2025 तक जिन योजनाओं का लक्ष्य दिया गया है उसे पूर्ण करे विभाग-धामी

उत्तराखण्ड के समग्र विकास के लिए विभागों द्वारा जो भी अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक योजनाएं बनाई जा रही हैं उनके क्रियान्वयन के लिये गंभीरता से प्रयास किये जायें। इस संबंध में विभागों द्वारा जो लक्ष्य निर्धारित किये गये हैं, उनकी प्राप्ति के लिए भी सुनियोजित तरीके से कार्य किये जाएं। योजनाओं पर चरणबद्ध तरीके से कार्य किये जाने के साथ ही 2025 तक जिन योजनाओं को पूर्ण करने का विभागों द्वारा लक्ष्य निर्धारित किया गया है, उनको प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के प्रयास हों, साथ ही इसकी नियमित समीक्षा भी की जाए। सचिवालय में विद्यालयी शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, उच्च शिक्षा, कौशल विकास एवं खेल विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने ये निर्देश अधिकारियों को दिये।
विद्यालयी शिक्षा की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिन जनपदों में विद्यालयी शिक्षा के अंतर्गत विद्यार्थी ड्रॉप आउट हो रहे हैं, इनके कारणों का विस्तृत अध्ययन किया जाए। विद्यालयी शिक्षा में ड्रॉप आउट बच्चों की संख्या को कम करने के लिए हर संभव प्रयास किये जाएं। सरकारी स्कूलों में शिक्षा के गुणात्मक सुधार एवं विद्यार्थियों के पंजीकरण को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किये जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र पोषित योजनाओं के तहत होने वाले कार्यों में तेजी लाई जाए। जो भी प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजे जाने हैं, उनमें किसी भी स्थिति में विलम्ब न हो। पीएम श्री के तहत राज्य के चयनित 142 स्कूलों के लिए सभी आवश्यक अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए पूरी तैयारी किये जाने के भी निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये। उन्होंने कहा कि स्कूली शिक्षा के साथ व्यावसायिक शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी स्कूलों में सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो।
तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि पॉलिटेक्निक कॉलेजों एवं आईटीआई में समय की मांग के आधार पर कोर्स करवाए जाएं। इसके लिए औद्योगिक संस्थानों से निरंतर आपसी समन्वय बनाये जाने पर ध्यान दिया जाये। यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रशिक्षण के बाद विद्यार्थियों को उचित प्लेसमेंट मिल जाए। पॉलिटेक्निक कॉलेजों एवं आईटीआई के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान देते हुए। यह सुनिश्चित किया जाए कि इनमें दक्ष मानव संसाधन के साथ आवश्यक उपकरण भी हों। जिन ट्रेडों में कार्य के लिए डिमांड बढ़ी है, उन पर विशेष ध्यान दिया जाए। पॉलीटेक्निक कॉलेजों और आईटीआई का अपग्रेडेशन भी चरणबद्ध तरीके से किये जाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये।
उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि उच्च शिक्षण संस्थानों में शोध को बढ़ावा देने के लिए और प्रयासों की जरूरत है। शोध आधारित मॉडल महाविद्यालय बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किये जाएं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुपालन पर विशेष ध्यान दिया जाए। उच्च शिक्षा के साथ व्यावसायिक कोर्स को बढ़ावा देने पर भी कार्य किया जाए। डिग्री कॉलेजों में नवाचार को बढ़ावा देने के लगातार प्रयास किये जाने की भी उन्होंने जरूरत बतायी।
कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि सभी तकनीकि संस्थाओं को एकीकृत रूप में एक प्लेटफार्म पर लाया जाए। रोजगार मेलों का नियमित आयोजन किया जाए और उनका व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार भी किया जाए। रोजगार के साधन बढ़ाने के लिए कौशल विकास विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। राज्य में स्थापित उद्योगों को दक्ष मानव संसाधन मिले, इसके लिए युवाओं को उद्योगों की आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण की व्यवस्थाएं की जाए।
खेल विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाए कि नई खेल नीति में खिलाड़ियों की सुविधा के लिए जो भी प्रावधान किये गया है, उनका सभी को पूरा लाभ मिले। इन प्रावधानों का विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार भी किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य में 2024 में प्रस्तावित 38वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारियां अभी से शुरू कर दी जाएं। सभी जनपदों में खेल की गतिविधियों को तेजी से बढ़ावा देने तथा आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये हैं।
बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, रविनाथ रमन, विजय कुमार यादव, शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी, निदेशक खेल, जितेन्द्र सोनकर एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

शहीद जवानों को सीएम ने दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट, देहरादून पहुंचकर जम्मू कश्मीर में चल रहे ऑपरेशन त्रिनेत्र में शहीद हुए चमोली निवासी लांस नायक रुचिन सिंह रावत एवं सिरमौर, हिमाचल प्रदेश निवासी शहीद प्रमोद नेगी के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले हमारे शहीदों को यह देश हमेशा याद रखेगा। राज्य सरकार हर पल सैनिक परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा हमारी सरकार शहीद रुचिन सिंह रावत के परिजनों की हर संभव मदद करेगी। उन्होंने परिजनों से इस दुख की घड़ी में धैर्य बनाए रखने की अपील की।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक बृजभूषण गैरोला, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून दिलीप कुंवर एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

