जांच पक्ष में करने की एवज में मांगी घूस, विजिलेंस ने पकड़ा

विजिलेंस टीम ने ऋषिकेश के नायब तहसीलदार मुन्ना सिंह चौहान को रंगेहाथ 50 हजार की घूस लेते हुये पकड़ा है। किसी मामले की जांच को उसके पक्ष में करने के लिये नायब तहसीलदार ने 50 हजार की घूस एडवांस में मांगी थी। बाकी रकम जांच पूरी होने के बाद देनी थी। रायवाला ग्राम सभा की ग्राम प्रधान राखी गिरि की शिकायत पर यह कार्यवाही की गयी। आरोपी मुन्ना सिंह चौहान को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया।

मंगलवार को विजिलेंस ने कार्यवाही की और 50 हजार रुपए रिश्वत ले रहे नायब तहसीलदार को उसके एक आश्रम में स्थित निजी कक्ष से पकड़ा। बता दें कि रायवाला की ग्राम प्रधान राखी गिरि ने गत 27 अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक, सतर्कता सैक्टर देहरादून को एक शिकायती पत्र दिया। जिसमें उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत रायवाला में दिनांक 14 अक्टूबर 2014 को आयोजित खुली बैठक में यूकेलिप्टिस के ऐसे पेड़ों को काटने का प्रस्ताव पारित किया गया था जो कि पंचायत भवन व आसपास के अन्य भवनों के लिए खतरा बने हुए थे। इससे प्राप्त राजस्व को ग्राम विकास कार्यो पर खर्च किया जाये।

ग्राम प्रधान ने उक्त प्रस्ताव के क्रम में पेड़ों को कटवाकर नीलामी से प्राप्त रूपयों को विधिवत ग्राम पंचायत के बैंक खाते में जमा करवाया। ग्राम पंचायत रायवाला के उपप्रधान कैलाश भट्ट द्वारा पेड़ों की कटाई व नीलामी के सम्बन्ध में एक प्रार्थना पत्र सीडीओ देहरादून को दिया गया। जांच में ग्राम प्रधान के विरूद्व कोई त्रुटि नहीं पाई गयी। गत 12 अक्टूबर को जब वह किसी कार्य से तहसील ऋषिकेश गई तो वहां पर उसे नायब तहसीलदार मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि आपके विरूद्व ग्राम पंचायत के पेड़ों के कटान एवं नीलामी के सम्बन्ध में उपप्रधान कैलाश भट्ट द्वारा एक शिकायती प्रार्थना पत्र जिलाधिकारी देहरादून को दिया गया है। जिसकी जांच मैं कर रहा हूॅ। आपकी जांच के सम्बन्ध में आपको ‘‘साढे चार लाख रुपये की पेनल्टी लगेगी। इस पर जब नायब तहसीलदार को पेड़ों के कटान व नीलामी के सम्बन्ध में एडीओ पंचायत डोईवाला एवं एसडीएम ऋषिकेश द्वारा पूर्व में जांच हो चुकने और कोई त्रुटि न पाए जाने की बात बताई तो नायब तहसीलदार ने कहा कि उन लोगों ने इस फाईल पर जांच पूरी नहीं की है। अब जांच को आपके पक्ष में करना है तो बदले में 50-60 हजार रूपये दो। बाकी जांच के बाद बताऊंगा कि कितने और देने है। यह भी कहा कि अगर पैंसे नहीं दोगे तो आपका बस्ता जमा हो जायेगा।

रिश्वत का पैसा देने के लिए मंगलवार 30 अक्टूबर का दिन तय किया और पहली किश्त के रूप में 50-60 हजार रूपये लेकर त्रिवेणी घाट के पास स्थित एक आश्रम के कमरा नं0 49 में सुबह 9ः30 बजे से पहले बुलाया। वहीं पुलिस अधीक्षक, सतर्कता सैक्टर देहरादून द्वारा शिकायतकर्ती ग्राम प्रधान राखीं गिरि केे शिकायती प्रार्थना पत्र की गोपनीय जांच में आरोप सही पाते हुये नियमानुसार ट्रैप संचालन के लिए ट्रैप टीम का गठन किया गया।

