महंत जी की याद में जरूरतमंद लोगों के लिए रक्तदान का आयोजन

दिवंगत महंत अशोक प्रपन्नाचार्य की स्मृति में श्री भरत मंदिर के महंत वत्सल शर्मा और श्री भरत मंदिर सोसाइटी के वरूण शर्मा की प्रेरणा से आज श्री भरत मंदिर सभागार में विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इसमें स्थानीय लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और दिवंगत महंत अशोक प्रपन्नाचार्य को उनके सामाजिक कार्यों के लिए याद कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए।

शिविर में युवा पार्षद राजेंद्र प्रेम सिंह बिष्ट अपने साथियों के साथ पहुंचे। शिविर में रिकाॅड रक्तदान हुआ इसमें 160 रक्तदाता शामिल हुए। श्री भरत मंदिर स्कूल सोसाइटी के प्रबंधक हर्षवर्धन शर्मा ने कहा कि कोरोना काल में भी ऋषिकेश की जनता के अंदर दूसरों का जीवन बचाने के लिए रक्तदान के प्रति अपार उत्साह देखने को मिला जो ऋषिकेश की तीर्थ नगरी के लोगों की विशेषता को प्रदर्शित करता है।

महंत वत्सल प्रपन्न शर्मा ने कहा कि इस समय कोरोना महामारी के कारण अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश और स्वामी राम हिमालयन अस्पताल देहरादून दोनों ही चिकित्सा संस्थानों में रक्त की कमी चल रही थी जिसको देखते हुए उनके मन में कई बार रक्तदान शिविर लगाने का विचार आया और उन्होंने यह निर्णय लिया कि अपने पिताजी स्वर्गीय महंत अशोक प्रपन्नाचार्य महाराज जी की स्मृति में लोगों को खून की कमी न हो। इसके लिए एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया और इसमें लक्ष्य के अनुरूप अधिकतम रक्तदान भी हुआ रक्त दाताओं ने बढ़ चढ़कर रक्तदान करने में भागीदारी की।

कार्यक्रम में यह भी रहे मौजूद…
इस मौके पर मेयर अनिता ममगाईं, प्रधानाचार्य मेजर गोविंद सिंह रावत, सुधीर कुकरेती, जयेंद्र रमोला, कृष्णा रमोला, महंत विनय सारस्वत, पूर्व पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा, विनय उनियाल, प्रधानाचार्य धीरेंद्र जोशी, युवा नेता निखिल बड़थ्वाल, हिजामं के महानगर अध्यक्ष संजय प्रेम सिंह बिष्ट, पंडित रवि शास्त्री, जिपंस संजीव चैहान, अनुराग पायल, दीपक भारद्वाज, पार्षद शिव कुमार गौतम, विकास तेवतिया, सुमित पंवार, रीना शर्मा, विजयलक्ष्मी, डा. सुनील दत्त थपलियाल, जितेंद्र बिष्ट, लखविंदर सिंह, संजीव कुमार, प्रवीन रावत, विवेक शर्मा, डीपी रतूड़ी, कविता शाह, रंजन अंथवाल आदि उपस्थित थे।

इतना रक्त हुआ एकत्र…
एम्स से डॉक्टर पनदीप कौर और एपीआरओ दिनेश सेमवाल के नेतृत्व में 70 यूनिट रक्त एकत्र किया गया और जौलीग्रांट से डॉक्टर मनीष रतूड़ी के नेतृत्व में टीम के द्वारा 90 यूनिट रक्त एकत्र किया गया।

