पुलिस ने कार से टक्कर मारने वाले युवक को किया गिरफ्तार

(एनएन सर्विस)
बीते शनिवार को कोतवाली के सामने मिले किशोर का शव वाले मामले में ऋषिकेश पुलिस ने नगर के प्रतिष्ठित होटल व्यवसायी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि व्यवसायी ने मध्यरात्रि तेज रफ्तार से अपनी लग्जरी कार से एक युवक को टक्कर मारी थी। इस कारण युवक की मौत हो गई थी। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। वहीं, घटना में प्रयुक्त कार को भी सीज किया गया है।
बता दें कि मृतक के पिता राजकुमार पुत्र स्व. चेता सिंह निवासी झुग्गी झोपड़ी गोविंद नगर ऋषिकेश ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात वाहन के खिलाफ गैर इरादतन हत्या के मामले में मुकदमा दर्ज किया था। साथ ही कोतवाली के आसपास तथा देहरादून मार्ग के करीब 25 सीसीटीवी फुटेज खंगालने के लिए दो टीमें तैनात की। इसके अलावा मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया। कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में एक लग्जरी पजेरो काले रंग की कार यूके07एवाई-1111 किशोर को टक्कर मारती दिखाई दे रही थी। उक्त कार के नंबर को ट्रेस करने पर यह होटल व्यवसायी की निकली। जिसे मुखबिर तंत्र की सूचना पर सिनेमा घर के पास खाली प्लाट से गिरफ्तार किया गया।
कोतवाल रितेश शाह ने आरोपी की पहचान अक्षत गोयल पुत्र संजीव गोयल निवासी 104/18 हनुमंत कृपा, देहरादून रोड, जोशी अस्पताल के सामने, ऋषिकेश के रूप में कराई है। बताया कि पुलिस ने कार को एमवी एक्ट में सीज किया है। वहीं, आरोपी अक्षत को पुलिस ने न्यायालय के समक्ष पेश किया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

पुलिस ने दिखया सीसीटीवी फुटेज, प्रदर्शन करने आए परिजन हुए शांत, लौटे घर

(एनएन सर्विस)
शनिवार रात ऋषिकेश कोतवाली के सामने मिले किशोर के शव को हत्या बताकर परिजन कोतवाली पहुंचे। जहा पर परिजनों ने हत्या होने की बात कहकर आरोपियों को पकड़ने की मांग की। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए परिजनों को सीसीटीवी फुटेज दिखाई। जिसमें किशोर को एक तेज रफ्तार से जा रही कार के द्वारा टक्कर मारना दिख रहा है। पुलिस ने कार को ट्रेस करने और अभी अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की बात कही। जिस पर घटना की सत्यता जानने के बाद परिजन घर की ओर लौटे।
रविवार की सुबह दो दर्जन से अधिक महिलाओं का दल कोतवाली परिसर पहुंचा। यहां मृतक के परिजनों ने काफी विलाप किया और मृतक की हत्या की आशंका जताकर पुलिस ने न्याय दिलाने की मांग की। इस पर पुलिस टीम ने उन्हें कोतवाली क्षेत्र के करीब आधा दर्जन सीसीटीवी कैमरों की फुटेज दिखाई। इस फुटेज में मध्य रात्रि को एक तेज रफ्तार से आ रही कार किशोर को टक्कर मारती दिखी। कोतवाल रितेश शाह ने परिजनों को बताया कि शुक्रवार की मध्यरात्रि किशोर शराब के नशे में कोतवाली पहुंचा। यहां वह अपनी महिला मित्र के संबंध में कुछ बताना चाहता था। मगर, नशे में होने के चलते स्पष्ट तौर पर बता पाने में असमर्थ था। इस पर कोतवाली में तैनात पुलिस ने किशोर को अगली सुबह कोतवाली आने को कहा। इसके बाद किशोर कोतवाली से बाहर गया और कुछ ही देर में तेज आवाज आई। पुलिस मौके पर पहुंची तो युवक लहुलूहान अवस्था में पड़ा मिला। पुलिसकर्मियों ने व्हील चेयर पर बैठाकर किशोर को राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया। मगर, यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि उक्त समस्त घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में कैद हो रखा है। कोतवाल के समझाने के बाद परिजन शांत हुए और घर की ओर लौटे। कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि घटना के संबंध में कार को जल्द ही ट्रेस कर लिया जाएगा।

