पीएम के नेतृत्व में 21वीं सदी का भारत पूरी दुनिया को दिशा देने का कर रहा कार्यः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निरंजनपुर, देहरादून स्थित नवीन मंडी में आयोजित कार्यक्रम में कृषि के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मण्डी से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए जो भी सुझाव प्राप्त हुए हैं, इनका परीक्षण कराकर प्रस्ताव बनाये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुआंवाला-डोईवाला मार्ग पर दण्डेश्वर मंदिर का सौन्दर्यीकरण किया जायेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वृक्षारोपण कर लोगों को वृक्षारोपण के लिये प्रेरित भी किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हजारों की संख्या में आये किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 21वीं सदी का भारत पूरी दुनिया को दिशा देने का कार्य कर रहा है। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की भावना से कार्य हो रहे हैं। उनकी प्रेरणा से कृषि के क्षेत्र में तमाम अनुसंधान हो रहे हैं। ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य में भी ‘एक जिला और दो उत्पाद’ पर कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से यह वर्ष अन्तरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। हमारे श्री अन्न को वैश्विक स्तर पर पहचान मिली है। नवाचार के क्षेत्र में देश में अनेक कार्य हो रहे हैं। स्वरोजगार के प्रति लोगों का रूझान बढ़ा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत इस वर्ष जी-20 की अध्यक्षता कर रहा है। उत्तराखंड को जी-20 की तीन बैठकें आयोजित करने का अवसर मिला। देश के 50 से अधिक शहरों में इन बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। इन बैठकों के माध्यम से अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर देश के छोटे शहरों को अन्तरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र देश की बैक बोन की तरह है। देश को मजबूती से आगे बढ़ाने में हमारे किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। किसानों को सशक्त बनाने के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा अनेक योजनाएं चलाई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में किसानों को 03 लाख और महिला स्वयं सहायता समूहों को 05 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है। फार्म मशनरी बैंक के तहत 80 प्रतिशत की सब्सिडी दी जा रही है। एप्पल, कीवी, तेजपत्ता, तिमूर मिशन पर कार्य किये जा रहे हैं। सगंध खेती को बढ़ावा देने के लिए 06 ऐरोमा वैली विकसित की जा रही हैं। काशीपुर में ऐरोमा पार्क बनाया जा रहा है। राज्य में कलस्टर आधारित खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। 01 साल में 18 हजार पॉलीहाउस बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे एक लाख लोगों का रोजगार उपलब्ध होगा।

इस अवसर पर विधायक विनोद चमोली, खजानदास, सविता कपूर, मेयर सुनील उनियाल गामा, भाजपा के महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, भाजपा नेता अनिल गोयल, अध्यक्ष मण्डी समिति कुलदीप बुटोला, उपाध्यक्ष त्रिलोक सिंह बिष्ट, किसान मोर्चा के अध्यक्ष योगेंद्र सिंह पुंडीर आदि उपस्थित थे।

अभिलेखागार का मुख्यमंत्री ने किया निरीक्षण, खामियां मिलने पर बैठाई एसआईटी जांच

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा उप निबंधक कार्यालय देहरादून व अभिलेखागार का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मौके पर मौजूद जिलाधिकारी व अन्य अधिकारियों से की गई चर्चा और अभिलेखागार के निरीक्षण में यह पाया गया कि अभिलेख कक्ष जिसमें कई वर्षों के महत्त्वपूर्ण अभिलेख रखे गए हैं उनका रख-रखाव, सुरक्षा के मानक, नष्ट होने से बचाव के उपाय मानकों के अनुरूप नहीं है। अभिलेख कक्ष में प्रवेश एवं नकल प्राप्त करने की प्रकिया में गम्भीर लापरवाही पाई गई। विक्रय पत्रों के जिल्द, जिसमें पुराने विक्रय पत्रों की प्रतियां सुरक्षित रखी जाती है, में छेड़छाड़ कर भूमि का फर्जीवाड़ा किया जाना बताया गया है।

