आपातकाल के दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचला गयाः अग्रवाल

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने आपातकाल की 48वीं वर्षगांठ पर अपना बयान जारी कर कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी के शासन के दौरान 1975 में लगा आपातकाल काले अध्याय से कम नहीं था। इस दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचला गया। आपातकाल के दौरान पूरे देश में लोकतांत्रित तरीके से आंदोलन हुए।

डा. अग्रवाल ने कहा कि इस वक्त सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग भी किया गया। कहा कि जेल में आपातकाल के दौरान पकड़े गए लोगों को सामान्य कैदी की तरह ही रखा जाता था। उन्हें कीड़े लगे चावल और पानी वाली दाल मिलती थी।

डा. अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस ने उस समय अपनी सत्ता बचाने और राजनीति स्वार्थ पूरा करने के लिए लोकतंत्र की हत्या देश में आपातकाल लगाकर की थी। कहा कि आपातकाल की नींव 12 जून 1975 को ही रख दी गई थी। इस दिन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को रायबरेली के चुनाव अभियान में सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने का दोषी पाया था और उनके चुनाव को खारिज कर दिया था। इतना ही नहीं, इंदिरा पर छह साल तक चुनाव लड़ने पर और किसी भी तरह के पद संभालने पर रोक भी लगा दी गई थी। जब 25 जून 1975 की आधी रात इमरजेंसी लागू की गई थी जनता के सारे अधिकार छिन गए थे।

डा. अग्रवाल ने बताया कि आपातकाल में जयप्रकाश नारायण की अगुवाई में पूरा विपक्ष एकजुट हो गया और देशभर में इंदिरा के खिलाफ आंदोलन शुरू हुआ। सरकारी मशीनरी विपक्ष के आंदोलन को कुचलने में लग गई थी। आंदोलनकारियों को जेल में डाला जाने लगा। 21 मार्च 1977 तक देश आपातकाल में पिसता रहा।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा हेतु देश की जनता एवं युवाओं ने अद्भुत जोश व उमंग से कहा था कि सिंहासन खाली करो जनता आ रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष, त्याग एवं बलिदान एवं सतत् रूप से आपातकाल के खिलाफ लम्बे संघर्ष के परिणाम स्वरूप आज देश विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में स्थापित हुआ है।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि जिस लोकतंत्र को लोकतंत्र सेनानियों ने स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, आज उस लोकतंत्र में कानून अपना काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र सेनानियों के सपनो का लोकतंत्र स्थापित है।

केन्द्र सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने पर सीएम ने किया विशिष्ट लोगों से संपर्क

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को केंद्र सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर विशेष संपर्क अभियान के तहत महानगर देहरादून के दो विशिष्ट नागरिकों से मुलाकात की। उक्त क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पद्मश्री डॉ. बसंती बिष्ट से डिफेंस कॉलोनी, देहरादून स्थित उनके निजी आवास में जाकर मुलाकात की। साथ ही मुख्यमंत्री ने श्री झंडा साहिब में महंत देवेंद्र दास महाराज से भेंट की। इस दौरान केंद्र सरकार द्वारा किए गए विभिन्न कार्य पर विस्तार से चर्चा हुई।