गांव की सबसे बुजुर्ग महिला का निधन, 116 वर्ष बताई जा रही उम्र

(एनएन सर्विस)
रानीपोखरी न्यायपंचायत की सारंगधरवाला गांव निवासी रतनदेई पत्नी स्व.जयपाल सिंह तोमर 116 वर्ष की उम्र में बैकंठवासी हो गई। परिजनों ने उनकी अंतिम यात्रा बैंडबाजों के साथ निकाली। अंतिम यात्रा में आसपास के गांवों के कई लोग शामिल हुए। वहीं, पूर्णानंद घाट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
सारंगधरवाला गांव में रतनदेई के परिवार में अब तक चार पीढ़ी हो गई है। उनके परिवार में सबसे छोटा बेटा भगवान सिंह तोमर 83 वर्षीय सहित चार पोते
अनिल तोमर, अजित तोमर, प्रवीण तोमर, प्रमोद तोमर और एक पोती अनिता शाह सहित नाती, पोते 20 सदस्य हैं। उनके प्रपौत्र विशाल तोमर और सारंगधरवाला के उपप्रधान ने बताया कि उनकी दादी कहती थी कि जब इंदिरा गांधी 18-19 साल की थी तो भोगपुर स्थित सिंचाईं विभाग के बंगले में आई थी। आसपास के गांवों के लोगों से भी उनके अच्छे संबंध थे। ब्रिटिश शासनकाल में हुए किस्से कहानियों को सुनने के लिए कई लोग उनके पास आते थे। कई अखबारों और टीवी चैनलों में भी उनका इंटरव्यू छप चुका है। वह काफी मिलनसार थीं। उनके प्रपौत्र विशाल तोमर ने बताया कि उनकी दादी उम्र का शतक पार करने के बाद भी बिना लाठी के सहारे चलती थी, खेतों में साग सब्जी की खुद ही निराई गुड़ाई आदि का काम भी करती थी। बताया कि 15 साल की उम्र में उनकी दादी की शादी हुई थी। एक साल पहले उत्तराखंड के विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल भी उनकी दादी से आशीर्वाद लेने के लिए उनके घर पर आए थे।

मोदी रिट्रीट योगा होटल की महिला यात्री की ट्रेवल हिस्ट्री छुपाई, निकली पाॅजीटिव

(एनएन सर्विस)
ऋषिकेश कोतवाली पुलिस ने प्रशासन को गुमराह करने पर होटल मोदी रिट्रीट योगा के मैनेजर और महिला यात्री पर आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के नियमों का उल्लंघन पाते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया है।
कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि होटल मोदी रिट्रीट योगा में एक महिला दिल्ली रेड जोन से आई। लेकिन महिला यात्री सहित होटल के मैनेजर ने रेड जोन से आने की सूचना स्थानीय प्रशासन और पुलिस को नहीं दी। पुलिस को जब इस मामले का पता चला तो होटल मैंनेजर सतीश से दिल्ली से ऋषिकेश आने का ई-पास मांगा गया तो वह उचित जवाब नहीं दे सका। मैंनेजर की ओर से न ही महिला यात्री शीतल को क्वारंटीन किया गया। बता दें कि उक्त महिला की कोविड रिपोर्ट दो जुलाई को पॉजीटिव आई है।
इस बावत जिला मजिस्ट्रेट के आदेशों की अवहेलना करने पर होटल के मैनेजर और महिला यात्री के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। कोतवाल ने आरोपियों की पहचान मैनेजर सतीश पुत्र धर्मपाल निवासी अमर एंटा पंचरुखी तहसील पालमपुर कांगड़ा हिमाचल प्रदेश और महिला यात्री शीतल के रूप में कराई है।

