मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना को राज्य कैबिनेट ने दी मंजूरी

आप विदेश में रोजगार के अवसर तलाश रहे हैं और कोई रास्ता बनता नहीं दिख रहा तो चिंता की कोई बात नहीं। राज्य की धामी सरकार ने युवाओं के इस सपने को पूरा करने के लिए ‘‘मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना’’ शुरू करने का निर्णय लिया है। आज राज्य मंत्रिमंडल ने इस पर अपनी मुहर भी लगा दी है। योजना की खास बात यह है कि विदेश में रोजगार के इच्छुक युवाओं को उस लिहाज से तराशने का काम भी राज्य सरकार करेगी। इसके अतिरिक्त चयनित होने वाले अभ्यर्थियों के टिकट, वीजा आदि से संबंधित प्रक्रियाओं में भी सरकार मदद करेगी।
मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना को आज मंत्रिमंडल के समक्ष रखा गया जिसे कैबिनेट ने अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है। बताया गया कि विदेश में रोजगार के इच्छुक युवाओं से सम्बन्धित डाटाबेस तैयार करने के लिए ‘अपुणी सरकार पोर्टल’ पर एप्लीकेशन विकसित की जा चुकी है। इसके अलावा विदेश रोजगार के क्षेत्र में कार्य करने वाली संस्थाओं से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट के माध्यम से प्रस्ताव आमंत्रित किये जा रहें हैं तथा अब तक इसी कड़ी में कई संस्थाओं के प्रस्ताव सरकार को प्राप्त हो चकें हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं को विदेश में उपलब्ध रोजगार से राज्य के युवाओं को जोड़े जाने के लिए प्रदेश में कार्य करने के इच्छुक हैं। इन संस्थाओं से विचार-विमर्श के बाद प्रथम चरण में नर्सिंग और हॉस्पिटैलिटी के क्षेत्रों में राज्य के युवाओं हेतु उपलब्ध विदेश में रोजगार के अवसरों से जोड़े जाने हेतु कार्य किये जाने पर सहमति बनी है।
इसके लिए विदेश रोजगार हेतु युवाओं को डोमेन क्षेत्र में कौशल उन्नयन प्रशिक्षण के साथ-साथ सम्बन्धित देश की भाषा, संस्कृति एवं कार्य नियमों आदि के बारे में प्रशिक्षण दिया जाना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त चयनित अभ्यर्थियों के टिकट वीजा आदि से सम्बन्धित प्रक्रियाओं में भी सहयोग प्रस्तावित है।

नर्सिंग कॉलेज के प्रधानाचार्य संग हो चुकी है बैठक
नर्सिंग के क्षेत्र में विदेश में उपलब्ध रोजगार के अवसर की जानकारी देने के लिए समस्त नर्सिंग कॉलेजों के प्रधानाचार्यों के साथ वर्कशॉप की जा चुकी है तथा उनके द्वारा इस समबन्ध में पूर्ण सहयोग प्रदान किये जाने का आश्वासन भी दिया गया है। इसके अलावा नर्सिंग एवं हॉस्पिटैलिटी के क्षेत्रों प्रशिक्षण प्रदान कर रहीं विभिन्न संस्थाओं से इस सम्बन्ध में विचार-विमर्श एवं युवाओं के साथ वर्कशॉप की जा चुकी है।

9 मई को होगी वर्कशॉप
आगामी 9 मई को विभिन्न नर्सिंग कॉलेजों से एएनएम एवं जीएनएम उत्तीर्ण युवाओं हेतु जापान में एल्डरली केअर में उपलब्ध रोजगार के अवसरों के बारे में जानकारी प्रदान किये जाने के लिए वर्कशॉप भी रखी गयी है तथा उक्त वर्कशॉप में ही इच्छुक युवाओं का स्क्रीनिंग टेस्ट लिया जायेगा तथा चयनित युवाओं का प्रशिक्षण आरम्भ किया जायेगा। यह प्रशिक्षण स्किल हब सहसपुर में होना प्रस्तावित है।

