मुख्यमंत्री के निर्देश पर पर्यटन विभाग ने स्वरोजगार के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया शुरु की

(एनएन सर्विस)
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद पर्यटन विभाग स्वरोजगार योजनाओं का लाभ देने के लिए कोई कमसर नही छोड़ना चाहता है। इसके लिए विभाग ने ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा शुरू कर दी है। ऑनलाइन सिस्टम से घर बैठे ही आवेदन किया जा सकता है। इससे आवेदकों को बड़ा फायदा होगा। अब उन्हें कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। वहीं, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के तहत इलेक्ट्रिक बस खरीदने पर 50 प्रतिशत या 15 लाख तक सब्सिडी मिलेगी।
कोरोना महामारी के चलते प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है। स्वरोजगार की योजनाओं को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए वीर चंद्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना और पंडित दीन दयाल उपाध्याय होम स्टे योजना के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा शुरू कर दी है। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना में तहत अब बेरोजगार युवा प्रदेश के अंदर विभिन्न मार्गों पर इलेक्ट्रिक बसें खरीद कर रोजगार शुरू कर सकते हैं। बसों का संचालन परिवहन निगम के निर्धारित रूटों के साथ ही अंतर नगरीय क्षेत्रों में किया जाएगा। 
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना में इलेक्ट्रिक बसों के अलावा अन्य वाहनों की खरीद पर पूर्व की भांति 25 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी। वहीं, गैर वाहन मद में आवेदकों को पर्वतीय क्षेत्रों में 33 प्रतिशत या 15 लाख और मैदानी क्षेत्रों में 25 प्रतिशत या 10 लाख तक सब्सिडी दी जा रही है। होम स्टे के लिए पर्वतीय क्षेत्रों में 33 प्रतिशत  या 10 लाख और मैदानी क्षेत्रों में 25 प्रतिशत या अधिकतम सात लाख रुपये की सब्सिडी मिलेगी।
पर्यटन विभाग के सचिव दिलीप जावलकर ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन करने की व्यवस्था लागू होने से योजना में पारदर्शिता आएगी और घर बैठे लोग आवेदन कर सकेंगे। इससे समय की बचत होगी और योजना की रियल टाइम में मानीटरिंग हो सकेगी। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली और होम स्टे योजना के लिए अब ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। 

यहां करें आवेदन 
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना और होम स्टे योजना के लिए ऑनलाइन पंजीकरण पर्यटन विभाग की वेबसाइट http://vcsgscheme-uk-gov-in पर किया जाएगा। स्वरोजगार शुरू करने का इच्छुक कोई भी व्यक्ति घर बैठे आवेदन कर सकता है।

सरकार ने कोविड सैंपल की दर आधी की, अब पूरे प्रदेश में एक समान हो गई जांच मूल्य

(एनएन सर्विस)
लगातार बढ़ रहे कोरोना मरीजों के सैंपलों की जांच में तेजी लाने के लिए सरकार ने इसकी जांच दर में भी काफी कटौती कर दी है। अब प्राइवेट अस्पतालों और लैब में निर्धारित दरों से अधिक नही वसूल सकेंगे। प्राइवेट या सरकारी अस्पतालों की ओर से प्राइवेट लैब में भेजे जाने वाले सैंपलों के लिए दो हजार रुपये (जीएसटी सहित) और सीधे प्राइवेट लैब की ओर से खुद लिए जाने वाले सैंपलों के लिए 2400 रुपये निर्धारित किए गए हैं। राज्य सरकार ने यह बड़ी राहत दी है। बता दें कि अभी तक प्राइवेट लैब की ओर से सैंपल लेने पर 4500 रुपये लिए जाते थे।
वहीं, सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद प्रदेश में 104 दिनों में सवा करोड़ की आबादी पर सिर्फ 55 हजार सैंपलों की जांच हो पाई है। इसी चिंता के तहत सरकार का ये कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश में रोजाना कोरोना संक्रमित के मामले बढ़ रहे हैं। 15 मार्च से लेकर अब तक कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 2700 पार हो चुका है। हालांकि कोरोना काल के शुरूआती दिनों की तुलना में प्रदेश में सैंपलों की जांच बढ़ी है। इसके बावजूद अन्य हिमालयी राज्यों की तुलना में उत्तराखंड में सैंपलिंग की दर कम बताई जा रही है।
प्रभारी सचिव स्वास्थ्य डॉ. पंकज कुमार पांडेय का कहना है कि पहले की तुलना में प्रदेश में कोविड सैंपलिंग बढ़ी है। इसमें और तेजी लाने के लिए मेडिकल कालेजों में स्थापित प्रयोगशालाओं की क्षमता बढ़ाने के लिए हाईटेक मशीन लगाने के लिए सरकार ने 11.25 करोड़ की राशि मंजूर की है। प्रत्येक जिले में ट्रूनेट मशीन स्थापित की गई है। जिससे कोरोना संक्रमण की जांच में तेजी आये।

