। प्रदेश में भ्रष्टाचार मिटाने का जो हमने संकल्प लिया था उस पर पूरी ताकत के साथ काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार ने उल्लेखनीय प्रयास किए हैं। प्रदेश में महिलाओं की आर्थिकी मजबूत करने के लिए उन्हें स्वरोजगार की दिशा में अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रदेश में कई ग्रोथ सेंटरों में महिलाएं बहुत अच्छा काम कर रही हैं। ग्रोथ सेंटर में बेहतर कार्य करने वाली लोहाघाट की महिलाओं का सीएम ने उदाहरण दिया तो पहाड़ी रसोई के जरिए पचास लोगों को रोजगार देने वाली पूजा तोमर की भी बात कही। वहीं प्रदेश की उर्गम घाटी में संचालित महिला समूह का भी मुख्यमंत्री ने जिक्र किया। कहा कि लीसा और प्लास्टिक के बेहतर उपयोग पर भी काम हो रहा है। सरकार का लक्ष्य शहर से लेकर दूरस्थ गांवों का भी विकास करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां बहनों का आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना जरूरी है। सरकार ने स्वामित्व योजना के जरिए महिलाओें को पति की सम्पत्ति में सहभागी बनाया है। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रसोई गैस कनेक्शन देकर महिलाओं के सिर से लकड़ी की गठरी हटा दी है। हमने प्रदेश में महिलाओं की सिर से घास की गठरी हटाने की दिशा में प्रयास शुरू कर दिए हैं। स्वरोजगार अपनाकर महिलाएं आत्मनिर्भर होंगी। तो घास इकट्ठा करने के सभी जोखिम खत्म हो जायेगे। कहा कि राज्य में 40 फीसद बजट स्वरोजगार के क्षेत्र में खर्च किया जा रहा है।
कोरोना से बचाव का संदेश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 से बचाव के नियमों का पालन अनिवार्य रूप से करें। अगर किसी को लक्षण महसूस होते हैं तो डाक्टर का परामर्श लें। और नियमों का पालन करें। तभी जाकर हम कोरोना को हरा पायेंगे।