मोटे अनाज को बढ़ावा देने के लिए सचिवालय में खुला आउटलेट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में मिलेट बेकरी आउटलेट का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य के मोटे अनाजों पर आधारित उत्पादों को बढ़ावा देने और महिला स्वयं सहायता समूहों की आजीविका में वृद्धि करने के उद्देश्य से सचिवालय परिसर में मिलेट बेकरी का आउटलेट शुभारंभ किया गया है।
राज्य में ग्रामीण महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों द्वारा स्थानीय मंडुआ, झंगोरा, ज्वार, चौलाई इत्यादि अनाजों के उत्पादन बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। इन उत्पादों के मूल्य संवर्धन के लिए जनपद देहरादून के रायपुर ब्लॉक तथा जनपद पौड़ी के पौड़ी ब्लॉक में 2 मिलेट उत्पादों की बेकरी प्रारम्भ की गयी है। मिलेट बेकरी में मंडुआ तथा झंगोरा का प्रसंस्करण कर बिस्किट, ब्रेड तथा पिज्जा बेस व अन्य उत्पाद तैयार किये जा रहें है। अन्तर्राष्ट्रीय मिलेट वर्ष 2023 के अन्तर्गत स्थानीय मोटे अनाजों के उत्पादन और उपभोग को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य में अनेक कार्यक्रम किये जा रहे हैं।
राज्य सरकार द्वारा महिला स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। वर्ष 2025 तक सवा लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। अभी तक 40 हजार 270 महिलायें लखपति दीदी बनायी जा चुकी है। चयनित स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को बेकरी विशेषज्ञ के माध्यम से बेकरी उत्पाद हेतु प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है जिससे अधिक संख्या में समूहों द्वारा बाजार की मांग के अनुरूप उच्च गुणवत्ता तथा पोषण से युक्त बेकरी उत्पाद तैयार कर लोगों को उपलब्ध करा सके।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव राधिका झा एवं ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

धामी ने फिर दिये अधिकारियों को निर्देश, रेस्क्यू ऑपरेशन की जुटाई जानकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सिलक्यारा में चल रहे हैं रेस्क्यू ऑपरेशन पर निरंतर निगरानी बनाए हुए हैं। मुख्यमंत्री धामी कमिश्नर गढ़वाल, आईजी गढ़वाल व राहत और बचाव में लगी एजेंसियों से सिलक्यारा में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन तथा टनल में फंसे श्रमिकों की कुशलक्षेम की हर पल की अपडेट ले रहे हैं।
इसी संदर्भ में मुख्यमंत्री ने सचिवालय में आज बैठक लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेस्क्यू कार्य में लगी सभी टेक्निकल एजेंसियों को हर संभव सहयोग दिया जाय। गढ़वाल कमिश्नर को मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि रेस्क्यू कार्य में किसी भी प्रकार से विलंब न हो, मौके पर कार्य कर रही एजेंसियों को राज्य की तरफ़ से सभी आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाये। मुख्यमंत्री बचाव कार्यों में लगी एजेंसियों और जिलाधिकारी उत्तरकाशी से भी समय-समय पर अपडेट ले रहे हैं।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव आर.मीनाक्षी सुंदरम, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय एवं सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी मौजूद रहे।

कैबिनेट मंत्री अग्रवाल ने लोकल फॉर वोकल को बढ़ावा देते हुए स्थानीय उत्पाद खरीदे

क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने दीपावली के पावन पर्व पर नगर के मुख्य बाजारों में पहुंच कर स्थानीय व्यापारियों, खरीददारी करने आए लोगों से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दी।