इस सम्बन्ध में मुख्यमन्त्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिये हैं कि अभिलेखों में की गई जालसाजी की समयबद्ध विस्तृत एवं गहन जाँच हेतु कम से कम तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय विशेष जाँच दल (एस०आई०टी०), जिसमें भारतीय प्रशासनिक सेवा का एक वरिष्ठ अधिकारी, निबन्धन विभाग का वरिष्ठ अधिकारी और एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अथवा अन्य कोई भिज्ञ एवं योग्य व्यक्ति/अधिकारी को सम्मिलित कर गठित कर लिया जाए। जनपद देहरादून में पकड़े गए विक्रय विलेखों के फर्जीवाड़ा से जुड़े अभिलेखों की सुरक्षा के तत्काल कड़े प्रबन्ध सुनिश्चित कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि राज्य में सभी अभिलेखागारों में अभिलेखों के रख-रखाव, अभिलेखों की सुरक्षा अभिलेखों की नकल प्राप्त करने, अभिलेखों में प्रवेश को पूर्णतः नियंत्रित/प्रतिबन्धित करने की मानक प्रक्रिया निर्धारित करते हुए तत्काल प्रभावी कार्यवाही की जाए।

जल संरक्षण एवं जल धाराओं के पुनर्जीवन थीम पर आधारित प्रोग्राम में शामिल हुए सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरेला पर्व के अवसर पर अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, रायपुर में ‘जल संरक्षण एवं जल धाराओं के पुनर्जीवन’ थीम पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पौधे लगाए। मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सराहनीय प्रयास करने वाले स्कूलों एवं वन पंचायतों को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की शुभकामनाएं दी और सबके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि हरेला पर्व सुख, समृद्धि, शान्ति, पर्यावरण और प्रकृति संरक्षण का प्रतीक है। यह पर्व सामाजिक सद्धभाव का पर्व एवं ऋतु परिवर्तन का भी सूचक है। यह दिवस प्रकृति व मानव के सह अस्तित्व को स्मरण करने व प्रकृति संरक्षण के हमारे प्रण को पुनः दोहराने का दिन है। उत्तराखण्ड प्राकृतिक रूप से समृद्ध राज्य है। हरेला एक ऐसा ही पर्व है, जो हमारी प्रकृति से निकटता को और अधिक प्रगाढ़ बनाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी को प्रतिज्ञा लेनी होगी कि हम प्राकृतिक धरोहर एवं विरासत को संरक्षित कर भावी पीढ़ी को स्वच्छ पर्यावरण देंगे। इस बार राज्य में हरेला पर्व की थीम जल संरक्षण एवं जल धाराओं का पुनर्जीवन निर्धारित की गई है। उन्होंने जल संरक्षण एवं संवर्द्धन की दिशा में सभी को योगदान देने के लिए अपील की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने सर्कुलर इकोनॉमी पर काफी जोर दिया है। क्योंकि जल संरक्षण के क्षेत्र में भी सर्कुलर इकोनॉमी की बड़ी भूमिका है, जब ट्रीटेड जल को पुनः उपयोग किया जाता है, ताजा जल को संरक्षण किया जाता है तो उससे पूरे इकोसिस्टम को बहुत लाभ होगा। उन्होंने कहा कि राज्य की गैर हिम नदियों का ग्रीष्म कालीन प्रवाह बहुत कम रह गया है, जिसका प्रमुख कारण जलवायु परिवर्तन है। उत्तराखण्ड में अकेले पेयजल सैक्टर में जल की आवश्यकता की गणना की जाये, तो वर्ष 2052 की सम्भावित जल की मांग लगभग 1980 एम.एल.डी. आंकी गयी है, जो कि लगभग 23 क्यूमेक है। राज्य में मांग के सापेक्ष शतही श्रोतों पर आधारित मांग 70 प्रतिशत है, जो कि लगभग 1400 एम.एल.डी. ही है। कई विभागों द्वारा स्प्रिंगशेड सोर्स रिजूनिवेशन, कैचमेन्ट एरिया, सोर्स सस्टेनबलिटी, चाल-खाल, चौक डैम, कन्टूर ट्रैन्च आदि के कार्य कराये जा रहे है, जिसके अच्छे परिणाम भी सामने आये है। ऐसे में पूरे प्रदेश में एक मॉडल प्लान तैयार कर कार्य किये जाने की आवश्यकता है। इंडस्ट्री और खेती दो ऐसे क्षेत्र हैं, जिसमें पानी की आवश्यकता अत्यधिक होती है, इन दोनों क्षेत्रों को मिल कर जल संरक्षण अभियान चलाना होगा और लोगों को जागरूक करना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में पिछले 9 साल से जो भी प्रमुख विकास योजनाएं संचालित हो रही हैं, उन सभी में किसी न किसी रूप से पर्यावरण संरक्षण के साथ ही जल संरक्षण का आग्रह भी है। चाहे स्वच्छ भारत मिशन हो या वेस्ट टू हेल्थ से जुड़े कार्यक्रम हो, अमृत मिशन के तहत शहरों में आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स का निर्माण हो, या सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्ति का अभियान हो या फिर नमामि गंगे अभियान के तहत गंगा स्वच्छता का अभियान हो, पर्यावरण रक्षा और जल संरक्षण के क्षेत्र में हमारे देश के प्रयास बहुआयामी रहे हैं। जल संरक्षण की दिशा में प्रधानमंत्री जी द्वारा देशभर में अमृत सरोवर की शुरुआत की गई है। अमृत सरोवर योजना के तहत जिला स्तर, नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर हो चुके तालाबों का जीर्णाेद्धार कर इन्हें पुनर्जीवित किया जा रहा है।

