उत्तराखंड को नए फिल्म इंडस्ट्री हब के रूप में विकसित किए जाने पर चर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में प्रसिद्ध फ़िल्म अभिनेता अक्षय कुमार ने मुलाकात की।
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं अभिनेता अक्षय कुमार के बीच उत्तराखंड को नए फिल्म इंडस्ट्री हब के रूप में विकसित किए जाने पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य दिन प्रतिदिन फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक नए शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। उत्तराखण्ड का नैसर्गिक सौन्दर्य फिल्मांकन के लिए लोगों को आकर्षित कर रहा है। राज्य सरकार भी उत्तराखंड को एक बड़े फिल्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने पर विभिन्न योजनाओं पर कार्य कर रही है। इसके लिए नई फिल्म नीति पर भी कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा फिल्मांकन के लिए फिल्मकारों को अनेकों सुविधाएं प्रदान की जा रही है।
अभिनेता अक्षय कुमार ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि मंगलवार को उन्हें श्री केदारनाथ धाम में बाबा केदार के दर्शन का सुअवसर प्राप्त हुआ। इस दौरान उन्होंने श्री केदारनाथ धाम में किए जा रहे पुनर्निर्माण कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने श्री केदारनाथ धाम में तीर्थ यात्रियों की सुविधाओं के प्रति भी राज्य सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं के प्रयासों की सराहना की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ मुख्यमंत्री आवास परिसर का भ्रमण किया।

राजस्व प्राप्तियों के लिए प्रत्येक माह का लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश

विभागों को राजस्व प्राप्तियों के लिए प्रत्येक माह का जो लक्ष्य मिला है, सभी विभाग उस लक्ष्य को हासिल करें, तभी राजस्व प्राप्ति का वार्षिक लक्ष्य हासिल कर पायेंगे। राजस्व लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए विभागों को ऑनलाईन सिस्टम पर और अधिक कार्य करने की जरूरत है। जीएसटी से राजस्व प्राप्तियां और बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके लिए लोगों को बिल लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाए और व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान भी चलाया जाए। ये निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में राजस्व प्राप्ति के सम्बंध में बैठक लेते हुए अधिकारियों को दिये।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किये जाएं। विभागों को इसके लिए आधुनिक तकनीक के माध्यम से पारदर्शिता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राजस्व वृद्धि के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। जिन क्षेत्रों में अपेक्षा के अनुरूप राजस्व की प्राप्ति नहीं हो पा रही है, इसके कारणों का गहनता से अध्ययन कर उसका उचित समाधान निकाला जाए। पूंजीगत व्यय पर विशेष ध्यान दिया जाए। विभागों को विभिन्न क्षेत्रों में जो पिछले सालों की रिकवरी करनी है, इस दिशा में ध्यान दिया जाए। खनन के क्षेत्र में राजस्व वसूली के लिए मजबूत ऑनलाईन सिस्टम बनाया जाए। वन क्षेत्रान्तर्गत के बरसाती नालों को चिन्हित कर चौनेलाइज करने की दिशा में ध्यान दिया जाए। वन सम्पदाओं के बेहतर उपयोग की दिशा में वन विभाग को और सुनियोजित तरीके से कार्य करने की जरूरत है। वन सम्पदा के बेहतर उपयोग के लिए क्या नवाचार हो सकते हैं, इस दिशा में कार्य किये जाएं। वन पंचायतों के माध्यम से मेडिसिनल प्लांट के क्षेत्र में कार्य किये जाएं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में यूपीसीएल एवं यूजेवीएनल को राजस्व बढ़ाने की जरूरत है। बिजली चोरी को पूर्णतया रोकने के लिए कारगर प्रयासों की जरूरत हैं। इसके लिए सूचना आधारित प्रणाली और विकसित करने पर ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति की समीक्षा हर माह की जायेगी।
बैठक में कैबिनेट मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक अनूप मलिक, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, दिलीप जावलकर, अरविन्द सिंह ह्यांकी, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, एच.सी. सेमवाल, विनोद रतूड़ी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