यूथ-20 कंन्सल्टेशन समिट-स्वस्थ युवा ही देश के विकास में अपनी शक्ति लगा सकते है

एम्स ऋषिकेश में आयोजित यूथ-20 कंन्सल्टेशन समिट के दूसरे दिन उदघाटन के दौरान होलेस्टिक हेल्थ को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री डॉ0 भारती प्रवीन पवार ने कहा कि स्वस्थ युवा ही देश के विकास में अपनी शक्ति लगा सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि देश का प्रत्येक युवा शारीरिक और मानसिक तौर से पूर्ण स्वस्थ हो। उन्होंने कहा कि भारत को विश्व गुरू बनाने के लिए हमें युवाओं का भविष्य संवारना होगा।
जी-20 देशों के विभिन्न युवा प्रतिनिधियों द्वारा स्वास्थ्य और युवाओं के समग्र विकास पर आधारित सामूहिक परिचर्चा यूथ-20 समिट के दूसरे दिन विभिन्न सत्रों में देर सांय तक जारी रही। शुक्रवार को समिट के मुख्य अतिथि के तौर पर पहंुची केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री डॉ0 भारती प्रवीन पवार ने यूथ-20 सम्मेलन की प्राथमिकताओं पर व्यापक प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमन्त्री का विजन है कि हमारे देश के युवा अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर देश को विशेष पहिचान दिलाएं। यह तभी संभव है जब देश के युवा स्वस्थ रहेंगे। उन्होंने कहा कि स्वस्थ युवा ही देश के विकास में अपनी शक्ति लगा पाएंगे। कहा कि मोदी जी के विजन का ही परिणाम है कि आज देश में डेढ़ लाख से अधिक हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। खेलों के माध्यम से युवाओं को अन्तराष्ट्रीय स्तर पर पहंुचाने के उद्देश्य से वर्ष 2018 में शुरू की गयी ’खेलो इंडिया योजना’ को उन्होंने युवाओं के भविष्य के लिए विशेष कल्याणकारी योजना बताया। केन्द्रीय मंत्री भारती पवार ने ऋषिकेश एम्स द्वारा संचालित टेलिकंन्सलटेशन और ड्रोन द्वारा सुदूर इलाकों तक दवा पहंुचाने की सुविधा का जिक्र करते हुए इसे स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बहुलाभकारी योजना बताया और इस योजना के संचालन के लिए एम्स ऋषिकेश की सराहना की। उन्होने युवाओं से आह्वान किया कि वह अपने हौसले को मजबूत बनाना सीखें। मजबूत हौसले से ही हमें कामयाबी मिलती है। यूथ-20 के आयोजन को उन्होंने युवाओं के लिए एक वैश्विक मंच बताया और कहा कि केन्द्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के मार्गदर्शन में देश भर के विभिन्न स्थानों में आयोजित किए जा रहे यूथ-20 सम्मेलन से हमारे देश के युवाओं एक नई दिशा और विकास परक सोच हासिल होगी।
विशिष्ट अतिथि उत्तराखण्ड सरकार के वित्त और नगर विकास मंत्री प्रेम चन्द अग्रवाल ने उम्मीद जतायी कि इस सम्मेलन से देश के युवा देश हित में अपनी सोच विकसित करने की प्रेरणा हासिल करेंगे और विश्व को नई दिशा प्रदान करने में सक्षम होंगे।
इससे पूर्व केंद्रीय मंत्री भारती पवार ने एम्स के हेलीपैड सहित अस्पताल का निरीक्षण किया और अधिकारियों सहित चिकित्सकों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिये।
इस दौरान राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल, डीन एकेडेमिक्स प्रो0 जया चतुर्वेदी, दिल्ली एम्स के निदेशक प्रो0 श्रीनिवास, मंगलागिरी एम्स के निदेशक प्रो0 मुकेश त्रिपाठी, एम्स रायबरेली के निदेशक प्रो0 अरविन्द राजवंशी, एम्स गुवाहाटी के निदेशक प्रोफेसर अशोक पुराणिक, एम्स ऋषिकेश के वित्तीय सलाहकार ले0 कर्नल एस सिद्धार्थ, प्रशाशनिक अधिकारी गौरव बडोला सहित डॉक्टर गीता नेगी, डॉक्टर मोनिका पठानिया, डॉक्टर नीति गुप्ता, डॉक्टर मयंक मिश्रा, डॉक्टर भावना गुप्ता, डॉक्टर दलजीत, डॉक्टर प्रियंका, डॉक्टर मृदुल धर, डॉक्टर कल्याणी, डॉक्टर अनीश गुप्ता, डॉक्टर शाजिया, डॉक्टर आशीष भूते, डॉक्टर प्रखर शर्मा, डॉक्टर वंदना धींगरा, डॉक्टर विनोद सहित संस्थान का विभिन्न स्टॉफगण मौजूद रहे।

25 लाख के करीब पहुंचने वाला है श्रद्धालुओं का पंजीकरण

चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण का आंकड़ा 25 लाख पार पहुंचने वाला है। इसमें केदारनाथ धाम के लिए सबसे अधिक 8.65 लाख यात्रियों ने पंजीकरण कराया है। मौसम खराब होने से फिलहाल आठ मई तक केदारनाथ के लिए पंजीकरण पर रोक लगाई गई है। पूर्व में जिन यात्रियों ने पंजीकरण किया है, उन्हें ही यात्रा की अनुमति होगी।
सरकार ने चारधाम यात्रा के लिए यात्रियों का पंजीकरण अनिवार्य किया है। चारों धामों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कोई संख्या तय नहीं है। लेकिन लगातार मौसम खराब होने के कारण यात्रा प्रभावित हो रही है। पर्यटन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार 22 फरवरी से अब तक चारधाम यात्रा के लिए 24.53 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने पंजीकरण कराया है। इसमें 22 अप्रैल से 5 मई तक चार लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
पर्यटन विभाग के अनुसार चारधाम यात्रा को लेकर तीर्थयात्रियों में काफी उत्साह है। खराब मौसम को देखते हुए केदारनाथ धाम का पंजीकरण रोका गया है। बदरीनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के लिए नियमित रूप से पंजीकरण हो रहे हैं।

चारधाम के लिए पंजीकरण की स्थिति
धाम पंजीकरण की संख्या
केदारनाथ 864597
बदरीनाथ 725370
गंगोत्री 442372
यमुनोत्री 394896
हेमकुंड साहिब 25674