शनिवार को दीपावली के पावन अवसर पर मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने नगर क्षेत्रों के बाजारों में स्थानीय व्यापारियों, फूल विक्रेताओं, पटाखा व्यापारियों एवं खरीदारी को पहुंचे लोगों से मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम जानी।
इस मौके पर मंत्री डॉ अग्रवाल हैं दीपावली, गोवर्धन, भैया दूज की शुभकामनाएं दी। मंत्री डॉ अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल फॉर वोकल को बढ़ावा देते हुए स्थानीय लोगों द्वारा हाथ से निर्मित दीप भी खरीदे।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने दीपावली पर्व पर सभी लोगों के जीवन में खुशहाली, सुख-समृद्धि और उन्नति की भी कामना की। उन्होंने बधाई संदेश देने के दौरान लोगों से स्थानीय उत्पादों को खरीदने की भी अपील की।
इस मौके पर मंत्री अग्रवाल की धर्मपत्नी शशि प्रभा अग्रवाल, मण्डल अध्यक्ष सुमित पवार, पार्षद शिव कुमार गौतम, अरुण बडोनी आदि लोग उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने मिट्टी के दिये खरीदे, किया डिजिटल माध्यम से भुगतान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को कुम्हार मंडी क्षेत्र का भ्रमण कर दीपावली के अवसर पर मिट्टी के दिये व अन्य सामान तैयार करने वाले कुम्हारों से मिले तथा उन्हें दीपावली की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने स्वयं भी मिट्टी के दिये क्रय कर सभी से मिट्टी के दिये क्रय करने तथा दीपावली पर मिट्टी के दिये जलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि मिट्टी के दिये दीपावली के पर्व को पावनता प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों के घरों में दीपावली पर जलने वाले दिये कुम्हारों की खुशहाली तथा आर्थिक समृद्धि का भी माध्यम बनते हैं।
मुख्यमंत्री ने क्रय किये गये दियों का डिजिटल माध्यम से भुगतान करते हुए, उन्होंने कहा कि डिजिटल ट्रांजेक्शन देश में तेजी से बढ़ा है। भारत दुनिया में सबसे अधिक डिजिटल ट्रांजेक्शन करने वाला देश है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने डिजिटलाईजेशन के क्षेत्र में तेजी से प्रगति की है। कुछ वर्षों में यूपीआई तेजी से हमारी अर्थव्यवस्था और आदतों का हिस्सा बन गया है। यह डिजिटल भारत की नींव है, यह अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक डिजिटल सेवाएं पहुंचाने का माध्यम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दीपावली पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए स्थानीय उत्पादों के प्रचार एवं प्रसार को हम सभी अधिक से अधिक बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर भारत के संकल्प की पूर्ति में भी अपना योगदान दे सकते हैं इससे हमारे पारम्परिक उत्पादों को भी पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि पूरे देश में लोग यदि स्थानीय उत्पादों के क्रय पर ध्यान दे तो हमारा देश भी आर्थिक रूप से मजबूत बनेगा तथा स्थानीय उत्पादकों का बनोबल भी बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री ने सुख, समृद्धि और संपन्नता के प्रतीक दीपावली के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुये कहा कि माँ लक्ष्मी और भगवान श्री गणेश जी के आशीर्वाद से सभी के जीवन में सुख समृद्धि, शांति एवं आरोग्य का संचार हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली का पर्व मर्यादा एवं सद्भावना का भी संदेश देता है। दीपों का यह त्योहार भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास के पश्चात वापस अयोध्या आने से भी जुड़ा है। दीपावली का पर्व बुराई पर अच्छाई और अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है। दीपावली का यह पर्व हम सबके जीवन को प्रकाशमय करने के साथ हम सबके जीवन में धन, ऐश्वर्य और संपन्नता लेकर आये, इसकी भी उन्होंने कामना की है।