टीम ने मंगलवार सुबह करीब नौ बजे मौके से आरोपी मुन्ना सिंह चौहान पुत्र श्री खड़ग सिंह, निवासी ग्राम रसूलपुर, विकासनगर देहरादून, हाल नायब तहसीलदार ऋषिकेश को रिश्वत के 50 हजार रूपये लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। इस दौरान जिलाधिकारी देहरादून के निर्देश पर दो गवाह भी मौजूद रहे। आरोपी के विरूद्व थाना सतर्कता सैक्टर देहरादून में सम्बंधित धारा के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। निदेशक, सतर्कता द्वारा ट्रैप टीम के प्रभारी निरीक्षक रमेश तनवार व सदस्य निरीक्षक विभा वर्मा, निरीक्षक प्रकाश दानू एवं आरक्षी अश्वनी कुमार, गौरव चौधरी, नीरज रावत, भगवती को बधाई देते हुए उत्साह वर्धन हेतु 10,000 रूपये नकद पारितोषिक देने की घोषणा की है।

जन विकास मंच ने एम्स प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी, नगर में निकाला जुलुस

उत्तराखंड जन विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने नगर में एम्स ऋषिकेश के खिलाफ कई आरोप लगाते हुये जुलुस निकाला। गौरतलब है कि एम्स ऋषिकेश में स्थानीय बेरोजगार युवाओं को नौकरी से वंचित किये जाने व एम्स में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुये मंच के कार्यकर्ता पिछले कई माह से धरना दे रहे है।

मंच के कार्यकर्ताओं ने नगर निगम परिसर से हरिद्वार रोड मुख्य मार्ग और घाट रोड होते हुए त्रिवेणी घाट तक जुलूस निकाला। मंच के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने कहा कि उत्तराखंड के बेरोजगारों की एम्स प्रशासन लगातार अनदेखी कर रहा है। एम्स में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को बिना कारण निकाल दिया गया है।

नियुक्तियों में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही हैं। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से इस मामले में उच्च स्तरीय जांच समिति गठित कर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन में श्यामपुर के क्षेत्र पंचायत सदस्य राजेश व्यास, भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष अनीता ममगाईं, सरोज डिमरी, वीरेंद्र सजवाण, रामकृपाल गौतम, दीपक धमीजा, विनोद भट्ट आदि शामिल हुए।

सीएम ने देश का पहला जैव ईंधन विमान को किया फ्लैग ऑफ

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने देश के पहले जैव ईंधन से उड़ने वाले स्पाइस जेट विमान का फ्लैग ऑफ जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर किया। इसके बाद विमान ने दिल्ली के लिये अपनी उड़ान भरी।

यह बायोफ्यूल जैट्रोफा के तेल एवं हाइड्रोजन के मिश्रण से बनाया गया है। इसके लिए आईआईपी में प्लांट लगाया गया है। संस्थान में बायोजेट फ्यूल तैयार किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ से बायोफ्यूल डेवलपमेंट अथॉरिटी के जरिये जैट्रोफा का बीज खरीदा गया है। इससे पूर्व जैव ईंधन से चलने वाले इस स्पाइस जेट का परीक्षण भी किया था। बताया गया कि अमेरिका और कनाडा जैसे देशों में कमर्शियल विमान पहले से ही जैव ईंधन से उड़ान भर चुके हैं।

जैव ईंधन से उड़ान भरने वाले स्पाइस जेट के फ्लैग ऑफ के अवसर पर महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास राज्य मंत्री रेखा आर्या, आईआईपी के निदेशक अंजन कुमार रे, स्पाइस जेट से जीपी गुप्ता, कैप्टन सतीश चन्द्र पाण्डे व आईआईपी के वैज्ञानिक उपस्थित थे।

आखिर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह क्यों भड़क उठे? जाने क्या है सच