सिटी फारेस्ट को विकसित करने को सीएम ने साधना जयराज को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने उत्तराखण्ड वन विभाग मुख्यालय में ई-ऑफिस कार्यप्रणाली का शुभारम्भ किया। उन्होंने घोषणा की कि चमोली एवं पिथौरागढ़ में भालुओं के लिए एक-एक रेस्क्यू सेंटर बनाया जायेगा। बंदरों के लिए चार रेस्क्यू सेंटर बनाने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है। झाझरा में ‘आनंद वन’ सिटी फॉरेस्ट को विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री ने साधना जयराज को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि ई-ऑफिस प्रणाली को जल्द ही जिला एवं क्षेत्रीय कार्यालयों में भी विस्तारित किया जाय। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कार्यों में तेजी और पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की जो शुरूआत की उसके बेहतर परिणाम आज सबके सम्मुख हैं। राज्य में ई-कैबिनेट की शुरूआत की गई। ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण को ई-विधानसभा बनाया जा रहा है। 37 ऑफिस, ई-ऑफिस प्रणाली से जुड़ चुके हैं। डिजिटल कार्यप्रणाली की ओर हम जितने तेजी से बढ़ेंगे, उतनी तेजी से जन समस्याओं का निदान होगा।

अगले वर्ष हरेला पर लगेंगे एक करोड़ पौधे
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले वर्ष हरेला पर्व पर एक करोड़ फलदार पौधे लगाये जायेंगे। इसके लिए वन विभाग द्वारा अभी से तैयारियां शुरू की जाय। ये फलदार पौधे जंगलों में भी लगाये जायेंगे, जिससे जंगली जानवर आबादी वाले क्षेत्रों में कम आयेंगे। जंगली जानवरों को आहार की उपलब्धता जंगलों में पूरी हो सके। राज्य में पिरूल पर जो कार्य हो रहा है, इसे और विस्तार देने की जरूरत है। पिरूल एकत्रीकरण पर राज्य सरकार द्वारा 02 रूपये प्रति किग्रा एवं विकासकर्ता द्वारा 1.5 रूपये प्रति किग्रा एकत्रकर्ता को दिया जा रहा है। इसका उपयोग ऊर्जा के लिए तो किया ही जायेगा, लेकिन इसका सबसे फायदा वन विभाग को होगा। वनाग्नि और जंगली जानवरों की क्षति को रोकने में यह नीति बहुत कारगर साबित होगी। स्थानीय स्तर पर गरीबों के लिए स्वरोजगार के लिए पिरूल एकत्रीकरण का कार्य एक अच्छा माध्यम बन रहा है।
मुख्य वन संरक्षक जयराज ने कहा कि ई-ऑफिस प्रणाली गुड-गवर्नेंस की दिशा में एक अच्छी पहल है। वन विभाग द्वारा इस प्रणाली को जिला, क्षेत्रीय कार्यालयों एवं वन पंचायतों तक विस्तारित किया जायेगा। कॉर्बेट नेशनल पार्क में ऑनलाईन बुकिंग शुरू की गई है, जिसके अच्छे परिणाम मिले हैं। वन विभाग द्वारा रिजॉर्ट्स में भी ऑनलाईन बुकिंग की प्रक्रिया शुरू करने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं।
मौके पर मुख्यमंत्री के आईटी सलाहकार रविन्द्र दत्त, वन विभाग के सलाहकार ग्रामीण विकास एवं पलायन आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. एसएस नेगी, अध्यक्ष वन पंचायत सलाहकार समिति वीरेन्द्र सिंह बिष्ट, पीसीसीएफ रंजना काला, विनोद कुमार सिंघल, मुख्य वन संरक्षक आईटी नरेश कुमार आदि उपस्थित रहे।

सीएम त्रिवेंद्र का ड्रीम प्रोजेक्ट सूर्यधार बैराज निर्माण में नहीं हो लापरवाहीः महाराज

देहरादून। सूर्यधार बैराज मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का ड्रीम प्रोजेक्ट है इसलिए इसके निर्माण में किसी भी तरह की लापरवाही और अनियमितता बर्दाश्त नहीं होगी। सूर्यधार बैराज के निर्माण में कई स्तर पर गड़बडियां हैं जिसकी सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज की ओर से विशेष आदेश दिए हैं। महाराज ने आदेश देते हुए कहा है कि 1837.34 लाख रूपये की लागत के सापेक्ष 4100 लाख का अभी तक भुगतान किया जा चुका है। संभवतः अभी और भी किया जाना है।