इन्वेस्टर्स समिट के रोड शो में किये गये एमओयू को धरातल पर उतारने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में राज्य के विकास कार्यों में तेजी लाने एवं रोजगार सृजन को बढ़ाने के लिए शासन के उच्च स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के तहत अब तक हुए रोड शो में जो करार हुए हैं, उन करारों की ग्राउंडिंग के लिए तेजी से कार्य किये जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि देहरादून में 8 और 9 दिसम्बर 2023 को होने वाले आयोजन से पहले अधिकांश कार्य धरातल पर उतरें, इसके लिए तेजी से कार्य किये जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए नीतियों में और सरलीकरण की जरूरत है, तो इसके लिए प्रस्ताव लाये जाएं। राज्य में जिन निवेश प्रस्तावों से अधिक रोजगार सृजन हो सकता है और राज्य की परिस्थितियों के हिसाब से जो प्रस्ताव अधिक अनुकूल हैं, उनको शीर्ष प्राथमिकता दी जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए हवाई कनेक्टिविटी को और विस्तार देना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जॉलीग्रांट एयरपोर्ट और पंतनगर एयरपोर्ट को अन्तरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने की दिशा में राज्य स्तर से की जाने वाली समस्त कार्यवाही शीघ्र की जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि पिथौरागढ़ के नैनीसैनी हवाई पट्टी से नियमित हवाई सेवा संचालित करने के लिए की जा रही कार्यवाही में तेजी लाई जाए। इन सभी गतिविधियों में फास्ट ट्रेक मोड में कार्य किया जाए। राज्य में रोपवे निर्माण से संबधित कार्यों में भी तेजी लाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसखण्ड मन्दिर माला मिशन के मास्टर प्लान पर तेजी से कार्य किये जाएं। राज्य में गढ़वाल मंडल और कुमांऊ मण्डल आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत दोनों मण्डलों में कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए भी तेजी से कार्य किये जाएं। मानसखण्ड मन्दिर माला मिशन के तहत प्रथम चरण में चयनित मंदिरों के लिए मास्टर प्लान के आधार पर कार्यों में तेजी लाई जाय।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि 28 नवम्बर से 1 दिसम्बर 2023 तक देहरादून में होने वाले 6वें विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन की सभी तैयारियां समय पर सुव्यवस्थित तरीके से की जाएं। उन्होंने कहा कि राज्य में आपदा प्रबंधन की दृष्टि से यह बड़ा आयोजन होना है। अनेक देशों से आपदा प्रबंधन से जुड़े विशेषज्ञ इस आयोजन में प्रतिभाग करेंगे। उत्तराखंड को वैश्विक स्तर पर एक अलग पहचान बनाने का राज्य के पास अच्छा अवसर है।
मुख्यमंत्री ने आने वाले त्योहारों के दृष्टिगत कानून व्यवस्था की समीक्षा भी की। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि कानून व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द बर्द्धन, सचिव आर.मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, विनय शंकर पाण्डेय, एस.एन. पाण्डेय, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमन, अपर सचिव रणवीर सिंह चौहान, युगल किशोर पंत, सी. रविशंकर, महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, महानिदेशक यू कॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, अपर सचिव जे.सी काण्डपाल एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

