जी-20 के आयोजन को सफल बनाने पर कैबिनेट मंत्री अग्रवाल ने किया सम्मानित

वित्त एवं संदीय कार्य मंत्री डॉ0 प्रेम चन्द अग्रवाल ने विधान सभा स्थित कार्यालय कक्ष में जी-20 में सम्मिलित अधिकारियों तथा कर्मचारियों को सम्मानित किया।
मंत्री ने जी-20 में सम्मिलित अधिकारियों तथा कर्मचारियों को धन्यवाद करते हुए कहा कि आप सभी के अथक प्रयास से बहुत ही कम समय में हम जी-20 का सफल आयोजन कर पाये हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि प्रदेश को जी-20 की तीन बैठकों (एक रामनगर तथा दो ऋषिकेश में) के आयोजन का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
मंत्री ने कहा कि अधिकारियों के कुशल नेतृत्व तथा कर्मचारियों के उत्कृष्ठ कार्य एवं तत्परता के परिणामस्वरूप हम जी-20 जैसे अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों का सफल नेतृत्व कर पाये हैं। उन्होंने कहा कि जी-20 डेलिगेट्स के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर स्वागत से लेकर श्री गंगा आरती तक का कार्यक्रम बहुत ही अद्भुत एवं स्मरणीय रहा।
मंत्री ने कहा कि जी-20 के दौरान सड़क मार्ग, पेयजल सुविधा, लाईट, सीवर लाईन एवं सौन्दर्यीकरण का जो भी कार्य किया गया वह बहुत ही सराहनीय है। उन्होंने कहा कि श्रीगंगा आरती के आयोजन को लेकर त्रिवेणी घाट के सौन्दर्यीकरण का कार्य अद्भुत रहा।
मंत्री ने अधिकारियों तथा कर्मचारियों को सम्मानित करते हुए कहा कि यदि इच्छाशक्ति हो तो अल्प समयावधि में भी अच्छे से अच्छा आयोजन सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने स्थानीय निवासियों तथा पर्यटकों से अनुरोध किया कि जी-20 के दौरान किया गया सौन्दर्यीकरण को बनाये रखना हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी, देहरादून सोनिका, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया, सीडीओ देहरादून झरना कमठान तथा जी-20 में सम्मिलित अधिकारी एवं कर्मचारी गण उपस्थित रहे।

धामी सरकार अपने चुनावी वायदे के करीब, समान नागरिक संहिता की रूपरेखा तैयार

उत्‍तराखंड सरकार द्वारा लाए जा रहे समान नागरिक संहिता की रूपरेखा तैयार हो चुकी है। इस मसौदे के तहत लड़कियों के लिए शादी की उम्र को बढ़ाकर 18 से 21 साल करने की शिफारिश रखी गई है। इसके अलावा राज्‍य में शादी के पंजीकरण को अनिवार्य करने का प्रावधान रखा गया है। वहीं लिव-इन रिलेशन में रहने वाले कपल बिना परिवार को इसकी जानकारी दिए ऐसा नहीं कर पाएंगे। उत्‍तराखंड के लिए मसौदा तैयार करने वाली सेवानिवृत न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई का कहना है कि ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है और जल्‍द ही इसे राज्‍य सरकार को सौंप दिया जाएगा।
उत्‍तराखंड समान नागरिक संहिता के मसौदे के तहत हलाला जैसी कुरीतियों को समाप्‍त कर दिया गया है। आमतौर पर मुस्लिम धर्म में शादी टूटने की स्थिति में इन प्रथाओं को अमल में लाया जाता है। राज्‍य में सभी धर्म के लोगों के लिए केवल कानून के माध्‍यम से तलाक लेना अनिवार्य होगा। बताया गया कि देश में अब केवल एक ही शादी की इजाजत होगी। चाहे पुरुष या महिला किसी भी धर्म के क्‍यों ना हो, उन्‍हें बिना तलाक लिए एक वक्‍त में दो पत्‍नी या पति रखने की इजाजत नहीं होगी।
उत्‍तराखंड के यूनिफॉर्म सिविल कोड कानून के मसौदे के तहत तलाक लेने की स्थिति में महिलाओं और पुरुषों को बराबरी का अधिकार दिया जाएगा। धर्म, जाति, पंथ के आधार पर भेदभाव किए बना महिलाओं और पुरुष के लिए तलाक लेते वक्‍त दिए गए तर्कों में समानता होगी। इतना ही नहीं, इस कानून के तहत उत्‍तरखंड में जनसंख्‍या नियंत्रण की भी योजना है। बताया गया कि नए समौदे में प्रत्‍येक कपल के लिए बच्‍चों की संख्‍या भी तय की गई है। यह कितनी होगी इसकी जानकारी अभी नहीं दी गई है।

जनप्रतिनिधियों ने किया मंत्री डा़ अग्रवाल का धन्यवाद, जी20 की गंगा आरती के लिए दी बधाई

