अमृत काल में देश को नई ऊंचाइयों पर ले जायेंगे हमारे युवा-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार की सांय मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में उत्तराखण्ड परिषदीय परीक्षा 2023 में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले छात्र छात्राओं को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसके शिक्षित एवं सभ्य मानव संसाधन पर निर्भर करती हैं। आज के बच्चे भविष्य के नागरिक है इसलिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि आज बच्चे किस प्रकार की शिक्षा एवं संस्कार से जुड़े हैं। छात्रों को भविष्य में इस प्रदेश एवं देश का उत्तरदायित्व लेना है। आने वाले समय में प्रदेश एवं देश की दिशा एवं दशा हमारे मेधावियों द्वारा निर्धारित की जानी है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश में युवा पीढ़ी का बौद्धिक स्तर बहुत ऊंचा है तथा शैक्षिक एवं खेल कूद दोनों क्षेत्रों में नवीन प्रतिमान स्थापित कर रहे हैं। हमारे प्रदेश की युवा पीढ़ी न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर भी देश का प्रतिनिधित्व कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारे छात्र-छात्राओं की यह उपलब्धि सामान्य नहीं है तथा इसे बनाये रखना आसान भी नहीं है। छात्रों द्वारा स्वयं के लिए ऐसा बेंचमार्क बनाया गया है जो कठिन अवश्य है लेकिन असम्भव नहीं है। इस उपलब्धि के लिए छात्रों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने लिए बड़ा लक्ष्य निर्धारित करो तथा उसको प्राप्त करने के लिए छोटे-छोटे पड़ाव बनाओ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसके शिक्षित एवं सभ्य मानव संसाधन पर निर्भर करती है। आज के बच्चे भविष्य के नागरिक है इसलिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि आज बच्चे किस प्रकार की शिक्षा एवं संस्कार से जुड़े है। अमृत काल के समय में प्रदेश एवं देश की दिशा एवं दशा आप जैसे होनहारों, मेधावियों द्वारा ही निर्धारित की जानी है। हमारे प्रदेश को युवा पीढ़ी न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर भी देश का प्रतिनिधित्व कर रही है। आज हमारे प्रदेश के बच्चे प्रत्येक वर्ष सीबीएसई, आईसीएसई एवं अन्य बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षाओं में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों की सूची में तो सम्मिलित रहते ही हैं, साथ ही अखिल भारतीय स्तर की आईएएस एवं पीसीएस आदि परीक्षाओं की चयन सूची में भी शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले युवाओं में सम्मिलित रहते हैं। हमारे छात्र सुशांत ने हाईस्कूल परीक्षा में 99 प्रतिशत अंक तथा हमारी छात्रा तन्नू ने इण्टरमीडिएट में 97.6 प्रतिशत अंक प्राप्त किये है। यह हमें बताता है कि आज हमारे बच्चों का बौद्धिक स्तर कितना ऊंचा हो गया है। हाईस्कूल में यदि द्वितीय स्थान की बात करें तो 12 बच्चों के 98 प्रतिशत अंक है तथा इसी प्रकार इण्टरमीडिएट स्तर पर 21 बच्चे ऐसे हैं जिनके 95 प्रतिशत या इससे अधिक अंक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सामान्य परिवार के बच्चों की प्रतिभा स्वयं के साथ समाज के लिए भी प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि हमारे महान लोगों ने साधारण परिवेश में रहकर साधारण से असाधारण की यात्रा तथा धरती से आसमान छूने का कार्य किया है
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का छात्रों से परीक्षा पर चर्चा उन्हें प्रेरणा देने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि परीक्षा में अंक प्राप्त करने के साथ ज्ञान प्राप्त करना भी महत्वपूर्ण होता हैं। उन्होंने छात्रों से जीवन में सफलता के लिए विकल्प रहित संकल्प के साथ आगे बढ़ने को कहा। उन्होंने कहा कि छात्रों के बेहतर भविष्य के लिए प्रदेश में देश का सक्षम नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इसके तहत अब तक 80 लोगों को जेल में पहुंचाया गया है। हाल ही में हुई 4-5 परीक्षाओं में 5-50 लाख युवाओं ने प्रतिभाग किया तथा साधारण परिवार के युवाओं ने उसमें सफलता पाई है। अब प्रतिभाओं का सम्मान हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्ञान की परम्परा हमारी विरासत है। प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में देश ज्ञान विज्ञान के साथ हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। विविधता वाले हमारे देश को कोरोना काल में सबको सुरक्षित रखने का प्रधानमंत्री के प्रयासों को आज दुनिया के देश अध्ययन कर रहे है। देश की अर्थव्यवस्था 5वें नंबर की हो गई है।
शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में पहली बार मेधावियों को सम्मान देने का कार्य मुख्यमंत्री द्वारा किया गया है। राज्य सरकार छात्रों के बेहतर भविष्य के लिए समर्पित सरकार है। 70 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले कक्षा 6 से स्नातक तक के छात्रों को प्रतिमाह छात्रवृत्ति की व्यवस्था की गई है। राज्य के 146 छात्रों ने एनडीए, सीडीएस की परीक्षा पास की है। उन्हें एक लाख का पारिश्रमिक दिया जा रहा हैं उन्होंने मेधावी छात्रों से अपने सुझाव लिखने को कहा जिसे पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्कूलों की प्रवक्ता व एलटी शिक्षकों की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए प्रधानाचार्यों को नामित किया गया है। प्रदेश में अंक सुधार परीक्षा आयोजित की जा रही है। इस वर्ष 78 बच्चे टॉपर आए है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के विकास में धन की कमी नही होने दी जाएगी।
महानिदेशक शिक्षा बंशीधर तिवारी ने कहा कि परीक्षा कोई भी हो उसके परिणाम हमें बेहतर मुकाम तक ले जाते है। छात्रों की सफलता का सम्मान उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने मेधावी छात्रों को उत्तराखण्ड का भावी कर्णधार बताते हुए कहा कि देश के सुनहरे भविष्य की महती जिम्मेदारी भी उन्हें निभानी हैं सकारात्मक ऊर्जा एवं प्रेरणा भी दूसरे छात्रों को उनके प्रयासों से मिलती हैं तथा समाज एवं राष्ट्र सेवा के लिए भी प्रेरित करने का कार्य करती है।
इस अवसर पर 100 मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया तथा अनेक छात्रों ने अपने सुझाव भी रखे। विद्यालयी शिक्षा निदेशक सीमा जौनसारी ने आभार व्यक्त किया।