पोस्टमैन रामदेव से था प्रेरित, स्टंट के चक्कर में गई जान

(एनएन सर्विस)
बीते दिनों पेट के नीचे गहरे जख्म होने से अत्यधिक मात्रा में रक्त निकलने से जिस पोस्टमैन की मौत हो गई। वह मौत, दरअसल स्टंट करने के चक्कर में हुई। इस बात को परिजनों ने पुलिस के सामने स्वीकार किया है। परिजनों ने पुलिस को पत्र लिखकर मृतक पोस्टमैन की वास्तविकता से भी रूबरू कराया है।
बता दें कि रविवार को मृतक अधेड़ पोस्टमैन गंगाराम कुकरेती की पत्नी संगीता और उनके भाई भगतराम कुकरेती ने श्यामपुर चैकी में पुलिस को पत्र लिखा। उन्होंने पुलिस को बताया कि मृतक पोस्टमैन अपने पेट को स्वामी रामदेव के पेट के समान स्ट्रांग बताया करता था। इसके चलते उन्होंने पूर्व में एक शादी समारोह और एक अन्य कार्यक्रम में भी पेट में चाकू से वार किया था। मगर, उस वक्त हल्की चोट आई थी। इस कारण कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। मगर, शनिवार को पोस्टमैन को स्टंट महंगा साबित हो गया। ओवर कॉन्फिडेंस की वजह पोस्टमैन की मौत का कारण बनी।

साथी के साथ भी नहीं हुई कोई कहासुनी
चैकी इंचार्ज श्यामपुर आशीष गुसांई ने बताया कि शनिवार को रेस्टोरेंट में पोस्टमैन के साथ ‌उनके साथी ‌पूर्ण प्रकाश पैंयूली भी पहुंचे थे। पूर्ण प्रकाश छिद्दरवाला पोस्ट आफिस में डाक राइडर के पद पर कार्य कर रहे है। पुलिस पूछताछ में पूर्ण प्रकाश ने बताया कि उनकी मृतक के साथ कोई कहासुनी नहीं हुई थी। मृतक ने उनसे पेट पर चाकू से वार कर स्टंट करने की बात कही। यह सुन वह घबरा गए। देखते ही देखते उन्होंने रेस्टोरेंट के कारीगर से चाकू लिया और स्वयं पर वार कर दिया। यह देखकर वह घबरा गये और पोस्ट आफिस चले गए।

