देश की 22 वी नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी का मुख्यमंत्री ने रानीपोखरी में शिलान्यास किया

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शनिवार को रानीपोखरी में केन्द्रीय लाॅ यूनिवर्सिटी का शिलान्यास किया। यह देश की 22वीं केन्द्रीय यूनिवर्सिटी होगी। यह युनिवर्सिटी 26 करोड़ की लागत से बनेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 73 करोड़ रूपये की योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। जिसमें से 68 करोड़ रूपये की योजनाओं का लोकार्पण तथा 5 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास कार्य शामिल हैं। इनमें मुख्यमंत्री की घोषणा के अन्तर्गत निर्मित सड़को के साथ ही क्षेत्र की विभिन्न आन्तरिक व मुख्य सड़को का निर्माण शामिल है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय सड़क निधि के तहत 49.25 करोड़ के कार्यों का शिलान्यास भी किया। जिसमें डोईवाला के अन्तर्गत थानो भोगपुर मोटर मार्ग 240 मी0 स्पान आरसीसी प्रिस्ट्रेस्ड सेतु लागत रू0 19.22 करोड़, ऋषिकेश के अन्तर्गत चाण्डी प्लान्टेशन मोटर मार्ग का निर्माण लागत 13.74 करोड़ तथा देहरादून-रानीपोखरी मोटरमार्ग पर रानीपोखरी में 252 मी0 आर.सी.सी. सेतु निर्माण लागत 16.29 करोड़ शामिल है।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि रानीपोखरी में स्थापित होने वाली यह देश की 22वीं नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी होगी। जो उत्तराखंड के लिए यह गर्व की बात है। यह उत्तराखंड के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष लगाव का नतीजा है कि आज प्रदेश उत्तराखंड को लॉ यूनिवर्सिटी का तोहफा मिला है। उन्होंने कहा कि इस यूनिवर्सिटी के खुलने से प्रदेश में उच्च शिक्षा को नए आयाम मिलेंगे, तथा इसमें प्रदेश के साथ ही देश भर के प्रतिभावान छात्र-छात्राएं पढ़ने के लिए आएंगे। उन्होंने कहा कि जब कोई भी बड़ा संस्थान किसी स्थान पर खुलता है तो उसके कई मायनों में फायदा होता है। इस लॉ यूनिवर्सिटी से न केवल शिक्षा के क्षेत्र में युवाओं को अवसर मिलेंगे बल्कि स्थानीय लोगों की आर्थिकी भी सुधरेगी और रोजगार मिलेगा। हमारे युवा भी यूनिवर्सिटी में विभिन्न पदों पर रोजगार से जुड़ेंगे। इस तरह के प्रयास लोकल इकोनॉमी को भी मजबूत बनाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पास आई.आई.टी., आई.आई.एम. और एम्स जैसे संस्थान पहले से मौजूद थे, इसके बावजूद उत्तराखंड को एजुकेशन हब बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विशेष सहयोग दिया है। पिछले 23 महीने में डोईवाला क्षेत्र में 2 राष्ट्रीय स्तर के संस्थान खुले हैं। डोईवाला में 2017 में सीपैट का उद्घाटन किया गया था। वहां पर सीपैट में कक्षाएं चल रही हैं, वहां पढ़ने वाले बच्चों को सौ फीसदी प्लेसमेंट मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दिनों मोदी ने वीडिओ कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किच्छा व लालढांग में दो नए मॉडल डिग्री कॉलेजों व पौड़ी के पैठाणी में प्रदेश के पहले वोकेशनल कॉलेज का शिलान्यास किया है। इन संस्थानों के लिए बजट भी स्वीकृत किया जा चुका है। ये तमाम कोशिशें प्रदेश के लिए न केवल रोजगारपरक शिक्षा में मील का पत्थर साबित होगी। बल्कि उत्तराखंड को उच्च शिक्षा का हब बनाने में भी मददगार होंगी, ऋषिकेष में शीघ्र ही कन्वेंसन सेन्टर की स्थापना की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है। विभिनन रोजगारपरक नीतियों और योजनाओं के माध्यम से हमने हर स्तर पर रोजगार सृजन के प्रयास किए हैं। पिछले दिनों प्रधानमंत्री जी ने राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना की शुरुआत की है। जिससे प्रदेश के लगभग 55 हजार युवा रोजगार से जुड़ सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में सबसे ज्यादा रोजगार सृजित करने के प्रयास किये जा रहे हैं। हजारों लोग टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म में रोजगार से जुड़ रहे हैं, होमस्टे शुरू करने के लिए युवाओं का आकर्षण बढ़ रहा है। प्रदेश में पर्यटन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों एवं कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में देश विदेश की प्रतिभागी भी हिस्सा ले रहे हैं। जो राज्य के पर्यटन के लिये शुभ संकेत है। हमारा प्रयास हर न्यायपंचायत स्तर पर वहां के स्थानीय संसाधनों के आधार पर एक लोकल इकोनॉमी स्थापित करना है। जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध हों, इसके लिए ग्रोथ सेंटर योजना पर कार्य किया जा रहा है। पिरूल नीति से डेढ़ लाख महिलाओं को रोजगार से जोड़ा जा रहा है। 16 हजार से ज्यादा लोगों को पिछले दो साल में एम.एस.एम.ई. नीति के तहत रोजगार मिला है।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि पिछले 2 वर्षों में राज्य सरकार ने प्रदेश के विकास के लिए कई अहम फैसले लिए। स्वास्थ्य, पेयजल, रोजगार, पलायन आदि क्षेत्रों में विशेष बल दिया।
अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना- प्रदेश के सभी परिवारों को अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना से जोड़ा जा रहा है। 25 दिसम्बर को प्रदेश में इस योजना के शुभारम्भ से अभी तक 10 हजार से अधिक लोगों का ईलाज हो चुका है। जबकि 23 लाख 50 हजार लोगों के गोल्डन कार्ड बन चुके हैं। सभी परिवारों के प्रत्येक व्यक्ति को यह गोल्डन कार्ड दिया जा रहा है। इस योजना के तहत प्रत्येक परिवार को 5 लाख रूपये तक का निःशुल्क ईलाज की सुविधा दी जा रही है।
वीरभूमि उत्तराखण्ड में एक भव्य शौर्य स्थल बनाया जायेगा। इसके लिए बजट में प्राविधान किया जा चुका है। शौर्य स्थल के लिए जल्द भूमि का चयन किया जायेगा। शौर्य स्थल बनाने के लिए एक कमेटी बनाई जायेगी, जिसमें सेना के लोगों को भी शामिल किया जायेगा।