हिंदू नेशनल इंटर कॉलेज में आयोजित श्रीराम कथा में शामिल हुए सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को हिन्दू नेशनल इंटर कॉलेज लक्ष्मण चौक में आयोजित श्री राम कथा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने श्री राम कथा व्यास पद्म विभूषण जगत गुरु स्वामी रामभद्राचार्य का अभिनन्दन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जगतगुरु स्वामी रामभद्राचार्य महाराज जी के मुखारबिन्द से राम कथा का वर्णन दार्शनिक है, अतुलनीय है तथा साक्षात प्रभु राम के आशीर्वाद के समान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का पावन जीवन चरित्र समूची मानवता के लिए दिग्दर्शन है, प्रेरणा एवं प्रकाश है। उनके जीवन से हम सबको विषम परिस्थितियों में जूझने की प्रेरणा मिलती है। यह हम सबका सौभाग्य है कि स्वामी जी के मुखारबिन्द से हमें श्री राम कथा श्रवण का आनंद प्राप्त हो रहा है। तथा यह वर्तमान पीढ़ी का भी सौभाग्य है कि वह श्रीराम कथा श्रवण की परंपरा से जुड़ रही है। उन्होंने कहा कि स्वामी जी धार्मिक और सामाजिक सेवा संस्थान के माध्यम से दीन दुखियों, दिव्यांगों एवं विद्यार्थियों की सेवा करने के साथ शिक्षा प्रदान करने कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में, आज अभूतपूर्व रूप से भारत का सांस्कृतिक उत्थान हो रहा है। सनातन संस्कृति का परचम विश्व में लहरा रहा है और हमारी आस्था के केन्द्रों का इतिहास और महत्व उसी गौरव के साथ प्रदर्शित किया जा रहा है, जिसके साथ इसे किया जाना चाहिए था। चाहे श्री राम मंदिर का निर्माण हो, बाबा विश्वनाथ मंदिर का अविस्मरणीय पुनरुद्धार हो, केदारपुरी व बद्रीनाथ पुरी का पुनर्निर्माण व सौन्दर्यीकरण हो।प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत की अस्मिता के प्रतीकों व सांस्कृतिक धार्मिक- धरोहरों को जिस प्रकार से संरक्षित व संवर्धित किया जा रहा है उसकी शब्दों में व्याख्या संभव नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि है। हमारा प्रदेश दो देशों की अन्तराष्ट्रीय सीमा से जुड़़ा है। गंगा, यमुना का उद्गम स्थल तथा धर्म, आध्यात्म तथा संस्कृति का केंद है। देवभूमि का मूल स्वरूप बना रहे इसके लिये राज्य में समान नागरिक संहिता हमारे राज्य की जरूरत थी। इसके लिये कमेटी का गठन किया गया, कमेटी द्वारा जून तक इसका ड्राफ्ट तैयार कर लिया जायेगा। इसके पश्चात राज्य में इसे लागू किया जायेगा। यह किसी के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य में लैंड जेहाद के रूप में हो रहे धार्मिक अतिक्रमण को समाप्त करने का कार्य किया जा रहा है। राज्य में अवैध अतिक्रमण को किसी भी दशा में होने नहीं दिया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में धर्मांतरण पर अब हमने कड़ा कानून बनाया है। इसके अंतर्गत 10 साल तक की कैद का प्रावधान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड से हर नए कार्य की शुरुआत होती है और जो हमारे यहां शुरू होता है वो पूरे देश में जाता है। धर्मांतरण पर कानून समय की आवश्यकता थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास है कि उत्तराखण्ड देश और दुनिया का नम्बर वन पर्यटन प्रदेश बनने के साथ ही हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की भी वैश्विक पटल पर पहचान बने। उन्होंने कहा कि इस बार कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस के अवसर पर उत्तराखण्ड की झांकी मानसखण्ड को प्रथम पुरस्कार मिलना प्रदेश के साथ ही हमारी लोक संस्कृति का भी सम्मान है।
इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, मेयर सुनील उनियाल गामा आदि उपस्थित थे।