निर्मल ब्लॉक और वीआईपी कॉलोनी में एमडीडीए ने की कार्रवाई

(एनएन सर्विस)
मसरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने शुक्रवार को निर्मल ब्लॉक में दो बहुमंजिला भवन और वीआईपी कॉलोनी में निर्मित दो भवनों के छह फ्लेटों को सील किया है। अवैध निर्माणों के खिलाफ हुई एमडीडीए की कार्रवाई से बिल्डरों में भगदड़ मची रही।
शुक्रवार को एमडीडीए के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर श्याममोहन शर्मा के नेतृत्व में टीम निर्मल ब्लॉक पहुंची। यहां पर दो अवैध निर्माणाधीन भवनों की सीलिंग के आदेश पूर्व में ही जारी हुए थे। इस पर अमल करते हुए एमडीडीए टीम ने निर्मल ब्लॉक बी प्लॉट गली नंबर एक में नीरज अग्रवाल का पांच मंजिला भवन, त्रिलोकीनाथ यादव का आमबाग ब्लॉक प्लॉट नंबर एक गली नंबर दो पशुलोक में पांच मंजिला भवन को सील किया। इसके बाद टीम वीआईपी कॉलोनी पहुंची। यहां टीम ने किरण सुनेजा पत्नी दीपक सुनेजा का श्री रेजीडेंसी में अवैध रूप से निर्मित तीन फ्लैट्स को सील किया, जबकि शेष छह फ्लैट्स में रिहाइश होने के कारण सील नहीं किये। टीम ने यहां अन्य व्यक्ति संजय कुमार अग्रवाल 29 फ्लैट और एक स्टोर के तीन फ्लैट्स को सील किया है, जबकि शेष 26 फ्लैट्स जो कि वन रूम सेट हैं सील नहीं किए। टीम ने बताया कि रिहायश होने के चलते नोटिस देकर इन्हें खाली करवाया जायेगा फिर सील की कार्रवाई पूरी की जायेगी।
प्राधिकरण की टीम में अधिशासी अभियंता श्याम मोहन शर्मा, सहायक अभियंता मनोज जोशी, अवर अभियंता प्रेमपाल सिंह व पुलिसकर्मी मौजूद रहे।

डेंगू से बचाव कार्यो की तैयारी में जुटा स्वास्थ्य विभाग, दिए जिलाधिकारियों को निर्देश

(एनएन सर्विस)
कोविड-19 के साथ ही डेंगू की रोकथाम के लिए भी प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं। सचिव अमित सिंह नेगी ने सभी जिलाधिकारियों को डेंगू निरोधात्मक गतिविधियों का संचालन करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारियों को जारी निर्देशो में यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि कोविड-19 के नियंत्रण के लिए बनाए गए क्वारेंटाईन फैसिलिटी और कोविड केयर सेंटरों में जलभराव की समस्या न हो। इसी प्रकार जिला चिकित्सालयों और अन्य चिकित्सा इकाईयों में भी पानी इकट्ठा न होने पाए। यहां जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए पीआरडी के कार्मिकोंध्स्वयंसेवकों को तैनात किया जा सकता है। जिन स्थानों पर भी पानी की निकासी अवरुद्ध रहती है, वहां समस्या का निराकरण समय से कर लिया जाए। जन जागरूकता व जनसहभागिता के लिए आई०ई०सी० संसाधनों का समुचित व समयान्तर्गत उपयोग हो। स्वास्थ्य विभाग के साथ अन्य विभागों जैसे नगर निगम, शिक्षा विभाग, ग्राम्य एवं शहरी विकास, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, लोक निर्माण, जल संस्थान, जल निगम आदि में अंतर्विभागीय समन्वय किया जाए। सभी जिलाधिकारी, डेंगू की रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्यों की नियमित रूप से समीक्षा भी करें।