भोपालपानी बड़ासी पुल निर्माण कार्य को देखकर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह को गुस्सा आ गया। उन्होंने निर्माणाधीन पुल की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुये विभागीय अधिकारियों को फटकार लगाई। साथ ही लोक निर्माण विभाग को तत्काल जांच के आदेश दिए।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को देहरादून में रायपुर – थानौ मार्ग के मध्य निर्माणधीन सौंडा-सरौली, बडासी भोपालपानी (मत्स्य पालन) विभाग के समीप बन रहे पुल का काफी मौके पर स्थलीय निरीक्षण किया। भोपालपानी के पुल की सड़क खस्ता हालत के साथ पुल की दीवारें दीवारों में पड़ी दरारों को देखकर गुस्से में नजर आए। उन्होंने मौके पर मौजूद लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों व कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों को कड़ी फटकार लगाई व प्रमुख अभियन्ता लोक निर्माण विभाग को मामले की तत्काल जांच के आदेश दिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पूछा कि क्या उनके ऊपर निर्माण कार्य को शीघ्र समाप्त करने का कोई दवाब था। इस प्रकार की घटनाओं में संलिप्त अधिकारी, कार्मिक व ठेकेदार सख्त कार्यवाही से बच नही सकते। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यो में किसी भी प्रकार की लापरवाही व गुणवता में गिरावट बर्दाश्त नही की जाएगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस दौरान उपस्थित स्थानीय जनप्रतिनिधियों व लोगो से भी पुल व सड़कों की गुणवत्ता से संबंधित स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। मालूम चला कि पुल के ऊपर सड़क के घटिया निर्माण कार्य को छिपाने के लिए कार्यदाई संस्था के ठेकेदार द्वारा जेसीबी से सड़क की खुदाई कर दी गई थी। जिसको देखकर मुख्यमंत्री भी गुस्से में नजर आए।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत ने रायपुर-थानो मार्ग पर सौंडा सरौली पुल का भी विस्तृत स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यो की अद्यतन जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने उपस्थित अधिकारियों को सौंडा सरौली पुल को समय पूरा करने तथा निर्माण कार्यो की गुणवता बनाए रखने के निर्देश भी दिए। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि उक्त पुल का निर्माण कार्य आगामी 30 सितम्बर तक पूरा कर लिया जाएगा।

विश्व के टॉप-10 में दून का चिड़ियाघर

देहरादून का चिड़ियाघर न सिर्फ देश, बल्कि विश्वभर में खूब चमक बिखेर रहा है। सोशल साइट फेसबुक के ऑफीशियल पेज पर सक्रिय दुनिया के 181 चिड़ियाघरों की रैंकिंग में उसे टॉप टेन में जगह मिली है, जबकि देश में वह पहले स्थान पर है। नेचर पार्क की तर्ज पर विकसित हो रहे देहरादून जू ने यह अहम उपलब्धि महज 45 दिन के अंतराल में हासिल की है।

यूं तो दुनियाभर में चिड़ियाघरों की संख्या हजारों में है, मगर फेसबुक के ऑफीशियल पेज पर 181 ही सक्रिय हैं। इनमें इसी साल पांच जून को शामिल हुआ देहरादून जू भी है। देहरादून जू के निदेशक पीके पात्रो के अनुसार फेसबुक के लाइक एलीजर सॉफ्टवेयर के जरिये यह रैंकिंग तय की जाती है। इसमें सभी चिड़ियाघर अपनी गतिविधियां इस पेज पर शेयर करते हैं। फिर लाइक, पोस्ट, कमेंट और प्रत्येक जू पर लोगों के ठहराव जैसे बिंदुओं के आधार पर सॉफ्टवेयर के जरिये इनकी रैंकिंग तय की जाती है, जो लाइक एलीजर पर देखी जा सकती है। इस रैंकिंग के ताजा आंकड़ों ने देहरादून जू को भी खिलखिलाने का मौका दे दिया। यह बताता है कि न सिर्फ देश, बल्कि विदेशों में भी देहरादून जू को लोग खासा पसंद कर रहे हैं।

देहरादून में मसूरी मार्ग पर मालसी में वर्ष 1976 में 25 हेक्टेयर क्षेत्र में वन चेतना केंद्र की स्थापना की गई। बाद में वहां हिरणों की कुछ प्रजातियां रखी गईं और नाम दिया गया मालसी डीयर पार्क। धीरे-धीरे यहां रेसक्यू किए जाने वाले पशु-पक्षी भी रखे जाने लगे और फिर शुरू हुई इसके उच्चीकरण की कवायद। 2012 में इस पार्क को मिनी जू का दर्जा मिला और 2015 में यह देहरादून जू बना।

सालभर में साढ़े छह लाख पर्यटक
नेचर पार्क की तर्ज पर विकसित हो रहे देहरादून जू में 350 पशु-पक्षी मौजूद हैं। इसके साथ ही वहां एक्वेरियम, फन पार्क कैक्टस पार्क सैलानियों के आकर्षण का केंद्र हैं। देहरादून जू के निदेशक पीके पात्रो के मुताबिक सैलानियों की संख्या हर साल बढ़ रही है। 2014-15 में यहां 2.10 लाख पर्यटक आए, जबकि 2015-16 में 3.20 लाख, 2016-17 में 4.30 लाख और 2017-18 में 6.50 लाख।