राज्य स्तरीय वनाग्नि संकट प्रबंधन सेल की बैठक हर वर्ष फरवरी माह में आयोजित हो-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय वनाग्नि संकट प्रबंधन सेल की बैठक आयोजित हुई। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने वन विभाग को निर्देश दिए कि फायर अलर्ट पर तुरंत रिस्पांस दिया जाए उन्होंने कहा कि वनाग्नि को रोकने के लिए राज्य स्तरीय वनाग्नि संकट प्रबंधन सेल की बैठक हर वर्ष फरवरी माह में आयोजित कर ली जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि जंगलों में लगने वाली आग एक बहुत बड़ा मुद्दा है जिसे बहुत ही गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जंगलों में लगी आग को रोकने के लिए स्थानीय लोगों का अधिक से अधिक सहयोग लिया जाए, इसके लिए उन्हें किसी प्रकार का प्रोत्साहन भी दिया जा सकता है। उन्होंने इसमें गैर सरकारी सामाजिक संस्थानों को भी शामिल किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने आग बुझाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि वनों में आग लगने के कारणों में पिरुल महत्वपूर्ण है इसके लिए जंगलों से पिरूल के निस्तारण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने पिरुल से पैलेट्स तैयार कर खाना बनाने के ईंधन के रूप में प्रयोग करने को बढ़ावा दिए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि आमजन इसका प्रयोग कर सकें इसके लिए अधिक से अधिक उद्यमियों को इसके पैलेट्स तैयार किए जाने के लिए प्रोत्साहित करना होगा, ताकि पिरुल के पैलेट्स की उपलब्धता सालभर रहे। साथ ही मिड डे मील में बनने वाले भोजन के लिए इसे चूल्हे के ईंधन के तौर पर इसके उपयोग को बढ़ावा दिया जाए।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, वन विभाग प्रमुख (हॉफ) अनूप मलिक एवं सचिव विजय कुमार यादव सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

सरकार के सकंल्पों की मुख्य सचिव ने की समीक्षा

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में सरकार के ‘‘दृष्टिपत्र-25, संकल्प 2022’’ की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण न हो इसके लिए सभी विभाग अपनी भूमि चिन्हित कर इसके लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जाए। उन्होंने कहा कि पर्वतमाला योजना के तहत प्रदेशभर में विभिन्न रोप वे परियोजनाएं संचालित हो रही हैं जो शीघ्र पूर्ण हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि अन्य स्थानों पर भी रोप वे की संभावनाएं तलाशी जाएं।
मुख्य सचिव ने जनरल बिपिन सिंह रावत पूर्व सैनिक क्रेडिट गारंटी योजना के तहत प्रदेश के पूर्व सैनिक इस योजना का लाभ अधिक से अधिक उठा पाएं, इसके लिए इस सम्बन्ध में प्रदेश का डाटा एकत्रित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस परियोजना का प्रतिदिन मॉनिटरिंग किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने मानसखंड सर्किट तक पहुंच आसान बनाने के लिए टनकपुर, रामनगर और हल्द्वानी से मानसखंड सर्किट के लिए सड़कों के विकास पर फोकस किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों को मजबूती प्रदान करने के लिए उनके द्वारा बनाए उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि मार्केटिंग के लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने प्रदेश में जन औषधि केंद्रों की संख्या अधिक से अधिक बढ़ाए जाने के निर्देश दिए, कहा कि आमजन को सस्ती जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए जन औषधि केंद्र बहुत कारगर साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बहुत से खूबसूरत पर्वतीय शहर हैं जिनमें पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो सकने की अत्यधिक संभावनाएं हैं ऐसे शहरों को मसूरी एवं नैनीताल की तर्ज पर विकसित करने के लिए चिन्हित कर फीजिबिलिटी टेस्ट करवा लिया जाए। साथ ही उन्होंने प्रदेश में साहसिक पर्यटन की दृष्टि से उपयुक्त अधिक से अधिक पर्यटन स्थलों को चिन्हित कर विकसित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेशभर में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए अधिक से अधिक ईको टूरिज्म स्थल चिन्हित कर विकसित किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉम्प्लेक्स विकसित किए जाने की दिशा में अधिक से अधिक प्रस्ताव लाए जाएं। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्रियल एरिया के आसपास अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉम्प्लेक्स की अत्यधिक आवश्यकता है। इससे इंडस्ट्रियल एरिया के आसपास रह रहे मजदूर वर्ग को सस्ती दरों पर किराए पर साफ सुथरे आवास मिल सकेंगे।
मुख्य सचिव ने उत्कृष्ट विद्यालय बनाए जाने में तेजी लाते हुए योजना को शीघ्र धरातल पर उतारे जाने के निर्देश दिए। उन्होंने उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा के अंतर्गत कॉलेजों के सुदृढ़ीकरण के साथ ही हॉस्टल उपलब्ध कराए जाने पर फोकस किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पुरुष एवं महिला हॉस्टल तैयार किए जाएं।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द बर्द्धन, सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, बृजेश कुमार संत, एस. एन. पाण्डेय, दीपेन्द्र कुमार चौधरी एवं विजय कुमार यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सड़क पर युवक ने मंत्री से की हाथापाई, कपड़े भी फाड़े