निराश्रित गौवंश के लिए गौशालाओं का निर्माण हो-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने गुरुवार को सचिवालय में राज्य स्तर पर निराश्रित गोवंश के रहने के लिए गौशालाओं की उचित व्यवस्था के सम्बन्ध में बैठक ली। मुख्य सचिव ने शहरों में निराश्रित गौवंश के लिए गौशालाओं के निर्माण किए जाने हेतु जिलाधिकारियों को भूमि चिन्हित किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि इस योजना से पूरे प्रदेश को आच्छादित करना है। उन्होंने विशेषकर चारधाम यात्रा मार्ग में आने वाले शहरों में घूम रहे गौवंशों को गौशालाओं में रखे जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरी विकास विभाग, नगर निगम और पशुपालन विभाग इस सम्बन्ध में अपने अपने निर्धारित कार्य करें, ताकि किसी प्रकार का संशय न हो।
मुख्य सचिव ने कहा कि गौशालाओं का संचालन एनजीओ के माध्यम से कराया जाए। उन्होंने कहा कि सभी नगर निगमों और नगर पालिकाओं में जानवरों को उठाने के लिए हाइड्रोलिक वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कहा कि इससे जानवरों को लिफ्ट करने में घायल होने से बचाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारी, नगर निगम, नगर पालिकाएं और नगर पंचायतें इस कार्य के लिए एनजीओ सहित भूमि की तलाश शुरू करें।
मुख्य सचिव ने कहा कि गौशालाओं के लिए भूमि लीज पर दिए जाने का अधिकार जिलाधिकारियों को दिया जाएगा। पुरानी गौशालाओं के विस्तारीकरण और नई गौशालाओं के निर्माण के लिए जिलाधिकारी निर्णय ले सकेंगे। जिलाधिकारी यह भी सुनिश्चित करेंगे कि नगर निगम, नगर पालिकाएं एवं नगर पंचायतें पूरी तरह से आच्छादित हो गई हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थान जहां बायोगैस बनाई जा सकती है, उन स्थानों में बायो गैस योजनाएं शुरू की जाएं।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव नितेश झा, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम एवं अपर सचिव शहरी विकास नवनीत पाण्डेय सहित अन्य उच्चाधिकारी एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

जन सुविधा से जुड़े सभी विभागों को एक अम्ब्रेला में लाया जाए-धामी

जन सेवाओं से जुड़े मामलों में ऑनलाईन प्रक्रियाओं को आसान बनाने पर ध्यान दिया जाए। लोगों को एक ही प्लेटफॉर्म पर पर सभी सुविधाएं आसानी से मिले, इसके लिए जन सुविधा से जुड़े सभी विभागों को एक अम्ब्रेला में लाया जाए। सेवा के अधिकार में अधिक से अधिक सेवाएं जोड़ी जाएं। तकनीक का विकास जिस तेजी से हो रहा है, सेवाओं का लाभ आम जनमानस को तेजी से मिले, इसके लिए उनको जागरूक भी किया जाए। ऑनलाईन प्रक्रियाओं के तहत जो भी सेवाएं दी जा रही हैं, इन सेवाओं का व्यापक स्तर पर आम जन तक प्रसार भी किया जाए। राज्य में युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के पर्याप्त अवसर मिले, रोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में सभी विभागों को तेजी से कार्य करने होंगे। स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए उच्च शिक्षा एवं तकनीकि शिक्षा विभाग को समन्वय के साथ कार्य करना होगा। उच्च शिक्षा के साथ-साथ युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए। हमें युवाओं को रोजगार परक शिक्षा की दिशा में आगे ले जाने के लिए तेजी से कार्य करना है। मुख्यमंत्री ने ये निर्देश सचिवालय में सशक्त उत्तराखण्ड-25 के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए आईटीडीए एवं उद्योग विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को दिये।
आईटीडीए की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सेवा के अधिकार में और जन सेवाओं को जोड़ा जाए। लोगों को घर बैठे ही अधिकांश सेवाओं का लाभ आसानी से एक ही प्लेटफार्म से मिल जाए, इस दिशा में कार्य किया जाए। राज्य के जिन क्षेत्रों में मोबाईल कनेक्टिविटी की अभी भी समस्या है, उनका जल्द समाधान हो, इस दिशा में तेजी से कार्य किये जाएं। विभिन्न सरकारी योजनाओं का आम जन को पूरा लाभ मिले, इसके लिए ऐसा सिस्टम विकसित किया जाए कि लोगों को उनकी पात्रता के अनुसार एक क्लिक पर सारी जानकारी उपलब्ध हो सके। विभागों द्वारा भविष्य की आवश्यकताओं को देखकर दीर्घकालिक योजनाएं बनाई जाएं।
उद्योग विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि भारत सरकार द्वारा सहायतित योजनाओं में तेजी से कार्य किये जाएं। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में रोजगार के अनेक संभावनाएं हैं, युवाओं को कौशल विकास के साथ ही अधिक से अधिक रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने पर ध्यान दिया जाए। राज्य में अधिक से अधिक औद्योगिक गतिविधियां हों, बाहर से निवेशक आयें, इस दिशा में तेजी से प्रयास करना हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न विभागों के जो बड़े प्रोजक्ट तेजी से आगे नहीं बढ़ रहे हैं, उनकी जल्द समीक्षा की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी भूमि का सही तरीके से उपयोग हो, इसके लिए जो भी कार्य किये जाएं, वे मास्टर प्लान के तहत ही हों। उन्होंने कहा कि मसूरी एवं नैनीताल में पर्यटकों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। हमें ऐसी व्यवस्था पर भी ध्यान देना होगा कि पर्यटकों एवं स्थानीय लोगों को अधिक जाम की स्थिति से न गुजरना पड़े।
बैठक में जानकारी दी गई कि अपणि सरकार पोर्टल के माध्यम से 485 सेवाएं लोगों तक पहुचाई जा रही है। जिसमें से 265 सेवाएं सेवा के अधिकार में ली गई है। सेवा के अधिकार में और सेवाओं को जोड़ने के लिए कार्य किया जा रहा है। सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आय के संसाधन बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं। रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए कनेक्टिविटी, डिजिटल साक्षरता एवं कौशल विकास की दिशा में कार्य किये जा रहे हैं। उद्योग विभाग द्वारा स्वरोजगार की योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। स्वरोजगार की ओर लोगों का रूझान तेजी से बढ़ रहा है। एमसएमई के तहत भी अनेक कार्य किये जा रहे हैं।
बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, अपर सचिव विजय कुमार जोगदण्डे, महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा, निदेशक आई.टी.डी.ए नितिका खण्डेलवाल, अपर सचिव नवनीत पाण्डे, मनोज पंत एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने ईको टास्क फोर्स को वाहन सौंपे