उत्तराखण्ड में जल्द ही साइंस सिटी बनाई जायेगी। साइंस सिटी बनाने के लिए केन्द्र से स्वीकृति मिल चुकी है। साइंस सिटी के लिए सुद्धोवाला में 26 एकड भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। इससे बच्चो को विज्ञान के आधुनिक तौर-तरीको की जानकारी के साथ ही अन्वेषण करने का मौका मिलेगा।
इस अवसर पर सांसद डाॅ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि रानीपोखरी में बनने वाला यह राष्ट्रीय लाॅ विश्वविद्यालय उत्तराखण्ड की पहचान बनेगी। उत्तराखण्ड शिक्षा का पहले से ही हब है, देश व दुनिया के बड़ी संख्या में छात्र उत्तराखण्ड में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डाॅ.धन सिंह रावत ने कहा कि डोईवाला की जनता का सौभाग्य है कि 23 माह में 2 राष्ट्रीय स्तर के संस्थान यहां बने हैं। सीपेट और लाॅ विश्वविद्यालय दोनों ही भविष्य में प्रदेश में रोजगार की मजबूत नीव रखेंगे। पिछले 23 माह में प्रदेश के लगभग चार लाख युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि 7 मार्च से आंगनबाड़ी केन्द्रों में पढ़ने वाले 3 लाख बच्चों को पौष्टिक आहार के रूप में सप्ताह में दो दिन आॅचल का दूध उपलब्ध कराया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने किया 300 बेड के अस्पताल का शिलान्यास