क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल पर जानलेवा हमला किया गया, इस पर डॉ अग्रवाल के कपड़े को फाड़ा गया। यही नहीं मंत्री के सुरक्षा कर्मी की भी वर्दी फाड़ दी और पिस्टल छीनने की कोशिश की गई।
मंगलवार को ऋषिकेश में मंत्री डॉ अग्रवाल भरत मन्दिर इंटर कॉलेज ऋषिकेश कार्यक्रम पूरा करके से दूसरे कार्यक्रम (परमार्थ निकेतन में सांसद निशंक) के लिए जा रहे थे। तभी हरिद्वार रोड पर जाम के चलते मंत्री डॉ अग्रवाल की गाड़ी रुकी।
इसी बीच मंत्री की गाड़ी के बगल में एक व्यक्ति सुरेंद्र सिंह नेगी ने आकर उनके साथ बदतमीजी कर गाली गलौच की। मंत्री की गाड़ी का शीशा खुला होने के चलते उक्त व्यक्ति ने मंत्री पर आक्रमण करते हुए उनके कुर्ते को पकड़कर फाड़ दिया। तभी मंत्री जी के सुरक्षा कर्मी ने बीच बचाव करने की कोशिश की तो सुरक्षकर्मी की भी वर्दी को फाड़ा गया। साथ सुरक्षाकर्मी की पिस्टल को भी छीनने का प्रयास किया।
मंत्री के साथ अभद्रता करने वाला युवक यही नही रुका। उसने सड़क किनारे पड़े पत्थर को मंत्री को चोटिल करने के उद्देश्य से उठाया। जिस पर मंत्री और सुरक्षकर्मी द्वारा अपना बचाव किया गया।

स्वप्रमाणन मानचित्र स्वीकृति प्रणाली के तहत पहला मानचित्र आवेदक को मिला

शहरी विकास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल द्वारा सरलीकरण से समाधान के सरकार के प्रयास के अंतर्गत आज उत्तराखण्ड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण (UHUDA) द्वारा विकसित एवं आवास विभाग, उत्तराखण्ड सरकार द्वारा स्वीकृत स्वप्रमाणन मानचित्र स्वीकृति प्रणाली के तहत प्रथम मानचित्र आवेदक मुक्ता जोशी पत्नी मुरलीधर जोशी को Architect/Licentiate स्वदेश सिंह द्वारा निर्गत किया गया।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया में मात्र 3 दिन के समय में मानचित्र को स्वीकृति करते हुए मानचित्र निर्गत करने की कार्यवाही पूर्ण की गयी। यह प्रक्रिया और भी अल्प समय में की जा सकती है यदि सम्बन्धित Architect/Licentiate के डिजिटल हस्ताक्षर पूर्व से निर्मित हो। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में Architect/Licentiate को दिये गये उसकी व्यवसायिक शुल्क के अतिरिक्त प्राधिकरण स्तर पर मात्र रू0 44956:00 शुल्क जमा किया गया। इस पूरी प्रक्रिया मे प्राधिकरण के किसी भी कर्मचारी का कोई भी सम्पर्क Architect/Licentiate अथवा आवेदक के साथ नहीं हुआ। शून्य सम्पर्क युक्त इस प्रणाली से मात्र 3 दिन में मानचित्र स्वीकृत कर आवेदक को प्राप्त हो गया।
इस मौके पर आवेदक मुक्ता जोशी द्वारा इस प्रणाली की सरहाना करते हुए कहा गया है कि यह प्रक्रिया आमजनमानस के लिए अत्यंत सुविधाजनक और पारदर्शी है और उम्मीद से बेहतर है। प्रथम मानचित्र को मा0 मंत्री आवास प्रेमचंद अग्रवाल के कर कमलों से मानचित्र की प्रति आवेदक को उपलब्ध करायी गयी साथ ही प्राधिकरणों को निर्देश दिये गये कि इसका प्रचार-प्रसार करते हुए आमजनमानस को इसका लाभ प्रदान करें।
इस अवसर पर प्रकाश चंद्र दुम्का अपर आवास आयुक्त/ संयुक्त मुख्य प्रशासक UHUDA आनंद राम अधिशासी अभियन्ता एवं CSII से प्रशांत पोखरियाल उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी के निर्देश, पीएम के मन की बात कार्यक्रम को अधिक से अधिक सुने लोग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ’मन की बात’ कार्यक्रम का कल (रविवार) को 100वां संस्करण प्रसारित होने जा रहा है। ऐसे में राज्य में भी अधिकाधिक लोग पीएम की मन की बात सुन सकें इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी विद्यालयों, ग्राम सभाओं, डिग्री कॉलेज, पॉलिटेक्निक, आईटीआई में कार्यक्रम को सुनने की व्यवस्था को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गये ’मन की बात’ का कल 100वां संस्करण प्रातः 11 बजे प्रसारित होगा। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उन लोगों का विशेष उल्लेख करते हैं जो कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे तमाम +-लोग देश के कोने-कोने में हैं और अपने कार्यों से अलग पहचान बनाते हुए समाज को दिशा देने का काम भी कर रहे हैं। ऐसे लोगों के बारे में जानकारी और उनके कार्यों के बारे में जानकारी इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री द्वारा दी जाती है। इसके अलावा छात्रों के के लिये भी यह जानकारी बहुत उपयोगी होती है और पूर्व में छात्र और शिक्षक तथा आमजन इस कार्यक्रम को सुनते रहे हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कल प्रसारित होने वाले कार्यक्रम का 100वां संस्करण कई मायनों में महत्वपूर्ण है। इसलिए उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि कल सभी विद्यालयों, ग्राम सभाओं, डिग्री कॉलेज, पॉलिटेक्निक, आईटीआई आदि में इस कार्यक्रम को सुनने की व्यवस्था की जानी है।