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि हरेला पर्व के उपलक्ष्य में इस वर्ष प्रदेश में 08 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। यह अभियान 15 अगस्त तक चलेगा। वृक्षारोपण के साथ ही उनके संरक्षण की दिशा में विशेष ध्यान दिया जायेगा। जिस सेक्टर में वृक्षों का सक्सेस रेट सबसे अधिक होगा, उस सेक्टर के वन दरोगा को सम्मानित किया जायेगा। 15 अगस्त को 1750 गांवों में 75-75 पेड़ लगाये जायेंगे। वन मंत्री ने कहा कि जल स्रोतों के पुनर्जीवन की दिशा में भी विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से अपील की कि पर्यावरण के संरक्षण में सभी को एकजुट होकर कार्य करना होगा। उन्होंने अपील की कि पौधे लगाकर सेल्फी विद प्लांट पोस्ट करें, जिससे हम अपनी भावी पीढ़ी को बता सकें कि हमने पर्यावरण संरक्षण के लिए क्या योगदान दिया।

इस अवसर पर सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, विधायक उमेश शर्मा काऊ, मेयर सुनील उनियाल गामा, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) अनूप मलिक एवं वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

विभिन्न प्रजाति के 51 पौधों का सीएम ने किया रोपण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरेला पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास परिसर में पौधरोपण किया। उन्होंने आम की पूषा श्रेष्ठ प्रजाति का पौधा लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेला प्रकृति के संरक्षण एवं संवर्द्धन का पर्व है। हरेला पर्व के उपलक्ष्य में प्रदेश में सामाजिक संगठनों, संस्थाओं एवं विभागों के माध्यम से व्यापक स्तर से पौधारोपण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा जल संरक्षण एवं जल धाराओं के पुनर्जीवन की दिशा में राज्य में अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश में जल संरक्षण और संवर्द्धन के लिए सभी को आगे आने का आवाहन किया गया है। राज्य में इस दिशा में तेजी से कार्य हो रहे हैं। राज्य में 1200 से अधिक अमृत सरोवर बनाए गए हैं। इस दिशा में आगे भी लगातार कार्य होंगे।

हरेला पर्व के अवसर पर गीता पुष्कर धामी एवं कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने भी वृक्षारोपण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में विभिन्न प्रजातियों के 51 पौधे लगाए गए।

इस अवसर पर अपर सचिव रणवीर सिंह चौहान, मुख्य वन संरक्षक वन पंचायत डॉ. पराग मधुकर धकाते, मुख्य उद्यान अधिकारी डॉ. मीनाक्षी जोशी, उद्यान प्रभारी दीपक पुरोहित उपस्थित थे।