डेंगू की रोकथाम के लिए ब्लॉकवार माइक्रो प्लान
डेंगू रोग पर रोकथाम और नियंत्रण के लिए ब्लाक वार, माइका्रे प्लान बनाकर कार्यवाही की जाए। जनपदों के चिकित्सालयों (जिला/बेस व मेडिकल कालेज) में भारत सरकार की गाईडलाइन के अनुसार आवश्यक कार्यवाही जैसे पृथक डेंगू आईसोलेशन वार्ड तैयार कर मच्छरदानी युक्त पर्याप्त बेड की उपलब्धता, स्टेंडर्ड केस मैनेजमेंट आदि सुनिश्चित किया जाए और डेंगू आइसोलेशन वार्ड के लिए नोडल अधिकारी नामित किया जाए।

प्लेटलेट्स की उपलब्धता सुनिश्चित हो
डेंगू पीड़ित गंभीर रोगियों के लिए प्लेटलेट्स की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। डेंगू जांच केन्द्रों में समय से आवश्यक सामग्री जैसे एलिसा जांच किट व अन्य जांच सामग्री की उपलब्धता अवश्य हो। डेंगू रोगियों की शुरूआती चरण में पहचान के लिए फीवर सर्वे किये जाए, लक्षणों के आधार पर डेंगू रोग की संदिग्धता होने पर जांच की जाये। डेंगू रोगी पाये जाने की स्थिति में रोगी के घर के आस-पास लगभग 50 घरों की परिधि में आवश्यक रूप से स्पेस/फोकल स्प्रे कराने के साथ-साथ जनपदीय आर0आर0टी0 द्वारा क्षेत्र में सघन फीवर सर्विलेन्स एवं लार्वा निरोधात्मक कार्यवाहियां (सोर्स रिडक्शन) कराई जाएं। स्वास्थ्य विभाग व आई0एम0ए0 प्रतिनिधियों/निजी चिकित्सालयों/पैथोलॉजी लैबों के मध्य समन्वय बैठक की जाये ताकि आमजन में डेंगू रोग के प्रति व्याप्त भ्रान्ति/भय को दूर किया जा सके। किसी भी प्रकार की आकस्मिक/आपातकालीन आवश्यकता के दृष्टिगत जनपद स्तर पर जिला कार्ययोजना में भी डेंगू के लिए अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया जाये।

डेंगू के लिए हेल्पलाईन 104
आमजन को डेंगू सम्बन्धी जागरूकता और समुचित जानकारी प्रदान करने के लिये राज्य मुख्यालय पर इंटीग्रेटेड हेल्पलाईन क्रियाशील है जिसका टोल फ्री नं 104 है। इसी प्रकार जनपद स्तर पर डेंगू के संक्रमण काल (माह जून से नवम्बर तक) के दौरान कन्ट्रोल रूम स्थापित कर उक्त दूरभाष न० से राज्य एन०वी०बी०डी०सी०पी0 यूनिट को अवगत कराया जाए।

नगर क्षेत्रों में पार्षदों के सहयोग से हो साफ-सफाई
सचिव अमित सिंह नेगी ने सभी नगर निगमों के नगर आयुक्तों और नगर पालिका परिषद व नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को नगर क्षेत्रों में जन सहयोग से डेंगू की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। नगर निगमों द्वारा स्वच्छता अभियान चलाया जाये ताकि डेंगू रोग के मच्छरों को पनपने से रोका जा सके। समस्त पार्षदों के सहयोग से लोगों को जागरूक किया जाए और साफ-सफाई की मॉनिटरिंग की जाए। निगम और नगर पंचायतों में ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित किया जाए जहां मच्छर पनपने का खतरा बना रहता है। शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ परिसीमांत उप नगरीय क्षेत्रों में डेंगू निरोधात्मक गतिविधियों जैसे सोर्स रिडक्शन (डेंगू मच्छर के पैदा होने के स्थान को नष्ट करना), फागिंग आदि कार्य सुनिश्चित किए जाएं।

ऑनलाइन कक्षाओं में डेंगू से बचाव की जानकारी दी जाए
सचिव नेगी ने शिक्षा विभाग से भी अपेक्षा की है कि विद्यार्थियों को ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से डेंगू रोग से बचाव के लिए जागरूक किया जाए। अभिभावकों को भी जागरूक किया जाए। सभी विभागाध्यक्षों को भी निर्देशित किया गया है कि राजकीय कार्यालयों में नियमित रूप से परिसर में साफ सफाई की जाए। पानी की टंकियों को ढक कर रखा जाए। परिसर में कहीं भी जलभराव की समस्या न हो।