जीएसटी विभाग की योजना से जागरुक हो रहे उपभोक्ता

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने बिल लाओ इनाम पाओ योजना के तहत जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर माह के लक्की ड्रा के लाभार्थियों को पुरस्कार वितरित किये। इस दौरान डॉ अग्रवाल ने मोबाइल फ़ोन, स्मार्ट वाच और हेड फ़ोन वितरित किये।
शुक्रवार को जीएसटी भवन ऋषिकेश में आयोजित कार्यक्रम में डॉ अग्रवाल ने बताया कि योजना के अन्तर्गत दिनांक 01 सितम्बर, 2022 से अब तक 48,658 उपभोक्ता पंजीकृत हुये हैं, जिनके द्वारा 246,178 बिल अपलोड किये गये हैं तथा जिनका कुल मूल्य रु0 93,45 करोड़ है। बताया कि दिनांक 01 अप्रैल, 2023 से दिनांक 31 अक्टूबर, 2023 अब तक 18,437 उपभोक्ता पंजीकृत हुये हैं। जिनके द्वारा 159,263 बिल अपलोड किये गये हैं तथा जिनका कुल मूल्य रु0 52.12 करोड़ है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि योजना को लेकर जनता में असीम उत्साह है एवं उनके द्वारा अधिकाधिक बिलों को अपलोड किया गया है।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत पुरस्कार विजेताओं तथा पुरस्कार वितरण में पूर्ण पारदर्शिता रहे इसीलिए इस सम्पूर्ण प्रक्रिया में कोई मानवीय हस्तक्षेप नहीं रखा गया है। सम्पूर्ण कार्यवाही इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से पूर्ण की जाती है। डॉ अग्रवाल ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा पूर्व में दिनांक 01 सितम्बर, 2022 से दिनांक 31 मार्च, 2023 तक लागू बिल लाओ ईनाम पाओ योजना को दिनांक 30 नवम्बर, 2023 विस्तारित किया गया है। बताया कि योजना को दिनांक 01 अप्रैल, 2023 से, ऑनलाइन खरीद पर प्राप्त बिलों को छोड़कर, जीएसटी के अंतर्गत समस्त कराधेय वस्तुओं तथा सेवाओं के विरुद्ध जारी बिलों पर लागू किया गया है। इसके अंतर्गत दिनांक 30 नवम्बर, 2023 तक बीलिप एप पर बिल अपलोड करने वाले ग्राहकों को मासिक पुरस्कारों के अंतर्गत 1500 पुरस्कार दिए जायेंगे तथा दिनांक 01 सितम्बर, 2022 से दिनांक 30 नवम्बर, 2023 तक अपलोड किये गए बिलों पर ग्राहकों को दिनांक 30 नवम्बर, 2023 के पश्चात मेगा पुरस्कार भी दिए जायेंगे।
डॉ अग्रवाल ने बताया कि इसके अतिरिक्त अपलोड किये गए प्रत्येक बिल पर customer reward प्रोग्राम लागू करते हुए प्रत्येक अपलोडेड बिल पर पॉइंट्स दिए जाने की व्यवस्था है, जो पुरस्कार/ कैश बैक/ डिस्काउंट कूपन के रूप में दिए जायेंगे। इस योजना में जीएसटी के अंतर्गत पंजीकृत ऐसे व्यापारियों को भी पुरस्कृत किया जायेगा, जिनके प्रतिष्ठान से सर्वाधिक बिल अपलोड किये जायेंगे तथा उनके द्वारा ग्राहकों से सर्वाधिक संख्या में एप डाउनलोड करवाना सुनिश्चित करते हुए योजना के वृहद प्रचार प्रसार में योगदान दिया जाएगा । इस प्रकार योजना की परिधि को अत्यधिक विस्तृत करते हुए इसे अधिक आकर्षक बनाया गया है।
डॉ अग्रवाल ने बताया कि गत वर्ष 2022-23 (माह अक्टूबर तक) रु0 4328 करोड़ राजस्व की तुलना में संगत वर्ष 2023-24 (माह अक्टूबर तक) में रु0 4776 करोड़ राजस्व प्राप्त किया गया है, जो कि लगभग 09% अधिक है। वर्ष 2023-24 के लिए राज्य कर विभाग हेतु बजटीय राजस्व लक्ष्य रु0 8814 करोड़ रखा गया है l इस क्रम में माह अक्टूबर, 2023 तक निर्धारित राजस्व लक्ष्य रु0 4861 करोड़ के सापेक्ष रु0 4776 करोड़ की प्राप्ति कर ली गयी है, जो कि निर्धारित राजस्व लक्ष्य का लगभग 98% है।