मंत्री डा. अग्रवाल ने भारत गौरव ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

देशभर के 11 ज्योतिर्लिंग की रामकथा यात्रा का शुभारंभ आज योगनगरी रेलवे स्टेशन से हुआ। 1008 श्रद्धालु कैलास और चित्रकूट ट्रेनों में सवार होकर तीर्थस्थलों के दर्शन के लिए रवाना हुए। इन ट्रेनों को कथा मर्मज्ञ मोरारी बापू और मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल नेभगवान श्रीराम के जयकारों के बीच हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

योगनगरी रेलवेस्टेशन पर भारतीय रेलवे कैटरिंग एंडएं टूरिज्म कॉरपोरेशन नेट्रेनों को हरी झंडी दिखाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान मोरारी बापू ने कहा कि भगवान श्रीराम ने सेतु बनाकर सभी को जोड़ा। जगद्गुरू शंकराचार्य ने पूरे भारत को जोड़ा। ऐसेही यह उत्तर, पूर्व और पश्चिम तथा दक्षिण को आध्यात्म द्वारा जोड़नेका पवित्र प्रयास है। कहा कि उत्तराखंड मेंगंगा का उद्गम स्थल हैऔर गंगा ऊपर से नीचे की ओर बहती है, इसके चलते रामकथा यात्रा को यहां से शुरू करने का फैसला लिया गया। यह यात्रा सनातन धर्म के प्रति लोगों को बड़ा संदेश देगी।

मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल नेकहा कि इस यात्रा के कार्यक्रम का हिस्सा बनकर उन्हे ंबेहद खुशी महसूस हुई। भारतीय संस्कृतिकी समृद्ध विरासत के संवर्द्धन में रेल यात्रा बेहतर कदम है। मौके पर रेलवेके मुरादाबाद मंडल के डीआरएम राजकुमार सिंह, एडीआरएम निर्भय नारायण सिंह, कविता शाह, सुमित पंवार, इंद्रकुमार गोदवानी, दिनेश सती, पवन शर्मा आदि मौजूद रहे।