कोरोना को हराने के लिए सर्तकता और बचाव जरुरीः मुख्यमंत्री

(एनएन सर्विस)
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा है कि कोविड-19 को लेकर सर्विलांस, कान्टेक्ट ट्रेसिंग, सैम्पल टेस्टिंग, क्लिनिकल मैनेजमेंट और जन जागरूकता, इन पांच बातों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। कोविंड-19 से लड़ाई के लिये हर प्रकार की तैयारी की गई है। स्थिति काफी कुछ नियंत्रण में होने पर भी हम पूरी तरह सतर्क हैं। राज्य में कोविड के दृष्टिगत हैल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर को काफी मजबूत किया गया है। टेस्टिंग लैब, आईसीयू, वेंटिलेटर, पीपीई किट, एन 95 मास्क, आक्सीजन सपोर्ट की पर्याप्त व्यवस्था मौजूद है। नियमित सर्विलांस सुनिश्चित किया जा रहा है। घर-घर जाकर कोरोना जैसे संदिग्ध लक्षणों वाले लोगों का पता लगाया जा रहा है। इसमें आशा और आंगनबाङी कार्यकत्रियों द्वारा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है। लगभग सभी जिलों में सर्विलांस का एक राउंड पूरा किया जा चुका है। कई जिलों में दूसरा तो कुछ में तीसरा राउंड चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेम्पल टेस्टिंग में पहले की तुलना में काफी सुधार किया गया है। कोरोना संक्रमण के शुरूआत में राज्य में एक भी टेस्टिंग लेब नहीं थी जबकि अब उत्तराखंड में 5 सरकारी और 2 प्राईवेट लेब में कोविड-19 संक्रमण के सैम्पल की जांच की जा रही है। इसके अतिरिक्त एनसीडीसी दिल्ली व पीजीआई चंडीगढ़ में भी सेम्पल टेस्टिंग के लिए भेजे जा रहे हैं। सेम्पल टेस्टिंग की सुविधा जिला स्तर पर कराने के लिए सभी जिलों को ट्रूनेट मशीनें उपलब्ध करा दी गई हैं। प्रदेश के चिकित्सालयों में फ्लू क्लिनिक के माध्यम से आ रहे समस्त श्वास व इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षणों वाले मरीजों का कोविड-19 संक्रमण जांच के लिए सेम्पल लिए जा रहे हैं। सेम्पल टेस्टिंग की संख्या बढाने के लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। प्रति मिलियन जनसंख्या पर 6408 सेम्पल लिए जा रहे हैं। जल्द ही इसे देश के औसत के बराबर कर लिया जाएगा। देहरादून व नैनीताल दो जिलों में प्रति मिलियन सेम्पल राष्ट्रीय औसत से अधिक हैं। देहरादून जिले का औसत तो राष्ट्रीय औसत से दोगुना है। अन्य जिलों को भी सेम्पल टेस्टिंग बढाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए जरूरी संसाधन बढाए जा रहे हैं।
प्रदेश में बनाए गए डेडिकेटेड कोविड केयर सेंटर में हर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। वर्तमान में राज्य में 325 कोविड केयर सेंटर स्थापित हैं। इनमें कुल बेड क्षमता 22890 है जिनमें से 289 बेड उपयोगरत हैं जबकि 22601 बेड रिक्त हैं। इस प्रकार कोविड केयर सेंटर में पर्याप्त संख्या में बेड की उपलब्धता है।
राज्य में कोविड फेसिलिटी में आक्सीजन सपोर्ट बेड की संख्या 15 मई को 673 थी जो कि अब बढ़कर 1126 हो गई है। कोविड फेसिलिटी में आईसीयू बेड की संख्या 15 मई को 216 से बढाकर 247 और वेंटिलेटर की संख्या 116 से बढाकर 159 कर दी गई है। कोविड केयर सेंटर में सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एक तरफ सैम्पल टेस्टिंग में लगातार वृद्धि हो रही है वहीं रिकवरी रेट और डबलिंग रेट भी राष्ट्रीय औसत से कहीं बेहतर है और इनमें लगातार सुधार हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह से राज्य में सतर्कता बरती जा रही, उम्मीद है कि हम जल्द ही हालात पर नियंत्रण पा लेंगे। सभी जिलों में अधिकारी और कर्मचारी अपनी पूरी सजगता के साथ मिशनरी मोड में काम कर रहे हैं। उच्च स्तर से भी लगातार मानिटरिंग की जा रही है। जहां कमियां पाई जाती हैं उन्हें तत्काल दूर किया जाता है। इन लगभग चार माह में प्राप्त अनुभव से प्रशासनिक क्षमता में वृद्धि हुई है।

मुख्यमंत्री ने किसके लिए कहा, सोशल मीडिया के नाम पर कलंक है, पढ़े पूरी खबर

(एनएन सर्विस)
राज्य में अब सोशल मीडिया की गतिविधियां पर खुफिया विभाग की नजर होगी। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने खुफिया तंत्र से जुड़ी एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वह सोशल मीडिया पर निगाह रखे। यह जानकारी स्वयं मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत से बातचीत के दौरान कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार सोशल मीडिया असामाजिक हो जाता है। उसमें तमाम तरह के ऐसे लोग आ गए हैं जिन्हें देखकर कई बार लगता है कि वो सोशल मीडिया के नाम पर कलंक हैं। वे अपराध कर रहे हैं। इसलिए खुफिया विभाग को सोशल मीडिया पर निगाह रखने को कहा गया है। वे ये देखेंगे कि कहीं किसी का कोई खास एजेंडा तो नहीं है। खुफिया विभाग की उन पर लगातार नजर लगी रहनी चाहिए। जो अच्छे लोग हैं, उन्हेें शाबाशी मिलनी चाहिए।
वहीं, मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के मामलों की समयबद्ध जांच की वकालत की। विजिलेंस विभाग को गोपनीय के स्थान पर खुले रूप से जांच करने से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि जांच का फायदा तभी होता है, जब वह समयबद्ध हो। अगर वह समयबद्ध नहीं होती है तो कई बार उसके परिणाम भी प्रतिकूल हो जाते हैं। जो अपराधी होता है, वो अपने बचने के तमाम तौर तरीके निकाल लेता है। इसलिए जांच समयबद्ध होनी चाहिए, तभी उस पर प्रभावी कार्रवाई हो सकती है।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि करप्शन को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि जब मैंने शपथ ली थी, तभी मैंने भ्रष्टाचार के खिलाफ कह दिया था कि हम जीरो टालरेंस की नीति पर काम करेंगे। यह तब तक रहेगी जब तक हम हैं। अगर हमारे पास कोई भी तथ्यात्मक जानकारी आती है, उस पर एक्शन करेंगे। हमने एक्शन किए हैं, आगे भी करेंगे।