ज्वैलरी शोरूम में हुई लूट की घटना पर पुलिस के आला अधिकारियों की लगी क्लास

देहरादून में कल एक ज्वैलरी शोरूम में हुई लूट की वारदात को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज पुलिस महानिदेशक और एसएसपी देहरादून को तलब कर स्थिति की समीक्षा की और मामले के शीघ्र खुलासे के निर्देश दिये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वारदात में जिन भी लोगों का हाथ है उन्हें जल्द से जल्द पकड़ा जाए। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं कि जाएगी। हमारा प्रदेश एक शांति प्रिय प्रदेश है और क़ानून व्यवस्था की स्थिति को यहाँ किसी भी दशा में बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। उन्होने यह भी कहा कि इस बात की भी तह तक जाना चाहिए कि घटना कैसे घटित हुई? कहां कमी रह गई तथा इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है? भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो यह भी सुनिश्चित किया जाये।

उद्योगपतियों को समस्याओं का समाधान करने का दिया आश्वासन

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के प्रतिनिधिमंडल एवं विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ऑफ उत्तराखण्ड द्वारा मुख्य सचिव को विभिन्न समस्याओं द्वारा अवगत कराया गया। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए उनकी समस्याओं के निस्तारण के लिए प्राथमिकता से कार्य किया जाए।
मुख्य सचिव ने ऊर्जा निगमों से सम्बन्धित समस्याओं के निस्तारण के लिए अधिशासी अभियंता स्तर पर प्रत्येक तीन माह में इंडस्ट्री के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं के निस्तारण किए जाने के निर्देश दिये। उन्होंने सिंगल विंडो सिस्टम को और प्रभावी बनाने के लिए अन्य राज्यों द्वारा किए जा रहे प्रयासों को अपनाकर विभिन्न विभागों द्वारा दी जाने वाली स्वीकृतियों को शीघ्रातिशीघ्र उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में प्लास्टिक कचरा निस्तारण के लिए क्यूआर कोड सहित उद्योग संघ द्वारा सुझाये उपायों एवं अन्य उपायों पर भी कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश को प्लास्टिक मुक्त किए जाने के लिए प्रदेश सरकार, इंडस्ट्रीज एवं आमजन को मिलकर कार्य करना होगा।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव मीनाक्षी सुंदरम, विनय शंकर पाण्डेय, सदस्य सचिव उत्तराखण्ड पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड सुशांत पटनायक, अपर सचिव रोहित मीणा, इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखण्ड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता सहित एसोसिएशन के अन्य सदस्य एवं सम्बन्धित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

शाह ने जवानों के लिए आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए ड्रोन का किया ई-लोकार्पण

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज उत्तराखंड के देहरादून में भारत तिब्बत सीमा पुलिस(ITBP) के 62वें स्थापना दिवस समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया। अमित शाह ने जवानों के लिए सेल्फ सस्टेनेबल एनर्जी बिल्डिंग (SSEB) और दुर्गम क्षेत्रों में स्थित BOP (बॉर्डर ऑब्जरवेशन पोस्ट) पर सब्जियों, दवाओं और अन्य ज़रूरी वस्तुओं की आपूर्ति के लिए ड्रोन का ई-लोकार्पण किया। गृह मंत्री ने ITBP के 147 शहीदों पर बनी फ्लिप बुक को भी लांच किया।
अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि देशवासी जब दीपावली के अवसर पर अपने घर में दिया जलाते हैं, तब वे एक दिया सीमा पर तैनात हमारे वीर जवानों के लिए भी जलाते हैं। उन्होंने कहा कि देश की 130 करोड़ जनता पूरे दिल से वीर जवानों के त्याग, बलिदान, साहस और शौर्य का सम्मान करती है। गृह मंत्री ने कहा कि देश की जनता चैन की नींद सोती है क्योंकि हमारे वीर जवान अपने जीवन के स्वर्णिम वर्ष सरहद पर देश की सुरक्षा के लिए समर्पित करते हैं। शाह ने कहा कि हिमवीरों का त्याग, सेवा और बलिदान अनमोल है और पूरा देश इसे नमन करता है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आज ITBP का स्थापना दिवस है और हमारे हिमवीरों ने पिछले 62 वर्षों से शौर्य, दृढ़ता और कर्मनिष्ठा के ध्येय वाक्य के साथ भारत की दुर्गम सीमाओं को सुरक्षित रखने का काम किया है। उन्होंने कहा कि माइनस 45 डिग्री तापमान में देश की अग्रिम सीमा पर चौकन्ना रहकर उसकी सुरक्षा करना और ज़रूरत पड़ने पर सर्वोच्च बलिदान देने से भी पीछे ना हटना, ITBP की परंपरा रही है। शाह ने कहा कि 62 साल पहले 7 वाहिनियों के साथ शुरू हुआ ITBP, आज एक लाख हिमवीरों, 60 वाहिनियों, 17 प्रशिक्षण केन्द्रों,16 सेक्टर, 5 फ्रंटियर और 2 कमांड मुख्यालयों के साथ एक मज़बूत बल के रूप में उभर कर आया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हिमवीरों की मांग को ध्यान में रखते हुए केन्द्र सरकार ने वायुयान और रेल में सेना की तर्ज पर देश के केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs)का भी कोटा तय कर दिया है।
अमित शाह ने कहा कि आज यहां हुई कई नई शुरूआतों में से सेल्फ सस्टेनेबल एनर्जी बिल्डिंग (SSEB)बेहद खास है क्योंकि 17,000 फ़ीट की ऊंचाई पर बनी ये बिल्डिंग ठंडे मरूस्थल में आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक बनेगी। उन्होंने कहा कि ये बिल्डिंग देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारत सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से हिमवीरों को दीपावली की एक अनूठी भेंट है। शाह ने कहा कि जब यहां बाहर का तापमान शून्य से 40-45 नीचे चला जाता है और पेट्रोल या डीज़ल का उपयोग नहीं हो पाता है, ऐसे में ये बिल्डिंग 18-19 डिग्री तापमान में जवानों को सुरक्षित रखेगी। उन्होंने कहा कि इस बिल्डिंग को मात्र 2 महीनों में ही तैयार कर लिया गया।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों और ऊँचाई पर स्थित BOP (बॉर्डर ऑब्जरवेशन पोस्ट) पर सब्जियों, दवाओं और अन्य ज़रूरी वस्तुओं की आपूर्ति के लिए ड्रोन के इस्तेमाल की कल्पना प्रधानमंत्री मोदी जी ने हम सबके सामने रखी थी। उन्होंने कहा कि इसी कल्पना के साकार होने की दिशा में आज पहला ड्रोन 15 किलोग्राम दवाएं और सब्ज़ियां लेकर दुर्गम इलाके में पहुंचा है, ये एक बहुत बड़ी शुरूआत है। उन्होंने कहा कि आज यहां शुरू हुई ड्रोन सेवा ना सिर्फ हमारे हिमवीरों बल्कि सीमावर्ती गावों की जनता के लिए भी लाभदायी सिद्ध होगी। शाह ने कहा कि दुर्गम क्षेत्र में सुरक्षा को चाक-चौबंद रखने के लिए gaps को भरना बहुत जरूरी होता है और इसके कारणबहुत सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केन्द्रीय गृह मंत्रालय की पहल पर ITBP की 7 बटालियन को स्वीकृति दी है और ITBP की स्थापना के बाद ये पहला मौका है जब 7 बटालियन एकसाथ स्वीकृत की गई हैं, इनमें से 4 बटालियन जल्द ही तैनात हो जायेंगी। शाह ने कहा कि ये 7 बटालियन और 1 सेक्टर मुख्यालय लगभग 3000 करोड़ रूपए की लागत से बनेंगे।