बजट खर्च की धीमी प्रगति पर स्वास्थ्य मंत्री ने लगाई फटकार

सूबे में टीबी मरीजों को मिलने वाला पोषण भत्ता अब डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सीधे उनके खातों में भेजा जायेगा। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं। प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल रोग की रोकथाम के लिये वृहद स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाया जायेगा। विभाग द्वारा स्वीकृत बजट को समय पर खर्च न करने पर विभागीय मंत्री डा. धन सिंह रावत ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई तथा भविष्य में बजट खर्च करने का टारगेट तय करने को कहा।
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने विधानसभा स्थित सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने विगत 14 एवं 15 जुलाई 2023 को आयोजित दो दिवसीय स्वास्थ्य चिंतन शिविर में लिये गये निर्णयों के क्रियान्वयन को लेकर विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। डा. रावत ने बताया कि सूबे में चिन्हित टीबी मरीजों को राज्य सरकार द्वारा निःक्षय मित्रों के सहयोग से बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टीबी मरीजों को विभाग की ओर से दिये जा रहे रू0 500 के मासिक पोषण भत्ते को अब डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सीधे उनके खातों में उपलब्ध कराया जायेगा। इसके लिये उन्होंने तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये। इसके अलावा उन्होंने आशा कार्यकत्रियों के मानदेय को आशा संजीवनी ऐप के माध्यम से सीधे उनके खातों में भेजने के निर्देश दिये। विभागीय मंत्री डा. रावत ने राष्ट्रीय सिकल सेल एनिमिया उन्मूलन मिशन के अंतर्गत प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल रोगों की रोकथाम के लिये वृहद स्तर पर जनजागरूकता एवं निःशुल्क जांच अभियान चलाने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने बताया कि जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल रोग से अधिकांश लोग पीड़ित हैं और इस वंशानुगत बीमारी से ज्यादातर लोग अंजान हैं। जिसकी वहज से इस रोग के साथ नवजात शिशु जन्म ले लेते हैं। उन्होंने बताया कि सिकल सेल रोग की इस चेन को तोड़ने के लिये जनजातीय क्षेत्रों में ग्राम पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर निःशुल्क जांच करेंगी।
बैठक में विभागीय मंत्री ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत स्वीकृत बजट की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुये अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि यह जनता का विभाग है और समय पर बजट खर्च न होने से आम लोग स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित रह जाते हैं। डा. रावत ने निर्माणाधीन कार्यों की धीमी प्रगति पर भी अधिकारियों के जवाब तलब किये, साथ ही उन्होंने दवा, इंफ्रास्ट्रक्चर, इक्यूपमेंट, सैलरी व लाभार्थियों को दिये जाने वाली धनराशि समय पर खर्च न कर पाने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि तय समय पर निर्माणाधीन कार्यों को पूरा करने के साथ ही विभिन्न मदों में स्वीकृत बजट को यथाशीघ्र व्यय किया जाय, जिसकी मासिक प्रगति रिपोर्ट उन्हें भी उपलब्ध कराई जाय। डा. रावत ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत लम्बे समय से रिक्त पड़े पदों को शीघ्र भरने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये।
इस अवसर पर मिशन निदेशक एनएचएम रोहित मीणा, अपर सचिव अमनदीप कौर, गरिमा रौंकली, नमामि बंसल, महानिदेशक स्वास्थ्य डा. विनीता शाह, वित्त नियंत्रक दिपाली भरने निदेशक स्वास्थ्य डा. सुनीता टम्टा सहित डॉ. पंकज सिंह, डा. एम. के. मौर्य, डा. अजय नगरकर व अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