तीर्थ नगरी में जी-20 के तहत गंगा आरती को सकुशल संपन्न कराने तथा ऋषिकेश का मान देश ही नहीं विदेशों में भी बढ़ाने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित भाजपा कार्यकर्ताओं ने क्षेत्रीय विधायक व वित्त व शहरी विकास, आवास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल का आभार प्रकट कर धन्यवाद ज्ञापन दिया। इस मौके पर डॉ अग्रवाल ने गंगा आरती के लिए प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री जी का आभार प्रकट किया। इसके बाद सामूहिक गंगा आरती की गई।

वरिष्ठ पार्षद शिव कुमार गौतम ने कहा कि जी-20 कार्यक्रम के तहत ऋषिकेश में गंगा आरती कराए जाने का श्रेय स्थानीय विधायक डॉ अग्रवाल को जाता है। उनके द्वारा गंगा आरती में विदेशी मेहमानों को लाकर तीर्थ नगरी का मान विदेशों में भी बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय विधायक के वित्त व शहरी विकास मंत्री होने का लाभ ऋषिकेश की जनता को मिला। उन्होंने कहा कि डॉ अग्रवाल के ही विभागों द्वारा जी-20 के अंतर्गत नगर का चहुमुखी विकास हुआ। उन्होंने कहा कि त्रिवेणी घाट अपने भव्य स्वरूप में दिखा जिससे विदेशी मेहमान भी उत्साहित नजर आए।

जिला उपाध्यक्ष दिनेश सती ने कहा कि वित्त मंत्री के नाते डॉ अग्रवाल ने विधानसभा सत्र में जी-20 के लिए बजट की कमी नहीं रखी। उनकी ओर से जी-20 के लिए 100 करोड रुपए तक का बजट रखा गया। कहा कि उनके ही विभाग एमडीडीए और शहरी विकास की ओर से नगर तथा त्रिवेणी घाट का सौंदर्य करण हुआ।

महिला मोर्चा की मंडल अध्यक्ष माधवी गुप्ता ने कहा कि त्रिवेणी घाट में शौचालय का पुनरुद्धार, टाइल्स का निर्माण, गंगा आरती स्थल का भव्यता, यहां पर प्रकाश की समुचित व्यवस्था, पार्किंग स्थल का सौंदर्य करण के अलावा बाजार में फ़साड़ योजना के तहत एक समान एक रंग के बोर्ड, सड़कों का निर्माण, नालियों की सफाई कर टैपिंग सहित जौली ग्रांट एयरपोर्ट तक किए गए विभिन्न कार्य डॉ अग्रवाल द्वारा कराए गए जिसके लिए ऋषिकेश सहित आसपास की जनता भी उनका आभार प्रकट करती है।

इस मौके पर व्यापारी नेता अखिलेश मित्तल ने कहा कि डॉ अग्रवाल की बदौलत आज डिवाइडर पौधों से गुलजार है। कहां की रघुनाथ मंदिर आज अपनी भव्यता पर है उन्होंने कहा कि पूर्व में डॉक्टर अग्रवाल द्वारा विधानसभा अध्यक्ष के समय सीपीए के सदस्यों के लिए भव्य गंगा आरती का आयोजन किया गया था।

इस मौके पर पूर्व दर्जाधारी कृष्ण कुमार सिंघल, बृजेश शर्मा, आंदोलनकारी सरोज डिमरी, मण्डल महामंत्री नितिन सक्सेना, जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा कविता शाह, वरिष्ठ पार्षद शिव कुमार गौतम, पार्षद रीना शर्मा, पार्षद राजेश दिवाकर, वीरेंद्र रमोला, राजू नरसिम्हा, दीपक बिष्ट, रूपेश गुप्ता, सचिन अग्रवाल, युवा मोर्चा मण्डल अध्यक्ष जगावर सिंह, महामंत्री अभिनब पाल, स्वाति शर्मा, अनिता तिवारी, उषा जोशी, हिमानी कौशिक, राजकुमारी पंत, रीता देवी, सुशीला देवी आदि सेकड़ो की संख्या में व्यापारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने विदेशी मेहमानों का गंगा आरती में किया स्वागत

ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट में जी-20 के मेहमानों द्वारा गंगा आरती में प्रतिभाग किया गया। इस दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, अन्य जनप्रतिनिधियों तथा स्थानीय लोगों द्वारा गर्मजोशी से विदेशी मेहमानों का स्वागत किया गया। गंगा आरती और भजन संगीत से विदेशी मेहमान प्रभावित होकर आध्यात्मिकता में डूबे रहे। कल-कल बहती गंगा की शांत और सुरम्य वादियों को देखकर जी-20 के डेलिगेट्स इतने जिज्ञासु, उत्सुक और प्रसन्न दिखे कि गंगा दर्शन के दौरान सेल्फी लेने की होड़ मची रही।
गंगा आरती में विदेशी मेहमानों को भारत की आध्यात्मिकता, योगा, मेडिटेशन, संस्कृति, रीति-नीति और भारत के आतिथ्य सत्कार सबसे एक साथ साक्षात्कार भी हुआ।
गंगा आरती के पश्चात विदेशी मेहमानों ने रात्रिभोज में स्थानीय व्यंजको का लुत्फ उठाया तथा भोज में उनको ’भारत के मोटे अनाज की और उत्तराखंड की ’बारह अनाजा संस्कृति’ का भी परिचय हुआ। गंगा आरती के दौरान विदेशी मेहमानों को प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के भारत के और उत्तराखंड के परंपरागत प्रयासों का भी परिचय हुआ।
इस दौरान गंगा आरती में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान लोकसभा सांसद हरिद्वार डॉ. रमेश पोखरियाल ’निशंक’, उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी व प्रेमचंद अग्रवाल, विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान व रायपुर रोड खजान दास, जिला पंचायत अध्यक्ष देहरादून मधु चौहान, महापौर देहरादून सुनील उनियाल व ऋषिकेश अनीता अनीता मंमगाई, पुलिस महानिरीक्षक के. एस. नग्नयाल, आयुक्त गढ़वाल मंडल सुशील कुमार, पुलिस उपमहानिरीक्षक डॉ. योगेंद्र सिंह रावत, सचिव एमडीडीए व महानिदेशक सूचना बशीधर तिवारी, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून दिलीप सिंह कुंवर सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, महानुभाव और जनमानस उपस्थित रहे।

ईद के त्योहार पर बधाई और शांति व्यवस्था बनाने पर जोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों विशेष तौर पर राज्य के मुस्लिम नागरिकों को ईद-उल-जुहा की बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। इस अवसर पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि खुशियों का यह त्यौहार त्याग, बलिदान और आपसी विश्वास का संदेश देता है तथा मानवता और भाईचारे को सुदृढ़ बनाने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने त्यौहार शांति आपसी सद्भाव के साथ मनाने की भी अपील की है।
इस सम्बन्ध में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार को सम्बोधित पत्र में स्पष्ट किया है कि 29 जून, 2023 को ईद-उल-जुहा के पर्व के अवसर पर साम्प्रदायिक सौहार्द एवं शान्ति/कानून व्यवस्था बनाये रखने के संबंध में सुदृढ़ पुलिस प्रबन्ध सुरक्षा व्यवस्था अपने निकट पर्यवेक्षण/निर्देशन में कराना सुनिश्चित करें जिससे किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना घटित न होने पाये और कानून व्यवस्त्या अक्षुण्ण बनी रहे। उन्होंने कहा कि ईद-उल-जुहा के त्यौहार को शान्ति एवं सौहार्द पूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने हेतु विशेष सतर्कता अपेक्षित है। प्रदेश में स्थानीय अभिसूचना इकाई एवं अन्य अभिसूचना तंत्र को सक्रिय करने एवं कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले सूचनाओं का तत्काल संज्ञान लेते हुए प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर एवं व्हाट्सअप आदि पर सतर्क दृष्टि रखी जाए। भ्रामक सूचना प्रसारित होने पर विधिक कार्यवाही करते हुए तत्काल उसके खण्डन की प्रभावी कार्यवाही की जाए।

मुख्य सचिव ने प्रदेश में बनाई जा रही पार्किंग्स की प्रगति जानीं

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने बुधवार को सचिवालय में प्रदेश में बनायी जा रही विभिन्न प्रकार की पार्किंग की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को पार्किंग निर्माण गतिविधियों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि पर्यटन प्रदेश होने के कारण और लगातार पर्यटन गतिविधियों के बढ़ने से पर्यटकों की संख्या में तेजी से उछाल आया है। इससे प्रदेश के पर्वतीय पर्यटक स्थ्लों में पार्किंग की समस्या भी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों में आवश्यकता के अनुरूप छोटी-छोटी एवं ज्यादा संख्या में पार्किंग्स बनायी जानी चाहिए। कहा कि प्रदेश के हित में सबसे किफायती पार्किंग रोडसाईड पार्किंग हैं, जिन्हें रोड से 100-200 मीटर नई सड़क काटकर या सड़क को थोड़ा अधिक चौड़ा करके तैयार किया जा सकता है। यदि इसके लिए जगह उपलब्ध न हो तो अन्य प्रकार की पार्किंग्स पर फोकस किए जाने की आवश्यकता है। मुख्य सचिव ने अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन को पार्किंग निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा पाक्षिक रूप से किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि पार्किंग्स बनाते समय सुरक्षा के प्रबन्धों में किसी प्रकार की लापरवाही न की जाए। उन्होंने कहा कि पार्किंग स्थलों के एंट्री एवं एग्जिट पॉईंट पर डिजाईन में किसी प्रकार की खामियां न हों, जिससे पार्किंग शुरू होने के बाद वह स्थान जाम के लिए नया बोटलनेक न बने। मुख्य सचिव ने टनल पार्किंग की दिशा में भी तेजी से प्रयास किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टनल पार्किंग पर्वतीय नगरों की जाम की समस्या से निजात दिला सकती है। उन्होंने कैम्पटी में बनायी जा रही प्रदेश की पहली टनल पार्किंग के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके निर्माण में तेजी लाने के लिए इसे स्टेट बजट से फंडिंग की जाएगी। उन्होंने टनल पार्किंग में सुरक्षा, पैदल चलने वालों की सुविधा और डिजाईन पर विशेष ध्यान दिए जाने के निर्देश दिए। कहा कि इसकी सफलता के बाद प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों में इस प्रकार की पार्किंग का निर्माण किया जाएगा।
बैठक में बताया गया कि कैटेगरी ‘ए‘ एवं ‘बी‘ में कुल 169 पार्किंग्स चिन्हित की गई है, जिसमें से 113 की डीपीआर शासन को प्राप्त हो गयी हैं।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु एवं सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