जी-20 के कार्यों को देख गदगद हुए शहरी विकास मंत्री

शहरी विकास मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने जी-20 के अंतर्गत जौलीग्रांट एयरपोर्ट से इंद्रमणी बडोनी चौक तक किये जा रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान निर्माण कार्यों की डा. अग्रवाल ने सराहना करते हुए अधिकारियों की पीठ थपथपाई। साथ ही एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी को रेलवे ब्रिज, इंद्रमणी बडोनी चौक, गौरा देवी चौक, डिवाइडर पर बड़े कलरफुल पौधों के गमले लगाने तथा बडोनी चौक के पास फसाड योजना के तहत दुकानों के सौंदर्यीकरण करने के निर्देश दिए।

आज मंत्री डा. अग्रवाल जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे। यहां एमडीडीए द्वारा उद्यान, बागवानी के कार्यों का निरीक्षण किया। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट पर ग्राउंड कवर तथा विभिन्न प्रजाति के कलरफुल पौधे जिनमें पाम की फाक्सटैल, वसिंगटोनिया, चांदनी, स्टार लाइट, कॉपर बोटल ब्रश आदि लगाए गए हैं, जो हर मौसम के लिए उपयोगी हैं तथा सदाबहार है।

डा. अग्रवाल ने एयरपोर्ट पर बनी पेंटिंग का भी निरीक्षण किया। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि राज्य के सभी 13 जिलों की थीम पर आधारित पेंटिंग बनाई गई है, जिसे डा. अग्रवाल द्वारा सराहा गया। इसके बाद डा. अग्रवाल रानीपोखरी से होते हुए नरेंद्रनगर बैंड पहुंचे। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि बैंड पर लगाई गई विभिन्न प्रजाति के पौधों को वन क्षेत्र को ध्यान में रखकर लगाया गया है। इसमें बैम्बू, यूका, यूफारेबियामिली, फर्न, जंगली बांस आदि शामिल हैं।

इसके बाद डा. अग्रवाल इंद्रमणी बडोनी चौक पहुंचे। उन्होंने एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी को रेलवे ब्रिज, इंद्रमणी बडोनी चौक, गौरा देवी चौक, डिवाइडर पर बड़े कलरफुल पौधों के गमले लगाने तथा बडोनी चौक के पास फसाड योजना के तहत दुकानों के सौंदर्यीकरण करने के निर्देश दिए।

इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी झरना कामठान, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, मुख्य नगर आयुक्त राहुल गोयल, सहायक नगर आयुक्त रमेश रावत, उद्यान अधिकारी एमडीडीए एआर जोशी, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्युष कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका डोईवाला उत्तम सिंह नेगी, लोनिवि के अधिशासी अभियंता धीरेंद्र कुमार, उपायुक्त नगर निगम देहरादून कुसुम चौहान, समाजसेवी भारत गुप्ता, विनय जिंदल आदि उपस्थित रहे।

कोर्ट फैसलाः दस वर्ष पुराने मारपीट मामले में कोर्ट ने किया बरी

न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋषिकेश की अदालत ने दस वर्ष पुराने मारपीट के मामले में आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी किया है।

सर्वहारा नगर काले की ढाल, ऋषिकेश निवासी महेंद्र मधेशिया द्वारा 20 सितंबर 2013 को एक रिपोर्ट दर्ज करवाई। जिसमें बताया था कि उसकी स्थान कोयल घाटी ऋषिकेश स्थित पान की दुकान है। 20 सितंबर 2013 की रात्रि वह अपने साथियों के साथ अपनी दुकान बंद कर अपने घर जा रहा था तभी आवास विकास निवासी मनिंद्र तिवारी, सुभाष तिवारी, नीतीश बामराडा, मनीराम मार्ग निवासी अक्षय भल्ला व हरिधाम कालोनी निवासी वरुण तनेजा द्वारा महेंद्र और उसके साथियों पर लाठी खुखरी से जान लेवा हमला कर दिया जिससे वह और उसके साथी बुरी तरह घायल हो गए।
पुलिस द्वारा मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा उसके बाद मुकदमा न्यायिक मैजिस्ट्रेट, ऋषिकेश के न्यायालय में विचाराधीन रहा ।