संदिग्ध अवस्था में युवक की मौत, परिजनों ने हत्या की आशंका जताई

(एनएन सर्विस)
संदिग्ध अवस्था में कोतवाली ऋषिकेश के सामने एक युवक की लाश मिली है। पीड़ित पक्ष ने हत्या की आशंका जताते हुए सीओ ऋषिकेश से मामले की जांच करने की गुहार लगाई है। वहीं सीओ ऋषिकेश ने पीड़ित पक्ष को मामले में सहयोग करने वह सत्यता की जांच का आश्वासन दिया है।
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार रात करीब एक बजे शांति नगर परशुराम चैक निवासी 17 वर्षीय सुधीर पुत्र रामकुमार घर से बिना बताये कहीं बाहर निकल गया। मृतक की बड़ी बहन सोनम ने बताया कि सुबह करीब 12 बजे उन्हें सूचना मिली कि उनका भाई कोतवाली के सामने मृत अवस्था में मिला है। यह सुनकर परिजन मौके पर पहंुचे। बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
वही पीड़ित पक्ष ने हत्या की आशंका जताई और जांच की मांग को लेकर पुलिस क्षेत्राधिकारी भूपेंद्र सिंह धोनी से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि मृतक का घर से निकलने से पूर्व एक व्यक्ति से झगड़ा हुआ था। उन्होंने मामले की कानूनी कार्रवाई की मांग की। वही पुलिस क्षेत्राधिकारी ने मामले पर सहयोग करने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि घटना के आसपास के समय की सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रही है। घटनाक्रम के समय के अनुसार एक तेज रफ्तार से कार जाती हुई दिखाई दे रही है।

रेस्टोरेंट में शराब के सेवन को पहुंचा पोस्टमैन की संदिग्ध परिस्थिति में मौत

(एनएन सर्विस)
ऋषिकेश कोतवाली क्षेत्रांतर्गत एक पोस्टमैन की संदिग्ध परि‌स्थिति में मौत हो गई। आसपास मौजूद लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल अवस्था में पोस्टमैन को राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया। लेकिन अस्पताल ले जाते वक्त ही पोस्टमैन ने अपना दम तोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब ढाई बजे श्यामपुर चैकी क्षेत्र में स्थित पोखरियाल फास्टफूड एंड रेस्टोरेंट में पोस्टमैन गंगाराम कुकरेती अपने अन्य साथी के साथ पहुंचा। बताया जा रहा कि यहां उसने शराब का सेवन किया। इस दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। इसी ‌बीच गंगाराम के चिल्लाने की आवाज आई। आवाज सुन रेस्टारेंट में कार्यरत कारीगर वहां पहुंचा तो पोस्टमैन को लहुलुहान हालत में मिला। उसने देखा कि पोस्टमैन के साथ आया व्यक्ति मौके पर मौजूद नहीं है। रेस्टोरेंट के कारीगर ने पोस्टमैन को उठाकर बाहर रख दिया। इसी ‌बीच खून को देखकर आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। कुछ लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही मौके पर चैकी इंचार्ज श्यामपुर आशीष गुंसाई पुलिस टीम के साथ पहुंचे और इमरजेंसी सेवा 108 को फोन कर पोस्टमैन को घायल अवस्था में राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया। काफी खून बह जाने के कारण रास्ते में ही पोस्टमैन ने अपना दम तोड़ दिया। वहीं, पुलिस ने घटना के बाद रेस्टोरेंट संचालक और कारीगर को हिरासत में लिया है। कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि पोस्टमैन की उम्र करीब 50 वर्ष है वह नंबरदार फार्म श्यामपुर के निवासी है। कोतवाल के अनुसार प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत हो रहा है कि पोस्टमैन ने स्वयं ही किसी धारदार हथियार से अपने शरीर पर वार किया है। उन्होंने कहा कि विवेचना के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पायेगी।