प्रदेश के ग्रोथ इंजन को बढ़ाने में उद्योगों का महत्वपूर्ण योगदान-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को राजपुर रोड, देहरादून स्थित एक निजी होटल में बी.एन.आई देहरादून द्वारा आयोजित बी.एन.आई दून ई-3 एक्सपो बिजनेस कॉन्क्लेव कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बिजनेस नेटवर्क इंटरनेशनल (बीएनआई) दून ई-3 एक्सपो में उपस्थित सभी उद्यमियों का स्वागत करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में निवेश करने वाले उद्यमी उत्तराखंड के विकास के सारथी एवं प्रदेश की प्रगति के वाहक हैं। बीएनआई दून एक्सपो केवल उत्पादों और सेवाओं का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह हमारे राज्य में पनप रही उद्यमशीलता की भावना और नवीन मानसिकता का प्रमाण है। उत्तराखंड राज्य में सभी प्रकार के व्यवसाई अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन कर सकते हैं, सार्थक संबंध बना सकते हैं और नए अवसर तलाश सकते हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश के ग्रोथ इंजन को दौड़ाने के लिए सरकार और उद्योग जगत के बीच एक उचित समन्वय बेहद आवश्यक है। हमारे एक-एक उद्यमी की उपलब्धि हमें आत्मनिर्भरता की ओर ले जा रहे है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारे देश की अर्थव्यवस्था दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है। नरेंद्र मोदी द्वारा नए भारत के निर्माण का संकल्प लिया गया है, जो अब पूरा होता दिखाई दे रहा है। आज पूरी दुनिया भारत को सक्षम, रचनाशील, बदलाव के लिए तैयार एक अभिनव आर्थिक इकोसिस्टम के रूप में देख रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड भी भारत की आर्थिक प्रगति में एक प्रमुख सहभागी बने और अग्रणी राज्यों में हमारा स्थान सुनिश्चित हो। इसके लिए सरकार कार्यरत है। राज्य सरकार निरंतरता के साथ अभावों को अवसरों में बदलने का कार्य कर रही है। राज्य सरकार प्रदेश को निवेश के लिए एक सर्वाधिक पसंदीदा गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए भी प्रयासरत है। राज्य में निवेश के लिए बेहतर कानून व्यवस्था, स्वच्छ पर्यावरण, रेल, सड़क तथा वायु परिवहन की सुविधा, सस्ती एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति तथा जल संसाधन उपलब्ध हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड में ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण, फार्मा, आयुष और कल्याण, जैव प्रौद्योगिकी, आईटी, पर्यटन, ग्रीन एनर्जी तथा सेवा क्षेत्र में कार्य किया जा रहा हैं। हमारी उद्योग अनुकूल नीतियों का परिणाम स्वरूप आज देश की विख्यात कंपनियां प्रदेश की प्रगति में अपना योगदान दे रही है। राज्य सरकार की नीतियों में प्रमुख रूप से मेगा औद्योगिक और निवेश नीति, एम.एस.एम.ई. नीति, मेगा टेक्सटाइल पार्क पॉलिसी, स्टार्टअप नीति, पर्यटन नीति, आयुष नीति, सौर ऊर्जा नीति, अरोमा पार्क नीति, इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण नीति, एयरोस्पेस एवं डिफेंस पॉलिसी, सूचना प्रौद्योगिकी नीति और निर्यात नीति शामिल है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना भी अति महत्वपूर्ण है। इसी कड़ी में हमने ’’एक जनपद-दो उत्पाद’’ योजना को लागू किया जिसका उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करना, उन्हें आजीविका का प्रमुख साधन बनाना है। संकल्प से सिद्धि के इस सकारात्मक और पारदर्शी माहौल में, उत्तराखंड के प्रत्येक निवेशक के लिए अवसरों का विस्तार हो रहा है।
इस दौरान कार्यक्रम में मेयर सुनील उनियाल गामा, महानगर अध्यक्ष भाजपा सिद्धार्थ अग्रवाल, सुनील, राहुल, प्रकाश, रितु मौर्य, प्रगति एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज से लोगों ने लिया आशीर्वाद

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज अपने दो दिवसीय प्रवास पर योग नगरी ऋषिकेश पहुंचे। यहां पहुंचने पर महामंडलेश्वरों, संतों एवं स्थानीय लोगों द्वारा उनका स्वागत किया गया। ऋषिकेश में अपने पहले कार्यक्रम में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी विवेकानंद सरस्वती ने स्वामी नारायण घाट में गंगा आरती में सम्मलित हुए।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों को शंकराचार्य स्वामी आविमुकातेश्वरानंद सरस्वती ने कर्म और भाग्य को परिभाषित करते हुए कहा कि भाग्य फलित होता है। उन्होंने बसुदेव और नंद का उदाहरण दिया। गंगा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गंगा जल स्पर्श मात्र से ही सभी राग द्बेष से मुक्त हो जाते हैं।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि गंगा जल और सामान्य जल में अंतर है। कहा कि पानी के प्रछालन से शरीर की गंदगी दूर होती है लेकिन गंगा जल मन के मेल को धोती है। उन्होंने संतो से आहवान किया कि अपने व्यवहार मे सरल और तरलता लाएं। राग द्बेष से दूर रहकर आदर्श प्रस्तुत करें और समाज का मार्गदर्शन करें।
इस अवसर पर स्वामीनारायण आश्रम के सुनील भगत ने शंकराचार्य स्वागत एवं अभिनंदन किया। महामंडलेश्वर अभिषेक चैतन्य हरिद्वार के महंत प्रेमानंद शास्त्री ज्योतिर्मठ के प्रभारी ब्रह्मचारी मुकुंदानंद, स्वामी सहजानंद, ब्रह्मचारी श्रवणानंद, ज्योर्तिमठ के मीडिया प्रभारी डॉ बृजेश सती, ब्रह्म कपाल तीर्थ पुरोहित पंचायत के अध्यक्ष उमेश सती, अजय पांडे, कार्यक्रम के सह संयोजक रवि प्रपन्नाचार्य, स्वामीनारायण आश्रम के पीआरओ सौरभ राणा कोटी, जोशीमठ के पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रकाश रावत मौजूद रहे।

