2017-18 की लंबित परियोजनाएं धामी सरकार ने सुचारु की

शहरी विकास एवं आवास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 16 प्रोजेक्टों को लेकर विभागीय अधिकारी के साथ समीक्षा की। इस दौरान वर्ष 2017-18 से लंबित परियोजनाओं को वर्तमान सरकार द्वारा सुचारू करने पर प्रसन्नता व्यक्त की।
विभाग के मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना वर्ष 2016 में लागू हुई। जिसमें शहरी विकास विभाग द्वारा बीएलसी घटक में जबकि आवास विभाग द्वारा एएचपी घटक में काम प्रारंभ किया गया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017-18 में परियोजनाओं हेतु निजी विकास को एवं प्राधिकरण से प्रस्ताव तैयार करवा कर भारत सरकार को भेजे गए थे। मगर परियोजना परवान नहीं चढ़ सकी थी।
विभागीय मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान मुख्यमंत्री की सरकार में उनके निर्देशन पर परियोजना में गंभीरता से कार्य किया गया तथा आवास विभाग द्वारा परियोजना प्रारंभ करने में आ रही दिक्कतों को युद्ध स्तर पर दूर करते हुए कार्य प्रारंभ किया गया है। उन्होंने बताया कि उनके निर्देशन पर आवास विभाग परिषद की 16 परियोजनाओं जिनमें 14200 आवास बन रहे हैं इनमें कार्य प्रारंभ हो सका है। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त एमडीडीए द्वारा एक परियोजना जिनमें 240 आवास, हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण द्वारा एक परियोजना जिनमें 528 आवास तथा उधम सिंह नगर जिला विकास प्राधिकरण में एक परियोजना जिनमें 1872 आवास हैं।
विभागीय मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने आवास विभाग की समीक्षा करते हुए इन परियोजनाओं को सितंबर 2024 पूर्ण करते हुए इनका कब्जा लाभार्थियों को देने के निर्देश दिए। डॉ अग्रवाल ने जिन परियोजनाओं का अभी तक आवंटन नहीं हुआ है उन पर भी शीघ्रता से आवंटन करने के निर्देश दिए।
इस मौके पर अपर आयुक्त आवास पीसी दुम्का उपस्थित रहे।

बागवानी योजनाओं के क्रियान्वयन में मजबूत इच्छाशक्ति के साथ प्रदेश हित का रखा जाये ध्यान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को बागवानी विकास की योजनाओं को धरातल पर लाये जाने के लिये मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने निर्देश दिये कि योजनाओं के क्रियान्वयन में मजबूत इच्छा शक्ति के साथ प्रदेश हित को ध्यान में रखा जाये। उन्होंने प्रदेश में सेब एवं कीवी उत्पादक क्षेत्रों का चिन्हीकरण कर इससे जुड़े किसानों की समस्याओं को त्वरित ढंग से समाधान किये जाने के साथ ही विषय विशेषज्ञों के साथ विभागीय टीम गठित कर इस संबंध में जमीनी जरूरतों का समाधान करने के भी निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित बैठकों को मात्र कोरम पूरा करने का माध्यम नहीं बल्कि योजनाओं को धरातल पर क्रियान्वित करने का माध्यम बनाये जाने के भी निर्देश अधिकारियों को दिये हैं। मुख्यमंत्री ने 15 दिन के बाद इस संबंध में पुनः समीक्षा बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिये हैं।
गुरूवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित कैम्प कार्यालय में सेब की खेती एवं कीवी मिशन की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हिमाचल की भांति हमारे प्रदेश का किसान भी सेब एवं कीवी उत्पादन में अग्रणी बने तथा उनकी आर्थिकी बढ़े, इसके लिये प्रदेश में सेब उत्पादक क्षेत्रों के चिन्हीकरण, भूमि की उत्पादन क्षमता अच्छी किस्म की पौधों की किसानों तक उपलब्धता सुनिश्चित की जाये। उन्होंने कहा कि हमारा किसान रोजगार देने वाला भी बने, इस दिशा में कारगर ढंग से कार्य होना चाहिये। उन्होंने इसके लिये किसानों को प्रशिक्षण के साथ ही उन्हें जागरूक करने पर भी ध्यान देने को कहा तथा उत्पादों के बेहतर विपणन