धामी ने फिर दी विकास कार्यों के लिए वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा इन्द्रानगर, देहरादून में निर्मित 5 एम0एल0डी के एस0टी0पी0 में एस0पी0एस निर्माण, सीवर राईजिंग मेन लाइन बिछाने एवं उससे संबंधी कार्यों की योजना हेतु कुल रू 754.28 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के विभिन्न प्रमुख नगरों में बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी एवं व्यावहारिक अनुभव दिलाने हेतु ऐसे स्थानों जहां बच्चों का भ्रमण ज्यादा होता है, वहां छोटे-छोटे चिल्ड्रन ट्रैफिक पार्क विकसित किये जाने के प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान की गई। चिल्ड्रन पार्क परियोजना के क्रियान्वयन हेतु पेयजल निगम को कार्यदायी संस्था नामित किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा निर्माणाधीन 2 फेज 132 के0वी0 किच्छा-लालकुआँ पारेषण लाईन (कुल लम्बाई 19.489 कि0मी0) के निर्माण हेतु स्वीकृति प्रदान की गई है। उक्त पारेषण लाईन 132 के0वी0 उपस्थान किच्छा से टी0एस0एस0 लालकुआं तक निर्मित होनी है तथा इसके निर्माण से लालकुआँ रेलवे स्टेशन पर शीघ्र ही विद्युत ट्रेनों का संचालन होगा।

हर माह के अंतिम गुरुवार को मुख्यमंत्री सीएम हेल्पलाइन की करेंगे समीक्षा

सीएम हेल्पलाइन-1905 की सभी जिलाधिकारी माह में दो बार समीक्षा करें। सचिव एवं विभागीय एचओडी भी इसकी नियमित समीक्षा करें। सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों पर त्वरित समाधान के लिए प्रत्येक कार्यदिवस पर कुछ शिकायतकर्ताओं से जिलाधिकारी बात करें। यह निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में सीएम हेल्पलाइन-1905 की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को दिये। मुख्यमंत्री हर माह के अन्तिम गुरुवार को सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा करेंगे।

सतर्कता अधिष्ठान को तेजी से सक्रिय करने के मुख्यमंत्री ने दिये निर्देश
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि सतर्कता अधिष्ठान को तेजी से सक्रिय किया जाए। भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन के लिए 1064 नम्बर के प्रति लोगों को और जागरूक किया जाए। शिकायतें मिलने पर जनपदों में जिलाधिकारी एवं एस.एस.पी द्वारा कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया जाए। विजिलेंस को भी सख्ती से कार्य करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिन विभागों द्वारा सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के निदान का प्रतिशत कम है, वे सभी विभाग इसमें जल्द सुधार कर लें। जन शिकायतों का समयबद्धता के साथ निदान हो, सभी विभाग इसको पूरी गंभीरता से लें। कार्य के प्रति लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए जो विभाग अच्छा कार्य कर रहे हैं, उन्हें प्रोत्साहित भी किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद स्तर एवं विभाग के स्तर पर लोग जो अपनी समस्याएं लेकर आ रहे हैं, यह सुनिश्चित किया जाए कि उनका शीघ्रता से समाधान हो।

जिस क्षेत्र में अधिक जन शिकायतें आ रही हैं, उनका अलग से डाटा रखा जाए
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित करें कि सीएम हेल्पलाईन पर शिकायतों का आंकलन अच्छी तरह से हो, शिकायतकर्ताओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि आगामी बैठक में सीएम हेल्पलाईन पर प्राप्त शिकायतों पर प्रत्येक जनपद में कितने प्रतिशत शिकायतों का निस्तारण हुआ है, इसका भी पूरा डाटा प्रस्तुत किया जाए। विभिन्न विभागों में किसी क्षेत्र में अधिक शिकायतें आ रही हैं, तो इनका भी अलग से डाटा रखा जाए, ताकि इनके समाधान के लिए आगे नीति निर्धारण किया जा सके।