सीएम धामी ने देहरादून रजिस्ट्रार ऑफिस का औचक निरीक्षण किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून कलेक्ट्रेट स्थित रजिस्ट्रार ऑफिस का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने रजिस्ट्रार ऑफिस में संचालित जमीनों की रजिस्ट्री की प्रक्रियाओं एवं रिकॉर्ड रूम का अवलोकन कर जिलाधिकारी देहरादून को निर्देश दिये कि जमीन के दस्तावेजों में भविष्य में किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो इसकी कारगर व्यवस्था बनाई जाए। उन्होने जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि भूमि के दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा करने वालों के विरूद्ध सख्त कारवाई की जाए, ताकि भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न हो। इसके लिए व्यवस्थाओं में जो भी सुधारात्मक कदम उठाये जाने हैं, वो उठाये जाएं।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी देहरादून को जिले में जमीनों के रिकॉर्ड की सुरक्षा के दृष्टिगत रजिस्ट्रार ऑफिस की सभी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिये और कार्यालय रिकार्ड के मेंटेन के लिए समुचित व्यवस्था बनाई जाए। उन्होंने कहा कि जमीनों के फर्जीवाड़ा की गहनता से जाँच की जाए और दोषियों पर इतनी सख्त कारवाई की जाए, कि भविष्य में इस तरह के फर्जीवाड़ा करने की कोई सोच भी न सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कहीं भी जमीनों से संबंधित कोई भी फर्जीवाड़े की शिकायते आयेंगी तो उनकी जाँच कर दाषियों के विरूद्ध कारवाई की जायेगी।
इस अवसर पर जिलाधिकारी देहरादून सोनिका एवं अपर सचिव मुख्यमंत्री जगदीश चंद्र काण्डपाल भी उपस्थित थे।

देश को स्वस्थ बनाने के लिए जुटे देशभर स्वास्थ्य मंत्री

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को देहरादून के एक होटल में संयुक्तरुप से केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण परिषद के 15 वें सम्मेलन का शुभारंभ किया। इस दो दिवसीय स्वास्थ्य चिंतन शिविर में देश के सभी राज्यों एवं केन्द्र-शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि प्रतिभाग कर रहे हैं। इस स्वास्थ्य चितंन शिविर में 6 सत्रों को आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर स्वास्थ्य संबंधित पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग, केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रो. एस.पी.सिंह बघेल, डॉ. भारती प्रवीण पंवार, उत्तराखण्ड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी.के पॉल, सचिव स्वास्थ्य, भारत सरकार श्री राजेश भूषण, विभिन्न राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री तथा स्वास्थ्य सचिव उपस्थित रहे।
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण परिषद की यह दूसरी ऐसी बैठक है जिसे चिंतन बैठक का स्वरूप दिया गया है। उन्होंने कहा कि कुछ उपार्जन करने के लिए सामुहिक चिंतन एवं मनन बहुत आवश्यक है। इससे निकलने वाले निष्कर्ष सर्वाेत्तम होते हैं। इस दो दिवसीय बैठक में जो मंथन होगा, उससे जो सुझाव मिलेंगे, वह स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत के भविष्य के लिए बहुत उपयोगी होगा। आजादी के अमृतकाल में इसके लिए विशेष प्रयास किये जा रहे हैं कि हमारा हेल्थ सेक्टर का मॉडल पूर्ण रूप से हमारे देश के अनुरूप हो।
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 2025 तक देश को क्षय रोग से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने अपेक्षा की कि इस दो दिवसीय स्वास्थ्य चिंतन शिविर में सभी राज्यों से अधिक से अधिक सुझाव आयेंगे, जो स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत बनाने में मदगार होंगे। इस दो दिन के मंथन में सभी को स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश को और मजबूत बनाने के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान देना है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वास्थ्य चिंतन शिविर में प्रतिभाग कर रहे सभी अतिथियों का देवभूमि उत्तराखण्ड में स्वागत करते हुए कहा कि यह हमारे लिए गर्व एवं सम्मान की बात है कि इस वर्ष केन्द्र सरकार ने उत्तराखंड को स्वास्थ्य चिंतन शिविर कार्यक्रम आयोजित करने का अवसर प्रदान किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य चिंतन शिविर के दौरान स्वास्थ्य विभाग की नीतियों व कार्यक्रमों के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए विशिष्ट दृष्टिकोण विकसित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के प्राचीन ग्रंथ दुनिया को एक परिवार के रूप में देखना सिखाते हैं। अच्छे स्वास्थ्य के लिए हमारा दृष्टिकोण ’एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य’ है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा उत्तराखंड को हर क्षेत्र में व्यापक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। आज चाहे रोड कनेक्टिविटी हो, इंफ्रास्ट्रक्चर हो, रोपवे सेवा हो या फिर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं हो। हर क्षेत्र में लाभार्थियों तक सुविधाओं को पहुंचाने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार के परस्पर समन्वय से कार्यों का सफल सम्पादन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल दिशा निर्देशन में अटल आयुष्मान योजना प्रदेशवासियों के लिए वरदान साबित हुई है। आज प्रदेश में सभी को निःशुल्क स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने के साथ ही कैशलेस उपचार देने की दिशा में अटल आयुष्मान योजना प्रभावी सिद्ध साबित हो रही है। आम नागरिकों को घर बैठे स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए मोबाईल एप के जरिए ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। ई-संजीवनी सेवाएं दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्र के मरीजों के लिए बड़ी सौगात हैं। हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर के माध्यम से आम जनमानस को उनके क्षेत्रों में स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने के लिए जन आरोग्य अभियान ’’एक कदम स्वस्थ्य जीवन की ओर’’ का आयोजन किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2024 तक राज्य को क्षय रोग से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए धरातल पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में बीमारियों को रोकने के लिए जन-जागरुकता फैलाने, गरीबों को सस्ता और प्रभावी इलाज देने, हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर और हेल्थ केयर प्रोफेशनल्स की क्वान्टिटी और क्वालिटी में बढ़ोतरी करने की दिशा में मिशन मोड पर कार्य कर रही है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड में हो रहे इस दो दिवसीय स्वास्थ्य चिंतन शिविर में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार एवं इस क्षेत्र में अनेक नये आयाम स्थापित करने की दिशा में चिंतन होगा। उन्होंने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए जो भी आवश्यकता हुई उसके लिए केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया का पूरा सहयोग मिला है। चारधाम यात्रा में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भी केन्द्र सरकार से राज्य को पूरा सहयोग मिल रहा है।

