अब घर बैठे दर्ज कराएं निगम में शिकायत

अब नगर निगम ऋषिकेश में निवास कर रहे लोगों को अपनी शिकायत के लिए अधिकारियों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। नगर निगम ने इसके लिए टोल फ्री नंबर 18003135292 जारी किया। इसके लोग घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।

गुरुवार को मेयर अनिता ममगाईं ने टोल फ्री नंबर जारी किया। उन्होंने बताया कि इस टोल फ्री नंबर पर निशुल्क कॉल किया जा सकेगा। इस नंबर पर कॉल करते ही पांच विकल्प कॉलर को दिए जाएंगे। इस पर कॉलर अपनी शिकायत किसी विभाग के विरुद्घ है, के चुनने का ऑप्शन बताएगा। इसके बाद कॉल को संबंधित विभाग पर ट्रांसफर कर दी जाएगी। इसके बाद समस्या का निदान करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। नई सुविधा से लैस होने के बाद प्रदेश में ऋषिकेश पहला नगर निगम हो गया है जहां टोलफ्री नंबर पर समस्याएं दर्ज करवाई जा सकेंगी।

इन अधिकारियों से कर सकेंगे शिकायत

मेयर ममगाईं ने बताया कि कॉलर अपनी ‌शिकायत निर्माण विभाग के सहायक अभियंता आनंद सिंह मिश्रवाण, कर अ‌धीक्षक निशात अंसारी, पथ प्रकाश विभाग में ‌ललित नौटियाल, जन्म व मृत्यु पंजीकरण विभाग से विनोद कुमार त्यागी तथा सफाई निरीक्षक सचिन रावत से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। मेयर ममगाईं ने बताया कि कॉलर टोल फ्री नंबर पर सुबह दस से शाम पांच बजे तक ही अपनी शिकायत दर्ज करा पाएगा। साथ ही कॉलर अपनी शिकायत मैसेज ड्राप बॉक्स में भी छोड़ सकेगा।

गोयल के ठिकानों पर आयकर की छापेमारी

भाजपा नेता अनिल गोयल के प्रतिष्ठानों पर आयकर विभाग ने शुक्रवार को छापेमारी अभियान चलाया। देर रात तक चली इस कार्रवाई में आयकर विभाग के अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर आय-व्यय के रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए। भाजपा नेता के देहरादून, हरिद्वार, रुड़की, यमुना नगर और दिल्ली के आवासीय, व्यापारिक व शैक्षणिक समेत 13 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई। इसके साथ ही इनसे जुड़े दो पदाधिकारियों के लोगों के आवास और अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की गई है।

सुबह आठ बजकर 45 मिनट पर आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग के प्रधान निदेशक अमरेंद्र कुमार के निर्देश पर तीन दर्जन से ज्यादा अधिकारियों की टीम ने एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई देहरादून स्थित अनिल गोयल परिवार के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय वाली गली स्थित आवास, गांधी रोड पर क्वॉलिटी हार्डवेयर, राजपुर रोड स्थित उमंग साड़ीज, एलेक्सिया पैनल, रुड़की स्थित क्वांटम यूनिवर्सिटी, पंजाब प्लाईवुड इंडस्ट्रीज (यमुना नगर) पर की गई। इसमें अनिल गोयल के भाई सुनील गोयल के ठिकाने भी शामिल हैं। इसके अलावा क्वांटम यूनिवर्सिटी से जुड़े एलएमडी एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन ट्रस्ट के ट्रस्टी नरेश गर्ग व शशि गर्ग के ठिकानों पर भी आयकर अधिकारियों ने तमाम दस्तावेज खंगाले। इसके अलावा गोयल परिवार के दिल्ली स्थित कुछ ठिकानों पर भी छापा मारा गया। आयकर विभाग के प्रधान निदेशक अमरेंद्र कुमार ने बताया कि जो दस्तावेज कब्जे में लिए गए हैं, उनकी पड़ताल की जा रही है।