सेवा का अधिकार आयोग की सीएम धामी ने की समीक्षा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में सेवा का अधिकार आयोग के स्तर पर संचालित कार्यक्रमों एवं प्रक्रियाओं की आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों के साथ ही शासन के उच्चाधिकारियों के साथ गहन समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने आयोग के कार्यकलापों एवं प्राप्त जन शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रियाओं के साथ जन सेवाओं की आम जनता तक पहुंच आसान बनाने पर बल देते हुए कहा कि हमारे राज्य की कतिपय अन्य सेवाओं की भांति सेवा का अधिकार के क्षेत्र में भी देश में मॉडल राज्य के रूप में पहचान बने इस दिशा में प्रयास होने चाहिए। इसके लिए सभी विभागों को समयबद्धता के साथ अपनी सेवाओं को ऑनलाइन किये जाने पर ध्यान देना होगा।
मुख्यमंत्री ने सेवा के अधिकार की सेवाओं के निस्तारण में भी सरलीकरण, समाधान एवं निस्तारण के भाव को आत्मसात कर समस्याओं के त्वरित समाधान पर ध्यान देने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन सेवाओं की लोगों को जानकारी हो इसके लिए हमे लोगों को इससे जोड़ना होगा। आम जनता को सभी सेवायें एक जगह पर मिल जाए इसका भी पोर्टल बनाये जाने की बात मुख्यमंत्री ने कही। उन्होंने कहा कि कि समस्याओं के निस्तारण के साथ लोगों को सेवाओं से संतुष्ट किये जाने के भी प्रयास हो, इसके लिए मुख्यमंत्री ने जनपदों में समय-समय पर कैम्पों के आयोजन की व्यवस्था बनाये जाने को कहा तथा प्रशिक्षण व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर बल दिया।
मुख्यमंत्री ने सेवा का अधिकार आयोग के बारे में व्यापक प्रचार प्रसार किये जाने पर बल देते हुए कहा कि हमारी सरकार सरलीकरण,समाधान और संतुष्टि को जनसेवा का मूल मंत्र मानती है। कोई भी निर्णय लेते समय हमें जन सेवा के भाव को केन्द्र में रखना होगा। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपनी अपनी सेवाओं को त्वरित और संतुष्टि के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़े। जो लाभार्थी हैं विभागीय अधिकारी उनसे सेवा प्राप्त करने में कठिनाईयों एवं सरलता के अनुभवों पर भी वार्ता करें। साथ ही जो काम नहीं हो पा रहा हो उसके संबंध में भी आवेदक को काम नहीं होने का कारण बताये जाने तथा उसका निवारण क्या हो सकता है विभागीय ज़िम्मेदार अधिकारी इसमें आम जन का मार्गदर्शन करें। हमारी आदत होनी चाहिए कि आम आदमी को समस्या के समाधान का रास्ता भी बताया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा के अधिकार में अधिक से अधिक सेवाएं जोड़ी जानी चाहिए तथा उन्हें ऑनलाईन किये जाने पर ध्यान दिया जाए। वर्तमान दौर में तकनीक का विकास जिस तेजी से हो रहा है, उसमें सेवाओं का लाभ आम जनमानस को तेजी से मिले, इसके लिए उन्हें जागरूक भी किया जाए। ऑनलाईन प्रक्रियाओं के तहत जो भी सेवाएं दी जा रही हैं, इन सेवाओं का व्यापक स्तर पर आम जन तक प्रसार भी किया जाए। लाभार्थियों के सकारात्मक अनुभवों के छोटे-छोटे वीडियो क्लिप बनाकर उन्हें प्रसारित किया जाए। इससे सेवा लेने वालों की तादात बढ़ेगी।
सेवा का अधिकार आयोग के अध्यक्ष एस. रामास्वामी ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि आयोग के गठन 2014 से 2021 तक 247 सेवायें अधिसूचित की गई। 2.14 करोड़ आवेदन निस्तारित किये गये तथा 29,152 मामले सुने गये। वर्तमान में 48 विभागों की 855 सेवायें अधिसूचित है। 2021 से मार्च 2023 तक 1.29 करोड़ आवेदनों का निस्तारण तथा 47807 मामलों की सुनवाई की गई।
उन्होंने बताया कि अपणि सरकार पोर्टल के माध्यम से वर्तमान में 400 सेवाएं ऑनलाईन दी जा रही है। जुलाई 2023 में भारत सरकार द्वारा उत्तराखण्ड शासन और आयोग द्वारा जन-सामान्य को उपलब्ध करायी जा रही सेवाओं एवं प्रयासों को सराहा गया है। राज्य सरकार द्वारा अधिनियम में संशोधन कर अपील का एक स्तर कम किया गया, द्वितीय अपील का अधिकार आयोग को दिया गया, शास्ति लगाने की शक्ति आयोग को प्रदान की गई, अपील प्रक्रिया की समयावधि में 15 दिन कम कर व्यवस्था को और अधिक सुचारू बनाया गया। नवाचार के तहत आयोग द्वारा अपणि सरकार पोर्टल के साथ एकीकृत सेवा पोर्टल का सुझाव आयोग द्वारा दिया गया, जिसे शासन द्वारा नवंबर 2021 में क्रियान्वित किया गया। शिकायत एवं सुनवाई हेतु व्यवस्था के तहत आयोग द्वारा व्हाट्सएप्प, टोल फ्री एवं ऑनलाईन माध्यम से शिकायत दर्ज की जाती है और शिकायतकर्ता वाट्सएप्प एवं अन्य ऑनलाईन माध्यम के द्वारा सुनवाई में भाग ले सकता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत आयोग द्वारा ऑनलाइन माध्यम से अधिकारियों/कर्मचारियों को उनके कार्यालय में ही प्रशिक्षण देने का कार्य किया जा रहा है। इस वर्ष लगभग 30 प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न किये जा चुके है।
आयोग में शिकायत करने की व्यवस्था हेतु व्यक्तिगत एवं डाक के माध्यम से, आयोग की वेबसाइट पर urtsc.uk.gov.in टोल फ्री नंबर पर – 1800-270-9818, ई-मेल के माध्यम से secy-urtsc-uk@gov.in आयोग में वाट्सएप्प के माध्यम से शिकायत भेजने हेतु मोबाईल नंबर- 7617579041, 7617579071 भी शिकायतें दर्ज की जा सकती है।
बैठक में सेवा का अधिकार आयोग के सदस्य अनिल रतूड़ी, बी.एस. मनराल, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु, सचिव मुख्यमंत्री शैलेश बगोली, एस.एन.पाण्डे, सचिन कुर्वे, डॉ बी.वी.आर.सी पुरुषोत्तम, पंकज कुमार पाण्डेय, रविनाथ रामन, दिपेन्द्र चौधरी, महानिदेशक शिक्षा एवं सूचना बंशीधर तिवारी, आयोग के सचिव जी.सी.गुणवंत सहित अन्य उच्चाधिकारी मौजूद थे।