वायु सेना के मध्य कमान के अधिकारी ने सीएम धामी से की मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में एयर मार्शल, रवि गोपाल कृष्णा कपूर, एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, मध्य वायु कमान ने शिष्टाचार भेंट की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से एयर मार्शल रवि गोपाल कृष्णा कपूर ने चर्चा के दौरान कहा कि नए पुलों की भार क्षमता को कम से कम 24 टन तक प्रस्तावित किया जाना जरूरी है। इससे भारतीय वायुसेना तथा थल सेना के भारी वाहनों के आवाजाही आसानी से हो सकेगी। उन्होंने अनुरोध किया कि राज्य में नए पुलों के निर्माण एवं अपग्रेडेशन में भार क्षमता 24 टन तक रखी जाए।
बैठक के दौरान चर्चा की गई कि भारतीय वायु सेना तथा गढ़वाल मण्डल विकास निगम तथा भारतीय वायु सेना व कुमाऊं मण्डल विकास निगम के मध्य एक एमओयू प्रस्तावित है जिसके तहत भारतीय वायु सेना के अधिकारियों व कार्मिकों को केन्द्र सरकार की दरों में जीएमवीएन तथा केएमवीएन की सुविधाओं के उपयोग की अनुमति मिल सकेगी। इस दौरान पिथौरागढ़ एयरफील्ड एएलजी को भारतीय वायुसेना को सौंपने हेतु राज्य सरकार की तरफ से जल्द ही अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने पर भी चर्चा की गई। इसके साथ ही एयर मार्शल द्वारा पिथौरागढ़ एयरफील्ड हेतु कुल 25 एकड़ जमीन में से 20 एकड़ राज्य सरकार द्वारा आवंटित करवाने हेतु भी अनुरोध किया गया। एयर मार्शल ने पीएम गतिशक्ति योजना हेतु राज्य में इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने विभिन्न प्रस्तावों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि पीएम गतिशक्ति के तहत राज्य सरकार के साथ समन्वय से कार्य किए जायेंगे।