उन्होंने कहा कि विचारणीय विषय यह है कि डीपीआर के उपलब्ध होने पर बैराज की ऊंचाई 8 मीटर से 10 मीटर तक किए जाने हेतु समिति की रिपोर्ट 6 सितंबर 2018 को आईआईटी अहमदाबाद से वैट एवं आईआरआई रुड़की से मॉडल स्टडी करवाया गया इन सबके बावजूद टेंडर को पुनर्रीक्षित कर अनुबंध क्यों नहीं किया गया। सतपाल महाराज ने अपने आदेश में यह कहा है कि जिस समिति का उल्लेख किया जा रहा है उसके द्वारा अपनी रिपोर्ट में ऊंचाई बढ़ाने की कहीं भी संस्तुति नहीं की गई है। तकनीकी सलाहकार ने 11 जून 2019 को अतिरिक्त कार्यों को कराने के लिए सलाह दी यह सलाह अनुबंध करने से पूर्व क्यों नहीं प्राप्त की गई इस सलाह का क्या औचित्य था। उन्होंने कहा कि सलाहकार को नियुक्त करने के लिए क्या प्रशासन से अनुमति ली गई और उनकी सलाह को मानने से पूर्व कार्यों का तकनीकी परीक्षण कराकर क्या शासन की अनुमति प्राप्त की गई। यह तमाम कारण हैं जिसके लिए सिंचाई मंत्री ने सूर्यधार बैराज के निर्माण से संबंधित कार्यों की विशेष जांच के आदेश दिए हैं। सिंचाई मंत्री ने सचिव सिंचाई को निर्देश दिए हैं कि इस बात की भी जांच की जाए कि जब अनुबंध पुरानी ऊंचाई 8 मीटर के आधार पर किया गया, बढ़ी हुई ऊंचाई के आधार पर नहीं, जबकि निविदा आमंत्रित करने से पूर्व ही ऊंचाई बढ़ाए जाने का निर्णय लिया जा चुका था जो कि प्रमुख अभियंता के मौखिक निर्देश के क्रम में हुआ। श्री महाराज ने कहा कि विभागीय कार्यों को कराए जाने का आधार विभागीय सेड्यूल ऑफ रेट होता है बाजार की दरों को कैसे एवं क्यों सम्मिलित किया वह भी निविदा की लागत का आंकलन करने में स्पष्ट नहीं है। इसलिए इसकी भी जांच की जाएगी।

सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने सचिव सिंचाई को सूर्यधार बैराज निर्माण कार्यों की जांच के आदेश देते हुए सेड्यूल ऑफ रेट से 20 प्रतिशत अधिक दर पर सिविल कार्य कराए गये एवं इसी अनुबंध की दर के अंतर्गत ही अतिरिक्त कार्य भी कराए गये जिसके कारण सम्पूर्ण कार्य लगभग 62.00 करोड़ का कराया गया जो कि योजना हेतु स्वीकृत धनराशि 50. 24 करोड से लगभग 12 करोड़ अधिक है। स्वीकृत धनराशि से 12.00 करोड अतिरिक्त धनराशि व्यय किया जाना शासकीय धन का दुरुपयोग है।

उल्लेखनीय है कि सूर्यधार बांध परियोजना से भोगपुर, घमंडपुर व लिस्ट्राबाद के 18 गांव की 1287 हेक्टेयर भूमि पर पूरे साल पर्याप्त सिंचाई हो सकेगी। इस जलाशय के निर्माण से लगभग 33500 लोगों को पेयजल की समस्या से निजात मिल पायेगी। ज्ञात हो कि 27 अगस्त 2020 को सूर्यधार बैराज निर्माण परियोजना का सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने स्थलीय निरीक्षण कर परियोजना लागत बढ़ने पर नाराजगी जाहिर करते हुए इसकी जांच की बात कही थी।