की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर ध्यान देने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने 2030 तक बागवानी क्षेत्र में 3 हजार करोड़ की आय का लक्ष्य तो रखा है लेकिन इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये वर्षवार उत्पादन क्षमता के निर्धारण पर हमें ध्यान देना होगा। उन्होंने बागवानी क्षेत्र में कल्स्टर आधारित एप्रोच पर भी ध्यान देने पर बल दिया तथा सेब एवं कीवी उत्पादन क्षेत्रों में कोल्ड स्टोरेज के प्रस्ताव भी तैयार करने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि हमें प्रदेश में नई कार्य संस्कृति के साथ कार्य करना होगा। हमारे प्रयासों से राज्य को कितना लाभ मिल रहा है अधिकारी इसका भी आकलन करें। योजनाओं को शीघ्रता से जमीन पर उतारने के लिये सरलीकरण, समाधान एवं संतुष्टि के मंत्र को ध्यान में रखा जाना चाहिये। कार्यों को लटकाने पर नहीं उन पर शीघ्रता से निर्णय लेकर आगे बढ़ने की दिशा में काय होना चाहिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बागवानी विकास की योजनाओं के लिये धन की कमी नहीं होने दी जायेगी।
बैठक में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सचिव मुख्यमंत्री विनय शंकर पाण्डेय, सचिव दीपेन्द्र कुमार चौधरी, अपर सचिव रणवीर सिंह चौहान, निदेशक उद्यान एच.एस. बवेजा के साथ अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

सभी विभागों को सितम्बर माह तक 50 प्रतिशत पूंजीगत परिव्यय के लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश

अपर मुख्य सचिव आनंदवर्धन ने सभी विभागों को पूँजीगत परिव्यय में वृद्धि के निर्देश दिए हैं। एसीएस ने राज्य सरकार के सभी विभागों को सितम्बर माह तक 50 प्रतिशत व्यय के लक्ष्य को पूरा करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूँजीगत परिव्यय की नियमित समीक्षा की जाएगी। सचिवालय में पूँजीगत परिव्यय की समीक्षा बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव ने कृषि विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, पशुपालन विभाग, राज्य सम्पति विभाग, आपदा प्रबन्धन विभाग, न्याय विभाग, मत्सय पालन विभाग, पंचायती राज विभाग, गन्ना विकास विभाग, राजस्व विभाग, कोषागार, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा, वित्त विभाग तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग तथा पुलिस एवं कारागार विभाग के पूंजी परिव्यय तथा पूँजीगत योजनाओं की समीक्षा की। इसके साथ ही एसीएस ने विभिन्न विभागों में केन्द्र पोषित योजनाओं (सीएसएस), ईएपी तथा नाबार्ड पोषित योजनाओं के पूंजीगत परिव्यय की भी समीक्षा की।
एसीएस ने सचिव वित्त को निर्देश दिए की जिन विभागों का अपने बजट प्रावधान के सापेक्ष शून्य प्रतिशत जारी राशि तथा परिव्यय रहा है उनकों शीघ्र कार्यवाही हेतु पत्र भेजे जाए। एसीएस ने सभी विभागों को अपने रिलीज बजट तथा परिव्यय का प्रतिमाह का लक्ष्य निर्धारित कर उसे पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
बैठक में सचिव वित्त दिलीप जावलकर, सचिव आपदा प्रबन्धन डा0 रंजीत कुमार सिन्हा, सचिव पशुपालन डा0 बी वी आर सी पुरूषोतम तथा अन्य सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम ने एसबीआई का आपदा राहत कोष में सहयोग करने पर जताया आभार

जोशीमठ में भू-धंसाव वाले क्षेत्र से विस्थापित लोगों के राहत और पुनर्वास के लिए भारतीय स्टेट बैंक द्वारा गुरूवार को उत्तराखण्ड राज्य आपदा राहत कोष में 2 करोड़ रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में भारतीय स्टेट बैंक, नई दिल्ली मण्डल के मुख्य महाप्रबंधक कल्पेश कृ. अवासिया ने भेंट कर 2 करोड़ रूपये का चेक सौंपा। मुख्यमंत्री ने प्रभावितों की सहायता के लिए इस सहयोग राशि के लिए भारतीय स्टेट बैंक का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के चिन्हित चार वाइब्रेंट विलेज माणा, नीति, मलारी एवं गूंजी में अवस्थापना विकास से संबंधित अनेक कार्य किये जाने हैं, इसके लिए भी उन्होंने एस.बी.आई से सहयोग की अपेक्षा की।