सुविधा-दून मेडिकल कॉलेज में होंगी हार्ट और कैंसर रोग की जांच

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मंडाविया तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा गुरुवार को दून मेडिकल कॉलेज में पहली सरकारी कैथ लेब के साथ डिजिटल रेडियोग्राफी एवं मैमोग्राफी का शुभारंभ किया गया।
अपने संबोधन में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मंडाविया ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सक्षम मुख्यमंत्री बताते हुए कहा कि उनके कुशल नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ अन्य क्षेत्रों में भी विकास के नए प्रतिमान स्थापित हो रहे है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चारधाम यात्रा में समग्र देश के लोग यहां आते है। गंगा के इस प्रदेश के प्रति भी सबकी आस्था है। उन्होंने कहा कि अमरनाथ यात्रा के लिये जिस तरह की स्वास्थ्य व्यवस्था भारत सरकार द्वारा की जाती है उसी प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाओं एवं अन्य व्यवस्थायें चारधाम यात्रा के लिये भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के विकास हेतु तेजी से कार्य किये जा रहे है। केन्द्र सरकार द्वारा राज्य सरकार के विकास कार्यों में हर संभव मदद की जायेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में हो रहे विकास कार्यों से उत्तराखण्ड आगे बढ़ रहा है और भारत के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दो दशक पहले तक देश की 100 करोड़ जनता के लिये केवल एक एम्स था लेकिन आज उत्तराखण्ड की एक करोड़ जनता के लिये दिल्ली एम्स की सुविधाओं के समान ऋषिकेश में स्थापित एम्स बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधायें उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी देश को डेवलप कंट्री बनना है तो जरूरी है कि उस देश के नागरिक स्वस्थ हो, नागरिक स्वस्थ होंगे तो समाज स्वस्थ होता है और स्वस्थ समाज ही समृद्ध राष्ट्र का निर्माण कर सकता है।
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पिछले 8-9 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन से देश में हो रहे बदलाव स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। अमेरिका में जहां 10 करोड़ लोगों को तत्कालीन राष्ट्रपति ओबामा द्वारा स्वास्थ्य सुरक्षा देने का कार्य किया, भारत में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देश के 12 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख तक के निःशुल्क इलाज की सुविधा दी है। आज अमीर-गरीब को अस्पतालों में समान रूप से स्वास्थ्य सुविधा मिल रही है। पहले लोगों के लिए इलाज के लिए साहूकारों में कर्ज लेकर इलाज कराना पड़ता था, आज उनका इलाज निःशुल्क हो रहा है, आयुष्मान भारत उदाहरण है सरकार के दायित्व का। देश के लगभग 70 हजार छात्र विदेशों में मेडिकल की पढ़ाई के लिए जाते रहे है। 2014 से पहले देश में मेडिकल की 54 हजार सीटे थी पिछले साल में यह संख्या दुगुनी हुई है। देश में 700 मेडिकल कॉलेज स्थापित किये गये है, 157 नर्सिंग कॉलेज बनाये गये हैं। एम्स ऋषिकेश से ड्रोन के माध्यम से सेम्पल जांच की सुविधा हो गई है। टेलीमेडिसिन में विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश बदल रहा है, नए भारत का निर्माण हो रहा है। हेल्थ सेक्टर मजबूत हुआ हैं। इनोवेशन व रिसर्च को बढ़ावा दिया जा रहा है। युवा विज्ञानी आगे आ रहे है। कोविड के बेहतर प्रबंधन के लिये दुनिया ने भारत के प्रयासों को सराहा है। वसुधैव कुटुम्बकम की हमारी परम्परा रही है। केवल लाभ नहीं शुभ लाभ की हम कामना करने वाले है। कोविड लॉकडाउन के दौर में जब विदेशों में डॉक्टर नर्स अपने काम पर नहीं आ रहे थे, हमारे डॉक्टर एवं नर्सों ने निरंतर अपनी सेवाएं दी। स्वास्थ्य सेवा दुनिया के लिए प्रोफेशन है तो हमारे लिए जनसेवा है। हमारे समाज में डॉक्टर को देवदूत माना जाता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखण्ड विकास के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए हेल्थ टूरिज्म के क्षेत्र में भी आगे बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया का दून चिकित्सालय में आईसीयू कॉम्प्लेक्स, कैथ लैब, डिजिटल रेडियोग्राफी और मैमोग्राफी के लोकार्पण से देहरादून को स्वास्थ्य के क्षेत्र में सौगात देने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर जीवन का मुख्य ध्येय होना चाहिए। यह हमारी संस्कृति मानती है। इस दृष्टि से हमारी सरकार ने राज्य में ’’जन-स्वास्थ्य’’ के बुनियादी ढांचे को सशक्त बनाने पर अपना ध्यान केंद्रित किया है। आज देश प्रधानमंत्री के नेतृत्व और दिशा निर्देशन में अन्य क्षेत्रों की भांति स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी देश निरंतर आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई योजनाओं से लाभ सभी को मिला है। कोरोना काल में जहां एक ओर प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना ने करोड़ो लोगों के दो वक्त का भोजन सुनिश्चित किया वहीं आयुष्मान भारत योजना ने देश के नागरिकों को यह भरोसा दिलाया कि बीमार होने पर उन्हें निःशुल्क उपचार अवश्य मिलेगा। आज यह बात हर भारतीय को गौरवान्वित करती है कि हमारे देश में दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना ‘आयुष्मान भारत’ चलाई जा रही है। प्रदेश में लगभग 50 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। राज्य में जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के अन्तर्गत वर्ष 2022-23 में गर्भवती महिलाओं के कुल 92 प्रतिशत संस्थागत प्रसव हुए हैं, जबकि 90 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं को निशुल्क दवाइयां, 98 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं को निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण सेवायें एवं 89 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं को निशुल्क पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया गया है। इसके साथ ही राज्य के 9 जनपदों में 10 एस.