जल्द सुनाई देगी टाइगर की दहाड़
देहरादून जू में जल्द ही टाइगर की दहाड़ सुनाई देगी। इसके अलावा भालू, हाइना, घड़ियाल समेत अन्य वन्यजीव भी इसकी शोभा बढ़ाएंगे। जू के निदेशक पात्रो के मुताबिक इन जानवरों को देश के विभिन्न चिड़ियाघरों से लाया जाएगा। इस संबंध में केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण को प्रस्ताव भेजा गया है।

मनोरंजन से भरपूर रेडियो चैनल उत्तराखंड में हुआ लांच

रेड एफएम 93.5 रेडियो चैनल का शुभारंभ मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने किया। यह रेडियो चैनल राज्य का पहला रेडियो चैनल है। यह रेडियो चैनल राज्य में 24 घंटे लोगों को मनोरंजन प्रदान करेगा। साथ ही कई सामाजिक मुद्दों पर भी प्रकाश डालेगा।

देहरादून के कौलागढ़ रोड स्थित साउथ एशिया एफएम लिमिटेड के कार्यालय से रेड एफएम 93.5 रेडियो चैनल का बुधवार को शुभारंभ हो गया। मुख्यमंत्री ने राज्य के पहले इस निजी रेडियो चैनल का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने रेडियो चैनल की टीम को बधाई व शुभकामना देते हुए कहा कि रेड एफएम 93.5 का उत्तराखण्ड व देहरादून में पहला रेडियो स्टेशन है।

उन्होंने उम्मीद जतायी कि रेड एफएम 93.5 मनोरंजन के साथ-साथ, विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सामाजिक चेतना लाने में अहम भूमिका निभायेगा। साथ ही राज्य में जनकल्याणकारी योजनाओं व नीतियों को लोगों तक पहुंचाने में कारगार सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय स्तर पर एफएम रेडियो चैनल से उत्तराखण्ड की रमणीय, सौन्दर्य, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक विशेषताएं और अधिक उजागर होंगी। रेडियो चैनल की शुरूआत से राज्य के ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं, जो रोचक तरीके से रेडियो पर प्रस्तुतिकरण दे सकते हैं, के लिए नये अवसर मिलेंगे।

विदित हो कि इस रेडियो स्टेशनक की फ्रीक्वेंसी 48 किलोमीटर तक की रहेगी। शुरूआती दौर में देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार, मंसूरी और विकासनगर के अलावा कई अन्य शहरों को इसका लाभ मिलेगा। यह रेडियों चैनल पांच आरजे की टीम वाला है। जिसे लीड आरजे काव्य करेंगे।

22 जुलाई को ढाई लाख पौधे रोपने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मिशन रिस्पना से ऋषिपर्णा के लिये स्थानीय लोगों से जनसहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि इसी माह 22 जुलाई के दिन रिस्पना के उद्गम से मोथरोवाला तक एक ही दिन में 2.5 लाख से अधिक अनेक प्रजाति जैसे फलदार वृक्ष, चारा प्रजाति के व जल संरक्षण करने वाले पौधे रोपे जाएंगे।

22 जुलाई को होने वाले पौधरोपण, सामाजिक संगठनों, संस्थाओं व जन सहयोग से किये जायेंगे। कोसी नदी पर 1.5 लाख से अधिक पौधे लगाये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रारम्भिक चरण में रिस्पना एवं कोसी नदी को पुनर्जीवित करने का लक्ष्य रखा गया। इसके बाद अन्य नदियों को भी पुनर्जीवित किया जायेगा। आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित रखने के लिए जल संरक्षण की दिशा में विशेष प्रयासों की जरूरत है। इसके लिए सरकारी संस्थानों में रेन वाटर हॉर्वेस्टिंग की व्यवस्था की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि जो लोग 22 जुलाई को रिस्पना नदी पर पौधरोपण नहीं कर पायेंगे व लोग ‘‘मेरा वृक्ष मेरी याद’’ के भाव से अपने घरों या उसके आसपास एक पौधा अवश्य लगाएं। जल संरक्षण के लिए पौधरोपण करना जरूरी है। हमें जो जल स्रोत सूख गये हैं, उन्हें पुनर्जीवित करना होगा। देहरादून को पूर्ण ग्रेविटी का पानी उपलब्ध कराने के लिए मार्च 2020 तक सौंग बांध बनाने का लक्ष्य रखा गया है। जून 2019 तक सूर्यधार जल विद्युत परियोजना को पूर्ण करने का प्रयास किया जायेगा।