कोविड केयर सेंटर में मेडिकल सुविधाओं के साथ ही योगा एवं मेडिटेशन की व्यवस्था होगीः मुख्यमंत्री

(एनएन सर्विस)
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आज अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम रायपुर, देहरादून में बनाये गये कोविड केयर सेंटर का निरीक्षण किया। इस कोविड सेंटर में कोविड-19 के मानकों के अनुसार सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध करायी गई हैं। अभी इस सेंटर में 750 बैड की व्यवस्था की गई है। आवश्यकता पड़ने पर इस सेंटर की क्षमता को बढ़ाकर चार हजार बैड तक की जा सकती है। कोविड केयर सेंटर में ठहरने वाले लोगों के लिए सुरक्षात्मक दृष्टि से फ्री में आवश्यक सामग्री की किट दी जायेगी। दिन में तीन टाइम के भोजन की व्यवस्था की गई है, जिसमें स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दी गई है। आयुष विभाग द्वारा इम्युनिटी बढ़ाने के लिए काढ़ा भी उपलब्ध कराया गया है।
अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में बनाये गये इस सेंटर में लोगों को ठहरने के लिए चार फ्लोर में व्यवस्था की गई है। इसमें 38 वार्ड एवं 750 बैड की व्यवस्था की गई है। कोविड केयर सेंटर में मेडिकल सुविधाओं के साथ ही योगा एवं मेडिटेशन की व्यवस्था की गई है। सुबह के समय एक्सपर्ट द्वारा आनलाईन योगा एवं मेडिटेशन की क्लास दी जायेगी। इसके लिए एलईडी स्क्रीन की व्यवस्था की गई है। कोविड केयर सेंटर में सैनेटाइज, थर्मल स्क्रीनिंग, सीसीटीवी कैमरे एवं कोविड के मानकों के हिसाब से अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं। फैमली वार्ड अलग से बनाये गये हैं। सेंटर में मनोरंजन की अनेक सामग्रियां उपलब्ध कराई गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के दृष्टिगत राज्य सरकार ने सुरक्षात्मक दृष्टि से हर सम्भव प्रयास किये हैं। अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम रायपुर में कोविड के दृष्टिगत हाईटैक सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किये गये हैं। शासन, पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ ही स्वयं सेवी संस्थाओं ने भी इसके लिए सहयोग किया है। कोविड-19 पर नियंत्रण एवं लोगों को रोजगार के अवसर उपलबध कराना राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां पर चार हजार लोगों की ठहरने की व्यवस्था हो सकती है। कोविड पर नियंत्रण के लिए जिस तरह से प्रदेश में सतर्कता बरती जा रही, उम्मीद है कि हम जल्द ही नियंत्रण की स्थिति में होंगे। प्रदेश में कोरोना पाॅजिटव के रिकवरी रेट में वृद्धि हुई है, डबलिंग रेट में भी सुधार आया है। अभी हमारा रिकवरी रेट 65 प्रतिशत एवं डबलिंग रेट 25 दिन है।
इस अवसर पर पर्यावरणविद् डाॅ.अनिल प्रकाश जोशी, सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी, डीजीपी लाॅ एण्ड आॅर्डर अशोक कुमार, आईजी मेला संजय गुंज्याल, कमांडेंट एसडीआरएफ तृप्ति भट्ट, सीएमओ देहरादून डाॅ. वी.सी. रमोला, अपर जिलाधिकारी बीर सिंह बुदियाल आदि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने विशेष सैक्टर चिन्हित करके रोजगार उपलब्ध कराने के दिए निर्देश