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को गढ़ी कैंट, देहरादून में उत्तराखंड बागवानी विभाग के माध्यम से इको टास्क फोर्स को उपलब्ध कराए गये बोलेरो वाहनों एवं मोटर साइकिलो का फ्लैग ऑफ किया। इस दौरान 2 बोलेरो पिकअप और 10 मोटर साइकिलें ईको टास्क फोर्स को सौंपी गई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर घोषणा की, कि भविष्य में हॉर्टिकल्चर विभाग ईको टास्क फोर्स को 6 पॉलीहाउस बनाकर देगा, जिसमें चार पॉलीहाउस परियोजना क्षेत्रों तथा दो पॉलीहाउस बटालियन मुख्यालय में स्थापित किये जायेंगे। लोक निर्माण विभाग से दोनों परियोजना क्षेत्रों में मानसून आने से पूर्व बरसात के पानी के संरक्षण हेतु 120 दिनों के लिए दो जेसीबी प्रदान की जायेंगी। ईको टास्क फोर्स के सहिया, कस्याली तथा बटालियन मुख्यालय में जल जीवन मिशन के अन्तर्गत जल भण्डारण हेतु 50 हजार लीटर की क्षमता की टंकियों का निर्माण कराया जायेगा। ईको टास्क फोर्स की 10 नर्सरियों में सिंचाई प्रणाली की स्थापना की जाएगी। उत्तराखण्ड अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी (यूआरडीए) द्वारा देहरादून, सहिया तथा कस्याली परियोजना स्थलों में 100 किलोवाट के सौर पैनल का प्रावधान किया जाएगा। सभी सरकारी विभागों में प्राप्त होने वाले ईको टास्क फोर्स के प्रस्तावों को पूरी प्राथमिकता दी जायेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जिस उद्देश्य के लिए इको टास्क फोर्स की स्थापना की गई थी, उस उद्देश्य की पूर्ति के लिए यह टीम निरंतर प्रयासरत है। 127 ईको टास्क फोर्स प्रदेश की प्रथम पर्यावरण यूनिट है, जिसकी स्थापना 1 दिसम्बर 1982 में गढवाल रायफल्स रेजिमेण्ट सेन्टर लैन्सडाउन में हुयी थी। उन्होंने कहा कि 127 इको टास्क फोर्स नें स्थापना के बाद से गढ़वाल क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में लगातार अच्छा कार्य हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत 40 वर्षाे में 127 ईको टास्क फोर्स ने उत्तराखण्ड राज्य के 1200 से अधिक भूतपूर्व सैनिकों को यूनिट में भर्ती करके टिहरी, चमोली, देहरादून, तथा सीमान्त क्षेत्रों माणा तथा मलारी में लगभग 20,698 हैक्टेयर भूमि पर करीब 1 करोड 98 लाख पौधों का रोपण किया, यह एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि वन विभाग को 127 और 130 ईको टास्क फोर्स की चार वित्त पोषित कम्पनियों के लिये पाँच साल एफ. ई. के विस्तार की सहमति देने के लिये आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है। ईको टास्क फोर्स का भी इसके लिए निरंतर सहयोग मिल रहा है। उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिये सरकार संकल्प नये उत्तराखण्ड के साथ आगे बढ़ रही है।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि इको टास्क फोर्स द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए उत्तराखण्ड में सराहनीय कार्य किया जा रहा है। वृक्षारोपण के साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए विभिन्न गतिविधियां इनके द्वारा राज्य में की जा रही हैं।
इस अवसर पर जीओसी उत्तराखण्ड सब एरिया मेजर जनरल संजीव खत्री, कर्नल रोहित श्रीवास्तव, हीरो मोटोकॉर्प के प्लांट हेड यशपाल सरदाना एवं ईको टास्क फोर्स के सदस्य उपस्थित रहे।

चार धाम यात्रा के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत अतिरिक्त बजट को मिली मंजूरी