भारतीय स्टेट बैंक, नई दिल्ली मण्डल के मुख्य महाप्रबंधक कल्पेश कृ. अवासिया ने कहा कि एस.बी.आई सामाजिक जिम्मेदारियों के अन्तर्गत समाज में जागरूकता फैलाने तथा जरूरतमंद लोगों की सहायता करने के लिए समय-समय पर समाज के विभिन्न स्तरों पर आर्थिक सहयोग प्रदान करता रहता है। भविष्य में भी राज्य की विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में योगदान देता रहेगा।
इस अवसर पर एस.बी.आई के उत्तराखण्ड अंचल के उप महाप्रबंधक राजकुमार सिंह एवं अमरेन्द्र कुमार सिंह भी उपस्थित रहे।

272 अभ्यर्थियों को सीएम ने प्रदान किये नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्राविधिक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 272 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। प्राविधिक शिक्षा विभाग द्वारा पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों के लिए मई 2023 में देहरादून में रोजगार मेले आयोजन किया गया था। विभिन्न कंपनियों में इन विद्यार्थियों के चयन के बाद आज नियुक्ति पत्र प्रदान किये गये।
मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को बधाई दी एवं उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में 9 वर्षों से देश में युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के क्षेत्र में जो अभियान चल रहा है, उसमें रोजगार मेले की एक कड़ी और जुड़ी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के उचित अवसर मिले इसके लिए विभिन्न तकनीकी संस्थाओं में प्रशिक्षण हेतु आधुनिक सुविधायें, ढांचागत विकास, उच्च स्तरीय ई-लर्निंग केन्द्रों की स्थापना, विभिन्न तकनीक के विस्तार, अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केन्द्रों की स्थापना के लिए सरकार द्वारा प्रयास किये जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य प्रदेश को सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विकसित करते हुए जनमानस की समस्याओं का पारदर्शिता पूर्ण निराकरण कर गुड गवर्नेंस देना है। इस कार्य में तकनीकी शिक्षा विभाग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन छात्र-छात्राओं को आज नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए हैं उनके अन्दर जो जोश एवं प्रतिभा परिलक्षित हो रही है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि वे इसी जोश के साथ अपनी लगन, ज्ञान एवं स्किल के बल पर उन्हें रोजगार देने वाली कम्पनियों की अपेक्षाओं में खरा उतरेंगे। मुख्यमंत्री ने उद्योगों के प्रतिनिधियों से अपेक्षा की है कि वे इंटर्नशिप, इण्डस्ट्रियल ट्रेनिंग के साथ-साथ हैण्डस आन प्रैक्टिकल के लिए राज्य सरकार को सहयोग देंगे एवं उत्तराखण्ड के छात्र-छात्राओं को इस क्षेत्र में और अधिक अवसर प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की स्थापना की रजत जयन्ती हेतु सरकार ने 25 संकल्प लिए हैं, इसी कड़ी में तकनीकी शिक्षा विभाग को वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली व्यावसायिक शिक्षा मिशन योजना के क्रियान्वयन हेतु जिम्मेदारी दी गयी है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस प्रयास से प्रदेश में व्यावसायिक व तकनीकी शिक्षा के माध्यम से रोजगार व स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