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को हर्रावाला, देहरादून में 300 बेड के चिकित्सालय का शिलान्यास किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य, पर्यटन, सिंचाई व एमडीडीए की विभिन्न विकास योजनाओं के लगभग 540 करोड़ रूपये के कार्यों का शिलान्यास किया गया। हर्रावाला में बनने वाले जच्चा-बच्चा अस्पताल का नाम ‘‘शंकुतलाराणी सरदारीलाल ओबेराॅय अस्पताल’’ रखा जायेगा। इस अस्पताल के लिये राकेश ओबेराॅय ने 15 बीघा जमीन दान में दी है।
हर्रावाला में बनने वाले यह जच्चा बच्चा व कैंसर अस्पताल 164 करोड़ की लागत से बनाया जायेगा। देहरादून स्मार्ट सिटी के लिए 287 करोड़ रूपये के कार्यों का शिलान्यास किया गया। 5 करोड़ 9 लाख रूपये की लागत के 33 सड़क निर्माण कार्यों, राजपुर पार्क सौन्दर्यीकरण के लिए 7 करोड़, जार्ज एवरेस्ट हेरिटेज पार्क के विकास की योजना हेतु 23 करोड़ रूपये, धौलास आवासीय परियोजना़ व सिंचाई से सम्बन्धित शिलान्यास के विभिन्न कार्य शामिल हैं।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि पिछले 2 वर्षों में राज्य सरकार ने प्रदेश के विकास के लिए कई अहम फैसले लिए। स्वास्थ्य, पेयजल, रोजगार, पलायन आदि क्षेत्रों में विशेष बल दिया।

अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना
प्रदेश के सभी परिवारों को अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना से जोड़ा जा रहा है। 25 दिसम्बर को प्रदेश में इस योजना के शुभारम्भ से अभी तक 10 हजार लोगों का ईलाज हो चुका है। जबकि 23 लाख 50 हजार लोगों के गोल्डन कार्ड बन चुके हैं। सभी परिवारों के प्रत्येक व्यक्ति को यह गोल्डन कार्ड दिया जा रहा है। इस योजना के तहत प्रत्येक परिवार को 5 लाख रूपये तक का निःशुल्क ईलाज की सुविधा दी जा रही है।
उत्तराखण्ड अधीनस्थ चयन आयोग के माध्यम से 2221 नियुक्तियां
पिछले 22 माह में उत्तराखण्ड अधीनस्थ चयन आयोग द्वारा 36 भर्ती परीक्षाएं कराई गई, जिसमें 2221 नई नियुक्तियां की गई। 2014 से मार्च 2017 तक सिर्फ 06 परीक्षाएं कराई गई जिसमें 819 नई नियुक्तियां हुई। सरकारी सेवाओं में नियुक्तियों के लिए पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य किया जा रहा है।
देहरादून को 60 प्रतिशत ग्रेविटी वाटर उपलब्ध कराने का लक्ष्य
देहरादून को 60 प्रतिशत ग्रेविटी का पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सृदृढ़ व्यवस्था की जा रही ही। सौंग बांध परियोजना का जल्द ही शिलान्यास किया जायेगा। इस बांध को 350 दिन में बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए बजट का प्रावधान किया जा चुका है। इस बांध के निर्माण से प्रतिवर्ष 92 करोड़ रूपये की बिजली बचत होगी। सूर्यधार पेयजल योजना पर कार्य शुरू हो गया है। इस परियोजना से 43 गांवों को ग्रेविटी वाटर उपलब्ध होगा तथा बिजली की भी बचत होगी।
सीपैट
सीपैट आने वाले समय में रोजगार का प्रमुख जरिया बनेगा। इसमें 85 प्रतिशत प्रदेश के युवाओं को दाखिला दिया जायेगा। इस कोर्स में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। इस संस्थान में सीटों की संख्या बढ़ाई जायेंगी।
विधि विश्वविद्यालय का जल्द शिलान्यास किया जायेगा
रानीपोखरी में 2 मार्च 2019 को विधि विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया जायेगा। इस विश्वविद्यालय को एयरपोर्ट के निकट बनाया जा रहा है। इससे जहां छात्रों को विधि की अच्छी शिक्षा मिलेगी वहीं प्रदेश की आर्थिकी में भी सुधार होगा। यह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय होगा। एयरपोर्ट के निकट इस यूनिवर्सिटी के होने से बाहर से आने वाले विधि विशेषज्ञों को भी सुविधा होगी।