ट्रांसफार्मर से हुई भाजपा नेता के भाई की मौत मामले में मुकदमा दर्ज

भाजपा नेता सुभाष पाल के भाई प्रदीप पाल की मौत मामले में कोतवाली ऋषिकेश पुलिस ने अज्ञात रेलवे अधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस में आईपीसी की धारा 304 ए में मुकदमा दर्ज किया हैं। वहीं, कोतवाल रितेश शाह ने मामले की विवेचना सब इंस्पेक्टर अरूण त्यागी को सौंपी है।

बता दें कि बीते 25 अक्टूबर की रात भाजपा नेता सुभाष पाल के 38 वर्षीय छोटे भाई प्रदीप पाल पुत्र चंद्रभान की पुराना रेलवे स्टेशन के पास सड़क के बीचों बीच बने ट्रांसफार्मर से टकराकर मौत हो गई। प्रदीप पाल ढालवाला से काम कर अपने बनखंडी स्थित घर लौट रहे थे। घटना उक्त तिथि को रात्रि करीब नौ बजे के आसपास घटी थी। घटना स्थल पर पथ प्रकाश की व्यवस्था तक नहीं थी। मौत को रेलवे की लापरवाही बता कर पीड़ित पक्ष ने कोतवाली में रेलवे के अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।

क्या है आईपीसी की धारा 304 ए

उच्चतम न्यायालय ने आईपीसी की धारा 304 ए के तहत लापरवाही से मौत के मामले में अधिकतम सजा को एकदम अपर्याप्त करार दिया है। इस धारा के तहत अपराध के लिए अधिकतम दो साल के कारावास और जुर्माने की सजा का प्रावधान है। इस मामले में यदि आरोपी पर आरोप सिद्ध हो जाता है तो उसे दो साल की जेल या जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है।

कुम्भ मेला क्षेत्र की सड़को का होगा कायाकल्प

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आटोमेटेड ड्राईविंग टेस्ट ट्रेक के निर्माण के लिए 20.62 लाख रूपए की स्वीकृति दी है। आईडीटीआर झाझरा देहरादून में आटोमेटेड ड्राईविंग टेस्ट ट्रेक के निर्माण की यह प्रथम किस्त होगी। इस आटोमेटिक ड्राइविंग टेस्ट ट्रेक की कुल लागत 51.56 लाख है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कुम्भ मेला क्षेत्र के अन्तर्गत नगर निगम हरिद्वार की 08 सड़कांे के सीसी टाइल्स द्वारा नवीनीकरण किये जाने हेतु 103.94 लाख की धनराशि स्वीकृत की है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को जेम पोर्टल के माध्यम से क्रय किये जाने के निर्देश दिये हैं। इस पोर्टल पर स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को ही अपलोड किया जायेगा, इसके लिये एक बार में रूपये 05 लाख तक के उत्पादों के क्रय की व्यवस्था रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था से स्वयं सहायता समूहों की आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ ही स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने तथा उनके विपणन की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी।

वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना में 10 करोड़ की धनराशि स्वीकृत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत राज सहायता के रूप में 10 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। इस योजना के अन्तर्गत प्रदेश के 10 जनपदों में एक-एक करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है। मुख्यमंत्री ने युवाओं को स्वरोजगार के लिये प्रेरित करने के लिये इस योजना को प्रभावी माध्यम बताया है।

त्रिवेणी घाट पर अवलोकन केंद्र में दिखेगी गंगा तट की आबोहवा

ऋषिकेश की धड़कन विश्व प्रसिद्ध त्रिवेणी घाट पर अब गंगा अवलोकन केंद्र बनेगा। यह अवलोकन केंद्र विश्व स्तरीय होगा। मेयर अनिता ममगाईं की ओर से अवलोकन केंद्र बनाने को केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय से मांग की गई थी। मेयर की ओर से मंत्रालय के उप सचिव को एक पत्र भी प्रेषित किया गया था।