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शक के दायरे में साथी और कारीगर
दोपहर ढाई बजे यह घटना हुई। मगर, मौके पर मौजूद उनका साथी वहां से फरार हो गया। मौके पर मौजूद कारीगर ने भी पोस्टमैन को घायल अवस्था में अस्पताल ले जाने की बजाए रेस्टोरेंट के बाहर रख दिया। यह दोनों की भूमिका पर सवाल खड़े कर रहा है। यदि पोस्टमैन ने स्वयं को चोटिल किया तो उसके साथी ने रोका क्यो नही। साथ ही घटना की जानकारी पुलिस को क्यों नही दी गई और अस्पताल ले जाने के बजाए मौके से फरार क्यों हो गए।

संवेदनहीनता दिखी
बताया जा रहा कि मौके पर घायल अवस्था में पोस्टमैन करीब 20 मिनट तक तड़पते रहे। कारीगर ने जब उन्हें लहुलुहान अवस्था में रेस्टोरेंट के बाहर रख दिया तो मौजूद लोग वीडियो और फोटो खिंचने लगे। किसी ने भी उन्हें अस्पताल ले जाने की हिम्मत नही दिखाई।

एक्टिव मामलों में कमी लेकिन हम और सतर्क रहना होगाः मुख्यमंत्री

(एनएन सर्विस)
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि कोविड-19 के एक्टीव मामलों में कमी होने पर भी लगातार सावधान रहने की जरूरत है। प्रशासनिक स्तर पर किसी तरह की शिथिलता न हो। शनिवार को मुख्यमंत्री ने कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम तथा बचाव के लिए किए जा रहे कार्यों की सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि हमारी रिकवरी रेट 81 प्रतिशत से अधिक हो गई है। मृत्यु दर को कम करने पर विशेष ध्यान देना होगा। गम्भीर मामलों पर जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी स्वयं लगातार नजर रखें। ऐसे मामलों में अविलम्ब रेस्पोंस सुनिश्चित किया जाए। लगातार सर्विलांस किया जाए और संदिग्ध मामलों में सेम्पलिंग जरूर की जाए।

एक्टीव मामलों में कमी आई, पर किसी तरह की ढ़िलाई न आए
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले लगभग 4 माह में कोविड-19 को नियंत्रित करने के लिए काफी काम किया गया है। इसी का परिणाम है कि वर्तमान में प्रदेश में कोरोना का रिकवरी रेट 81 प्रतिशत से अधिक है और यह निरंतर बढ़ रहा है। हमारे यहां एक्टीव मामलों की संख्या 500 से भी कम हो गई है। परंतु अभी आराम का समय नहीं है। सतत सतर्कता बनाए रखनी है। कान्टेक्ट ट्रेसिंग और क्वारेंटाईन सेंटरों की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। डेथ ऑडिट रिपोर्ट में कोरोना संक्रमित की मृत्यु के कारणों का विश्लेषण कर देखा जाए कि कहां-कहां सुधार किए जाने की जरूरत है। क्लिनिकल मैनेजमेंट में गम्भीरतम मामलों पर उच्च स्तर से मॉनिटरिंग की जाए।

आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को समय पर मिले मानदेय
आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्री आदि फ्रंटलाईन वर्कर कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में हमारे प्रमुख योद्धा हैं। इनके मानदेय के भुगतान में किसी प्रकार का विलम्ब नहीं होना चाहिए। साथ ही इन्हें फेस शील्ड, सेनेटाईजर आदि उपलब्घ करवाना सुनिश्चित किया जाए।

मास्क व फिजीकल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने प्रदेश में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया है। आई.सी.यू., वेंटिलेटर, टेस्टिंग मशीन व लेब आदि सुविधाओं में भी काफी वृद्धि हुई है। लोगों को लगातार जागरूक करने की जरूरत है। सार्वजनिक स्थानों पर मास्क व फिजीकल डिस्टेंसिंग का पालन सख्ती से कराया जाए। कोविड-19 को लेकर भ्रामक व गलत समाचार प्रसारित करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। कोराना से ठीक हुए लोगों के अनुभवों के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में साझा किया जाए ताकि आम जन में इसके प्रति जागरूकता आए।