7 शिकायतकर्ताओं से मुख्यमंत्री ने फोन से बात कर वस्तुस्थिति जानी
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीएम हेल्पलाईन पर विभिन्न समस्याओं को लेकर शिकायत दर्ज करने वाले 07 शिकायतकर्ताओं से बात भी की। अल्मोड़ा के गिरीश चन्द्र तिवारी ने शिकायत दर्ज की थी कि उनके विद्युत कनेक्शन पर किसी और का बिल दिखाई दे रहा है। इसकी जानकारी विभागीय कार्यालय को देने के बाद जल्द समाधान नहीं हुआ। सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत करने के बाद मात्र चार दिन बाद समाधान हो गया था। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।
पौड़ी के महेन्द्र पाल सिंह ने कहा कि उन्होंने जाति प्रमाण पत्र के लिए दो बार अप्लाई किया था, दोनों बार फार्म रिजेक्ट किया गया। सीएम हेल्पलाईन पर शिकायत करने के बाद समस्या का समाधान जल्द हो गया था।
टिहरी गढ़वाल के देवराज सिंह ने शिकायत दर्ज की कि नगर पंचायत लम्बगांव के वार्ड नं. 1 व 2 में पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से पानी नहीं आ रहा है, जिससे क्षेत्र के लगभग 600 लोग प्रभावित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि जल संस्थान एवं लोक निर्माण विभाग की टीम को शीघ्र मौके पर भेजकर समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि निर्माण कार्यों की वजह से जनता को अनावश्यक परेशानी न हो।
नैनीताल जनपद के भास्कर चन्द्र ने शिकायत दर्ज की थी कि पुलिस चौकी हीरानगर के बेलवाल बिस्कुट फैक्ट्री के समीप सार्वजनिक रास्ते को बरसाती नहर की पुलिया में लोहे के तीन एंगल लगाकर कई वर्ष पुराने दो पहिया वाहन के रास्ते को कुछ लोगों द्वारा बंद कर दिया गया है, उन्होंने इसको खुलवाने का अनुरोध किया था। सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद समस्या का समाधान हो गया है।
पिथौरागढ़ जनपद के बाला सिंह परिहार ने कहा कि उन्होंने शिकायत दर्ज की थी कि बरम से कनार तक पैदल मार्ग और कनार से तुवांईतोला तक आपदा के दौरान पूरा मार्ग क्षतिग्रस्त हो चुका है, जिस कारण ग्रामीणों को आवगमन में समस्या बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी पिथौरागढ़ को निर्देश दिये कि मौके पर जाकर इस जनससमया का शीघ्र समाधान किया जाए।
चमोली जनपद के विरेन्द्र सिंह ने कहा कि ग्राम देवस्थान, पो. रोहिड़ा में बाटाधार से देवस्थान 4 किमी मोटर मार्ग निर्माण होना है, इसका सर्वे काफी पहले हो चुका है, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी चमोली को निर्देश दिये कि सड़क निर्माण में जो भी अड़चने आ रही हैं, उनका शीघ्रता से समाधान करने का प्रयास किया जाए।
चम्पावत के नवीन चन्द्र भट्ट ने कहा कि उनका अभी तक मेडिकल क्लेम प्राप्त नहीं हो पाया है, इसकी शिकायत वे कई बार कर्मचारी राज्य बीमा औषधालय में कर चुके हैं, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री ने सचिव आर. मीनाक्षी सुदंरम को निर्देश दिये कि इस मामले का परीक्षण कर शीघ्र समाधान किया जाए।
बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द बर्द्धन, डीजीपी अशोक कुमार, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, अरविन्द सिंह ह्यांकी, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, दिलीप जावलकर, सचिन कुर्वे, विनोद रतूड़ी, बी.वी.आर.सी पुरूषोत्तम, डॉ. आर. राजेश कुमार, अपर सचिवगण, विभागीय एचओडी एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम ने किया विदेशी मेहमानों का स्वागत, रात्रिभोज में हुई मेहमाननवाजी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नरेंद्र नगर टिहरी में आयोजित जी 20 इंफ्रास्ट्रक्चर वर्किंग ग्रुप की बैठक के अवसर पर आयोजित विदेशी मेहमानों के लिए आयोजित रात्रिभोज के अवसर पर विदेशी मेहमानों का स्वागत किया।

विदेशी मेहमानों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि किसी भी देश के विकास का पैमाना उस देश का आधारभूत ढांचा ही तय करता है, यही तय करता है कि उस देश का वर्तमान और भविष्य कैसा हो। आधारभूत ढांचे का पर्याय सिर्फ रेल, रोपवे, रोड आदि बनाना नहीं वरन आधारभूत ढांचे का असल मकसद आम आदमी की समस्याओं को कम करना और उसके रहन सहन को सुगम, सरल एवं सुरक्षित बनाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय भौगोलिक परिस्थिति वाले राज्य का आधारभूत ढांचा मैदानी इलाकों की अपेक्षा अधिक कठिन होता है, क्योंकि पहाड़ी राज्य की इकोलॉजी और इकोनामी दोनों ही प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर रहती है और आधारभूत ढांचे में कभी कभी ऐसी परिस्थितियां भी उत्पन्न हो जाती हैं, जिसमें वनों को, प्रकृति को और पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। हमें विकास और प्रकृति के संरक्षण को एक दूसरे का पूरक बनाकर आधारभूत ढांचे के निर्माण पर ध्यान देना होगा। यह तभी संभव है जब हम “उपभोग नहीं बल्कि उपयोग“ के सिद्धांत का अनुसरण करेंगे।