मेयर अनिता के अनुसार, पत्र का संज्ञान लेकर मंत्रालय के उप सचिव ओपी मिश्रा ने प्रोजेक्ट मैनेजर नमामि गंगे उत्तराखंड को त्रिवेणी घाट में उपयुक्त स्थान चुनने, उसकी धार्मिक महत्वता और उसमें कितने लोगों का आना जाना रहेगा की रिपोर्ट जमा करने के निर्देश दिए हैं।

मेयर ने बताया कि प्रोजेक्ट मैनेजर उदय राज की ओर से डीएम देहरादून व चेयरमैन डिस्ट्रिक्ट गंगा कमेटी को ज्वाइंट सर्वे के लिए अनुरोध किया गया है। मेयर ने कहा कि वह तीर्थाटन और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वह हमेशा प्रयासरत रही हैं। घाटों का डेवलपमेंट उनके घोषणा पत्र में प्रमुखता से शामिल रहा है। गंगा अवलोकन केंद्र पर्यटन की दृष्टि से शहर को चार चांद लगाएगा।

श्यामपुर में डंपर की चपेट में आकर अधेड़ की मौत

बीती देर रात्रि ऋषिकेश के श्यामपुर चैकी क्षेत्र में हरिद्वार की तरफ जा रहे एक बेकाबू डंपर ने राह चलते 50 वर्षीय व्यक्ति को रौंद डाला। इससे मौके पर ही उक्त व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लिया, और आसपास शिनाख्त के काफी प्रयास किए। मगर, मृतक की पहचान नहीं हो सकी। श्यामपुर चैकी पुलिस के मुताबिक मृतक मानसिक रूप से विक्षिप्त था और डंपर चालक दीपक को हिरासत में लिया है। इसके साथ ही वाहन कब्जे में लिया गया है। शव की पहचान के लिए एम्स की मोर्चरी में रखा गया है।

ऋषिकेश की कनुप्रिया का यूरोप में क्लिनिकल साइकोलाॅजिस्ट में रिसर्च के लिए हुआ चयन

ऋषिकेश। तीर्थनगरी की बेटियां विभिन्न क्षेत्रों में नाम कमा रही है। इसी क्रम में अब कनुप्रिया रावत का भी नाम जुड़ गया है। कनुप्रिया यूरोप में जाकर रिसर्च करेंगी। रायवाला निवासी कनुप्रिया रावत को यूरोप के पोलैंड की प्रसिद्ध काजिमिज विल्कि यूनिवर्सिटी ने भारत से क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट में रिसर्च के लिए चुना है। उनकी उपलब्धि पर अंतरराष्ट्रीय गढ़वाल महासभा की ओर से उन्हें सम्मानित किया गया। नवरात्र उत्सव के समापन मौके पर मिले सम्मान को पाकर कनुप्रियाा बेहद अभिभुत नजर आई।

डा. राजे नेगी ने बताया कि कनुप्रिया को भारत से क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट में रिसर्च के लिए चुना है। वह भारत से चुनी गई इकलौती स्कॉलर हैं। जो वहां पर रिसर्च करेंगीं। कनुप्रिया की पढ़ाई का खर्चा भी यूनिवर्सिटी उठाएगी यूनिवर्सिटी ने कुल 5 रिसर्च स्कॉलर को चुना है जिनमें कनुप्रिया भी एक है। उन्होंने वर्ष 2018 में देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार से एमएससी की थी। लॉकडाउन के दौरान उन्होंने पीएचडी के लिए तैयारी की और चयनित हो गई। डॉ नेगी ने बताया कि वह जुडो की खिलाड़ी भी रही है चारों भाई बहनों में सबसे बड़ी है और उनके छोटे भाई बहन उनको अपना रोल मॉडल मानते हैं।कनुप्रिया की छोटी बहन निधि रावत बॉलीबाल की नेशनल खिलाड़ी रही है और वर्तमान में योग शिक्षका के रूप में कार्य कर रही है।
कनुप्रिया मूल रूप से चमोली जिले में थराली के पास गूंगा गांव के रहने वाली है। उनके पिता पुलिस में अधिकारी थे जिनका कुछ वर्ष पहले देहांत हो गया था। कनुप्रिया ने कहा कि अपनी पढ़ाई पूरी कर वह वापस उत्तराखंड के दूरगामी क्षेत्रों में अपनी सेवाएं प्रदान करेंगी। इस मौके पर महासभा के उत्तम सिंह असवाल, लोक गायक धूम सिंह रावत, खेल शिक्षक दिनेश पैन्यूली, अंजली वर्मा, मोनिका पंवार, मनोज नेगी, मनोज रौतेला, लक्ष्मी प्रसाद रतूड़ी आदि उपस्थित रहे।