चार धाम यात्रा के लिए भारत सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को ओर भी मजबूत किए जाने हेतु यात्रा क्षेत्र में कार्य कर रहे चिकित्साधिकारियों, नर्सेस व अन्य पैरामेडिकल स्टॉफ के लिए प्रोत्साहन राशि की मंजूरी दी है।
स्वास्थ्य सचिव एवं एन.एच.एम. मिशन निदेशक डॉ. आर. राजेश कुमार द्वारा बताया गया कि चार धाम यात्रा से पहले कई समीक्षा बैठकों तथा श्री बद्रीनाथ व श्री केदारनाथ धाम में स्थलीय स्वास्थ्य इकाइयों का निरीक्षण के दौरान यह महसूस किया गया कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों में हमारे स्वास्थ्य कर्मचारी कार्य करते हैं, उनको निश्चित तौर में अतिरिक्त मानदेय दिया जाना चाहिए। जिसके लिए भारत सरकार से अतिरिक्त धनराशि के लिए बजट की मांग की गई थी जिसको भारत सरकार ने स्वीकारा है और चार धाम यात्रा के लिए प्रदेश को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एन.एच.एम.) के अंतर्गत अतिरिक्त बजट की मंजूरी दी है। निश्चित तौर पर इससे चारधाम क्षेत्र में कार्य कर रहे चिकित्साकर्मियों का उत्साहवर्धन होगा।
सचिव द्वारा बताया गया कि श्री केदारनाथ धाम रुट में केदारनाथ 3500-3600 मीटर की ऊंचाई में तैनात चिकित्सकों को 1500 रुपये, पैरामेडिकल स्टॉफ एवं नर्सेस को 1000 रुपये व चुतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 700 रुपये की धनराशि प्रतिदिन दी जाएगी। भीम बली-बडी लिनचोली 2600-3200 मीटर की ऊंचाई में तैनात चिकित्सकों को 1000 रुपये, पैरामेडिकल स्टॉफ एवं नर्सेस को 600 रुपये व चुतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 400 रुपये की धनराशि प्रतिदिन दी जाएगी। सोनप्रयाग-जंगल चट्टी 1800-2500 मीटर की ऊंचाई में तैनात चिकित्सकों को 700 रुपये, पैरामेडिकल स्टॉफ एवं नर्सेस को 500 रुपये व चुतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 300 रुपये की धनराशि प्रतिदिन दी जाएगी। रुद्रप्रयाग-फाटा 700-1500 मीटर की ऊंचाई में तैनात चिकित्सकों को 400 रुपये, पैरामेडिकल स्टॉफ एवं नर्सेस को 250 रुपये व चुतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 150 रुपये की धनराशि प्रतिदिन दी जाएगी।
वहीं श्री बद्रीनाथ धाम रुट में घांघरिया-बद्रीनाथ 3000-3100 मीटर की ऊंचाई में तैनात चिकित्सकों को 1000 रुपये, पैरामेडिकल स्टॉफ एवं नर्सेस को 600 रुपये व चुतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 400 रुपये की धनराशि प्रतिदिन दी जाएगी। गौचर-गोविंद घाट 800-1800 मीटर की ऊंचाई में तैनात चिकित्सकों को 400 रुपये, पैरामेडिकल स्टॉफ एवं नर्सेस को 250 रुपये व चुतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 150 रुपये की धनराशि प्रतिदिन दी जाएगी।
श्री गंगोत्री धाम रुट में हर्षिल-गंगोत्री 2700-3200 मीटर की ऊंचाई में तैनात चिकित्सकों को 1000 रुपये, पैरामेडिक एवं नर्सेस को 600 रुपये व चुतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 400 रुपये की धनराशि प्रतिदिन दी जाएगी। चिनियालिसौड़-गंगनानी 900-2000 मीटर की ऊंचाई में तैनात चिकित्सकों को 450 रुपये, पैरामेडिक एवं नर्सेस को 300 रुपये व चुतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 200 रुपये की धनराशि प्रतिदिन दी जाएगी।
श्री यमुनोत्री धाम रुट में जानकी चट्टी-यमुनोत्री 2600-3300 मीटर की ऊंचाई में तैनात चिकित्सकों को 1000 रुपये, पैरामेडिकल स्टॉफ एवं नर्सेस को 600 रुपये व चुतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 400 रुपये की धनराशि प्रतिदिन दी जाएगी। डामटा-राना चट्टी 650-2200 मीटर की ऊंचाई में तैनात चिकित्सकों को 450 रुपये, पैरामेडिकल स्टॉफ एवं नर्सेस को 300 रुपये व चुतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 200 रुपये की धनराशि प्रतिदिन दी जाएगी।
डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया की यात्रा रुट में स्वास्थ्य मित्रों को भी नियुक्त किया जा रहा है, जिनका चयन स्थानीय स्तर पर मुख्य चिकित्साधिकरी द्वारा किया जाएगा। स्वास्थ्य मित्र स्वास्थ्य कर्मियों व यात्रीगणों की किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या के लिए तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य इकाइयों में पहुंचाने का कार्य करेंगे। स्वास्थ्य मित्रों को प्रतिदिन 570 रुपये का मानदेय दिया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक स्वास्थ्य मित्रों को दो दिवसीय लाइफ सपोर्ट ट्रेनिंग भी दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में कैथ लैब के लिए भी भारत सरकार द्वारा मंजूरी दे दी गई है।

मुख्यमंत्री की निष्पक्ष जांच के आदेश के बाद भी कांग्रेस कर रही नौटंकी-महेन्द्र भट्ट

ऋषिकेश मे मंत्री के स्टाफ और एक युवक के बीच हुए विवाद के बाद कांग्रेस द्वारा विरोध प्रदर्शन को भाजपा ने अवसरवादी राजनीति करार दिया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि मामले मे तस्वीर शीशे की तरह साफ है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना के तत्काल बाद मामले का संज्ञान लेकर पुलिस को निष्पक्ष जांच करने के आदेश दिये। हालांकि मामले मे पुलिस ने दोनों ही पक्षों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया है लेकिन कांग्रेस को विरोध की राजनीति कर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी है।
भट्ट ने कहा कि किसी के साथ अन्याय न हो यह भाजपा की जीरो टॉलरेंस की नीति का हिस्सा है। इससे पहले भर्ती से संबंधित घपलों मे भाजपा ने नैतिक साहस का परिचय दिया और आज युवाओं का रोजगार सुरक्षित हो गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल मे तमाम घपले और घोटालों से लेकर वीआईपी या वीवीआईपी क्राइम की पड़ताल तो दूर रिपोर्ट की हिम्मत तक कोई नही कर सकता था। ऐसे उदाहरण भरे पड़े है, लेकिन भाजपा के काल मे वीआईपी कल्चर समाप्त होकर आम जन का राज स्थापित है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस तरह के भ्रम से बाहर आने की जरूरत है, क्योकि जनता सीएम द्वारा अब तक की गयी निष्पक्ष कार्यवाही के निर्णय को देख चुकी है और वह इस तरह की राजनैतिक नौटंकी को बर्दाश्त करने के मूड मे नही है। कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन फ्लॉप शो ही साबित हुआ है।