(एनएन सर्विस)
कोविड-19 के दृष्टिगत प्रदेशवासियों को रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गुरूवार को सचिवालय में अधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ विशेष सैक्टर चिन्हित किये जाएं, जिसमें लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आवश्यकतानुसार विभिन्न क्षेत्रों में उपनल के माध्यम से भर्ती की जा सकती है। स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं तकनीक के क्षेत्र में कार्मिकों की और तैनाती की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उपनल के माध्यम से जो भी भर्ती की जायेगी, उसमें पूर्व सैनिकों एवं सैनिक आश्रितों को सबसे पहले प्राथमिकता दी जायेगी। यदि किसी क्षेत्र में पूर्व सैनिकों एवं सैनिक आश्रित की उपलब्धता नहीं हो पाती है, तब ही अन्य लोगों को उपनल के माध्यम से भर्ती की जायेगी। नौकरी के लिए विभिन्न क्षेत्र चिन्हित होने के बाद उपनल द्वारा पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू की जायेगी। इसके लिए इस वित्तीय वर्ष के अन्त तक अर्थात् 31 मार्च 2021 तक आवेदन किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ ऐसे क्षेत्र चिन्हित किये जाय जिसमें समय की मांग एवं परिस्थितियों के अनुसार प्रदेशवासियों विशेषकर पूर्व सैनिकों एवं सैनिक आश्रितों एवं महिला समूहों को उपनल के माध्यम से स्किल डेवलपमेंट किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के दृष्टिगत प्रदेश के बड़े शहरों देहरादून एवं हल्द्वानी में वरिष्ठ नागरिकों, जो विभिन्न कारणों से अपने घर से बाहर निकलने में असमर्थ हैं। उनके लिए उपनल के माध्यम से मल्टीसर्विस सेंटर स्थापित किये जाय। वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए उपनल के माध्यम से उचित दरों पर सेवाएं दी जा सकती हैं। उपनल के माध्यम से सेवाएं देने पर सेवाकर्ता का पूरा रिकॉर्ड रहेगा। इससे लोगों में विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।
बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव न्याय प्रेम सिंह खिमाल, सचिव वित्त अमित नेगी, अपर सचिव प्रदीप रावत, उपनल के प्रबंध निदेशक ब्रिगेडियर पी.पी.एस. पहावा (से.नि), निदेशक सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास ब्रिगेडियर के.वी चन्द (से.नि) आदि उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत राज्य में सिंचाई व्यवस्था होगी सुढ़ढ

(एनएन सर्विस)
मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति की बैठक में 2020-21 के 344 करोड़ 76 लाख रूपये लागत की प्रस्तावित योजनाओं को अनुमोदित किया गया। इसी के साथ वर्ष 2019-20 के लघु सिंचाई की पूर्व में उपलब्ध धनराशि 29 करोड़ 78 लाख लागत की योजना में धनराशि जारी करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह द्वारा सूक्ष्म सिंचाई निधि के अन्तर्गत चाय बागानों हेतु सिंचाई की सुविधाओं की स्थापना से सम्बन्धित लगभग 15 करोड़ 63 लाख लागत के प्रस्तावित योजना में वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के वाईस चासंलर डाॅ अजित कुमार कर्नाटक के प्रस्ताव के सुझाव को शामिल करने के निर्देश दिए गए। बैठक में पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के वांइस चांसलर डाॅ. तेज प्रताप सिंह तथा भारत सरकार के अपर आयुक्त वी.वी.एम. राव ने भी वीडियो कांन्फ्रेसिंग के माध्यम से अपने सुझाव दिए। मुख्य सचिव द्वारा सुझाव को प्रस्तावित योजना में शामिल करने के निर्देश दिये गये। बैठक में सचिव कृषि आर मीनाक्षी सुन्दरम, संयुक्त सचिव सिंचाई ओमकार सिंह, मुख्य अभियन्ता लघु सिंचाई मोहम्मद उमर, प्रमुख अभियन्ता राजकीय सिंचाई मुकेश मोहन सहित कृषि एवं उद्यान के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

नही कटेगा वेतन मुख्यमंत्री ने दिए आदेश, कई राहत भरी घोषणाएं भी की

(एनएन सर्विस)
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने घोषणा की है कि प्रत्येक आंगनबाड़ी और आशा कार्यकत्री के खाते में एक-एक हजार रूपए की सम्मान राशि दी जाएगी। इनकी संख्या 50 हजार से अधिक है। वहीं, मुख्यमंत्री ने परिवहन निगम की व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए 15 करोड़ रूपये की धनराशि भी स्वीकृत की है। इसके अतिरिक्त गढ़वाल एवं कुमाऊँ मंडल विकास निगम हेतु भी मुख्यमंत्री ने 2-2 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। कोविड-19 के दृष्टिगत पूर्व में लॉकडाउन के कारण परिवहन निगम के साथ ही कुमाऊँ मंडल विकास निगम एवं गढ़वाल मंडल विकास निगम के आय के संसाधनों में कमी के कारण संसाधनों के विकास हेतु मुख्यमंत्री ने यह धनराशि स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में शीघ्र आदेश निर्गत हेतु सचिव वित्त को निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस धनराशि से इन निगमों के नुकसान की काफी हद तक भरपाई हो सकेगी तथा कार्य संचालन में सुविधा होगी। मुख्यमंत्री ने कहा की परिवहन निगम की बसों का संचालन शुरू किया गया है इसमें यात्रियों को सुविधा होने के साथ ही परिवहन निगम के आय के संसाधनों में वृद्धि होगी। इस हेतु गढ़वाल मंडल विकास निगम के अध्यक्ष महावीर सिंह रांगड ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
उधर, मुख्यमंत्री ने सचिवालय एवं अन्य चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों व स्वास्थ्य कर्मियों के 1 दिन के वेतन कटौती के आदेश को वापस लिए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के इस आदेश से सचिवालय परिचारक संघ के अध्यक्ष विशन सिंह राणा व अन्य कार्मिकों ने उनका आभार व्यक्त किया है।