तकनीकि शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों को शुभकामना देते हुए कहा कि आज इन युवाओं का पढ़ाई करने के बाद नौकरी करने का सपना पूरा हो रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि जिन प्रतिष्ठानों द्वारा इनको नियुक्ति दी जा रही है, सभी अभ्यर्थी इन प्रतिष्ठानों में पूरी लगन के साथ कार्य करेंगे। हमारे ये अभ्यर्थी लगन से कार्य करेंगे, तो औद्योगिक संस्थानों का झुकाव हमारे युवाओं की ओर तेजी से बढ़ेगा। तकनीकि शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य के पॉलिटेक्निक के बेहतर अवस्थापना सुविधाओं के लिए 1 साल में 300 करोड़ रूपये दिये गये। इंडस्ट्री के साथ बैठक कर उनकी मांग के आधार पर राज्य में कोर्स बढ़ाये गये हैं। उन्होंने कहा कि रोजगार मेलों के माध्यम से 60 प्रतिशत युवाओं का चयन हो रहा है। कुछ पॉलिटेक्निक से लगभग शत प्रतिशत छात्रों का भी चयन हो रहा है।
इस अवसर पर जानकारी दी गई कि 25 अप्रैल 2023 को कुमांऊ क्षेत्र के विभिन्न पॉलीटेक्निक संस्थाओं में अध्ययन कर रहे छात्र-छात्राओं हेतु राजकीय पॉलिटेक्निक काशीपुर में जो रोजगार मेले का आयोजन कराया गया था, उसमें 430 छात्र -छात्राओं ने रोजगार प्राप्त किया। इसी प्रकार गढ़वाल क्षेत्र के लिए 8 मई 2023 को आयोजित कराए गए रोजगार मेले में करीब 608 युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ। ऑनलाईन प्लेसमेंट सेल के माध्यम से 401 एवं विभिन्न संस्थाओं में आयोजित कैंपस प्लेसमेंट द्वारा 669 छात्रों को रोजगार प्रदान किये जाने के साथ ही कुल 2108 छात्रों को रोजगार प्राप्त हुआ है।
इस अवसर पर विधायक प्रमोद नैनवाल, सुरेश सिंह चौहान, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव रविनाथ रमन, निदेशक प्राविधिक शिक्षा आर.पी.गुप्ता, महानिदेशक यू कॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत एवं प्राविधिक शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा-पर्यावरण दिवस मात्र एक दिन नही मनाया जाये, प्रतिदिन प्रकृति का संरक्षण करने पर दिया जोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं वन मंत्री सुबोध उनियाल ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास के समीप वृक्षारोपण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्कूल के छात्र-छात्राओं को जूट के बैग भी प्रदान किये।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर घोषणा की कि राज्य के चार जनपदों देहरादून, हरिद्वार, उधमसिंह नगर एवं नैनीताल में 50-50 किमी के साईकिल ट्रैक बनाये जायेंगे एवं 9 जनपदों में यथा संभव साईकिल ट्रैक बनाये जायेंगे। राज्य में स्प्रिंग व रिवर रिजुवनेशन बोर्ड बनाया जायेगा। सभी 13 जनपदों में स्वच्छता के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाली एक-एक ग्राम पंचायत को पुरस्कृत किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारियों की बैठक लेते हुए निर्देश दिये कि जनपदों में पर्यावरण संरक्षण के लिए नियमित जन जागरूकता अभियान चलाये जाए और इस दिशा में विभिन्न विभागों के माध्यम से लगातार कार्य किये जाएं। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण एवं स्वच्छता अभियान के लिए जन सहयोग भी लिया जाए। उन्होंने कहा कि हमारी आने वाली पीढ़ियों को शुद्ध जल, हवा, मिट्टी एवं पर्यावरण मिले, इसके लिए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सभी को ध्यान देना होगा। वैश्विक तापमान में वृद्धि एवं जल स्तर का नीचे जाना सभी के लिए चिंता का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे प्रदेश का अधिकांश क्षेत्र वनों से आच्छादित है, वनों के संरक्षण के लिए हमें इससे होने वाले फायदे को लोगों की आजीविका से जोड़ना होगा जिससे इकोलॉजी पर आधारित रोजगार को बढ़ाना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मिट्टी को बचाने के लिए हमें 5 प्रमुख बातों पर फोकस करना होगा। मिट्टी को केमिकल फ्री कैसे बनाएं। मिट्टी में जो प्राकृतिक जैविक खाद के रूप में काम आने वाले जीव रहते हैं, हम उन्हें कैसे बचाएं। मिट्टी की नमी को कैसे बनाए रखें और उस तक जल की उपलब्धता कैसे बढ़ाएं। भूजल कम होने की वजह से मिट्टी को जो नुकसान हो रहा है, उसे कैसे दूर करें। वनों का दायरा कम होने से मिट्टी का जो लगातार क्षरण हो रहा है, उसे कैसे रोकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड देने का बहुत बड़ा अभियान चलाया, जिससे किसानों को काफी लाभ हुआ। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश में पिछले 9 साल से जो भी प्रमुख विकास योजनाएं संचालित हो रही हैं, उन सभी में किसी न किसी रूप से पर्यावरण संरक्षण की बात होती है, स्वच्छ भारत मिशन, अमृत मिशन के तहत शहरों में आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स का निर्माण, सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्ति का अभियान हो या फिर नमामि गंगे के तहत गंगा स्वच्छता का अभियान हो, पर्यावरण रक्षा के क्षेत्र में हमारे देश के प्रयास बहुआयामी रहे हैं। जल संरक्षण की दिशा में देशभर में अमृत सरोवर की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदेश के लिए गर्व का विषय है कि राज्य को जो 975 अमृत सरोवर बनाने का लक्ष्य मिला था, उसके सापेक्ष अब तक करीब 1092 अमृत सरोवरों का निर्माण किया जा चुका है।
वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। यह चुनौती पूरे विश्व की है। उन्होंने कहा कि जिस तेज गति से भौगोलिक एवं जलवायु परिवर्तन हो रहा है, यह चिंता का विषय है। राज्य में पर्यटन आधारित गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं, इसके दृष्टिगत भी हमें पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक वृक्षारोपण एवं स्वच्छता की दिशा में और प्रयास करने होंगे। जल स्रोतों के पुनर्जीवीकरण की दिशा में विशेष प्रयास करने होंगे। पर्यावरण संरक्षण के लिए जन सहभागिता को बढ़ाना होगा, इसमें जनपदों में जिलाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि वन सम्पदाओं को लोगों की आजीविका से जोड़ना जरूरी है। वन पंचायतों को मजबूत बनाना जरूरी है, लाखों लोग इससे जुड़े होते हैं।
बैठक के दौरान जिलाधिकारियों ने जनपदों में पर्यावरण संरक्षण के लिए किये जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी। बैठक शुरू होने से पूर्व उड़ीसा के बालासोर में हुई रेल दुर्घटना में मृतकों के प्रति शोक संवेदना प्रकट करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव वन आर. के सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक अनूप मलिक, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

क्रिकेटर आकाश मधवाल ने सीएम से मुलाकात की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड के क्रिकेटर आकाश मधवाल ने भेंट की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उन्हें सम्मानित किया एवं उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उत्तराखण्ड के क्रिकेटर आकाश मधवाल ने आईपीएल 2023 में मुंबई इंडियंस की टीम से खेलते हुए गेंदबाजी में शानदार प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड एथलेटिक्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष जितेन्द्र नेगी एवं संजय सिंह भी उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री का विरोध करना मर्यादा के विरुद्ध-अग्रवाल

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व संसदीय कार्यमंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने लोकतंत्र के मंदिर नए संसद भवन के उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा किये जाने का विरोध कर रहे विपक्षियों के रुख की आलोचना की है।