डीएम देहरादून से मंत्री अग्रवाल ने जताई नाराजगी

क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने जी-20 के अंतर्गत किये जा रहे निर्माण कार्य को पूर्व में तय डेटलाइन 20 जून तक पूर्ण न किये जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने मौके से ही जिलाधिकारी देहरादून सोनिका को दूरभाष पर वार्ता कर सभी अधिकारियों को निर्माण कार्य पूर्ण होने तक यही कैम्प करने के निर्देश दिये। साथ ही अति शीघ्र निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
शनिवार को डॉ अग्रवाल ने त्रिवेणी घाट पर निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने यहां अधिकारियों के समक्ष नाराजगी जताते हुए कहा कि अति शीघ्र निर्माण कार्य पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी प्रकार का समझौता ना हो और निर्माण कार्यों को परमानेंट किया जाए, इसकी सुनिश्चिता की जाए। साथ ही निर्देश दिए कि मैनपावर बढ़ाते हुए रात्रि में भी निर्माण कार्य किए जाएं।
डॉ अग्रवाल ने निर्देशित किया कि विभाग स्थाई प्रकृति के कार्य करें तथा जो कार्य किए जा रहे हैं उनके रखरखाव की भी पूर्ण व्यवस्था बना ली जाए। उन्होंने नगर निगम ऋषिकेश के अधिकारियों को निर्देशित किया कि साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें तथा नियमित सफाई कार्य सुनिश्चित किए जाएं।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी सुश्री झरना कमठान, सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया, उप जिलाधिकारी ऋषिकेश सौरभ असवाल, नगर आयुक्त राहुल गोयल, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग धीरेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता सिंचाई दिनेश उनियाल, अधिशासी अभियंता यूपीसीएल शक्तिलाल, एसडीओ सिंचाई अनुभव नौटियाल सहित मण्डल अध्यक्ष सुमित पंवार, जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा कविता शाह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य बृजेश शर्मा, पार्षद रीना शर्मा, शिव कुमार गौतम, प्रदीप कोहली, जिला कार्यालय प्रभारी देवदत्त शर्मा, रूपेश गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष युवा मोर्चा शिवम टुटेजा, मण्डल महामंत्री युवा मोर्चा अभिनव पाल, उषा जोशी, सुधा असवाल, भावना किशोर गौड़ आदि उपस्थित रहे।