100 बेड के अस्पताल से मिलेगी बड़ी राहत

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने उत्तराखण्ड को नए वर्ष की सौगात के रूप में 1 जनवरी को देहरादून में 100 बेड के प0 दीनदयाल उपाध्याय राजकीय कोरोनेशन चिकित्सालय का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने मौके पर ही कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि एक साल पांच महीने तेईसवे दिन 23 जून 2020 को यह अस्पताल किसी भी स्थिति में जनता के लिए खोल दिया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पताल निर्माण का काम पूरी तरह से क्वालिटी कन्ट्रोल के साथ किया जाए। अत्याधुनिक तकनीक व सुविधाओं के साथ चैबीस घण्टे इसका निर्माण कार्य चलाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे देहरादून वासियों की काफी समय से अपना जिला अस्पताल न होने की चिन्ता भी खत्म हो गई है। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि आगामी कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा कि उत्तराखण्ड के पर्वतीय भवन निर्माण कला के साथ भवन व घर निर्माण करने वालो को एक फलोर या मंजिल और बनाने की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारे राज्य की परम्परागत पर्वतीय भवन निर्माण शैली दुनिया की सबसे अच्छी भवन निर्माण कला व शैली है। यह वातानुकूलित है जिसे हमारे पूर्वजों ने अपने अनुभवों के आधार पर विकसित किया है। इससे राज्य की विशिष्ट पहचान व कला दुनिया के सामने आएगी। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने सभी सरकारी अस्पतालों व निजी संस्थानों के चिकित्सकों को आश्वासन दिया कि जल्द ही सभी अस्पतालों को रेगुलरराइज कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के नीतिगत परिवर्तन उत्तराखण्ड के लिए आमूल चूल परिवर्तनकारी सिद्ध होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम समस्याओं के सतही समाधान नही बल्कि स्थायी समाधान में विश्वास रखते है।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने राज्य की जनता को नए वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नया वर्ष हम सब के लिए अच्छा स्वास्थ्य, जीवन में संवर्द्धन लेकर आए, हम जीवन की नई-नई ऊंचाईयों को छुए और हमारा व्यक्तित्व बहुआयामी हो ऐसी कामना है।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि हमारे राज्य के लिए बहुत खुशी की बात है कि राज्य में ऐसे भी चिकित्सक है जोे अच्छा वेतन व बड़े निजी अस्पतालों की नौकरियां छोड़ कर के एक चैथाई वेतन पर प0दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे है। इसके लिए न्यूरोसर्जन डा0 राहुल अवस्थी जैसे डाॅक्टर बधाई व प्रशंसा के पात्र है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प0 दीनदयाल उपाध्याय राजकीय कोरोनेशन चिकित्सालय आज व भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करेगा। कुल क्षेत्र 8141 वर्ग मीटर जैसे बड़े क्षेत्र में इसका निर्माण होगा है। यह अस्पताल कुल 136 बेड का है जिसमें 76 जनरल वार्ड, 24 बर्न वार्ड, 11 आईसीयू बेड, 9 बेड का रिकवरी वार्ड और 16 इमरजेंसी बेड व 4 आॅपरेशन थियेटर होंगे। यह अत्याधुनिक व पूरी तरह से कम्पयूटराइज्ड होगा। अस्पताल में डाईग्नोसिस हेतु एम0आर0आई0 , सी0टी0 स्कैन, एक्स रे, ब्लड बैंक, ब्लड सैंपल, ब्लड डोनेशन आदि सभी सुविधाए होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 108 सेवा निरन्तर चलती रहेगी। मोबाइल मेडिकल वैन के प्रभावी संचालन हेतु मोटर वीकल एक्ट में तकनीकी कारणों के लिए परिवर्तन पर विचार किया जाएगा।
इस अवसर पर विधायक श्री खजानदास, श्रीमती ऋतु खंडूरी, सचिव स्वास्थ्य श्री नितेश कुमार झा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 एस0के0गुप्ता आदि उपस्थित थे।