हरिद्वार जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र आपदाग्रस्त घोषित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में जलभराव की स्थिति की समीक्षा के बाद अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं की।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जनपद हरिद्वार में जिन-जिन क्षेत्रों में भी विगत दिनों में भारी वर्षा से जलभराव हुआ है या बाढ़ आयी है, को आपदा क्षेत्र घोषित किया जायेगा।
आपदाग्रस्त क्षेत्रों में आगामी तीन माह तक विद्युत, जल, अन्य सरकारी देय एवं ऋणों की वसूली को स्थगित रखा जायेगा।
आपदाग्रस्त क्षेत्रों में सघनता से तीव्रता से व्यापक सर्वेक्षण कराकर मानकानुसार तत्काल राहत राशि का वितरण सुनिश्चित कराया जायेगा।
भविष्य में इस प्रकार की आपदा की पुनरावृत्ति रोकने एवं बचाव के लिए बाढ़ प्रबन्धन योजना पर कार्य किया जायेगा। जिसमें जल निकासी की व्यापक योजना तैयार कर कार्य कराना जाना एवं आवश्यकतानुसार छोटे पुलियों का निर्माण कराया जाना सम्मिलित है।
भविष्य में बाढ़ के खतरे को कम करने के लिए नदियों के चैनेलाईज कराने का कार्य कराये जाने के कदम उठाये जायेंगे।
आपदाग्रस्त क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार स्थायी बाढ़ राहत केन्द्रों का निर्माण कराया जायेगा।