गहरी नींद में सो रहे बागड़ियों पर चढ़ा बेकाबू ट्रक, चपेट में आए चार

ऋषिकेश। देहरादून मार्ग पर सड़क किनारे रहने को मजबूर बागड़ियों के समक्ष अब दहशत का माहौल है। पिछले दो दशक से सड़क किनारे रह रहे इन बागड़ियों के साथ पहली दफा ऐसी घटना हुई, जिसमें उनके परिजनों को जान से हाथ धो बैठना पड़ा।

बता दें कि पिछली देर रात्रि देहरादून मार्ग पर एक ट्रक बागड़ियों की झोपड़ी में जा घुसा। जिससे गहरी नींद में सो रहे चार लोग चपेट में आ गये। इसमें करण उर्फ करनैल की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि अस्पताल पहुंचने के बाद 19 वर्षीय विक्रम ने दम तोड़ दिया। हादसे दो संगे भाई रणजीत व संगीत का अस्पताल में उपचार किया जा रहा था। मगर, भगवान को कुछ और ही मंजूर था। इसमें उपचार के दौरान संगीत ने दम तोड़ दिया। वहीं, रणजीत की हालात खतरे से बाहर है। वहीं, मामले में कर्ण पुत्र बनवारी ने पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास कार्यों के लिये धनराशि स्वीकृत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने ‘‘मेरा गांव मेरी सड़क‘‘ योजना के अन्तर्गत 7 सड़कों हेतु 01 करोड़ 83 लाख की धनराशि स्वीकृत की है। जिसमें जनपद टिहरी व अल्मोड़ा की दो हैं तथा उधम सिंह नगर की 03 सड़के शामिल है। मुख्यमंत्री की घोषणा के अधीन जनपद टिहरी के बौराड़ी स्टेडियम में अवशेष कार्यों के निर्माण हेतु 91.06 लाख की धनराशि स्वीकृत करने के साथ ही मुख्यमंत्री ने रामलीला भवन बागेश्वर के सौन्दर्यीकरण हेतु 15 लाख की धनराशि स्वीकृत की है।

मुख्यमंत्री द्वारा अनुसूचित जाति उपयोजना अन्तर्गत ग्राम पंचायत जसपुर, विकासखण्ड भिलगंना जनपद टिहरी में सांस्कृतिक भवन के निर्माण हेतु प्रथम किस्त के रूप में 3.99 लाख की धनराशि स्वीकृत की है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कुम्भ मेला 2021 के अन्तर्गत लालतारो पुल स्थित 33-11 केवी उप संस्थान कन्ट्रोल भवन निर्माण व 01 कि0मी0 33 के0वी0 भूमिगत लाइन के निर्माण हेतु 647.81 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने के साथ ही प्रथम किस्त के रूप में 77.74 लाख अवमुक्त किये जाने की भी स्वीकृति प्रदान की है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने देहरादून नगरीय पेयजल कार्यक्रम के अन्तर्गत कौलागढ़ जौन में कैनाल रोड ओएनजीसी फायर स्टेशन के समीप नलकूप निर्माण हेतु 98.83 लाख की धनराशि स्वीकृत की है।