अंतरराज्जीय नकली नोट गिरोह के छह सदस्य पुलिस ने दबोचे

देहरादून पुलिस ने नकली चलाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के छह सदस्यों को धर दबोचा है। पकड़े गए लोगों में एक महिला भी शामिल है। पुलिस ने इनके पास से दो हजार, पांच सौ और सौ रुपये के जाली नोट बरामद किए गए हैं। जिनकी कीमत 96 लाख 96 हजार रुपये है। साथ ही पुलिस ने स्कैनर, प्रिंटर, केमिकल के अलावा एक कार भी जब्त की है।

एसएसपी देहरादून निवेदिता कुकरेती ने बताया कि सहसपुर पुलिस को संदिग्ध वाहनों, व्यक्तियों के चेकिंग के आदेश दिए गए थे। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि दिल्ली नंबर की एक कार में एक महिला समेत छह लोग बैठे हैं और उनके पास नकली नोट हैं। वह सहसपुर क्षेत्र में ग्राहक की तलाश में घूम रहे हैं। चेकिंग के दौरान ही दिल्ली नंबर की कार को रोककर जांच की गई तो नकली नोटों की खेप बरामद हो गई। इसमें पांच सौ के 93, सौ के नए 182 व पुराने 313 नोट और दो हजार चूरन लेबल के 48 गड्डी नोट बरामद किए गए, जिनकी कुल कीमत 96 लाख 96 हजार थी।

आरोपितों की पहचान सलमान महमूद पुत्र महमूद खान निवासी शास्त्री नगर, थाना नौचंदी, मेरठ हाल निवासी फ्रीडम फायटर कॉलोनी, साकेत, महरौली, दिल्ली, मनदीप शर्मा पुत्र ओमप्रकाश शर्मा निवासी मोहल्ला पतवार, नांगल, हरियाणा हाल निवासी वाल्मीकि बस्ती मैदान गढ़ी महरौली, दिल्ली, मदन शर्मा उर्फ फूफा पुत्र भोपाल निवासी कृष्णा नगर, थाना कोतवाली, गंगनहर हरिद्वार उसके बेटे आकाश और राहुल के अलावा महिला की पहचान भावना कुमार पत्नी राम कुमार निवासी कैलाश कॉलोनी, दिल्ली के रूप में हुई है।

आरोपितों में शामिल मदन शर्मा उर्फ फूफा निवासी कृष्णा नगर, गंगनहर, हरिद्वार अपने बेटे आकाश और राहुल के साथ घर पर ही नकली नोट बनाते थे। अन्य तीन आरोपित सलमान, मनदीप और भावना दिल्ली में रहकर प्रॉपर्टी डीलिंग करते हैं। पूछताछ में उन्होंने बताया कि कारोबार न चलने से वह काफी परेशान थे। उनके किसी परिचित ने उनकी मुलाकात मदन शर्मा से कराई। जिसके बाद से यह मदन और उनके लड़कों के साथ मिलकर नकली नोट का कारोबार करने लगे।

एसओ सहसपुर नरेश राठौर के मुताबिक, पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वह ऐसे ग्राहकों को अपने चंगुल में फंसाते थे जो आसानी से लालच में आ जाएं। वह ग्राहक से असली नोट लेकर उन्हें दोगुने नकली नोट देते थे। सौ और पांच सौ का नोट हूबहू होने के कारण उसे वह ग्राहक के सामने ही किसी दुकान में चलाकर दिखाते थे। जिससे ग्राहक लालच में आ जाता था। आरोपितों ने बताया कि ग्राहकों को विश्वास में लेने के लिए वे अपने पास चूरन लेबल के दो हजार के लाखों नोट रखते थे। इसके साथ ही वह सौ और पांच सौ के नोट भीड़भाड के दौरान दुकानों, पेट्रोल पंपों, शराब की दुकानों में चला देते थे।

सरकारी टेंडर दिलाने के नाम पर की दो लाख की ठगी, पुलिस ने धर दबोचा

देहरादून के एक व्यक्ति को सरकारी टेंडर के जरिए ठेका दिलाने की बात कहने वाले फर्जी पीसीएस अधिकारी को दून पुलिस ने धर दबोचा है। फर्जी अधिकारी के पास कई सरकारी विभागों की मोहरे भी मिली है। पुलिस ने जानकारी के अनुसार पकड़ा गया युवक पीसीएस के इंटरव्यू में फेल हो जाने के बाद से फर्जी पीसीएस अधिकारी बनकर घूम रहा था।