नरेन्द्रनगर ऋषिकेश में जी-20 सम्मेलन की तीसरी बैठक के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या एवं संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विश्व की सबसे बड़ी पर्वत श्रृंखला हिमालय की गोद में बसा हमारा प्रदेश उत्तराखंड, ’’देवभूमि’’ के रूप में विख्यात है। जहां यह एक ओर हरिद्वार-ऋषिकेश, गंगोत्री-यमुनोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ, जागेश्वर, पूर्णागिरि जैसे पौराणिक, आध्यात्मिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक केन्द्रों की पवित्र भूमि है, वहीं गंगा, यमुना, अलकनंदा सहित कई महान नदियों का उद्गम स्थल भी है। हमारा राज्य योग, आयुर्वेद, ध्यान का एक वैश्विक केंद्र होने के साथ-साथ प्राचीन भारतीय सभ्यता का प्रतीक भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष के जी-20 की थीम एक पृथ्वी एक परिवार और एक भविष्य है, जो मूल रूप से भारतीय संस्कृति द्वारा विश्व को दिए गए सिद्धांत “वसुधैव कुटुंबकम“ पर आधारित है, जिसका अर्थ है “समस्त विश्व एक परिवार है“. मुख्यमंत्री ने कहा कि जी-20 की यह विशेष इन्फ्रास्ट्रक्चर वर्किंग ग्रुप की बैठक, हमारी सनातन संस्कृति की इसी मूल अवधारणा को पुष्पित व पल्लवित करने में सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड को प्राकृतिक आपदाओं से वर्षभर सामना करना पड़ता है इसलिए यहां का आधारभूत ढांचा इस तरह बनना चाहिए जो आपदाओं के समय भी आम आदमी के काम आ सके। आप सभी को ज्ञात है कि जिस प्रकार जापान में भूकंप आना एक आम बात थी, परन्तु जापानी लोगों ने भूकंपरोधी भवन बनाने की ऐसी तकनीक का विकास किया जो आपदा के समय में भी जापान के लोगों को व उनके मकानों को सुरक्षित रखती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। हमने 150 मिलियन से अधिक लोगों को आश्रय प्रदान करने के लिए लगभग 40 मिलियन घर दिए हैं, जो ऑस्ट्रेलिया की जनसंख्या का लगभग 6 गुना है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह बैठक जहां एक ओर विश्व के आधारभूत ढांचे के विकास के लिए क्या-क्या किया जा सकता है, उस पर विचार करेगी, वहीं दूसरी ओर पहाड़ी राज्यों की विशिष्ट स्थितियों का आंकलन कर एक विस्तृत रूपरेखा तय करने में भी समर्थ होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने हमारे छोटे से राज्य को जी-20 की तीन बैठकों का आयोजन करने का अवसर प्रदान किया। इस महत्त्वपूर्ण दायित्व को निभाते हुए हम स्वयं को गौरवांवित अनुभव कर रहे है क्योंकि यह सभी उत्तराखंडवासियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। हमारी परम्परा में निहित “अतिथि देवो भवः“ का संदेश हमें अतिथियों की सेवा करने के लिए सदैव तत्पर रखता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जी-20 इंफ्रास्ट्रक्चर वर्किंग ग्रुप द्वारा नरेन्द्रनगर ऋषिकेश में किए गए मंथन से जो अमृत निकलेगा वो पॉलिसी और इंप्लीमेंटेशन के बीच के गैप को कम करने में भी सहायक सिद्ध होगा। हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में आज जिस प्रकार भारत प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। उसी प्रकार उनकी अध्यक्षता में जी-20 समूह भी अपने महान उद्देश्यों और लक्ष्यों को प्राप्त करने में सफल होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में आयोजित जी-20 सम्मेलन की इस बैठक में जो अनुभव तथा विचार साझा किए जा रहे हैं, वे समस्त वैश्विक मानवता के कल्याण, विकास और समृद्धि के मार्ग को प्रशस्त करेंगे तथा “वसुधैव कुटुंबकम“ की भावना को और अधिक मजबूत करेंगे तथा आप सभी को यहां की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित होने का भी अवसर प्रदान करने में सहायक होगा।

मुख्यमंत्री ने जी-20 की इस तीसरी बैठक में आये सम्मानित प्रतिनिधियों का सवा करोड़ उत्तराखंडी जनता की ओर से स्वागत और अभिनंदन करते हुए कहा कि आप सभी यहां से यादगार अनुभव अपने साथ लेकर जाएंगे। साथ ही बैठक के दौरान आप सभी को प्रकृति की गोद में बसे उत्तराखण्ड के सुरम्य स्थलों के दर्शन तथा उत्तराखण्डी व्यंजनो का भरपूर आनंद लेने का भी अवसर मिलेगा।