क्लस्टर विद्यालयों में जरुरत के अनुसार सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने शुक्रवार को सचिवालय में शिक्षा विभाग के साथ क्लस्टर विद्यालय के सम्बन्ध में बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा कि प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा के अंतर्गत संचालित क्लस्टर विद्यालय शिक्षण अधिगम को गुणवत्तापरक एवं रूचिकर बनाने के उद्देश्य से पठन-पाठन से सम्बन्धित मूलभूत सुविधायें विकसित कर उत्कृष्ट शिक्षा केन्द्र के रूप में विकसित किए जाएंगे।
मुख्य सचिव ने कहा कि इन क्लस्टर विद्यालयों में समुचित मात्रा में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्कूल के लिए आने वाले समय में अधिकतम छात्र संख्या के अनुरूप मास्टर प्लान तैयार किया जाए। क्लस्टर स्कूल में समुचित अध्यापक, कक्षाकक्ष, पुस्तकालय, कम्प्यूटर लैब और अन्य प्रयोगशालाओं आदि की पूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि क्लस्टर विद्यालयों में छात्रों के लिए आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराए जाने हेतु जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति का गठन कर उन्हें छात्रों को आवागमन का किराया किस रूप में देना है इसके लिए भी अधिकृत किया जाए। इस समिति में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग, जिला शिक्षा अधिकारी, पुलिस अधीक्षक आदि सम्बन्धित सभी विभागों का प्रतिनिधित्व रखा जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि ऐसे स्कूल, जो अत्यधिक दूर हैं और बच्चे इतने दूर आना जाना नहीं कर सकते, के लिए आवासीय स्कूलों की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि आवासीय स्कूलों को पर्वतीय जनपदों के छोटे शहरों में खोला जा सकता है। ऐसे में उन आवासीय विद्यालयों में शिक्षकों को अपने परिवार के साथ रहने में सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद में एक नहीं बल्कि 5 से 7 आवासीय विद्यालय होने चाहिए। वर्तमान में संचालित आवासीय विद्यालयों में हॉस्टल की सुविधा को और बढ़ाया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि बच्चों को अच्छी गुणवत्तापरक शिक्षा उपलब्ध हो इसके लिए अच्छे सुझावों को लगातार अपनाने की आवश्यकता है।
सचिव रविनाथ रमन ने बताया कि प्रदेशभर में माध्यमिक स्तर पर कुल 559 विद्यालयों को क्लस्टर विद्यालयों के रूप में विकसित किया जाएगा। इसी प्रकार प्राथमिक में 603 और पूर्व माध्यमिक में 76 विद्यालयों को चिन्हित किया गया है। सभी विद्यालयों के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है।
इस अवसर पर महानिदेशक माध्यमिक एवं प्राथमिक शिक्षा बंशीधर तिवारी, अपर सचिव शिक्षा योगेन्द्र यादव सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