शौर्य स्थल
वीरभूमि उत्तराखण्ड में एक भव्य शौर्य स्थल बनाया जायेगा। इसके लिए बजट में प्राविधान किया जा चुका है। शौर्य स्थल के लिए जल्द भूमि का चयन किया जायेगा। शौर्य स्थल बनाने के लिए एक कमेटी बनाई जायेगी, जिसमें सेना के लोगों को भी शामिल किया जायेगा।
साइंस सिटी
उत्तराखण्ड में जल्द ही साइंस सिटी बनाई जायेगी। साइंस सिटी बनाने के लिए केन्द्र से स्वीकृति मिल चुकी है। इससे बच्चो को विज्ञान के आधुनिक तौर-तरीको की जानकारी के साथ ही अन्वेषण करने का मौका मिलेगा।
ग्रामीण विकास एवं पलायन आयोग
पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन को रोकने के लिए ग्रोथ सेंटर विकसित किये जा रहे हैं। इस बार के बजट में 48 ग्रोथ सेंटर के लिए बजट का प्रावधान किया गया है। पलायन को रोकने के लिए ग्रामीण विकास एवं पलायन आयोग बनाया गया है। पलायन आयेग के उपाध्यक्ष एस.एस. नेगी ने प्रदेश के प्रत्येक गांवों का अध्ययन किया। उन्होंने पलायन होने के विभिन्न कारणों का अध्ययन किया। पलायन को रोकने के लिए सरकार द्वारा कारगर प्रयास किये जा रहे हैं।
इस अवसर पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, माला राज्यलक्ष्मी शाह, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’, गणेश जोशी, श्री खजान दास आदि उपस्थित थे।

तकनीकि कौशल व महत्वपूर्ण गतिविधियों में युवाओं की भागीदारी जरूरी- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को सूचना प्रौद्योगिकी भवन, आईटी पार्क, देहरादून में इण्डिया ड्रोन फेस्टिवल-2019 का शुभारम्भ किया। उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है, जहाँ ड्रोन फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है। इस ड्रोन फेस्टिवल में 21 राज्यों से लोग प्रतिभाग कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में ड्रोन का बहुआयामी उपयोग हो रहा है। सुरक्षा, सर्वे, आपदा के समय इस्तेमाल, स्वास्थ्य, क्राउड कंट्रोल, रेलवे लाईनों, नदियों की देख-रेख के आदि महत्वपूर्ण गतिविधियों के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह आधुनिक तकनीक जीवन को आसान बनाने में मददगार साबित हो रही है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि देहरादून में देश के पहले ड्रोन एप्लीकेशन प्रशिक्षण केन्द्र एवं अनुसंधान प्रयोगशाला की स्थापना की गई। इसके लिए उन्होंने एनटीआरओ के पूर्व अध्यक्ष आलोक जोशी के प्रयासों की भी सराहना की। देहरादून में उत्तराखण्ड डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग एवं सप्लाई एसोसिएशन का गठन भी हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों में युवाओं की भागीदारी जरूरी है। इस तरह के जो भी आयोजन राज्य सरकार की ओर से किये जा रहे है, उनमें प्रदेश के युवाओं को शामिल किया जा रहा है। युवा देश का भविष्य हैं, इस तरह के कार्यक्रमों में सम्मिलित होकर वे देश व प्रदेश कि तरक्की के लिए अहम भूमिका निभायेंगे। इस तरह के प्रशिक्षण से युवाओं व तकनीकि शिक्षा में बड़ा फायदा होगा व रोजगार के साधन बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि 6 मार्च को परेड ग्राउण्ड में ‘‘युवा उत्तराखण्ड- रोजगार एवं उद्यमिता की ओर’’ कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम किया जा रहा है। इसमें प्रदेश के हजारों छात्र प्रतिभाग करेंगे। तकनीक के माध्यम से डिग्री काॅलेज के छात्र-छात्राओं से भी जुड़ेंगे।
विधायक गणेश जोशी ने कहा कि कि ड्रोन विभिन्न क्षेत्रों में देश व प्रदेश के लिए वरदान के रूप में साबित हुआ है। यह अत्याधुनिक तकनीक प्रदेश में आने वाले समय में आपदा, कृषि, ट्रेफिक कंट्रोल व सर्वें के लिए बहुत उपयोगी साबित होगी।
इस अवसर पर सचिव आईटी आर. के सुधाुशु, सचिव वित्त अमित नेगी, डीजीपी अपराध एवं कानून व्यवस्था अशोक कुमार, आईटीडीए के निदेशक अमित सिन्हा, सर्वेयर जनरल लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कुमार, हिन्दुस्तान एयरोनानाॅटिक्स लि. के निदेशक डी.एस चमोला, पेट्रोलियम विश्वविद्यालय से अरूण धन, ग्रुप केप्टन रजत द्विवेदी आदि उपस्थित थे।