एन.सी.यू. पूर्णतया क्रियाशील हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कुपोषण से ग्रसित बच्चों के इलाज हेतु वर्तमान में 2 पोषण पुनर्वास केन्द्रों की हरिद्वार एवं उधमसिंह नगर जनपदों में स्थापना की गयी है जिसमें आज तक 172 कुपोषित बच्चों का इलाज किया जा चुका है। यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि भारत सरकार द्वारा निर्धारित 1735 हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर के लक्ष्य के सापेक्ष राज्य में 1820 सेन्टर क्रियाशील हैं। जिसमें 1382 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की तैनाती की गयी है। जिनके माध्यम से करीब चौदह लाख रोगियों को परामर्श के साथ ही चिकित्सा उपचार प्रदान किया गया है। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत वर्ष 2022 में राज्य हेतु निर्धारित लक्ष्य का 99 प्रतिशत पूर्ण किया गया जबकि वर्ष 2023 के लिए निर्धारित लक्ष्य को माह मई 2023 तक ही 92 प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री टी.बी. मुक्त भारत अभियान के तहत निक्षय मित्र पंजीकरण अभियान में भारत के प्रथम 10 राज्यों की सूची में उत्तराखण्ड का दूसरा स्थान है। राज्य के सुदूर पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता को बढायें जाने के दृष्टिगत प्रथम चरण में 14 विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की गयी है तथा द्वितीय चरण में 11 विशेषज्ञ चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र दिये गये हैं। इसके साथ ही टेली मेडिसिन सुविधा के तहत राज्य में संचालित की जा रही है जिसमें अब तक लगभग 50 लाख से अधिक लोगों को चिकित्सकीय परामर्श दिया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतवर्ष के प्रत्येक जिलों में एक-एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना किये जाने के प्रधानमंत्री श्री मोदी के विजन के तहत केन्द्रीय वित्त पोषित योजना के अन्तर्गत प्रदेश में हरिद्वार, रूद्रपुर एवं पिथौरागढ़ में प्रस्तावित राजकीय मेडिकल कॉलेजों का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही पूर्व से स्थापित राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में एम.बी.बी.एस. पाठ्यक्रम में सीट क्षमता को 100 से 150 किये जाने हेतु कार्यवाही गतिमान है। उधमसिंहनगर जिले में एम्स ऋषिकेश के सैटेलाईट सेंटर का निर्माण, महिला स्वास्थ कार्यकर्ताओं तथा सामुदायिक स्वास्थ अधिकारियों की नियुक्ति, नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना तथा चिकित्सा की पढ़ाई को स्थानीय भाषाओं में संभव बनाने का प्रयास सहित अनेकों प्रयास किये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष केदारनाथ की पवित्र धरती से प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बताया था। प्रधानमंत्री जी द्वारा दिए गए इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हम अपने ’’विकल्प रहित संकल्प’’ के आधार पर निरंतर कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी के सहयोग से समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड का निर्माण करने में सफल होंगे।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री द्वारा प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 500 करोड़ तथा एम्स ऋषिकेश के सेटलाइट सेन्टर ऊधमसिंहनगर में स्थापना के लिए भी 500 करोड़ की स्वीकृति प्रदान करने का आश्वासन दिया है। प्रदेश में 4 नर्सिंग कालेजों की भी सहमति केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री द्वारा प्रदान की गई है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री द्वारा चारधाम यात्रा में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के लिए श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में भी कैथ लैब की स्थापना की सहमति दी है। इससे यात्रियों के साथ स्थानीय जनता को सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास में देश के 10 राज्यों में शामिल हैं
इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रोफेसर एस.पी सिंह बघेल, सांसद नरेश बसंल, विधायक खजान दास, सविता कपूर, बृजभूषण गैरोला, मेयर सुनील उनियाल गामा, सचिव मुख्यमंत्री विनय शंकर पाण्डेय, सचिव स्वास्थ्य आर. राजेश कुमार, कुलपति मेडिकल विश्वविद्यालय प्रो0 हेमचंद्र, अपर सचिव स्वास्थ्य नमामि बंसल, अमनदीप कौर, महानिदेशक स्वास्थ्य डा. विनीता शाह, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना, निदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुनीता टम्टा सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