धामी कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये

अन्य राज्यों की तुलना में उत्तराखण्ड राज्य में सिलिका सैण्ड की रायल्टी अधिक होने एवं इस कारण राज्य में सिलिका सैण्ड के व्यवसाय पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव के दृष्टिगत राज्य में सिलिका सैण्ड के व्यवसाय को सुदृढ एवं कारगर किये जाने के निमित्त अन्य राज्यों के अनुरूप रायल्टी दर व अपरिहार्य भाटक की वर्तमान प्रचलित दर को संशोधित किए जाने का निर्णय।
राज्य की सहकारी क्षेत्र की चीनी मिल बाजपुर (पेराई क्षमता 4000 टी.सी.डी.) की आसवनी में शून्य उत्प्रवाह संयंत्र (जेड.एल.डी.) न होने के कारण केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नई दिल्ली तथा उत्तराखण्ड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड देहरादून के आदेशों के क्रम में बाजपुर चीनी मिल की आसवनी में दिनांक 23 जनवरी 2017 से एल्कोहॉल उत्पादन कार्य पूर्ण रूप से बन्द होने के फलस्वरूप बाजपुर चीनी मिल एवं आसवनी की वित्तीय स्थिति प्रतिकूलतः प्रभावित हो रही है। अतः राज्य की सहकारी क्षेत्र की चीनी मिल बाजपुर की आसवनी को पुनः 25 के०एल०पी०डी० क्षमता पर संचालन के लिये आसवनी के आधुनिकीकरण करते हुए शून्य उत्प्रवाह संयंत्र (जेड.एल.डी.) लगाने, आसवनी में पूर्व स्थापित संयत्रों एवं कुछ अन्य संयत्रों के अनुरक्षण के लिये धनराशि बैंक से ऋण लिये जाने हेतु रू० 29.00 करोड़ की शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराये जाने का केबिनेट द्वारा निर्णय लिया गया है।
राज्य में वित्त, लेखा सम्बन्धी एवं अन्य विषयों पर समस्त विभागों तथा सचिवालय स्तर के कार्मिकों को प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से वित्त विभाग के अधीन पं० दीनदयाल उपाध्याय वित्तीय प्रशासन, प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान, उत्तराखण्ड देहरादून की स्थापना की गयी। साथ ही राज्य के अधिक से अधिक कार्मिकों के कौशल, प्रशासकीय प्रबन्धन एवं योग्यता क्षमता में वृद्धि करना, राज्य में विभिन्न वित्तीय नियमों, मैनुअलों एवं नियमावलियों में स्थापित नियमों की प्रास्थिति का परीक्षण, शोध एवं परिवर्तन की आवश्यकता पर राज्य सरकार को शोधात्मक परामर्श प्रदान करना, उक्त संस्थान का उद्देश्य है। संस्थान के उद्देश्यों की पूर्ति हेतु विशेषज्ञ के रूप में मानव संसाधन का होना अपरिहार्य होने के दृष्टिगत संस्थान में सृजित पदों के अतिरिक्त पूर्णकालिक व्याख्याता/शोधकर्ता, Learning & Development Expert (Financial Management), Training Coordinator पदों का सृजन किए जाने का निर्णय लिया।
कोषागार विभाग के अन्तर्गत लेखा लिपिक का पद मृत संवर्ग घोषित होने के दृष्टिगत ऐसे नियमति एवं स्थायी अनुसेवक, जिन्होंने इण्टरमीडिएट (कॉमर्स) अथवा समकक्ष परीक्षा अथवा बी०कॉम परीक्षा उत्तीर्ण की हो, अनुसेवक के पद पर 10 वर्ष की निरन्तर सेवा पूर्ण कर ली हो तथा निर्धारित पाठ्क्रम के अनुसार अर्हता परीक्षा उत्तीर्ण कर ली हो, की पदोन्नति हेतु वर्तमान में सृजित कुल सहायक लेखाकार के 326 पदों के सापेक्ष जनपदवार कुल 17 पद आरक्षित किए जाने का निर्णय।
उत्तराखण्ड राज्य के चारधामों एवं श्री हेमकुण्ड साहिब की यात्रा हेतु प्रतिवर्ष लाखों की संख्या मे देशी एवं विदेशी तीर्थयात्री/पर्यटक आते है तथा प्रतिवर्ष यात्रियों की संख्या में निरन्तर हो रही वृद्धि के दृष्टिगत चार धाम यात्रा व्यवस्था को सुचारू रूप से संपन्न करने के उददेश्य से पूर्व से गठित यात्रा प्रशासन संगठन, ऋषिकेश का संगठनात्मक ढांचा अपर्याप्त होने के कारण उक्त संगठन का नाम परिवर्तित करते हुए चारधाम यात्रा प्रबन्धन एवं नियन्त्रण संगठन” (Chardham Yatra Management and Control Organisation) किया गया है। उक्त संगठन के स्थाई कार्यालय हेतु 11 पदों के सृजन की स्वीकृति तथा डाटा एन्ट्री ऑपरेटर, पूछताछ केन्द्र सहायक / सहायक स्वागती, अनुसेवक कार्य हेतु 9 व्यक्तियों की सेवायें आउटसोर्स के माध्यम से लिये जाने का प्रावधान किया गया है। जिसे कैबिनेट द्वारा मंजूरी दी गई।
पशुपालन विभाग के नियमित पशुचिकित्साविदों को फरवरी, 2014 से उन्हें अनुमन्य मूल वेतन (निर्धारित वेतन+ ग्रेड वेतन) के योग के 25 प्रतिशत की दर से प्रैक्टिस बन्दी भत्ता (NPA) दिया जा रहा था। केन्द्रीय सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के क्रम में प्रदेश के विभिन्न वर्गों के कर्मचारियों के लिए गठित वेतन समिति उत्तराखण्ड (2016) द्वारा दिये गये प्रतिवेदन / संस्तुतियों में पशुपालन विभाग के चिकित्सकों को प्रैक्टिस बन्दी भत्ता के सम्बन्ध में कोई उल्लेख न होने के कारण पशुपालन विभाग के पशुचिकित्साधिकारियों को प्रैक्टिस बन्दी भत्ता (NPA) दिया जाना रोक दिया गया था। पुनः प्रकरण वित्तीय नियम समिति को सन्दर्भित किया गया। वित्तीय नियम समिति द्वारा एलोपैथिक चिकित्सकों की भाँति राज्य पशुपालन विभाग के पशुचिकित्साविदों को 20 प्रतिशत प्रैक्टिस बन्दी भत्ता (NPA) अनुमन्य किये जाने की संस्तुति की गयी है। जिसके क्रम में मा0 मंत्रिमण्डल द्वारा पशुपालन विभाग के चिकित्साविदों को 20 प्रतिशत प्रैक्टिस बन्दी भत्ता (NPA) अनुमन्य किये जाने का निर्णय लिया गया है। इससे लगभग 400 पशुचिकित्साविद् लाभान्वित होंगे।