शहीद की पत्नी ने ऐसे दी विदाई कि सब की आंखें भर आई

जम्मू के पुलवामा में शनिवार को आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद देहरादून निवासी मेजर विभूति शंकर ढोंडियाल का पार्थिव शरीर मंगलवार सुबह उनके निवास डंगवाल मार्ग पर अंतिम दर्शन को रखा गया। शहीद की पत्नी निकिता, मां, दादी और बहनों का रो-रो कर बुरा हाल। इस दौरान शहीद की पत्नी ने कहा जयहिंद। साथ ही पार्थिव शरीर को सैल्‍यूट किया। बोली आई लव यू विभू। पत्‍नी ने खुद शवयात्रा की अगुआई की। शहीद की पत्‍नी ने कहा कि जो चले गए उनसे कुछ सीखें, दुनिया में जो शहादत देते हैं, उनसे सीखना चाहिए। देश के लिए काम करने के बहुत सारे फील्ड हैं, ईमानदारी से काम करें।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व विधानसभा अद्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल समेत कई मंत्री, विधायक, सेना, शासन प्रशासन के आला अधिकारी ने शहीद को श्रद्धांजल‍ि दी। इस दौरान सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शहीद मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल को अश्रुपूरित आंखों से अंतिम विदाई दी। कहा ये देश सदैव हमारे शहीदों का ऋणी रहेगा। सैन्य सम्मान के साथ शहीद को अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान हजारों का जन सैलाब उमड़ा। लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगाए। लोग भारत माता की जय, पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाते रहे। शहीद विभूति अमर रहे के नारे भी लग गए। इसके बाद शहीद की अंतिम यात्रा हरिद्वार के लिए प्रस्थान कर गई।

सैन्‍य सम्‍मान के साथ किया गया अंतिम संस्‍कार

कश्मीर में शहीद उत्तराखंड के मेजर विभूति शंकर धौंडियाल का अंतिम संस्कार खड़खड़ी श्मशान घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया। शहीद के चाचा जगदीश प्रसाद ने चिता को मुखाग्नि दी। अंतिम विदाई के वक्त मौजूद लोगों की आंखें नम हो गई। इस दौरान भारत माता की जय, वंदे मातरम, पाकिस्तान मुर्दाबाद, मेजर धौंडियाल अमर रहे के नारे लगते रहे। इस दौरान शहीद मेजर के ससुर एमके कॉल, साले मनीष कॉल और सुशांत कॉल, बुआ कुसुम सकलानी और रेखा बहुगुणा मौजूद रहे। इससे पूर्व बंगाल इंजीनियरिंग ग्रुप एंड सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर रघु श्रीनिवासन, सीडीओ विनीत तोमर, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, महापौर अनीता शर्मा, मसूरी विधायक गणेश जोशी आदि ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर सैल्यूट किया।

देहरादून में स्थापित होगी नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी

युवाओं खासतौर पर उन छात्र-छात्राओं के लिए के लिए खुशखबरी है जो कि विधि के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बताया कि उत्तराखण्ड में नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी खोली जाएगी। प्रदेश को क्वालिटी एजुकेशन हब बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम होगा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री जी का उत्तराखण्ड से विशेष स्नेह है। इससे पूर्व डोईवाला में सीपैट की न केवल स्थापना की जा चुकी है बल्कि उसमें कक्षाएं भी संचालित की जा रही हैं। किच्छा व लालढांग में दो नए माॅडल डिग्री काॅलेज व पौड़ी के पैठानी में व्यावसायिक काॅलेज के लिए तो भूमि चयन के साथ बजट भी स्वीकृत किया जा चुका है। हाल ही में प्रधानमंत्री जी ने रूसा के तहत इनका रिमोट के माध्यम से शिलान्यास भी किया था।
इस समय देश में 21 नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी हैं जिनमें क्लेट के माध्यम से प्रवेश होते हैं। इनमें स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं। उत्तराखण्ड में नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी, क्वालिटी व रोजगारपरक शिक्षा में मील का पत्थर साबित होगा। देहरादून के रानीपोखरी में लगभग 10 एकड़ भूमि में इसकी स्थापना की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि राज्य में नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी की स्थापना से प्रदेश के साथ ही देश भर के प्रतिभावान छात्र-छात्राएं यहां आएंगे। इससे यूनिवर्सिटी के निकटवर्ती क्षेत्रों की आर्थिकी को भी फायदा होगा। प्रदेश सरकार उत्तराखण्ड को एजुकेशन व टूरिज्म हब बनाना चाहती है। इसमें केंद्र सरकार का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में डबल इंजन की डबल रफ्तार देखी जा सकती है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में केदारपुरी की गरिमा के अनुरूप पुनर्निर्माण किया गया है। चार धाम आॅल वेदर रोड़ पर तेजी से काम चल रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाईन पर भी समयबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। उत्तराखण्ड में हवाई सेवाओं का काफी विस्तार हुआ है।