राज्य के विभिन्न शहरों में नवीन टाउनशिप विकसित होगी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में राज्य के विभिन्न शहरों में नवीन टाउनशिप विकसित किये जाने के सबंध में बैठक ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कोरिडोर बनाने की कार्यवाही शीघ्र शुरू की जाए। इसके क्रियान्वयन के लिए बनाये जाने वाली कम्पनी के लिए भी शीघ्र कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्टूबर 2026 तक हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कोरिडोर का सम्पूर्ण कार्य पूर्ण हो यह सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य में मैदानी क्षेत्रों में 5 एवं पर्वतीय क्षेत्रों में 3 टाउनशिप विकसित किये जाने की दिशा में भी तेजी से कार्य किये जाएं। गढ़वाल एवं कुमाऊँ क्षेत्र में एक-एक हिल स्टेशन विकसित किये जाने की दिशा में किये जा रहे प्रयासों को भी शीघ्र अन्तिम रूप दिया जाए।
बैठक में शहरी विकास मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द वर्धन, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, दिलीप जावलकर, विनय शंकर पाण्डेय, एस.एन पाण्डेय, वी. षणमुगम, उपाध्यक्ष एम.डी.डी.ए बंशीधर तिवारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने किया लक्सर क्षेत्र के जलभराव वाले क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बृहस्पतिवार को जनपद हरिद्वार की तहसील लक्सर के विभिन्न क्षेत्रों-लक्सर बजार मदारपुर, शाहपुर बस्ती, प्रहलादपुर, हस्तमौली में अतिवृष्टि एवं सोनाली नदी के कारण हुये जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों का रेस्क्यू बोट एवं ट्रैक्टर में बैठकर स्थलीय निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री ने प्रभावितों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना तथा राहत एवं बचाव कार्यों के सम्बन्ध में अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने लक्सर क्षेत्र में सोनाली एवं अन्य नदियों से होने वाले जलभराव की स्थिति के प्रभावी रोकथाम के लिये फ्लड मैनेजमेंट प्लान तैयार करने के भी निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने और प्रभावितों को तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये सुनिश्चित कर लिया जाय कि प्रभावितों को रहने खाने एवं अन्य आवश्यक सामग्री की पूर्ण उपलब्धता हो। पेयजल के साथ ही बच्चों को दूध की पर्याप्त व्यवस्था रखी जाए। जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी की निकासी जल्द की जाए। जल जनित रोगों से बचाव के लिए भी सभी आवश्यक व्यस्थाएं की जाय।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि बारिश से पेयजल, विद्युत, सड़क एवं अन्य व्यवस्थाएं जो प्रभावित हुयी हैं, उन्हें शीघ्र सुचारू किया जाय। प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के साथ ही उनके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
निरीक्षण के दौरान पूर्व विधायक लक्सर संजय गुप्ता, सचिव मुख्यमंत्री विनय शंकर पाण्डेय, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह, मुख्य विकास अधिकारी प्रतीक जैन सहित संबंधित पदाधिकारी एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।