युवा महोत्सव में अधिक से अधिक युवाओं को प्रतिभाग कराना प्राथमिकता

मुख्य सचिव डॉ.एस.एस. संधु ने सचिवालय में राज्य में युवाओं के लिए विभिन्न क्षेत्रों में संचालित योजनाओं की जानकारी युवाओं तक पहुँचाने हेतु आयोजित किए जा रहे युवा महोत्सव-2023 की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक आयोजित की। कौशल विकास विभाग अक्टूबर माह के प्रथम सप्ताह में युवा महोत्सव आयोजित करने जा रहा है। इस महोत्सव के माध्यम से राज्य सरकार के सभी विभाग अपनी कौशल विकास और रोजगारपरक योजनाओं को युवाओं के समक्ष रखेंगे। इस महोत्सव के दौरान सभी विभाग युवाओं के लिए अपने स्टॉल लगाएंगे, युवाओं के लिए काउंसलिंग सेशन और प्रशिक्षण शिविर आयोजित करेंगे। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को युवा महोत्सव गढ़वाल एवं कुमाऊँ दोनों मंडलों में आयोजित किए जाने के निर्देश दिये।
मुख्य सचिव ने राज्य के युवाओं हेतु संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक युवाओं तक पहुँचाने हेतु प्रत्येक जनपद में इसका लाइव टेलीकास्ट किए जाने के भी निर्देश दिये। इसके लिए शिक्षा विभाग की प्रदेशभर संचालित 500 वर्चुअल कक्षाओं को भी उपयोग में लाया जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं को उचित एवं पूर्ण जानकारी मिल सके इसके लिये विशेषज्ञों को भी इसमें शामिल किया जाए। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगायी जाने वाली प्रदर्शनियों को भी अधिक से अधिक समय तक लगाए जाने के निर्देश भी दिये, ताकि अधिक से अधिक युवा लाभान्वित हो सकें। इसके साथ ही मुख्य सचिव द्वारा प्रदेश के विद्यालयों में संचालित 500 वर्चुअल कक्षाओं को विभिन्न प्रकार की काउंसलिंग, व्याख्यान और जानकारियों को छात्र छात्राओं तक पहुँचाने हेतु नियमित रूप से उपयोग में लाए जाने के भी निर्देश दिये गए।
मुख्य सचिव ने कहा कि युवाओं को आगे भी राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न लाभकारी योजनाओं की जानकारी मिलती रहे इसके लिए मोबाइल ऐप भी तैयार किया जाए। सभी विभागों द्वारा संचालित ऐसी योजनाओं की जानकारी इस ऐप में उपलब्ध हो, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को अपने विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की पूर्ण जानकारी शीघ्र उपलब्ध कराए जाने के भी निर्देश दिये।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2019 में आयोजित युवा महोत्सव में क़रीब 10 हजार युवाओं ने प्रतिभाग किया। सेक्टोरियल पंडालों में सभी विभागों द्वारा अपने अपने क्षेत्र के अन्तर्गत संचालित कार्यक्रमों का प्रस्तुतीकरण किया जाएगा।
इस अवसर पर सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी पुरुषोत्तम, विनोद कुमार सुमन, विजय कुमार यादव, वी. षणमुगम, विनय शंकर पाण्डेय, अपर सचिव अहमद इकबाल एवं योगेन्द्र यादव एवं संयुक्त निदेशक सूचना नितिन उपाध्याय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