देश जितना आज सुरक्षित हाथों में है पूर्व में कभी नही रहा-रक्षा मंत्री

केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज देश रक्षा सहित अन्य क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बन रहा है। टैंक, तोप, गोला, बारूद जैसे महत्वपूर्ण रक्षा उपकरण 25 देशों को निर्यात किये जा रहे हैं। 16 हजार करोड़ का निर्यात इस क्षेत्र में किया जा चुका है। वह दिन दूर नही जब हम रक्षा से सम्बन्धित सामग्री भारत में ही बनाकर दुनिया को इसका निर्यात करेंगे। निजी क्षेत्र के उद्यमियों को प्रोत्साहित कर उनसे भी सामग्री क्रय की जा रही है।
सोमवार को सर्वे ऑफ इंडिया ऑडिटोरियम में आयोजित प्रबुद्धजन सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उत्तराखण्ड से उनका गहरा लगाव रहा है। उत्तराखण्ड को देवभूमि वीरभूमि शौर्य व सैन्य भूमि की संज्ञा देते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड छोटा राज्य होने के बावजूद यहा के समग्र विकास के प्रति केन्द्र सरकार का दृष्टिकोण स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि राज्य के समग्र विकास की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में केदारनाथ-बद्रीनाथ धाम में 1300 करोड़ के पुनर्निर्माण कार्य, ढाई हजार करोड़ रुपए की लागत से गौरीकुण्ड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुण्ट साहिब रोपवे का कार्य, कुमायूं के पौराणिक मंदिरों को भव्य बनाने के लिये मानसखण्ड मंदिर माला मिशन का कार्य, पूरे राज्य में होम स्टे को बढ़ावा देने, 16 ईको टूरिज्म डेस्टिनेशन का विकास, उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार। उधमसिंह नगर में एम्स का सेटलाइट सेंटर बनाने, करीब 2 हजार करोड़ रुपए की लागत वाली टिहरी लेक डेवलपमेंट परियोजना, ऋषिकेश-हरिद्वार का एडवेंचर टूरिज्म और योग की राजधानी के रूप में विकास, टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन की परियोजना के साथ ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन पहाड़ में रेल के सपने की परिकल्पना को पूर्ण करने जा रही है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गतिशील नेतृत्व में विश्व में भारत का मान सम्मान बढ़ा हैं। अन्तर्राष्ट्रीय मंचो पर भारत की बात को गंभीरता से सुना जा रहा है। विश्व के देशों में प्रधानमंत्री को मिलने वाला सम्मान सभी देशवासियों का सम्मान है। विदेशी विशेषज्ञ प्रधानमंत्री मोदी को अद्भूत कार्य क्षमता शक्तिवाला व्यक्तित्व मान रहे है। विज्ञान एवं तकनीकी के क्षेत्र में भी देश का सम्मान बढ़ा है। हमारा जवान देश की सीमा पर राष्ट्रीय स्वाभिमान की भावना के साथ निडरता से खड़ा रहता है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत 2027 तक विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगी। इसका भी आकलन कई विदेशी अर्थशास्त्रियों द्वारा किया गया है। आज देश में बड़ी-बड़ी विदेशी कम्पनियां निवेश के लिये आ रही है। रक्षा मंत्री ने कहा कि देश में जन धन खाता खोलने की प्रधानमंत्री के विजन का ही प्रतिफल है कि आज डिजिटल ट्रांजेक्शन के माध्यम से लाभार्थियों को उन्हें दी जाने वाली आर्थिक मदद शत प्रतिशत उनके खाते में जमा हो रही है जबकि पहले पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी ने ही चिंता व्यक्त करते हुए कहा था कि दिल्ली से यदि 100 रुपये भेजे जाते है तो लाभार्थी तक 15 रुपये ही पहुंच पाते है। जनधन खाता से इस व्यवस्था में बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार भाषण से नहीं, व्यवस्था में बदलाव से ही समाप्त किया जा सकता है। आज भारत में 77 करोड़ डिजिटल ट्रांजेक्शन हो रहे है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि आज जहां विश्व के बड़े देशों की अर्थव्यवस्था लड़खड़ा रही है उनके बैंको की साख पर सवाल उठ रहे है, भारत ने इस चुनौती को स्वीकार कर मंहगाई को कण्ट्रोल करने का कार्य किया है। कोरोना काल में दो-दो वैक्सीन बनाकर देश के नागरिकों को उपलब्ध कराने के साथ ही 100 देशों को भी इसकी आपूर्ति की। रूस-युक्रेन युद्ध में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इन देशों के प्रमुखों के साथ अमेरिका के राष्ट्रपति से वार्ता कर वहा पढ़ रहे लगभग 26 हजार छात्रों को युद्ध क्षेत्रों में सुरक्षित अपने देश वापस लाने के लिए सीमित समय के लिए युद्ध विराम कराया जो कार्य दुनिया के देश नही कर पाए, वह प्रधानमंत्री मोदी ने किया है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि हमारे लिए राजनीति सरकार बनाने के लिये नहीं बल्कि समाज व देश बनाने का विषय है। सर्वधर्म- सद्भाव की भावना पर हम विश्वास करते है। देश में समरसता व सामाजिक सौहार्द बना रहे इसके लिए प्रयास हो रहे है। कुछ लोग समाज में अशांति फैलाकर जनता को गुमराह करने का कार्य कर रहे है। इससे बचने की भी उन्होंने जरूरत बतायी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रबुद्धजनों के सम्मेलन का मूल उद्देश्य है कि प्रबुद्धजनों के ज़रिये जनता तक सरकार और संगठन की बात को पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री व रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में आज भारत एक शक्तिशाली और सुरक्षित राष्ट्र बन चुका है। सेना का मनोबल बढ़ाने और सेना को आधुनिक बनाने के साथ ही आत्मनिर्भर बनाने के लिए अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। सेना को मजबूत बनाना आज के समय की मांग है जिसके लिए रक्षा मंत्री सेना में हर स्तर पर क्रांतिकारी बदलाव लाने का प्रयास कर रहे है। उन्होंने कहा कि आज सम्पूर्ण विश्व भारत की शक्ति एवं सामर्थ्य से परिचित हुआ है, जिसका परिणाम है कि आज कोई भी दुश्मन हमें आंख दिखाने की हिम्मत नहीं कर सकता। आज देश की सुरक्षा में लगे सैनिकों को दुश्मन की गोली का जवाब देने के लिए सरकार से अनुमति लेने की जरूरत नहीं पड़ती। आज हमारी सेना गोली का जवाब गोलों से देने का कार्य करती है। हमारे सैनिकों को किसी भी प्रकार के सैन्य साजो समान की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व का ही प्रतिफल है कि पिछले नौ सालों में देश के हर वर्ग का कल्याण हुआ है और भारत का मान देश के साथ ही विदेशों में भी बढ़ा है। आजादी के बाद के वर्षों की तुलना में पिछले नौ वर्षों के दौरान विकास के सभी मापदंडों के आधार पर हम कह सकते हैं, हमारे देश ने हर क्षेत्र में जबरदस्त प्रगति की है, जिसका लोहा आज संपूर्ण विश्व मान रहा है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण का बीड़ा भी प्रधानमंत्री मोदी ने ही उठाया इसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र में करीब 12 करोड़ शौचालय बनाए गए। इसी के साथ-साथ इन नौ वर्षों में नौ करोड़ से अधिक उज्ज्वला गैस कनेक्शन गरीबों को दिए गए। सरकार ने विभिन्न रोजगार मेलों का आयोजन कर दस लाख लोगों के रोजगार देने का कार्य भी प्रारंभ किया है। धारा 370 का खात्मा, अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बनना, काशी विश्वनाथ का भव्य कॉरिडोर बनना, बद्रीनाथ और केदारनाथ धामों का पुनर्निर्माण ये कुछ ऐसे महत्वपूर्ण कार्य हैं जिनको आने वाली पीढ़ियां भी हमेशा याद रखेंगी। पिछले 9 वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी की मजबूत इच्छाशक्ति के बल पर देश में आतंकवादी, नक्सलवादी और उग्रवादी गतिविधियों में भी उल्लेखनीय कमी आई है। आज भारत दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 के पहले और 2014 के बाद के भारत में ‘‘बहुत बड़ा फर्क’’ है। देश अब ‘‘अभूतपूर्व पैमाने और गति’’ से आगे बढ़ रहा है, क्योंकि नया भारत अब बड़ा सोचता है, उच्च लक्ष्य रखता है और बड़े सपने देखता है। 2014 से पूर्व देश के विकास का इंजन अत्यंत धीमी गति से चल रहा था परन्तु, डबल इंजन की सरकार आने के बाद विकास का यही इंजन आज हर क्षेत्र में सरपट दौड़ रहा है। 2014 से पूर्व देश में स्वास्थ्य सेवाएं स्वयं बीमार थी, लेकिन प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आज स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हुआ है। 2014 से पूर्व की सड़कों की खस्ता हालत किसी से छिपी नहीं हैं, लेकिन प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज देश में प्रतिदिन 38 किलोमीटर सड़क का निर्माण हो रहा है। 2014 से पूर्व बच्चों को वैक्सीन लगवाने के लिए दर-दर भटकना पड़ता था, लेकिन मोदी जी के नेतृत्व में मिशन इन्द्रधनुष योजना के तहत बच्चों को जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए वैक्सीन लगाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले भारत के सांस्कृतिक वैभव पर हर तरह का प्रहार किया जाता था, लेकिन आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश का सांस्कृतिक वैभव पुनः वापस लौट रहा है। आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व का एक अग्रणी राष्ट्र बन चुका है। यह सब बीते नौ वर्षों में प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के नेतृत्व में ही संभव हो पाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार द्वारा अंत्योदय परिवारों को तीन गैस सिलेंडर देने हों, प्रदेश की महिलाओं के लिये क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था को लागू करना हो, समान नागरिक आचार संहिता का मसौदा तैयार करना हो, जबरन धर्मांतरण पर रोक के लिये कानून बनाना हो, लैंड जिहाद और लव जिहाद को रोकने के लिए उठाए गए कड़े कदम हों, देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून बनाना हो, आंदोलनकारियों को आरक्षण देना हो, या फिर हाल ही में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे प्रदेश के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति देने के लिए उठाए गए कदम हों। हमने इन सभी महत्वपूर्ण कार्यों को धरातल पर उतारने का प्रयास किया है। आज प्रदेश के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अनेकों कार्य किये जा रहे हैं। प्रदेश में हर स्तर पर कनेक्टिविटी को सुधारा जा रहा है, उद्योगों के विकास पर बल दिया जा रहा है और भविष्य की आवश्यकताओं को केंद्र में रख कर नीतियां बनाई जा रही हैं।
इस अवसर पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, नरेश बंसल, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत आदि उपस्थित रहे।