आरोपियों की ओर से अधिवक्ता शुभम राठी और पवन कुमार द्वारा कोर्ट में ठोस पैरवी की गई। दस साल पुराने इस मामले में अभियोजन द्वारा कुल छः गवाह पेश किए गए, जिनसे अधिवक्ता शुभम राठी द्वारा जिरह की गई।
कोर्ट ने पाया कि मामले में पेश किए गए गवाहो की गवाही में गंभीर विरोधाभास थे तथा कोई भी गवाह बचाव पक्ष के अधिवक्ता के प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर नहीं दे सका। साथ ही मामले में पुलिस द्वारा अभियुक्तगणों से कोई भी बरामदगी नहीं की गई तथा अभियोजन अपना मामला संदेह से परे साबित करने में असफल रहा।
न्यायालय न्यायिक मैजिस्ट्रेट, ऋषिकेश जिला देहरादून द्वारा सभी आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी किया गया।

केंद्रीय वन मंत्री के साथ सीएम ने किया राजाजी नेशनल पार्क का भ्रमण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव एवं प्रदेश के वन मंत्री सुबोध उनियाल ने शनिवार को मोतीचूर रेंज में राजाजी नेशनल पार्क का भ्रमण किया। इस अवसर पर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के वन क्षेत्र से लाई गई एक बाघिन को राजाजी टाइगर रिजर्व के मोतीचूर वन क्षेत्र में बाड़े से छोड़ा गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राजाजी नेशनल पार्क का यह क्षेत्र पर्यटन हब बने, लोग यहां के प्राकृतिक सौंदर्य को देखने आएं, इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। आज राजाजी नेशनल पार्क के मोतीचूर रेंज में एक बाघिन को छोड़ा गया है। इकोलॉजी और इकोनॉमी में संतुलन बनाए रखने एवं पर्यावरण के संरक्षण और संवर्द्धन की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक अनूप मलिक, मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक समीर सिन्हा उपस्थित थे।

चेक बाउंस मामले में तीन माह की सजा और 3 लाख रुपए जुर्माना

चेक बाउंस मामले में न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋषिकेश नंदिता काला की अदालत ने आरोपी कुंदन लाल को तीन माह के कारावास तथा तीन लाख रुपए का जुर्माना की सजा सुनाई है।

अधिवक्ता शुभम राठी ने बताया कि वीरपुरखुर्द निवासी प्रकाश बोरा की जान पहचान एम्स अस्पताल ऋषिकेश में कार्यरत मूल रूप से सेमवाल गांव, थाना सत्यो, जिला टिहरी गढ़वाल निवासी कुंदन लाल से थी। कुंदन लाल ने मई 2016 में प्रकाश बोरा से 2 लाख रुपए पांच महीने के लिए उधार लिए थे और पांच महीने बाद पैसे लौटाने के एवज में एक 2 लाख रुपए का चेक परिवादी को दिया जो की बैंक में लगाने पर बाउंस हो गया। जब परिवादी ने कुंदन लाल से अपनी रकम का तकाजा किया तो कुंदन ने सिर्फ 15 हजार नकद लोटाए तथा शेष 1,85,000 का फिर से कुछ दिन बाद का एक चेक परिवादी को दिया। वह चेक भी बैंक में लगाने पर बाउंस हो गया। उसके पश्चात कुंदन लाल ने परिवादी को पैसा लौटाने से साफ इंकार कर दिया।

परिवादी द्वारा अधिवक्ता शुभम राठी के माध्यम से कोर्ट में केस दर्ज किया। छह साल चले इस मामले में कोर्ट ने कुंदन लाल को दोषी पाया और उसे तीन माह के कारावास से दंडित किया साथ ही कुंदन लाल पर तीन लाख रुपए जुर्माना भी लगाया गया, जो की उसके द्वारा परिवादी को अदा किया जाएगा।