उत्तराखण्ड राज्य में वनाग्नि की घटनाओं हेतु चीड़ के वनों में पिरूल भी एक मुख्य कारण है । वनाग्नि सत्र 2023 में चीड़-पिरूल स्थानीय स्तर पर एकत्रीकरण करके व्यापक स्तर पर ब्रिकेट / पैलेट्स बनाये जाने की व्यवस्था विभाग स्तर से की जानी प्रस्तावित है। चीड़-पिरूल से घटित होने वाली वनाग्नि के रोकथाम हेतु एवं पिरूल एकत्रित करने के लिये क्षेत्रवासियों को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किसी व्यक्ति विशेष द्वारा मान्यता प्राप्त संस्था यथा-वन पंचायत, स्वयं सहायता समूह एवं युवक मंगल दल आदि के माध्यम से वन क्षेत्रों में पिरूल को एकत्रित कर स्थाई रूप से निष्कासित करने पर विभाग द्वारा उस व्यक्ति को संस्था के माध्यम से राज्य सैक्टर की संगत योजनाओं अथवा कैम्पा के अन्तर्गत उपलब्ध धनराशि से रू0 2.00 प्रति किलोग्राम की दर से भुगतान किये जाने की स्वीकृति शासनादेश संख्या-2198 / X-2-2019-21 (9) 2015 दिनांक 05 नवम्बर, 2020 के द्वारा प्रदान की गयी थी। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में राज्य में चीड़-पिरूल एकत्रीकरण दर को आजीविका में वृद्धि के दृष्टिगत रू 2.00 प्रति किलोग्राम के स्थान पर रू0 3.00 प्रति किलोग्राम पुनरीक्षित किए जाने का निर्णय लिया गया।
उत्तराखण्ड राज्य में पशुधन हेतु वर्षभर हरे एवं सूखे चारे की उपलब्धता व पशुधन उत्पाद में वृद्धि के साथ महिलाओं के कार्यबोझ को कम करने के लिए उत्तराखण्ड चारा नीति प्रस्तावित की जा रही है। वर्तमान में आवश्यकता के सापेक्ष हरे चारे में 31 प्रतिशत तथा सूखे घारे में 17 प्रतिशत की कमी है। चारे की कमी की पूर्ति मुख्यत पंजाब एवं हरियाणा से आने वाले गेहूं के भूसे से की जाती है। भौगोलिक संरचना के कारण प्रदेश आपदा संभावित क्षेत्र है, जिसके कारण भी चारे की उपलब्धता बाधित होती रहती है। चारा नीति के क्रियान्वयन हेतु पशुपालन विभाग, सहकारिता विभाग, दुग्ध विकास विभाग तथा अन्य स्रोतों यथा REAP इत्यादि के समन्वय से कार्य सम्पादित किये जायेंगे तथा योजना में धनराशि की व्यवस्था राज्य अंश के अतिरिक्त भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं तथा अन्य योजनाओं के माध्यम से की जायेगी। राज्य में हरे चारे की पर्याप्त उपलब्धता हेतु पशुपालकों को 13300 उन्नत किस्म के चारा बीज वितरण कर हरा चारा उत्पादन वृद्धि, वर्तमान साइलेज निर्माण क्षमता से 25 हजार मी० टन वृद्धि, पशुपालकों को चैफ कटर वितरण तथा सिल्वीपाश्चर को बढ़ावा दिया जाना प्रस्तावित है। प्रथम वर्ष में 53400 मी० टन सूखा चारा तथा 1125300 मी० टन हरा चारा मध्यावधि (01 से 03 वर्ष) में 20 हजार मी० टन सूखा चारा तथा 19 हजार मी० टन हरा चारा तथा दीर्घावधि (03 से 05 वर्ष) 01 लाख टन हरा चारा उत्पादन की वृद्धि होगी । उत्तराखण्ड चारा नीति, 2023-28 लागू होने पर चारे की कुल 31 प्रतिशत कमी में से 2352 प्रतिशत की कमी दूर हो जायेगी। वर्तमान मे राज्य सूखे चारे की उपलब्धता में वृद्धि के लिये एफ०पी०ओ० की स्थापना कर दुग्ध उत्पादक समिति के सदस्यों से अतिरिक्त 5 हजार मी०टन फसल अवशेष कय भूसे का सुगम परिवहन के लिये समीपवती भूसा आधिक्य राज्य हरियाणा अथवा पंजाब में सार्वजनिक, सहकारी तथा निजी क्षेत्र की सहायता से एक 20000 मी० टन की सघनीकृत भूसा इकाई की स्थापना किया जाना प्रस्तावित है। राज्य में भूसा भंडारण क्षमता में वृद्धि हेतु विभिन्न माध्यमों से 10 भूसा भंडारण गृह का निर्माण तथा राज्य में स्थापित चारा बैंकों में कॉम्पेक्ट फीड ब्लाक के अतिरिक्त साइलेज के भण्डारण क्षमता में वृद्धि किया जाना प्रस्तावित है। कुल प्रस्तावित व्यय रू0 13655.00 लाख में से JICA-NPDD से रू 2367.00 लाख REAP से रू० 225500 लाख नाबार्ड मे रू 2000.00 लाख: तथा राज्य सैक्टर से रू 6683.60 लाख का व्यय उक्त योजनाओं के माध्यम से किया जायेगा। राज्य सैक्टर में रू0 3110.00 लाख की योजनायें पूर्व से ही मतिमान है। इस प्रकार उत्तराखण्ड बारा नीति, 2023 – 28 में राज्य सेक्टर रू0 3573.00 लाख की अतिरिक्त आवश्यकता होगी। चारा नीति में प्राकृतिक आपदा एवं आकस्मिकता की स्थिति में प्रदेश में चारे की निर्वाध आपूर्ति हेतु कॉर्पस फण्ड / परिक्रानी निधि की स्थापना हेतु उत्तराखंड चारा नीति 2023- 28 को मंजूरी।
मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड सरकार के कुशल नेतृत्व एवं पशुपालन मंत्री, उत्तराखण्ड के योग्य निर्देशन में उत्तराखण्ड सरकार के द्वारा स्थानीय युवाओं, विशेषकर महिलाओं हेतु उद्यमिता विकास द्वारा प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार सृजन के लिये एवं सभी पशुपालको के समग्र विकास हेतु केबिनेट द्वारा मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड राज्य पशुवन मिशन (CMUSLM) को प्रारम्भ करने का निर्णय लिया है। इसके द्वारा न केवल युवाओं के लिये रोजगार सृजन होगा, अपितु ये योजनायें भूमिहीन एवं सीमांत गरीब किसानों के लिये जीविकोपार्जन के साधन उपलब्ध कराकर प्रतिलोमीप्रवास (रिवर्स माइग्रेशन) में सहायक सिद्ध होगी।