देहरादून सिटी टॉप-10 में शामिल

अगर आप उत्तराखंड में रहते हैं और खासतौर पर देहरादून में निवास करते हैं, तो आपके लिए खुशी का पल है। हाल ही में जागरन डॉट कॉम, KMPG और फेसबुक पर एक सर्वे किया गया है। इसमें लोगों से पूछा गया था कि सुरक्षा के लिए लिहाज से देश का सबसे सुरक्षित शहर कौन है? कौन सा ऐसा शहर है, जहां लोग खुद को महफूज महसूस करते हैं ? आपको जानकर खुश होगी कि देहरादून इस लिस्ट में पहले नंबर पर है।
सबसे खास बात ये है कि इस लिस्ट में दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरू जैसे महानगर टॉप-10 में जगह भी नहीं बना पाए। सुरक्षा के लिहाज से ये ब़ड़े शहर देहरादून के आगे बिल्कुल भी नहीं टिकते। एक वेबसाइट में बताया गया है कि ये सर्वे कुल मिलाकर 14 हजार लोगों पर किया गया है। हालांकि इस लिस्ट में इंदौर पहले नंबर पर है लेकिन वो सिर्फ रहने के लिहाज से पहले नंबर पर है।

जहां तक सुरक्षा की बात करें, तो देहरादून पहले नंबर पर बना हुआ है। देशभर में रहने के लिहाज से देहरादून तीसरे नंबर पर है, जबकि सुरक्षा के लिहाज से पहले नंबर पर है। ये हैं देश के 10 टॉप टेन शहर।
1- इंदौर
2- लखनऊ
3- देहरादून
4- वाराणसी
5- रायपुर
6-रांची
7- मेरठ
8-लुधियाना
9- पटना
10- कानपुर
सुरक्षा के लिहाज से देहरादून देशभर में पहले नंबर पर बना हुआ है। इसलिए अगर आप देहरादून से हैं, तो आपके लिए इससे गर्व का मौका कोई हो नहीं सकता। इससे पहले NCRB यानी नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो का एक सर्वे आया था, जिसमें कहा गया था कि उत्तराखंड में अपराध सबसे कम हैं और ये राज्य देश का सबसे सुरक्षित राज्य है।