अमित शाह ने कहा कि ITBP को शौर्य, दृढ़ता और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि भारत की 7516 किलोमीटर लंबी तटीय और 15000 किलोमीटर से अधिक भूमि सीमा है। उन्होंने कहा कि भारत अपनी भूमि सीमा 7 देशों के साथ साझा करता है और हिमालयी क्षेत्र में सीमाओं की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी ITBP को दी गई है। उन्होंने कहा कि हमारे बहादुर हिमवीरों ने सबसे कठिन क्षेत्रों में सीमाओं की सुरक्षा सबसे अच्छे तरीके से की है। शाह ने कहा कि ITBP ने 6 दशकों की अपनी अनवरत सेवा में 7 पदम श्री, 2 कीर्ति चक्र, 6 शौर्य चक्र, 19 राष्ट्रपति पुलिस पदक, 14 तेनजिंग नोर्गे एडवेंचर पदक और कई अन्य पदक आईटीबीपी ने प्राप्त किए हैं, जो इस बल के शौर्य और बलिदान के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि जब तक हमारे आईटीबीपी और सेना के जवान सीमा पर तैनात हैं तब तक भारत की 1 इंच भूमि पर भी कोई कब्जा नहीं कर सकता।उन्होंने कहा कि अब हिम वीरांगनाएं भी देश की सीमा की सुरक्षा में कंधे से कंधा मिलाकर शामिल हो रही हैं। गृह मंत्री ने इतने दुर्गम क्षेत्र में देश की सीमाओं की सुरक्षा में तैनात हिम वीरांगनाओं को विशेष बधाई और शुभकामनाएं दीं।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि खेलों के क्षेत्र में भी आईटीबीपी की भागीदारी बहुत बढ़ गई है, जो बहुत अच्छी बात है। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी 36 लाख से ज्यादा वृक्ष इतने दुर्गम क्षेत्र में ITBP ने लगाए हैं। उन्होंने सभी जवानों से वृक्षों को अपने साथ जोड़ने को कहा जिससे ना सिर्फ उनके मन में बहुत बड़ा बदलाव और संवेदनशीलता आएंगे बल्कि वृक्ष के पालन पोषण के साथ होने वाला जुड़ाव जवानों के मन में भी बहुत बड़ा परिवर्तन करेगा। शाह ने कहा कि ये 36 लाख पौधे 5 साल में बड़े वृक्ष बनेंगे और देश के साथ-साथ पूरे विश्व के पर्यावरण को भी शुद्ध करेंगे। शाह ने कहा कि हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने वाइब्रेंट विलेज प्रोजेक्ट के माध्यम से एक नए कांसेप्ट को देश के सामने रखा है। पहले सीमा पर स्थित गांव को देश का अंतिम गांव कहा जाता था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने वहां जाकर कहा कि यह अंतिम नहीं बल्कि देश का पहला गांव है। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सीमा पर बसे गांवों की आबादी को न केवल सस्टेन करने है बल्कि उसमें वृद्धि करने और वहां देश के अन्य हिस्सों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की अप्रोच के साथ वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम बनाया है। शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने इस कार्यक्रम के पहले चरण में 19 जिलों में 46 ब्लॉक के 662 गांवों के लिए 4800 करोड़ रुपए के बजट से बिजली, सड़कें,रोजगार, स्किल डेवलपमेंट, शिक्षा और स्वास्थ्य की व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने का काम किया है।
अमित शाह ने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा हिमवीरों की जिम्मेदारी है, लेकिन अगर ये सीमावर्ती गांव खाली हो जाएंगे तो इस काम में बहुत दिक्कतें आएंगी। उन्होंने कहा कि हमारे CAPFs जहां भी तैनात हैं, इन्हें विकास कार्यों की नोडल एजेंसी के रूप में स्वीकार कर सारी सुविधाएं गांव में पहुंचे, इसके लिए काम करना चाहिए। श्री शाह ने कहा कि आने वाले 1 साल में 168 अनकनेक्टेड गांव सड़क, बिजली, दूरसंचार और स्वास्थ्य सेवाओं से भी जुड़ जाएंगे। गृह मंत्री ने कहा कि सीमाओं पर सुविधाओं के विकास के बिना देश सुरक्षित नहीं रह सकता। उन्होंने कहा कि भारत-चीन सीमा सुविधाओं के विकास पर 2014 