एसपी सिटी पीके राय ने बताया कि मंगलवार को दून में प्रापर्टी डीलिंग और रेस्टोरेंट चलाने वाले ओमवीर सिंह ढाका निवासी ग्राम भवानीपुर, पोस्ट चंदोक, बिजनौर ने बताया कि कुछ दिन पहले उनसे एक शख्स मिला। उसने अपना नाम सुधांशु पांडेय बताया और कहा कि वह सचिवालय में पीसीएस अधिकारी है और इन दिनों श्रम विभाग में कार्यरत है। कहा कि वह उसे श्रम विभाग में ठेकेदारी का लाइसेंस दिला देगा। इसके लिए उसने रुपये की मांग की।

ओमवीर ने बताया कि यह बात जब उसने अपने दोस्तों को बताई तो वह भी लाइसेंस लेने के लिए तैयार हो गए और सुधांशु को लगभग सवा दो लाख रुपये दे दिए। इसके बाद उसने सरकारी मोहर लगे कुछ दस्तावेज उन्हें दिखाए, लेकिन जब उसकी पड़ताल की गई तो वह फर्जी पाए गए।

एसपी सिटी ने बताया कि दस्तावेजों में सरकारी भाषा की नकल गई थी, लेकिन कई ऐसी बातें सामने आई, जिससे सुधांशु के फर्जी अधिकारी होने का शक पुख्ता हो गया। बुधवार को उसे आइटी पार्क के पास बुलाया गया, जहां उसे गिरफ्तार कर लिया गया। सुधांशु के पास से कई सरकारी मोहरें और फर्जी दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। उसके खिलाफ राजपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।

अंग्रेजी बोलने में है अव्वल
सुधांशु पांडेय (32) पुत्र मुन्नू प्रसाद निवासी 126 किदवईनगर, थाना महराजगंज, कानपुर नगर दून में ग्राम चालंग थाना राजपुर में पिछले कई साल से रह रहा है। एसओ राजपुर अरविंद सिंह ने बताया कि सुधांशु फर्राटेदार अंग्रेजी बोलता है। यही वजह थी कि जिससे भी वह बात करता, वह उसके झांसे में आ जाता। सुधांशु ने छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर से एमएससी की परीक्षा 87 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण की है। उसने 2006 में एसएससी मेन की परीक्षा पास की थी, लेकिन साक्षात्कार में फेल हो गया। वर्ष 2014 में उसने पीसीएस मेन क्वालीफाई किया, लेकिन यहां भी साक्षात्कार में उसकी किस्मत ने साथ नहीं दिया।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सुभारती मेडिकल कॉलेज हुआ सील

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब उत्तराखंड सरकार सुभारती मेडिकल कॉलेज को चलायेगी। गुरूवार को प्रशासन और पुलिस ने कॉलेज को सील कर दिया।

विदित हो कि दो साल पूर्व मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया (एमसीआई) ने सुभारती मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण कर तमाम खामियां पाई थी। इस पर एमसीआई ने कॉलेज की मान्यता का आवेदन स्वीकार नहीं किया था। 30 अगस्त 2017 को कॉलेज प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में एमबीबीएस में दाखिले कराने की अर्जी दायर की। इस पर कोर्ट ने एक सितंबर 2017 में दाखिले के आदेश जारी किये थे।

मगर, इसके बाद मनीष वर्मा नाम के व्यक्ति ने खुद को सपंत्ति का मालिक बताकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली। वहीं, कॉलेज के छात्रों ने भी कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। यह सभी छात्र कॉलेज की मान्यता को लेकर आशंकित थे। छात्रों ने स्वयं को अन्य कॉलेज में भेजने की याचिका दाखिल की। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार और मेडिकल कांउसिल आफ इंडिया का पक्ष जाना।

सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि उक्त संपत्ति श्रीदेव सुमन सुभारती मेडिकल कॉलेज की है ही नहीं। कॉलेज संचालकों ने कोर्ट में गलत तथ्यों को पेश किया। इसके बाद न्यायधीश रोहिंटन फली नरीमन व एमआर साह की पीठ ने पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड को आदेश दिए कि कॉलेज को तत्काल सील किया जाये। साथ ही एमसीआई के नियमों के अनुरूप एचएनबी उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय से संबद्ध किया जाए। फैकल्टी व अन्य आवश्यक संसाधन की पूर्ति भी राज्य सरकार के स्तर पर की जाएगी।

चीनी मिल में एथनॉल प्लांट को पीपीपी मोड में शुरू करने की योजना

चीनी मिल में प्रस्तावित एथनॉल प्लांट को पीपीपी मोड पर संचालित किया जाएगा। साथ ही चीनी मिल पर किसानों के बकाया गन्ना मूल्यों का भी भुगतान जल्द किया जाएगा। यह बात मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पेराई सत्र के शुभारंभ के दौरान डोईवाला में कहीं।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने डोईवाला शुगर मिल के पेराई सत्र 2018-19 का पूजा अर्चना और नारियल फोड़कर शुभारंभ किया। उन्होंने क्रेन कॅरियर में गन्ने की पुली डाली। मुख्यमंत्री ने गन्ना आपूर्ति के लिए सबसे पहले पहुंचे किसान अय्यूब अली और काबुल सिंह को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गन्ना और चीनी उद्योग की बेहतरी के लिए सरकार ठोस कदम उठा रही है।

डोईवाला शुगर मिल ने इस बार 32 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई का लक्ष्य निर्धारित किया है। शुगर मिल के अधिशासी निदेशक मनमोहन सिंह ने बताया कि शुगर मिल के पास डोईवाला गन्ना समिति के पांच, देहरादून के 19, रुड़की के 18, ज्वालापुर के पांच और हिमाचल प्रदेश के पावंटा साहिब के चार गन्ना क्रय केंद्र हैं।

देहरादून जिले में जल्द खुल सकता है फिल्म स्टूडियो

बॉलीवुड फिल्म निर्माता निर्देशक राजकुमार संतोषी भारत पाकिस्तान विभाजन पर बनने वाली अपनी आगामी फीचर फिल्म की शूटिंग उत्तराखंड में करेंगे। फिल्म की शूटिंग मई 2019 में आरंभ हो जाएगी। वह अपनी एक अन्य फिल्म की शूटिंग भी उत्तराखंड में करने जा रहे हैं। इसके साथ ही फिल्म निर्माता निर्देशक राजकुमार संतोषी ने देहरादून या आसपास के क्षेत्र में फिल्म स्टूडियो खोलने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के समक्ष रखा है।

मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से विस्तृत चर्चा के दौरान फिल्म निर्माता निर्देशक राजकुमार संतोषी ने कहा कि नैसर्गिक सौंदर्य से भरपूर उत्तराखंड फिल्मों की शूटिंग के लिए वर्ल्ड मार्केट खोल सकता है। राज्य में फिल्म शूटिंग के लिए लोकेशन की अपार विविधता है।

यहां कई ऐसे प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर अनछुए लोकेशन है, जो फिल्ममेकर्स के कैमरे ने अभी तक कैद नहीं हो पाए हैं। देहरादून के आसपास के क्षेत्र में फिल्म स्टूडियो स्थापित करने के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने सचिव सूचना को स्टूडियो के अनुकूल भूमि चयन हेतु जल्द से जल्द फील्ड निरीक्षण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि राज्य सरकार दूरगामी सोच के साथ उत्तराखंड में फिल्मों की शूटिंग के निर्माण को मिशन मोड पर प्रोफेशनल एप्रोच के साथ बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने हेतु फिल्म पॉलिसी को अपडेट किया जा रहा है।

शीघ्र ही इसे कैबिनेट में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में फिल्म निर्माण हेतु सब्सिडी, सुविधाएं, अन्य छूटे व कानून व्यवस्था का सहयोग दिया जा रहा है। इसके साथ ही सरकार राज्य में भारतीय फिल्म और टेलिविजन संस्थान (एफटीआईआई) पुणे की शाखा खोलने के लिए कार्य कर रही है।