पौधरोपण के लिये सीएम ने चलाया फावड़ा

मिशन ऋषिपर्णा के अंतर्गत मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पौधरोपण के गड्ढे खोदे। उन्होंने कहा कि रिस्पना व कोसी के पुनर्जीवीकरण के लिये हरेला पर्व के दौरान एक दिन निर्धारित कर लाखों पौधे लगाये जायेंगे। पौध रोपण का यह कार्य सभी के सार्थक प्रयासों से सफल होगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि रिस्पना से ऋषिपर्णा सरकार का दीर्घकालिक एवं महत्वाकांक्षी अभियान है। इस मिशन में स्थानीय लोगों के अलावा विभिन्न सरकारी तथा गैरसरकारी संगठनों, संस्थाओं एवं अन्य प्रदेशों के लोगों का सहयोग भी मिल रहा है। रिस्पना एवं कोसी के पुनर्जीवीकरण के लिए हरेला पर्व के दौरान एक दिन निर्धारित कर 3.5 लाख पौधे लगाये जायेंगे। पौधरोपण का यह कार्य पूर्ण रूप से जन सहयोग से किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रारम्भिक चरण में रिस्पना एवं कोसी नदी को पुनर्जीवित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद अन्य जल स्रोतो को भी पुनर्जीवित किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पर्यावरण का संरक्षण, हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है। वर्ष-2018 में विश्व पर्यावरण दिवस की मेजबानी भारत कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने प्लास्टिक मुक्त भारत का जो आह्वाहन किया है, उसमें सबका सहयोग जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 31 जुलाई से उत्तराखण्ड में पॉलीथीन पूर्ण रूप से प्रतिबन्धित की जायेगी। सभी पॉलीथीन के थोक विक्रेताओं को इससे पूर्व पॉलीथीन का स्टॉक समाप्त करने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि इससे एक सप्ताह पूर्व पूरे प्रदेश में पॉलीथीन से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान पर व्यापक स्तर पर जन जागरूकता अभियान चलाया जायेगा। उत्तराखण्ड को पॉलीथीन मुक्त राज्य बनाने के लिए सामाजिक संगठनों के अलावा जन सहयोग आवश्यक है।

जिलाधिकारी एसए मुरूगेशन ने बताया कि लण्ढ़ौर शिखर फॉल से मोथरोवाला-दौड़वाला तक तक वृक्षारोपण के लिए 39 ब्लॉक बनाये गये हैं। सम्पूर्ण क्षेत्र में अनेक प्रजाति के पौध लगाये जायेंगे। इसमें 30 प्रतिशत फलदार वृक्ष लगाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि इस मिशन में सबका अच्छा सहयोग मिल रहा है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इसके उपरान्त मुख्यमंत्री आवास में भी वृक्षारोपण किया। उन्होंने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर लीची, अनार, अमरूद, आडू, प्लम, नाशपाती आदि फलदार पौधे रोपे।

तीन जिला आबकारी अधिकारी निलंबित

आबकारी मंत्री प्रकाश पंत ने शराब की दुकानों से हो रही राजस्व की हानि के लिये तीन अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। पंत ने इन तीनों आबकारी अधिकारियों को निलंबित करने के निर्देश अपर मुख्य सचिव डा. रणबीर सिंह को दिए है।

पंत के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव डा. रणबीर सिंह ने जिला आबकारी अधिकारी देहरादून मनोज कुमार उपाध्याय, जिला आबकारी अधिकारी हरिद्वार प्रशांत कुमार व जिला आबकारी अधिकारी चंपावत राजेंद्र लाल को निलंबित कर आबकारी आयुक्त कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। साथ ही शासन ने नई तैनाती तक तीनों जिलों के अपर जिला अधिकारी को अतिरिक्त रूप से यह जिम्मेदारी दी है। सरकार ने उक्त मामले की विस्तृत जांच कराने का निर्णय भी लिया।