चमोली घटना-दो जिम्मेदार अधिकारी निलंबित और कंपनी पर मुकदमा दर्ज

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर चमोली हादसे के प्रकरण में मुख्य महाप्रबंधक उत्तराखण्ड जल संस्थान द्वारा एस०टी०पी० का संचालन एवं रखरखाव करने वाली फर्म के कार्यों के समुचित अनुश्रवण का दायित्व देख रहे हरदेव लाल, अपर सहायक अभियंता को निलंबित किया गया है। इस सम्बन्ध में जारी आदेश में मुख्य महाप्रबंधक द्वारा स्पष्ट किया गया है कि प्रथम दृष्ट्या हरदेव लाल अपर सहायक अभियन्ता के द्वारा विभागीय कार्यों एवं दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरते जाने का दोषी पाये जाने के दृष्टिगत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसी प्रकरण में महाप्रबंधक उत्तराखण्ड पावर कारपोरेशन लि. द्वारा कुन्दन सिंह रावत, प्रभारी अवर अभियन्ता विद्युत वितरण खण्ड गोपेश्वर को भी निलंबित किया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राजस्व उप निरीक्षक तहसील चमोली द्वारा सुपरवाइजर ज्वाइंट वेंचर कम्पनी एवं अन्य संबंधित के विरूद्ध नमामि गंगे के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पर विद्युत उपकरणों के संचालन में घोर लापरवाही बरते जाने के संबंध में एफ. आई. आर. दर्ज कर दी गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जिला अस्पताल गोपेश्वर में भर्ती चमोली हादसे के बाकी सभी 5 घायलों को भी गुरुवार को एयरलिफ्ट कर ऋषिकेश एम्स में भर्ती किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एम्स ऋषिकेश में घायलों को मानसिक दबाव से मुक्त करने और उच्च स्तरीय स्वास्थ्य जांच के लिए भेजा गया है। इससे उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधा भी उपलब्ध हो सकेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को पूर्वाह्न में स्वयं चमोली पहुंचकर अत्यंत पीड़ादायक व हृदय को झकझोर देने वाले हादसे में हताहत हुए लोगों के परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने हादसे में अपने प्राणों की आहुति देने वाले होमगार्ड्स के जवानों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चमोली हादसे में मृतकों के सभी परिजनों से एक-एक कर मिले। उन्होंने सभी को सांत्वना दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुःख की इस घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ है, सरकार द्वारा इनकी हर संभव मदद की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भावुक क्षण को वे अपने शब्दों में बयान नही कर पा रहे हैं। जिन लोगों ने अपने परिजन खोए हैं वे उनकी पीड़ा भली-भांति समझ सकते हैं। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की है कि शोकाकुल परिवारों को इस कष्ट को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हृदय विदारक घटना की गहनता से जांच की जाएगी और दोषियों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

परियोजनाओं में विद्युत सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने चमोली की घटना के मद्देनजर सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों एवं सचिवों को समस्त परियोजनाओं, आस्थानों एवं शासकीय कार्यालयों में विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था के मानकों का अविलम्ब परीक्षण कराए जाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव ने सभी उच्चाधिकारियों को अपने प्रभाराधीन विभागों के विभागाध्यक्षों को इस बाबत निर्देशित किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि विभागाध्यक्ष अपने नियंत्रणाधीन समस्त परियोजनाओं, आस्थाओं एवं शासकीय कार्यालय परिसरों आदि में विद्युत सुरक्षा सम्बन्धी किए गए उपायों का अविलम्ब परीक्षण कराए जाने के साथ ही प्रभारी अधिकारी से सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाने का प्रमाण पत्र भी प्राप्त किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सुरक्षा मानकों के परीक्षण की कार्रवाई विभाग के मानकों के अनुसार अथवा प्रत्येक 3 माह में किया जाना सुनिश्चित किया जाए।

सीएम के निर्देश पर पीड़ित परिवार को मिला अपना मनचाहा वकील, आदेश जारी

अदालत में अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले की पैरवी के लिए सरकार ने अधिवक्ता अवनीश नेगी को सरकारी वकील नियुक्त किया है। अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी की इच्छा से नए वकील की नियुक्ति की है। इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की संस्तुति के बाद शासन ने आदेश जारी कर दिये हैं।
सरकार ने इस मामले में सरकारी वकील (विशेष लोक अभियोजक) अंकिता के पिता की पसंद का नियुक्त किया है। पूर्व में अंकिता हत्याकांड में सरकार की ओर से जितेंद्र रावत को सरकारी वकील नियुक्त किया गया था, लेकिन अंकिता के परिजनों ने सरकारी वकील पर आरोप लगाया था कि वह अदालत में मामले की कमजोर पैरवी कर रहे हैं।
मामला संज्ञान में आने के बाद मुख्यमंत्री ने अपर निजी सचिव जगदीश चन्द कांडपाल को डीएम पौड़ी से अंकिता के परिजनों से मुलाकात कर उनकी इच्छा के अनुरुप मदद और कार्रवाई करने के निर्देश दिये गये थे। डीएम ने अंकिता के परजिनों को मुख्यमंत्री के द्वारा दिये गये निर्देश से अवगत कराया और आप्शन दिये। उनका वकील बदलने और उनके अनुसार वकील रखने। डीएम ने वकील का पूरा खर्च सरकार द्वारा वहन करने की बात भी कही।
इसके बाद 19 जुलाई 2022 को अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान को पत्र लिखकर इच्छा जताई कि वह इस मामले में अवनीश नेगी पूर्व डीजीसी क्रिमिनल को विशेष लोक अभियोजन नियुक्त किया जाए। जिलाधिकारी ने इस पत्र को शासन की अनुमति के लिए भेजा था। मुख्यमंत्री की हरी झंडी के बाद शासन ने अंकिता के पिता की इच्छा के अनुसार ही अवनीश नेगी को सरकारी वकील नियुक्त किया है।
अब वे इस मामले की अदालत में पैरवी करेंगे। बता दें कि अंकिता हत्याकांड को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुरू से एक्शन मोड में नजर आए। पहले मामले की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री धामी ने इस मुकदमे को राजस्व पुलिस से रेगुलर पुलिस को ट्रांसफर कराया। साथ ही परिजनों के साथ अभिभावक की तरह खड़े रहे और परिवार को 25 लाख की आर्थिक सहायता भी प्रदान की। सरकार की ओर से तत्काल एसआईटी गठित की गई। विपक्ष ने एसआईटी के बजाय मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की। जिसे हाईकोर्ट ने खारिज किया।