“बालिका पंचायत” में मुख्यमंत्री ने छात्राओं से संवाद किया

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत किसान भवन देहरादून में आयोजित समग्र शिक्षा अभियान के तहत राज्य स्तरीय कार्यक्रम ‘‘बालिका पंचायत‘‘ में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि बालिका पंचायत के माध्यम से बच्चों को सामूहिक रूप से रहने का अवसर प्राप्त हुआ है यह अपने आसपास के लोगों को और समाज को समझने का अच्छा अवसर है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इस बालिका पंचायत में प्रतिभाग करने वाले सभी छात्र-छात्राओं के मध्य एक स्मृति प्रतियोगिता एवं इस दौरान अपने संस्मरण लिखने की प्रतियोगिता करवाई जाएगी, जिसके विजेता को मुख्यमंत्री द्वारा 1000 पुरस्कार स्वरूप प्रदान किया जाएगा, साथ ही मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं से सुझाव भी मांगे। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं से प्राप्त सुझावों पर विचार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य के टाॅप-10 छात्र-छात्राओं को शैक्षणिक भ्रमण पर वाघा बाॅर्डर सहित अन्य ऐसे संस्थानों का भ्रमण कराया जाए, जहाँ का भ्रमण कर हमारी युवा पीढ़ी कुछ सीख सके। भ्रमण के लिए स्थानों का चयन बहुत सोच-समझ कर किया जाए ताकि बच्चे ऐसी जगह जा सकें, जहाँ उन्हें सीखने को मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज आवश्यकता क्वालिटी एजुकेशन की है। इसके साथ ही हर जिला मुख्यालय में एक ऐसी लाईब्रेरी होनी चाहिए जहां उत्तराखण्ड का साहित्य हो। इससे उन लोगों को सहायता मिलेगी, जो लोग उत्तराखण्ड के साहित्य और इतिहास को जानना-समझना चाहते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मोबाईल स्मार्ट क्लास और मोबाईल लैब का भी अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मोबाईल स्मार्ट क्लास और मोबाईल वैन का विस्तार किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में उच्च शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा के माध्यम से अलग-अलग सुपर-100 छात्र-छात्राओं को आने वाली परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस अवसर पर सचिव शिक्षा डाॅ. भूपिन्दर कौर औलख सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने की डोईवाला विधानसभा के विकास कार्यों की समीक्षा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास में डोईवाला क्षेत्र के अन्तर्गत मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन के साथ ही संचालित की जा रही विभिन्न विकास योजनाओं की विभागवार समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि योजनाओं के क्रियान्वयन में सभी सम्बन्धित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। उन्होंने विकास कार्यों को पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण करने के भी निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी देहरादून एस मुरूगेशन को निर्देश दिये कि डोईवाला क्षेत्र के अन्तर्गत सम्बन्धित विभागों द्वारा किये जा रहे कार्यों की समीक्षा कर इसके लिये यदि अतिरिक्त धनराशि की आवश्यकता हो तो उसका विवरण उपलब्ध करायें। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा किये जा रहे कार्यों के प्रति सन्तोष व्यक्त करते हुए कार्यों को शत प्रतिशत पूर्ण करने पर ध्यान देने को कहा। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की सड़कों के विकास के लिए 23 करोड़ की धनराशि स्वीकृत करते हुए सड़कों के निर्माण व पुनर्निमाण में तेजी लाने को कहा। उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में लगातार बढ़ती आबादी के दवाब को कम करने के लिये सड़कों के चैडीकरण करने पर ध्यान देते हुए सड़के जल्दी खराब न हो इस पर भी ध्यान देने को कहा।
मुख्यमंत्री ने थानो-भोगपुर के मध्य पुल निर्माण का प्रस्ताव बनाने के साथ ही रायपुर नथवावाला डोईवाला व मियावाला, गूलरघाटी के लिये अतिरिक्त मार्गों पर भी ध्यान देने को कहा। डोईवाला क्षेत्र में लोक निर्माण द्वारा 94 कार्य स्वीकृत है। जिसमें से 68 पूर्ण हो चुके है तथा शेष पर कार्य प्रगति पर है।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को मियावाला तिराहे पर अण्डरपास बनाये जाने, जोगीवाला चैराहे का चैडीकरण तथा डोईवाला बाजार में लगने वाले जाम की समस्या का समाधान करने को कहा। मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग को सूर्यधार झील के शीघ्र निर्माण के निर्देश देते हुए क्षेत्र में इस प्रकार की अन्य झीलो की सम्भावनायें तलाशने को कहा। उन्होंने नहरों के सौन्दर्यीकरण के साथ इनके किनारों पर सड़क निर्माण के साथ ही पैदल पथ भी निर्मित करने को कहा। विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने रानीपुर में बिजलीघर के निर्माण में तेजी लाने तथा राज्य सरकार द्वारा संचालित उज्ज्वला योजना का व्यापक प्रचार प्रसार करने को कहा इसमें 2.50 लाख की सालाना आय वाले परिवार लाभान्वित होंगे।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान हर्रावाला में बनने वाले 300 बेड के अस्पताल का फरवरी के प्रथम सप्ताह में शिलान्यास कराने के निर्देश दिये। थानों अस्पताल में एम्स द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं की भी उन्होंने समीक्षा की तथा निर्देश दिये कि डोईवाला अस्पताल को पीपीपी मोड में दिये जाने के बाद की व्यवस्था की भी समीक्षा की जाय।
मुख्यमंत्री ने जल निगम तथा जल संस्थान को भी आपसी समन्वय से कार्य करने को कहा ताकि लोगों को गर्मी के दौरान पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि ट्यूबवेलों के निर्माण में भूजल की क्षमता का भी आकलन किया जाय। उन्होंने स्कूलों में स्मार्ट क्लास की सुविधा उपलब्ध कराने के भी निर्देश देते हुए इसे नीड बेस कार्यक्रम बनाने को कहा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पशुपालन, खाद्यान आपूर्ति, सामाजिक पेशंन, उरेडा के माध्यम से सोलर लाइट लगाये जाने, बाढ़ नियंत्रण आदि से सम्बन्धित कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण व नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने को कहा।