पीएम मोदी ने किया उत्तरकाशी सहित 91 एफएम ट्रांसमीटरों का लोकार्पण

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को देश के 18 राज्यों और 2 केन्द्र शासित प्रदेशों में 91 एफएम ट्रांसमीटरों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल प्रतिभाग किया। जिन 91 एफएम ट्रांसमीटरों का उद्घाटन किया गया उनमें उत्तरकाशी में स्थापित एफएम ट्रांसमीटर भी शामिल है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम के पश्चात कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आज जिन 91 एफएम ट्रासंमीटरों का उद्घाटन किया गया, इससे करोड़ों लोग जुड़ेंगे। इससे सरकार की विभिन्न योजनाओं से जुड़ने में लोगों को आसानी होगी। कनेक्टिविटी को बढ़ाने का यह एक मजबूत माध्यम है। उन्होंने कहा कि इससे सोशल एवं कल्चरल कनेटिविटी को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी सीमांत जनपद होने के नाते सीमांत क्षेत्र के लोगों को सुविधा होने के साथ ही एफएम ट्रासंमीटर की सुविधा होने से अब एक बड़े क्षेत्र को इसका लाभ मिलेगा।

ऋषिकेश एम्स में यूथ-20 की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव ने दिये निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में युवा कार्यक्रम और खेल, मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत 5 मई, 2023 को एम्स, ऋषिकेश में आयोजित होने वाले यूथ-20, जो कि भारत की अध्यक्षता में हो रहे जी-20 सम्मेलन का हिस्सा है, की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित की गयी। बैठक के दौरान बताया गया कि यूथ-20 इण्डिया शिखर सम्मेलन में देश के सभी राज्यों सहित विश्वभर के युवा प्रतिभाग करेंगे।
मुख्य सचिव ने कहा कि यह सम्मेलन उत्तराखण्ड में आयोजित हो रहा है। इसे देश और प्रदेश की छवि को दुनियाभर में प्रस्तुत करने का अवसर के तौर पर देखा जाना चाहिए। उत्तराखण्ड एक पर्यटन प्रदेश होने के नाते हमें प्रदेश की प्राकृतिक और सांस्कृतिक सुन्दरता को देश और विदेश तक पहुंचाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि सभी प्रतिभागियों का स्वागत और रहने आदि की व्यवस्था उचित प्रकार से की जानी चाहिए। देश और विदेश से आने वाले सभी प्रतिभागियों को एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन एवं बस अड्डों में हेल्प डेस्क उपलब्ध करायी जाए, ताकि उन्हें कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने में कोई परेशानी न हो।
मुख्य सचिव ने पर्यटन, कृषि और उद्योग विभाग को कार्यक्रम के दौरान स्थानीय उत्पादों के स्टॉल लगाए जाने के निर्देश दिए। कार्यक्रम के समापन के बाद जब वे यहां से जाएं तो उनके मन में प्रदेश और यहां की कला एवं संस्कृति की एक अच्छी छवि जाए। चारधाम यात्रा के दौरान ऋषिकेश में कार्यक्रम आयोजित होने से प्रतिभागियों को जाम जैसी स्थिति का सामना न करना पड़े इसके लिए विशेष प्रबन्ध किए जाएं। उन्होंने प्रतिभागियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के इंतजाम भी सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव खेल एवं युवा कल्याण अभिनव कुमार, सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, दीपेन्द्र कुमार चौधरी, अपर सचिव सी. रविशंकर, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दलीप सिंह कुंवर, उपाध्यक्ष एमडीडीए एवं महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित एम्स, ऋषिकेश के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

आईटीबीपी के जवानों ने श्री बदरीनाथ धाम में चलाया स्वच्छता अभियान

उत्तराखण्ड में चारधाम यात्रा के आरम्भ के साथ ही आईटीबीपी द्वारा श्री बदरीनाथ धाम एवं इसके आस-पास स्वच्छता बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है। आईटीबीपी के जवानों द्वारा बद्रीनाथ मंदिर के निकट पहाड़ियों व जलस्रोतों को स्वच्छ रखने हेतु अभियान चलाया गया है। गुरूवार को श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर आईटीबीपी के जवानों द्वारा श्री बदरीनाथ मंदिर के निकट दुर्गम पहाड़ी पर रैपलिंग करते हुए यात्रियों द्वारा फेंके गए कूड़े को हटाया गया। आईटीबीपी द्वारा यह अभियान निरन्तर जारी रहेगा। प्रशासन ने भी आईटीबीपी के जवानों के इस स्वच्छता अभियान की प्रशंसा की। इससे चारधाम यात्रा पर आने वाले सभी तीर्थयात्रियों एवं स्थानीय लोगों को धामों व चारधाम यात्रा मार्ग पर स्वच्छता बनाए रखने की प्रेरणा मिलेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी आईटीबीपी के जवानों को श्री बदरीनाथ धाम में स्वच्छता अभियान संचालित करने के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।