बुजुर्गो और गम्भीर बीमार व्यक्तियों के हेल्थ स्टेटस की लगतार मॉनिटरिंग
मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि कोविड-19 को लेकर किसी भी प्रकार का निर्णय बहुत सोच समझकर लिया जाता है। प्रदेश में स्थिति धीरे-धीरे सुधर रही है। अन्य बहुत से प्रदेशों से हमारी स्थिति बेहतर है। परंतु अभी भी हमारे प्रयासों में किसी प्रकार की ढ़िलाई नहीं आनी चाहिए। कान्टेक्ट ट्रेसिंग में कमी न रहे। कोविड-19 के प्रति संवेदनशील बुजुर्गो, छोटे बच्चों और बीमार व्यक्तियों को टार्गेट करते हुए उनके हेल्थ स्टेटस को लगातार मॉनिटर किया जाए। जो भी डाटा प्राप्त होता है, जिलाधिकारी भी उसका विश्लेषण कर देखें कि उनके जिले में कहां कमियां रही हैं। उनमें सुधार किया जाए। कोविड-19 के साथ ही डेंगू पर भी ध्यान देना है। बरसात के सीजन को देखते हुए भी सभी तैयारियां कर ली जाएं।

विभिन्न मानकों पर राज्य की स्थिति बेहतर
सचिव अमित नेगी ने बताया कि राज्य में कोविड-19 के कुल एक्टीव केस 500 से भी कम रह गए हैं। पिछले सात दिन में कोरोना की वृद्धि दर 0.56 प्रतिशत है जबकि भारत में यह 1.28 प्रतिशत है। उत्तराखण्ड में पॉजिटीविटी रेट 4.68 प्रतिशत है और देश में औसत पॉजिटीविटी रेट 6.73 प्रतिशत है। राज्य में कुल पॉजिटिव मामलों में से 89 प्रतिशत शहरी क्षेत्रों में और 11 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों में पाए गए हैं। सेम्पलिंग में भी पहले की तुलना में लगातार बढ़ोतरी हुई है। राज्य की डबलिंग रेट 57.39 दिन है जबकि देश की डबलिंग रेट 23.52 दिन है।

आईसीयू, वेंटीलेटर व आक्सीजन सपोर्ट की पर्याप्त उपलब्धता
कोविड केयर सेंटरों में वर्तमान में 22601 रिक्त बेड उपलब्ध हैं। कोविड फेसिलिटी में 1126 आक्सीजन सपोर्ट बेड, 247 आईसीयू बेड और 159 वेंटीलेटर उपलब्ध हैं। जिलों को सेम्पलिंग के लिए 16 ट्रू-नेट मशीन उपलब्ध करवाई जा चुकी हैं। जिलों की आवश्यकता के अनुसार सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

कान्टेक्ट ट्रेसिंग के लिए तीन राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम कार्यरत
आईजी संजय गुन्ज्याल ने बताया कि प्रदेश में कान्टेक्ट ट्रेसिंग के लिए तीन कंट्रोल रूम काम कर रहे हैं। देहरादून, उत्तरकाशी व टिहरी के लिए देहरादून कंट्रोल रूम, हरिद्वार, पौड़ी, चमोली और रूद्रप्रयाग के लिए हरिद्वार कंट्रोल रूम और कुमायूं मण्डल के सभी जिलों के लिए रामनगर कंट्रोल रूम कार्य कर रहा है। सभी 13 जिलों में कांटेक्ट ट्रेसिंग के लिए बीआरटी और सीआरटी सक्रिय हैं। हर जिले में इसके लिए एक नोडल अधिकारी भी तैनात है।

बैठक में आयुक्त गढ़वाल रविनाथ रमन, आयुक्त कुमायूं अरविंद सिंह ह्यांकि, सचिव डा. पंकज कुमार पाण्डेय, अपर सचिव युगल किशोर पंत, महानिदेशक स्वास्थ्य डा. अमिता उप्रेती सहित सभी जिलाधिकारी व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।