कंस्ट्रक्शन साइट में कल हुई थी मौत, अब रिपोर्ट आई पाॅजीटिव

(एनएन सर्विस)
एम्स ऋषिकेश में देर शाम 2 और लोगों की रिपोर्ट कोविड पॉजिटिव मिली है। इनमें पहला मामला रेलवे रोड ऋषिकेश पर गुरुद्वारे के नजदीक स्थित एक निर्माणाधीन होटल में कार्य कर रहे 44 वर्षीय व्यक्ति का है। जो कि बीते बुधवार को कंस्ट्रक्शन साइट पर गिर गया था, जिसे एम्स के चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया था। सेंट्रल दिल्ली निवासी इस व्यक्ति का पोस्टमार्टम से पूर्व लिया गया कोविड सेंपल आ शाम पॉजिटिव आया है। बताया गया कि यह व्यक्ति 22 जून को दिल्ली से ऋषिकेश आया था। वहीं, दूसरा मामला एम्स की कोविड लैब में कार्यरत 28 वर्षीया लैब टेक्निशियन पिछले दो दिन से शरीर में दर्द की शिकायत के साथ बुधवार को एम्स की ओपीडी में आई थी। जिसका कोविड सेंपल लिया गया था। जो कि आज पॉजिटिव पाया गया है। एम्स के जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल ने बताया कि इस बाबत सूचना स्टेट सर्विलांस को दे दी गई है।

ई कलेक्ट्रेट प्रणाली समय की मांग, लोगों के समय की होगी बचतः मुख्यमंत्री

(एनएन सर्विस)
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास में ई कलेक्ट्रेट प्रणाली देहरादून का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि समय की मांग के अनुसार तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग जरूरी है। ई कलेक्ट्रेट प्रणाली से लोगों को सुविधा तो होगी ही साथ ही समय कि बचत भी होगी और अनावश्यक कार्यालयों की भागदौड़ भी नहीं करनी पड़ेगी। ई ऑफिस प्रणाली से कार्यों में और पारदर्शिता आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्य विभागों में भी ई ऑफिस प्रणाली शुरू करने के लिए प्रयास किए जाए। उन्होंने निर्धारित समयावधि से एक सप्ताह पूर्व ही ई कलैक्ट्रेट प्रणाली का शुभारंभ करवाने पर जिला प्रशासन को बधाई दी।
जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि ई कलेक्ट्रेट प्रणाली का शुभारंभ स्मार्ट सिटी देहरादून, आईटीडीए एवं एनआईसी के सहयोग से किया गया। इसके तहत कलैक्ट्रेट के सभी अनुभाग इस प्रणाली से जोड़े गए हैं। अब कलेक्ट्रेट के सभी अनुभागों में इस प्रणाली के माध्यम से कार्य किए जाएंगे। राजस्व विभाग के फील्ड कर्मी भी इसी प्रणाली से कार्य करेंगे। इससे कार्य में पारदर्शिता के साथ ही अधिकारी एवं संबंधित कार्मिक की निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण करने की जिम्मदारी तय रहेगी। जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि ई ऑफिस प्रणाली के दूसरे चरण में तहसील एवं विकासखंड में कार्य किए जाएंगे। उसके बाद इलेक्शन ऑफिस एवं पंचस्थानी चुनाव के ऑफिस को इस प्रणाली से जोड़ा जाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के आईटी सलाहकार रविंद्र दत्त, कमिश्नर गढ़वाल रविनाथ रमन, निदेशक आइटीडीए अमित सिन्हा, सीईओ स्मार्ट सिटी रणवीर सिंह चैहान, एडीएम वित्त एवं राजस्व बीर सिंह बुदियाल, एडीएम प्रशासन अरविंद पाण्डेय आदि उपस्थित थे।