शनिवार को संसदीय कार्यमंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि जनता की आशाओं के प्रतीक, भव्य, अद्भुद व आलीशान संसद भवन, जिसमें आधुनिकता एवं संस्कृति का संगम समाहित है, यह बुलंद भारत की नई तस्वीर है। नई संसद स्वतंत्रता के बाद बना गौरवशाली एवं ऐतिहासिक भी है। ऐसे पल पर विपक्ष को राजनीति करने से बाज आना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष को इसके उद्घाटन पर लोकतंत्र के त्योहार के रूप में मनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष को खुश होना चाहिए कि देश को नई संसद मिल रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को रिकॉर्ड समय में नई संसद बनाने के लिए सरकार की प्रशंसा करनी चाहिए, जबकि वे सरकार की आलोचना कर रहे हैं।
संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि वह नई संसद के उद्घाटन के बेवजह विवाद के खिलाफ हैं। विपक्ष के पास मुद्दों की कमी है वह हमेशा सही चीज का ही विरोध करते है। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष राष्ट्रपति से इतना ही प्रेम दर्शा रहा है तो राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष ने उनके खिलाफ कैंडिडेट क्यों खड़ा किया था।
संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति बनने के बाद विपक्ष ने उनपर अभद्र भाषा का प्रयोग किया। यही नहीं बजट सत्र के दौरान राष्ट्रपति के अभिभाषण का भी विरोध कर विपक्ष ने लोकतंत्र के मूल्यों का अपमान किया था। मगर, आज उन्हीं से नई संसद भवन का उद्घाटन कराने पर आतुर दिख रहे है जो कि सिर्फ राजनीति भर है। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी रहे प्रधानमंत्रियों ने लोकतंत्र के ऐसे नए आयामों का लोकार्पण व शिलान्यास किया है। इस लिए बेवजह प्रधानमंत्री पर निशाना साधना छोड़ दे और कार्यक्रम में शामिल होकर इसकी शोभा बढ़ाये।

दो दिवसीय दिव्यांगजन शिविर का पुलिस महानिदेशक ने किया शुभारंभ

उद्धार, नागपुर, महाराष्ट्र की एक सामाजिक संस्था, उत्तराखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति व उत्तरांचल प्रेस क्लब के संयुक्त तत्वावधान में प्रेस क्लब में दो दिवसीय निःशुल्क दिव्यांगजन हेतु कृत्रिम अंग फिटमेंट एवं वितरण शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रेस क्लब सदस्यों ने ही नहीं बल्कि दूर-दराज इलाकों से पहुंचे दिव्यांगजन ने स्वास्थ्य जांच का लाभ उठाया व मौके पर ही कृतिम अंग भी प्राप्त किए। शिविर का शुभांरभ बतौर मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, उद्धार सामाजिक संस्था की अध्यक्ष कुसुम अग्रवाल, सस्था के सचिव कुंज बिहारी लाल व प्रेस क्लब अध्यक्ष अजय राणा ने दीप प्रज्जवलित कर किया। शिविर में 78 लोगों की जांच की और कृत्रिम अंग प्रदान किए गए। यह शिविर 28 मई को भी चलेगा।
शनिवार को प्रेस क्लब में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बतौर मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने शिविर के उद्घाटन से पूर्व पूरे शिविर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के विभिन्न भागों से आए हुए दिव्यांगजनों से वार्ता कर संस्था के कार्याे की सराहना की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि उद्धार संस्था की तकनीशियन टीम जो कि स्वयं दिव्यांग होने के बावजूद दिव्यांग लोगों की सहायता कर रही है, ये अपने आप में बहुत बड़ा काम है। उन्होंने कहा कि इससे शारीरिक तौर पर कमजोर लोगों को फायदा होगा। उन्होंने उद्धार संस्था नागपुर कोे इस प्रयास के लिए बधाई दी।