स्मार्ट सिटी के कार्यों से मंत्री नाखुश, फटकार लगाकर दिया दो दिन का अल्टीमेटम

शहरी विकास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने देहरादून स्मार्ट सिटी द्वारा किये जा रहे कार्यों का ओचक निरीक्षण किया। इस दौरान स्मार्ट सिटी के कार्यों में कई खामियां मिलने पर अधिकारियों को जमकर फटकार लगी। जिसको दुरुस्त करने को अधिकारियों ने मंत्री डॉ अग्रवाल ने 2 दिन का समय मांगा।

मंगलवार को डॉ अग्रवाल ईसी रोड पहुंचे, जहाँ से चकराता रोड होते हुए बिंदाल पुल से आगे तक पैदल चलकर फुटपाथ, वाटर सप्लाई, ड्रेनेज, सड़क, डक्ट आदि कार्यों का निरीक्षण किया। डॉ अग्रवाल ने यहाँ सड़क किनारे बड़े नालों में पानी भरने, स्लैब न डालने तथा आड़े तिरछे निकले सरियों को लेकर अधिकारियों की जमकर क्लास ली।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि जहाँ एक ओर सरकार देहरादून नगर सहित पूरे प्रदेश के विकास के लिए सराहनीय कार्य कर रही है, मगर अधिकारियों की कार्यशैली संतोषजनक नहीं है। उन्होंने निरीक्षण के दौरान स्थानीय नागरिकों से भी स्मार्ट सिटी के कार्यों का फीडबैक लिया। जिसके बाद कार्याे को शीघ्र करने के निर्देश दिए।

इसके बाद डॉ अग्रवाल ने अधिकारियों को गुणवत्तापरक व समय पर काम न करने के साथ सुरक्षात्मक दृष्टि से काम न होने पर कड़ी फटकार लगाई। डॉ अग्रवाल ने मौजूदा अधिकारियों को निर्देशित कर कहा कि जल्द ही सड़क किनारे बड़े नालों पर आवश्यकतानुसार स्लैब डाला जाए। जहाँ स्लैब नहीं बन पाने पर निर्माण कार्य क्षेत्र में बेरिकेडिंग लगाई जाए। साथ ही ड्रेनेज कार्य के बगल में गड्ढे भरने को कहा। जिसके लिए डॉ अग्रवाल से अधिकारियों ने 2 दिन का समय मांगा।

डॉ अग्रवाल ने यूपीसीएल के अधिकारियों से भी समन्वय बनाकर आवश्यकतानुसार बीच पोल को हटाने के निर्देश दिए।

इस मौके पर चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर जगमोहन चौहान, प्रोजेक्ट मैनेजर प्रवीण कुश, अधीक्षण अभियंता अनिल पांगती, यूपीसीएल के अधीक्षण अभियंता गौरव सकलानी, लोनिवि के सहायक अभियंता तनुज कांबोज, कनिष्ठ अभियंता वर्तिका आदि उपस्थित रहे।