ट्रांजिट कैंप का लोकार्पण कर मुख्यमंत्री ने किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश में लगभग 22.25 करोड़ रूपये की लागत से चारधाम यात्रियों के लिए बने रजिस्ट्रेशन ऑफिस कम ट्रांजिट कैम्प का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने ऋषिकेश क्षेत्र में चन्द्रभागा नदी के दायें तट पर ढ़ालवाला पुल से बस अड्डा तक लगभग 4.71 करोड़ रूपये से निर्मित आस्था पथ के ऊपर सी.सी. मार्ग के निर्माण कार्य का लोकार्पण भी किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रियों के लिए रजिस्ट्रेशन ऑफिस कम ट्रांजिट कैम्प के लोकार्पण के अवसर पर चारधाम यात्रियों की सुविधा के दृष्टिगत किये जा रहे सभी कार्यों का निरीक्षण भी किया। इस अवसर पर उन्होंने ट्रांजिट कैम्प में चिकित्सालय, पंजीकरण कार्यालय, पूछताछ एवं सहायता केन्द्र का अवलोकन भी किया और वहां की सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि यात्रियों की सुविधा के दृष्टिगत सभी व्यवस्थाएं अच्छी रखी जाए। यात्रियों के साथ शालीनता पूर्वक व्यवहार किया जाए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर विभिन्न राज्यों से चारधाम यात्रा के लिए आए श्रद्धालुओं से बातचीत की। उन्होंने सभी का देवभूमि उत्तराखण्ड में स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा के लिए राज्य सरकार द्वारा श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास किये गये हैं। उन्होंने चारधाम यात्रा पर जाने वाले सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डा. प्रेम चंद अग्रवाल, सासंद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, मेयर ऋषिकेश, गढ़वाल आयुक्त सुशील कुमार, आईजी गढ़वाल के. एस. नगन्याल एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने ग्राफिक एरा के छात्रों से मेहनत करते हुए सर्वोत्तम अंक प्राप्त करने की अपील

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के रजत जयंती समारोह ग्राफेस्ट में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के दौरान बालीवुड की जानीमानी गायिका और अनेक अवार्ड से नवाजी गयी नेहा कक्कड द्वारा गानों की प्रस्तुति दी गयी।

कार्यक्रम के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अपने भविष्य के लिये मेहनत करते हुए अपने सर्वाेत्तम को प्राप्त करें, ऐसी मेरी कामना है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का धन्यवाद करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारतवर्ष नई-नई ऊँचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जी-20 की अध्यक्षता का सौभाग्य हमारे देश को प्राप्त हुआ है, यह हम सभी के लिये गर्व की बात है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी, ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी जिसके तीन परिसर देहरादून, हल्द्वानी एवं भीमताल में हैं यह सभी संस्थान आज उच्च टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग के श्रेष्ठ केंद्रों के रूप में जाने जाते हैं। आज 30,000 विद्यार्थियों के साथ ग्राफिक एरा डीम्ड विश्वविद्यालय अपने 25 वर्ष पूर्ण कर चुका है। यह सभी संस्थान अपने शोध, नवाचार एवं अपने उच्च स्तरीय शिक्षण के लिए जाने जाते हैं और राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन्होंने अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि भारतवर्ष के प्रथम शीर्ष 100 विश्वविद्यालयों में इसका नाम शामिल होना अपने आप में इस बात का परिचायक है कि ग्राफिक एरा ने पिछले 25 वर्षों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।

मुख्यमंत्री ने डॉ0 कमल घनशाला को इन उपलब्धियों के लिये बधाई देते हुए कहा कि यह प्रदेश के लिये बहुत ही गर्व की बात है कि उनके द्वारा ग्राफिक एरा मेडिकल कॉलेज एवं ग्राफिक एरा हॉस्पिटल को विकसित करके हजारों व्यक्तियों को रोजगार के अवसर प्रदान किये गये।