ऋषिकेश की पहली मेयर ने की शपथ ग्रहण

तीर्थनगरी की पहली मेयर ने मुख्यमंत्री सहित हजारों लोगों के बीच शपथ ग्रहण की। जिलाधिकारी एसए मुरूगेशन ने मेयर को शपथ दिलाई। इसके बाद मेयर से पार्षदों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस दौरान भाजपा व कांग्रेस के कई नेता, संत समाज से साधु और शहीदों के परिजन उपस्थित रहे।

रविवार को नगर निगम ऋषिकेश का शपथ ग्रहण समारोह श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज के क्रीडा मैदान में आयोजित किया गया। सुबह से ही लोगों का आना मैदान में शुरू हो गया था। मेयर अनीता ममगाई अपने समर्थकों के साथ ओपन लाल रंग की कार में पहुंची। इसके बाद स्थानीय सांसद डा. रमेश पोखरियाल अपने समर्थकों के साथ पहुंचे। करीब 12 बजे मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट पहुंचे। इसके बाद जिलाधिकारी ने मेयर अनीता ममगाई को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके बाद मेयर अनीता ममगाईं ने दस-दस करके पार्षदों को शपथ दिलाई। इस दौरान कई पार्षद शपथ ग्रहण होने के बाद पहुंचे।

मात्र 15 मिनट चला शपथ ग्रहण
जिलाधिकारी ने मेयर को शपथ दिलाई और मेयर ने पार्षदों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके बाद मुख्यमंत्री, शहरी विकास मंत्री, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष तीनों समारोह से निकल गये। मात्र 15 मिनट तक चले शपथ ग्रहण पर लोगों को समझ ही नहीं आ रहा था कि यह सब आखिर हुआ तो हुआ क्या।

जलपान के दौरान दिखी अव्यवस्था
मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह से जाते ही समारोह में मौजूद जनता जलपान करने एक साथ दौड़ी। एक साथ भीड़ के आ जाने से अव्यवस्था फैल गई। इस दौरान समारोह में जलपान के लिये बने छह स्टॉल में से एक पर टैंट भी गिर गया।

शपथ के बाद निगम कार्यालय पहुंची मेयर
शपथ ग्रहण करने के बाद मेयर अनीता ममगाई सरकारी गाड़ी से मेयर कार्यालय पहुंची। यहां उन्होंने निगम के कर्मचारियों से मुलाकात की। इसके बाद नगर निगम को निरीक्षण किया।

निवार्चन आयोग ने दिया मसूरी विधायक को नोटिस

भाजपा विधायक गणेश जोशी का एक वीडियो इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियों में महिलाओं को विधायक नोट बांटते नजर आ रहे है। इस दिशा में राज्य निर्वाचन आयोग ने कार्यवाही करते हुये उन्हें नोटिस जारी किया है।

मसूरी से भाजपा विधायक गणेश जोशी इस बार निकाय चुनाव के दौरान महिलाओं को नोट बांटते वीडियो वायरल होने से चर्चाओं में आ गए हैं। यह वीडियो फेसबुक से लेकर व्हाट्सएप ग्रुपों में तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में छठ पूजा के एक कार्यक्रम में विधायक जोशी तिलक लगाने के बाद महिलाओं को एक-एक कर हाथों में रखे नोट बांट रहे हैं।

विधायक का यह वीडियो वायरल हुआ तो राज्य निर्वाचन आयोग ने इसका आचार संहिता के उल्लंघन के रूप में संज्ञान लेकर देहरादून के जिला निर्वाचन अधिकारी को जांच के निर्देश दिए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी एसए मुरूगेशन के निर्देश पर राजपुर क्षेत्र के रिटर्निंग अफसर ने विधायक को नोटिस जारी कर दिया है। नोटिस का जवाब मिलने के बाद अगली कार्रवाई होगी।

विधायक गणेश जोशी ने बताया कि छठ पूजा पर जब बहनें तिलक लगाती हैं, तो भाई पैसा देता है। यह परंपरा सदियों से चल रही है। इसको चुनाव आचार संहिता से जोड़ना गलत है। इस मामले में जो भी जांच होगी, मैं उसके लिए तैयार हूं।