इस अवसर पर राज्यपाल ले जन (से नि )गुरमीत सिँह, सांसद नरेश बंसल, माला राज्य लक्ष्मी शाह, विधायक विनोद कंडारी तथा प्रशासन के उच्च अधिकारी व अन्य गणमान्य मौजूद रहे।

कावड़ मेला में श्रद्धालुओं की सुविधाओं का रखा जाए पूरा ध्यानः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज मेला नियंत्रण भवन (सी0सी0आर0) हरिद्वार में कांवड़ यात्रा-2023 की तैयारियों के सम्बन्ध में जन-प्रतिनिधियों, शासन के उच्चाधिकारियों एवं जिला स्तर के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय गहन समीक्षा बैठक आयोजित हुई।
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को कावड़ मेला आरंभ होने से पूर्व सभी आवश्यक व्यवस्थायें समयबद्धता के साथ सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्देश दिये कि कावड़ यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाए। श्रद्धालु अपने मन-मस्तिष्क में देवभूमि का अच्छा सा संदेश लेकर अपने गन्तव्य को जाए। उन्होंने निर्देश दिये कि साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाये तथा साफ-सफाई की ऐसी व्यवस्था बनाई जाये कि हर दो-दो घण्टे में शौचालयों आदि की सफाई की जाये, जिसके लिये सम्बन्धित की जिम्मेदारी निर्धारित की जाये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्किंग स्थलो पर जहां आवश्यकता हो इण्टरलांकिंग टाइल्स लगाई जायें ताकि पार्किंग में कीचड़ न हो तथा गाड़ियों के फंसने की समस्या पैदा न हो। उन्होंने ये भी निर्देश दिये कि जो भी सीसीटीवी लगाये जा रहे हैं, उनकी नियमित मॉनिटरिंग हो ताकि जहां पर भी ऐसी कोई घटना सामने आती है, जिस पर सुरक्षा आदि की दृष्टि से तुरन्त निर्णय लेना है, उस पर दु्रत गति से निर्णय लिया जाये तथा वहां पर बिल्कुल भी ढिलाई न बरती जाये।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि कावड़ यात्रा सकुशल सम्पन्न कराना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। सभी सम्बन्धित अधिकारी अपनी इस जिम्मेदारी का निर्वहन कर्तव्यनिष्ठा एवं सजगता से करे। कावड़ यात्रा मार्ग पर तथा पार्किग स्थलों पर साइनेज प्रकाश एवं स्वच्छता आदि को भी कारगर व्यवस्था बनाये जाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत जो एडवाइजरी बनाई गई है, उसका व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए। कांवड़ यात्रा सुव्यवस्थित हो इसके लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाए, जिसमें शासन के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी एवं कांवड़ मेले से संबंधित जिलों के अधिकारी शामिल किये जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ मेला अवधि में हरिद्वार में कांवड़ मेले से संबंधित सभी व्यवस्थाओं का पर्यवेक्षण प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु करेंगे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि पार्किंग स्थलों में पेयजल की पूर्ण व्यवस्था रखी जाए। स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कांवड़ यात्रा मार्गों पर साइनेज की पूर्ण व्यवस्था हो। कांवड़ पटरी पर विद्युत की पर्याप्त व्यवस्था हो। वन क्षेत्र में जंगली जानवरों से सुरक्षा हेतु चेतावनी बोर्ड लगाये जाएं। कांवड़ मेला के दौरान यात्रा रूटों का पूरा चार्ट दिया जाए। भण्डारे एवं लंगर के लिए हाइवे से दूरी पर स्थान चिन्हित किये जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कांवड़ मेले के दौरान पर्वतीय जनपदों में आवश्यक सेवाओं एवं सामग्रियों को भेजने के लिए कोई परेशानी न हो। होटलों एवं दुकानों में रेट लिस्ट चस्पा की जाए। स्थानीय स्तर पर लोगों को आवागमन में अधिक परेशानी का सामना न करने पड़े।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैठक में अधिकारियों से नीलकण्ठ महादेव की व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली तथा व्यवस्थाओं को चाक-चौबन्द रखने के निर्देश दिये। बैठक में हिलबाई पास रोड को खोले जाने का प्रकरण भी सामने आया। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि आज ही हिलबाईपास को खोले जाने के सम्बन्ध में एनओसी जारी की जाये ताकि हिलबाई पास की मरम्मत आदि का कार्य यथासमय पूरा कर लिया जाये।