होम्योपैथिक अत्यंत कारगर होने के साथ किफायती भीः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून विश्वविद्यालय, देहरादून में राष्ट्रीय होम्योपैथिक सम्मेलन ‘होम्योकॉन- 2023’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने होम्योपैथिक पर बनी डॉक्यूमेंट्री को लॉच किया। होम्योपैथी के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाले चिकित्सकों को मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने होम्योपैथी के जन्मदाता सैमुअल क्रिश्चियन हैनिमैन का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने होम्योपैथी के रूप में एक ऐसी उपचार पद्धति विकसित की, जो अत्यंत कारगर होने के साथ साथ किफायती भी थी। उन्होंने कहा कि शरीर ही सारे कर्तव्यों को पूर्ण करने का एकमात्र साधन है। शरीर की रक्षा करना और उसे निरोगी बनाये रखना मनुष्य का सर्वप्रथम कर्तव्य है। यदि मनुष्य निरोगी होगा तो, वह जीवन में सब कुछ कर सकता है। जीवन शैली में तेजी से बदलाव हो रहा है, ऐसे में और भी अधिक आवश्यक हो जाता है कि हम अपने शरीर का जितना हो सके उतना ख्याल रखें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अथक प्रयासों के कारण ही आज योग, आयुर्वेद और होम्योपैथी पद्धति समेत तमाम प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धतियां अपना विलुप्त होता वैभव पुनः प्राप्त कर रही हैं। चाहे वो आयुष मंत्रालय का गठन हो या फिर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन हो। प्रधानमंत्री की दूरदृष्टि के कारण ही आज पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को लोग अपना रहे हैं। भारत में पारम्परिक चिकित्सा प्रणाली को बढावा देने के लिए प्रधानमंत्री ने वर्ष 2014 में पृथक से आयुष मंत्रालय का गठन किया था। राज्य सरकार प्रदेश में आयुष चिकित्सा को मुख्यधारा में लाने के लिए प्रयासरत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा होम्योपैथी को विश्व की दूसरी सबसे बड़ी प्रचलित चिकित्सा पद्धति माना गया है। हम सभी ने कोरोना काल में होम्योपैथी की दवाइयों सहित पारंपरिक चिकित्सा के महत्व को बहुत करीब से देखा है, जिसके बाद होम्योपैथी की विश्वभर में स्वीकार्यता बड़ी है। इन सुखद परिणामों के चलते ही नई स्वास्थ्य नीति में होम्योपैथी को एक प्रमुख चिकित्सा पद्धति के रूप में स्थान मिला है। राज्य सरकार देवभूमि को एक महत्वपूर्ण आयुष प्रदेश के रूप में स्थापित करने हेतु कृत संकल्पित है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड जैसे विषम भौगोलिक परिस्थिति वाले राज्य में आयुष और विशेष रूप से किफायती और कारगर होने के कारण होमियोपैथी चिकित्सा पद्धति की महत्ता और बढ़ जाती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस कार्यशाला में होने वाले विचार-विमर्श एवं चिन्तन से होम्योपैथी के विकास में और अधिक गति मिलेगी।
केन्द्रीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि उत्तराखण्ड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य ने होम्योपैथी और आयुष को तेजी से आगे बढ़ाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि होम्योपैथी जटिलतम रोगों के निदान का एक कारगर उपाय है। देवभूमि उत्तराखण्ड आयुष की प्रेरक रही है। होम्योपैथी हमारी परंपरागत चिकित्सा पद्धति रही है। होम्योपैथी पर अधिक से अधिक अनुसंधान होने चाहिए। उन्होंने कहा कि आयुष और योग के क्षेत्र में भी भारत की वैश्विक स्तर पर अलग पहचान है। इनको हमें अधिक से अधिक बढ़ावा देना होगा।
इस अवसर पर सचिव आयुष एवं आयुष शिक्षा डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, कुलपति दून विश्वविद्यालय प्रो. सुरेखा डंगवाल, निदेशक होम्योपैथिक डॉ. जे.एल. फिरमाल, डॉ. रामजी सिंह, डॉ. नितीष दुबे, डॉ. जसवंत पाटिल एवं होम्योपैथी से जुड़े चिकित्सक उपस्थित थे।