वर्तमान में उत्तराखण्ड युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल विभाग के अंतर्गत प्रांतीय रक्षक दल के स्वयंसेवकों के कार्यों के विनियमन हेतु राज्य में संयुक्त प्रान्तीय रक्षक दल अधिनियम, 1948 प्रचलित है। उत्तराखण्ड राज्य के परिप्रेक्ष्य में वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप प्रांतीय रक्षक दल के कार्यों में शान्ति सुरक्षा के साथ-साथ सरकारी व अर्द्धसरकारी अधिष्ठानों के अन्तर्गत विभिन्न प्रयोजनों के लिये आवश्यकतानुसार स्वयंसेवक के रूप में सहयोग प्राप्त किये जाने हेतु कतिपय अंशों को परिवर्तित एवं निष्प्रयोज्य धाराओं को हटाये जाने हेतु तथा पी०आर०डी० स्वयंसेवकों की मांग एवं कार्य के सापेक्ष उनके लिये अवकाश आदि की व्यवस्था किये जाने हेतु संयुक्त प्रान्तीय रक्षक दल अधिनियम, 1948 में संशोधन करते हुये उत्तराखण्ड रक्षक दल (संशोधन) अध्यादेश, 2023 प्रख्याजित किए जाने का निर्णय।
केबिनेट द्वारा स्टेट इंस्टीट्यूट फॉर इम्पावरिंग एण्ड ट्रांसफॉरमिंग (सेतु) का संगठनात्मक ढांचा गठन के संबंध में लिया गया निर्णय। इसके अंतर्गत नीति आयोग की भांति राज्य में नीति नियोजन से संबंधित संस्थान स्टेट इंस्टीट्यूट फॉर इम्पावरिंग एण्ड ट्रांसफॉरमिंग (सेतु) आयोग का गठन किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत नागरिकों के विकास एवं कल्याण हेतु सामाजिक और व्यक्तिगत आकांक्षाओं की पूर्ति हेतु विषय निर्धारित करना तथा उस पर सक्रिय रहते नागरिकों की आवश्यकतानुसार कार्य करना । राज्य के चहुमुखी विकास हेतु नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना । राज्य के युवाओं के लिए अवसरों की समानता सुनिश्चित कराना। पर्यावरण को बचाते हुए सतत् विकास के लक्ष्यों की प्राप्ति करना। सरकार को प्रत्यक्ष और उत्तरदायी बनाने के लिये प्रौद्योगिकी का उपयोग कर पारदर्शिता सुनिश्चित करना शामिल है। इसमें राज्य के संसाधनों के कुशल और प्रभावी उपयोग के लिये अभिसरण, समन्वय, सामुदायिक भागीदारी और नेटवर्किंग का उपयोग तथा राज्य के संसाधनों के कुशल और प्रभावी उपयोग के लिये अभिसरण, समन्वय, सामुदायिक भागीदारी और नेटवर्किंग का बेहतर तरीके से उपयोग हो सकेगा।
केबिनेट द्वारा मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना को दी गई मंजूरी। जिसके अन्तर्गत विदेश रोजगार हेतु युवाओं को Domain क्षेत्र में कौशल उन्नयन प्रशिक्षण के साथ-साथ सम्बन्धित देश के Language, Culture, Work Ethics, आदि के बारे में प्रशिक्षण भारत सरकार द्वारा Empanelled संस्थाओं के माध्यम से दिये जाने हेतु दिशा-निर्देश को मंत्रिमण्डल द्वारा अनुमोदित किया गया है। उक्त योजना में राज्य सरकार द्वारा समस्त प्रशिक्षण पर होने वाले व्यय का 20 प्रतिशत वहन किया जायेगा। अभ्यर्थी द्वारा शेष प्रशिक्षण धनराशि हेतु बैंक से लोन लिये जाने पर उक्त ऋण पर देय ब्याज का अधिकतम 75 प्रतिशत भार राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। संस्था द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम की फीस को इस प्रकार निर्धारित किया जायेगा कि अभ्यर्थी के सेवायोजित होने से पूर्व 30 प्रतिशत की धनराशि देय होगी। प्रथम चरण में विभाग द्वारा Nursing एवं Hospitality के क्षेत्र में विदेश में उपलब्ध रोजगार के अवसरों से राज्य के युवाओं को जोड़े जाने हेतु प्रयास किये जाएगें।
उत्तराखण्ड में मानव वन्यजीव संघर्ष निवारण प्रकोष्ठ की स्थापना एवं उत्तराखण्ड में मानव वन्यजीव संघर्ष निवारण निधि की स्थापना को केबिनेट ने दी मंजूरी। राज्य में मानव एवं वन्यजीवों के मध्य होने वाली घटनाओं का वैज्ञानिक विश्लेषण किये जाने हेतु मानव वन्यजीव प्रकोष्ठ की स्थापना की जानी प्रस्तावित है, जिसमें प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) / मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक के कार्यालय सहयोग हेतु 01 वन क्षेत्राधिकारी अथवा समकक्ष उप वन क्षेत्राधिकारी (विभागीय तैनाती के माध्यम से), 01 पद जी०आई०एस० विशेषज्ञ एवं 02 पद विशेषज्ञ – जे०आर०एफ / एस०आर०एफ० बाह्य स्रोत अनुबंध के आधार रखे जाने का प्रस्ताव है। मानव वन्यजीव संघर्ष के प्रकरण में मृत किसी व्यक्ति के परिजनों अथवा घायल किसी व्यक्ति एवं उनके परिजनों को मौके की परिस्थिति के अनुसार कोई आकस्मिक एवं तात्कालिक सहयोग किये जाने एवं वन्यजीवों के डी०एन०ए० जांच एवं अन्य चिकित्सीय जांच आदि तथा मानव वन्यजीव संघर्ष के अन्तर्गत पकड़े गये वन्यजीवों को एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाने इत्यादि हेतु मानव वन्यजीव संघर्ष निवारण निधि की स्थापना किया जाना प्रस्तावित है। उक्त निधि हेतु प्रत्येक वर्ष राज्य सरकार द्वारा 02.00 करोड़ रूपये तक की धनराशि उपलब्ध करायी जायेगी। इस धनराशि में राज्य सरकार द्वारा अपने विवेकानुसार कमी एवं वृद्धि की जा सकेगी। यह धनराशि नॉन लेप्सेबल धनराशि उपयोग हेतु बनी रहेगी। उक्तानुसार इस कोष का स्वरूप सतत् होगा।
केबिनेट बैठक से पूर्व उत्तराखंड की जनता की ओर से राज्य मंत्रिमण्डल द्वारा स्वर्गीय चन्दन राम दास के शोक संतप्त परिवार प्रति अपनी शोक संवेदनाए प्रकट की और दिवंगत आत्मा की शांति तथा उनके परिवार एवं शुभ चिन्तकों को इस गहन दुःख एवं अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की तथा दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।