बैठक में जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से कांवड़ यात्रा की समयावधि, विभिन्न राज्यों से आने वाले कांवड़ियों का क्या अनुपात है, कावंड़ यात्रा के क्या-क्या नियम रहेंगे, कांवड़ मार्गों का विवरण, वैकल्पिक मार्गों का विवरण, कांवड़ यात्रा की क्या-क्या चुनौतियां हैं, रोड़ीबेलवाला, बैरागी कैम्प सहित पार्कों में की गयी व्यवस्था, कावंड़ यात्रा के सफल संचालन के लिये नोडल अधिकारियों की नियुक्ति, सरकारी तथा गैर सरकारी प्रमुख स्टेक होल्डर, कांवड़ यात्रियों की सुविधा हेतु क्या-क्या व्यवस्थायें की जा रही है, कांवड़ मेले की दृष्टि से स्वास्थ्य, नगर निगम, विद्युत, सिंचाई, लोक निर्माण आदि विभागों द्वारा की जा रही तैयारियों आदि के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी।
जिलाधिकारी हरिद्वार धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि कांवड़ मेले के लिए 60 हजार वाहनों की क्षमता के लिए 13 पार्किंग स्थल बनाये गये हैं। इसके अलावा विशेष परिस्थितियों के लिए 03 अतिरिक्त पार्किंग स्थल आरक्षित हैं। उन्होंने कांवड़ यात्रा की तैयारियों के सम्बन्ध में आगे बताया कि कावंड़ मेले के लिये 2720 से अधिक शौचालय, 640 से अधिक यूरेनल तथा मोबाइल शौचालयों की व्यवस्था की जा रही है, जिसके लिये 1200 से अधिक सफाई कार्मिक तैनात किये जा रहे हैं तथा आवश्यकता पड़़ने पर यह संख्या और बढ़ाई जायेगी। उन्होंने बैठक में स्वास्थ्य सम्बन्धी तैयारियों की जानकारी देते हुये बताया कि पूरे मेला क्षेत्र में 21 स्वास्थ्य कैम्प लगाये जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त सभी अस्पतालों में हर तरह के इलाज की व्यवस्था की जा रही है।
जिलाधिकारी ने कांवड़ मेले की एसओपी का उल्लेख करते हुये बताया कि कोई भी कांवड़ 12 फीट से ऊंची नहीं होगी, कांवड़िये कोई भी ऐसी सामग्री अपने साथ लेकर नहीं चलेंगे, जिससे नुकसान पहुंचने की संभावना हो तथा व्यापारी बन्धु भी इस तरह की कोई भी सामग्री की बिक्री नहीं करेंगे तथा कांवड़ियों को निर्धारित ध्वनि प्रदूषण के नियमों का पालन करना होगा। इस पर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि कानून एवं व्यवस्था के प्रश्न पर कहीं पर भी कोई समझौता नहीं किया जायेगा।
बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि कांवड़ मेले से सम्बन्धित सारी व्यवस्थायें 30 जून तक पूरी कर ली जायेंगी। बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को कांवड़ मेले के संचालन के लिये बनाई गयी व्यवस्था के सम्बन्ध में बताया कि कांवड़ मेले को 12 सुपर जोन, 32 जोन तथा 134 सेक्टरों में बांटा गया है, जिसके पूरे संचालन के लिये पांच नोडल अधिकारी नामित किये गये हैं।
बैठक में प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, पेट्रोल, डीजल, गैस, खाद्य सामग्री आदि का कांवड़ मेले की दृष्टि से रिजर्व स्टॉक रखना, वन विभाग के क्षेत्र में जंगली जानवरों से रक्षा के लिये टीम गठित करना, आपदा प्रबन्धन द्वारा की जाने वाली व्यवस्थायें, एनएसएस, स्वयंसेवी संस्थाओं आदि की सहायता लेना, रेलवे तथा रोडवेज की व्यवस्थायें, विभिन्न स्थानों में कावंड़ियों को राहत देने के लिये स्पेंक्लर स्थापित करना आदि की जानकारी देते हुये उस पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
समीक्षा बैठक में सांसद डॉ0 रमेश पोखरियाल निशंक, विधायक मदन कौशिक, आदेश चौहान, प्रदीप बत्रा, ममता राकेश, पूर्व विधायक लक्सर संजय गुप्ता, भाजपा जिला अध्यक्ष संदीप गोयल, गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम, महामंत्री तन्मय वशिष्ठ ने भी कांवड़ मेले को सकुशल सम्पन्न कराये जाने के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण सुझाव दिये।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, मुख्य सचिव डॉ0 एस0एस0 सन्धु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द वर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु, सचिव मुख्यमंत्री विनय शंकर पाण्डेय, सचिव डॉ आर0 राजेश कुमार,, एडीजी लॉ एण्ड आर्डर, एडीजी इंटलीजेंस, आयुक्त गढ़वाल मण्डल सुशील कुमार, आईजी गढ़वाल मण्डल के0एस0 नगन्याल, मुख्य विकास अधिकारी प्रतीक जैन, अपर जिलाधिकारी(वित्त एवं राजस्व) बीर सिंह बुदियाल सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी एवं जन प्रतिनिधि उपस्थित थे।