से पहले औसतन प्रतिवर्ष 4000 करोड़ रुपए खर्च होता था, जिसे प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले 9 सालों में बढ़ाकर औसतन 12340 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने सीमा पर रोड,बीओपी बनाने,जवानों को सुविधाएं देने और गांवों को सुविधायुक्त बनाने के लिए तीन गुना खर्च बढ़ाया है। शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने इस दुर्गम क्षेत्र में 350 से ज्यादा पुल और पुलिया बनाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि जवानों के कल्याण के लिए सरकार ने विगत 9 सालों में कई योजनाएं बनाई हैं।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में विगत 9 साल में देश की आंतरिक सुरक्षा की स्थिति में बहुत बदलाव आया है। कश्मीर से धारा 370 हटाने के बाद आज वहां आतंकवाद पर पूर्ण नियंत्रण पाने में हमें सफलता मिली है। वहां सभी प्रकार के आंकड़ों और मृत्यु में 72% की गिरावट आई है और वामपंथी उग्रवाद में भी 80% की कमी दर्ज की गई है। शाह ने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में देश की आंतरिक सुरक्षा बहुत मजबूत हो रही है और सीमाओं की सुरक्षा को हमारे हिमवीर संभाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी-अभी आजादी का अमृत वर्ष समाप्त हुआ है और आजादी के अमृतकाल के दौरान, 15 अगस्त, 2047 तक हम सबको तय करना है कि भारत विश्व में हर क्षेत्र में सर्वप्रथम हो। शाह ने कहा कि 2047 तक हमें भारत को ऐसा देश बनाना है कि हर क्षेत्र में हम विश्व का नेतृत्व करें।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के आईटीबीपी के 62वें स्थापना दिवस समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, गणेश जोशी, डॉ. धन सिंह रावत, सुबोध उनियाल, सौरभ बहुगुणा, मेयर सुनील उनियाल गामा और विधायकगण, आईटीबीपी के महानिदेशक उपस्थित थे।

सीएम धामी के विजन पर देशवासियों की मुहर, देशभर में टॉप ट्रेंड पर रहा डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड

उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के दिन देश भर में सोशल मीडिया पर *“डेस्टिनेशन उत्तराखंड”* *#Destination Uttarakhand* टॉप ट्रेंड पर रहा। यह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की राष्ट्रीय फलक पर तेजी से बढ़ती लोकप्रियता का स्पष्ट परिणाम है। खास बात यह है कि आज 9 नवंबर के हुए इस टॉप ट्रेंड में देश भर के सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स से लेकर बड़े-बड़े राजनेता और दिग्गज हस्तियां शामिल रही।
*“डेस्टिनेशन उत्तराखंड”* शब्द के पीछे मुख्यमंत्री धामी का स्पष्ट मंतव्य है कि देश दुनिया में उत्तराखंड को निवेश हेतु नई डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाए।
मुख्यमंत्री धामी के *डेस्टिनेशन उत्तराखंड* मिशन के तहत अब तक सवा लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव पर करार हो चुका है। जबकि आगामी 8 और 9 दिसंबर को देहरादून में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में 3 लाख करोड़ के पास पहुंचने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री धामी की दूरदर्शिता का ही परिणाम है कि उत्तराखंड की देश दुनिया में एक नई छवि बनकर उभर रही है। सोशल मीडिया की सबसे प्रचलित साइट एक्स यानी ट्विटर पर देश भर में टॉप ट्रेंड में रहना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। इन्वेस्टर समिट से पहले सोशल मीडिया पर *डेस्टिनेशन उत्तराखंड* का यह ट्रेंड प्रदेश में निवेश की अन्य संभावनाओं को भी बल देगा।