प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2017-18 के लाइसेंस समाप्त होने के बाद शासन ने इन जिलों में एक माह के लिए शराब की दुकानों के लाइसेंस जारी किए थे। हर जिले के लिए बकायदा राजस्व लक्ष्य भी तय किया गया। इन दुकानों के आवंटन के बाद ये तथ्य सामने आए कि इनमें से कई दुकानें निर्धारित से कम कीमत पर आवंटित की गई। इससे विभाग को करोड़ों रुपये के राजस्व की हानि हुई।

कुछ दिनों पहले आबकारी मंत्री प्रकाश पंत ने निर्धारित से कम कीमतों पर दुकानों का आवंटन व इससे राजस्व में हुए नुकसान पर गहरी नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई थी। अब शासन ने देहरादून, हरिद्वार और चंपावत जिलों में हुए नुकसान को देखते हुए तीनों जिलों के जिला आबकारी अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इन्हें निलंबन के दौरान आधा वेतन दिया जाएगा। इन्हें आरोप पत्र अलग से दिए जाएंगे।

शासन ने इन अधिकारियों के निलंबन के बाद देहरादून में एडीएम प्रशासन अरविंद कुमार पांडेय, हरिद्वार में एडीएम वित्त ललित नारायण मिश्र और चंपावत में एडीएम प्रशासन एवं वित्त हेमंत कुमार वर्मा को संबंधित जिलों के जिला आबकारी अधिकारी का दायित्व सौंपा गया है। आबकारी मंत्री प्रकाश पंत ने बताया कि अपर मुख्य सचिव आबकारी को इस पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं, जांच अधिकारी वे ही नियुक्त करेंगे।

आबकारी विभाग की टीम पर जानलेवा हमला, जांच शुरू

देहरादून में एक मामला ऐसा सामने आया है जहां आबकारी विभाग द्वारा छापेमारी के दौरान गयी टीम को अपनी जान की खातिर संघर्ष करना पडा़। इस दौरान अधिकारियों के वाहन को जलाने का भरपूर प्रयास किया गया।

रायपुर रोड स्थित शराब के एक अवैध गोदाम पर छापा मारने की गई आबकारी विभाग की टीम पर वहां के कर्मचारियों ने धावा बोल दिया। इतना ही नहीं आबकारी अधिकारियों के वाहन को जलाने का भी प्रयास भी हुआ। जब इसकी सूचना आबकारी आयुक्त डॉ. वी षणमुगम, जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन को मिली तो हड़कंप मच गया। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर सीओ डालनवाला जया बलूनी फोर्स लेकर मौके पर पहुंचीं तो उस समय गोदाम कर्मियों ने टीम को घेर रखा था।

पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लेकर आबकारी अधिकारियों को मुक्त कराया गया। इस दौरान आबकारी सिपाही विनीत कुमार को चोटें भी आईं। पुलिस ने सहायक आबकारी आयुक्त रेखा जुयाल की तहरीर पर मामला दर्ज कर आरोपित दिनेश मलहोत्र और बलवीर को गिरफ्तार कर लिया है। मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

इससे पूर्व आबकारी मुख्यालय को सूचना मिली थी कि रायपुर रोड पर चूना भट्टा स्थित देशी शराब की दुकान के पास शराब का अवैध गोदाम बनाया गया है। आबकारी आयुक्त डॉ. वी षणमुगम के निर्देश पर गुरुवार दोपहर बाद सहायक आयुक्त राजीव सिंह, रेखा जुयाल व मीनाक्षी टम्टा के नेतृत्व में पहले दुकान के स्टॉक की जांच की गई और फिर दुकान से काफी दूर बनाए गए गोदाम पर छापा मारा गया। इससे पहले कि टीम गोदाम तक पहुंच पाती, वहां पहले से मौजूद कर्मचारियों ने टीम पर धावा बोल दिया। एक व्यक्ति मिट्टी तेल की बोतल लेकर टीम के वाहन की तरफ दौड़ा। हालांकि, आबकारी निरीक्षक आनंद सिंह व ज्योति वर्मा ने उन्हें विफल कर दिया। तभी कुछ और लोग वहां पहुंच गए और उन्होंने टीम को घेर लिया। गनीमत रही कि पुलिस फोर्स कुछ ही देर में वहां पहुंच गई।