उद्धार नागपुर महाराष्ट्र समाजिक संस्था के सचिव कुंज बिहारी लाल ने कहा कि लगातार 34 सालों से संस्था दिव्यांगजन के स्वास्थ्य जांच से लेकर उनके लिए कृत्रिम अंग निःशुल्क मुहैया कराने का कार्य कर रही हैं। अब तक वे अलग-अलग राज्यों में 3200 से अधिक दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग प्रदान कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य दिव्यांग लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है। कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति के अपर परियोजना निदेशक डॉ. अजय नगरकर ने सरकार की योजनाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रेस क्लब अध्यक्ष अजय राणा व संचालन संयुक्त मंत्री मीना नेगी ने किया। इस अवसर पर संस्था के सदस्य संजय राजगड़िया, रूचिका राजगड़िया, अक्षय राजगड़िया, अंकिता राजगड़िया, श्रृति कृष्णा, प्रद्धुमन कृष्णा, देवांशी राजगड़िया रूंगटा व महावीर विकलांग समिति के तकनीकि टीम के लीडर डॉ. देवकी नंदन व उनकी टीम डॉ दीन दयाल, तुफान सिंह, रामप्रसाद, राजेंद्र, चंदन सिंह, जगदीश, स्वास्थ्य विभाग के प्रचार प्रसार अनिल सती के साथ ही उत्तरांचल प्रेस क्लब महामंत्री विकास गुसाईं, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रश्मि खत्री, कनिष्ठ उपाध्यक्ष दरवान सिंह, संयुक्त मंत्री राजीव थपलियाल, कोषाध्यक्ष मनीष चंद्र भट्ट, सम्प्रेक्षक मनोज सिंह जयाडा, कार्यकारिणी सदस्य प्रवीन बहुगुणा, मंगेश कुमार, मो. फहीम तन्हा, पदेन सदस्य जितेंद्र अंथवाल आदि उपस्थित रहे।

38वें राष्ट्रीय खेल के आयोजन को लेकर मुख्य सचिव ने समीक्षा की

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में वर्ष 2024 में प्रस्तावित 38वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के सम्बन्ध में बैठक आयोजित हुई। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने 38वें राष्ट्रीय खेलों से सम्बन्धित सभी निर्माण कार्यों में गति लाते हुए निर्धारित समय से पूर्व करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का विशेष ध्यान दिए जाने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने प्रदेश में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय खेलों के लिए गुणवत्ता के साथ ही भव्यता के साथ आयोजित किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि पर्यटन प्रदेश होने के नाते इसे एक अवसर के तौर पर देखना चाहिए। देशभर से जो प्रतिभागी इसमें भाग लेने आएंगे, उनमें प्रदेश की अच्छी छवि जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि टॉर्च रिले कार्यक्रम को पूरे प्रदेश में प्रत्येक पर्यटन शहर में आयोजित किया जाए ताकि प्रदेश के पर्यटन का प्रचार प्रसार भी हो सके। उन्होंने कहा कि सभी इवेंट के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाए। इस पर आने वाले व्यय को राज्य सरकार वहन करेगी। इससे कलाकारों को रोजगार भी प्राप्त होगा साथ ही प्रदेश की संस्कृति का प्रचार प्रसार भी होगा।
मुख्य सचिव ने कहा कि निर्माण कार्यों को समय से पूर्ण किया जा सके इसके लिए सभी कार्यों को पूर्ण करने को तिथियां निर्धारित कर ली जाएं और समय से कार्य शुरू एवं पूर्ण कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि बजट की किसी भी प्रकार से कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने उपकरणों की खरीद, विशेष कर जो विदेशों से आयात होने हैं, का कार्य तत्काल शुरु किये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विदेशों से आने वाले उपकरण में कई बार अत्यधिक समय लग जाने से निर्धारित समय तक नहीं पहुंच पाते हैं।
मुख्य सचिव ने पौड़ी के हाई एल्टीट्यूड रांशी स्टेडियम को भी राष्ट्रीय खेलों से जोड़े जाने की बात कही। कहा कि राष्ट्रीय खेलों से पहले प्रदेश में प्रदेश स्तर की प्रतियोगिताएं भी कराई जाएं ताकि प्रदेश में खिलाड़ी इसके लिए तैयार और जागरूक हो सकें। उन्होंने कहा कि खेलों के लिए स्वयंसेवकों की टीम भी तैयार की जाए। उन्हें प्रमाण पत्र भी दिया जा सकता है।
इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव सचिन कुर्वे, हरिचंद्र सेमवाल, अपर सचिव खेल जितेन्द्र कुमार सोनकर सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।