अत्यधिक वन क्षेत्र में जड़ी बूटी उत्पादन रोजगार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में प्रदेश के वन क्षेत्रों (वन पंचायत आदि) में जड़ी-बूटी उत्पादन के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों के साथ बैठक आयोजित हुयी। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में वन पंचायतों एवं वन से लगे क्षेत्रों में जड़ी-बूटी के उत्पादन एवं इससे रोजगार सृजन की असीम सम्भावनाओं को देखते हुए इस दिशा में गम्भीरता से कार्य किए जाने की आवश्यकता है।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में लगभग 70 प्रतिशत वन क्षेत्र होने के कारण इस क्षेत्र में अत्यधिक संभावनाएं हैं। उन्होंने इसके लिए सभी संबंधित विभागों को मिलकर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस दिशा में अच्छा कार्य कर रहे राज्यों की पॉलिसी का भी अध्ययन कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए जिलाधिकारी एवं डीएफओ को महत्त्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से इसके लिए 25 करोड़ विभागीय बजट का प्राविधान किया जाएगा। बाकी के बजट के लिए कैम्पा एवं अन्य स्रोतों से भी बजट की पूर्ति की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा क्षेत्र है, जिसके सफल संचालन के बाद वन पंचायतों की आर्थिकी में काफी सुधार आएगा। वन पंचायतों में अगले 5 वर्षों में 10 हजार हेक्टेयर में जड़ी-बूटी उत्पादन की सम्भावना है। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट स्थानीय लोगों को आजीविका उपलब्ध कराने की दिशा एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस अवसर पर प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) अनूप मलिक, सचिव दीपेन्द्र चौधरी एवं निदेशक उद्यान रणवीर सिंह चौहान सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।

ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए स्थान चिन्हित करने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने सोमवार को सचिवालय में ईको टूरिज्म एवं सरकारी भूमि की डिजिटल सूची तैयार किए जाने के सम्बन्ध में बैठक आयोजित की। मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों एवं डीएफओ को ईको टूरिज्म की दिशा में स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर दिए जाने पर फोकस करते हुए प्रस्ताव तैयार किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने सभी जनपदों में ईको टूरिज्म को बढ़ावा दिए जाने हेतु स्थान चिन्हित किए जाने के साथ ही डीपीआर तैयार किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि प्रस्ताव में डीपीआर के साथ फंडिंग और योजना पूर्ण होने की समय सीमा पहले से ही निर्धारित की जाएं। उन्होंने कहा कि ईको टूरिज्म को सफल बनाए जाने हेतु ईको पार्क से प्राप्त राजस्व का 80 से 90 प्रतिशत हिस्सा इसकी मरम्मत आदि के लिए प्रयोग किया जा सकेगा, इसका शासनादेश जारी किया जा चुका है।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश भर में एस्ट्रो विलेज, कैंपिंग आदि की अत्यधिक संभावनाएं हैं। इस दिशा में भी बहुत कुछ किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा मार्ग एवं गैर चारधाम यात्रा मार्ग दोनों में ही ईको टूरिज्म में रोजगार सृजन की अपार संभावनाएं हैं। इससे स्थानीय स्तर पर लोगों को शामिल करना आवश्यक है। इसके लिए स्थानीय लोगों को प्रशिक्षण की आवश्यकता है तो प्रशिक्षण करवाइए। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में ऐसे विभिन्न स्थान हैं जहां कैंपिंग साइट्स विकसित की जा सकती हैं। पर्यटन विभाग द्वारा गाईड का प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्य सचिव ने ऐसे स्थलों में जहां अभी फुटफॉल कम है, गाईड को कंडीशनल टर्म पर मानदेय भी दिया जा सकता है, ताकि गाईड काम करने को प्रोत्साहित हो सके। फुटफॉल बढ़ने के बाद गाईड अच्छा कमा लेंगे।
मुख्य सचिव ने कहा कि जिलाधिकारियों एवं अन्य सीनियर अधिकारियों द्वारा क्षेत्रों में दौरा करते समय स्थानीय लोग अक्सर अपनी बहुत छोटी छोटी मांगें और समस्याएं अधिकारियों के सम्मुख रखते हैं। उन्होंने कहा कि बहुत सी समस्याएं या मांगें इतनी छोटी होती हैं कि आसानी से पूर्ण की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को इन छोटी छोटी मांगों को गंभीरता से लेते हुए मांगों को पूरा करने पर ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि आमजन का सिस्टम पर विश्वास बना रहे।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में स्प्रिंग एंड रिवर रिजूविनेशन बोर्ड अस्तित्व में आने वाला है। इससे जल संरक्षण की दिशा में भी काफी कार्य होगा। इसमें जल संरक्षण के लिए चेक डैम और छोटे ताल और झीलें भी निर्मित होंगी। जो आगे ईको टूरिज्म की दिशा में काफी कारगर साबित होंगी। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से इसको भी ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव तैयार किए जाने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को सरकारी भूमि को अतिक्रमण से बचाने हेतु डिजिटल डाटा शीघ्र तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही इसके लिए पोर्टल तैयार हो जाएगा जिसमें डिजिटल डाटा अपलोड किया जाएगा, जिसकी लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस सूची को तैयार किए जाने का उद्देश्य हर प्रकार की सरकारी भूमि को अतिक्रमण से बचाना है। इसके लिए विभागों द्वारा जिला स्तरीय अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जाएगी। अतिक्रमण होने पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई भी की जाएगी।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक अनूप मलिक, सचिव अरविंद सिंह ह्यांकी, मुख्य वन संरक्षक वन पंचायत डॉ. पराग मधुकर धकाते एवं सचिव चंद्रेश कुमार सहित जनपदों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समस्त जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम ने विकास योजनाओं के लिए वित्तीय स्वीकृति प्रदान की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत ऊखीमठ में त्रियुगीनारायण से तोषी तक मोटर मार्ग के नवनिर्माण हेतु 4 करोड़ 52 लाख रूपये तथा ऊखीमठ में ही तौणीधार-पैलिंग मोटर मार्ग के किमी0 1.00 से 6.00 के मध्य सुधारीकरण एवं पी०सी० द्वारा डामरीकरण के कार्य हेतु 4 करोड़ 70 लाख रूपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गयी है।
मुख्यमंत्री द्वारा चौबट्टाखाल विधानसभा में चलकुडिया मसमोली-सकनोली-नौखेली मोटर मार्ग के किमी. 3 से 5 तथा किमी 6-8 के डामरीकरण के कार्य हेतु 3 करोड़ 64 लाख रूपये, खटीमा में तहसील रोड से केन्द्रीय विद्यालय के बगल से सिविल अस्पताल खटीमा को सेल्स टैक्स कार्यालय रोड से जोड़ने हेतु इण्टर लॉकिंग टाईल्स द्वारा लिंक मार्ग के निर्माण हेतु 38.52 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा विभिन्न शासकीय कार्यालयों में वर्षा जल संरक्षण प्रणाली को अधिष्ठापित किये जाने हेतु रेसकोर्स में हरि आवास कालोनी तथा कारगी चौक में एस.टी.पी हेतु कुल 32.24 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है।