26 नई एंबुलेंस शामिल हुई 108 सेवा के बेड़े में

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रविवार को महात्मा गांधी शताब्दी नेत्र चिकित्सा विज्ञान केंद्र में 108-आपातकालीन एम्बुलेंस की 26 एम्बुलेंस का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर महात्मा गांधी शताब्दी नेत्र चिकित्सालय को हंस फाउंडेशन द्वारा उपलब्ध कराए गए 2 करोड़ की लागत के उपकरणों का भी लोकार्पण किया।
इस अवसर पर मीडिया से अनौपचारिक वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के लिए 108-एम्बुलेंस सेवा जीवन दायिनी साबित हुई है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूती प्रदान करते हुए नवंबर माह में 61 बी.एल.एस. एम्बुलेंस वाहनों को पुरानी एम्बुलेंस से प्रतिस्थापित किया गया था, आज 26 अन्य एम्बुलेंस वाहनों को प्रतिस्थापित किया गया है। इस प्रकार कुल 87 बी.एल.एस. एम्बुलेंस को प्रतिस्थापित कर दिया गया है। शीघ्र ही नई 34 बी.एल.एस. एम्बुलेंस और 16 ए.एल.एस. एम्बुलेंस राज्य की जनता के सेवार्थ उपलब्ध करा दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी से एयर एम्बुलेंस सेवा भी शुरू कर दी गई है, जो आपातकालीन स्थिति में मरीजों के लिए वरदान सिद्ध हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हंस फाउंडेशन भी राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी शताब्दी नेत्र चिकित्सालय को हंस फाउंडेशन द्वारा रु0 2.00 करोड़ की लागत के उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं, जिनका आज लोकार्पण किया गया।

स्वतंत्रता संग्राम में आंदोलनकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका: टीएसआर

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत और विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने गुरूवार को थानों में स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों के परिजनों को सम्मानित किया। इस अवसर पर आजादी के आन्दोलन में प्रतिभाग करने वाले 12 सैनानियों के परिजनों को सम्मानित किया गया। जिन लोगों को सम्मानित किया गया उनमें स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हरि सिंह सोलंकी, किशन सिंह, भूरिया सिंह, बुद्वि प्रकाश, पंचम सिंह कृषाली, देव नारायण, सैनपाल सिंह भिडोला, पदम सिंह सौलंकी, सूरत सिंह चैहान, गौरीश वर्मा, बांकेलाल गर्ग, मदन सिंह रावत के आश्रित शामिल है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि थानों हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृतियों से जुड़ा हुआ क्षेत्र है। जिन्होंने देश की आजादी में अहम योगदान दिया। स्वतंत्रा संग्राम सेनानी हमारी प्रेरणा के स्रोत हैं। देश की आजादी के लिए दिया गया उनका बलिदान एवं योगदान हमारी नई पीढ़ियों को प्रेरणा प्रदान करेगी और देश की रक्षा के लिए हमें जब भी जरूरत पड़ेगी इन स्वतंत्रता संग्राम सैनानियो के साहस से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रा संग्राम सैनानियों की स्मृतियों को संजोने के लिए थानों में पानी की टंकी एवं विद्यालय के जीर्णोद्धार के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजने को कहा। उन्होंने कहा कि थानों एवं रायपुर अस्पताल को एम्स को दिया है। इन अस्पतालों में एम्स ऋषिकेश द्वारा स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेंगी। इन अस्पतालों में सेवाएं शुरू करने के लिए एम्स ऋषिकेश को प्रस्ताव भेजा गया है। एम्स में जल्द ही दो सहायकों की नियुक्ति की जा रही है, जो मरीजों को स्वास्थ्य सम्बधी सुविधाओं के बारे में जानकारी देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में विकास से संबधित प्रमुख कार्यों बिजली, पानी, सड़क आदि मूलभूत सुविधाओं के लिए क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों के माध्यम से प्रस्ताव भेजे जाए, उनका जल्द समाधान किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर्रावाला में 300 बैड का जच्चा बच्चा अस्पताल खोला जायेगा। जिसका जल्द ही शिलान्यास किया जायेगा।
विधान सभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने देश की आजादी के लिए अपना बलिदान दिया है, उनके परिजनों की समस्याओं का निराकरण करना हम सबका दायित्व है। विधान सभा अध्यक्ष ने वीर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का भावपूर्ण स्मरण करते हुए उन्हे साहस एवं पराक्रम का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि अपने इन वीर सेनानियों का सम्मान करना भी हम सबका दायित्व है, इन वीर सैनानियों के सिद्वांत एवं कर्तव्य निष्ठा सदैव हमें प्ररेणादायी रहेगी।