राज्य की आर्थिकी संवारने के साथ ही मूल भावना के तहत कार्य कर रही सरकार-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को आईएसबीटी, देहरादून स्थित एक निजी होटल में आयोजित एक संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के अंतर्गत सरकार नए संकल्पों को लेकर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रही है। सरकार गंभीरता से राज्य के आमजन तक शासन-प्रशासन की प्रत्येक सुविधाएं पहुंचा रही है। धरातल में सरकार द्वारा किए गए कार्य दिखने लगे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड राज्य से विशेष लगाव है। उन्होंने उत्तराखंड राज्य को विकास के नवरत्न समर्पित किए हैं। उत्तराखंड का विकास यहां के शहीद राज्य आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप हो, इस पर सरकार निरंतर कार्य कर रही है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों से परिपूर्ण हमारे राज्य में विभिन्न तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इन चुनौतियों का सामना कर राज्य सरकार लगातार विकास के कदमों को आगे बढ़ा रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार मिलकर उत्तराखंड राज्य में सड़क, हवाई, रेलवे कनेक्टिविटी पर कार्य कर रही है। चौतरफा सड़कों का जाल बिछ रहा है, दिल्ली से देहरादून एलिवेटेड सड़क का कार्य गतिमान है। आगामी समय में बड़े शहरों की आपसी कनेक्टिविटी, सुगम और सरल होगी। गढ़वाल एवं कुमाऊं की आपसी कनेक्टिविटी को भी सुधारा गया है। उन्होंने कहा सड़क कनेक्टिविटी के सुगम होने से बड़ी संख्या में पर्यटक उत्तराखंड आ रहे हैं। आज उत्तराखंड राज्य पूरे देश में आकर्षण का केंद्र बन रहा है। राज्य सरकार दीर्घकालीन नीतियां बनाकर सड़कों, बाईपास, बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस अमृत काल में उत्तराखंड देश के सर्वश्रेष्ठ राज्य के रूप में आगे बढ़े इसके लिए रोडमैप तैयार किया जा रहा है। राज्य सरकार आस्था और व्यवस्था पर संतुलन बनाकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा पिछले वर्ष कावड़ यात्रा में 4 करोड़ से अधिक कावड़िए उत्तराखंड आए। सरकार ने कावड़ यात्रा के लिए अलग से बजट का प्रावधान किया। सबकी सहभागिता से इस वर्ष भी हम चार धाम यात्रा एवं कावड़ यात्रा को सकुशल संपन्न करवाएंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता कानून लाने का वादा किया था। जिस पर कार्य चल रहा है। समिति अपना फाइनल ड्राफ्ट तैयार कर रही है। हम प्रत्येक वर्ग के उत्थान के लिए कार्य कर रहे हैं। उत्तराखंड राज्य के अंतर्गत सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने पर लगातार कार्य जारी है और आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा राज्य में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। यह अधिकार किसी को नहीं है कि कोई कानून अपने हाथों में ले।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से आज युवाओं में विश्वास पैदा हुआ है। लंबे समय से परीक्षाओं में चली आ रही नकल पर सख्ती से नकेल कसने का कार्य हुआ है। अभी तक 80 से ज्यादा नकल माफियाओं को जेल में डाला गया है। राज्य सरकार नकल विरोधी कानून लाई, जिसमें नकल करने एवं करवाने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के साथ ही स्वरोजगार के लिए भी रास्ता खोल रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारा राज्य प्राकृतिक सौंदर्य, स्वच्छ पर्यावरण से आच्छादित है। हमारे राज्य की यह सुंदरता बनी रहे इसके लिए राज्य सरकार प्रत्येक वर्ष हरेला पर्व के उपलक्ष पर बड़े स्तर पर पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का कार्य करती है। उन्होंने कहा उत्तराखंड राज्य के निर्माण में महिलाओं का बड़ा योगदान रहा है। महिलाओं को नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण देने का विधेयक पारित किया गया। राज्य सरकार विभिन्न सरकारी योजनाओं के अंतर्गत महिलाओं को लखपति बनाने पर भी कार्य कर रही है।